
मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026
Liveबिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के नेता एजाज अहमद ने बताया कि इंडिया गठबंधन की ओर से लोकतंत्र बचाने की लड़ाई को बिहार में मजबूती प्रदान करने के लिए कल दिनांक 07 अक्टूबर,2026 को राज्य भर के 534 प्रखंड मुख्यालयों पर ज्ञानेश भगाओ लोकतंत्र बचाओ आक्रोश मार्च और पुतला दहन का कार्यक्रम किया जाएगा। इन्होंने आगे कहा कि ज्ञानेश भगाओ लोकतंत्र बचाओ आंदोलन को धार देने के लिए इंडिया गठबंधन की ओर से दिनांक 08 अक्टूबर को राज्य भर के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। और उसी दिन नेता प्रतिपक्ष और इंडिया गठबंधन के नेता श्री तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं, सांसदों, पूर्व सांसदों , विधायकों, पूर्व विधायकों, विधान पार्षदों तथा पूर्व विधान पार्षदों के अलावा इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पटना में सचिवालय के समीप शहीद स्मारक स्थल से राज भवन मार्च किया जाएगा,और महामहिम राजपाल महोदय को ज्ञापन सौंपा जाएगा। एजाज ने आगे बताया कि आज नई दिल्ली में इंडिया महागठबंधन के सभी दलों की ओर से नरेंद्र मोदी- अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता के खिलाफ नई दिल्ली चुनाव आयोग के कार्यालय पर लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के साथ हजारों की संख्या में इंडिया गठबंधन के नेताओं ने ज्ञानेश भगाओ लोकतंत्र बचाओ मार्च कर लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता के इस्तीफा की मांग की।इस अवसर पर मार्च में शामिल इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ राष्ट्रीय जनता दल के सांसदों ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रही है। जिस तरह से माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने चुनाव आयोग के कार्यों पर कड़ी टिप्पणियां की है,उससे यह स्पष्ट होता है की चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर कठपुतली की तरह काम कर रही है। और देश के लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। बिहार में सबसे पहले एसआईआर मोदी- अमित शाह के कहने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता ने करवाया। जो बिहार लोकतंत्र की जननी है उस बिहार में मोदी- अमित शाह ने लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयोग किया। नेताओं ने कहा कि हम लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष और आंदोलन करते रहेंगे। देश के लिए लोकतंत्र को बचाना आवश्यक है और फर्जीवाड़ा की सरकार जो जनता के वोट की चोरी करके बनी हुई हैं, उसके खिलाफ बिहार में ज्ञानेश भगाओ लोकतंत्र बचाओ आंदोलन को मजबूत किया जाएगा। एजाज ने आगे कहा कि इंडिया गठबंधन बिहार में तेजस्वी जी के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगी। और चुनाव आयोग के बेईमानी का पर्दाफाश करेंगी। बिहार में नरेंद्र मोदी -अमित शाह और चुनाव आयोग के खिलाफ लोकतंत्र बचाने की लड़ाई तेजस्वी जी के नेतृत्व में लड़ी जाएगी ।
बिहार के सभी थानों में अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। गृह विभाग ने राज्य के सभी थानों में अगले 30 दिनों के भीतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा सक्रिय करने का निर्देश दिया है। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं और विभिन्न बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को यह निर्देश दिया।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा शुरू होने के बाद पुलिसिंग व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ेगा। थानों को जिला स्तर और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से वीडियो माध्यम के जरिए जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे मामलों की समीक्षा, अधिकारियों के साथ तत्काल संवाद और जरूरी निर्देशों के अनुपालन की निगरानी को गति मिलने की उम्मीद है।समीक्षा बैठक के दौरान लंबित फोरेंसिक रिपोर्ट के मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रधान सचिव ने लंबित फोरेंसिक रिपोर्ट का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जांच प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं हो और मामलों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।इसके साथ ही स्पीडी ट्रायल में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस और संबंधित विभागों को ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई तेज करने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए समन्वय बढ़ाने को कहा गया।गृह विभाग ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं और विभिन्न बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की लगातार समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूरे करने का निर्देश दिया गया है।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा को सभी थानों में लागू करने का लक्ष्य पुलिस व्यवस्था को अधिक तकनीक आधारित, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
बिहार विधान परिषद चुनाव में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर महागठबंधन के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। इस सीट पर अब गठबंधन के तीन प्रमुख दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। आरजेडी, कांग्रेस के बाद भाकपा-माले ने भी अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।आरजेडी ने दरभंगा स्नातक सीट से अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं कांग्रेस की ओर से रजनीकांत पाठक चुनाव मैदान में हैं। अब भाकपा-माले ने संदीप चौधरी को प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। खास बात यह है कि तीनों दल महागठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन विधान परिषद चुनाव में एक ही सीट पर उनके प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।भाकपा-माले के उम्मीदवार संदीप चौधरी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से जुड़े रहे हैं और छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। माले ने उनकी राजनीतिक सक्रियता और छात्र राजनीति के अनुभव को देखते हुए उन्हें दरभंगा स्नातक सीट से मैदान में उतारा है।इस सीट पर कांग्रेस और आरजेडी के बीच पहले से ही मुकाबला तय था। माले की एंट्री के बाद महागठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल और आपसी समन्वय को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। हालांकि नामांकन की अंतिम तारीख तक तस्वीर में बदलाव की संभावना बनी हुई है।दरभंगा स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। दरभंगा स्नातक सीट पर 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है।अब नजर इस बात पर है कि क्या नामांकन वापसी के दौरान महागठबंधन के किसी दल का उम्मीदवार पीछे हटता है या तीनों प्रत्याशी चुनावी मैदान में बने रहते हैं।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
निरसा में MPL प्रबंधन और भाकपा-माले के बीच टकराव एक बार फिर तेज हो गया है.12 सूत्री मांगों को लेकर माले ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।निरसा विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में सोमवार को MPL के खिलाफ अनिश्चितकालीन गेट जाम शुरू कर दिया गया।सुबह होते ही बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता MPL के मुख्य गेट पर पहुंच गए और कंपनी के गेटों पर पार्टी का झंडा लगाकर परिचालन रोक दिया।यानी संदेश साफ है—मांगें पूरी होने तक आंदोलन नहीं रुकेगा!MPL के गेट पर लाल झंडों का कब्जा भी देखा गया.कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की.माले का आरोप है कि पहले भी आंदोलन के दौरान प्रबंधन ने मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। करीब 16 घंटे तक चले गेट जाम के बाद आश्वासन के आधार पर आंदोलन स्थगित किया गया था।लेकिन विधायक अरूप चटर्जी का दावा है कि आश्वासन के बाद भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।इसी को लेकर इस बार माले ने अपना रुख और सख्त कर लिया है।अरूप चटर्जी ने साफ शब्दों में कहा है कि इस बार सिर्फ धरना नहीं...बल्कि अनिश्चितकालीन गेट जाम होगा।जब तक 12 सूत्री मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।यानी MPL प्रबंधन के सामने अब सीधी चुनौती है—बातचीत से समाधान होगा या टकराव और बढ़ेगा?फिलहाल गेट जाम के कारण MPL का परिचालन प्रभावित है और औद्योगिक इलाके में इस आंदोलन ने राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है।अब निगाहें MPL प्रबंधन के अगले कदम पर हैं...क्योंकि माले पहले ही साफ कर चुका है—इस बार आश्वासन नहीं, मांगों पर कार्रवाई चाहिए!
हजारीबाग कटकमसांडी रेलवे स्टेशन के समीप संचालित कोयला साइडिंग से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने ग्रामीणों और प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।ग्रामीणों ने साइडिंग संचालन के कारण धूल और प्रदूषण, आवागमन में परेशानी, विस्थापन तथा प्रभावित परिवारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि साइडिंग संचालन में निर्धारित नियमों और आवश्यक मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित कंपनी और अधिकारियों से समस्याओं के समाधान की मांग की।विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि क्षेत्र का विकास जरूरी है, लेकिन विकास से प्रभावित परिवारों के हितों और मूलभूत समस्याओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय मानकों, सुरक्षा प्रावधानों और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। विधायक ने ग्रामीणों को उनकी मांगों को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने और समाधान की दिशा में पहल का आश्वासन दिया।वहीं, प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। ग्रामीणों ने जरूरत पड़ने पर साइडिंग का संचालन बंद कराने की दिशा में कदम उठाने की भी बात कही।विधायक ने कहा कि जनता की जायज समस्याओं की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रभावित परिवारों के साथ आगे भी संवाद जारी रहेगा।
बिहार में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर INDIA गठबंधन के दलों की बैठक हुई। बैठक के बाद तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के लिए काम कर रहा है।तेजस्वी यादव ने चुनावी रिकॉर्ड को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पहले मतदान से जुड़े रिकॉर्ड को एक साल तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था थी, लेकिन अब इसकी अवधि घटाकर 45 दिन कर दी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा बदलाव क्यों किया गया।मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी तेजस्वी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले CJI मुख्य निर्वाचन आयुक्त के चयन की प्रक्रिया में शामिल होते थे, लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग काम कर रहा है।तेजस्वी ने कहा कि बिहार लोकतंत्र की जननी है और SIR की शुरुआत बिहार से हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की स्थिति भी कमजोर कर दी गई है।INDIA गठबंधन ने अब इस मुद्दे को लेकर आंदोलन का फैसला किया है। तेजस्वी के मुताबिक गठबंधन के दल बिहार में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ मार्च करेंगे। इसके अलावा देशभर में रैलियां आयोजित करने की तैयारी है। पटना में भी विपक्षी दलों की बड़ी रैली का प्रस्ताव रखा गया है।बैठक में VIP प्रमुख मुकेश सहनी की मौजूदगी भी रही। SIR को लेकर विपक्ष लगातार मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में इस मुद्दे पर टकराव और बढ़ने के आसार हैं। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बिहार की सत्तारूढ़ सहयोगी पार्टियां जेडीयू और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास सक्रिय हो गई हैं। दोनों दल यूपी में संगठन मजबूत करने के साथ चुनावी जमीन तैयार कर रहे हैं। जेडीयू करीब 60 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रही है, जबकि लोजपा रामविलास ने सभी 403 सीटों पर संगठन खड़ा करने का दावा किया है।जेडीयू ने यूपी चुनाव की जिम्मेदारी बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार को सौंपी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल के मुताबिक, करीब 60 सीटों पर चुनावी तैयारी चल रही है। इनमें पूर्वांचल के अलावा मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सीटें भी शामिल हैं। पार्टी का फोकस संगठन विस्तार और पिछड़े वर्ग के सामाजिक समीकरण पर है।इसी बीच नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का वाराणसी दौरा भी चर्चा में रहा। उन्होंने बाबा विश्वनाथ मंदिर में पूजा और गंगा आरती में हिस्सा लिया। जेडीयू ने 25 अक्टूबर को वाराणसी में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है, जिसमें संगठन और चुनावी रणनीति पर मंथन होगा।लोजपा रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान भी यूपी में पार्टी का आधार बढ़ाने में जुटे हैं। जुलाई में लखनऊ और सितंबर में प्रयागराज के कार्यक्रमों में उन्होंने 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी। पार्टी यूपी की सभी 403 सीटों पर संगठन मजबूत करने का दावा कर रही है।दोनों दल फिलहाल एनडीए का हिस्सा हैं और सीट बंटवारे में भाजपा के फैसले पर नजर रहेगी। लोजपा का कहना है कि सम्मानजनक सीटें मिलने पर गठबंधन में चुनाव लड़ा जाएगा। वहीं, जेडीयू भी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में दावेदारी मजबूत कर रही है।अगर एनडीए में सीटों को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो दोनों दल अलग चुनाव लड़ने का विकल्प खुला रख सकते हैं। इससे यूपी में छोटे दलों के बीच वोटों के बंटवारे का नया समीकरण बन सकता है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच जदयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच विवाद लगातार सुर्खियों में है। इस पूरे मामले पर केंद्रीय मंत्री और जदयू नेता ललन सिंह ने बड़ा बयान दिया है। ललन सिंह ने अनंत सिंह के बागी तेवर को ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’ बताया और कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती।ललन सिंह ने बताया कि उनकी अनंत सिंह से बातचीत हुई है। बातचीत में अनंत सिंह ने अपनी शिकायतों के बारे में उन्हें जानकारी दी। ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह का कहना है कि जब पिछली नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, तब जदयू के कई नेताओं ने उनसे सरकार के समर्थन का अनुरोध किया था।ललन सिंह ने कहा कि अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के प्रति सम्मान के कारण सरकार का समर्थन किया था। इसके बाद जब अनंत सिंह नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे तो उन्हें मोकामा विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया। लेकिन चुनाव के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ तरह-तरह की बातें और प्रचार किए गए। ललन सिंह का इशारा नीरज कुमार की ओर माना जा रहा है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर किसी के खिलाफ कार्रवाई होती है तो उसकी प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि जब अनंत सिंह के खिलाफ प्रचार किया जा रहा था, उस समय पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए थी। ललन सिंह ने इस मामले में बिहार जदयू की ओर से चूक होने की बात कही।उन्होंने बताया कि जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें फोन किया था। इसके बाद उन्होंने अनंत सिंह से बातचीत की और उनसे अब कोई सार्वजनिक बयान नहीं देने का अनुरोध किया। ललन सिंह के अनुसार, अनंत सिंह इस बात पर सहमत हो गए हैं और उन्होंने भरोसा दिया है कि आगे नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देंगे।एमएलसी चुनाव के बीच ललन सिंह के इस बयान से अनंत-नीरज विवाद को लेकर जदयू की अंदरूनी राजनीति पर चर्चा और तेज हो गई है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
जदयू विधायक अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद पर झारखंड के NDA नेता एवं विधायक सरयू राय ने प्रतिक्रिया दी है। पटना में नीरज कुमार के नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे सरयू राय ने कहा कि इस पूरे मामले में बोलने की उनकी कोई हैसियत नहीं है और न ही बोलना उचित होगा।सरयू राय ने कहा कि बिहार के NDA नेता पूरे मामले को देख रहे हैं और वही इस राजनीतिक घटनाक्रम पर उचित फैसला लेंगे। अनंत सिंह के विरोध का एमएलसी चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, इस सवाल पर भी सरयू राय ने टिप्पणी करने से साफ इनकार किया।उन्होंने कहा कि इस विषय पर कुछ भी बोलना उचित नहीं होगा। उनका फोकस नीरज कुमार के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने पर है।दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार आज नामांकन कर रहे हैं। इसी सीट पर अनंत सिंह के खुलकर विरोध में आने के बाद जदयू की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने और जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन करने की बात कही है।इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नीरज कुमार के नामांकन में सरयू राय की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी। हालांकि उन्होंने अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद या चुनावी असर को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।सरयू राय ने पूरे मामले में बिहार के NDA नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि संबंधित नेता ही इस मुद्दे को देख रहे हैं और वही इस पर आगे निर्णय लेंगे।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सियासी मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। सोमवार को जदयू प्रत्याशी नीरज सिंह ने पटना स्नातक सीट से नामांकन किया। उनके सामने मुख्य मुकाबला जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह से माना जा रहा है। खास बात यह है कि मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह खुलकर अनुज सिंह के समर्थन में सामने आए हैं।नामांकन से पहले नीरज कुमार ने चुनावी तैयारी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जदयू के कार्यकर्ता चुनाव के लिए खुद तैयार रहते हैं और पूरी ताकत से मैदान में उतरते हैं। नीरज ने अपने बयान में ‘3N’ के संयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार, निशांत कुमार और संयोग से उनका नाम भी ‘N’ से शुरू होता है। नीरज ने कहा कि जब नीतीश कुमार का आशीर्वाद और निशांत कुमार का प्रचार शुरू हो गया है, तो मुकाबला शानदार और जानदार होगा।दूसरी ओर, अनंत सिंह ने नीरज सिंह के खिलाफ खुला मोर्चा खोल रखा है। अनंत सिंह का आरोप है कि नीरज सिंह ने पिछले चार चुनावों में उनके खिलाफ काम किया। उन्होंने नीरज पर उन्हें AK-47 और दुलारचंद हत्याकांड में फंसाने का भी आरोप लगाया है। इन आरोपों पर नीरज सिंह की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह भी अहम होगा।अनंत सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी रहे या जाए, वह नीरज सिंह का समर्थन नहीं करेंगे और अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार करेंगे। इस घटनाक्रम के बीच जदयू नेतृत्व ने विवाद को सुलझाने की कोशिशें तेज की हैं। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दोनों नेताओं के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। अब नामांकन के बाद पटना स्नातक सीट पर मुकाबला और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा यानी RLM के भीतर सामने आ रही गतिविधियों के बीच पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा बयान दिया है। पार्टी के कुछ विधायकों के बगावती तेवर और अलग गतिविधियों को लेकर पूछे गए सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने तंज कसते हुए कहा कि जब राजनीति में नशा घुल जाता है, तब लोग इसी तरीके से मदहोश हो जाते हैं।दरअसल, बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के भीतर उम्मीदवारों और समर्थन को लेकर गतिविधियां तेज हैं। इसी क्रम में RLM के कुछ विधायकों की ओर से सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राम पुकार सिन्हा कुशवाहा के समर्थन में खुलकर सामने आने की चर्चा है। विधायकों की इस गतिविधि को पार्टी के आधिकारिक रुख से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं।उपेंद्र कुशवाहा के बयान को इसी पूरे घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर किसी विधायक का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान के बाद पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।एमएलसी चुनाव में समर्थन को लेकर RLM की स्थिति भी लगातार चर्चा में है। इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा की ओर से पार्टी के एनडीए के साथ होने और चुनावी रणनीति के संबंध में संकेत दिए गए थे। वहीं, पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों की अलग-अलग गतिविधियों ने तस्वीर को दिलचस्प बना दिया है।अब उपेंद्र कुशवाहा के ताजा बयान के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या RLM के भीतर एमएलसी चुनाव को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं या यह केवल नेताओं की व्यक्तिगत राजनीतिक गतिविधियां हैं। पार्टी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर आगे क्या रुख सामने आता है, इस पर सबकी नजर है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से झारखंड की सियासत गर्म हो गई है। मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित साह और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को अवैध बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि देश में हुए सभी चुनाव अवैध थे। उन्होंने नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है और यह भी कहा कि ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिये होना चाहिए।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस बयान पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव कराया। इसलिए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोग इस्तीफा दे दें। बिल्ली खिसियानी है तो खंभा तो नाचेगी ही। वहीं, कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस बयान को जायज मान रही है। कांग्रेस की मानें तो लोकतंत्र पर डाका डालकर, वोट की चोरी कर भाजपा ने कई राज्यों में सत्ता हासिल की है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर INDIA गठबंधन ने आंदोलन को धार देने की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को नया परिषदन भवन में गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर 6 अक्टूबर को गिरिडीह में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने की घोषणा की।कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने बताया कि 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेव डेमोक्रेसी’ अभियान चलाया जा रहा है।इसी कड़ी में 6अक्टूबर को गिरिडीह में अंबेडकर चौक से प्रतिवाद मार्च निकलेगा, जो शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष समाप्त होगा।नेताओं ने SIR के दौरान मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। माले नेता राजेश सिन्हा और राजद नेता गिरेंद्र यादव ने कहा कि मार्च में कांग्रेस, झामुमो, माले, राजद समेत INDIA गठबंधन के बड़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता शामिल होंगे।गिरिडीह से नफीस अजहर की रिपोर्ट
झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल और सह प्रभारी सौरव सिंह सोमवार की सुबह सेवा विमान से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर झारखंडी परंपरा और संस्कृति के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विधायक नवीन जायसवाल समेत भाजपा के प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता पूरी तन्मयता के साथ विकसित भारत की परिकल्पना को पूरा कर रहे हैं।वहीं, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि अब भाजपा पुराने तेवर में दिखेगी। सड़क से लेकर सदन तक जन मुद्दों को लेकर आंदोलन करेंगे। साथ ही झारखंड सरकार की लुट खसोट और भ्रष्टाचार को लेकर श्वेत पत्र भी जारी किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशभर में सत्याग्रह किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज बोकारो के सर्किट हाउस में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई।कांग्रेस के बोकारो जिला अध्यक्ष जवाहरलाल महथा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, तब से भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त मिलकर सरकार चुनने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जनता अपने वोट से सरकार चुनती थी, लेकिन अब लोगों के मतदान के अधिकार को छीनने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ सभी विपक्षी दल एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव के परामर्शानुसार ,प्रदेश अध्यक्ष श्री मंगनी लाल मंडल ने बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से श्री कुमर राय को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है ।एजाज अहमद ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि श्री कुमर राय, जो इससे पहले बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, उनका राजनीतिक सफर हमेशा से शिक्षकों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है। कुमर राय ने लगातार शिक्षकों के हित में कड़ा संघर्ष किया है।वे सड़क से लेकर सदन तक, हर स्तर पर शिक्षकों की विभिन्न मांगों को मजबूती से उठाते आए हैं। उनकी इसी निष्ठा और समर्पण को देखते हुए पार्टी ने उन पर एक बार फिर बड़ा भरोसा जताया है। इस कड़ी में, राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद जी ने आधिकारिक मुहर लगाते हुए कुमर राय को पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन पत्र सौंप दिया है।इस समर्थन पत्र के जारी होने के बाद से ही समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुमर राय की उम्मीदवारी से शिक्षक वर्ग और पार्टी का जमीनी जुड़ाव और अधिक मजबूत होगा।
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जदयू विधायक अनंत सिंह के तेवर लगातार तल्ख होते जा रहे हैं। मोकामा विधायक ने साफ कहा है कि वह जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार को चुनाव जीतने नहीं देंगे, भले ही इसके लिए उन्हें पार्टी से बाहर जाना पड़े। उनके इस बयान से जदयू के भीतर चल रहा विवाद और गहरा गया है।मोडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि यह पार्टी की लड़ाई नहीं, बल्कि व्यक्तिगत विवाद है। उनका आरोप है कि नीरज कुमार ने जदयू में रहते हुए कई बार उनके और ललन सिंह के खिलाफ काम किया। अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने पार्टी के लिए नीरज कुमार से अधिक काम किया है और संघर्ष किया है।अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें एके-47 मामले और दुलारचंद हत्याकांड में फंसाया गया। उन्होंने दोनों पक्षों का नार्को टेस्ट कराने की चुनौती भी दी और कहा कि इससे सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी रहे या जाए, वह अपने रुख से पीछे नहीं हटेंगे।अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने जेल की सजा झेली, गोली खाई और नीतीश कुमार का सम्मान किया है। उनके अनुसार, पार्टी में उनके योगदान की अनदेखी की जा रही है।वहीं, नीतीश कुमार से हाल की मुलाकात को लेकर अनंत सिंह ने सफाई दी कि मुलाकात में चुनाव या नीरज कुमार को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ प्रणाम करने गए थे और थोड़ी देर बैठने के बाद लौट आए।उन्होंने यह भी कहा कि ललन सिंह या पार्टी के किसी अन्य नेता से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। अनंत सिंह ने मांग की कि पार्टी के बड़े नेता उन्हें बुलाकर दोनों नेताओं के योगदान पर स्थिति स्पष्ट करें। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज जमुई जिले के चकाई प्रखंड स्थित निर्माणाधीन अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्लांट के निर्माण कार्य एवं परियोजना की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट से मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू हो जाएगा।निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एथेनॉल प्लांट परिसर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जमुई के जिलाधिकारी श्री नवीन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड एथेनॉल प्लांट के संबंध में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि यह परियोजना एशिया के बड़े ग्रेन-बेस्ड एथेनॉल प्लांट्स में से एक है। इसे 105 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। संयंत्र की उत्पादन क्षमता 1000 किलो लीटर प्रतिदिन होगी, जिसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना में 20 मेगावाट की कैप्टिव पावर जेनरेशन सुविधा भी स्थापित की जाएगी, जिससे संयंत्र ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। संयंत्र को प्रतिदिन लगभग 30,000 क्विंटल अनाज की आवश्यकता होगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज के लिए स्थायी एवं भरोसेमंद बाजार उपलब्ध होगा। यह संयंत्र Zero Liquid Discharge (ZLD) प्रणाली पर आधारित होगा, जिससे जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।बैठक में बताया गया कि जमुई जिले में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं यथा- अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड, अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड (इथिनॉल), सी०एल०एम० डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, अंकुर ट्रेडविस्टा प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से लगभग 3400 करोड़ रूपये का निवेश होगा। इन परियोजनाओं से लगभग 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।बैठक में चकाई में औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि के संबंध में भी विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें स्ट्रैटेजिक रोड, रेल एवं एयर कनेक्टिविटी, वर्कफोर्स एडवांटेज, औद्योगिक विकास की संभावनाएं, प्रोजेक्ट एरिया, कनेक्टिविटी मैप, ग्राउंड वाटर लेवल, डैम लोकेशन तथा रॉ मटेरियल की उपलब्धता सहित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। साथ ही जमुई जिले में संचालित विकास योजनाओं की भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने बताया कि चकाई में औद्योगिक क्षेत्र के लिए लगभग 9,000 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इसमें करीब 5,000 एकड़ भूमि वन विभाग की तथा 4,000 एकड़ भूमि रैयती एवं अन्य श्रेणी की है।बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि की 10 से 12 दिनों के भीतर मैपिंग सुनिश्चित कराई जाए, ताकि वास्तविक रूप से वन विभाग की भूमि तथा उस भूमि के कितने क्षेत्र में वर्तमान में जंगल मौजूद है, इसकी स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने 4,000 एकड़ रैयती एवं अन्य श्रेणी की भूमि की वास्तविक स्थिति का भी विस्तृत आकलन करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में अंचलाधिकारी, डी०सी०एल०आर० तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संबंधित अधिकारियों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने 30 अक्टूबर तक चिह्नित भूमि के संबंध में पूरा ब्यौरा एकत्रित कर आगे की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने लघुआर मंदिर एवं गरही डैम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। लघुआर मंदिर में जनसुविधाओं का विस्तार करने तथा श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को थानों में जाकर कार्यप्रणाली की समीक्षा करने को कहा, ताकि थाना स्तर पर कार्यों में और सुधार हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में हर हाल में विधि-व्यवस्था कायम रखी जाए। नशामुक्ति को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने की कार्ययोजना तैयार करने तथा पुलिसिया कार्रवाई एवं प्रशासनिक सक्रियता बनाए रखने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने भीम बांध से लक्ष्मीपुर तथा मुंगेर से गंगटा को जोड़ने वाली सड़कों को दुरुस्त रखने एवं उनकी लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों का आवागमन सुगम बना रहे। उन्होंने जिले में रोप-वे की आवश्यकता का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही कैमूर की तर्ज पर जंगल क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी पकार्य करने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग के क्षेत्र में पूरे बिहार को आगे बढ़ाना है। जमुई जिले को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए यहां औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने हेतु जमीन चिन्हित की गई है। चकाई में बड़ा एथेनॉल प्लांट स्थापित हो रहा है, जिसमें मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को स्किल का हब बनाना है और दुनिया के मानचित्र पर बिहार को स्थापित करने की दिशा में हर प्रकार से कार्य किया जा रहा है। समीक्षा बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पटना से चकाई पहुंचने के क्रम में मुख्यमंत्री ने चकाई में औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि का हवाई निरीक्षण कर जायजा भी लिया।इस अवसर पर उद्योग एवं खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, विधायक सावित्री देवी, विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्रीमती प्रीता वर्मा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर, उद्योग विभाग के सचिव श्री कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री जय सिंह, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री राकेश कुमार, जमुई के जिलाधिकारी श्री नवीन, बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल, निदेशक उद्योग मुकुल कुमार गुप्ता, जमुई के पुलिस अधीक्षक श विश्वजीत दयाल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के सी०एम०डी० श्री महेन्द्र शर्मा, निदेशक श्री विशाल शर्मा एवं अन्य संबंधित व्यक्ति भी मौजूद थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत किया गया।
रांची: प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि देवघर से राजद विधायक सुरेश पासवान से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात हुई. इस दौरान उनसे कुशल क्षेम जाना. मुलाकात के दौरान संगठन और राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर चर्चा हुई.विधायक दल नेता सुरेश पासवान ने राजद प्रवक्ता से कहाSIR MMDRऔरOBCकॉलम हटाने के खिलाफ राजद की ओर से जमकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़क पर उतरना होगा.चर्चा के दौरान यादव ने पासवान से कहा है कि विदित है विगत वर्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश के द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव के दौरानSIRकी प्रक्रिया की शुरुआत की गई थी जिसमें तकरीबन90लाख के करीब मतदाताओं का वोटर लिस्ट से नाम हटा दिया गया था. जिस कारण बिहार के गरीब गांव खेत खलिहान में रहने वाले कम पढ़े लिखे लोग एवं बाहर मजदूरी करने वाले बड़े पैमाने में लोगों का नाम काट दिया गया. जबकि लोकतांत्रिक देश में एक भी व्यक्ति का वोट देने के अधिकारों को छीना नहीं जा सकता है.ज्ञातव्य है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार नेSIRमें पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के जरिए देशभर से लगभग13करोड़ मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया है जो किसी भी देश में ऐसा राष्ट्रविरोधी कार्य असंभव है.सुरेश पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह के इशारे पर सीईसी ज्ञानेश कुमार ने देश के कमजोर गरीब एवं अल्पसंख्यक आदिवासी दलित पिछड़े वर्गों का नाम वोटर लिस्ट से कटवाया है जो लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ है.केंद्र की मोदी सरकार नेMMDRके तहत झारखंड के खनिज संपदा को लूटने का योजना बनाई है. यहां का रेवेन्यू में सेंध लगाने तथा राज्य के विकास में रोड़ा खड़ा करने का प्रयास किया है जो हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले महागठबंधन सरकार में कभी सफल नहीं होगा.विदित है देश में जातीय जनगणना का कार्य चल रहा है जिसमें सबसे ज्यादा ओबीसी की आबादी है. इसने भी केंद्र की मोदी सरकार ने फॉर्मेट सेOBCकॉलम को हटाकर देशभर में विद्रोह का मार्ग प्रशस्त किया है, यह सरकार जनविरोधी है.इन सभी विषयों पर राष्ट्रीय जनता दल लोकतांत्रिक तरीके से राज्यभर में जमकर विरोध प्रदर्शन करेगा.यादव ने कहा कि वोट चोरी के आरोपी सीईसी ज्ञानेश कुमार और आँख बंद कर धृष्टराष्ट्र की भूमिका में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल दिनांक4/10/26को धुर्वा बस स्टैंड पर शाम4:30बजे पुतला दहन कार्यक्रम कर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.यह कार्यक्रम रांची जिला राजद द्वारा आयोजित किया गया है.इस अवसर पर रांची में रहने वाले तमाम राजद नेता कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे.राजद विधायक दल नेता सुरेश पासवान से मिलने वाले कैलाश यादव के साथ महिला राजद नेत्री ऊषा यादव पार्वती ठाकुर आशा देवी शारदा देवी व अन्य मौजूद थे.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-