

शनिवार, 07 नवंबर 2026
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 लाख 11 हजार 111 दीप जलाकर ऐतिहासिक दीपोत्सव का किया शुभारंभ, किसानों की सिंचाई और युवाओं के रोजगार पर भी दिया बड़ा भरोसा।बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत कल्याणपुर स्थित श्री श्री 108 बड़ी दुर्गा महारानी मंदिर परिसर में आयोजित भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। दीपावली की पूर्व संध्या पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। यूथ क्लब कल्याणपुर की ओर से आयोजित इस आयोजन में एक साथ 11 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर बिहार की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित करने का यह ऐतिहासिक आयोजन मुंगेर की धरती पर हो रहा है। उन्होंने सभी बिहारवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि राज्य को लगातार विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाना सरकार का संकल्प है।मुख्यमंत्री ने मुंगेर और भागलपुर के बीच करीब 83 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव के निर्माण कार्य शुरू कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी।गंगा नदी के पानी के बेहतर प्रबंधन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गाद की सफाई और जल संरचनाओं के माध्यम से गंगा के पानी का उपयोग किसानों के खेतों तक सिंचाई पहुंचाने में किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ 2 नवंबर को महत्वपूर्ण समझौता किया गया है।रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे बिहार के लोगों को मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़े। राज्य में एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार से जोड़ने तथा अगले पांच वर्षों में एक करोड़ परिवारों को उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने उद्योगों के विस्तार, निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।कार्यक्रम में विधायक कुमार प्रणय, ललित नारायण मंडल, मनोज यादव सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।संजय कुमार की रिपोर्ट
पटनाःबिहार कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित'वोट बचाओ,देश बचाओ'रैली में शामिल नहीं होने वाले करीब8से9जिला कांग्रेस अध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने यह कार्रवाई पार्टी के निर्देशों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों की कथित अवहेलना को लेकर की है।राहुल गांधी की अपील के बावजूद रैली में नहीं पहुंचे जिलाध्यक्षबिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अनुसार,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से रैली में शामिल होने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद1नवंबर2026को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित'वोट बचाओ,देश बचाओ'रैली में करीब8से9जिला कांग्रेस अध्यक्ष शामिल नहीं हुए। पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठनात्मक निर्देशों की अनदेखी मानते हुए संबंधित जिलाध्यक्षों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।अनुशासन से समझौता नहीं- राजेश रामप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि पार्टी के निर्देशों और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का पालन करना प्रत्येक पदाधिकारी का दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन के प्रति जवाबदेही और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। पार्टी में जिम्मेदारी संभालने वाले सभी पदाधिकारियों को संगठन के निर्देशों का पालन करना होगा।आगे की कार्रवाई के लिए व्यक्तिगत संपर्क का निर्देशराजेश राम ने निलंबित किए गए जिला कांग्रेस अध्यक्षों को आगे की कार्रवाई और भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा संबंधित जिलाध्यक्ष बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर सकते हैं।बिहार कांग्रेस में कार्रवाई से संगठनात्मक हलचलरैली में शामिल नहीं होने को लेकर की गई इस कार्रवाई के बाद बिहार कांग्रेस के संगठनात्मक स्तर पर हलचल तेज होने की संभावना है। अब संबंधित जिलाध्यक्षों की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है और पार्टी नेतृत्व इस मामले में क्या निर्णय लेता है,इस पर नजर रहेगी।पटना से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट
गुमलाः झारखंड के गुमला में आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के बाद लोगों में आक्रोश है। शनिवार को विरोध प्रदर्शन के बीच निशा भगत की अंतिम यात्रा निकाली गई। इस दौरान शहर के टावर चौक पर लोगों ने झारखंड सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी शामिल हुए। उन्होंने निशा भगत की मौत को लेकर कई सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।अंतिम यात्रा में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ाआदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत के बाद विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। शनिवार दोपहर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा गुमला पहुंचे और विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान निशा भगत की अंतिम यात्रा निकाली गई। शहर के टावर चौक पर प्रदर्शनकारियों ने झारखंड सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।जमीन दलालों और सिस्टम के खिलाफ उठाई थी आवाज- मधु कोड़ापूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि निशा भगत ने जमीन दलालों और सिस्टम के खिलाफ लगातार आवाज उठाई थी। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। मधु कोड़ा ने आरोप लगाया कि जमीन दलालों की ओर से निशा भगत को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।दोषियों को सजा मिलने तक जारी रहेगा आंदोलनमधु कोड़ा ने कहा कि जब तक निशा भगत की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस घटना के बाद आदिवासी संगठनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों ने मामले में न्याय दिलाने और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई। फिलहाल निशा भगत की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों और सुरक्षा संबंधी शिकायतों की आधिकारिक जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।गुमला से किशोर जायसवाल की रिपोर्ट
पटनाःबिहार के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए छठ महापर्व से पहले अच्छी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA)में3फीसदी की बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों का डीए60फीसदी से बढ़कर63फीसदी हो जाएगा। इससे करीब9.5लाख सरकारी कर्मचारियों और लगभग3लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलने की संभावना है।कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया प्रस्तावमिली जानकारी के अनुसार,बिहार सरकार के वित्त विभाग ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया है। फिलहाल राज्य के पात्र सरकारी कर्मचारियों को60फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है। प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद डीए बढ़कर63फीसदी हो जाएगा। हालांकि,अभी इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।1जुलाई2026से लागू होने का प्रस्तावप्रस्ताव के अनुसार,महंगाई भत्ते में3फीसदी की बढ़ोतरी1जुलाई2026से प्रभावी करने की तैयारी है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को जुलाई से बढ़ी हुई दर के हिसाब से डीए का लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही जुलाई,अगस्त,सितंबर और अक्टूबर यानी चार महीने का एरियर भी दिया जाएगा।दिसंबर में बढ़ी सैलरी के साथ मिल सकता है एरियरजानकारी के मुताबिक,सरकार दिसंबर में नवंबर महीने के बढ़े हुए वेतन के साथ चार महीने का बकाया एरियर भुगतान करने की तैयारी कर रही है। हालांकि,भुगतान की अंतिम तारीख कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।किस कर्मचारी की कितनी बढ़ेगी सैलरी?डीए में3फीसदी की बढ़ोतरी का लाभ कर्मचारियों को उनके मूल वेतन के आधार पर मिलेगा।यानी मूल वेतन जितना अधिक होगा,डीए बढ़ोतरी से मिलने वाला लाभ भी उतना ही अधिक होगा।3लाख पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदाइस प्रस्ताव का लाभ केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। करीब3लाख पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत (DR)में बढ़ोतरी का लाभ मिलने की संभावना है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मासिक पेंशन में भी इजाफा होगा।सरकारी खजाने पर1200करोड़ रुपये से अधिक का बोझमहंगाई भत्ते में3फीसदी की बढ़ोतरी से बिहार सरकार के खजाने पर सालाना1200करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है।अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजारफिलहाल बिहार के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर कैबिनेट के फैसले पर टिकी है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो छठ महापर्व से पहले कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की राहत मिल सकती है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
जगन्नाथपुर थाना पहुंचे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने लगाया जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप,भाजपा ने किया पलटवार;प्रवक्ता बोले- कांग्रेस पहले अपने मंत्री को समझाएरांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री के समर्थन में उतर आए हैं। कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने रांची के जगन्नाथपुर थाना पहुंचकर केंद्रीय मंत्री संजय सेठ,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू,पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश,पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही समेत अन्य भाजपा नेताओं के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। प्रतिनिधिमंडल ने संबंधित नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।भाजपा नेताओं पर जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी का आरोपकांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि भाजपा नेताओं की ओर से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ लगातार जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंत्री को बांग्लादेशी घुसपैठिया कहकर संबोधित किया गया और उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश कर समाज को गुमराह करने की कोशिश की गई। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियों से युवाओं को उकसाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।आलोक दुबे और कुमार राजा के नेतृत्व में पहुंचा प्रतिनिधिमंडलआलोक दुबे,कुमार राजा,सोमनाथ मुंडा और रियाज अंसारी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जगन्नाथपुर थाना पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की।भाजपा का पलटवार,इरफान अंसारी पर साधा निशानावहीं,कांग्रेस की शिकायत पर भाजपा प्रवक्ता दीनदयाल बरनवाल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा,"उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। कांग्रेस के नेताओं को चाहिए कि वे पहले इरफान अंसारी को समझाएं। वह कब क्या बोलते हैं,किसी को कुछ पता नहीं।" भाजपा प्रवक्ता के इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग और तेज होने के संकेत हैं।शिकायत के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेजस्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। एक ओर कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है,वहीं भाजपा ने कांग्रेस और उसके मंत्री पर ही सवाल उठाए हैं। अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
मोकामा के विधायक अनंत सिंह इन दिनों अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में जुटे हैं। इसी क्रम में वह बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात करने पहुंचे। अनंत सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को अपनी बिटिया की शादी का निमंत्रण पत्र सौंपकर समारोह में शामिल होने का आग्रह किया।इस मुलाकात के दौरान अनंत सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को व्यक्तिगत रूप से शादी का न्योता दिया। उन्होंने परिवार की ओर से आयोजित होने वाले विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद देने का अनुरोध किया।मुलाकात की तस्वीर और जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इसकी चर्चा हो रही है। मोकामा विधायक अनंत सिंह अपने पारिवारिक कार्यक्रम को लेकर लगातार राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा शुभचिंतकों को आमंत्रित कर रहे हैं।विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को निमंत्रण देना भी इसी सिलसिले का हिस्सा माना जा रहा है। अनंत सिंह की ओर से व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर निमंत्रण देने को शिष्टाचार मुलाकात के तौर पर देखा जा रहा है।गौरतलब है कि अनंत सिंह बिहार की राजनीति में चर्चित चेहरों में शामिल हैं। मोकामा विधानसभा क्षेत्र से उनका राजनीतिक जुड़ाव लंबे समय से रहा है। फिलहाल उनकी बेटी की शादी को लेकर परिवार में तैयारियां चल रही हैं और इस खास मौके पर राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया जा रहा है।विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को निमंत्रण देने पहुंचे अनंत सिंह की यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
रांची: झारखंड विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र25और26नवंबर को आयोजित होगा। इस दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम,2026को लेकर सदन में विशेष चर्चा होगी। राज्य सरकार दोनों मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज सकती है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से प्रस्ताव मिलने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने25और26नवंबर को सदन की बैठक बुलाने का आदेश जारी कर दिया है। दोनों दिन विधानसभा की कार्यवाही सुबह11बजे से शुरू होगी।मानसून सत्र का ही होगा विस्तारित आयोजनखास बात यह है कि नवंबर में होने वाली यह बैठक अलग सत्र के रूप में नहीं,बल्कि मानसून सत्र के तहत ही आयोजित होगी। इससे पहले मानसून सत्र की कार्यवाही11अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। अब उसी सत्र को आगे बढ़ाते हुए दो दिनों की बैठक बुलाई गई है।पहले दिनSIR,दूसरे दिनMMDRसंशोधन पर चर्चासंभावना है कि25नवंबर को सदन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)का मुद्दा उठेगा,जबकि26नवंबर को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम,2026पर चर्चा होगी।राज्य सरकार इन दोनों मुद्दों पर अपना पक्ष रखते हुए केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव ला सकती है। प्रस्ताव पारित होने की स्थिति में इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।MMDRसंशोधन को लेकर केंद्र से नाराज है राज्य सरकारखान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के संसद से पारित होने के बाद से ही झारखंड सरकार इसका विरोध कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य की चिंताओं से अवगत करा चुके हैं।राज्य सरकार का तर्क है कि संशोधन से खनिज संपदा पर सेस लगाने के राज्य के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इससे राज्य के राजस्व पर असर पड़ने की आशंका है। सरकार का कहना है कि खनिज से मिलने वाले राजस्व में कमी आने पर मंईयां सम्मान योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।इस मुद्दे को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं।SIRके मुद्दे पर भी सरकार रखेगी अपना पक्षवहीं,मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानीSIRको लेकर भी झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार विरोध जता रही है। आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।अब सबकी नजरें25और26नवंबर को होने वाली विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हैं। इन दो दिनों में सदन में होने वाली चर्चा और पारित होने वाले संभावित प्रस्तावों से केंद्र और राज्य के बीच इन दोनों मुद्दों पर राजनीतिक एवं नीतिगत बहस को नई दिशा मिल सकती है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
बिहार की राजनीति में पूर्व आईपीएस अधिकारी काम्या मिश्रा की संभावित एंट्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के साथ उनकी मुलाकात की एक तस्वीर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा है कि काम्या मिश्रा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के साथ अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत कर सकती हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।दरअसल, काम्या मिश्रा शुक्रवार को पटना स्थित संजय झा के आवास पहुंचीं। दोनों ने मुलाकात की तस्वीर अपने-अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की। काम्या मिश्रा ने संजय झा के बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने के प्रयासों की सराहना की। वहीं, संजय झा ने इस मुलाकात को दीपावली की शुभकामनाओं के आदान-प्रदान से जुड़ी शिष्टाचार भेंट बताया।इसके बावजूद मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस सेवा छोड़ने के बाद अब काम्या मिश्रा राजनीति में नई जिम्मेदारी संभालने की तैयारी कर रही हैं?22 साल की उम्र में बनी थीं IPS अधिकारीकाम्या मिश्रा वर्ष 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी रही हैं। उन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर 172वीं रैंक हासिल की थी। बिहार में पुलिस सेवा के दौरान उनकी पहचान एक तेजतर्रार अधिकारी के रूप में बनी। दरभंगा में ग्रामीण एसपी रहते हुए उन्होंने वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के पिता जीतन सहनी हत्याकांड की जांच में अहम भूमिका निभाई थी।करीब छह साल पुलिस सेवा में रहने के बाद उन्होंने 28 वर्ष की उम्र में आईपीएस पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों को इस्तीफे की वजह बताया था। फिलहाल वह जीएम आयरन एंड स्टील कंपनी की निदेशक हैं।ऐसे में संजय झा से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि, जदयू में शामिल होने या चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
मोकामा के विधायक अनंत सिंह की प्रयागराज यात्रा के दौरान शुक्रवार को वाराणसी में उस समय नया घटनाक्रम सामने आया, जब उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके काफिले को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया। अनंत सिंह बीएचयू परिसर में महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर फूल चढ़ाना चाहते थे, लेकिन पुलिस से इसकी अनुमति नहीं मिलने के कारण उन्हें अपना कार्यक्रम बदलना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, पटना से प्रयागराज जा रहे अनंत सिंह का काफिला वाराणसी पहुंचने पर हरसेवानंद स्कूल के पास रोक दिया गया। रामनगर और लंका थाने की पुलिस ने उन्हें बताया कि इतने बड़े काफिले के साथ शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें मुख्य मार्ग से प्रयागराज जाने की सलाह दी।कुछ देर बातचीत और पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद अनंत सिंह वाराणसी शहर में प्रवेश किए बिना ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। इस दौरान लंका चौराहे पर उनके स्वागत के लिए समर्थक इंतजार करते रह गए। डाफी के पास हाईवे पर कुछ समर्थकों ने उनका स्वागत किया।दरअसल, अनंत सिंह अपने पुराने मित्र पप्पू सलमान के बेटे की शादी के वलीमा में शामिल होने प्रयागराज जा रहे थे. पटना से रवाना होने के बाद रास्ते में बिहटा, आरा, बक्सर, मोहनिया और चंदौली समेत कई जगहों पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। आरा में जेसीबी से फूल बरसाए गए, जबकि बक्सर में उन्हें चांदी का मुकुट पहनाया गया। जगह-जगह स्वागत कार्यक्रमों के कारण उनका काफिला निर्धारित समय से करीब तीन घंटे देरी से आगे बढ़ा।गौरतलब है कि जेडीयू ने अनंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। वहीं, विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग पर स्पीकर ने उनसे जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में उनकी जमानत निलंबित करते हुए चार दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना में लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में पंचायती राज विभाग की एक अहम उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता की है मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने!बैठक के दौरान सम्राट चौधरी ने विभाग के तमाम बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर राज्यभर में चल रही पंचायती राज की सभी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की एक-एक बिंदु पर बारीकी से समीक्षा की।इस समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा जोर ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में बनाए जा रहे पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में और अधिक तेजी लाई जाए।इसके साथ ही, पहले से बने भवनों के बेहतर रखरखाव और देखरेख को लेकर भी अधिकारियों को सख्त और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक का एक और सबसे बड़ा आकर्षण और अहम फैसला ऊर्जा के क्षेत्र में उठाया गया कदम रहा। सम्राट चौधरी ने राज्य की सभी जलमीनारों पर 20 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाने का बड़ा आदेश दिया है। सरकार का यह कदम ग्रामीण इलाकों में हरित ऊर्जा (Green Energy) और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। पंचायतों में विकास कार्यों को नई गति देने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिया है कि जनता से जुड़ी हर योजना का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन जमीन पर दिखना चाहिए। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त नजर रखी जाएगी।
बिहार में आगामी दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पूरी सतर्कता एवं तत्परता के साथ काम करने को कहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में बिहार के लोग दूसरे राज्यों और विदेशों से अपने घर लौटते हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थलों और छठ घाटों पर विशेष सफाई, सुरक्षा तथा 24 घंटे गश्ती की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी जिलों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को सक्रिय और अलर्ट रखने का निर्देश दिया गया।पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा ने बताया कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के लिए 16 हजार प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों, 1500 पीटीसी, होमगार्ड और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने छठ घाटों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षा, रोशनी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नंगे तारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने कायाकल्प अभियान के तहत योजनाओं की संख्या दोगुनी किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि कोई भी गांव विकास योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। बाढ़ से क्षतिग्रस्त ग्रामीण सड़कों की जल्द मरम्मत कराने और सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र एवं पंचायत भवन जैसी सुविधाओं को अभियान में शामिल करने को कहा।उन्होंने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को हर महीने उद्यमियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का निर्देश दिया। भ्रामक और फर्जी खबरों पर अधिकतम चार घंटे के भीतर प्रतिक्रिया देने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने 16 नवंबर के बाद विकास कार्यों की विशेष समीक्षा और 25 नवंबर के बाद विभिन्न जिलों का दौरा करने की बात कही। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
बिहार विधान परिषद में नियुक्तियों को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर मामला गरमा गया। नवनियुक्त करीब 100 कर्मचारियों ने विधान परिषद के मुख्य गेट पर जमकर हंगामा किया। ये सभी कर्मचारी जल्द से जल्द योगदान कराने की मांग कर रहे थे। हालांकि, विधान परिषद परिसर में प्रवेश करने से उन्हें रोक दिया गया। स्थिति को देखते हुए परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।जानकारी के अनुसार, नवनियुक्त कर्मचारियों में सात निजी सहायक (आशुलिपिक), करीब 56 सुरक्षा प्रहरी और 33 डेटा एंट्री ऑपरेटर शामिल हैं। इन सभी का योगदान नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं के कारण फिलहाल रोक दिया गया है। कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और कौशल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों ने पिछले दो से तीन महीने तक विधान परिषद में काम किया था। लेकिन शुक्रवार को अचानक उन्हें कार्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी विधान परिषद के गेट पर जमा हो गए और अपनी जॉइनिंग की मांग करने लगे।वहीं, निजी सहायकों के सात पदों पर हुई नियुक्तियों को लेकर भी जांच चल रही है। ये नियुक्तियां पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई थीं। चयनित सात निजी सहायकों की शॉर्टहैंड दक्षता की जांच के लिए चार नवंबर को परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन कोई भी अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुआ।इसके बाद परिषद सचिवालय ने सभी सात अभ्यर्थियों को एक और मौका देने का निर्णय लिया है। अब 18 नवंबर को दोबारा शॉर्टहैंड परीक्षा आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित परीक्षा में शामिल नहीं होने पर उनकी उम्मीदवारी समाप्त की जा सकती है।फिलहाल विधान परिषद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। नियुक्तियों की जांच और योगदान पर रोक के बीच कर्मचारियों का विरोध जारी है। पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
झारखंड की सियासत में एक बार फिर पारा चढ़ने लगा है! वजह है—गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव की आहट। दिवंगत विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तारीखों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी कमर अभी से कस ली है। मैदान में सबसे आगे दिख रही है झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)। पार्टी की तेज-तर्रार नेत्री कल्पना सोरेन लगातार गिरिडीह का दौरा कर रही हैं और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी हैं। JMM इस सीट को अपने पाले में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।"वहीं दूसरी ओर, मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी पीछे नहीं है। बीजेपी लगातार कई जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन को और पुख्ता करने में लगी है। इसी बीच, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। बाबूलाल मरांडी ने तंज कसते हुए कहा कि 'सत्ताधारी दल को तभी जनता की याद आती है जब चुनाव नजदीक आते हैं, जबकि बीजेपी साल के 365 दिन जनता के बीच रहकर काम करती है। सिर्फ जुबानी हमला ही नहीं, बाबूलाल मरांडी ने एक बहुत बड़ा दावा भी कर दिया है। उनका कहना है कि इस बार गिरिडीह उपचुनाव में बीजेपी की जीत पूरी तरह तय है.
काशी की धरती से भरी हुंकार, उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का लिया संकल्प; युवाओं से मांगा साथ और बुजुर्गों से आशीर्वादवाराणसी:लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने काशी की धरती से विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर विपक्ष की राजनीति को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब तक वह जिंदा हैं, आरक्षण और संविधान पर कोई आंच नहीं आने देंगे।चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव के दौरान विपक्ष एनडीए सरकार को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाता है। उन्होंने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा को अपनी राजनीति का मूल संकल्प बताया।अपने पिता रामविलास पासवान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विचारों और सामाजिक न्याय के सपनों को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।उत्तर प्रदेश के विकास पर जोर देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ वह सिर पर कफन बांधकर निकले हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने युवाओं से परिवर्तन की मुहिम में साथ देने और बुजुर्गों से आशीर्वाद देने की अपील की। साथ ही जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। चिराग पासवान ने कहा कि उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश को विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के नए आयामों तक पहुंचाना है।पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट
हर विद्यार्थी का सम्मान,अधिकार और हित सर्वोपरि-नवादा सांसदनवादा/पटना: भाजपा नेता एवं नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने यूजीसी नियमों की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा समिति गठित करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का यह कदम स्वागतयोग्य है।विवेक ठाकुर ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी नियम के कारण समाज के किसी वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव या अन्याय न हो। शिक्षा का उद्देश्य समान अवसर देना, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और सभी विद्यार्थियों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के अनुरूप न्यायपूर्ण, समावेशी और भेदभावमुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हर विद्यार्थी का सम्मान, अधिकार और हित सर्वोपरि है।राजीव रंजन की रिपोर्ट
खगड़िया: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रील्स और वीडियो बनाने वाले शिक्षकों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को रील्स या सिनेमा बनाना है, उन्हें थिएटर जॉइन कर लेना चाहिए, क्योंकि स्कूल बच्चों को पढ़ाने के लिए होता है। शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए आदर्श स्थिति में स्कूल आना चाहिए।शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के चेहरे और व्यवहार में गुरु का भाव दिखना चाहिए। जब शिक्षक में गुरु का भाव होगा, तभी बच्चे उन्हें अपना आदर्श मानकर शिष्य बनेंगे।वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपराध और क्राइम को लेकर दिए गए बयान पर भी शिक्षा मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को स्लिप ऑफ टंग बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री संगठित अपराध के खात्मे की बात कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया ने मुख्यमंत्री के बयान को दूसरे संदर्भ में पेश किया।मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में पहले के शासनकाल की तुलना में संगठित अपराध पर नियंत्रण की दिशा में काम हुआ है। उनके इस बयान के बाद शिक्षकों की सोशल मीडिया गतिविधियों और मुख्यमंत्री के बयान को लेकर राजनीतिक एवं सामाजिक चर्चा तेज हो गई है।खगड़िया से स्वतंत्रता सिंह की रिपोर्ट
रांचीः झारखंड में मतदाता सूची के पुनरीक्षण और कथित तौर पर वोटरों के नाम काटे जाने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने इस मामले को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी,झारखंड और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दो अलग-अलग पत्र लिखे हैं। पत्रों में मतदाता सूची से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं। प्रदीप यादव ने राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार कर इस मुद्दे पर खुली बहस करने की मांग की है।10लोगों के नाम बताने की चुनौती पर प्रदीप यादव का पलटवारमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को लिखे पत्र में प्रदीप यादव ने मतदाता सूची से नाम कटने को लेकर दिए गए एक बयान पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को10ऐसे लोगों के नाम बताने की चुनौती दी गई थी,जिनके नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।प्रदीप यादव ने कहा कि जब तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित नहीं होती,तब तक नाम कटने या नहीं कटने का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अधूरी प्रक्रिया के आधार पर किसी राजनीतिक दल को गलत साबित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही अभी नाम नहीं कटे हों,लेकिन करीब1करोड़7लाख मतदाता इस आशंका में हैं कि कहीं उनका नाम मतदाता सूची से हटा न दिया जाए।2.64करोड़ मतदाताओं में44लाख से अधिक की स्थिति पर सवालप्रदीप यादव ने अपने पत्र में मतदाता सूची के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में करीब2करोड़64लाख मतदाता हैं,जबकि लगभग44लाख मतदाताओं के संबंध में अलग से सूचनाएं या प्रक्रियागत कार्रवाई सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई स्तरों पर गड़बड़ियां हो रही हैं। उनके अनुसार,इसके पीछे राजनीतिक उद्देश्य से विरोधी विचारधारा वाले मतदाताओं को सूची से बाहर करने की साजिश हो सकती है।सरैयाहाट और मुफस्सिल क्षेत्र के उदाहरण देकर उठाए सवालप्रदीप यादव ने अपने पत्र में सरैयाहाट और मुफस्सिल क्षेत्र के दो उदाहरणों का उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में मतदाता सूची से संबंधित फॉर्म गलत तरीके से जमा किए गए हैं। उन्होंने कहा किSDD की सूची में शामिल नामों को लेकर जो चुनौती दी गई थी, उसमें करीब पांच प्रतिशत लोगों का मामला सामने आया है। उन्होंने पौड़ेयाहाट की सरिता देवी का उदाहरण देते हुए भी मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रदीप यादव ने यह भी कहा कि पुराने मतदाताओं के सामने फॉर्म-6 भरने जैसी प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम और परेशानी की स्थिति पैदा हो रही है।एक साल की सजा के प्रावधान का भी किया जिक्रमतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में गलत जानकारी देने और नियमों के उल्लंघन से जुड़े कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए प्रदीप यादव ने जनप्रतिनिधित्व कानून और मतदाता पंजीकरण नियमावली का हवाला दिया। उन्होंने विशेष रूप से मतदाता पंजीकरण नियमावली1960 के नियम21 का उल्लेख करते हुए कहा कि अनजाने में छूटे नामों को मतदाता सूची में शामिल करने का प्रावधान है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और आम मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की।अमित शाह को लिखे पत्र में लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर सवालकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में प्रदीप यादव ने लोकतंत्र की स्थिति और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र बचाने की बात करने वाली भाजपा की सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। उन्होंने ईडी, सीबीआई, भारतीय रिजर्व बैंक और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। प्रदीप यादव ने कहा कि लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण अधिकार मतदान का अधिकार है और यदि मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाने की आशंका पैदा होती है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और नियमों में बदलाव पर भी सवालप्रदीप यादव ने अपने पत्र में चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने से संबंधित प्रावधानों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को लेकर बनाए गए नए कानूनी प्रावधानों से उसकी जवाबदेही प्रभावित हुई है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश और अन्य संवैधानिक पदों की भूमिका में बदलाव तथा चुनाव आयुक्तों को दिए गए संरक्षण का मुद्दा भी उठाया।बंगाल,उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मामलों का दिया हवालाप्रदीप यादव ने अपने पत्र में पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से जुड़े कुछ मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में करीब48 लाख41 हजार लोगों ने न्यायाधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखा, लेकिन उनके अनुसार एक लाख से भी कम लोगों को राहत मिल पाई। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक मामले का जिक्र करते हुए मतदाता सूची में करीब10 हजार नामों में बदलाव और एक एसडीएम के निलंबन का दावा किया।वहीं, हरियाणा के फरीदाबाद की दो विधानसभा सीटों से जुड़े मामले में उन्होंने चुनावी फुटेज और कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। इन सभी उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार कर खुली बहस करे भाजपा- प्रदीप यादवप्रदीप यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े सवालों पर केवल राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय खुली बहस होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। भाजपा को चुनौती स्वीकार कर तथ्यों के आधार पर बहस करनी चाहिए और अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट
दरभंगाः बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचे। हैदराबाद से हवाई मार्ग के जरिए दरभंगा पहुंचे तेजस्वी यादव का राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से उतरने के बाद वे सड़क मार्ग से मधुबनी जिले के बाबूबरही के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि वे वहांASIकी गोलीबारी में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात करेंगे और घटना के पीड़ित परिवार का हाल जानेंगे।एयरपोर्ट पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया स्वागततेजस्वी यादव के दरभंगा पहुंचने की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता जुट गए। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद तेजस्वी यादव बिना देर किए बाबूबरही के लिए रवाना हो गए।ASIकी गोलीबारी में हुई थी एक व्यक्ति की मौतजानकारी के अनुसार, मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र में पिछले दिनोंASI की गोलीबारी की घटना सामने आई थी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी,जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इसी सिलसिले में तेजस्वी यादव पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे हैं।पीड़ित परिवार से मिलकर जानेंगे हालाततेजस्वी यादव बाबूबरही पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी लेंगे और घायलों का हाल भी जानेंगे।तेजस्वी के दौरे पर राजनीतिक हलचलASIगोलीबारी की घटना के बाद तेजस्वी यादव का बाबूबरही दौरा राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजरें पीड़ित परिवार से उनकी मुलाकात और इस मामले पर उनके बयान पर टिकी हैं।दरभंगा से गिरिश कुमार की रिपोर्ट
बिहार की राजनीति में ‘मिशन निशांत’ की शुरुआत,जेडीयू में बड़ी जिम्मेदारी और डिप्टी सीएम पद को लेकर चर्चाएं तेजपटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों ‘मिशन निशांत’ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जेडीयू के भीतर निशांत कुमार की राजनीतिक भूमिका और भविष्य की जिम्मेदारी को लेकर नए सिरे से मंथन शुरू होने की चर्चा है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक के बीच निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी!सूत्रों की माने तो मिशन निशांत’ की शुरुआत के साथ पार्टी में उनके राजनीतिक भविष्य की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। इसके तहत निशांत कुमार को संगठन और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार होने की चर्चा है। हालांकि,उपमुख्यमंत्री पद को लेकर अभी किसी आधिकारिक फैसले की पुष्टि नहीं हुई है।विजय कुमार चौधरी को लेकर भी चर्चा तेजइस पूरे घटनाक्रम में जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी की भूमिका भी चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार,उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना पर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। यदि ऐसा कोई फैसला होता है तो पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।सक्रिय राजनीति में निशांत कुमार की बढ़ती भूमिकागौरतलब है कि निशांत कुमार पहले ही सक्रिय राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। पार्टी की गतिविधियों और चुनावी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी लगातार चर्चा में रही है। हाल के विधान परिषद चुनाव में भी उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक विश्लेषण हो रहा है।JDUकी बैठक के फैसले पर टिकी बिहार की नजरेंअब सबकी निगाहें जेडीयू की महत्वपूर्ण बैठक और पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हैं। क्या निशांत कुमार को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी या पहले संगठन में उनकी भूमिका मजबूत की जाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल ‘मिशन निशांत’ बिहार की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट