

रविवार, 08 नवंबर 2026
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जैनामोड़ फोरलेन चौक के पास संचालित हो रहा था अवैध तेल भंडारण का कारोबार,आग लगने से इलाके में मची अफरा-तफरी;पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवालबोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में अवैध तेल कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। जरीडीह थाना क्षेत्र के जैनामोड़ फोरलेन चौक के पास अवैध रूप से संचालित एक तेल डिपो में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक हजार लीटर से अधिक पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल जलकर राख होने की बात कही जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ज्वलनशील पदार्थों के बड़े पैमाने पर भंडारण के कारण आग ने गंभीर खतरे की आशंका पैदा कर दी थी।पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत का आरोपइस घटना के बाद इलाके में अवैध तेल कारोबार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जैनामोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस र प्रशासन की मिलीभगत से क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक अवैध तेल डिपो संचालित हो रहे हैं।उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल से लदे वाहनों से तेल निकालकर इन डिपो में जमा किया जाता है। बाद में इस तेल को कम कीमत पर बेचा जाता है। उनका आरोप है कि यह अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है।एक हजार लीटर से अधिक तेल जलने की बातबताया जा रहा है कि आग की चपेट में आने से एक हजार लीटर से अधिक पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल जलकर नष्ट हो गए। हालांकि, नुकसान की वास्तविक मात्रा और आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।भीड़भाड़ वाले इलाके में अवैध डिपो पर कार्रवाई की मांगजैनामोड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंह ने प्रशासन से क्षेत्र में संचालित सभी अवैध तेल डिपो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाके में पेट्रोल, डीजल और एथेनॉल जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का अवैध भंडारण कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।इस घटना ने जैनामोड़ क्षेत्र में अवैध तेल भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि घटना के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग अवैध तेल कारोबार के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो: सीसीएल के कथारा क्षेत्र स्थित कथारा कोलियरी में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। कथित तौर पर कोयले का विशाल ढेर अचानक धंसने से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में शोक और मातम का माहौल है।कोयले के ढेर में दबे सात लोग,तीन की मौतप्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय ग्रामीणों का एक समूह कथारा कोलियरी के स्टॉक यार्ड में मौजूद था। इसी दौरान अचानक कोयले का एक बड़ा ढेर धंस गया और वहां मौजूद सात लोग इसकी चपेट में आकर मलबे में दब गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद सभी सात लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इस हादसे में पुष्पा देवी (पति गल्लू यादव), कौशल्या देवी (पति विश्वनाथ) और हीरालाल की पत्नी की मौत होने की सूचना है। वहीं, चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी मिली है।रात के 2बजे स्टॉक यार्ड में क्यों मौजूद थे ग्रामीण?इस दर्दनाक हादसे के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि सभी लोग घरेलू उपयोग और जलावन के लिए कोयला चुनने पहुंचे थे। लेकिन सवाल यह है कि आखिर रात के 2 से 2:30 बजे ग्रामीण कोलियरी के स्टॉक यार्ड में क्यों मौजूद थे? क्या वाकई ग्रामीण घरेलू उपयोग के लिए कोयला चुनने गए थे या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी? रात के अंधेरे में स्टॉक यार्ड तक उनकी पहुंच कैसे हुई? वहां सुरक्षा और निगरानी की क्या व्यवस्था थी? इन सवालों के जवाब सामने आना अभी बाकी है।सीसीएल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालप्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे की चपेट में आए सातों लोग सीसीएल के कर्मचारी नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीण बताए जा रहे हैं। ऐसे में कोलियरी के स्टॉक यार्ड में बाहरी लोगों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल घटना की वास्तविक परिस्थितियों, ग्रामीणों के वहां पहुंचने के उद्देश्य और हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। अब देखना होगा कि इस मामले में सीसीएल प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और हादसे की जिम्मेदारी किसकी तय होती है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो के सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट,छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नामांकन प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग कीबोकारो: विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) की ओर से बोकारो के कॉलेजों में स्नातकोत्तर (PG) नामांकन प्रक्रिया पर अचानक रोक लगाए जाने से विद्यार्थियों में भारी नाराजगी है। विश्वविद्यालय के इस फैसले से PG में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे सैकड़ों विद्यार्थियों के सामने आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्णय को छात्र विरोधी बताते हुए नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।PGनामांकन पर रोक से बढ़ी छात्रों की परेशानीविद्यार्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से PG में नामांकन की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अचानक प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों का सवाल है कि जब विश्वविद्यालय की ओर से सीटें बढ़ाने की बात कही जाती है, तो दूसरी तरफ बोकारो में PG की पढ़ाई के अवसर सीमित क्यों किए जा रहे हैं?दूसरे शहरों में पढ़ाई करने की बढ़ेगी मजबूरीछात्रों का कहना है कि यदि बोकारो के कॉलेजों में PG की पढ़ाई के अवसर बंद होते हैं, तो उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ सकता है। इससे विद्यार्थियों के साथ उनके परिवारों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए दूसरे शहरों में रहकर पढ़ाई करना मुश्किल हो सकता है।प्राचार्य से कुलपति के समक्ष मामला उठाने की मांगविद्यार्थियों ने बोकारो स्टील सिटी कॉलेज के मुख्य संरक्षक एवं प्राचार्य से इस मामले को विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति के समक्ष गंभीरता से उठाने की अपील की है। छात्रों की मांग है कि PG नामांकन पर लगाई गई रोक तत्काल हटाई जाए और दाखिले की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए, ताकि किसी भी विद्यार्थी का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो।मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनीछात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही PG नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल विद्यार्थियों की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी है। अब देखना होगा कि BBMKU प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और बोकारो में PG नामांकन को लेकर बनी असमंजस की स्थिति कब तक दूर होती है।बोकारो से संजीव कुमार सिंह की रिपोर्ट
बोकारो जनरल अस्पताल में हंगामा,वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में; SDMने दिए जांच के आदेश,मां और नवजात बच्ची सदर अस्पताल में भर्तीबोकारो: बोकारो जनरल हॉस्पिटल (BGH) एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। इस बार अस्पताल के स्टाफ पर नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर 40 हजार रुपये मांगने और नवजात बच्ची को 2 लाख रुपये में बेचने का ऑफर देने का आरोप लगा है। मामले से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन और बोकारो स्टील प्रबंधन हरकत में आ गया है। चास एसडीएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पीड़ित मां और नवजात बच्ची को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।नॉर्मल डिलीवरी के नाम पर 40हजार मांगने का आरोपपूरा मामला बोकारो के सर्कस मैदान निवासी मनोज कुमार बाउरी से जुड़ा है। उनकी पत्नी सोनी कुमारी 29 अक्टूबर से BGH में भर्ती थीं। परिजनों के मुताबिक, 30 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे सोनी ने नॉर्मल डिलीवरी से एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के पिता मनोज कुमार बाउरी का आरोप है कि डिलीवरी के बाद अस्पताल के स्टाफ ने उनसे 40 हजार रुपये की मांग की। विरोध करने पर कथित तौर पर रकम घटाकर पहले 21 हजार और फिर 15 हजार रुपये बताई गई। मनोज का कहना है कि उन्होंने 10 हजार रुपये जमा भी कर दिए थे, लेकिन इसके बाद फिर से 10 हजार रुपये के लिए फोन कर दबाव बनाया जाने लगा।नवजात बच्ची को 2लाख में बेचने का ऑफर देने का आरोपमामले में सबसे गंभीर आरोप नवजात बच्ची को बेचने के प्रस्ताव को लेकर लगाया गया है। मनोज बाउरी का दावा है कि अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी और तीन नर्सों ने उनकी बच्ची को 2 लाख रुपये में बेचने का ऑफर दिया था। पीड़ित पिता के मुताबिक, अस्पताल के स्टाफ ने उनसे कहा कि वह गरीब हैं और बच्ची का पालन-पोषण नहीं कर पाएंगे। इसलिए बच्ची को 2 लाख रुपये में बेच देना चाहिए। मनोज का आरोप है कि जब उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो बच्ची को छोड़ने और पैसे जमा करने के लिए कहा गया।वायरल वीडियो में महिला ने लगाए गंभीर आरोपइस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। वायरल वीडियो में सोनी कुमारी अस्पताल में बच्चों को बेचने के लिए कागजात तैयार किए जाने की बात कहती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह यह भी दावा करती सुनाई देती हैं कि अस्पताल से पहले भी कई बच्चों को बेचा जा चुका है। वीडियो में सोनी अपने पति से पूछकर बच्ची को बेचने की बात कहने का भी जिक्र करती हैं। साथ ही पति के विरोध के कारण आत्महत्या करने तक की बात कहती दिखाई देती हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।SDMने दिए जांच के आदेश,पुलिस कर रही मामले की पड़तालमामले की गंभीरता को देखते हुए चास एसडीएम प्रांजल ढांडा ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, सेक्टर-4 थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल जांच में इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई है। इधर, पीड़ित मां और नवजात बच्ची को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोकारो स्टील प्रबंधन भी मामले को गंभीरता से ले रहा है। फिलहाल पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है।बोकारो से संजीव सिंह की रिपोर्ट
चास गुरुद्वारा साहिब में73मृतकों के नाम अंकित कर संगत को समर्पित की गई स्मारक दीवार,सतनाम सिंह गंभीर ने पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजा दिलाने की मांग उठाईबोकारोः 1984 के सिख कत्लेआम के जख्म आज भी पीड़ित परिवारों के दिलों में ताजा हैं। चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसी दर्दनाक इतिहास और शहीदों की स्मृतियों को संजोने के उद्देश्य से बोकारो के चास गुरुद्वारा साहिब में एक विशेष पहल की गई है। यहां1984 के सिख कत्लेआम में मारे गए73 लोगों की याद में ‘सच की दीवार’ स्थापित की गई है। इस दीवार पर सभी73 मृतकों के नाम अंकित किए गए हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय को याद रख सकें।गुरुद्वारा साहिब में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान ‘सच की दीवार’ को संगत को समर्पित किया गया। इस अवसर पर गुरुवाणी और कीर्तन के बीच उपस्थित लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का माहौल भावुक रहा और पीड़ित परिवारों के दर्द के साथ न्याय की मांग भी प्रमुखता से उठी।73नामों में दर्ज हैं दर्द और संघर्ष की कहानियांचास गुरुद्वारा साहिब में स्थापित ‘सच की दीवार’ पर अंकित प्रत्येक नाम1984 की हिंसा में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति की स्मृति को समर्पित है। इन नामों के पीछे उन परिवारों की पीड़ा जुड़ी है, जिन्होंने अपने परिजनों को खोया और वर्षों तक न्याय की उम्मीद लगाए रखी।सिख समाज की ओर से इस पहल को शहीदों की स्मृतियों को स्थायी पहचान देने और नई पीढ़ी को उस इतिहास से परिचित कराने की कोशिश बताया गया है।सतनाम सिंह गंभीर ने उठाई न्याय की मांगइस विशेष कार्यक्रम में ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के पूर्वी भारत अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर विशेष रूप से शामिल हुए। वह झारखंड में1984 के सिख कत्लेआम के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों बाद भी प्रभावित परिवार न्याय और उचित मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जब तक पीड़ितों को उनका अधिकार नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष जारी रहना चाहिए।आने वाली पीढ़ियों को इतिहास की याद दिलाएगी ‘सच की दीवार’चास गुरुद्वारा साहिब के अध्यक्ष जसमीत सिंह सोढ़ी ने बताया कि ‘सच की दीवार’ स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य1984 के सिख कत्लेआम में जान गंवाने वाले लोगों की यादों को हमेशा जीवित रखना है।उन्होंने कहा कि दीवार पर अंकित73 नाम आने वाली पीढ़ियों को इतिहास के उस दर्दनाक दौर की याद दिलाते रहेंगे। यह स्मारक उन परिवारों के संघर्ष और पीड़ा का भी प्रतीक है, जो आज तक न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।न्याय,कार्रवाई और मुआवजे की मांगइस अवसर पर सिख समाज ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग उठाई।चास गुरुद्वारा साहिब में स्थापित ‘सच की दीवार’ अब केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उन73 लोगों की स्मृतियों और उनके परिवारों की न्याय की मांग का प्रतीक बन गई है।42 साल का इंतजार, 73 नाम और न्याय की अधूरी उम्मीद। चास गुरुद्वारे की यह दीवार आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाती रहेगी कि इतिहास के दर्दनाक अध्यायों को भुलाया नहीं जाना चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठती रहनी चाहिए।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो: बोकारो जिले के पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया टांड जंगल में एक पेड़ से युवक और विवाहिता का शव लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों के शव एक ही साड़ी के दोनों छोर से बने फंदे से लटके हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।मृतकों की पहचान पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र के धवैया गांव निवासी लालधन मरांडी के अविवाहित पुत्र महादेव मरांडी और गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड अंतर्गत किनिकिरो गांव निवासी मालती देवी के रूप में हुई है। मालती देवी की शादी गणेश मरांडी से हुई थी।बताया जाता है कि मालती देवी सोमवार को अपने ससुराल से निकली थी। इसके बाद वह कहां गई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई थी। इधर, डुमरिया टांड जंगल में दोनों के शव मिलने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय जानकारी के अनुसार, दोनों शवों से तेज दुर्गंध आ रही थी। पुलिस ने प्रारंभिक अनुमान के आधार पर शवों के चार से पांच दिन पुराने होने की आशंका जताई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।घटनास्थल से पुलिस ने एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।बोकारो से संजीव कुमार सिंह की रिपोर्ट
बोकारो: बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्टेशन पहुंची एक मालगाड़ी के पांच वैगनों से आग की लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। अचानक आग लगने की घटना से स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई।घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और बोकारो थर्मल सीआईएसएफ के फायर विभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।जानकारी के अनुसार, मालगाड़ी सीसीएल की कथारा रेलवे साइडिंग से कोयला लेकर बिहार स्थित नबीनगर एनटीपीसी थर्मल पावर प्लांट जा रही थी। इसी दौरान बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के पांच वैगनों में आग लग गई।प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि कथारा सीसीएल के कोल स्टॉक में लगी आग के कारण कोयले से भरे वैगनों में आग लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।गौरतलब है कि इससे पहले भी इस तरह की घटना सामने आ चुकी है। लगातार ऐसी घटनाओं के सामने आने से कोयले के परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।बोकारो से संजीव कुमार सिंह
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 रविवार को राज्य के सभी 24 जिलों के 986 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। पूरे राज्य में जेटेट परीक्षा को लेकर प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में है। राज्य के सभी 986 केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा हो रही है और केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं।बोकारो में 72 केंद्रों पर परीक्षाबोकारो जिले में भी परीक्षा के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले के 72 परीक्षा केंद्रों पर कुल 46,181 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।लातेहार के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में सूचारू ढंग से आरंभ हो गया है। पहली पाली पुर्वाह्न 9:30 से आरंभ हो गयी है। इससे पूर्व परीक्षार्थियों को जारी निर्देश का पालन कराते हुये परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिया गया है। इधर जिला प्रशासन द्वारा सभी सेन्टरों में पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की है। वहीं अनुमंडल दण्डाधिकारी द्वारा परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।गढ़वा में 26 केंद्रों पर परीक्षागढ़वा जिला मे झारखण्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा का परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो रहा है, जिले के 26 परीक्षा केन्द्रों पर संचालित इस परीक्षा की मॉनिटरिंग खुद जिले के डीसी और एसपी कर रहे है।केंद्रों पर धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागूपरीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है, ताकि परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनी रहे।दो पालियों में परीक्षा का आयोजनपहली पाली में कक्षा6से8तक के लिए परीक्षा आयोजित हो रही है। इसके लिए सुबह7:30से9बजे तक रिपोर्टिंग का समय निर्धारित किया गया है, जबकि परीक्षा सुबह9:30से दोपहर12बजे तक चलेगी। वहीं, दूसरी पाली में कक्षा1से5तक के अभ्यर्थियों की परीक्षा दोपहर2बजे से शाम4:30बजे तक आयोजित होगी।सुबह से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिल रही है। लंबे समय बाद जेटेट परीक्षा आयोजित होने से अभ्यर्थियों में खासा उत्साह है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि परीक्षा संपन्न होने के बाद राज्य सरकार जल्द ही शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेगी।वहीं, कुछ अभ्यर्थियों ने झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सीटीईटी और दूसरे राज्यों की तर्ज पर झारखंड में भी साल में कम से कम दो बार परीक्षा होनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े।
आशीर्वाद और चमत्कार के नाम पर महिला को बनाया था शिकार,सोने के जेवर लेकर थमा दिए पीतल के लॉकेट;बालीडीह रेलवे स्टेशन के पास तंबू से पकड़े गए आरोपीबोकारो: झारखंड के बोकारो में साधु का भेष धारण कर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। उन्होंने बीएस सिटी थाना क्षेत्र के कैंप टू निवासी बबीता देवी को आशीर्वाद देने और उनकी परेशानियां दूर करने का झांसा देकर सोने का मंगलसूत्र और कान के टॉप्स ठग लिए थे। पुलिस ने दोनों को बालीडीह रेलवे स्टेशन के पास बने तंबू से गिरफ्तार किया है। उनके पास से ठगी के सोने के आभूषण समेत बड़ी संख्या में पीतल के लॉकेट और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।खाना खाने के बहाने पहुंचे,फिर चमत्कार का दिया झांसाडीएसपी सिटी राजीव रंजन ने बताया कि बीएस सिटी थाना क्षेत्र के कैंप टू निवासी बबीता देवी के घर दो व्यक्ति साधु के भेष में पहुंचे थे। दोनों ने महिला से खाना मांगा। महिला ने उन्हें खाना खिलाया। इसी दौरान बातचीत में महिला ने अपनी परेशानियों का जिक्र किया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने चमत्कार दिखाने और आशीर्वाद के नाम पर महिला को झांसे में लिया। उन्होंने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण लाकर आशीर्वाद लेने को कहा और दावा किया कि ऐसा करने से उनकी सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।सोने के जेवर लेकर थमा दिए पीतल के लॉकेटआरोपियों की बातों में आकर महिला ने अपना सोने का मंगलसूत्र और कान के टॉप्स उन्हें दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने मंगलसूत्र के बदले साड़ी में पीतल के 10 लॉकेट बांधकर महिला को सौंप दिए। साथ ही महिला को हिदायत दी कि वह शाम पांच बजे के बाद ही साड़ी को खोले। शाम को जब महिला ने साड़ी खोली तो उसमें सोने के आभूषण की जगह पीतल के लॉकेट मिले। इसके बाद महिला को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उसने बीएस सिटी थाना में शिकायत दर्ज कराई।बालीडीह स्टेशन के पास तंबू से हुई गिरफ्तारीमामले में पुलिस ने कांड संख्या 234/2026 दर्ज किया। इसके बाद नगर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को बालीडीह रेलवे स्टेशन के पास बने तंबू से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर ठगी के आभूषण और अन्य सामान भी बरामद किए गए।बिहार के गया जिले के रहने वाले हैं दोनों आरोपीगिरफ्तार आरोपियों की पहचान शम्भु लाठौर (करीब30 वर्ष) और गयालाल लाठौर (करीब25 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों बिहार के गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के बेलाडीह गांव के रहने वाले हैं।पुलिस ने आरोपियों के पास से ये सामान बरामद किया है:एक सोने का मंगलसूत्र।एक जोड़ी सोने के कान के टॉप्स।दुर्गा मां के 20पीस पीतल के लॉकेट।हनुमान जी के 20पीस पीतल के लॉकेट।करीब 50रंग-बिरंगे पत्थर।पीतल के 10ताबीज।पीतल की 10अंगूठियां।डीएसपी की लोगों से अपील,ठग साधुओं से रहें सावधानडीएसपी सिटी राजीव रंजन ने लोगों से अपील की है कि साधु के भेष में घूम रहे ठगों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग ठगी के जरिए न केवल आम लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि साधु-संतों के सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के चमत्कार, आशीर्वाद या परेशानी दूर करने के झांसे में आकर अपने कीमती आभूषण और सामान किसी को न सौंपें।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो: नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी भारी गाड़ियों के कारण हो रहे सड़क हादसों को लेकर बोकारो का ट्रैफिक विभाग सख्त हो गया है। रात के समय सड़क किनारे खड़े ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। हाल के दिनों में देर रात हुए दो सड़क हादसों में दो लोगों की मौत के बाद ट्रैफिक विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ चालान काटने के साथ प्राथमिकी दर्ज करने की भी तैयारी की जा रही है।ट्रैफिक डीएसपी और इंस्पेक्टर ने संभाला मोर्चासड़क सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक डीएसपी अजय प्रसाद और ट्रैफिक इंस्पेक्टर खुद सड़क पर उतरकर जांच कर रहे हैं। नेशनल हाईवे के किनारे खड़े भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संबंधित ट्रांसपोर्टरों को चेतावनी दी जा रही है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का चालान काटा जा रहा है।ट्रैफिक विभाग का कहना है कि सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से भारी वाहनों को खड़ा करना दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ाता है। खासकर रात के समय कम दृश्यता के कारण दूसरे वाहन चालकों को सड़क किनारे खड़े वाहनों का समय पर पता नहीं चल पाता, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं।लगातार चालान पर FIR की तैयारीट्रैफिक विभाग अब बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों और ट्रांसपोर्टरों पर सख्ती करने की तैयारी में है। लगातार तीन बार से अधिक चालान होने वाले वाहनों की सूची तैयार की जा रही है। विभाग के अनुसार, ऐसे मामलों में आगे प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध या असुरक्षित पार्किंग पर रोक लगाना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।पार्किंग की व्यवस्था के लिए विभागों को पत्रट्रैफिक डीएसपी अजय प्रसाद के अनुसार, भारी वाहनों की पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को पत्र लिखकर उपयुक्त जगह उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा, नगर निगम क्षेत्र में पार्किंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में भी नगर निगम को पत्र भेजा गया है।हालांकि, ट्रैफिक विभाग का कहना है कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। पर्याप्त पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण भारी वाहन चालकों को परेशानी होती है और कई वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं।दो हादसों में दो लोगों की मौत के बाद बढ़ी सख्तीहाल के दिनों में देर रात हुए दो सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं ने नेशनल हाईवे पर खड़े भारी वाहनों से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को फिर से सामने ला दिया है। ट्रैफिक विभाग के अनुसार, सड़क किनारे खड़े वाहनों की स्थिति और यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं की प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं। ऐसे में वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी जा रही है।सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई जारी रहेगीट्रैफिक विभाग ने स्पष्ट किया है कि नेशनल हाईवे पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे भारी वाहनों को सड़क किनारे असुरक्षित तरीके से खड़ा न करें और निर्धारित पार्किंग व्यवस्था का इस्तेमाल करें।अब देखना होगा कि ट्रैफिक विभाग की सख्ती और पार्किंग स्थल उपलब्ध कराने की पहल से बोकारो में नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की समस्या कितनी कम हो पाती है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो: बोकारो में एलोरा हॉस्टल के पास खुले मैदान में निरोध के दो कार्टन लावारिस हालत में मिलने से इलाके में चर्चा शुरू हो गई। कार्टन मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें आग लगाकर नष्ट कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन,बोकारो को सूचित किया गया,जिसके बाद इसकी जांच के निर्देश दिए गए।ड्रग इंस्पेक्टर ने की मामले की जांचमामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने ड्रग इंस्पेक्टर को जांच का निर्देश दिया। जांच के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि बरामद निरोध के कार्टन सरकारी आपूर्ति के होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।मेडिकल स्टोर के अलावा जनरल स्टोर में भी होती है बिक्रीबोकारो के सिविल सर्जन डॉ. अभय प्रसाद ने बताया कि वर्तमान समय में निरोध की बिक्री केवल मेडिकल स्टोर तक सीमित नहीं है,बल्कि जनरल स्टोर में भी इसकी बिक्री की जाती है। ऐसे में केवल खुले मैदान में निरोध मिलने के आधार पर इसे सरकारी आपूर्ति से जुड़ा हुआ नहीं माना जा सकता।पर्यावरण को लेकर भी दी जानकारीसिविल सर्जन डॉ. अभय प्रसाद ने बताया कि वर्तमान समय में निरोध बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिट्टी में भी मिल सकती है और इससे पर्यावरण को किसी तरह का प्रदूषण नहीं होता।फिलहाल,जांच में बरामद निरोध के सरकारी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। खुले मैदान में ये कार्टन किसने और किन परिस्थितियों में छोड़े,इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी अभियुक्त मो. सरफराज को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पीड़िता को शादी का भरोसा देकर यौन शोषण करने और बाद में शादी से पीछे हटने का आरोप है। पुलिस ने उसे धनबाद जिले के मैथन ओपी क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार,आरोपी बंगाल जाने की तैयारी में था,तभी कार्रवाई कर उसे पकड़ लिया गया।पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुई थी प्राथमिकीयह मामला बोकारो के माराफारी थाना क्षेत्र के आजाद नगर का है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर माराफारी थाना में कांड संख्या82/2026दर्ज किया गया था। प्राथमिकी9अक्टूबर2026को भारतीय न्याय संहिता (BNS)की धारा69, 351(3)और3(5)के तहत दर्ज की गई थी।मैथन ओपी क्षेत्र से हुई गिरफ्तारीमामले के अनुसंधान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने26अक्टूबर को धनबाद जिले के मैथन ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर प्राथमिकी अभियुक्त मो. सरफराज को गिरफ्तार कर लिया।मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार के मुताबिक,आरोपी पीड़िता को धोखे में रखकर शादी करने के लिए बंगाल जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।आजाद नगर का रहने वाला है आरोपीपुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मो. सरफराज, मो. गुलाब का पुत्र है। वह बोकारो जिले के माराफारी थाना क्षेत्र स्थित आजाद नगर के कचौड़ी मोहल्ले का निवासी है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
CEIRपोर्टल की मदद से मोबाइल फोन खोजकर मालिकों को सौंपा गया,चोरी के तीन मामलों में जांच शुरूबोकारो:बोकारो पुलिस ने तकनीक की मदद से बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए57मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में केंद्र सरकार केCEIRपोर्टल की मदद ली गई।पुलिस के अनुसार, 26सितंबर से25अक्टूबर2026के बीच चास,बेरमो,नगर और मुख्यालय क्षेत्र से कुल57मोबाइल फोन बरामद किए गए। वहीं,पिछले छह महीनों में बोकारो पुलिस अब तक684गुम मोबाइल फोन रिकवर कर चुकी है।CEIRपोर्टल से मोबाइल की तलाशमुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि मोबाइल गुम होने की शिकायतों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।CEIRपोर्टल के माध्यम से गुम मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही मोबाइल चोरी से जुड़े तीन मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।मोबाइल गुम होने पर तुरंत दें सूचनाबोकारो पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें। समय पर शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने से मोबाइल की तलाश में मदद मिल सकती है। पुलिस ने लोगों को मोबाइल फोन की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की भी सलाह दी है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
नशे के लिए पैसे नहीं देने पर वारदात को दिया अंजाम,मोबाइल छीनने का भी किया प्रयास;पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पत्थर समेत कई सामान किए जब्तबोकारो: झारखंड के बोकारो में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक बुजुर्ग की पत्थर से मारकर हत्या कर दी गई। घटना हरला थाना क्षेत्र के सेक्टर-9स्थित सरदार पटेल स्कूल के पास अहले सुबह की है। मृतक की पहचान भरत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पंकज साव उर्फ पंकज वर्मा को सेक्टर-9के वैशाली मोड़ से गिरफ्तार कर लिया है।नशे के लिए मांगे पैसे,इनकार करने पर किया हमलाडीएसपी राजीव रंजन के अनुसार,आरोपी पंकज साव ने बुजुर्ग भरत सिंह से नशा करने के लिए पैसे मांगे थे। बुजुर्ग ने पैसे देने से इनकार कर दिया,जिसके बाद आरोपी ने उनका मोबाइल छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने सड़क किनारे पड़े पत्थर से बुजुर्ग के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई।मृतक के बेटे के आवेदन पर हत्या का मामला दर्जघटना के बाद मृतक के बेटे के आवेदन पर हरला थाना में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को वैशाली मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पत्थर, खून लगा शर्ट, कंबल, मृतक का मोबाइल औप टूटा चश्मा भी बरामद कर लिया है। बीएसपी ने बताया कि आरोपी नशे का आदी है, इस कारण भी वह घटना को अंजाम दे सकता है। पुलिस ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारोःप्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बोकारो जिले की सेवाती घाटी अब पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन मुर्मू के निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने घाटी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल तेज कर दी है। कसमार प्रखंड स्थित सेवाती घाटी और यहां के झरने को आकर्षक पर्यटन स्थल बनाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित होगी सेवाती घाटीउपायुक्त अजय नाथ झा ने अधिकारियों के साथ सेवाती घाटी का भ्रमण कर पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण की संभावनाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घाटी को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत योजना तैयार करने का निर्देश दिया। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास से यह क्षेत्र प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है।सड़क,मॉडल बाजार और ‘सेवाती थाली’ पर रहेगा जोरपर्यटन विकास की प्रस्तावित योजना के तहत सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने,स्थानीय हाट-बाजारों को मॉडल बाजार के रूप में विकसित करने और होटल-रेस्तरां में स्थानीय व्यंजनों से सजी विशेष ‘सेवाती थाली’ उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इन पहलों से क्षेत्र की स्थानीय संस्कृति और खानपान को पहचान मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।पर्यावरण संरक्षण के साथ होगा विकाससेवाती घाटी प्राकृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक सौंदर्य को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रभारी डीएफओ नीतीश कुमार के अनुसार,पर्यटन विकास के लिए दो प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। पहले चरण में कार्य शुरू करने की योजना है,जबकि आगे की कार्ययोजना राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजी जाएगी। निर्माण कार्यों में सीमेंट का कम से कम उपयोग करने पर भी विचार किया जा रहा है।स्थानीय लोगों के लिए खुलेंगे रोजगार के अवसरसेवाती घाटी के पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने से स्थानीय लोगों,महिला स्वयं सहायता समूहों और बांस कारीगरों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। स्थानीय उत्पादों,पारंपरिक व्यंजनों और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।जिला प्रशासन की इस पहल से सेवाती घाटी को नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। अब सबकी नजरें प्रस्तावित कार्ययोजना के अनुमोदन और विकास कार्यों के धरातल पर उतरने पर टिकी हैं।
बोकारो:बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में नियोजन की मांग को लेकर पिछले12 दिनों से जारी विस्थापित अप्रेंटिस संघ और विस्थापित परिवारों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई। बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा की पहल पर बोकारो निवास में हुई कई घंटे की बैठक के बाद आंदोलन खत्म करने पर सहमति बनी।बैठक में बीएसएल प्रबंधन के अधिकारी, विस्थापित प्रतिनिधि और बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह शामिल हुईं। वार्ता के दौरान विस्थापितों की नियोजन संबंधी मांगों और बहाली की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।डीसी की पहल पर हुई कई घंटे की बैठकइससे पहले मंत्री के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद विस्थापितों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले के समाधान के लिए पहल की।बोकारो निवास में आयोजित बैठक में सभी पक्षों ने विस्थापितों की मांगों पर विचार-विमर्श किया। लंबी चर्चा के बाद भूख हड़ताल समाप्त करने पर सहमति बनी। हालांकि, नियोजन को लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है।चतुर्थ वर्गीय पदों पर बहाली और अप्रेंटिसों के नियोजन पर चर्चाबैठक में चतुर्थ वर्गीय पदों पर बहाली शुरू करने और अप्रेंटिस का प्रशिक्षण पूरा कर चुके विस्थापितों को नियोजन देने के मुद्दे प्रमुखता से उठे।विस्थापित अप्रेंटिस संघ लंबे समय से बोकारो स्टील प्लांट में रोजगार की मांग कर रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा कर चुके विस्थापितों को नियोजन का अवसर मिलना चाहिए।हालांकि, इन मांगों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए सेल मुख्यालय की सहमति आवश्यक होगी। इसलिए बैठक में हुई चर्चा को आगे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।मुख्य सचिव और सेल अध्यक्ष तक पहुंचेगा बैठक का ब्योराबैठक में तैयार किए गए मिनट्स को बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा मुख्य सचिव और गृह सचिव को भेजेंगे। वहीं, बीएसएल प्रबंधन के अधिकारी बैठक का विवरण सेल के अध्यक्ष के पास भेजेंगे।इसके बाद संबंधित स्तर पर मांगों पर विचार किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल, बहाली और नियोजन को लेकर कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।आंदोलन खत्म,अब फैसले का इंतजार12 दिनों तक चले आंदोलन के समाप्त होने से तत्काल गतिरोध खत्म हुआ है, लेकिन विस्थापितों की मुख्य मांगों का समाधान अभी बाकी है।अब विस्थापित अप्रेंटिस संघ और प्रभावित परिवारों की निगाहें जिला प्रशासन, बीएसएल प्रबंधन और सेल मुख्यालय के अगले कदम पर टिकी हैं। बैठक में बनी सहमति के आधार पर आगे क्या निर्णय लिया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में हरला थाना में पदस्थापित जमादार केना राम हेम्ब्रम के निधन से पुलिस महकमे में शोक की लहर है। सोमवार को पुलिस लाइन में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद तिरंगे में लिपटे उनके पार्थिव शरीर को ताबूत में रखकर पैतृक गांव गोड़ा भेजने की तैयारी की गई।देर रात अचानक बिगड़ी तबीयतजानकारी के अनुसार,केना राम हेम्ब्रम देर रात तक अपने सहकर्मियों के साथ खाना-पीना कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। उनके असामयिक निधन से सहकर्मियों और पुलिस विभाग के अधिकारियों में शोक का माहौल है।दरोगा बनने से पहले ही दुनिया को कहा अलविदाकेना राम हेम्ब्रम हरला थाना में जमादार के पद पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि वे जल्द ही दरोगा बनने वाले थे। दरोगा प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे14अक्टूबर को हजारीबाग के पदमा से लौटे थे। उनके निधन की खबर से परिवार और परिचितों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।एसपी ने परिजनों को बंधाया ढांढसनिधन की सूचना मिलने के बाद उनकी पत्नी और बेटा पुलिस लाइन पहुंचे और अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।एसपी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस दुख की घड़ी में पुलिस विभाग उनके साथ खड़ा है। उन्होंने श्राद्धकर्म के बाद परिजनों को दोबारा बुलाया है।केना राम हेम्ब्रम के निधन से पुलिस विभाग ने एक साथी को खो दिया है। पुलिस लाइन में दी गई अंतिम सलामी के दौरान माहौल गमगीन रहा।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
जरीडीह थाना क्षेत्र में रॉन्ग साइड खड़े ब्रेकडाउन ट्रक से दो कारों की टक्कर,पार्किंग लाइट नहीं जलने से हादसे की आशंका,सभी घायलों का बोकारो जनरल अस्पताल में चल रहा इलाज...बोकारोःजिले के जरीडीह थाना क्षेत्र में देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। हादसे में एक युवक की आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।रॉन्ग साइड खड़े ट्रक से टकराईं दो कारेंजानकारी के अनुसार, सभी युवक दो कारों में सवार होकर जैनामोड़ से बालीडीह जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर रॉन्ग साइड में खड़े एक ब्रेकडाउन ट्रक से दोनों कारों की टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रक की पार्किंग लाइट नहीं जल रही थी। ऐसे में चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक दिखाई नहीं दिया और यह भीषण हादसा हो गया।इस दुर्घटना में शिवम कुमार नामक युवक की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। सभी युवक बोकारो के बालीडीह थाना क्षेत्र स्थित कुर्मी डीह बाजार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।स्थानीय लोगों ने घायलों को पहुंचाया अस्पतालहादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की। सभी घायलों का बोकारो जनरल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालघटना के बाद सड़क पर खराब वाहनों को बिना उचित सुरक्षा इंतजाम के खड़ा किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस की निगरानी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई जा रही है। लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर खराब वाहन खड़ा हो, तो उसके पीछे पर्याप्त चेतावनी संकेत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
बोकारो: झारखंड के बोकारो में बीएस सिटी थाना क्षेत्र के गरगा पुल के पास स्थित शनि मंदिर में रहने वाले नागा साधु दिगंबर रघुवर पुरी दास की कुछ युवकों ने कथित तौर पर जमकर पिटाई कर दी। विवाद के दौरान साधु की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई। वहीं,मारपीट का वीडियो बना रहे एक युवक के साथ भी मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने एक आरोपी युवक को हिरासत में लिया,लेकिन उसे थाने ले जाने के दौरान भीड़ ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने किसी तरह युवक को भीड़ से बचाकर थाने पहुंचाया।गरगा पुल के पास शनि मंदिर में रहने वाले नागा साधु से मारपीटजानकारी के अनुसार,बीएस सिटी थाना क्षेत्र के गरगा पुल के पास स्थित शनि मंदिर में रहने वाले नागा साधु दिगंबर रघुवर पुरी दास का कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और युवकों ने साधु के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई।घटना के समय मारपीट का वीडियो बना रहे एक युवक के साथ भी मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया।तेल लेने के बाद हुआ विवाद,नागा साधु ने बताई पूरी घटनापीड़ित नागा साधु दिगंबर रघुवर पुरी दास ने बताया कि वह पंप से तेल लेकर निकले थे। इसी दौरान कुछ युवकों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। उन्होंने बताया कि गाड़ी में साथ बैठे एक व्यक्ति के साथ हाथापाई हुई,जिसके बाद युवकों के अन्य साथी भी मौके पर पहुंच गए और उनके साथ मारपीट की।हालांकि,विवाद की वास्तविक वजह और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।आरोपी को हिरासत में लेने के बाद भीड़ ने की पिटाईघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कुंवर सिंह कॉलोनी के पास से एक युवक को हिरासत में लिया। पुलिस आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंची थी।इसके बाद जब पुलिस युवक को थाने ले जाने लगी,तो मौके पर मौजूद भीड़ ने उसे घेर लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए युवक को भीड़ से बचाया और थाने ले गई। घटना ने कानून-व्यवस्था और भीड़ द्वारा खुद कानून हाथ में लेने के मामले को लेकर सवाल खड़े किए हैं।घायल नागा साधु सदर अस्पताल में भर्तीमारपीट में घायल नागा साधु को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। वहीं,पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने और विवाद की असली वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।डीएसपी सिटी बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाईडीएसपी सिटी राजीव रंजन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि विवाद की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है।डीएसपी ने यह भी कहा कि यदि पुलिस की मौजूदगी में आरोपी के साथ मारपीट हुई है, तो इसकी भी जांच की जाएगी। जांच में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। नागा साधु के साथ मारपीट और आरोपी पर भीड़ के हमले, दोनों घटनाओं को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट