BIHAR NEWS : बीजेपी के चाल, चरित्र और चेहरे पर पप्पू यादव का हमला, बोले- अपराधियों को सम्मान देना इनकी राजनीति
पटना:पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को पटना स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी सरकार,उसके समर्थकों और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने अपने ऊपर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए थी,उसका उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार द्वारा स्वागत किया जा रहा है.
पप्पू यादव ने कहा, “जिस भाजपा के नेताओं ने अमित साह की पुलिस के नाक के नीचे मुझ पर एक सांसद पर हमला किया,आज यूपी में बीजेपी की सरकार उसका स्वागत कर रहे हैं. जबकि उस पर हत्या के प्रयास के मामले में कार्रवाई होनी चाहिए थी,उसका स्वागत कर रहे हैं.”
उन्होंने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “बीजेपी का चाल चरित्र और चेहरा अपराधियों को सम्मान करना है. तभी तो ये बलात्कारियों के रिहा होने पर उनका स्वागत करते हैं तो कभी हत्यारे के लिए जश्न मनाते हैं.”
पप्पू यादव ने लोकसभा में विपक्ष के सवालों से सरकार के कथित रूप से बचने और गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए. उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए‘जेन जी आंदोलन’का उल्लेख करते हुए कहा, “जंतर मंतर पर जेन जी आंदोलन में बच्चों पर अत्याचार क्यों हुआ और क्या जिस पुलिस वालों ने और सादे लिबास में आए बीजेपी आरएसएस के गुंडों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा,उस पर एफआईआर अब तक क्यों नहीं हुआ?किसी की अब तक गिरफ्तारी भी क्यों नहीं हुई?”
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगते हुए कहा, “वहीं,चढ़ावा चोरी मामले में भी ये लोग बातचीत करने को तैयार नहीं हैं. जो प्रधानमंत्री अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर क्रेडिट ले रहे थे,उन्हें आज सदन में आकर बताना चाहिए कि चंदा चोरी क्यों हुई और चोरी के पैसे वापस लाने के लिए वे क्या कर रहे हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन नहीं दोनों विपक्ष के सवालों के जवाब से भाग रहे हैं और इसलिए विगत 15 दिनों से सदन नहीं चलने दे रहे हैं.”पप्पू यादव ने इस मामले में चम्पत राय,गोविंद गिरी और नृपेन्द्र मिश्रा को लेकर भी सवाल उठाए और कहा, “कि चम्पत राय,गोविंद गिरी और नृपेन्द्र मिश्रा पर कार्रवाई कब होगी. शंकराचार्य की जगह ट्रस्ट में उनको कैसे जगह दी गई,जिससे 3000 करोड़ की चोरी हुई और जमीन लिखवाए गए.”
पप्पू यादव ने महिला अधिकारों और छात्र आंदोलनों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार बेटियों की बात करती है और महिला आरक्षण बिल लाना चाहती है,जो सोनिया गांधी जी के नेतृत्व में पहले ही पास हो गया है. लेकिन जहां बात आती है बेटियों के हक और अधिकार की तो उन्हें लाठियों से पिटवाती है.”
उन्होंने आंदोलनरत नेहा वोरा का जिक्र करते हुए कहा, “बहन नेहा वोरा,जो छात्रों के सवाल पर आंदोलन कर रही हैं,उन पर स्याही फेंकवाते हैं. आंदोलन कर रही बेटियों को चिह्नित कर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के गुंडों से धमकी दिलवाए हैं. मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं. दिल्ली पुलिस जाति धर्म पूछ कर उन्हें प्रताड़ित कर रही है. आखिर क्यों?गृह मंत्री को इसका भी जवाब देना चाहिए.”
उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “देश में स्थिति सही नहीं है और देश जिनके हाथ में है,वो जवाबदेही से भाग रहे हैं.”
NEETपेपर लीक से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के समर्थन में आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए पप्पू यादव ने कहा, “इसलिए हमने तय किया है कि नीट पेपर लीक की वजह से आत्म हत्या करने वाले उन 21 बच्चों के परिजनों को 50 - 50 हजार रुपए और जो बच्चे आज उनकी लड़ाई लड़ रहे हैं,और घायल हुए हैं यह उनके साथ कोई अनहोनी हुई है,उन्हें 25 - 25 हजार रुपए आर्थिक सहायता देंगे.”
बिहार के राजनीतिक हालात पर पूछे गए सवाल के जवाब में पप्पू यादव ने विपक्ष की भूमिका पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, “बिहार में विपक्ष संसद में है. देश में इतना कुछ हुआ और वे गायब रहे. विपक्ष का चाल चरित्र यहां क्या है,इसका खुलासा उनके पार्टी के नेता भाई बीरेन्द्र ने कर दिया है. हम इस पर क्या ही बोले.”
वहीं,ईओ विमल कुमार के मामले में उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा, “जहां तक बात ईओ की है तो उनकी हत्या का निष्पक्ष जांच होना चाहिए. आखिर बिहार पुलिस हर मामले में जज की भूमिका में क्यों आ जाती है?बिना किसी जांच के उसने ड्राइवर को दोषी बनाया,लेकिन सवाल उठता है कि अकेले कोई ड्राइवर किसी को नहीं मार सकता. उसके साथ कोई और है,उसकी जांच क्यों नहीं की जा रही है?”
पप्पू यादव ने जांच प्रक्रिया और पीड़ित परिवार पर कथित दबाव को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा, “क्यों परिवार पर दबाव बनाया, उनसे सरकार की भाषा बुलवाई जा रही है.”उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की आवश्यकता दोहराते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित पहलुओं की जांच होनी चाहिए.
पटना से अंकित कुमार की रिपोर्ट-





