
बुधवार, 23 सितंबर 2026
Liveपटना: बिहार विधान परिषद् सचिवालय में विभिन्न पदों पर चयनित43अभ्यर्थियों को मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए. विधान परिषद् उपभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सभापति अवधेश नारायण सिंह ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे.भर्ती प्रक्रिया के तहत डाटा एंट्री ऑपरेटर के33और निम्न वर्गीय लिपिक के10पदों पर अंतिम रूप से सफल अभ्यर्थियों का चयन किया गया है. नियुक्ति पत्र मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल रहा.इस अवसर पर सभापति अवधेश नारायण सिंह और बिहार विधान परिषद् के सचिव शिव गोपाल मिश्र ने सभी चयनित अभ्यर्थियों एवं उनके परिवारजनों को बधाई और शुभकामनाएं दीं. सभापति ने अभ्यर्थियों की मेहनत,लगन और प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों से अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा जताई. कार्यक्रम में विधान परिषद् के निदेशक ज्ञान प्रकाश,उप सचिव मिथिलेश कुमार झा समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: जमुई में छात्र-छात्रा से बदसलूकी की घटना को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग की है. मंगलवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि घटना के बाद बिहार शर्मसार हो रहा है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है.तेजस्वी ने एनडीए के कुछ नेताओं और मंत्रियों के बयानों पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कुछ लोग घटना को छोटी-मोटी बात बताकर सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं. तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से पद छोड़ने की मांग दोहराई.यह मामला 19 सितंबर का है. पुलिस के अनुसार,एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र और छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी की गई थी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया और जांच शुरू की. पुलिस ने आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई तेज की है.मामले की जांच अब सीआईडी की कमजोर वर्ग शाखा की विशेष टीम कर रही है. पुलिस मुख्यालय ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं,पुलिस ने जल्द चार्जशीट दाखिल करने और मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाने की बात कही है. आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है.इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि अपराधी की कोई जात नहीं होती और पुलिस को चुनौती देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा पटना संग्रहालय में नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों के लिए22से24सितंबर2026तक तीन दिवसीयOrientation-cum-Training Programme आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्घाटन कला एवं संस्कृति मंत्रीडॉ. प्रमोद कुमार ने किया. इस अवसर पर विभागीय सचिव प्रणव कुमार, भा.प्र.से. संग्रहालय निदेशक कृष्ण कुमार, भा.प्र.से. एवं सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, भा.प्र.से. उपस्थित रही.इस अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों से अपील की कि वे संग्रहालयों के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए कार्य करें, ताकि संग्रहालय केवल देखने की जगह न रहकर शोध का क्षेत्र भी बन सके. उन्होंने कहा कि सरकार संग्रहालयों के विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार है. अब अधिकारियों को संग्रहालयों को आगे ले जाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करना चाहिए.विभागीय सचिव प्रणव कुमार, भा.प्र.से. ने कहा कि संग्रहालय हमारी संस्कृति को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों में व्यावहारिक अनुभव, जानकारी एवं विषय की बेहतर समझ विकसित होगी. उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका उद्देश्य संग्रहालय संरक्षण, प्रबंधन एवं पुरातत्व से संबंधित आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान करना है.उद्घाटन सत्र के उपरांत संग्रहालय निदेशक कृष्ण कुमार द्वारा संग्रहालय से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान संग्रहालयों में संरक्षण की समस्याएं, संग्रहालय वस्तुओं काPreventive Conservation तथाMuseum एवंArchaeology से संबंधित कानूनों के बारे में जानकारी दी गई.इस अवसर पर संयुक्त सचिव महमूद आलम, अपर निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, उप सचिव वंदना सिन्हा, अपर निदेशक, बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय, डॉ. विमल तिवारी, अपर निदेशक डॉ. शंकर सुमन, अपर निदेशक डॉ. विनय कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे.तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नवनियुक्त सहायक संग्रहालयाध्यक्षों को संग्रहालयों के संरक्षण, प्रबंधन एवं पुरातत्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में संग्रहालयों की गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने जमुई में छात्रा के साथ हुई कथित छेड़खानी और अभद्रता की घटना को लेकर बिहार सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी यादव ने कहा कि घटना का जो वीडियो सामने आया है, वह शर्मसार करने वाला है और इससे पूरे देश में बिहार की बदनामी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले को किसी भी सूरत में सामान्य या छिटपुट घटना बताना उचित नहीं है। जमुई की घटना के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है ।तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि रात में कहीं भी चले जाइए, अगर कोई छू देगा तो वे इस्तीफा दे देंगे। तेजस्वी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने जुबान के पक्के हैं तो अब इस्तीफा देकर अपने बयान पर कायम रहें।प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव एक महीने की अखबारों की कटिंग लेकर पहुंचे और उन्होंने बिहार के अलग-अलग जिलों में अपराध और महिलाओं के खिलाफ घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में ऐसे सैकड़ों मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई और उसके नतीजे को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि बिहार में महिलाएं सुरक्षित हैं।तेजस्वी यादव ने कहा कि जमुई की घटना में जात-पात नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अपराधी की कोई जात नहीं होती और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए फांसी देना चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि मामले में सात लोगों की भूमिका सामने आई है तो प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक किसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है।तेजस्वी यादव ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के संसद में दिए गए जवाब का हवाला देते हुए बिहार में अपराध की स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस व्यवस्था में राजनीतिक हस्तक्षेप हो रहा है और थानेदारों के तबादले तक मुख्यमंत्री आवास से होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईमानदार पुलिस अधिकारियों को परेशान किया जा रहा है और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को संरक्षण मिल रहा है।जमुई मामले में जातीय राजनीति को लेकर तेजस्वी यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। तेजस्वी ने कहा कि हर घटना में जाति जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस दिन जमुई में घटना हुई, उस दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक सम्मेलन में थे। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जो लोग इस मामले में जाति का मुद्दा उठा रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि इससे अपराधियों को संरक्षण देने का संदेश जाता है। तेजस्वी यादव ने सरकार से जमुई मामले में पूरी कार्रवाई सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट
औरंगाबाद:जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़खानी की घटना के विरोध में कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर की मुख्य सड़कों से गुजरते हुए जमकर नारेबाजी की और बिहार सरकार के खिलाफ विरोध जताया. प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता रमेश चौक पहुंचे,जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया.कांग्रेस कमेटी के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. कार्यकर्ताओं ने जमुई में नाबालिग लड़की से छेड़खानी के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और मामले में सरकार की भूमिका को लेकर विरोध जताया.कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर की प्रमुख सड़कों से जुलूस निकाला और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की.इसके बाद प्रदर्शनकारी शहर के रमेश चौक पहुंचे, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया. इस दौरान काफी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बिहार के कई जिलों के दौरे पर विपक्ष ने निशाना साधा है. RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सोच अच्छी है,लेकिन यह सोच मुद्दे से भटकाने का है. उन्होंने कहा कि मैं यह मानता हूं कि मुख्यमंत्री जाएंगे तो ठीक है लेकिन जो वास्तविक मुद्दा हैं बिहार में उसे भटकने के लिए यह बिहार भ्रमण कर रहे हैं.RJD विधायक नेमहिलाओं को तीन डिसमिल जमीन दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय के नजदीक भारी भीड़ जमा होने और अब पंचायत में शिविर लगाए जाने और अंचल कार्यालय में जमीन का आवेदन दिए जाने की बात पर कहा कि यह सरकार वादा करती हैं,लेकिन सरकार को समझना चाहिए हर लोग अपने अधिकार के लिए जाग चुके हैं और कहीं ना कहीं अब महिलाएं भी जग गई है.
पटना : बिहार में बाढ़ और सरकार के कामकाज को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। तेजस्वी यादव के ‘डबल इंजन सरकार के दोनों इंजनों में आग लगी है’ वाले बयान पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने पलटवार किया है।सासाराम में पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे उपेंद्र कुशवाहा ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके राजनीतिक आधार में लगातार कमी आ रही है। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि इसी वजह से तेजस्वी इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी के कलेजे पर सांप लोट रहा है।दरअसल, तेजस्वी यादव ने हाल में बिहार में आई बाढ़ को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों के साथ केंद्र से मिलने वाली सहायता को लेकर भी सरकार को घेरा था। इसी दौरान उन्होंने एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए ‘डबल इंजन’ के दोनों इंजनों में आग लगने की बात कही थी।उपेंद्र कुशवाहा ने बख्तियारपुर चुनाव परिणाम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां एनडीए को भी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन विपक्षी गठबंधन के प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। यह आंकड़ा बताते हुए कुशवाहा ने इसे विपक्ष की राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा।बिहार की आर्थिक स्थिति पर पूछे गए सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि उन्हें फिलहाल इसकी पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव होता रहता है और सरकार बाढ़, सुखाड़ समेत राज्य की समस्याओं पर काम कर रही है।
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार ने भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से‘अभियान बसेरा’ के तहत22सितंबर2026से राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।इस अभियान का उद्देश्य बिहार के ऐसे भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराना है, जिनके पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है। सरकार के निर्देश के मुताबिक अब आवासीय भूमि के कूपन के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी होगी।भूमिहीन परिवार अपने नजदीकी ग्राम पंचायत या प्रखंड कार्यालय में आवेदन जमा कर सकेंगे। संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदन स्वीकार करने और आवेदकों को रसीद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी शुरू की है। इच्छुक परिवार बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवासीय भूमि के लिए आवेदन कर सकते हैं।इस पहल के जरिए सरकार का फोकस राज्य के भूमिहीन परिवारों को सुरक्षित आवास और अपनी जमीन उपलब्ध कराने पर है। पंचायत स्तर पर लगने वाले विशेष कैंपों के माध्यम से पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।सरकार का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है, ताकि पात्र परिवारों को वासभूमि के लिए आवेदन करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की 77वीं वार्षिक आम सभा का आयोजन होटल सी.पी. पैलेस एक्जीबिशन रोड, पटना में दिनांक 21 सितंबर को किया गया. कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंक के अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे ने की. इस अवसर पर बिहार विधानसभा के सदस्य जितेंद्र कुमार एवं रजनीश कुमार,सचिव सहकारिता विभाग धर्मेंद्र सिंह, एनसीसीएफ सह बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह, अपर निबंधक (साख) सह प्रबंध निदेशक वेजफेड मनोज कुमार सिहं एवं बैंक के प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान सहित अन्य गणमान्य अतिथि,निदेशक मंडल के सदस्य,शेयरधारक,अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम,राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ. इस अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन, प्रबंध निदेशक का वार्षिक प्रतिवेदन,शेयर प्रमाण पत्र वितरण एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, आरा,जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, गोपालगंज एवं जिला केंद्रीय सहकारी बैंक,बेगूसराय को प्रशंसा-पत्र/पुरस्कार वितरण किया गया.बैंक के अध्यक्ष रमेश चंद्र चौबे ने बैंक की प्रगति,उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बैंक ने वित्तीय अनुशासन ,गुणवत्तापूर्ण ऋण वितरण एवं एनपीए प्रबंधन की दिशामें महत्वपूर्ण प्रगति की है. तकनीकी आधुनिकीकरण के तहतCBSकोFinacle 7-0 Finacle10 में अपग्रेड किया गया है. जिससे आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार में सुविधा होगी. उन्होंनेPACSके सशक्तिकरण,ग्रामीण वित्तीय समावेशन तथा कि सानों को बेहतर बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई.प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंक का सकल जमा 2298 करोड़ रुपये से बढ़कर 2514 करोड़ रुपये तथा ऋण/अग्रिम 5278.25 करोड़ रुपये से बढ़कर 6334.19 करोड़ हुआ. बैंक ने 21.93 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया. ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए 45.753 नए खाते खोले गए.बिस्कोमान के अध्यक्ष विशाल सिंह नेPACSको सशक्त बनाने के लिए अधिप्राप्ति कार्य में भुगतान में होने वाले विलंब से उत्पन्न अतिरिक्त ब्याज भार को कम करने तथा राज्य स्तर पर रिवोल्विंग फंड की व्यवस्था करने का सुझाव दिया. उन्होंने कुछDCCBSकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं पुनर्संरचना तथा अधिप्राप्ति से भुगतान तक की प्रक्रिया कीSystematic Time Mappingकर स्थायी समाधान विकसित करने पर जोर दिया.वहीं विधानसभा के सदस्य जितेंद्र कुमार ने अधिप्राप्ति कार्य में भुगतान में विलंब, गोदाम एवंFRKकी समस्या तथाCMRजमा करने में देरी के कारणPACSएवंDCCBSपर पड़ रहे वित्तीय दबाव का विषय उठाया.सहकारिता मंत्री ने कहा कि बिहार राज्य सहकारी बैंक वर्ष 1914 से राज्य की सहकारी ऋण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका रहा हैऔर आज 23 जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के साथ सहकारी बैंकिंग व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है. उन्होंने सभी सहकारी बैंकों में जमा वृद्धि को प्राथमिकता देने, ऋण वितरण में गुणवत्ता एवं सावधानी बरतने तथा एनपीए एवं बकाया ऋणों की प्रभावी वसूली सुनिश्तिच करने पर जोर दिया. उन्होंने कृषि के साथ डेयरी,मत्स्य,खाद्य प्रसंस्करण ,भंडारण,FPO,SHG,JLGएवं अन्य ग्रामीण उद्यमों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने तथा पीएसीएस को बहुउद्देशीय ग्रामीण आर्थिक संस्थाओं के रुप में विकसित करने की आवश्यकता बताई.
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित'ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-v' मुखिया संवाद कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया. कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, पंचायतों की भूमिका तथा गांवों को आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने के विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान है. ग्राम संसद के माध्यम से गांवों के विकास के लिए ठोस सुझाव सामने आने चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष2047तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं. वर्ष2037में बिहार की स्थापना के125वर्ष पूरे होने के अवसर तक बिहार को समृद्ध, सशक्त और विकसित बनाने के लिए अभी से योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पंचायत लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है. पंचायत के मुखिया के पास अपने क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है. जनता द्वारा दिए गए कर से ही शासन-व्यवस्था संचालित होती है और जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोकतंत्र मजबूत होता है. उन्होंने पंचायत स्तर पर राजस्व के नए स्रोत विकसित करने के लिए ग्राम संसद से सुझाव देने का आह्वान किया, ताकि गांवों में कचरा प्रबंधन, पेयजल, बिजली, सड़क सहित बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने के पक्ष में नहीं है.मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगला पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही कराया जाएगा. अगले वर्ष नगर निकायों में भी परिसीमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पंचायत और नगर निकाय क्षेत्र का स्पष्ट निर्धारण हो सके. उन्होंने कहा कि लगभग7,500की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा. पंचायतों में विकास कार्यों के क्रियान्वयन में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा. इससे मुखिया को पंचायत क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहायता मिलेगी और गांवों की विकास व्यवस्था को और बेहतर किया जा सकेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' की शुरुआत की गई है. इसके तहत प्रत्येक पंचायत में10विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन, आंगनबाड़ी केंद्र आदि के रख-रखाव, रंगाई-पुताई और आधारभूत सुविधाओं को निर्धारित समय सीमा में बेहतर बनाने का कार्य शामिल है. उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सहयोग शिविर की शुरुआत की गई है. प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किया जा रहा है. सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों का30दिनों के अंदर निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है. निष्पादन से असंतुष्ट आवेदकों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के स्तर पर भी राज्यस्तरीय सहयोग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने की व्यवस्था शुरू की गई है. इस प्रकार वर्ष में कम से कम12बार ग्राम सभा की बैठक कर गांव के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा और निर्णय किए जा रहे हैं. पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के साथ-साथ उनके रख-रखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है. उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण है. पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के बीच विकास को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना होनी चाहिए, ताकि उनके क्षेत्र में सड़क, जल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो.मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के माध्यम से बड़ी राशि करीब18हजार करोड़ रूपये राज्य से बाहर जाती है. इसे देखते हुए बिहार में उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है. राज्य में नए निजी विश्वविद्यालय और सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं तथा अधिक से अधिक निजी विश्वविद्यालय खोलने का लक्ष्य है, ताकि बिहार के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने राज्य में ही उपलब्ध हो सके. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष2030से पहले एक करोड लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराना है. अगले चार-पांच वर्षों में ऐसी परिस्थितियां बनाने का प्रयास किया जाएगा कि बिहार के लोगों को मजबूरी में रोजगार के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े. उन्होंने त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा तकनीक का उपयोग कर बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के संबंध में सुझाव देने का आग्रह किया.मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि कार्य के लिए55पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जिस पर प्रति वर्ष5हजार करोड़ रूपये खर्च हो रहे हैं. सभी कृषि फीडरों को सोलराइज करने की दिशा में काम किया जा रहा है. बिहार में प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह125यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि बिहार में बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद में स्थानीय उद्योग के उत्पादों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की जाएगी. छड़, सीमेंट सहित बिहार में निर्मित उत्पादों की खरीद कम से कम30प्रतिशत करना होगा जिसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में भी काम किया जाएगा.मुख्यमंत्री ने ग्राम संसद की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि वर्ष2047तक विकसित भारत और वर्ष2037तक समृद्ध एवं सशक्त बिहार के निर्माण के लिए सभी त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि अपना सुझाव एवं सहयोग दें, ताकि उन्हें नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल किया जा सके. गांव की समृद्धि देश की समृद्धि है. गांव विकसित होगा, तभी देश विकसित होगा.कार्यक्रम को उच्च शिक्षा सह विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, विधान पार्षद एवं ग्राम संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय मयूख, ग्राम संसद के उपाध्यक्ष दीपक ठाकुर एवं ग्राम संसद के नेशनल ब्रांड एम्बेस्डर किरण प्रभाकर ने भी संबोधित किया.कार्यक्रम में बिहार राज्य मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश राय, बिहार राज्य पंच-सरपंच संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद निराला, ग्राम संसद के संस्थापक एवं महासचिव ब्रजेश शर्मा, ग्राम संसद के महासचिव मृत्युंजय सिंह, ग्राम संसद की नेशनल ब्रांड एम्बेसडर किरण प्रभाकर सहित बड़ी संख्या में मुखिया एवं सरपंच उपस्थित थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट --
पटना : बड़ी खबर बिहार के बक्सर से है जहां छात्राओं से छेड़खानी और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के आरोप में दो शिक्षकों को सोमवार को बर्खास्त कर दिया गया है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के कड़े तेवर और सख्त निर्देश के बाद यह फैसला लिया गया. बर्खास्त किए गए शिक्षकों में डुमरांव प्रखंड के नथुनी अहिर के डेरा स्थित मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार शामिल हैं. भविष्य में दोनों किसी भी सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए अयोग्य होंगे.घटना के तुरंत बाद शिक्षा मंत्री ने कड़ा रुख दिखाते हुए बक्सर के डीएम-एसपी को दोनों आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने और गिरफ्तारी के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये स्पीडी ट्रायल कर पूरे मामले की सुनवाई का निर्देश दिया था.डुमरांव के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी. 2 सितम्बर को दोनों को निलंबित किया गया. 3 सितम्बर को आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू की गई. जांच में दोनों शिक्षकों के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप सही पाए गए. जांच प्रतिवेदन के आधार पर अनुशासनिक प्राधिकार ने मामले की समीक्षा की. समीक्षा के बाद शिक्षा विभाग ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14 (XI) के तहत दोनों शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया.शिक्षा मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि विद्यालयों में अनुशासन,विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षक-छात्र मर्यादा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले शिक्षक कहलाने के योग्य नहीं हैं. ऐसे लोगों के प्रति भविष्य में भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.पटना से प्रीतम कुमार की रिपोर्ट--
पटना: जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है. विपक्षी नेताओं ने घटना को लेकर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला है.तेजस्वी यादव ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना से जुड़ा वीडियो साझा किया है. इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान का वीडियो भी पोस्ट किया. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार में अराजक स्थिति उत्पन्न हो चुकी है और छात्राओं व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.तेजस्वी यादव ने दावा किया कि अपराधी दिनदहाड़े स्कूल,कॉलेज और घरों तक में अपराध कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के चुनावी वादों का जिक्र किया और आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं पर प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.राजद नेता ने नीतीश कुमार को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की. उन्होंने बिहार में सत्ता परिवर्तन और मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के हटने का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के वादों के बीच बिहार का खजाना खाली किया जा रहा है.तेजस्वी यादव ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की जिम्मेदारी अनुभवहीन हाथों में सौंप दी गई है. साथ ही उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया.वहीं,जमुई मामले में पुलिस कार्रवाई भी जारी है. पुलिस के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर 3 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: स्नातक विधान परिषद सीट के चुनाव को लेकर जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद चर्चा में हैं। चुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन दोनों नेताओं के बयानों के कारण राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।जेडीयू की ओर से नीरज कुमार को पटना स्नातक सीट से फिर उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है।दूसरी ओर,मोकामा विधायक अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के खिलाफ रुख जाहिर किया है। उन्होंने अनुज सिंह के समर्थन की बात कही है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी है और कहा है कि बहस में हारने पर वह चुनाव में उनका समर्थन करेंगे।इस विवाद के बीच जेडीयू ने संगठनात्मक स्तर पर बैठकें की हैं। एक बैठक में अनंत सिंह की मौजूदगी भी हुई थी। नीरज कुमार ने उस समय अनंत सिंह को पार्टी की पूंजी बताते हुए उनके समर्थन की बात कही थी। वहीं, बाद में अनंत सिंह के अलग-अलग सार्वजनिक बयानों से उनका रुख फिर चर्चा में आया।जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पार्टी में व्यापक मतभेद या गुटबाजी से इनकार किया है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने के बाद पार्टी का संगठन और दोनों नेताओं की भूमिका किस रूप में सामने आती है।पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नालंदा और नवादा जिले शामिल हैं। चुनावी समीकरण उम्मीदवारों, दलों के समर्थन और स्थानीय स्तर के राजनीतिक नेटवर्क से प्रभावित होंगे।
हजारीबाग परिसदन में सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने प्रेसवार्ता कर एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 को लेकर झारखंड सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने केंद्र के संशोधन को देशहित में बताते हुए राज्य सरकार के विरोध को अनुचित बताया है।आदित्य साहू ने कहा कि संशोधन से कोयला, अभ्रक समेत अन्य खनिजों की कथित चोरी और अवैध दोहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी तथा राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों ने संशोधन का समर्थन किया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने झारखंड में कथित कोयला चोरी और राजस्व व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।सांसद आदित्य साहू ने सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मंईयां सम्मान योजना को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।एमएमडीआर संशोधन को लेकर भाजपा और राज्य सरकार के बीच सियासी टकराव अब और तेज होता नजर आ रहा है।
BIHAR NEWS: जमुई में 10वीं कक्षा के नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सड़क पर बदसलूकी और छेड़खानी के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। 19 सितंबर की शाम कोचिंग के बाद फोटोशूट के लिए निकले दोनों को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को लेकर बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार से पूछा कि अगर घटना 19 सितंबर की है तो अब तक सभी आरोपित गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। उन्होंने नाबालिगों के साथ हुई घटना में पोक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।मामले पर सत्तारूढ़ एनडीए के नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार में कानून का राज है और किसी भी कीमत पर मॉब जस्टिस की अनुमति नहीं दी जाएगी। बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने घटना की निंदा करते हुए आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। बीजेपी प्रदेश महामंत्री डॉ. प्रीति शेखर ने भी पुलिस से संवेदनशीलता और सख्ती के साथ जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की।इधर,राज्य महिला आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने जमुई डीएम से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के अनुसार, पीड़िता के लिखित आवेदन पर पोक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो में छह लोग दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने अब तक तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा पाकुड़ के सर्किट हाउस में झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं एवं आम जनता से मिलने आए थे इसी क्रम में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि एम एम डीआर बिल को लेकर राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी है केंद्र सरकार जब सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि जिन राज्यों में खनिज मिनरल्स हैं वहां की राज्य सरकार खनिज मिनरल्स पर शेष चार्ज लगा सकती है इसके बावजूद भी केंद्र सरकार के द्वारा एम एम डीआर बिल पास कर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं को बंद कराना चाहती हैं जिससे सरकार अस्थिर हो जाए।एम एम डीआर बिल से बड़े पूंजी पतियों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार सुनयोजित ढंग से बिल को पास कराई है इसके साथ-साथ झारखंड का 136000 करोड़ रूपया भी बिल पास करने से रद्द कर दिया गया है जो नाइं साफी है क्योंकि झारखंड सरकार इन पैसों को बैंक समझ कर केंद्र सरकार के पास रखी थी लेकिन इस प्रकार के कानून बनाए जाने के बाद पैसा देने से इनकार करना केंद्र सरकार की नाइंसाफी है।
पटना:समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए शासित राज्यों में UCC लागू करने के ऐलान के बाद बिहार में भी सियासी चर्चाएं शुरू हो गई हैं.इस बीच विपक्षी दलों की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रुख को लेकर बयान सामने आ रहे हैं. आरजेडी और कांग्रेस नेताओं की ओर से नीतीश कुमार से एनडीए का साथ छोड़कर महागठबंधन के साथ आने की अपील की गई है. हालांकि,जेडीयू की ओर से एनडीए से अलग होने के किसी फैसले का संकेत नहीं दिया गया है.UCC के मुद्दे पर जेडीयू का कहना है कि जब इसका ड्राफ्ट तैयार होगा, तब पार्टी उसका अध्ययन करेगी। जरूरत पड़ने पर पार्टी अपनी चिंताओं से केंद्रीय गृह मंत्री को अवगत कराएगी यानी फिलहाल जेडीयू ने अंतिम तौर पर UCC के समर्थन या विरोध की घोषणा नहीं की है.बिहार विधानसभा के मौजूदा राजनीतिक गणित को लेकर भी चर्चा हो रही है. 243 सदस्यीय विधानसभा में जेडीयू के 85 विधायक हैं, जबकि राजद के 25, कांग्रेस के 6, वाम दलों के 3 और आईआईपी के एक विधायक बताए गए हैं. विपक्षी दलों की ओर से इसी संख्या के आधार पर संभावित राजनीतिक समीकरणों की चर्चा की जा रही है.वहीं, आरजेडी और कांग्रेस नेताओं की ओर से नीतीश कुमार को लेकर लगातार बयान दिए जा रहे हैं. दूसरी ओर जेडीयू नेतृत्व ने एनडीए के साथ अपने मौजूदा राजनीतिक संबंधों को लेकर सार्वजनिक तौर पर अलग रुख अपनाने की घोषणा नहीं की है.ऐसे में UCC का मुद्दा बिहार में आने वाले दिनों में सियासी बहस का अहम विषय बना रह सकता है.
पटना: बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने बीजेपी विधायक विनय बिहारी के सरकार पर कर्ज और खजाना खाली होने वाले बयान पर कहा कि खजाने में पैसा आता भी है और निकलता भी है. विकास और राहत के काम लगातार हो रहे हैं. जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए पैसे की कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने कहा कि विनय बिहारी की यह निजी राय हो सकती है. हो सकता है उनके क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ हो,इसलिए उन्हें ऐसी स्थिति महसूस हो रही हो. सरकार उनकी बातों को सुनेगी और उनके मन में जो बातें हैं,उन्हें दूर किया जाएगा.तेजस्वी यादव के बयान पर श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया कि मंत्री अपना एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे. तेजस्वी यादव और उनके सांसद-विधायकों से भी राहत के लिए एक महीने का वेतन देने की अपील की.आरजेडी के साथ नीतीश कुमार के फिर से जाने की चर्चा पर श्रवण कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव सपना देखने के लिए मजबूर हैं,लेकिन मजबूरी से दुनिया नहीं चलती. उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार साथ थे,तब अच्छे थे और दूर होने के बाद उनके बारे में कई तरह की बातें कही गईं.सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर श्रवण कुमार ने कहा कि उनके नेता विष पीते हैं. जो लोग कहते और करते हैं,उसे नीतीश कुमार सह लेते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने नीतीश कुमार का समर्थन किया और नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाकर उसका जवाब दिया.अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी पर उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक हो जाएगा. विधान परिषद सभापति पद पर जेडीयू की दावेदारी को लेकर कहा कि दावेदारी रहती है और यह व्यवस्था तथा आपसी समन्वय से तय होती है.उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर श्रवण कुमार ने कहा कि जेडीयू ने प्रमंडल स्तर पर सम्मेलन शुरू कर दिया है. 9 से 10 प्रमंडलों में कार्यक्रम हो चुके हैं और समीक्षा की जा रही है. चुनाव में कितनी सीटों पर लड़ना है और संभावित उम्मीदवार कौन होंगे,इन विषयों पर आगे रणनीति बनेगी. गठबंधन में चुनाव लड़ेंगे या अकेले,इसका फैसला भी आगे किया जाएगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
बोकारो: एमएमडीआर संशोधन बिल को लेकर कांग्रेस अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है. कांग्रेस लोक भवन का घेराव करेगी. इसके साथ ही सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. कार्यक्रम की तैयारी को लेकर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अब्दुल करीम अंसारी बोकारो पहुंचे,जहां उन्होंने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की. उन्होंने एमएमडीआर संशोधन बिल को झारखंड के हितों के खिलाफ बताया.अब्दुल करीम अंसारी ने कहा कि बिना लोकसभा और राज्यसभा में चर्चा किए बिल को पास किया जाना झारखंड के लिए हितकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस बिल के खिलाफ सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी.उन्होंने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर भी निशाना साधा. अब्दुल करीम अंसारी ने आरोप लगाया है कि बाबूलाल मरांडी बिल को झारखंड के हित में बता रहे हैं,लेकिन कोयला चोरी के मुद्दे पर चुप हैं. उन्होंने धनबाद के बीजेपी सांसद ढुल्लू महतो पर कोयला चोरी का सरगना होने का आरोप लगाया है, कहा कि वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी हैं.कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि जब चाहते हैं कोयला चोरी रुकवा देते हैं और जब चाहते हैं,शुरू करा देते हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड में कोयला चोरी पूरी तरह बंद कराने की मांग की,ताकि कतरास में भू-धंसान की घटनाओं पर रोक लग सके.