
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026
Liveरांची : बड़गाई अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन पर गुरुवार को भी चार्ज फ्रेम नहीं हो सका. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए PMLA के विशेष न्यायालय में पेश हुए. सुनवाई के दौरान PMLA के विशेष न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया. हेमन्त सोरेन ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया.चार्ज फ्रेम से पहले सीएम ने मांगा समयचार्ज फ्रेम की कार्रवाई से पहले मुख्यमंत्री की ओर से कोर्ट से समय देने की मांग की गई. उनकी ओर से कहा गया किEDकी ओर से संबंधित दस्तावेज आज ही प्राप्त हुए हैं. इन दस्तावेजों के आधार पर कुछ साक्ष्य और अन्य दस्तावेज कोर्ट में पेश करने हैं.कोर्ट ने कहा- चार्ज फ्रेम रोकने का आधार नहींसमय की मांग पर कोर्ट ने कहा कि चार्ज फ्रेम की कार्रवाई रोकने के लिए उनके पास कोई कानूनी आधार नहीं है. इसके बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले में 30 सितंबर 2026 यानी बुधवार को हर हाल में चार्ज फ्रेम की कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को 30 सितंबर को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में जुड़ने का निर्देश दिया गया है. मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 सुबह 11:30 बजे होगी.रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट--
रांची : जमशेदपुर स्थित दोमुहानी के समीप गुरुवार को अहले सुबह भीषण सड़क हादसे में झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री तृषा सिंह समेत अन्य तीन युवाओं की मौत के बाद सड़क सुरक्षा (ROAD SAFETY)पर सवाल उठ रहे हैं.सड़क सुरक्षा राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का एक अभिन्न और अनिवार्य हिस्सा है. सड़क सुरक्षा की पहल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)की शुरुआत के साथ शुरू होती है. क्योंकि किसी भी सड़क निर्माण परियोजना के डिजाइन,निर्माण,कार्यान्वयन और रखरखाव पर सड़क सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य है. आंकड़ों के अनुसार,सड़क सुरक्षा पर खर्च की जाने वाली राशि राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में शामिल संरचनाओं के आधार पर विकास परियोजनाओं की कुल लागत का 2.21 से 15 प्रतिशत तक होती है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highway Authority of India)के रोड एक्सीडेंट डैश बोर्ड (Road Accident Dashboard)के अनुसार,वर्ष 2026 में झारखंड में 13 सितंबर तक कुल 244 सड़क हादसे में 196 लोगों की मौत और 194 लोग घायल हुए. इसी प्रकार,सड़क दुर्घटना में पैदल चलने वाले कुल 59 लोगों की मौत हो गई. पिछले पांच वर्षों मेंझारखंड में एनएच पर सड़क दुर्घटना और मौत का आंकड़ावर्ष - सड़क दुर्घटना की संख्या - मौत - घायल - पैदल चलने वालों की मौत2026 - 244 - 196 - 194 - 592025 - 383 - 326 - 257 - 952024 - 427 - 354 - 299 - 992023 - 313 - 291 - 217 - 682022 - 201 - 159 - 191 - 44इस वर्ष जनवरी से जून माह तक सड़क हादसे में 2,478 लोगों की गई जानझारखंड पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार,राज्य में हर दिन 17 सड़क हादसे में 14 लोगों की मौत हो रही है. झारखंड पुलिस मुख्यालय के रिपोर्ट के अनुसार,इस वर्ष जून माह तक 3,078 सड़क हादसे हुए,जिसमें 2,478 लोगों की मौत हो गई झारखंड में जनवरी से जून 2026 तक सड़क दुर्घटना और मौतजिला - सड़क दुर्घटना - मौतरांची - 408 - 286गुमला - 150 - 136लोहरदगा - 58 - 51सिमडेगा - 83 - 82खूंटी - 100 - 91जमशेदपुर - 166 - 117चाईबासा - 117 - 114सरायकेला - 125 - 107पलामू - 170 - 135गढ़वा - 100 - 72लातेहार - 83 - 65हजारीबाग - 195 - 163रामगढ़ - 126 - 107कोडरमा - 58 - 42चतरा - 84 - 77गिरिडीह - 194 - 180धनबाद - 208 - 118बोकारो - 169 - 125दुमका - 134 - 122देवघर - 121 - 86जामताड़ा - 45 - 41गोड्डा - 72 - 64पाकुड़ - 43 - 42साहिबगंज - 69 - 55कुल - 3078 - 2478झारखंड के इन जिलों में सड़क दुर्घटना में मौत का ग्राफ हुआ कमजिला - 2024 - 2025रांची - 294 - 286धनबाद - 123 - 118जमशेदपुर - 123 - 117पाकुड़ - 47 - 42गढ़वा - 82 - 72कुल - 2166 – 2478रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट--
रांची:भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने विभिन्न राज्यों के लिए प्रभारी और सह प्रभारी की नई सूची जारी की है. इस सूची में झारखंड की संगठनात्मक जिम्मेदारी मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता और बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल को सौंपी गई. उनके साथ सौरभ सिंह और बिहार की निवेदिता सिंह को झारखंड का सह प्रभारी बनाया गया. गजेंद्र पटेल की नियुक्ति को झारखंड में संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गजेंद्र पटेल का राजनीतिक जीवन सीधे चुनावी राजनीति से शुरू नहीं हुआ. वे बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़े रहे. 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से उन्होंने संगठनात्मक काम शुरू किया. इसके बाद युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई. यही लंबा संगठनात्मक अनुभव उन्हें बीजेपी के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल करता है.गजेंद्र पटेल ने बीजेपी संगठन में कई अहम पद संभाले. 2017 में वे मध्य प्रदेश बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने. इसके बाद प्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई. वर्ष 2021-22 के दौरान वे बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री भी रहे और आदिवासी क्षेत्रों में संगठन विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई. पार्टी ने दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, लद्दाख और लक्षद्वीप समेत कई राज्यों में भी नई जिम्मेदारियां तय की है.
रांची:बिहार के जमुई में 10वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त के साथ हुई बर्बर छेड़खानी और मारपीट की घटनाको लेकर मंगलवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक परAISAने प्रदर्शन किया.AISAसमर्थित छात्र-छात्राओं ने बिहार सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज किया.बता दें कि जमुई में छात्रा और उसके दोस्त के साथ छेड़खानी की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. मनचलों की घिनौनी हरकत से जमुई शहर से सटा मडवा पहाड़ आज राष्ट्रीय सुखिर्यों में आ गया है. जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर शहरी क्षेत्र खत्म होते ही मड़वा पहाड़ का इलाका शुरू होता है. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में काफी आक्रोश है और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं. राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर भी AISA की ओर से बिहार सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी कहते थे कि बिहार में अब बेटियां 12 बजे रात में भी घूम सकती हैं, लेकिन यह घटना शाम सात बजे की है. इससे पता चलता है कि बिहार में किस तरह से महिलाएं सुरक्षित हैं. रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट-
रांची: राज्य के पूर्व मंत्री सह कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के विवादास्पद बयान के बाद राजनीति पारा चढ़ गया है. ऐसे कांग्रेस पार्टी की तरफ से योगेंद्र साव को शो कोज नोटिस जारी किया गया है और तीन दिनों के अंदर जवाब देने की बात कही गई है. झारखंडकांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश कुमार सिन्हा ने कहा कि उनसे स्पष्टीकरणमांगा गया है.पार्टी आला कमान इस विषय को गंभीरता से लिया है.वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि ऐसे बयानों को पार्टी भी गंभीरता से ले रही है,उन्होंने कहा कि योगेंद्र साव को इलाज कराना चाहिए.उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है.जबकि,भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य मीडिया प्रभारी प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राजनीति में अमर्यादित भाषा का कोई स्थान नहीं है. लेकिन मुख्यमंत्री पर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि इस बात में तो सच्चाई है.
रांची: अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव एवं बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के प्रभारी कमलेश राम का रविवार को रांची में भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया. होटल पार्क में आयोजित समारोह में झारखंड प्रदेश कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया.तीन राज्यों में संगठन मजबूत करने पर जोरकार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राकेश राम ने की. समारोह में झारखंड के विभिन्न जिलों से संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए. इस दौरान संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीति को लेकर भी चर्चा की गई.हक-अधिकार की लड़ाई मजबूत करने का संकल्पअपने संबोधन में राष्ट्रीय महासचिव कमलेश राम ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका वह पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे. झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में संगठन को मजबूत किया जाएगा. साथ ही सफाई मजदूर समाज के हक-अधिकार, शिक्षा, रोजगार और सम्मान की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा. प्रदेश अध्यक्ष राकेश राम ने कहा कि कमलेश राम के नेतृत्व में झारखंड में संगठन नई ऊंचाइयों को छुएगा. कार्यक्रम में सूरज राज, पूजा साहू, सतीश साहू, राजेंद्र मिर्धा, अशोक अकेला, जितेंद्र साहू, संजय रजक, पुनीत राम और कमलेश लाल समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे.
रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अनुशासन समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में योगेंद्र साव से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने और स्वयं उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है कि पार्टी संविधान के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए.पहले भी पार्टी से हो चुके हैं निष्कासितप्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बताया कि योगेंद्र साव को इससे पहले भी पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के आरोप में कांग्रेस से निष्कासित किया गया था. हालांकि, बाद में पार्टी नेतृत्व ने उनके लंबे संगठनात्मक योगदान को देखते हुए निष्कासन का फैसला निरस्त कर दिया था.मीडिया में दिए बयान पर कांग्रेस नाराजनोटिस में कहा गया है कि हाल में योगेंद्र साव की ओर से मीडिया के माध्यम से दिए गए कुछ बयानों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है. कांग्रेस अनुशासन समिति के मुताबिक उनका आचरण पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत होने के साथ-साथ पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना भी माना गया है.बार-बार अनुशासनहीनता पर कार्रवाई की चेतावनीअनुशासन समिति ने कहा है कि इस तरह के आचरण की पुनरावृत्ति से पार्टी अनुशासन के खिलाफ गतिविधियां दोहराए जाने का संकेत मिलता है और इससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंच रहा है. कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पार्टी में विचारों की स्वतंत्रता के साथ संगठनात्मक अनुशासन भी महत्वपूर्ण है. पार्टी मंच के बाहर दिए गए ऐसे सार्वजनिक बयान, जो पार्टी की घोषित नीति, सिद्धांत या नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत हों, उन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता.
बेंगलुरु/रांची: झारखंड के दुमका जिला के मधुबन के रहने वाले रेशम किसान श्री शम्भूनाथ देहरी को केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77 वाँ स्थापना दिवस के अवसर पर बेंगलुरु के गांधी कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया गया । उन्हें यह पुरस्कार केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने प्रदान किया । रेशम किसान ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर झारखंड का नाम रौशन किया है।‘प्राइवेट ग्रेन्योर’ श्रेणी में मिला सम्मानकार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शंभूनाथ को यह सम्मान ‘प्राइवेट ग्रेन्योर’ यानी निजी बीज उत्पादक श्रेणी में दिया। दुमका के श्री शम्भू नाथ देहरी को राष्ट्रीय स्तर पर रेशम के क्षेत्र में प्राइवेट ग्रेन्योर’ के लिए पुरस्कार दिया गया। यह सम्मान झारखंड के लिए गौरव का विषय है। इस सम्मान ने एक बात फिर साबित कर दिया कि झारखंड सरकार राज्य के किसानों के हितों के लिए तत्पर है।कार्यक्रम में झारखंड के हस्तकरघा,रेशम एवं हस्तशिल्प के निदेशक सहित अन्य राज्यों के निदेशक एवं कई पदाधिकारीगण मौजूद रहे.
रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शनिवार को लोअर करमटोली, रोड नंबर-2, रांची स्थित झारखंड की पूर्व मंत्री दिवंगत विमला प्रधान जी के आवास पहुंचे. मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री स्व० विमला प्रधान के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मरांग बुरु से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, समर्थकों एवं प्रशंसकों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल दें. मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की तथा उनका ढांढस बंधाया.मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड की पूर्व मंत्री विमला प्रधान जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ा देने वाला है. सार्वजनिक जीवन में स्व० विमला प्रधान जी का योगदान एवं जनता के प्रति उनका समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा. उन्होंने सिमडेगा सहित पूरे राज्य के विकास के लिए लंबे समय तक अपनी सक्रिय भूमिका निभाई. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका इस तरह चले जाना झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता. पूर्व मंत्री स्व० विमला प्रधान जी समाज के हर वर्ग-समुदाय के कल्याण के लिए तत्पर रहने वाली एक सजग और कर्मठ राजनेता थीं. उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री विमला प्रधान पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और रांची स्थित एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने विगत शुक्रवार रात अंतिम सांस ली.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट--
रांची:नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति अब तक लंबित रहने और राज्य सूचना आयोग का कामकाज शुरू नहीं होने को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है.मरांडी ने कहा कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के संबंध में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति को लेकर स्पष्ट रूप से सवाल किया था.उस समय मुख्यमंत्री ने जल्द नियुक्ति का आश्वासन दिया था.इसके बावजूद सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के बाद भी मुख्य सूचना आयुक्त का पद खाली है और आयोग में अपीलों एवं शिकायतों की सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है.नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन पर भरोसा करके ही उन्होंने नियुक्ति संबंधी अनुशंसा पर अपनी सहमति और हस्ताक्षर किए थे.उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति ही लंबित रखी जानी थी और आयोग का कामकाज शुरू नहीं होना था, तो नियुक्ति प्रक्रिया का लाभ आम नागरिकों को कैसे मिलेगा.मरांडी ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इस मामले से संबंधित जनहित याचिका उच्च न्यायालय में सरकार द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के आश्वासन के आधार पर निष्पादित हुई थी.उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि राज्य सूचना आयोग को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाए, ताकि नागरिकों को अपनी अपीलों और शिकायतों की सुनवाई के लिए दोबारा न्यायालय का दरवाजा न खटखटाना पड़े.उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार नागरिकों को सरकारी कामकाज से संबंधित जानकारी मांगने और जवाब प्राप्त करने का अधिकार देता है.आयोग में सुनवाई नहीं होने से यह अधिकार व्यवहार में प्रभावित हो रहा है और सूचना मिलने में देरी से कई मामलों में उसका उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है.बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए संबंधित समिति की बैठक अविलंब बुलाने, नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने और राज्य सूचना आयोग में अपीलों एवं शिकायतों की नियमित सुनवाई शुरू कराने की मांग की है.साथ ही उन्होंने इन कार्यों की स्पष्ट समयसीमा से अवगत कराने का आग्रह किया है.रांची से राजीव मोहन श्रीवास्तव की रिपोर्ट--
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई है. बेंगलुरु से इलाज कराकर दो दिन पहले ही रांची लौटीं थी. सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें में बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहां डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है. बताया जा रहा है कि बेंगलुरु में उनका इलाज चल रहा था और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद उन्हें लेकर गए थे. रांची लौटने के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था,लेकिन गुरुवार देर शाम अचानक सांस लेने में परेशानी लगी. जिसके बाद उन्हें तुरंत हिल व्यू ले जाया गया. जहां उनका इलाज चल रहा है.
रांची:JPSC-JSSC परीक्षा से जुड़े मामले में शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस दीपक रोशन की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से काउंटर एफिडेविट दाखिल किया गया. मामले में अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर को निर्धारित की गई है.2700 अभ्यर्थियों को हटाने पर कोर्ट ने जताई आपत्तिसुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाया कि बिना किसी शो-कॉज नोटिस के 2700 अभ्यर्थियों को कैसे बाहर किया जा सकता है. कोर्ट ने सरकार से परीक्षा रद्द करने के आधार को संक्षेप में बताने को कहा. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एक बार किसी के कह देने मात्र से कोई परीक्षा रद्द नहीं की जा सकती.निर्दोष लोगों को नहीं किया जाए परेशान जस्टिस दीपक रोशन ने कहा कि बच्चे सालों-साल तैयारी करके नौकरी हासिल करते हैं. ऐसे में निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मामले की जांच पुलिस कर रही है और कोर्ट को पुलिस की जांच पर पूरा विश्वास है.स्वतंत्र संस्था से जांच की मॉनिटरिंग का सुझावसुनवाई के दौरान जस्टिस दीपक रोशन ने स्वतंत्र संस्था से जांच की मॉनिटरिंग कराने की बात कही. हालांकि, उन्होंने इसे अपना व्यक्तिगत मत बताया. कोर्ट ने मीडिया रिपोर्टिंग पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी अखबार सही चीजें नहीं छाप रहे हैं.अदालत ने यह भी कहा कि पूरे मामले में किसी तीसरे व्यक्ति को दखल नहीं देना चाहिए. अब मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी.
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के HEC इलाके के बाईपास रोड में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लगा दी है. शुक्रवार को अदालत ने रांची के DC और SSP को यह निर्देश दिया है कि तत्काल जिला प्रशासन अपनी कार्रवाई रोक दे. अदालत ने अतिक्रमणकारियों को निर्देश दिया है कि वे 31 दिसंबर तक सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटा लें. इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आनंदा सेन की अदालत में हुई.प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अखौरी अविनाश कुमार ने पक्ष रखा. इस केस के लिए इंद्रजीत सिन्हा ने कोई फीस नहीं ली है. हाईकोर्ट के इस आदेश से अब रांची के बाईपास रोड में चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान पर रोक लग गई है. अदालत ने यह निर्देश आगामी त्योहारों को देखते हुए दिया है.
रांची:वर्षों से अतिक्रमित भूमि की वापसी सिर्फ जमीन की वापसी नही,बल्कि रांची के भविष्य के विकास की संभावनाओं की वापसी है. निगम की जमीन सिर्फ जमीन नहीं,बल्कि रांची के भविष्य के विकास की पूंजी है. नगर निगम को लक्ष्य निगम की एक-एक इंच सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित रखना और आवश्यकता के अनुसार उसे रांची के नागरिकों के लिए उपयोगी विकास परिसंपत्ति में बदलना है.रांची नगर निगम के अतिक्रमण मुक्त भूमि के संरक्षण को लेकर ये बातें नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कही.उन्होंने कहा कि वर्षों से अतिक्रमित भूमि अब शहर के विकास की पूंजी है.रांची नगर निगम की पिछले एक साल से चली आ रही मेहनत अब जमीन पर दिखाई दे रही है. निगम की जिन संपत्तियों और महत्वपूर्ण भूमियों पर वर्षों से अतिक्रमण या अनाधिकृत कब्जे की स्थिति बनी हुई थी, उन्हें चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण मुक्त कर अब सुरक्षित और संरक्षित किया जा रहा है। इस भूमियों का सीमांकन, चारदीवारी निर्माण और भविष्य में जनोपयोगी योजनाओं के लिए उनका उपयोग सुनिश्चित करना है. निगम ने पिछले एक साल में व्यापक कार्रवाई की है. नगर आयुक्त ने कहा कि निगम की रणनीति सिर्फ अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है. अतिक्रमण मुक्त करायी गई भूमि का सीमांकन, संरक्षण, अभिलेखीकरण और भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सार्वजनिक संपत्तियां दोबारा अतिक्रमण की चपेट में न आएं और आने वाले वर्षों में इनका अधिकतम जनहित में उपयोग किया जा सके. रांची नगर निगम का उद्देश्य इन भूमियों को सिर्फ खाली रखना नहीं, बल्कि आवश्यकता के अनुरूप इन्हें जनोपयोगी परिसंपत्तियों में परिवर्तित करना है.दैनिक मजदूरों को सम्मानजनक और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डोरंडा बाजार और लोआडीह में लेबर चौक विकसित किया गया है. निगम की अन्य उपयोगी भूमियों पर भी लाइब्रेरी, आश्रयगृह, सार्वजनिक सुविधाएं, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी आधारभूत संरचनाएं और अन्य जनोपयोगी योजनाएं विकसित किए जाने की दिशा में कार्य किया जाएगा. निगम की भूमि किसी एख समय की संपत्ति नहीं है. यह शहर के दीर्घकालिक विकास क्षमता का महत्वपूर्ण आधार है. बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण के बीच भविष्य में पार्क, सामुदायिक सुविधाएं, सार्वजनिक आधारभूत संरचनाएं, परिवहन, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य शहरी विकास परियोजनाओं के लिए पर्याप्त सार्वजनिक भूमि की आवश्यकता होगी. इसी कारण, वर्षों से अतिक्रमित भूमि को वापस लेकर सुरक्षित करना सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि रांची शहर के भविष्य के लिए विकास की जमीन तैयार करने की प्रक्रिया है. इसके साथ ही मजबूत और स्पष्ट म्युनिसिपल एसेट बेस नगर निगम की वित्तीय और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.भविष्य में म्युनिसिपल बांड्स, पीपीपी प्रोजेक्ट्स और अर्बन चैलेंज फंड जैसी वित्तीय व्यवस्थाओं और विकास अवसरों का लाभ उठाने के लिए नगर निकाय के पास स्पष्ट स्वामित्व वाली सुरक्षित और व्यवस्थित परिसंपत्तियों का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है.इस दृष्टि से निगम की भूमि का संरक्षण सिर्फ संपत्ति प्रबंधन का विषय नहीं, बल्कि शहर की भविष्य की वित्तीय क्षमता, निवेश आकर्षण और बड़े शहरी विकास परियोजनाओं के लिए आधार तैयार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है.निगम की ओर से इन भूमियों को कराया गया अतिक्रमण मुक्त- एदलहातू में लगभग 4.8 एकड़- कुसुम विहार में 78.65 डिसमिल- करमटोली तालाब के समीप 51 डिसमिल- ग्वाला टोली, डोरंडा में लगभग 1.20 एकड़- उर्दू स्कूल, थड़पखना में 31.5 डिसमिल- मोरहाबादी इलेक्ट्रिक सब-स्टेशन के समीप- मोरहाबादी स्थित रजिस्ट्री आफिस के समीप- नागाबाबा खटाल स्थित एमआरएफ सेंटर- ट्रेकर स्टैंड एमआरएफ सेंटर- बकरी बाजार स्टोर- धुर्वा आश्रयगृह, जगन्नाथपुर आश्रयगृह और खादगढ़ा आश्रयगृह- बड़ा घाघरा में लगभग 2.80 एकड़- मनिटोला में लगभग 11 डिसमिल- डोरंडा बाजार में लगभग एक एकड़- बूटी मोड़ चौक के समीप लगभग 0.44 एकड़- तुपुदाना में निफ्ट के समीप- कांटाटोली बस स्टैंड, बड़गाईं और बांधगाड़ी समेत कई क्षेत्रों में सरकारी और निगम से संबंधित भूमियों को अतिक्रमण मुक्तकराया गया.रांची से संवाददाता राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांची के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को ED की टीमों ने दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में एक साथ चार ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई जून में रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले से जुड़े मामले में की गई है।मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA भी कर रही है। ED ने इस प्रकरण में नई प्राथमिकी दर्ज कर अपनी जांच शुरू की है। जांच के दौरान सामने आए संदिग्ध आर्थिक लेनदेन और हमले से जुड़े संभावित वित्तीय संबंधों की पड़ताल की जा रही है।जांच एजेंसियों को इस मामले में दूसरे राज्यों में मौजूद कुछ लोगों और ठिकानों के बारे में जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई की गई। ED की टीमों ने संबंधित परिसरों में दस्तावेजों और अन्य सामग्री की तलाशी ली।इससे पहले 10 सितंबर को NIA ने पटना में भी कई ठिकानों पर तलाशी ली थी। NIA की कार्रवाई के बाद अब ED की ओर से की गई छापेमारी को मामले की आर्थिक कड़ियों की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।फिलहाल जांच एजेंसियां हमले से जुड़े संभावित नेटवर्क, संदिग्ध लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिले हैं, इसकी आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में जुड़े अन्य लोगों और ठिकानों को लेकर भी जानकारी सामने आ सकती है।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
रांची:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस मौके पर मौके पर वाराणसी से वडनगर और वडनगर से वाराणसी तक 'सेवा संकल्प बाइक यात्रा' की शुरुआत की जाएगी. वाराणसी से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे.17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है और दुनियाभर से उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है. साथ ही देश के कई इलाकों में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. बीजेपी और केंद्रीय मंत्रियों ने पीएम मोदी को उनकी पच्चीस साल की सार्वजनिक सेवा के लिए आशीर्वाद देने के लिए दीया जलाने का आह्वान किया है. आज से लेकर 17 अक्टूबर तक बीजेपी संकल्प सेवा अभियान की शुरुआत कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली में रहेंगे. पीएम मोदी दिल्ली में SEMICON India 2026 का उद्घाटन करेंगे और इस मौके पर प्रधानमंत्री कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे.अपने जन्मदिन पर पीएम मोदी ने दी पहली प्रतिक्रियापीएम मोदी ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि कुछ बातें या अंदाज बहुत खास होते हैं. आशीर्वाद का दीया, प्यार का एक ऐसा ही इजहार है जिसने मेरे दिल को गहराई से छू लिया है. हर आशीर्वाद हमारे प्यारे भारत की और भी ज्यादा निष्ठा के साथ सेवा करने के मेरे संकल्प को मजबूत करता है.
राजधानी रांची में 2018 बैच की महिला दारोगा सुमित्रा कच्छप का इलाज के दौरान निधन हो गया. वह गिरिडीह जिला बल में पदस्थापित थीं और वर्तमान में झारखंड हाई कोर्ट, रांची में गिरिडीह जिला बल के कोर्ट नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त थीं.जानकारी के अनुसार, डिलीवरी के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. उपचार के दौरान उनकी हालत गंभीर हो गई और महिला दारोगा ने दम तोड़ दिया.सुमित्रा कच्छप के आकस्मिक निधन की खबर से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है. पुलिस अधिकारियों और उनके सहकर्मियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है.महिला दारोगा के निधन से उनके सहकर्मियों और परिचितों में भी शोक का माहौल है. पुलिस विभाग की ओर से उनके योगदान को याद करते हुए शोक संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं.
रांची: कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सीएम हेमन्त सोरेन से आजभारत के कोलकाता में ऑस्ट्रेलियन काउंसलेट-जनरल बर्नार्ड लिंच (Bernard Lynch) ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री से उन्होंने शिष्टाचार भेंट की. राज्य के विकास को एक नई रफ्तार देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाथ बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया.इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं उनके बीच झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना और आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ शिक्षा,मिनरल्स,स्किल,निवेश,संस्कृति,खेल एवं पर्यटन सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय साझेदारी को लेकर बेहद सकारात्मक और दूरगामी संवाद हुआ है.दोनों पक्षों के बीच जिन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई, उनमें को वैश्विक स्तर पर रोजगार के योग्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी शिक्षा और वोकेशनल ट्रेनिंग पर जोर दिया गयामौके पर राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार एवं वरिष्ठ अनुसंधान एवं भ्रमण अधिकारी, Australian Consulate-General, कोलकाता सुश्री एंजेलीना नायर मौजूद रहे.
रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत दावा-आपत्ति और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर बुधवार को राज्य के सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के.रवि कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ERO, AERO और Additional AERO के लिए प्रशिक्षण-सह-शंका निवारण सत्र हुआ.प्रशिक्षण में आधार से जुड़े सत्यापन और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई. UIDAI के क्षेत्रीय कार्यालय, रांची के निदेशक नीरज कुमार ने अधिकारियों को आधार सत्यापन के तकनीकी और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी दी. इस दौरान अधिकारियों की शंकाओं का भी समाधान किया गया.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के.रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि SIR के तहत प्राप्त दावों और आपत्तियों की सुनवाई और दस्तावेजों का सत्यापन निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक दावे और आपत्ति का नियमानुसार परीक्षण कर मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है.उन्होंने ERO, AERO और Additional AERO को निर्देश दिया कि वे अपने क्षेत्र में दस्तावेज सत्यापन और सुनवाई से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को भी प्रशिक्षण में दी गई जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि प्रक्रिया में एकरूपता बनी रहे. साथ ही सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया.मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि SIR का उद्देश्य पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित होने से बचाना और अपात्र अथवा विदेशी नागरिकों के नाम शामिल न होने को सुनिश्चित करना है. इसी उद्देश्य के तहत दावा-आपत्ति, सुनवाई और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।प्रशिक्षण में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर समेत राज्य के सभी जिलों के संबंधित ERO, AERO और Additional AERO वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.