
शुक्रवार, 09 अक्टूबर 2026
Liveपटना : बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (कॉम्फेड) ने अपने लोकप्रिय डेयरी ब्रांड सुधा की असम एवं अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में बाजार उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. असम के तेजपुर (सोनितपुर) के जामुगुड़ीहाट, शांतिपुर स्थित कन्यका डेयरी में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने किया. इस अवसर पर कॉम्फेड के चेयरमैन-सह-प्रबंध निदेशक शीर्षत कपिल अशोक भी उपस्थित रहे. नया संयंत्र तेजपुर और आसपास के क्षेत्रों में सुधा उत्पादों की आपूर्ति को मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय वितरण नेटवर्क के विस्तार में मदद करेगा. कॉम्फेड बढ़ती मांग को देखते हुए प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के साथ खुदरा वितरण नेटवर्क को भी व्यापक बना रहा है.गुवाहाटी इकाई ने 121.17 करोड़ रुपये का किया कारोबारकॉम्फेड ने नवंबर 2018 में गुवाहाटी के अमीनगांव स्थित एक थर्ड-पार्टी डेयरी संयंत्र के माध्यम से सुधा पैकेट दूध एवं दुग्ध उत्पादों का विपणन शुरू किया था. इसके बाद गतिविधियों का विस्तार असम के अन्य क्षेत्रों के साथ पड़ोसी राज्यों मेघालय एवं अरुणाचल प्रदेश तक हुआ. वर्तमान में कॉम्फेड की गुवाहाटी इकाई लगभग 2,200 खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से सुधा के विभिन्न उत्पादों का विपणन कर रही है. इनमें पैकेट दूध, दही, पनीर, मट्ठा, पेड़ा एवं मिल्क केक प्रमुख हैं. इकाई द्वारा प्रतिदिन औसतन करीब 50,500 लीटर दूध की बिक्री की जा रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में गुवाहाटी इकाई ने 121.17 करोड़ रुपये का कारोबार किया और 8.06 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया. इसी क्रम में कॉम्फेड ने असम में अपना स्वयं का डेयरी प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने की दिशा में भी कदम उठाया है. प्रस्तावित यूनिट की क्षमता एक लाख लीटर प्रतिदिन होगी. इसके लिए असम सरकार से उपयुक्त भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया गया है. असम इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एआईडीसी) ने संभावित स्थलों की पहचान कर कॉम्फेड के अधिकारियों को निरीक्षण एवं विचार के लिए दिखाया है. पूर्वोत्तर में सुधा दूध एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता और बढ़ी बिक्री से ग्रामीण स्तर पर दुग्ध सहकारी संघों की अधिक दुग्ध खरीद को स्थायित्व मिलने तथा भविष्य में मूल्यवर्धित उत्पादों के लिए नई संभावनाएं पैदा होने की उम्मीद है.
पटना: बिहार के विश्वविद्यालयों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. राज्यपाल सचिवालय ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति के प्रतिनिधियों के नामांकन को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है. इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी किया गया है.पत्र के अनुसार,संबंधित विश्वविद्यालयों में सीनेट,सिंडिकेट,प्राचार्य के लिए ट्रांसफर कमेटी,स्क्रीनिंग कमेटी,चयन समिति और पीजी शिक्षकों के लिए ट्रांसफर कमेटी में कुलाधिपति के प्रतिनिधि नामित किए गए हैं. इन समितियों से संबंधित नामांकन और पूर्व निर्देशों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.राज्यपाल सचिवालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सीनेट एवं सिंडिकेट के लिए कुलाधिपति के नामांकन को अगले आदेश तक स्थगित रखा जाए. यानी इन दोनों महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयी निकायों में कुलाधिपति के प्रतिनिधियों के नामांकन की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी.यह आदेश पटना विश्वविद्यालय,बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा,एलएन मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा,टीएम भागलपुर विश्वविद्यालय,मगध विश्वविद्यालय बोधगया,केएसडीएसयू दरभंगा,वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा,जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा,बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर,एमएमएचएपीयू पटना,पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय,पूर्णिया विश्वविद्यालय और मुंगेर विश्वविद्यालय से संबंधित है.राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव संजय कुमार की ओर से जारी पत्र में विश्वविद्यालयों को निर्देशों से अवगत कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित पूर्व पत्र का शेष अंश और शेष नामांकन यथावत रहेगा.राज्यपाल सचिवालय के इस आदेश के बाद विश्वविद्यालयों में सीनेट और सिंडिकेट से जुड़े नामांकन को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट हो गई है. अगले आदेश तक इन दोनों निकायों के लिए कुलाधिपति प्रतिनिधियों का नामांकन स्थगित रहेगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में युवाओं और मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों के लिए विशेष वोटर रजिस्ट्रेशन अभियान शुरू किया गया है. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने एक महीने तक चलने वाले इस विशेष अभियान को लेकर आदेश जारी किया है. अभियान का उद्देश्य ऐसे योग्य नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल करना है, जो किसी कारण से अब तक सूची में दर्ज नहीं हो सके हैं.अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर यानीBLO घर-घर जाकर पात्र नागरिकों की पहचान करेंगे. सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले नागरिकों से अनिवार्य रूप से प्रारूप-6यानीForm-6भरवाया जाएगा. इसके बाद उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.निर्वाचन विभाग की ओर से जरूरत के अनुसार मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे. इन कैंपों के जरिए रात में आश्रय लेने वाले लोगों, मजदूरों की कॉलोनियों, बेघर नागरिकों और कमजोर वर्ग के पात्र लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी, ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे.अभियान के दौरान राजनीतिक दलों के साथ भी समन्वय किया जाएगा.BLO द्वारा तैयार की गई पात्र नागरिकों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट यानीBLA के साथ साझा की जाएगी. अभियान पूरा होने के बाद निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी मतदान केंद्रवार सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएंगे.इस पूरे अभियान की निगरानी राज्य, जिला और निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी स्तर पर की जाएगी. निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि विशेष अभियान के जरिए अधिक से अधिक योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना: जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग,पटना ने उपभोक्ता शिकायत संख्या579/2016में महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए सिनेमाघर परिसर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की अनुचित कीमत वसूले जाने को अनुचित एवं प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार माना है. यह आदेश आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र एवं सदस्य रजनीश कुमार द्वारा05अक्टूबर2026को पारित किया गया. मामले में परिवादी ने आरोप लगाया था कि23सितंबर2016को पटना स्थित सिनेपोलिस थिएटर में फिल्म देखते समय उसे₹50में पैकेज्ड पेयजल खरीदने के लिए बाध्य किया गया,जबकि वही उत्पाद खुले बाजार में₹20में उपलब्ध था. परिवादी ने अधिक कीमत वसूले जाने तथा बाहर से पानी लाने पर रोक लगाए जाने को अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए क्षतिपूर्ति की मांग की थी. आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पाया कि उपभोक्ता को बाहर से पानी लाने से रोककर अधिक कीमत पर पानी खरीदने के लिए बाध्य किया गया. आयोग ने स्पष्ट किया कि समान उत्पाद के लिए मनमाने तरीके से दोहरी कीमत निर्धारित कर उपभोक्ताओं का शोषण नहीं किया जा सकता. आयोग ने सिनेपॉलिस सिनेमा हॉल और कोका कोला कंपनी को संयुक्त रूप से निर्देश दिया कि वे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर अथवा अन्य उत्पाद को खुले बाजार में प्रचलित कीमत से अधिक कीमत पर बेचने की प्रथा बंद करें. साथ ही परिवादी को₹25,000क्षतिपूर्ति एवं₹10,000वाद व्यय के रूप में देने तथा₹50,000राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने का आदेश दिया गया है. आयोग ने पैकेज्ड बोतलों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP)को स्पष्ट एवं पठनीय रूप से प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया है. आदेश का अनुपालन45दिनों के भीतर किया जाना है. अनुपालन नहीं होने की स्थिति में निर्धारित राशि पर9प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा.उपभोक्ताओं के शोषण को रोकने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग, उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय को एक ही उत्पाद के लिए मनमाने दोहरे मूल्य निर्धारण की अनुमति नहीं देने का निर्देश दिया गया है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना: अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद बिहार से जुड़ी उनकी यादें एक बार फिर चर्चा में है. जून2020में नाना पाटेकर दो दिवसीय बिहार दौरे पर पहुंचे थे. पटना एयरपोर्ट से वह सीधे मोकामा स्थित सीआरपीएफ कैंप पहुंचे थे,जहां शहीदों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान नाना पाटेकर जवानों के बीच आर्मी की वर्दी में नजर आए और उनसे मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया.मोकामा में नाना पाटेकर का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला था. वह औंटा गांव पहुंचे और किसानों से मुलाकात की. खेती-किसानी को करीब से समझने के दौरान एक किसान को खेत में हल चलाते देखकर नाना खुद भी हल लेकर खेत में उतर गए. बैलों से खींचे जा रहे हल को उन्होंने संभाला. नाना को किसान के अंदाज में देखकर वहां मौजूद लोगों में उत्साह देखने को मिला था.सीआरपीएफ जवानों के बीच भी नाना काफी सहज नजर आए. उन्होंने जवानों से बातचीत की और अपनी फिल्मों के चर्चित संवाद सुनाकर उनका मनोरंजन भी किया. जवानों के प्रति सम्मान और किसानों से आत्मीयता ने उनके बिहार दौरे को खास बना दिया था.बिहार दौरे के दौरान नाना पाटेकर पटना में दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के राजीव नगर स्थित आवास भी पहुंचे थे. उन्होंने सुशांत के पिता केके सिंह से मुलाकात की और उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर परिवार के प्रति संवेदना जताई थी.नाना पाटेकर किसानों और सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते थे.75वर्ष की उम्र में उनके निधन के बाद उनके अभिनय के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी याद किया जा रहा है. बिहार से जुड़ी उनकी ये तस्वीरें उनकी सादगी और संवेदनशील व्यक्तित्व की याद दिलाती है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वालेMLCचुनाव को लेकरNDAने अपनी रणनीति तेज कर दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में9अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास लोक सेवक मेंNDAकी अहम बैठक होगी. बैठक मेंNDAके सभी विधायकों,विधान पार्षदों और सांसदों को बुलाया गया है.NDAके मुख्य सचेतक संजय गांधी के मुताबिक,आज शाम से लेकर9अक्टूबर की सुबह तकNDAके सभी विधायक और सांसद पटना पहुंच जाएंगे. उन्होंने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्यMLCचुनाव को लेकर आगे की रणनीति तैयार करना है. साथ ही चुनाव मेंNDAउम्मीदवारों के पक्ष में बेहतर समन्वय और प्रचार की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है.बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है.BJPऔरJDUने चार-चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. वहीं कुछ सीटों पर बागी उम्मीदवारों की मौजूदगी नेNDAकी चिंता बढ़ाई है. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख9अक्टूबर है. ऐसे में बैठक के दौरान बागी उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है.सबसे ज्यादा निगाहें पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर है,जहांJDUउम्मीदवार नीरज कुमार के मुकाबले अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं. अनंत सिंह से जुड़े घटनाक्रम के बीचNDAकी बैठक को खास माना जा रहा है.संजय गांधी ने दावा किया है किNDAसभी आठ सीटों पर जीत हासिल करेगा.NDAके201विधायक हैं औरMLCचुनाव में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सांसदों को भी चुनाव प्रचार में जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है.बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और मोकामा विधायक अनंत सिंह की मौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है. हालांकि,उनकी उपस्थिति को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.कुल मिलाकर, MLCचुनाव से पहले होने वाली यह बैठकNDAकी एकजुटता और चुनावी ताकत के प्रदर्शन के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने2030तक राज्य के एक करोड़ परिवारों को उद्यमी परिवार बनाने का संकल्प दोहराया है. पटना के बापू सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत चयनित लाभुकों के उन्मुखीकरण और प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं की.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में बनने वाले उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार के पर्चेस प्रेफरेंस एक्ट के तहत‘मेड इन बिहार’उत्पादों को सरकारी खरीद में25से40प्रतिशत तक हिस्सेदारी देने की व्यवस्था की गई है.सरकार ने50करोड़ रुपये तक के टेंडर में भी स्थानीय उद्यमियों को फायदा देने का फैसला किया है. यदि कोई बिहारी उद्यमीL2, L3याL4पर है औरL1की दर पर काम करने को तैयार है,तो उसे काम दिए जाने का प्रावधान है.कार्यक्रम में सात हजार से अधिक लाभुकों के खातों में पहली या अगली किस्त की राशि अंतरित की गई. सरकार करीब45हजार नए उद्यमियों को तैयार कर रही है. प्रत्येक उद्यमी को10लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है,जिसमें पांच लाख रुपये अनुदान और पांच लाख रुपये ऋण है.मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमिता के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और पलायन रोकने में मदद मिलेगी. सरकार का अनुमान है कि करीब44हजार उद्यमी यदि पांच-पांच लोगों को रोजगार देते हैं तो लगभग ढाई लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे.कार्यक्रम में बिहारMSMEनीति-2026और मुख्यमंत्री क्लस्टर विकास योजना-2026का भी लोकार्पण किया गया. सरकार का जोर‘मेक इन बिहार’को नई पहचान देने और उद्योगों के जरिए समृद्ध बिहार बनाने पर है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती को हर साल राजकीय समारोह के रूप में मनाने का बड़ा फैसला लिया है. सरकार के इस निर्णय के बाद लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा नेता नितिन नवीन का आभार व्यक्त किया है.चिराग पासवान ने सोशल मीडिया के जरिए इस फैसले की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि फोन कॉल के माध्यम से उन्हें सरकार के निर्णय की जानकारी दी गई. चिराग के मुताबिक,आगामी 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में आयोजित की जाएगी.चिराग पासवान ने कहा कि यह फैसला सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं,बल्कि देश के करोड़ों शोषित,वंचित और जरूरतमंद लोगों के लिए भी भावुक और गर्व का क्षण है. उन्होंने इसे अपने पिता के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया.चिराग ने रामविलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय,वंचितों की आवाज और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित रहा. बिहार की धरती से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकार,सम्मान और अवसर के लिए लगातार संघर्ष किया.चिराग ने यह भी कहा कि उनके पिता भले ही आज शारीरिक रूप से उनके बीच नहीं हैं,लेकिन उनकी विरासत,विचार और मूल्य हमेशा उनके साथ रहेंगे. उन्होंने रामविलास पासवान के अधूरे सपनों और विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए फिलहाल राहत टल गई है. विधान परिषद चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने शिक्षा विभाग को ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी है. ऐसे में अब शिक्षकों को चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना होगा.शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर निर्वाचन विभाग से मार्गदर्शन मांगा था. लेकिन निर्वाचन विभाग से हरी झंडी नहीं मिलने के बाद पूरी प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है. शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में जल्द आधिकारिक पत्र जारी किए जाने की संभावना है.हालांकि,शिक्षकों के लिए राहत की बात यह है कि रोक लंबे समय के लिए नहीं है. बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है,जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर के पहले सप्ताह से ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है.इन 8 सीटों में 4 स्नातक और 4 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं. स्नातक सीटों में पटना,तिरहुत,दरभंगा और कोसी तथा शिक्षक सीटों में पटना,सारण,तिरहुत और दरभंगा शामिल हैं.चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक फैसलों के लिए निर्वाचन विभाग की अनुमति जरूरी होने के कारण शिक्षा विभाग को ट्रांसफर-पोस्टिंग रोकनी पड़ी है.6 अक्टूबर तक कुल 164 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था,जिनमें 12 नामांकन खारिज होने के बाद 152 उम्मीदवार मैदान में हैं.अब शिक्षकों की नजर 27 अक्टूबर के बाद शिक्षा विभाग के फैसले पर है. अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार हुआ,तो नवंबर के पहले सप्ताह में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया फिर शुरू हो सकती है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: रियलिटी शो‘Rise And Fall Season 2’ से तेज प्रताप यादव बाहर हो गए हैं. शो से उनकी विदाई के बाद बिहार की राजनीति और मनोरंजन जगत में इसकी चर्चा तेज हो गई है. तेज प्रताप के साथ अभिनेता करण पटेल भी शो से बाहर हुए हैं. करण पटेल ने अपनी बीमारी को बाहर होने की वजह बताया है, जबकि तेज प्रताप के मामले में राजनीतिक और कानूनी जिम्मेदारियों को कारण बताया जा रहा है.शो से बाहर होने के बाद तेज प्रताप देर रात पटना पहुंचे. पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने शो के अनुभव को अच्छा बताया. जब उनसे पूछा गया कि शो में सबसे अलग और यूनिक कैरेक्टर किसका था, तो तेज प्रताप ने अपने अंदाज में जवाब दिया कि सबसे यूनिक कैरेक्टर उनका ही था.तेज प्रताप ने शो से बाहर होने को लेकर मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि उनके जाने के बाद पता चलेगा कि शो चलता है या नहीं. उन्होंने कहा कि वह चाहेंगे कि शो आगे भी चलता रहे. साथ ही उन्होंने दावा किया कि शो में उनके रहने से इसकीTRP बढ़ी थी. शो में तेज प्रताप पहले‘Ultimate Ruler’ भी बने थे.इस बीच राखी सावंत का पुराना अंदाज भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है. तेज प्रताप के शो में रहने के दौरान राखी सावंत ने उनके पिता लालू यादव का जिक्र करते हुए गाने के अंदाज में‘लालू जी बड़ा दुख...’ कहा था. तेज प्रताप के शो से बाहर होने के बाद राखी का यह पुराना बयान सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है.रिपोर्ट के मुताबिक, शो के नियमों में अपनी इच्छा से बाहर निकलने पर पेनल्टी का प्रावधान है, लेकिन तेज प्रताप के मामले में अलग व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है.पटना एयरपोर्ट पर तेज प्रताप से रोहिणी आचार्य के बिहार आने को लेकर भी सवाल हुआ. उन्होंने इसे अच्छी बात बताया. अब शो से तेज प्रताप की विदाई के बाद दर्शकों की नजर आगे की कहानी पर है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: राजधानी पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट में करीब17हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक तेज झटकों से यात्रियों में दहशत फैल गई. विमान में सवार लोक जनशक्ति पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेश कुमार भट्ट ने इस खौफनाक अनुभव को साझा करते हुए बताया कि कुछ पलों के लिए ऐसा लगा जैसे विमान नीचे गिर रहा हो और अब कोई सुरक्षित नहीं बचेगा.राजेश कुमार भट्ट के मुताबिक, वह स्वर्गीय रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लखनऊ जा रहे थे. पटना से उड़ान भरने के बाद विमान सामान्य रूप से आगे बढ़ रहा था. प्रयागराज के आसपास विमान करीब17हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा, तभी अचानक जोरदार झटके लगने शुरू हो गए.उन्होंने बताया कि विमान तीन-चार बार तेज गति से ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं हिचकोले खाने लगा. कुछ ही समय में विमान की ऊंचाई करीब दो से तीन हजार फीट तक कम हो गई. अचानक हुए इस बदलाव से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर विमान के साथ क्या हो रहा है.राजेश भट्ट के अनुसार, बाद में जानकारी मिली कि विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आया था. उस दौरान विमान के भीतर कोई रो रहा था, कोई चीख रहा था तो कई यात्री भगवान को याद कर रहे थे.हालांकि विमान ने लखनऊ में सुरक्षित लैंडिंग की. जमीन पर उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली. राजेश भट्ट ने कहा कि विमान से बाहर निकलकर जमीन पर पैर रखते ही उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे भगवान ने उन्हें नया जीवन दिया हो.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानीSIR के विरोध में महागठबंधन का आंदोलन गुरुवार को सड़क पर उतर गया. पटना में तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च निकाला. मार्च के दौरान पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया.महागठबंधन के नेताSIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राजभवन की ओर बढ़ रहे थे. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठाया गया.प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. संवेदनशील इलाकों में पांच लेयर की बैरिकेडिंग की गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस तथाRAF के जवानों को तैनात किया गया. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन भी मौके पर रखा गया था.तेजस्वी यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके वाहन के आसपास बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए. इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला.महागठबंधन नेSIR के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया था. सात अक्टूबर को राज्य के सभी534प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च और पुतला दहन किया गया. इसके बाद आठ अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का कार्यक्रम तय था.विपक्ष का आरोप है किSIR की प्रक्रिया को लेकर उसकी आपत्तियों का उचित जवाब नहीं दिया गया है. साथ ही विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार के सभी13विश्वविद्यालयों के सीनेट और सिंडिकेट में राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने अपने सदस्यों का मनोनयन किया है. राज्यपाल सचिवालय की ओर से बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई. मनोनीत सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा. इसके साथ ही आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय समेत14विश्वविद्यालयों की विभिन्न कमेटियों में भी सदस्यों का मनोनयन किया गया है.अधिसूचना के मुताबिक पटना विश्वविद्यालय में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विषय के प्रो. अशोक सिंह और मगध विश्वविद्यालय के इतिहास के प्रो. मनीष सिन्हा को सीनेट का सदस्य बनाया गया है. वहीं पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय की प्रो. छाया सिन्हा को सिंडिकेट की सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है.बीएन मंडल विश्वविद्यालय में प्रो. मंजु कुमारी,प्रो. अनंत प्रसाद गुप्ता और प्रो. बिजेंद्र कुमार को सीनेट सदस्य,जबकि प्रो. रंजना सिंह को सिंडिकेट सदस्य बनाया गया है. एलएनएमयू में प्रो. ललन कुमार झा,प्रो. दिलीप कुमार झा और प्रो. उमाशंकर चौधरी सीनेट तथा प्रो. संगीता सिन्हा सिंडिकेट की सदस्य होंगी.तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में प्रो. सुधांशु शेखर झा,प्रो. उपेंद्र प्रकाश दास और प्रो. विनोद कुमार सीनेट सदस्य तथा प्रो. गुलरेज रौशन रहमान सिंडिकेट सदस्य बनाए गए हैं.मगध विश्वविद्यालय,कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय,वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय,जयप्रकाश विश्वविद्यालय और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में भी शिक्षकों को सीनेट-सिंडिकेट की जिम्मेदारी दी गई है.इसके अलावा मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय,पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय,पूर्णिया विश्वविद्यालय और मुंगेर विश्वविद्यालय में भी नए सदस्यों का मनोनयन हुआ है. अधिसूचना जारी होने के बाद अब संबंधित विश्वविद्यालयों की समितियों में नई टीम निर्धारित जिम्मेदारियां संभालेगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में1200से ज्यादा नियमित सरकारी अमीन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं.10सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अमीनों ने अब पटना में धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है. बिहार राजस्व अमीन संघ के अनुसार, 9अक्टूबर से पटना के गर्दनीबाग में राज्यव्यापी धरना शुरू होगा. इसमें विभिन्न जिलों से अमीन शामिल होंगे.अमीनों के हड़ताल पर जाने से जमीन मापी से जुड़े काम प्रभावित होने का दावा किया गया है. संघ के मुताबिक कोर्ट से संबंधित मापी के काम के साथ-साथ जमाबंदी पुनरीक्षण और अन्य राजस्व कार्यों पर भी इसका असर पड़ सकता है.राज्यभर के सरकारी अमीनों ने5अक्टूबर को अपने-अपने जिलों में प्रदर्शन किया था. मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के बाद6अक्टूबर से1200से अधिक अमीन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. अब आंदोलन को पटना तक ले जाने की तैयारी है.अमीनों की प्रमुख मांगों में वेतनमान बढ़ाकर पे लेवल-6करने,नजदीकी जिलों में तबादला करने,यात्रा भत्ता देने और रिक्त पदों पर बहाली करने की मांग शामिल है. इसके अलावा पदनाम में बदलाव और प्रमोशन का प्रावधान करने की भी मांग की जा रही है.अमीन संघ का कहना है कि मार्च2026में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के साथ वार्ता हुई थी. संघ के अनुसार,उस दौरान वेतनमान और तबादले समेत कुछ मांगों पर सहमति बनी थी,लेकिन बाद में कार्रवाई नहीं हुई.अमीनों का आरोप है कि तबादले के लिए विभाग की ओर से तीन बार पोर्टल खोला गया,लेकिन अब तक तबादला नहीं हुआ. कई बीमार और दिव्यांग अमीनों की पोस्टिंग घर से काफी दूर होने का दावा किया गया है.अमीनों का कहना है कि उनका काम मुख्य रूप से फील्ड आधारित है और कई बार निजी वाहन से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. यात्रा भत्ता नहीं मिलने से उन्हें खर्च खुद उठाना पड़ता है.वहीं,राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का जमाबंदी शुद्धिकरण और उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान31अक्टूबर तक चलना है. ऐसे में हड़ताल से अभियान के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामले मेंEOU का बड़ा एक्शन सामने आया है. मुंगेर में तैनात कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के पांच ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी के बीच बड़ी बरामदगी हुई है.मुजफ्फरपुर स्थित नारद कुमार दास के आवास से50लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. छापेमारी शुरू होने के थोड़ी ही देर बाद हुई इस बरामदगी नेEOU की कार्रवाई को और महत्वपूर्ण बना दिया है.EOU की अलग-अलग टीमों की ओर से पटना, मुंगेर, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में नारद कुमार दास से जुड़े कुल पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में की जा रही है.जांच एजेंसी के मुताबिक, नारद कुमार दास की ज्ञात आय करीब83लाख53हजार रुपये आंकी गई है. आरोप है कि उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब64.93प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की गई. इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई है.तलाशी के दौरानEOU की टीम संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण कागजात की जांच कर रही है. मुजफ्फरपुर आवास से मिले50लाख रुपये की बरामदगी को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है.पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें कार्रवाई को अंजाम दे रही हैं.EOU यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी की कुल संपत्ति कितनी है और ज्ञात आय से अधिक संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई.फिलहाल पांचों ठिकानों पर तलाशी जारी है. जांच पूरी होने के बाद बरामद नकदी, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों के आधार परEOU आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर में गंगा के उफान के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। बियाडा घाट से नवगछिया जा रही एक यात्री नाव का इंजन अचानक खराब हो गया, जिससे नाव बीच गंगा में फंस गई। तेज बहाव और हवा के कारण नाव डगमगाने लगी, जिसके बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने नाव में फंसे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।विक्रमशिला सेतु बंद होने और गंगा के उफान पर होने के कारण जिला प्रशासन ने नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा रखी है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नाव से सफर कर रहे हैं। इसी बीच आज दोपहर यह घटना सामने आई, जिसमें SDRF की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया।भागलपुर से रवि आर्यन की रिपोर्ट
पटना:दुर्गापूजा के मौके पर पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. श्रद्धालु अब मंदिर परिसर में अपने नाम और गोत्र से कलश स्थापित करवाकर माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना और पाठ करवा सकेंगे. मंदिर में कलश स्थापना कर माँ भगवती की आराधना करने का यह पवित्र विधान बीते कई वर्षों से लगातार चला आ रहा है.वेबसाइट के माध्यम से भी करा सकते हैं बुकिंग...श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि बीते वर्षों की तरह इस वर्ष भी नवरात्र के मौके पर कलश स्थापना की व्यवस्था की गई है. जो भी श्रद्धालु नवरात्र में अपने नाम से अनुष्ठान कराना चाहते हैं,वे मंदिर के बुकिंग काउंटर या मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं.विभिन्न अनुष्ठानों के लिए निर्धारित शुल्क...दुर्गासप्तशती पाठ (सम्पुट)—शुल्क:₹2310विवरण: श्रीदुर्गासप्तशती में सात सौ मन्त्र हैं. विभिन्न कामनाओं की सिद्धि के लिए 13 अध्यायों के इन सात सौ मन्त्रों में से प्रत्येक के आगे-पीछे विशेष बीजमन्त्र जोड़कर सम्पुट पाठ किया जाता है. एक सामान्य पाठ की तुलना में इस सम्पुट पाठ में तीन गुना अधिक समय लगता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है.दुर्गासप्तशती पाठ (साधारण) - शुल्क:₹1110विवरण: देवी की उपासना में यह पाठ सर्वाधिक प्रसिद्ध है. इसके अंतर्गत अर्गला,कीलक,कवच,शापोद्धार,शतनाम,मूल 13 अध्याय एवं अंत में ऋग्वेद के देवी-सूक्त का पाठ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाता है. इस अनुष्ठान को पूर्ण होने में लगभग ढाई घंटे का समय लगता है.कलश स्थापन/दुर्गा पाठ सहित (नौ दिन) - शुल्क:₹8250विवरण: कलश स्थापना,जिसे घटस्थापना भी कहा जाता है,नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य अंग है. यह नौ दिनों की अवधि तक चलने वाला विशेष अनुष्ठान है,जिसमें देवी के नौ स्वरूपों की निरंतर पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में हाल में आई बाढ़ की स्थिति को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रेस प्रतिनिधियों को जानकरी देते हुए कहा कि राज्य में गंडक नदी के जलस्तर में हुई अभूतपूर्व वृद्धि और उससे उत्पन्न बाढ़ की गंभीरता को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वैज्ञानिक उपग्रह आंकड़ों के माध्यम से दर्ज किया गया है.NASA Earth Observatoryने 2 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट“Rains Swamp the Gandak River”में नेपाल और भारत में गंडक नदी के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने तथा इसके कारण बड़े क्षेत्र में आई बाढ़ का विस्तृत उल्लेख किया है.विजय चौधरी ने कहा किNASAकी रिपोर्ट के अनुसार 24 से 27 सितंबर के बीच नेपाल के पर्वतीय लुंबिनी और गंडकी प्रांतों में अत्यधिक बारिश हुई. इस भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुईं और गंडक नदी,जिसे नेपाल में नारायणी के नाम से भी जाना जाता है,नेपाल तथा भारत के कई हिस्सों में रिकॉर्ड जलस्तर तक पहुंच गई. इसके परिणामस्वरूप नदी की जलधारा से जुड़े क्षेत्रों में पानी का फैलाव बढ़ा और कई स्थानों पर तटबंधों के ऊपर से पानी बहने तथा उनके टूटने की घटनाएं सामने आईं.उन्होंने बताया किNASAके सैटेलाइट से 20 सितंबर और 29 सितंबर 2026 को प्राप्त तस्वीरों के तुलनात्मक अध्ययन से बाढ़ के विस्तार का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण मिलता है. इन तस्वीरों में विभिन्न क्षेत्रों में फैले बाढ़ के पानी तथा नदी के आसपास जलमग्न क्षेत्रों को देखा जा सकता है.उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में नेपाल के देवघाट में 27 सितंबर को गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर तक पहुंचने की जानकारी दी गई है,जो वहां 1960 के दशक में शुरू हुए जलस्तर मापन के बाद सबसे अधिक था. इसी प्रकार भारत में गंडक नदी के किनारे स्थित बगहा,डुमरियाघाट,रेवा घाट और लालगंज जैसे स्थानों पर भी नए उच्चतम जलस्तर दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया है.चौधरी ने कहा किNASAकी यह रिपोर्ट इस बात को रेखांकित करती है कि इस बार गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति सामान्य मौसमी परिस्थितियों से अलग और अत्यधिक वर्षा से उत्पन्न असाधारण जलप्रवाह से जुड़ी रही. नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश का प्रभाव बिहार में नदी के जलस्तर और पश्चिम चंपारण,गोपालगंज,सारण और मुजफ्फरपुर जिलों के कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ के रूप में दिखाई दिया.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. वैज्ञानिक एवं उपग्रह आधारित आंकड़ों से प्राप्त सूचनाएं बिहार में बाढ़ की असाधारण स्थिति को समझने और उसके विस्तार का आकलन करने हेतु उपयोगी और मददगार हैं.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां पुलिस ने सूखे नशे के खिलाफ गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई अगमकुआं थाना क्षेत्र के टीवी टावर के पास की है.बताया जा रहा है कि पुलिस ने टीवी टावर के पास छापेमारी कर 4 लोगों को 415 पीस नशीले इंजेक्शन के साथ पकड़ा है. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जीएम रोड स्थित यूनिक फार्मा की दुकान और गोदाम में छापेमारी की.पुलिस के मुताबिक,यहां से करीब 5,500 पीस नशीली टैबलेट और 3,875 पीस नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए. इस कार्रवाई में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया. कुल मिलाकर मामले में छह आरोपियों को पकड़ा गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रांत कुमार,आदित्य राज,अनिल कुमार,पंकज पासवान,अफगान आलम और शहजाद आलम के रूप में हुई है. पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर नशीली दवाओं के नेटवर्क और सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही है.मामले में पूर्वी एसपी शैलजा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे भी छापेमारी की जा रही है. मामले में कांड दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है.पटना से विवेक कुमार रॉय की रिपोर्ट-