
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
Liveपटना : इस बार दुर्गा पूजा में लोगों को राजधानी में ही सीतामढ़ी का पुनौरा धाम व नैनीताल का सुप्रसिद्ध कैंची धाम के दर्शन करने का मौका प्राप्त होगा. बोरिंग रोड स्थित कृष्णापुरी में प्राइड ऑफ बिहार समिति की तरफ से सीतामढ़ी का सुप्रसिद्ध पुनौरा धाम मंदिर की तर्ज पर पंडाल का निर्माण किया जा रहा है. समिति सचिव रमेश कुमार सिंह ने वर्ष 2026 के नवरात्रि पूजा की तैयारी के बारे में कहा कि सरकार के वोकल टू लोकल आह्वान पर बंगाल,महाराष्ट्र,ओड़िसा के कारीगरों को न बुलाकर जमुई से खास कलाकारों से पंडाल का निर्माण करवाया जा रहा है. इससे बिहार के प्रतिभा को अंतराष्ट्रीय स्तर तक पहचान प्राप्त होगी.सचिव रमेश कुमार सिंह ने कहा कि हमारी खास लाइटनिंग बिहार भर में प्रसिद्ध है. जिसके लिए बिजली कंपनियों के द्वारा आसानी से अस्थायी कनेक्शन की सुविधा दी जा रही है. इस बार बोरिंग रोड स्थित एएन कॉलेज से लेकर बोरिंग रोड चौराहा तक लाइटनिंग का काम किया जायेगा.पंडाल के आस-पास स्कूटी के साथ पुलिस दीदी रहेगी तैनातप्राइड ऑफ बिहार सचिव रमेश कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया कि पंडाल के आस-पास के सुरक्षा के लिए स्कूटी के साथ पुलिस दीदी की तैनाती की जायेगी. इससे महिलाओं को मेले में मां के दर्शन को असुविधा का सामना नहीं करना पड़े. वहीं बच्चे व नौजवानों के लिए डॉयल112की टीम भी खड़ी की जायेगी.मीठापुर में बन रहा भव्य कैंची धाम के तर्ज पर पंडाल मीठापुर के गौरिया मठ स्थित नैनीताल का भव्य कैंची धाम की तर्ज पर पंडाल का निर्माण किया जायेगा. पूजा का आयोजन कर रहे समिति के कोषाध्यक्ष सुनिल गुप्ता ने कहा कि15जून1964को प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा द्वारा इस मंदिर में बजरंगबली की प्राण प्रतिष्ठा की गयी है. हमारे पंडाल में इस बार भक्तों को सप्तमी,अष्टमी व नवमी के विशेष अवसर पर लगभग2लाख श्रद्धालुओं के लिए खीर,खिचड़ी व हलवे का प्रसाद तैयार किया जायेगा. उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में पूजा समितियों के साथ प्रशासनिक बैठक में यह तय किया गया कि इस बार पंडाल के ईद-गिर्द स्पेशल पुलिस बल की तैनाती की जायेगी.
Patna : पटना हाईकोर्ट ने बिहार पुलिस में सिपाही भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि युवावस्था में की गई नादानी के लिए किसी को पूरी जिंदगी अपराधी का ठप्पा लगाकर नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता. आधुनिक सोच सुधार की होनी चाहिए,दंड की नहीं.याचिकाकर्ता राहुल कुमार, (पिता शेषनाथ प्रसाद,ग्राम छितौली,थाना मांझागढ़,जिला गोपालगंज के निवासी हैं),ने केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) के विज्ञापन संख्या 1/2023 पर उन्होंने आवेदन किया. 08.2024 को लिखित परीक्षा और 16.01.2025 को शारीरिक परीक्षा पास की.01.06.2025 को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-6,मुजफ्फरपुर में सिपाही के पद पर योगदान दिया. वेरिफिकेशन फॉर्म में आपराधिक मामले के सवाल पर उन्होंने'नहीं'लिखा था. जांच में पता चला कि उनके खिलाफ मांझागढ़ थाना कांड संख्या 24/2016 (धारा 147/148/149/351/323/504/329/294/153(A)/295(A)/296/427/506IPC)दर्ज था,जिसमें 75 नामजद और 10 अज्ञात समेत 150 से ज्यादा लोग आरोपी थे.इस आधार पर कमांडेंट, BSAP-6,मुजफ्फरपुर ने मेमो संख्या 2683 दिनांक 01.08.2025 से उनकी नियुक्ति रद्द कर दी. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अखिलेश दत्ता वर्मा ने बहस की,जबकि राज्य की ओर से ब्रजभूषण मिश्रा और सीएसबीसी की ओर से अधिवक्ता संजय पांडे,बिनोद कुमार मिश्रा और विवेक आनंद अमृतेश उपस्थित थे.जस्टिस पार्थ सारथी की एकलपीठ ने सुनवाई करते हुए पाया कि 2016 में जब एफआईआर हुई,तब याचिकाकर्ता किशोर था. ये मामला किशोर न्याय बोर्ड,गोपालगंज भेजा गया.बोर्ड ने 17.10.2025 के आदेश में याचिका को समाप्त करते हुए सजा के तौर पर सिर्फ अपग्रेडेड मिडिल स्कूल,छितौली परिसर में 40 पेड़ लगाने और एक महीने तक देखभाल करने का निर्देश दिया था. पेड़ वन विभाग को देने थे.बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि परिवार शिक्षित और अनुशासित है,समाज में कोई नकारात्मक टिप्पणी नहीं है और वह अपराधी प्रवृत्ति का नहीं है.कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के दो बड़े फैसलों का हवाला दिया.कोर्ट ने अवतार सिंह बनाम भारत संघ (2016) 8SCC471 - हर छोटी-मोटी बात छिपाना मटेरियल जानकारी छिपाना नहीं है. नियोक्ता को मनमाने ढंग से नहीं,बल्कि वस्तुनिष्ठ तरीके से फैसला करना होगा. रविंद्र कुमार बनाम उत्तर प्रदेश (2024) 5SCC264 और कमिश्नर ऑफ पुलिस बनाम संदीप कुमार - कोर्ट ने विक्टर ह्यूगो के उपन्यास'ला मिजरेबल'के जीन वलजीन का उदाहरण दिया,जिसे भूखे परिवार के लिए रोटी चुराने पर चोर कहा गया था.लॉर्ड डेनिंग के फैसले का जिक्र करते हुए कहा - युवावस्था में अक्सर नादानियां हो जाती हैं,जिन्हें माफ कर देना चाहिए.कोर्ट ने कहा, "डर से कि फॉर्म में मामला लिखने पर नौकरी नहीं मिलेगी,याचिकाकर्ता ने जानकारी नहीं दी होगी. आरोप गंभीर प्रकृति जैसे हत्या,डकैती या बलात्कार जैसे नहीं थे."हाईकोर्ट ने 1 अगस्त 2025 का बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया और रिट याचिका स्वीकार कर ली. कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि इस फैसले में की गई टिप्पणियों को ध्यान में रखते हुए 4 महीने के भीतर नया आदेश पारित करें.यह निर्णय बिहार पुलिस भर्ती में वेरिफिकेशन के नाम पर छोटी-छोटी पुरानी एफआईआर के कारण हजारों युवाओं की नौकरी जाने के मामलों में उदाहरण बन सकता है.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना:जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग,पटना ने सैनिटरी पैड निर्माण मशीनों की पूरी आपूर्ति नहीं करने के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए विपक्षी को शिकायतकर्ता की₹1,30,000की राशि12प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है. इसके अतिरिक्त,मानसिक पीड़ा एवं आजीविका के अवसरों के नुकसान के लिए₹75,000मुआवजा तथा₹10,000मुकदमा खर्च देने का निर्देश दिया गया है.मामले के अनुसार,शिकायतकर्ता बिहार उद्यमी योजना की लाभार्थी थीं. उन्होंनेIndiaMARTके माध्यम से सैनिटरी पैड निर्माण मशीनों की खरीद के लिए विपक्षी को₹3लाख का अग्रिम भुगतान किया था. हालांकि,विपक्षी द्वारा कुछ मशीनों की ही आपूर्ति की गई और शेष आवश्यक मशीनें उपलब्ध नहीं कराई गईं. बार-बार आश्वासन एवं कानूनी नोटिस के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ.आयोग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विपक्षी की सेवा में कमी को स्वीकार करते हुए शिकायत को आंशिक रूप से एकपक्षीय मंजूरी प्रदान की. आयोग ने आदेश का अनुपालन आदेश की प्रति प्राप्त होने के60दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया है.यह महत्वपूर्ण आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग,पटना के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्र एवं सदस्य रजनीश कुमार द्वारा पारित किया गया.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना:बिहार विधानसभा में लंबित याचिकाओं,शून्यकाल सूचनाओं और सरकारी आश्वासनों के निष्पादन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभिन्न विधानसभा समितियों के कामकाज की समीक्षा के दौरान उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने और नियमित निगरानी करने पर जोर दिया.644 याचिकाओं में 203 के जवाब लंबितसमीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुल 644 याचिकाओं में से 441 के जवाब प्राप्त हो चुके हैं,जबकि 203 याचिकाओं के उत्तर अब भी लंबित हैं. इन मामलों के निष्पादन के लिए अब तक 32 विभागीय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं. शेष मामलों में भी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.498 शून्यकाल सूचनाओं के उत्तर बाकीविधानसभा के द्वितीय सत्र के दौरान कुल 980 शून्यकाल सूचनाएं स्वीकृत हुई थी. इनमें से 482 के जवाब मिल चुके हैं,जबकि 498 के उत्तर अभी प्राप्त नहीं हुए हैं. इसके अलावा,388 ध्यानाकर्षण सूचनाओं में 36 को सरकारी वक्तव्य के लिए स्वीकृत किया गया और 344 सूचनाएं लिखित उत्तर के लिए संबंधित विभागों को भेजी गई.तीन स्मार पत्र के बाद मुख्य सचिव को पत्रलंबित सरकारी आश्वासनों की समीक्षा में बताया गया कि 450 आश्वासनों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने निर्देश दिया कि संबंधित विभागों को नियमित रूप से स्मार पत्र भेजे जाएं. तीन स्मार पत्र भेजने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.उन्होंने कहा कि विधानसभा समितियां जनहित के मुद्दों के समाधान और सरकार की जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसलिए लंबित मामलों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए और उनके निष्पादन में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
Patna: पटना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को रेप कोशिश करने को दोषी ठहराते केवल गलत नीयत या अश्लील हरकत पर्याप्त नहीं है,बल्कि ऐसे ठोस सबूत होने चाहिए. जस्टिस संदीप कुमार ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि रेप की कोशिश करना और अश्लील आपत्तिजनक हरकतों के बीच अन्तर जरूरी है. कोर्ट ने इसे लज्जा भंग का मामला माना है.ये मामला बेगूसराय जिले से सम्बन्धित है. इसमें8फरवरी,2010को एक विधवा महिला जब अपने बच्चे के साथ घर में सोई थी. आरोप है कि एक अधेड पडोसी उस पर गंदी नजर रखता था. उस दिन रात के दस बजे वह उसके घर में जबरदस्ती घुस कर दीया बुझा दिया और उसके उपर लेट गया.वह महिला जब चिल्लाने लगी,तो गांव के लोग आ गये. उन्होंने उस अधेड की पिटाई कर दी. गांव वालों ने आश्वासन दिया कि पंचायती में इस मामले को ले जाया जायेगा. लेकिन वह व्यक्ति पंचायती में नहीं आया. इसके बाद वह महिला संबंधित पुलिस स्टेशन एफआईआर दर्ज कराने गयी,पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं किया.उसके बाद वह सीजेएम कोर्ट में घटना के दो दिन बाद गई. कोर्ट ने शिकायत को सीआरपीसी की धारा156 (3) के तहत पुलिस के पास भेजा,जिसके बाद बलिया पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ. पुलिस ने जांच के बाद रेप की कोशिश के आरोप में चार्जशीट दायर किया. आईपीसी की धारा376के साथ धारा511( रेप की कोशिश) और धारा448के तहत आरोप तय किया.ट्रायल कोर्ट ने रेप की कोशिश के लिए चार साल सश्रम कारावास और घर में जबरन घुसने के लिए छः माह की सश्रम कारावास की सजा सुनाई. इस आदेश को याचिका दायर कर चुनौती दी गई.जस्टिस संदीप कुमार की एकलपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को रेप की कोशिश ठहराने के लिए केवल गलत नीयत या अश्लील हरकत पर्याप्त नहीं है. इसके लिए ठोस सबूत होने चाहिए.कोर्ट ने माना कि घर में आरोपी की मौजूदगी साबित हुआ है. महिला ने आरोपी को अपने घर में देखने,उसकी हरकतों के बारे में स्पष्ट और लगातार बयान दिया है. आरोपी उसी गांव का था और उसे वह पहचानती है. उसके शोर मचाने पर गांव वालों ने आरोपी को पकड़ लिया. कोर्ट ने पडोसी की गवाही को महत्वपूर्ण माना.कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी के घटनास्थल पर मौजूदगी को लेकर पडोसियों से बहस नहीं की गई. ये भी नहीं कहा गया कि महिला या पडोसी से दुश्मनी के कारण झूठे मामले में फंसाया गया. आरोपी ने भी दस बजे रात में घर के अंदर होने का स्पष्टीकरण नहीं दिया. इसलिए कोर्ट ने माना कि घटना के समय आरोपी की घर में मौजूदगी साबित होती है. आरोपी के अधिवक्ता की ओर से एफआईआर दर्ज कराने में हुई विलम्ब का मुद्दा लाया गया. कोर्ट ने इसे यह कह कर नकार दिया कि सामाजिक परिस्थिति,महिलाएं ऐसे मामलों में संकोच,शर्म, लज्जा करना देरी का कारण हो सकता है.कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अधिकारी की गवाही कोई जरूरत नहीं है,यदि उपलब्ध गवाहों की विश्वसनीय गवाही से जरुरी तथ्य साबित हो रहे हो,तो अतिरिक्त गवाह को प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है. कोर्ट ने कहा कि अगर पीड़िता की गवाही भरोसेमंद हो,तो उसी के बयान पर सजा सुनाई जा सकती है.कोर्ट ने महिला की गवाही के मुख्य हिस्से को स्वीकार किया. कोर्ट ने ये भी ध्यान दिया कि प्रारम्भ में रेप का आरोप था,जबकि पुलिस ने रेप की कोशिश के मामले में चार्जशीट दायर किया था. कोर्ट ने कहा कि रेप की कोशिश करना और अश्लील आपत्तिजनक हरकत के बीच में अंतर होता है.हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल तैयारी करना और अपराध को अंजाम देने का कार्य करना अलग-अलग स्थिति है. हाईकोर्ट ने महिला और पडोसियों की गवाही आरोपी की मौजूदगी साबित करने के लिए पर्याप्त है. जांच अधिकारी की गवाही नहीं होने के कारण आरोपी को कोई नुकसान नहीं हुआ, जो कि आरोपी के मौजूदगी के सबूत को कमजोर कर दे.कोर्ट ने कहा कि अगर पीड़िता की गवाही भरोसेमंद हैं,तो उसके बयान पर सजा सुनाई जा सकती है. कोर्ट ने महिला के गवाही मुख्य हिस्से स्वीकार किए, जैसे आरोपी का घर में जबरन घुसने,दीया बुझाना,उसके उपर लेटना,उसका मुंह बंद करना आदि. लेकिन रेप की कोशिश के लिए जरुरी कार्रवाई के बारे में महिला के बयान में एकरुपता नहीं थी. न ही दूसरे सबूतों से पुष्टि हुई. कोर्ट ने माना कि आरोपी हरकतें मर्यादा भंग करने वाली थी. हाईकोर्ट ने रेप करने की कोशिश की सजा रद्द कर दी,लेकिन घर में घुसने के मामले में अपराधी करार दिया.कोर्ट ने दोनों अपराधों में सजा घटाकर अब तक जेल में बिताये गये अवधि कर दिया. साथ ही पच्चीस हज़ार का जुर्माना लगाया, जिसे मुआवजा के रूप में पीड़िता को दिया जाएगा.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना- अस्पताल में बच्चे का इलाज कराने आई एक महिला के लिए उस वक्त परेशानी बढ़ गई, जब उसके 8,600 रुपये अचानक कहीं गिर गए। लेकिन पुलिस की तत्परता और एक युवक की ईमानदारी ने महिला की चिंता दूर कर दी। IGIMS परिसर में हुई इस घटना ने मानवता और ईमानदारी की एक मिसाल पेश की है। सहरसा जिले के बख्तियारपुर की रहने वाली पूजा कुमारी अपने बच्चे का इलाज कराने IGIMS पहुंची थीं। इसी दौरान अस्पताल परिसर में उनकी कमर से 8,600 रुपये गिर गए। जब महिला को पैसे गायब होने का पता चला, तो उन्होंने तुरंत IGIMS TOP में इसकी सूचना दी।CCTV फुटेज से मिला सुरागमामले की सूचना मिलते ही शास्त्रीनगर थाना के IGIMS TOP थानाध्यक्ष कपलेश्वर पासवान ने तत्परता दिखाई और अस्पताल परिसर के CCTV फुटेज की जांच कराई। फुटेज के आधार पर पता चला कि रुपये राजाबाजार की ब्रह्मस्थानी गली निवासी रोहित कुमार, पिता रंजीत कुमार महतो को मिले थे। इसके बाद थानाध्यक्ष ने रोहित कुमार से संपर्क किया। युवक ने भी ईमानदारी का परिचय देते हुए रुपये लौटाने की बात कही।थाने में महिला को वापस मिली पूरी रकमIGIMS TOP परिसर में थानाध्यक्ष कपलेश्वर पासवान की मौजूदगी में रोहित कुमार ने पूरी रकम, यानी 8,600 रुपये, पूजा कुमारी को वापस कर दिए। खोई हुई रकम मिलने से महिला को बड़ी राहत मिली। उन्होंने पुलिस और युवक दोनों के प्रति आभार जताया। इस मौके पर थानाध्यक्ष कपलेश्वर पासवान ने कहा कि पुलिस का काम केवल अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि आम लोगों का भरोसा जीतना भी है। उन्होंने युवक की ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं।पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट
पटना:राजधानी पटना मेंNEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट पर विशेष पॉक्सो अदालत ने सवाल उठाए हैं. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान जांच के तरीके, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य जुटाने में कथित लापरवाही को लेकर अदालत ने नाराजगी जताई. मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को निर्धारित की गई है.CBI ने करीब आठ महीने की जांच के बाद अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी. एजेंसी का कहना था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिले हैं. हालांकि, छात्रा के परिजनों ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए न्याय की गुहार लगाई है. अदालत में सुनवाई के दौरान जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठे. रिपोर्ट को स्वीकार करने या आगे की जांच का निर्देश देने पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है.हॉस्टल में बेहोश मिली थी छात्रामृत छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकरNEET की तैयारी कर रही थी. वह पांच जनवरी 2026 को हॉस्टल पहुंची थी. अगले दिन छह जनवरी को वह अपने कमरे में बेहोश मिली. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी. छात्रा के पिता के बयान पर नौ जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.SIT के बादCBI ने संभाली जांचशुरुआत में बिहार पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने मामले की जांच की. बाद में जांचCBI को सौंप दी गई. जांच के दौरान मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित विभिन्न साक्ष्यों की पड़ताल की गई. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 लोगों केDNA नमूने भी लिए गए थे, लेकिन संबंधित नमूने से किसी का मिलान नहीं हुआ.अब छह नवंबर की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. अदालत के फैसले से तय होगा कि क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार होगी या जांच आगे बढ़ाने का निर्देश दिया जाएगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सोनपुर और भागलपुर-मुंगेर में प्रस्तावित दो ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने की तैयारी तेज हो गई है. दोनों परियोजनाओं के लिए कुल7,373एकड़ जमीन की जरूरत है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि किसानों की जमीन की कीमत कैसे तय होगी और उन्हें कितना मुआवजा मिलेगा. फिलहाल जमीन की अंतिम दर निर्धारित नहीं की गई है.जमीन की खरीद बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2020के प्रावधानों के तहत की जाएगी. संबंधित रैयती भूमि क्रय समितियां और सक्षम प्राधिकार निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार कीमत तय करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे. प्रशासन पहले जमीन के दस्तावेज, स्वामित्व और राजस्व अभिलेखों का सत्यापन करेगा. इसके बाद संबंधित रैयतों से बातचीत कर जमीन की कीमत पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा.सोनपुर एयरपोर्ट के लिए4,228एकड़ जमीनसारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट के लिए लगभग4,228एकड़ जमीन चिह्नित की गई है. सोनपुर और दरियापुर अंचल के26मौजों की जमीन इस परियोजना के दायरे में है. इससे करीब14,224रैयत और उनकी जमाबंदियां जुड़ी हैं. जमीन की खरीद से पहले भूखंडों के दस्तावेजों और मालिकाना हक की जांच की जाएगी.भागलपुर-मुंगेर में3,145एकड़ की जरूरतभागलपुर-मुंगेर क्षेत्र में प्रस्तावित अजगैबीनाथ ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए करीब3,145एकड़ जमीन की आवश्यकता है. इसके दायरे में14मौजे और लगभग12हजार रैयतों की जमीन आएगी. भागलपुर सदर, सुल्तानगंज, मुंगेर सदर, तारापुर और बरियारपुर अंचलों में जमीन चिह्नित की गई है.सहमति से होगी खरीद, दर तय होने का इंतजारसरकार की योजना किसानों से बातचीत कर जमीन खरीदने की है. सहमति नहीं बनने पर लागू कानूनों के तहत अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है. जमीन खरीद से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया में सहायता के लिए सलाहकार एजेंसी के चयन की तैयारी भी की जा रही है.फिलहाल प्रति एकड़ या प्रति कट्ठा जमीन की कीमत और किसानों को मिलने वाली वास्तविक राशि स्पष्ट नहीं है. अंतिम दर तय होने के बाद ही मुआवजे की तस्वीर सामने आएगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना- दुर्गापूजा और दशहरा के दौरान राजधानी पटना में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पटना यातायात पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान जारी किया है। जारी निर्देश के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे से 20 अक्टूबर की रात 10 बजे तक या यातायात सामान्य होने तक शहर की यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। इस दौरान एंबुलेंस, आपातकालीन वाहन, शव वाहन और पासधारक वाहनों को छोड़कर निर्धारित प्रतिबंध लागू रहेंगे।पटना में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोकट्रैफिक प्लान के अनुसार, 17 से 20 अक्टूबर तक पटना नगर निगम क्षेत्र में बस, ट्रक, ट्रैक्टर और टाटा-407 समेत मालवाहक एवं यात्री वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं, मेट्रो और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े भारी वाहनों के परिचालन पर 15 से 21 अक्टूबर तक रोक रहेगी। दानापुर से अशोक राजपथ की ओर आने वाले भारी वाहनों को प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे वाहन दानापुर कैंट से सगुना मोड़ होते हुए खगौल-दानापुर स्टेशन की ओर जा सकेंगे। दानापुर स्टेशन से बिहटा की ओर जाने वाले भारी वाहनों को नेहरा होते हुए बिहटा और आरा की तरफ जाने का निर्देश दिया गया है।अशोक राजपथ पर बदलेगा रूटअशोक राजपथ और इससे जुड़े मार्गों पर छोटे वाहनों के परिचालन के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। कारगिल चौक से गांधी चौक तक छोटे वाहन दोनों तरफ से चल सकेंगे। गांधी चौक से गायघाट तक छोटे वाहनों के लिए पश्चिम से पूरब की ओर एकतरफा परिचालन रहेगा। गायघाट से चौक मोड़ और पटना सिटी तक भी निर्धारित एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। अशोक राजपथ से राजेंद्रनगर और पटना जंक्शन की ओर जाने वाले छोटे वाहन गांधी चौक से सैदपुर रोड होते हुए मोइनुलहक स्टेडियम के रास्ते जा सकेंगे।खजांची रोड पर वाहनों का प्रवेश दक्षिण से उत्तर की ओर होगा। मखनियाकुआं रोड के कुछ हिस्सों में वाहनों के परिचालन पर रोक रहेगी। गोविंद मित्रा रोड पर दोनों तरफ से यातायात बंद रहेगा, जबकि सब्जीबाग रोड पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। डाकबंगला, आयकर गोलंबर और कोतवाली इलाके में प्रतिबंध डाकबंगला चौराहा, भट्टाचार्य चौराहा, पटना जंक्शन और स्वामीनंदन तिराहा की ओर से डाकबंगला जाने वाले वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। डाकबंगला चौराहे से कोतवाली तक दोनों तरफ के मार्गों पर भी वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। जीपीओ गोलंबर के ऊपर और नीचे से व्यावसायिक वाहन बुद्धमार्ग की ओर नहीं जा सकेंगे। इन वाहनों को पश्चिम की ओर आर ब्लॉक चौराहे की दिशा में जाने की व्यवस्था दी गई है। न्यू डाकबंगला रोड से एसपी वर्मा रोड पर भी वाहनों का परिचालन नहीं होगापटना जंक्शन से गांधी मैदान जाने वाले छोटे वाहन गोरियाटोली चौक से एग्जीबिशन रोड होकर जा सकेंगे और वापसी भी इसी मार्ग से होगी।गांधी मैदान और प्रमुख सड़कों पर नो-पार्किंग। गांधी मैदान के चारों ओर पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी और पूरे क्षेत्र को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है। एसपी वर्मा रोड पर भी किसी प्रकार के वाहन की पार्किंग नहीं होगी। कोतवाली थाना क्षेत्र में टाइटन वॉच मोड़ से सिन्हा लाइब्रेरी मोड़ और छज्जूबाग तक नो-पार्किंग व्यवस्था लागू रहेगी। पटना म्यूजियम के आसपास के मार्गों और बुद्धमार्ग पर भी वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित स्थल यातायात पुलिस ने वाहनों की पार्किंग के लिए कई स्थान निर्धारित किए हैं। इनमें फ्रेजर रोड के दोनों फ्लैंक, वीरचंद पटेल पथ का सर्विस लेन, जीपीओ गोलंबर से आर ब्लॉक चौराहे तक का एक फ्लैंक, सिन्हा लाइब्रेरी मोड़ से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति जाने वाला मार्ग और पटना साइंस कॉलेज एवं पटना कॉलेज का मैदान शामिल हैं। पटना सिटी क्षेत्र में छोटे और दोपहिया वाहनों के लिए सिटी स्कूल चौक, मंगल तालाब के आसपास और पटना साहिब रेलवे स्टेशन के सामने पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।ट्रैफिक पुलिस की अपीलपटना यातायात पुलिस ने दुर्गापूजा के दौरान लोगों से निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखें और प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं।पटना से विवेक राय की रिपोर्ट
भागलपुर: बिहार के भागलपुर रेलवे स्टेशन पर बुजुर्ग महिला यात्री की सोने की चेन काटने के मामले में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है. संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए खगड़िया गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से धारदार ब्लेड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसने की उम्मीद है.मामले में रेल डीएसपी आलोक कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक बुजुर्ग महिला यात्री की सोने की चेन काटे जाने की शिकायत मिली थी. घटना के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की. जांच के दौरान घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की गई जिसके बाद खगड़िया गिरोह के छह सदस्यों को पकड़ा गया. गिरफ्तार सदस्यों के पास से धारदार ब्लेड और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं.रेल डीएसपी के मुताबिक गिरफ्तार युवकों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही है.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्य सचिवालय स्थित'संवाद'सभागार में "संकल्प" डैशबोर्ड एवं "समन्वय" पोर्टल का शुभारंभ किया.कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव संजय कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से "संकल्प" डैशबोर्ड एवं "समन्वय" पोर्टल की उपयोगिता,उसकी कार्यपद्धति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा एवं निर्देश से "संकल्प" डैशबोर्ड एवं "समन्वय" पोर्टल का निर्माण किया गया है. सभी48विभागों के मुख्य कार्य,महत्वपूर्ण परियोजनायें एक डिजिटल प्लेफॉर्म पर एक साथ उपलब्ध होगी. "संकल्प" डैशबोर्ड में6प्रमुख मॉड्यूल- मुख्यमंत्री-स्तरीय अनुश्रवण,परियोजना एवं निवेश,विभागीय प्रस्तुतीकरण,निष्पादन एवं रैंकिंग,समन्वय एवं एस्केलेशन तथा क्षेत्र एवं जन-संपर्क हैं. इसमें20से अधिक सब मॉड्यूल बनाये गये हैं. इनमें सरकारी योजनाओं,परियोजनाओं एवं विभागों के काम-काज से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी. समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री द्वारा दिये गये निर्देशों,घोषणाओं,मंत्रिपरिषद् के निर्णयों और महत्वपूर्ण पत्रों के आलोक में की गयी कार्रवाई की निगरानी होगी. विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण प्रस्तुतियां और ब्रीफिंग से जुड़ी जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी.इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज "संकल्प" डैशबोर्ड एवं "समन्वय" पोर्टल का शुभारंभ किया गया है. समन्वय पोर्टल के माध्यम से बिहार एवं भारत सरकार के बीच को-ऑर्डिनेशन,दोनों योजनाओं की निगरानी,पारदर्शिता एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जायेगा. दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर इसमें समन्वय करेंगे. भारत सरकार की जो भी योजनायें संचालित की जा रही हैं,उसका पूरी तरह क्रियान्वयन बेहतर ढंग से हो सकेगा,साथ ही राशि का ससमय सदुपयोग सुनिश्चित हो सकेगा. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से मिलनेवाली राशि,राष्ट्रीय रैंकिंग और समन्वय से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की बेहतर ढंग से निगरानी हो सकेगी. "संकल्प" पोर्टल के माध्यम से सभी विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों का एकीकृत,समयबद्ध एवं परिणामोन्मुख अनुश्रवण हो सकेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतीराज विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग लक्ष्य के अनुरूप सी०सी०टी०वी० कैमरे लगाये और उसका एकीकृत मॉनीटरिंग हो. अभी पटना शहर में2500सी०सी०टी०वी० कैमरे लगाये गये हैं,उसकी भी एकीकृत निगरानी इस पोर्टल के माध्यम से की जायेगी. पटना में सी०सी०टी०वी० कैमरे और बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सभी विभाग कार्यों का निष्पादन ससमय अच्छे ढंग से करें. जनता की समस्याओं का समाधान करना है. जो भी योजनायें सरकार के द्वारा तैयार की जाती हैं उसका क्रियान्वयन बेहतर ढंग से करना है. "संकल्प" डैशबोर्ड एवं "समन्वय" पोर्टल के माध्यम से कार्यों में गति आयेगी तथा लोगों की समस्याओं का समाधान त्वरित होगा. व्यवस्था और पारदर्शी होगी,शासन-प्रशासन अच्छा होगा तो बिहार और तेज गति से आगे बढ़ेगा.कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव,राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ० दिलीप कुमार जायसवाल,नगर विकास एवं आवास सह सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा,लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन,ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार,पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र,समाज कल्याण मंत्री डॉ० श्वेता गुप्ता,लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह,मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत,पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा सहित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव,मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह,मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है. संस्थान के10संकाय सदस्यों को वर्ष2026के लिए दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है. इस सूची को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की ओर से संकलित किया गया है. इस उपलब्धि से आईआईटी पटना के शोध कार्यों और अकादमिक योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है.वैज्ञानिकों का चयन उनके शोध प्रकाशनों, उद्धरणों और वैज्ञानिक योगदान के प्रभाव के आधार पर किया जाता है. इसके लिए एल्सेवियर के स्कोपस डेटाबेस के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ इन आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ताओं के अकादमिक प्रभाव का आकलन करते हैं. इस प्रक्रिया में वैज्ञानिकों को22प्रमुख क्षेत्रों और174उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है.पूर्व निदेशक समेत कई प्रमुख शिक्षाविद शामिलइस प्रतिष्ठित सूची में आईआईटी पटना के पूर्व निदेशक प्रो. टीएन सिंह, प्रशासन के डीन और भौतिकी विभाग के प्रो. अवधेंद्र कुमार ठाकुर तथा भौतिकी विभाग के प्रमुख प्रो. नवीन कुमार निश्चल शामिल हैं.इसके अलावा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरजीत कुमार पाल, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋचा चौधरी और गणित विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभामय दास को भी यह उपलब्धि मिली है. कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीपर्णा साहा भी सूची में शामिल हैं.इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञों ने भी संस्थान का मान बढ़ाया है. इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. अनिर्बान भट्टाचार्य, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. महेशकुमार एच. कोलेकर और इसी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजन कुमार बेहरा शामिल हैं.आईआईटी पटना के विभिन्न विभागों के शिक्षाविदों का चयन विज्ञान, तकनीक और अंतरविषयक शोध के क्षेत्र में संस्थान की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है. यह उपलब्धि संस्थान की अकादमिक प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय शोध जगत में उसकी पहचान को और मजबूती प्रदान करती है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र गौंड की प्रेरणा से आज आदिवासी समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में राजद की सदस्यता ग्रहण की. इस अवसर पर सदस्यता लेने वालों में विमलेश गोंड, प्रेम गोंड, छठी लाल गोंड सहित बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने राजद की सदस्यता ग्रहण की, इनके अलावा विमलेश पाठक, राम नरेश राय ने भी अपने समर्थकों के साथ राष्ट्रीय जनता दल की सदस्यता ग्रहण की. ‌‌ राजद नेता एजाज अहमद ने बताया कि प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने राजद की सदस्यता रसीद देकर आदिवासी समाज के नेताओं के साथ उनके समर्थकों को राजद की सदस्यता ग्रहण करवाई और सभी को पार्टी का प्रतीक चिह्न हरा गमछा और लालू जी के संघर्ष और योगदान पर लिखी गई गोपालगंज टू रायसीना पुस्तक देकर सभी को सम्मानित किया. इस अवसर पर राजद नेता संजय यादव, निर्भय कुमार अंबेडकर,भाई अरुण कुमार, गणेश कुमार यादव सहित अन्य गणमान्य नेता उपस्थित थे. इस अवसर पर रणविजय साहू ने कहा कि लालू जी के विचार और तेजस्वी जी के कार्यों से प्रभावित होकर गरीब, शोषित, वंचित एवं आदिवासी लगातार राजद की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं. समाजिक न्याय की धारा को सरजमीन पर उतार कर राजद ने हर वर्गों को मान सम्मान दिया है.
Patna : पटना हाईकोर्ट ने भी जीवनसाथी के खेल पर बडी हैरानी जताई. ये मामला फ्रॉड दारोगा,नकली वर्दी और शादी का जाल बुनने का है जो बिहार के सहरसा से सनसनीखेज मामला सामने आया है. ये मामला शादी डॉट कॉम जैसे मैट्रिमोनी प्लेटफॉर्म पर खुद को बिहार पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर एक शख्स ने ऐसी ठगी की कि लड़की वालों के होश उड़ गए.इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी के परिवार वालों को बड़ी राहत दी है.आरोपी अमित कुमार राय ने'जीवांसथी डॉट कॉम'पर खुद को कुंवारा और बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बताकर मौसम राज (शिकायतकर्ता) को अपने जाल में फंसाया. दोनों ने 22 जून,2022 को समस्तीपुर के विद्यापति धाम मंदिर में शादी रचाई.शादी के नाम पर शगुन,होटल बुकिंग और ज्वैलरी के बहाने कुल 36,56,251 रुपये और कीमती सामान ऐंठ लिए गए. शादी के बाद अमित अपनी नई नवेली दुल्हन को घर ले जाने के बजाय पटना के एक होटल में दो महीने तक छिपाकर रखता रहा. उसने बहाना बनाया कि घर में उसकी चाची की मौत हो गई है. असली ड्रामा तब शुरू हुआ,जब दिसंबर 2022 में अमित के माता-पिता और उसकी पहली पत्नी होटल पहुंचे. उन्होंने पोल खोल दी कि अमित पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं,साथ ही वह कोई दरोगा-वरोगा नहीं है. इस मामले में निचली अदालत ने ससुर इंद्रजीत राय (जो खुद झारखंड मेंASIहैं),सास और पहली पत्नी के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया था और डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी. लेकिन पटना हाईकोर्ट की जस्टिस सोनी श्रीवास्तव ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के परिवार वालों को बड़ी राहत दी है.हाईकोर्ट ने साफ कहा कि मुख्य आरोपी अमित कुमार राय ने फर्जीवाड़ा किया है. सिर्फ रिश्तेदार होने या शादी में मौजूद रहने से परिवार वालों पर धारा 494 या 495 (शादी के दौरान दूसरी शादी छिपाना) का मामला नहीं बनता. ससुर (इंद्रजीत राय) के वकील ने कोर्ट में झारखंड पुलिस का अटेंडेंस रजिस्टर पेश किया,जिससे साबित हुआ कि शादी के दिन (22 जून,2022) वे झारखंड में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे. कोर्ट ने माना कि मुख्य आरोपी अमित से खुन्नस निकालने और झारखंड में सरकारी नौकरी कर रहे उसके पिता को फंसाने के लिए परिवार वालों को इस मामले में जबरन घसीटा गया है. पटना हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को पूरी तरह खारिज और रद्द कर दिया है,जिसमें परिवार वालों पर संज्ञान लिया गया था और उनकी डिस्चार्ज याचिका ठुकरा दी गई थी. कोर्ट ने माना कि परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई करना कानून का दुरुपयोग है.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
खगड़िया में आस्था और भक्ति की अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहां एक श्रद्धालु ने अपनी छाती पर कलश स्थापित किया है। बताया जा रहा है कि मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु ने लगातार पांच साल तक कलश स्थापित करने का संकल्प लिया है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मनोकामना की पूर्ति, परिवार की सुख-समृद्धि और देवी-देवताओं के प्रति आस्था व्यक्त करने के लिए संकल्प लेते हैं। कई श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर पूजा-पाठ, व्रत और विशेष धार्मिक अनुष्ठान करने का प्रण लेते हैं।नीरज का कहना है कि माता रानी ने उनकी हर मन्नत पूरी की है, इसलिए उन्होंने पांच वर्षों तक हर शारदीय नवरात्र पर छाती पर कलश स्थापित करने का संकल्प लिया है। इस अद्भुत भक्ति को देखने के लिए गांव के मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।खगड़िया से स्वतंत्र की रिपोर्ट
पटना : बिहार में पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस मुख्यालय की समीक्षा रिपोर्ट में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई है. क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) पर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ), सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्षों और अनुसंधान पदाधिकारियों की उदासीनता उजागर हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन प्रणाली के प्रभावी इस्तेमाल में कमी के कारण पुलिस के कामकाज और मामलों की डिजिटल निगरानी प्रभावित हो रही है.समीक्षा में यह भी सामने आया है कि सर्किल इंस्पेक्टर और पर्यवेक्षी पदाधिकारियों के कार्यालयों में कई जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है. वर्ष2023से अब तक दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया पर इसका असर पड़ा है. थानाध्यक्षों की ओर से अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मियों के कार्यों की नियमित निगरानी नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं.पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधान पदाधिकारी से लेकर डीएसपी रैंक तक के लापरवाह अधिकारियों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करने की जरूरत बताई है. एसएसपी और एसपी कार्यालयों की अपराध शाखाओं के अधिकारियों के अनुसंधान में सीमित योगदान पर भी चिंता जताई गई है. क्षेत्रीय अधिकारियों को सीसीटीएनएस का काम तेज करने और मासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया है.ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने में जमुई-गया आगेसीसीटीएनएस की जनवरी से सितंबर2026तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिकी, आरोप-पत्र और अंतिम रिपोर्ट अपलोड करने में जमुई, गया, शेखपुरा, बेगूसराय और पूर्णिया शीर्ष पांच जिलों में शामिल हैं. इसके विपरीत रेल मुजफ्फरपुर, रेल जमालपुर, किशनगंज, शिवहर और सारण का प्रदर्शन सबसे खराब रहा. पटना में भी कामकाज संतोषजनक नहीं पाया गया.रिपोर्ट में स्टेशन डायरी, आरोप-पत्र और अंतिम रिपोर्ट अपलोड करने में हाल के महीनों में सुधार दर्ज किया गया है. निर्धारित60 से90 दिनों के भीतर मामलों के निष्पादन में भी वृद्धि हुई है. हालांकि, पुलिस मुख्यालय ने डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और निगरानी व्यवस्था में और सुधार की आवश्यकता जताई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
लखीसराय:मां के दरबार में कोई अपनी खुशियों के लिए प्रार्थना करता है, तो कोई जीवन की मुश्किलों से लड़ने की शक्ति मांगता है. आस्था का यही पवित्र भाव बिहार के लखीसराय जिले के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों "बड़ी दुर्गा मंदिर" और "बड़हिया के महारानी स्थान" में देखने को मिलता है. ये दोनों धाम केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यहां कदम-कदम पर चमत्कार, पीढ़ियों से चली आ रही परंपराएं और अटूट विश्वास बसता है. एक ओर बड़ी दुर्गा मंदिर अपने चमत्कारों और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल के लिए जाना जाता है, तो दूसरी ओर महारानी स्थान का सीधा संबंध जम्मू की मां वैष्णो देवी से है. दोनों मंदिरों की अपनी अलग और अद्भुत कहानी है, लेकिन दोनों को जोड़ता है मां के प्रति भक्तों का वह विश्वास, जो पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ता रहा है.बड़ी दुर्गा मंदिर, जहां आस्था, चमत्कार और सामाजिक सौहार्द का है अद्भुत संगमलखीसराय शहर के नया बाजार में स्थित श्री1008बड़ी दुर्गा स्थान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यह स्थान चमत्कारों से भरा है. यहां की मान्यता है कि मेखन लहरी जी के स्वप्न में साक्षात मां दुर्गा आई थीं और उनसे कहा था कि पीपल के पेड़ के नीचे मेरी आराधना करो. तब से लेकर आज तक नवरात्रि में मां की प्रतिमा पूरे विधि-विधान से यहां विराजमान होती है.इस मंदिर की सबसे अनोखी बात मां की आरती से जुड़ी है. पिछले47सालों से यहां एक ही प्राचीन तांबे की थाली से मां की आरती उतारी जा रही है. मंदिर के लोगों ने जब कभी थाली बदलने का प्रयास किया, तो मां ने किसी और थाली को स्वीकार ही नहीं किया, जो अपने आप में एक बड़ा चमत्कार माना जाता है. इसके साथ ही पिछले47वर्षों से मंदिर में एक अखंड दीप भी निरंतर जल रहा है. चमत्कारों के अलावा, यह मंदिर सांप्रदायिक सौहार्द की भी जीती-जागती मिसाल है. लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुरानी इस परंपरा में दुर्गा पूजा के दौरान मुस्लिम परिवारों द्वारा शहनाई बजाने की रस्म आज भी निभाई जाती है, जो संस्कृति की एक खूबसूरत तस्वीर पेश करती है.बड़ी दुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य महेंद्र मिश्रा बताते हैं,"यह बड़ी दुर्गा स्थान बहुत प्राचीन है, लगभग डेढ़-दो सौ साल पुराना यह मंदिर है. इसमें जब भी कोई भक्त आते हैं, कोई मुराद लेकर, कोई कामना लेकर, तो निश्चित रूप से वह पूरा होता है." स्थानीय निवासी अभिनव का अनुभव“बड़ी दुर्गा मंदिर हमारे लिए सिर्फ पूजा करने की जगह नहीं है. यहां मां के प्रति लोगों की श्रद्धा के साथ आपसी भाईचारे की परंपरा भी देखने को मिलती है. यही बात इस मंदिर को सबसे खास बनाती है.”महारानी स्थान, बड़हिया, वैष्णो देवी का साक्षात अंश और सांप का जहर उतारने वाला कुआंलखीसराय के बड़हिया स्थित महारानी स्थान (मां त्रिपुर बाला सुंदरी) की मान्यता किसी सिद्ध शक्तिपीठ से कम नहीं है. इस मंदिर का सीधा संबंध जम्मू की मां वैष्णो देवी से है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना खुद पंडित श्रीधर ओझा ने की थी, ये वही संन्यासी बाबा थे जिन्होंने सबसे पहले वैष्णो देवी को पहचाना था.श्रीधर बाबा मूल रूप से बड़हिया के ही निवासी थे. मान्यता है कि एक दिन जब वे गंगा स्नान कर रहे थे, तब मां वैष्णो देवी ने उन्हें अपने ज्वाला रूप में दर्शन दिए और वरदान दिया कि "वो मुझे जहां स्थापित करेंगे, मैं वहीं विराजमान हो जाऊंगी." उस समय बड़हिया घने जंगलों से घिरा हुआ था और वहां सांप-बिच्छुओं का भारी खतरा रहता था. मां के आदेश पर बाबा ने वहां एक कुएं का निर्माण करवाया. यह कुआं आज भी मंदिर परिसर में मौजूद है और कहा जाता है कि इस कुएं के पवित्र पानी से स्नान करने मात्र से जहरीले सांपों का जहर उतर जाता है और हजारों लोगों की जान बच चुकी है.स्थानीय निवासी रोहन का अनुभव“महारानी स्थान की खासियत मां बाला त्रिपुरसुंदरी के प्रति लोगों का अटूट विश्वास है. यहां आकर महसूस होता है कि मंदिर केवल दर्शन की जगह नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, भावनाओं और पुरानी परंपराओं से गहराई से जुड़ा हुआ है.”क्यों खास हैं मां के ये दोनों धाम?एक धाम जहां अपनी 47 साल पुरानी अखंड ज्योति, आरती की थाली और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश करता है, तो दूसरा अपने चमत्कारी कुएं और वैष्णो देवी के साक्षात अंश के रूप में जाना जाता है. लखीसराय के ये दोनों मंदिर यह साबित करते हैं कि आस्था किसी तर्क की मोहताज नहीं होती. यहां सिर्फ पीढ़ियों की विरासत ही नहीं सहेजी जा रही, बल्कि हर साल लाखों लोगों की टूटती हुई उम्मीदों को एक नया सहारा मिल रहा है.
फुलवारी शरीफ (पटना) : बड़ी खबर पटना से है जहां जिले के जानीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसे में महिला होमगार्ड जवान समेत 2 लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर अग्रेतर कार्रवाई में जुट गई.बताया जा रहा है कि सिमरा गांव के पास तेज रफ्तार टैंक लॉरी ने टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद अनियंत्रित लॉरी सड़क किनारे नहर में जा गिरी. हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया. नहर में गिरी टैंक लॉरी को निकालने के लिए दो जेसीबी और दो क्रेन की मदद लेनी पड़ी. घंटों की मशक्कत के बाद लॉरी को बाहर निकाला गया.बेटी से मिलकर लौट रहे थे विजय सिंहजानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार सुबह करीब6:30बजे हुआ. बिक्रम थाना क्षेत्र के हदसार गांव निवासी खदेरन सिंह के पुत्र विजय सिंह अपनी बेटी से मिलने महिला होमगार्ड जवान के साथ फुलवारी शरीफ से बिक्रम गए थे. मंगलवार सुबह विजय सिंह टेंपो से महिला जवान को वापस फुलवारी शरीफ पहुंचाने जा रहे थे. इसी दौरान सिमरा गांव के पास पटना रोड पर टैंक लॉरी ने टेंपो को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो सवार दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई.पुलिस ने की मौत की पुष्टिजानीपुर थानाध्यक्ष सागर कुमार ने हादसे में महिला होमगार्ड जवान समेत दो लोगों की मौत की पुष्टि की. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कराया. नहर में गिरी लॉरी को निकालने के लिए दो जेसीबी और दो क्रेन मंगाई गईं. काफी मशक्कत के बाद लॉरी को बाहर निकाला गया. दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिए गए.परिजनों में मचा कोहरामहादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया. हदसार गांव सहित आसपास के इलाके में शोक का माहौल है. नवरात्र के दौरान हुए इस दर्दनाक हादसे ने परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को छात्र संगठन आइसा के प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरातफरी की स्थिति बन गई, जब जेपी गोलंबर के पास पुलिस की गाड़ी में हिरासत में रखे गए छात्रों के बीच से एक प्रदर्शनकारी गाड़ी की चाबी निकालकर फरार हो गया. घटना के समय पुलिस की मौजूदगी में करीब10छात्र गाड़ी के अंदर हिरासत में रखे गए थे. चाबी निकलने के बाद पुलिस की गाड़ी वहीं खड़ी रह गई.आइसा बिहार की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रद्द करने की मांग को लेकर गांधी मैदान के गेट नंबर10से प्रदर्शन मार्च निकाला गया था. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए. भाकपा माले विधायक संदीप सौरव आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे.प्रदर्शनकारी जब जेपी गोलंबर से आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई. पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लेकर गाड़ियों में बैठाया. इसी बीच एक प्रदर्शनकारी पुलिस की गाड़ी का गेट खोलकर चाबी निकालने में सफल रहा और वहां से भाग निकला.पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवालआइसा के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन घसीटकर गाड़ियों में बैठाया. उन्होंने कहा कि छात्रों को गर्मी में गाड़ी के अंदर बंद रखा गया था. उन्होंने सवाल उठाया कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारी गाड़ी की चाबी लेकर कैसे फरार हो गया.प्रदर्शन के दौरान विधायक संदीप सौरव को भी हल्की चोट लगने की बात सामने आई. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संविधान का अनुच्छेद19नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है. उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया.एसआईआर रद्द करने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांगआइसा की प्रमुख मांगों में एसआईआर प्रक्रिया रद्द करना, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करना शामिल है. संगठन का आरोप है कि एसआईआर के कारण मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं.प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की, छात्रों की हिरासत और पुलिस की गाड़ी से चाबी निकालकर फरार होने की घटना ने पटना में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा पैदा कर दी है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-