
शुक्रवार, 02 अक्टूबर 2026
LivePatna : पटना नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुदृढ़ बनाने तथा नागरिकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए7,500अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी. नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने त्योहारों से पहले सभी75वार्डों में अतिरिक्त100-100नई स्ट्रीट लाइटें लगाने के निर्देश दिये हैं.वार्ड पार्षदों एवं सर्वे के आधार पर स्थल चयननई स्ट्रीट लाइटों के अधिष्ठापन के लिए स्थलों का चयन संबंधित वार्ड पार्षदों से प्राप्त सुझावों एवं नगर निगम द्वारा कराए गए आंतरिक सर्वे के आधार पर किया गया है. इस प्रक्रिया में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है,जहां पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की आवश्यकता है. इससे प्रमुख सड़कों के साथ-साथ आंतरिक गलियों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी रोशनी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी.पुरानी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मती एवं खराब लाइटों को बदलने का कार्य भी जारीनई स्ट्रीट लाइटों के अधिष्ठापन के साथ-साथ पूर्व से स्थापित स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव एवं मरम्मती का कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है. इसके लिए तीन सदस्यीय26टीमें क्षेत्र में सक्रिय हैं,जो खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान कर उन्हें दुरुस्त करने में जुटी है.इन टीमों द्वारा खराब स्विच,वायरिंग एवं अन्य तकनीकी समस्याओं को ठीक कर बंद पड़ी लाइटों को पुनः चालू किया जा रहा है. वहीं,जिन लाइटों की मरम्मती संभव नहीं है,उन्हें बदलकर नई लाइटें लगाई जा रही है. इस कार्य के माध्यम से शहर की मौजूदा प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने के साथ-साथ नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन भी सुनिश्चित किया जा रहा है. पटना नगर निगम द्वारा नई स्ट्रीट लाइटों के अधिष्ठापन एवं पुरानी लाइटों की मरम्मती के जरिए शहर में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं,ताकि त्योहारों के दौरान शहरवासियों को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके.आम जन स्ट्रीट लाइट संबंधी शिकायतों के लिए निगम के कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कर सकते हैं. टोल फ्री नंबर155304एवं वॉट्सऐप चैटबॉट9264447449पर नि:शुल्क शिकायत दर्ज की जा सकती है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
Patna : पटना हाइकोर्ट ने सुखो सदा की हत्या के मामले में भारतीय दण्ड संहिता की धारा302तथा शस्त्र अधिनियम की धारा27के अंतर्गत दोषसिद्ध प्रदीप महतो को बरी कर दिया. इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजय सिंह और जस्टिस अंशुल की खंडपीठ ने सुनवाई कर निर्णय दिया.इस निर्णय की विशेषता यह है कि कोर्ट ने केवल अलग अलग गवाहों की विश्वसनीयता की जांच नहीं की,बल्कि अभियोजन के मामले के मूल स्रोत और एफआईआर की स्वाभाविकता की भी गहराई से जांच की.अभियोजन का मामला था कि प्रदीप महतो ने विवाद के बाद ताड़ के पेड़ के पास सुखो सदा को गोली मार दी. हालांकि,जिन गवाहों को प्रत्यक्षदर्शी के रूप में प्रस्तुत किया गया था,उनमें से कई ने जिरह के दौरान स्वीकार किया कि उन्होंने वास्तव में घटना को घटित होते हुए नहीं देखा था.कोर्ट ने पाया कि सत्तन सदा,अशोक सदा तथा एतवारी सदा के बयान उनके प्रत्यक्षदर्शी होने के दावे का समर्थन नहीं करते थे. यहां तक कि सूचक पवन सदा के प्रत्यक्षदर्शी होने के दावे की भी अन्य गवाहों के बयानों से पुष्टि नहीं हुई.इस निर्णय का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू मृतक की पत्नी खखरी देवी से संबंधित है. साक्ष्य से यह सामने आया कि घटना की सूचना मिलने के बाद वह घटना स्थल पर पहुंची थी और पुलिस द्वारा उसका बयान लिया गया था. लेकिन उसका औपचारिक बयान अभिलेख पर नहीं लाया गया और उसे अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में भी परीक्षित नहीं कराया गया.कोट ने इस महत्वपूर्ण गवाह को प्रस्तुत न किए जाने तथा प्रारंभिक सूचना को दबाए जाने को अभियोजन के मामले के लिए गंभीर महत्व का माना. इसके बाद न्यायालय एफआईआर और इनक्वेस्ट रिपोर्ट की समयावली की जांच की. औपचारिक एफआईआर रात11:00बजे दर्ज की गई बताई गई,जबकि इनक्वेस्ट रिपोर्ट शाम5:45बजे तैयार हो चुकी थी और उसमें पहले से ही एफआईआर का केस नंबर अंकित था.कोर्ट ने पाया कि एफआईआर का केस नंबर औपचारिक एफआईआर दर्ज होने के बाद ही दिया जा सकता था. इस आधार पर एफआईआर कोantedatedमाना. कोर्ट ने यह भी देखा कि घटना लगभग4:00बजे हुई थी,पुलिस घटनास्थल पर ऐसी सूचना के आधार पर पहुंची,जिसे विवेचक ने स्वयं अफवाह के रूप में वर्णित किया,जबकि औपचारिक एफआईआर काफी बाद में दर्ज की गई. इसके अतिरिक्त एफआईआर28मार्च, 2007को मजिस्ट्रेट के पास पहुंची.कोर्ट ने माना कि मृतक की पत्नी के प्रारंभिक बयान को दबाए जाने और इनक्वेस्ट रिपोर्ट केantedatingके साथ इन परिस्थितियों को समग्र रूप से देखने पर एफआईआर से सामान्यतः जुड़ी स्वाभाविकता और तत्क्षणता समाप्त हो जाती है.निर्णय में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा157के अंतर्गतFIRको मजिस्ट्रेट को भेजे जाने में हुई देरी के महत्व पर भी विचार किया गया. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी देरी अपने आप में हमेशा घातक नहीं होती,लेकिनFIRके पंजीकरण और उससे संबंधित दस्तावेजों की तैयारी की अन्य परिस्थितियों के साथ मिलाकर उसका महत्व निर्धारित किया जाना चाहिए.इस प्रकार इस निर्णय की विशेषता न्यायालय का समग्र दृष्टिकोण है. एफआईआर में देरी,मृतक की पत्नी का बयान अभिलेख पर न होना,इनक्वेस्ट रिपोर्ट काantedating,एफआईआर को मजिस्ट्रेट को भेजने में देरी तथा प्रत्यक्षदर्शी साक्ष्य की कमजोरियों को न्यायालय ने अलग अलग तकनीकी त्रुटियों के रूप में नहीं देखा. इन सभी परिस्थितियों को एक साथ रखकर यह जांच की गई कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत एफआईआर वास्तव में घटना की प्रथम और स्वाभाविक सूचना थी या नहीं.समस्त परिस्थितियों के मूल्यांकन के बाद न्यायालय ने अभियोजन के मामले पर गंभीर संदेह पाया और दोषसिद्धि एवं सजा को निरस्त करते हुए प्रदीप महतो को बरी कर दिया.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना के चांदनी मार्केट स्थित एक इलेक्ट्रिक गोदाम में शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे भीषण आग लग गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें तेज होने के कारण दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।जिला फायर ऑफिसर अभिषेक कुमार के मुताबिक, आग बुझाने के लिए मौके पर 15 दमकल गाड़ियों को लगाया गया था। लगातार प्रयास के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। आग की चपेट में आने से गोदाम में रखे इलेक्ट्रिक सामान को नुकसान पहुंचा है। हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।DFO ने बताया कि शुरुआती जांच में गोदाम में अग्नि सुरक्षा से जुड़े पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए हैं। पूरे मामले का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट
Patna : पटना में जीविका कार्यक्रम के20वर्ष पूरे होने के अवसर पर जेडीयू प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में‘नीतीश संवाद-जीविका के20साल बेमिसाल’कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. गांधी जयंती के अवसर पर नीतीश कुमार समेत पार्टी नेताओं ने महात्मा गांधी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया.कार्यक्रम में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि2006में विश्व बैंक की सहायता से जीविका कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी. उन्होंने कहा कि इस पहल ने बिहार की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया. संजय झा ने महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में नीतीश कुमार की नीतियों का उल्लेख किया.स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि जीविका महिलाओं के सम्मान,समृद्धि और सशक्तीकरण का उदाहरण बन चुका है. उनके अनुसार जीविका से जुड़ी महिलाएं कृषि,पशुपालन,दुग्ध उत्पादन,हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है.जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि20वर्ष पहले शुरू हुई जीविका आज बड़े नेटवर्क का रूप ले चुकी है. उन्होंने बताया कि इससे1करोड़88लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना,साइकिल योजना,पोशाक योजना और महिला उद्यमी योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया.पार्टी के अनुसार बिहार के सभी38जिलों में भी‘नीतीश संवाद’कार्यक्रम आयोजित किया गया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके 7,सर्कुलर रोड स्थित आवासीय कार्यालय में ग्रामीण चिकित्सा सेवा समन्वय समिति पटना,बिहार के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास सिंह एवं सचिव विनोद कुमार जया के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार को एक ज्ञापन सौंपा और प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सक को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में सेवा में लिये जाने की मांग उनके समक्ष रखी. इस दौरान विधान परिषद् में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ एवं मुख्य सचेतक संजय गांधी एवं पार्टी नेता लोक प्रकाश सिंह मौजूद रहे. समिति की ओर से सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि बिहार के हजारों ग्रामीण चिकित्सकों ने विभाग से विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त कर उसे सफलतापूर्वक पूरा किया है. कोविड-19 महामारी के दौरान इन प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों ने संक्रमण का जोखिम उठाते हुए गांव-गांव में मरीजों की सेवा की तथा गरीब,ग्रामीण एवं आम लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पत्र में यह भी बताया गया है कि 22 दिसंबर 2024 एवं 26 जून 2025 को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बापू सभागार एवं ज्ञान भवन,पटना में 5,500 प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया. समिति ने नीतीश कुमार जी से आग्रह किया है कि प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अंतर्गत उचित एवं सुनिश्चित मानदेय पर सेवा में लेने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक पहल की जाए. समिति का कहना है कि इन प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सकों की सेवाओं का उपयोग आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में किया जा सकता है. इससे एक ओर प्रशिक्षित चिकित्सकों को सेवा का अवसर मिलेगा,वहीं दूसरी ओर ग्रामीण एवं जरूरतमंद आबादी तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत किया जा सकेगा. वहीं नीतीश कुमार ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना एवं तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए सरकार के समक्ष आग्रह करने का आश्वासन दिया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
दरभंगा: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को बिहार के दरभंगा पहुंचे. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के बीच केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने गांधी जयंती के दिन दिल्ली में आम लोगों की आवाजाही और मेट्रो सेवा को लेकर सवाल उठाए. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और जंतर-मंतर समेत मध्य दिल्ली के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है.पप्पू यादव ने कहा कि गांधी जयंती के दिन दिल्ली में 11 घंटे के लिए मेट्रो के कई स्टेशनों के प्रवेश और निकास बंद किए गए हैं. उन्होंने इसे आम आदमी की आजादी और आवाजाही से जोड़ते हुए दिल्ली सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजधानी में आम लोगों और बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल हैं. सांसद ने चुनावी प्रक्रिया और मताधिकार को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी के वोट के अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उस व्यक्ति पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा के साथ अविलंब फांसी हो.पप्पू यादव ने राहुल गांधी औरINDIAगठबंधन के नेताओं द्वारा उठाए जा रहे'वोट चोरी'के मुद्दे का भी जिक्र किया. उन्होंने फॉर्म-7 औरTCSसे जुड़े कथित सॉफ्टवेयर सहयोग को लेकर सवाल उठाते हुए जांच और जवाबदेही की मांग की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को उठा रहे हैं. पप्पू यादव ने दावा किया कि इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं. इस देश के आजादी के लिए राहुल गांधी संकल्पित पप्पू यादव जैसे लोग मरने और लड़ने को तैयार हैं.दरभंगा से गिरीश कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके तैल चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की.इस अवसर पर स्पीकर ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी और सेवा के मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था. सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और ऐतिहासिक नेतृत्व प्रदान किया. उनके विचार और जीवन-मूल्य आज भी सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत हैं. पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया. उनका जीवन देश के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है.उन्होंने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए हमें राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करना चाहिए.इस अवसर पर बिहार विधान सभा के प्रभारी सचिव संजय कुमार सिंह सहित सभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे.पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट-
पटना के चांदनी मार्केट में शुक्रवार को भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। चांदनी मार्केट पटना जंक्शन के नजदीक स्थित है और इसे शहर के प्रमुख इलेक्ट्रिक सामान के बाजारों में गिना जाता है।आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को जानकारी दी गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया गया। दमकल कर्मियों की टीम आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी है।फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान का स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। आग की लपटों और धुएं के कारण आसपास के इलाके में भी लोगों के बीच दहशत का माहौल है। प्रशासन और दमकल विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
Patna : पटना हाईकोर्ट ने बिहार में खनन पट्टों की नीलामी और लेटलतीफी के खेल पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है. जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की खंडपीठ ने खनन टेंडरों में पारदर्शिता लाने और सरकारी विभागों की हीलाहवाली खत्म करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शेखपुरा जिले के स्टोन ब्लॉक नंबर 27 की नीलामी वर्ष 2017 में हुई थी,जिसमें मेसर्स बालाजी एंटरप्राइज सबसे बड़ी बोलीदाता बनकर उभरा. लेकिन,जिला प्रशासन और खान विभाग द्वारा जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में सही'जियो-कोऑर्डिनेट्स' (अक्षांश और देशांतर / )न दिए जाने के कारण कंपनी को एनवायरनमेंट क्लीयरेंस मिलने में देरी हो गई. इसके बावजूद,शेखपुरा के डीएम ने देरी का ठीकरा ठेकेदार पर फोड़ते हुए लेटर ऑफ इंटेंट रद्द कर दिया और ज़मानत राशि के ₹2.90 करोड़ जब्त कर लिए. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि इस देरी के लिए केवल ठेकेदार नहीं,बल्कि सरकारी तंत्र भी बराबर का जिम्मेवार है. कोर्ट ने सरकार द्वारा जब्त किए गए ₹2.90 करोड़ वापस करने का आदेश दिया और साथ ही इस राशि पर 12% सालाना ब्याज भी देने का निर्देश दिया. सरकार को इस ब्लॉक के लिए नया टेंडर निकालने से पहले यह राशि चुकानी होगी और पीड़ित ठेकेदार को नए टेंडर में भाग लेने से नहीं रोका जा सकता.हाईकोर्ट की 7'गोल्डन गाइडलान्स'खनन टेंडरों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट ने राज्य सरकार और मुख्य सचिव को कड़े नियम लागू करने का आदेश दिया है.खनन ब्लॉक के टेंडर नोटिस जारी करते ही जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) सार्वजनिक करनी होगी. डीएसआर में हर ब्लॉक के सटीक जियो-कोऑर्डिनेट्स दर्ज होने अनिवार्य हैं. नीलामी के 15 दिनों के भीतर'Letter of Intent'जारी करना होगा. माइनिंग प्लान एलओएल मिलने के 15 दिनों के भीतर सफल बोलीदाता को माइनिंग प्लान देना होगा. माइनिंग प्लान जमा होने के अगले 15 दिनों के भीतर विभाग को इसे मंजूरी देनी होगी. मंजूरी के 7 दिनों के भीतरSEIAAमें आवेदन करना होगा. यदि सरकारी विभाग दस्तावेज मुहैया कराने में देरी करते हैं,तो इसे सरकार की नाकामी माना जाएगा और सरकार को हर्जाना भरना पड़ेगा. हाईकोर्ट के इस फैसले से जहां एक तरफ लालफीताशाही पर लगाम लगेगी,वहीं दूसरी तरफ पारदर्शी प्रक्रिया से राज्य के राजस्व को भी नुकसान से बचाया जा सकेगा.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में आपातकालीन पुलिस सहायता व्यवस्था डायल-112 को और मजबूत करने की तैयारी है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद डायल-112 पर किसी वारदात या आपात स्थिति की सूचना मिलते ही संबंधित जिले केSPऔरSDPOको भी तत्काल अलर्ट मिल सकेगा. इसके लिएERSSकी ओर से जिलों केSPऔरSDPOको टैब उपलब्ध कराने तथा सिस्टम का सर्वर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है.फिलहाल डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद शिकायतकर्ता की लोकेशन के आधार पर सबसे नजदीकी 112 वाहन को टैग किया जाता है. सूचना संबंधित वाहन और थानाध्यक्ष तक पहुंचती है. नई व्यवस्था में यही अलर्टSPऔरSDPOतक भी पहुंचेगा.SPअपने जिले में चल रहे सभी 112 वाहनों की लोकेशन की निगरानी कर सकेंगे. यह भी पता चलेगा कि वाहन घटनास्थल के लिए रवाना हुआ या नहीं और मौके पर पहुंचा या नहीं. किसी तरह की दिक्कत होने पर वरिष्ठ अधिकारी तत्काल समन्वय कर सकेंगे.इसके अलावा हर जिले में डायल-112 जिला समन्वय केंद्र खोलने की तैयारी है,जहांDSPरैंक के अधिकारी तैनात होंगे. सरकारी बसों में लगे पैनिक बटन को भी डायल-112 से जोड़ने का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजा गया है.वहीं हाईवे की 1033 और रेलवे की 139 हेल्पलाइन को भी डायल-112 से इंटीग्रेट करने की योजना है. उद्देश्य अलग-अलग माध्यमों से मिलने वाली आपात सूचनाओं को एकीकृत सिस्टम के जरिए नजदीकी पुलिस टीम तक तेजी से पहुंचाना है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
दिवाली और छठ पर्व पर बिहार आने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। पर्व के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए 10 अक्टूबर से बिहार के लिए 200 स्पेशल बसें चलाने की योजना है। बिहार राज्य परिवहन निगम की वेबसाइट पर ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी शुरू हो चुकी है।शुरुआत में पांच राज्यों से बिहार के बीच बसों का परिचालन किया जाएगा। दिल्ली से 40, पश्चिम बंगाल से 40, उत्तर प्रदेश से 60, जबकि हरियाणा और झारखंड से 30-30 स्पेशल बसें बिहार आएंगी।पटना पहुंचने वाली इन बसों के लिए पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, गांधी मैदान और फुलवारीशरीफ में ठहराव की व्यवस्था होगी। इसके अलावा जीपीओ के पास बने मल्टी मॉडल हब पर भी बसें रुकेंगी।त्योहार के दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने पर भी सख्ती की जाएगी। परिवहन विभाग की ओर से स्पेशल बसों की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। अधिक किराया वसूलने वाले संचालकों पर जुर्माने के साथ रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।हर साल दिवाली और छठ के दौरान दूसरे राज्यों में रहने वाले बड़ी संख्या में लोग बिहार लौटते हैं। ट्रेनों में टिकट की उपलब्धता और अत्यधिक भीड़ की स्थिति में ये स्पेशल बसें यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएंगी।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
खगड़िया: बिहार में MLC चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच जेडीयू विधायक अनंत सिंह के रुख पर मंत्री मदन सहनी ने प्रतिक्रिया दी है। खगड़िया में आयोजित ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव के समय कोई न कोई अपना बेगाना हो जाता है, लेकिन इसका चुनाव परिणाम पर असर नहीं पड़ता।मंत्री मदन सहनी ने दावा किया कि NDA सभी आठ MLC सीटों पर चुनाव जीतने की स्थिति में है और गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। अनंत सिंह द्वारा जेडीयू प्रत्याशी के बजाय दूसरे उम्मीदवार के समर्थन के बीच उनका यह बयान सामने आया है।खगड़िया में ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ के तहत ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका समूह से जुड़ी महिलाएं शामिल हुईं। आयोजन का फोकस जीविका के दो दशक के सफर और महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक बदलाव पर रहा।मदन सहनी ने इस दौरान इंडिया गठबंधन के नेताओं पर भी निशाना साधा और आगामी चुनाव को लेकर NDA की एकजुटता का दावा किया।खगड़िया से स्वतंत्र की रिपोर्ट
पटना : सारण जिले के विभिन्न प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में बाढ़ प्रभावित लोगों को त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं. आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव संसाधनों की तैनाती एवं उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है.बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में प्रवेश करने के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्यों को और गति प्रदान करने के लिए अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें सारण भेजी जा रही है. सारण में पूर्व से एनडीआरएफ की05तथा एसडीआरएफ की03टीम तैनात है. राहत एवं बचाव कार्यों को और सुदृढ़ करने के लिए बेतिया से एनडीआरएफ की03टीम, गोपालगंज से02टीम, भागलपुर से02टीम तथा सुपौल से01अतिरिक्त टीम सारण भेजी जा रही है. इसके अतिरिक्त मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर एवं पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की04टीमें सारण भेजी जा रही है.इस प्रकार सारण जिले में एनडीआरएफ की कुल12टीम तथा एसडीआरएफ की कुल07टीम, अर्थात कुल19टीम, व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई है. पर्याप्त संसाधनों के साथ राहत एवं बचाव कार्यएनडीआरएफ की प्रत्येक टीम में30प्रशिक्षित मानवबल के साथ05बोट, 30लाइफबॉय, 40लाइफ जैकेट, 02डीप डाइव सेट तथा राहत एवं बचाव कार्य से संबंधित अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं. इन संसाधनों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है. सारण में राहत एवं बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ की12टीमों में कुल360प्रशिक्षित मानवबल तैनात हैं. इन टीमों के पास50से अधिक नाव, 480लाइफ जैकेट तथा360लाइफबॉय उपलब्ध हैं.एसडीआरएफ की तैनात की जा रही टीमों में भी पर्याप्त मानवबल एवं बोट उपलब्ध हैं. आज भेजे जा रहे दरभंगा एसडीआरएफ टीम में20मानवबल एवं04बोट, मधुबनी टीम में20मानवबल एवं06बोट, समस्तीपुर टीम में19मानवबल एवं06बोट तथा पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) की टीम में18मानवबल एवं06बोट शामिल हैं. इस प्रकार, एसडीआरएफ की टीमों के कुल140से अधिक प्रशिक्षित मानवबल तथा36से अधिक बोट राहत एवं बचाव कार्य में तैनात हैं. एयर ड्रॉप के माध्यम से भी पहुंचाई जा रही राहत सामग्रीबाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से अब तक3,000से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जा चुके हैं. शाम तक5000से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जाएंगे.इसके अतिरिक्त अन्य जिलों से भी सारण के लिए बड़ी मात्रा में राशन पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. पटना से10,000, सिवान से15,000, भोजपुर से5,000, बक्सर से5,000तथा वैशाली से5,000राशन पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इस प्रकार विभिन्न जिलों से कुल40,000राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं. 75,000 पॉलिथीन शीट भी उपलब्ध कराई जा रहीबाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों से कुल75,000पॉलिथीन शीट सारण भेजी जा रही है. इनमें दरभंगा से25,000, मधुबनी से20,000, सीतामढ़ी से15,000तथा समस्तीपुर से15,000पॉलिथीन शीट शामिल हैं.जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री के वितरण, बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता की लगातार निगरानी की जा रही है. बाढ़ की स्थिति एवं आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती तथा राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार आपदा प्रबंधन विभाग बाढ़ पीड़ितों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने हेतु दृढ़ संकल्पित तथा प्रतिबद्ध है. किसी भी आपातकालीन स्थिति में राज्य के आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के टोल फ्री नंबर 1070 पर सम्पर्क करें.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
गयाजी- पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं के मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ गया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड के पास एक मकान में छापेमारी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इनके पास से करीब 44 मोबाइल फोन, 24 हजार रुपये नकद और हथौड़ी, प्लास व चाकू समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैंगया के वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले छह-सात दिनों से मेला क्षेत्र में मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद विशेष टीम गठित कर संदिग्धों की पहचान शुरू की गई. मेला क्षेत्र में लगाए गए 500 से अधिक CCTV कैमरों के साथ पहली बार AI तकनीक की भी मदद ली गई. AI के जरिए संदिग्धों के मूवमेंट, कपड़े और रूट की जानकारी जुटाई गईपुलिस के अनुसार पहले धनबाद निवासी पप्पू दत्ता को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से 6 मोबाइल मिले थे, उससे मिले सुराग और तकनीकी जांच के आधार पर 7 आरोपियों तक पुलिस पहुंची. सभी आरोपी असम के बताए जा रहे हैं और संगठित तरीके से मोबाइल चोरी करते थेपुलिस ने बताया कि बरामद मोबाइलों के IMEI और शिकायतों के आधार पर वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें मोबाइल वापस किए जाएंगे. बाहर जा चुके श्रद्धालुओं को मोबाइल कोरियर से भेजने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. वहीं मकान मालिक के खिलाफ भी सत्यापन नहीं कराने को लेकर कार्रवाई की जा रही हैगयाजी से प्रदीप कुमार सिंह की रिपोर्ट
हाजीपुर के महुआ-समस्तीपुर मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। तीसीऔता थाना क्षेत्र में ट्रक और सीएनजी टेंपो की जोरदार टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। हादसा रात करीब एक बजे हुआ। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।जानकारी के अनुसार, सीएनजी टेंपो में कुल सात लोग सवार थे। सभी हरियाणा से मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। हादसे में तीसीऔता थाना क्षेत्र के डभइत गांव निवासी 25 वर्षीय अमरजीत मांझी की मौत हो गई। अमरजीत पांच भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में तीन साल की बेटी है और करीब 15 दिन पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।घायलों में शंभू मांझी, सुकुल मांझी, नीतीश कुमार और टेंपो चालक लक्ष्मण राय समेत पांच लोग शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क किनारे एक ट्रक का पिछला पहिया बदला जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे टेंपो ने ओवरटेक करने का प्रयास किया। तभी सामने से आ रहे दूसरे ट्रक ने टेंपो को चपेट में ले लिया। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की अभी पुष्टि नहीं की है।सूचना मिलते ही तीसीऔता थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मौके पर खड़े ट्रक को जब्त कर लिया है और हादसे की जांच शुरू कर दी है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: जनसेवा एक्सप्रेस के सामान्य कोच में यात्रियों को सांप दिखाकर पैसे मांगना 6 सपेरों को भारी पड़ गया. रेलमदद पर मिली शिकायत के बाद आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए सभी छह लोगों को दिघवारा स्टेशन पर ट्रेन से उतार लिया. मामला पूर्व मध्य रेल के सोनपुर मंडल से जुड़ा है.जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या14618जनसेवा एक्सप्रेस में यात्रियों के बीच सांप दिखाकर पैसे मांगने की शिकायत रेलमदद के माध्यम से मिली थी. शिकायत मिलने के बाद दिघवारा स्थित आरपीएफ सोनपुर आउटपोस्ट के उपनिरीक्षक शमशेर कुमार और सहायक उपनिरीक्षक विजय कुमार ने ट्रेन की निगरानी शुरू की.छपरा स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद सामान्य कोच की जांच के दौरान छह लोग यात्रियों के बीच सांप दिखाकर पैसे मांगते मिले. आरपीएफ ने तत्काल उन्हें ऐसा करने से रोका और ट्रेन के अगले निर्धारित ठहराव दिघवारा स्टेशन पर सभी छह लोगों को उतार लिया.पूछताछ के दौरान पकड़े गए लोगों ने अपने नाम और पते की स्पष्ट जानकारी नहीं दी. उन्होंने निवास स्थान को लेकर अलग-अलग जानकारी दी, जिसमें लखनऊ और हिमाचल प्रदेश का भी उल्लेख किया गया. इसके बाद आरपीएफ ने उनके बताए नाम-पते का सत्यापन शुरू कर दिया है.रेलवे ने मामले की जानकारी वन विभाग को भी दी है. संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन में सांप दिखाकर पैसे मांगने या ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी तत्काल रेलमदद अथवा आरपीएफ को दें. समय पर सूचना मिलने से ऐसी गतिविधियों पर कार्रवाई की जा सकती है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट—
मोतिहारी: इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के मोतिहारी से है जहां पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट नुनिया टोली में जितिया स्नान करने के दौरान पोखर में डूबने से चार बच्चियों की मौत हो गई.घटना के बाद सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर अग्रेतर कार्रवाई में जुट गई है. बताया जा रहा है कि पहाड़पुर थाना क्षेत्र के बनकट नुनिया टोली में शुक्रवार को 4 बच्चियां जितिया के लिए पोखर में नहाने गई थी. इसी दौरान पोखर में 4 बच्चियां डूब गई. घटना के बाद लोगों ने चारों शव को पोखर से निकाला. घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया. घटना की सूचना मिलते ही पहाड़पुर पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर मृत 4 बच्चियों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में जुट गई है. कहा जा रहा है कि मृतकों में दो एक ही परिवार के हैं. वहीं दो अलग अलग परिवार के बताये जा रहे हैं.मोतिहारी से अमित कुमार की रिपोर्ट-
Patna : पटना हाईकोर्ट की एक पीठ ने राष्ट्रीय राजमार्ग-82 (NH-82) के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि के मुआवजे से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में बड़ा आदेश सुनाया है. कोर्ट ने एकल पीठ द्वारा दिए गए उस आदेश के एक हिस्से को रद्द कर दिया है,जिसमें 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ पंचाट को लागू करने का निर्देश दिया गया था. ये गया और नवादा जिले में एन एच-82 के चार लेन निर्माण के लिए वर्ष 2014 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी. याचिकाकर्ताओं (शिव शंकर प्रसाद व अन्य) की 2.8676 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी. भू-अर्जन विभाग ने इसे कृषि भूमि मानकर मुआवजा तय किया था,लेकिन भूमि स्वामियों का दावा था कि यह व्यावसायिक व आवासीय (विकासशील) प्रकृति की भूमि है. विवाद बढ़ने पर तत्कालीन अपर समाहर्ता गया को मध्यस्थ नियुक्त किया गया,जिन्होंने 4 अगस्त,2018 को जमीन को'विकासशील'मानते हुए पंचाट पारित किया. हालांकि,इससे पहले केंद्र सरकार ने 21 जून,2018 को एक नई अधिसूचना जारी कर प्रमंडलीय आयुक्त को मध्यस्थ नियुक्त कर दिया था.इसके आधार पर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के उप महाप्रबंधक ने एक पत्र जारी कर अपर समाहर्ता के आदेश को वापस लेने और मामला नए मध्यस्थ को भेजने को कहा था. जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस राणा विक्रम सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया किया कि प्रशासनिक आदेश से पंचाट रद्द नहीं हो सकता है. कोर्ट ने माना कि 21 जून,2018 की अधिसूचना भविष्य के मामलों के लिए था औरBSRDCLके उप महाप्रबंधक द्वारा जारी पत्र गलत था. एकल पीठ द्वारा इस पत्र को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा गया है. हाईकोर्ट ने पाया कि अपर समाहर्ता (मध्यस्थ) ने पंचाट पारित करते समय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3G(7) के तहत आवश्यक कानूनी बिंदुओं (जैसे- अधिसूचना की तारीख पर बाजार मूल्य,भूमि विभाजन से हुआ नुकसान आदि) पर उचित विचार नहीं किया था. सुप्रीम कोर्ट के हालिया न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि चूंकि अधिग्रहण 1 जनवरी,2015 से पहले का है,इसलिए भूमि स्वामी भूमि अधिग्रहण अधिनियम,1894 के प्रावधानों के अनुसार ही सोलेशियम और ब्याज पाने के हकदार हैं. पटना हाइकोर्ट ने सक्षम प्राधिकारी को निर्देश दिया है कि वह तीन महीने के भीतर भूमि (खेसरा नंबर 3243) के मुआवजे की राशि का पुनर्मूल्यांकन करे और 1894 के कानून के अनुसार सोलेशियम व ब्याज का निर्धारण कर भुगतान सुनिश्चित करे.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना: राजधानी पटना मेंNEET-UG 2024प्रश्नपत्र लीक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में53आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल शुरू हो गया है. गुरुवार को ट्रायल के पहले दिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)के महानिदेशक प्रदीप सिंह कारोला ने अदालत में गवाही दी. सीबीआई और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने उनसे पूछताछ की,जिसके बाद उनकी गवाही पूरी हो गई.सुनवाई के दौरान अदालत ने एक आरोपित के खिलाफ आरोप भी तय किया. वहीं,मामले का एक आरोपी अब भी फरार है. अदालत ने उसका मामला अलग करते हुए उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है. मामले में अगली सुनवाई7अक्टूबर को होगी.NEET-UGपरीक्षा5मई2024को देशभर में आयोजित की गई थी. परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद पटना के शास्त्रीनगर थाने में कांड संख्या358/2024के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. शुरुआत में मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंपी गई थी. जांच के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी.सीबीआई ने इस मामले में कुल54लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. सीबीआई की विशेष अदालत ने24सितंबर2026को52आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए थे. अब53आरोपितों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो गई है.अदालत में गवाहों के बयान और साक्ष्यों की जांच के साथ अब मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है. फरार आरोपित के खिलाफ जारी गैरजमानती वारंट के बाद उसकी गिरफ्तारी भी जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-