

मंगलवार, 03 नवंबर 2026
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हरिहर सुब्रमण्यम स्टेडियम में खेलप्रेमियों ने पोस्टर-बैनर लगाकर मनाया जश्न, 15साल की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद मंगल ने हासिल किया मुकामगयाजीः बिहार क्रिकेट के लिए गौरव की खबर सामने आई है। गयाजी शहर के रहने वाले युवा क्रिकेटर मंगल महरौर को बिहार रणजी टीम का कप्तान बनाया गया है। उनकी इस उपलब्धि से गया जिले में खुशी की लहर है। परिवार, रिश्तेदारों, समर्थकों और खेल जगत से जुड़े लोगों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं। इसी खुशी में गयाजी के हरिहर सुब्रमण्यम स्टेडियम में खेल जगत से जुड़े लोगों ने मंगल महरौर के पोस्टर और बैनर लगाकर जश्न मनाया। हालांकि, इस मौके पर मंगल गयाजी में मौजूद नहीं थे। वह क्रिकेट खेलने के सिलसिले में गोवा गए हुए हैं।छोटी जगह से निकलकर रणजी टीम की कप्तानी तक पहुंचे मंगलमगध रोटरी क्लब के अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि मंगल महरौर ने गयाजी का नाम रोशन किया है। गयाजी का एक बच्चा आज बिहार रणजी टीम का कप्तान बना है, यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे गयाजी का मान-सम्मान बढ़ा है। उन्होंने बताया कि मंगल इसी हरिहर सुब्रमण्यम स्टेडियम में अभ्यास किया करते थे। सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। अशोक सिंह ने कहा कि अगर राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए तो बिहार से कई और प्रतिभाएं निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।15साल तक संघर्ष और मेहनत से हासिल किया मुकामस्थानीय निवासी संतोष कुमार उर्फ छोटे ने बताया कि करीब 15 साल पहले से मंगल इसी स्टेडियम में दिन-रात क्रिकेट का अभ्यास करते थे। उस समय स्टेडियम में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं। इसके बावजूद मंगल खुद पिच तैयार करते और नियमित अभ्यास करते थे। उन्होंने कहा कि लगभग 15 वर्षों की कठिन मेहनत और संघर्ष के बाद मंगल ने बिहार रणजी टीम की कप्तानी तक का सफर तय किया है। यह हम सभी के लिए बेहद गर्व और खुशी का क्षण है।सीमित संसाधनों के बावजूद नहीं छोड़ा हौसलासंतोष कुमार ने बताया कि मंगल के पिता रेलवे में कर्मचारी हैं। पहले उनका परिवार रेलवे क्वार्टर में रहता था, लेकिन क्वार्टर टूटने के बाद परिवार किराये के मकान में रहने लगा। सीमित आर्थिक संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद मंगल ने क्रिकेट के प्रति अपना जुनून और मेहनत जारी रखी। उन्होंने मंगल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता गयाजी के दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। मंगल महरौर की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। गयाजी के खेलप्रेमियों को अब उनसे रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।गयाजी से प्रदीप कुमार सिंह की रिपोर्ट
पूर्णिया- रमेश चंद्र मिश्रा मेमोरियल तृतीय बिहार राज्य टेबल टेनिस रैंकिंग टूर्नामेंट के दूसरे दिन अंडर-13 एवं अंडर-15 बालक एवं बालिका वर्ग के मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा और कौशल का परिचय दिया।अंडर-13 बालक वर्ग में मधेपुरा के उत्कर्ष रिगन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि पटना के विराट नारायण उपविजेता रहे। पटना के एल्विन बोरो एवं अनिकेत राज सेमीफाइनल तक पहुंचे। अंडर-15 बालक वर्ग में पटना के आयुष मिश्रा ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया। सहरसा के हिमांशु कुमार उपविजेता रहे। पटना के विराट नारायण एवं एल्विन बोरो सेमीफाइनलिस्ट रहे।अंडर-13 बालिका वर्ग में मुजफ्फरपुर की निलांजना ने विजेता का खिताब जीता, जबकि सहरसा की कीर्ति मिश्रा उपविजेता रहीं। पटना की वैष्णवी कुमारी एवं मधेपुरा की आराध्या सेमीफाइनलिस्ट रहीं। अंडर-15 बालिका वर्ग में मुजफ्फरपुर की निलांजना ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। पटना की नव्या लक्ष्मी उपविजेता रहीं। पटना की नूपुर बनर्जी एवं मुजफ्फरपुर की अर्णा सावनी सेमीफाइनलिस्ट रहीं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के उत्साह, अनुशासन एवं खेल भावना ने आयोजन को विशेष बना दिया।पूर्णिया से जेपी मिश्रा की रिपोर्ट
पटना : अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में बिहार राज्य कबड्डी संघ तथा बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की संयुक्त मेजबानी में खेल विभाग,बिहार सरकार के सहयोग से राजधानी पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में 1 से 4 नवंबर तक आयोजित होने वाली 52वीं जूनियर राष्ट्रीय बालक कबड्डी चैंपियनशिप की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 1 नवंबर को दोपहर तीन बजे प्रतियोगिता का उद्घाटन करेंगे. इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमें हिस्सा लेंगी. मुकाबले दो कोर्ट पर आयोजित किए जाएंगे.प्रतियोगिता को लेकर शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवींद्रन शंकरण, बिहार राज्य कबड्डी संघ के चेयरमैन सह आयोजन सचिव कुमार विजय सिंह और अध्यक्ष अपूर्वा सुकांत ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी दी.उद्घाटन समारोह में बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिहार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी. बिहार राज्य कबड्डी संघ के मुख्य संरक्षक अंजनी कुमार सिंह समारोह की अध्यक्षता करेंगे. खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद, अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव जितेंद्र पी ठाकुर और बिहार ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अजय कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी.प्रतियोगिता के दौरान अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के महासचिव तेजस्वी गहलौत, अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष विभोर विनीत जैन, कोषाध्यक्ष रामाकांत सिंह, प्रो कबड्डी लीग के सीईओ अनुपम कुमार सहित विभिन्न राज्य कबड्डी संघों के पदाधिकारियों के भी पहुंचने की संभावना है.प्रो कबड्डी लीग की फ्रेंचाइजी के स्काउट करेंगे खिलाड़ियों की प्रतिभा का आकलनइस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा अवसर होगा. टूर्नामेंट के दौरान प्रो कबड्डी लीग की विभिन्न फ्रेंचाइजी टीमों के स्काउट, प्रशिक्षक और टीम प्रबंधन से जुड़े सदस्य भी पटना पहुंचेंगे. वे मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखेंगे और अपनी-अपनी टीमों के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेंगे.इसके साथ ही प्रतियोगिता के दौरान जूनियर भारतीय कबड्डी टीम के संभावित खिलाड़ियों का भी चयन किया जाएगा. इसके लिए अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से तीन सदस्यीय समिति पटना भेजी जा रही है. इस समिति में भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व प्रशिक्षक ई भास्करन,अर्जुन अवार्डी मनजीत चिल्लर और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रिशांत देवारिकर होंगे. इस तरह प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के पास राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर होगा.रिया कुमारी, बलवान सिंह और अर्जुन देशवाल भी होंगे शामिलप्रतियोगिता में कबड्डी जगत की कई जानी-पहचानी हस्तियों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी. कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली भारतीय महिला टीम की सदस्य रिया कुमारी भी यहां पहुंचेंगी.द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित बलवान सिंह, जो 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक रहे हैं, भी प्रतियोगिता में शामिल होंगे. भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य अर्जुन देशवाल और बिहार के प्रो कबड्डी खिलाड़ी संदीप कुमार की मौजूदगी भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएगी.तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी अनुभवी अधिकारियों कोप्रतियोगिता के तकनीकी संचालन के लिए अमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया ने जगदीश्वर यादव को तकनीकी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय कबड्डी रेफरी राणा रंजीत सिंह को कंपीटिशन मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रतियोगिता के सुचारु संचालन के लिए 50 तकनीकी अधिकारियों की तैनाती की गई है.खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्थादेश के विभिन्न राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था पाटलिपुत्र खेल परिसर के छात्रावास और होटलों में की गई है. तकनीकी अधिकारियों, फेडरेशन तथा राज्य कबड्डी संघों के पदाधिकारियों के लिए होटलों में आवास की व्यवस्था की गई है. खिलाड़ियों के भोजन का प्रबंध खेल परिसर में ही किया गया है. इस प्रतियोगिता में 464 खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों, 50 तकनीकी पदाधिकारियों समेत लगभग 615 प्रतिभागी इसमें शिरकत करेंगे. राजगीर में लगा बिहार टीम का प्रशिक्षण शिविरमेजबान बिहार टीम की तैयारी के लिए राजगीर में एक महीने का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस शिविर में खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, खेल कौशल, तकनीक और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया.बिहार टीम की घोषणाप्रतियोगिता में मेजबान बिहार की ओर से खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:रवि कुमार (बेगूसराय) — कप्तानदीपक कुमार (बक्सर)अंशु कुमार (पटना)शुभम कुमार (सारण)आदित्य कुमार सिंह (सारण)आदर्श कुमार (बेगूसराय)पीयूष राज (रोहतास)केशव कुमार (समस्तीपुर)रितेश कुमार (पटना)अभिनव कुमार सिंह (अररिया)संदीप यादव (बक्सर)रवि रंजन कुमार (बक्सर)रितिक कुमार (पटना)अमन राज (भोजपुर)कोच: रमेश कुमार यादव (बिहार राज्य खेल प्राधिकरण)सहायक कोच: आनंद कुमार सिंह (भोजपुर)पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट-
राजगीर: भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नालंदा के राजगीर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में फ्रेंडली रग्बी मैच का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुकाबले का उद्घाटन किया। इस दौरान पुरुष और महिला टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड ने भारत को32-0 से हराया, जबकि महिला वर्ग में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को17-0 से शिकस्त दी।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटनराजगीर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले को भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर महत्वपूर्ण आयोजन के रूप में देखा गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मैच का उद्घाटन करते हुए मुकाबले की आधिकारिक घोषणा की। इस दौरान रग्बी शब्द के उच्चारण में मुख्यमंत्री कुछ पल के लिए लड़खड़ाते नजर आए।पुरुष मुकाबले में न्यूजीलैंड का दबदबाकार्यक्रम के पहले मुकाबले में भारत और न्यूजीलैंड की पुरुष टीमें आमने-सामने आईं। इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को32-0 से हरा दिया। न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने पूरे मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा और भारत को कोई अंक हासिल नहीं करने दिया।महिला टीम ने भारत को दिलाई जीतपुरुष मुकाबले के बाद भारत और न्यूजीलैंड की महिला टीमों के बीच मैच खेला गया। इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए न्यूजीलैंड को17-0 से पराजित किया। महिला टीम की जीत से भारतीय खेमे में उत्साह देखने को मिला।खेल संबंधों के100साल पूरे होने का प्रतीकात्मक आयोजनपुरुष और महिला टीमों के मुकाबलों के बाद दोनों देशों की टीमों के बीच फ्रेंडली मैच भी आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को प्रोत्साहित करना और रग्बी को बढ़ावा देना रहा।राजगीर में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन से बिहार में खेल गतिविधियों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। पुरुष वर्ग में न्यूजीलैंड की जीत और महिला वर्ग में भारत की सफलता ने मुकाबले को यादगार बना दिया।नालंदा से राजकुमार मिश्रा की रिपोर्ट
पश्चिमी सिंहभूम के पैरा तीरंदाज की शानदार उपलब्धि, लगातार चौथी बार अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर रचा इतिहास;रांची एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागतरांची:जापान के आईची-नागोया में आयोजित पांचवें पैरा एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के प्रतिभाशाली पैरा तीरंदाज विजय सुंडी की अहम भूमिका रही। उनकी सफलता से पूरे झारखंड में खुशी की लहर है।अंतरराष्ट्रीय मंच पर विजय सुंडी का शानदार प्रदर्शनविजय सुंडी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन, एकाग्रता और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पुरुष रिकर्व युगल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतना उनके खेल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।लगातार चौथी बार अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर विजय सुंडी ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतरता का परिचय दिया है। उनकी इस सफलता से पश्चिमी सिंहभूम जिले के साथ-साथ पूरे झारखंड का मान बढ़ा है।रांची एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागतसोमवार को विजय सुंडी विमान से रांची पहुंचे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर उनके आगमन की खबर मिलते ही प्रशंसकों में उत्साह देखने को मिला। एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया।इस दौरान समर्थकों और प्रशंसकों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की और उन्हें बधाई दी। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे विजय सुंडी के स्वागत से माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।झारखंड के खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणाविजय सुंडी की यह उपलब्धि राज्य के उभरते खिलाड़ियों, विशेषकर दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।पैरा तीरंदाजी में उनकी उपलब्धि से झारखंड के खेल जगत को नई पहचान मिली है। अब उम्मीद है कि उनकी सफलता राज्य के अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और देश के लिए पदक जीतने की प्रेरणा देगी।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
खेलगांव स्टेडियम में पांच दिनों तक चला मुकाबला, 29टीमों के540खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा;मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समापन समारोह में हुए शामिलरांची: झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव स्टेडियम में आयोजित 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी चैंपियनशिप का समापन हो गया। पांच दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में देशभर की 29 टीमों के कुल 540 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चैंपियनशिप में आईटीबीपी (ITBP) की टीम ओवरऑल विजेता रही, जबकि सीआईएसएफ (CISF) ने दूसरा स्थान हासिल किया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।ITBPका रहा दबदबा, CISFदूसरे स्थान परप्रतियोगिता के दौरान विभिन्न मुकाबलों में देशभर से आए पुलिस खिलाड़ियों ने अपनी तीरंदाजी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चैंपियनशिप के समग्र परिणाम में आईटीबीपी की टीम पहले स्थान पर रही,जबकि सीआईएसएफ की टीम दूसरे स्थान पर रही।आयोजकों के अनुसार,प्रतियोगिता में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके तीरंदाजों ने भी हिस्सा लिया।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समापन समारोह में हुए शामिलचैंपियनशिप के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस आयोजन में पुलिस बलों के खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रांची के खेलगांव स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता के जरिए पुलिस बलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और विभिन्न टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा का अवसर मिला।एडीजी प्रिया दुबे ने बताया झारखंड के लिए गौरव का पलइस मौके पर एडीजी प्रिया दुबे ने प्रतियोगिता के आयोजन को झारखंड के लिए गौरव का पल बताया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में देशभर से आए 540 प्रतिभाशाली पुलिस तीरंदाजों ने भाग लिया। इनमें ऐसे खिलाड़ी भी शामिल रहे, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है।40 स्वर्ण, 40 रजत और40 कांस्य पदकपांच दिनों तक चली इस चैंपियनशिप में कुल 40 स्वर्ण, 40 रजत और 40 कांस्य पदक खिलाड़ियों ने जीते। प्रतियोगिता में विभिन्न पुलिस बलों के खिलाड़ियों के बीच पदकों के लिए मुकाबले हुए। 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी चैंपियनशिप के सफल आयोजन के साथ रांची में देशभर के पुलिस खिलाड़ियों का यह खेल आयोजन संपन्न हो गया।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
CMसम्राट चौधरी करेंगे अंतरराष्ट्रीय सीरीज का उद्घाटन, महिला-पुरुष अंडर-20 टीमों के बीच भिड़ंत के साथ मिक्स्ड टीमों के मुकाबले भी होंगेबिहार की धरती पर मंगलवार की शाम अंतरराष्ट्रीय रग्बी का रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। राजगीर स्थित खेल परिसर के एथलेटिक स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड की माओरी अंडर-20 टीमों के बीच रग्बी सेवंस सीरीज खेली जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को ही इस सीरीज का औपचारिक उद्घाटन करेगें। भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित इस सीरीज में महिला और पुरुष टीमों के बीच मुकाबलों के साथ दोनों देशों के खिलाड़ियों की संयुक्त मिक्स्ड टीमें भी मैदान पर उतरेगीं। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने के साथ खेल के जरिये दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग को मजबूत करने का अवसर बनेगा। इस दौरान केंद्र और बिहार सरकार के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी तथा रग्बी जगत से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।कार्यक्रम के अनुसार, शाम 4 बजे से उद्घाटन एवं स्वागत समारोह शुरू होगा। इस दौरान भारत-न्यूजीलैंड खेल संबंधों के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सीरीज के बारे में अतिथियों को जानकारी दी जाएगी। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, बिहार के ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार, खेल एवं उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, न्यूजीलैंड के कार्यवाहक उच्चायुक्त मैट आयर्स, बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा और भारतीय रग्बी फुटबॉल यूनियन के अध्यक्ष राहुल बोस समेत अन्य गणमान्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगे।पुरुष टीम के मुकाबले से होगी शुरुआतउद्घाटन के बाद शाममेंभारत और न्यूजीलैंड की अंडर-20 पुरुष टीमों के बीच मुकाबला शुरू होगा। इससे पहले न्यूजीलैंड की माओरी पुरुष टीम पारंपरिक हाका प्रस्तुति देगी। दोनों देशों की टीमों के मैदान में प्रवेश,अतिथियों से परिचय और राष्ट्रीय गान के कार्यक्रम के बाद मुकाबले का रोमांच शुरू होगा।पुरुष टीमों के मैच के बाद शाम में भारतीय और न्यूजीलैंड की टीमों को स्मृति पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद महिला टीमों के मुकाबले की तैयारी होगी। शाम में ही भारत और न्यूजीलैंड की अंडर-20 महिला टीमों के बीच मैच खेला जाएगा। महिला मुकाबले से पहले न्यूजीलैंड की माओरी महिला टीम भी पारंपरिक हाका प्रस्तुति देगी।मिक्स्ड टीमों के बीच भी होगे मुकाबलेइस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण भारत और न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को मिलाकर बनाई गई मिक्स्ड टीमें होंगी। पुरुष और महिला मिक्स्ड टीमों का परिचय कराया जाएगा। इसके बाद 'यूनिटी सेवन्स' और 'सेंटेनरी सेवन्स' नाम से गठित टीमों के बीच मुकाबले खेले जाएंगे। पुरुष मिक्स्ड टीम और महिला मिक्स्ड टीमों का मैच शाम में खेला जायेगा। इस दौरान दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच आपसी सहयोग, खेल भावना और मैत्री का संदेश देने पर जोर रहेगा। कार्यक्रम के समापन से पहले भारतीय और न्यूजीलैंड की महिला एवं पुरुष अंडर-20 टीमों को विशेष रूप से तैयार स्मृति पदक और फ्रेंडशिप शील्ड प्रदान की जाएगी।
रांची:झारखंड की सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने चीन को1-0से हराकर गोल्ड मेडल जीता था.शनिवार कोकप्तान सलीमा टेटे, निक्की प्रधान, दीपिका सोरेंग और ब्यूटी डुंगडुंग को आदिवासी संगठनों और पूर्व हॉकी खिलाड़ियों की ओर से सम्मानित किया गया.सम्मान समारोह के दौरान सलीमा टेटे ने कहा कि जब भी खिलाड़ी किसी टूर्नामेंट से लौटते हैं, झारखंड में उनका जिस तरह से स्वागत और सम्मान किया जाता है, उससे खिलाड़ियों को काफी मोटिवेशन मिलता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मान से युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे हॉकी ही नहीं, बल्कि किसी भी खेल को करियर के तौर पर चुनने के लिए प्रोत्साहित होंगे. उन्होंने कहा कि अभी इस मंच पर चार खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन आने वाले समय में झारखंड के कई और खिलाड़ी इस तरह सम्मानित हों, यही उनकी उम्मीद है. उन्होंने संगीता कुमारी का भी जिक्र करते हुए कहा कि चोट की वजह से उन्हें कुछ समय तक खेल से दूर रहना पड़ा, लेकिन जल्द ही उनके कमबैक की उम्मीद है.सलीमा टेटे ने झारखंड सरकार से खिलाड़ियों को और अधिक सहयोग देने की अपील की. उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली हरियाणा की खिलाड़ियों को वहां की सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि झारखंड के खिलाड़ियों के लिए अभी तक पुरस्कार राशि की घोषणा नहीं हुई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि झारखंड सरकार भी खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए जल्द कदम उठाएगी. उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ियों को सरकार की ओर से आर्थिक सम्मान मिलता है, तो इससे नई पीढ़ी को भी मोटिवेशन मिलेगा. युवा खिलाड़ी देखेंगे कि मेहनत करने पर उन्हें सम्मान और प्रोत्साहन मिलता है और भविष्य में उन्हें भी इसका लाभ मिल सकता है.सलीमा टेटे ने कहा कि सरकार को सिर्फ हॉकी ही नहीं, बल्कि फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल समेत सभी खेलों पर ध्यान देने की जरूरत है. खिलाड़ियों को सहयोग तो मिल रहा है, लेकिन आने वाली पीढ़ी के लिए इसे और बेहतर करने की जरूरत है.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-
26अक्टूबर तक चलेगी प्रतियोगिता,रिकर्व,कंपाउंड और इंडियन राउंड की37स्पर्धाओं में खिलाड़ी दिखा रहे दमखमरांची: झारखंड की राजधानी रांची के खेलगांव स्थित बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम में15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में देशभर की29 पुलिस टीमों के कुल432 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।26 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में तीरंदाजी के रिकर्व, कंपाउंड और इंडियन राउंड वर्गों में कुल37 स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं।झारखंड पुलिस की मेजबानी में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बीच खेल भावना, अनुशासन और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता के माध्यम से पुलिसकर्मियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर अन्य टीमों के खिलाड़ियों के साथ अनुभव साझा करने का अवसर भी मिल रहा है।काम के साथ खेल भी जरूरीप्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों का कहना है कि पुलिस की व्यस्त ड्यूटी के बीच खेलकूद के लिए समय निकालना बेहद जरूरी है। खेल न केवल शारीरिक फिटनेस बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि मानसिक तनाव कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।खिलाड़ियों के अनुसार, नियमित खेल गतिविधियों से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव ड्यूटी के दौरान काम करने की क्षमता पर भी पड़ता है। ऐसे आयोजनों से पुलिसकर्मियों को अपनी प्रतिभा निखारने और खेल के प्रति रुचि बनाए रखने का अवसर मिलता है।खेल भावना और आपसी समन्वय को बढ़ावाअखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता पुलिसकर्मियों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ एकता, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करने का मंच भी है। झारखंड पुलिस की मेजबानी में हो रहे इस आयोजन में देशभर से आए खिलाड़ी विभिन्न स्पर्धाओं में अपना कौशल प्रदर्शित कर रहे हैं।प्रतियोगिता के जरिए पुलिसकर्मियों को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने और ड्यूटी के साथ शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करने का प्रयास किया जा रहा है।रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट
पटना: एशियन पैरा गेम्स2026में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देश का मान बढ़ा है। महिला100मीटरT12स्पर्धा में सिमरन शर्मा ने स्वर्ण पदक जीतकर लगातार दूसरी स्पर्धा में गोल्ड अपने नाम किया,जबकि पुरुषों की100मीटर स्पर्धा में दिलीप गावित ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गर्व व्यक्त किया और उनकी मेहनत,लगन तथा समर्पण की सराहना की।सिमरन शर्मा ने लगातार दूसरी स्पर्धा में जीता गोल्डभारतीय पैरा एथलीट सिमरन शर्मा ने महिला100मीटरT12फाइनल में12.02सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले सिमरन200मीटरT12स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय पैरा एथलेटिक्स को नई पहचान दिलाई है।दिलीप गावित ने भी स्वर्ण पदक पर जमाया कब्जापुरुषों की100मीटर स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ी दिलीप गावित ने10.69सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी इस शानदार सफलता से भारत की पदक तालिका को मजबूती मिली। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगे का गौरवमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया गर्वमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारतीय खिलाड़ियों की स्वर्णिम सफलता को देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम,अनुशासन और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां देशवासियों को गर्व से भर देती हैं।सिमरन शर्मा और दिलीप गावित की सफलता देश के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उनका प्रदर्शन यह संदेश देता है कि मजबूत इच्छाशक्ति,निरंतर अभ्यास और समर्पण से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने बढ़ाया देश का मानएशियन पैरा गेम्स2026में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। सिमरन शर्मा और दिलीप गावित के स्वर्ण पदकों ने देश की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाती हैं।देशभर में खिलाड़ियों की सफलता को लेकर खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी उपलब्धियों से न केवल भारत की पदक तालिका मजबूत हुई है, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिली है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम के स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है।2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने शुरुआती तीन और आखिरी दो मुकाबलों के लिए अलग-अलग टीमें चुनी हैं। इस चयन में अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को दोनों स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है। वहीं, अक्षर पटेल को जडेजा की जगह मौका दिया गया है।टीम चयन के बाद जडेजा और यशस्वी के वनडे करियर तथा आगामी विश्व कप की योजनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, किसी सीरीज में चयन नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि खिलाड़ी विश्व कप की योजनाओं से पूरी तरह बाहर हो गया है।जडेजा की जगह अक्षर पटेल को मौकान्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए रवींद्र जडेजा को दोनों टीमों में शामिल नहीं किया गया है। उनकी जगह बाएं हाथ के ऑलराउंडर अक्षर पटेल को मौका मिला है। अक्षर के पास इस सीरीज के जरिए टीम में अपनी जगह मजबूत करने का अवसर होगा।अक्षर ने अपना पिछला वनडे जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। अब न्यूजीलैंड के विरुद्ध उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने का मौका मिल सकता है।दूसरी ओर, जडेजा का अनुभव भारतीय टीम के लिए अहम रहा है। ऐसे में उन्हें दोनों स्क्वॉड से बाहर रखने के फैसले ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, चयनकर्ताओं के इस फैसले से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि जडेजा2027 वनडे विश्व कप की दौड़ से बाहर हो गए हैं।यशस्वी जायसवाल को क्यों नहीं मिला मौका?युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को भी न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज के लिए किसी भी स्क्वॉड में जगह नहीं मिली है। भारतीय बोर्ड की ओर से उनके चयन नहीं होने की वजह स्पष्ट नहीं की गई है।शुभमन गिल के शुरुआती मुकाबलों के बाद टीम छोड़ने की जानकारी के बीच यशस्वी को ओपनिंग का संभावित विकल्प माना जा रहा था। ऐसी स्थिति में रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने का अवसर बन सकता था, लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में शामिल नहीं किया।शुभमन गिल समेत चार खिलाड़ी बीच में छोड़ेंगे टीमइस सीरीज के लिए दो अलग-अलग स्क्वॉड चुनने का एक अहम पहलू यह है कि कुछ खिलाड़ी शुरुआती मुकाबलों के बाद टीम से अलग हो जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुभमन गिल समेत चार खिलाड़ी शुरुआती तीन मैचों के बाद टीम छोड़ेंगे।गिल के टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए टीम से अलग होने की बात कही गई है। इससे वनडे सीरीज के आगे के मुकाबलों में टीम संयोजन में बदलाव देखने को मिल सकता है।2027वनडे विश्व कप की तैयारियों पर नजरन्यूजीलैंड के खिलाफ यह वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए आगामी2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। चयनकर्ताओं के सामने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को अवसर देने और सही टीम संयोजन तैयार करने की चुनौती है।अक्षर पटेल को मौका मिलना और जडेजा तथा यशस्वी जायसवाल का बाहर रहना चयन के प्रमुख पहलुओं में शामिल है। हालांकि, विश्व कप में खेलने वाले खिलाड़ियों को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। आगामी मुकाबलों में खिलाड़ियों का प्रदर्शन और चयनकर्ताओं के फैसले टीम की तस्वीर स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
रांची:भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी शनिवार को रांची एयरपोर्ट से अपने गंतव्य स्थान के लिए गए. खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर रांची पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा.होटल से एयरपोर्ट तक पूरे रास्ते में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. मार्ग में जगह-जगह अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी. गौरतलब है कि रांची के जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम को वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा. मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की. घरेलू दर्शकों के समर्थन के बावजूद भारतीय टीम जीत हासिल नहीं कर सकी.मैच के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों की सुरक्षित रवानगी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया. होटल से लेकर रांची एयरपोर्ट तक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रही,ताकि खिलाड़ियों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट-
रांची : भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी-20 क्रिकेट सीरीज का दूसरा मैच शुक्रवार को रांची के जेएससीए स्टेडियम में खेला जा रहा है. वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले बॉलिंग करने का फैसला किया है. इस तरह भारत इस मैच में पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर आयेंगे. अब से कुछ देर बाद मैच शुरु होगी.
रांची:भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टी-20 क्रिकेट मैच शुक्रवार को रांची के जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा. मैच अब से कुछ देर बाद यानी शाम 7 बजे शुरु होगा.टी-20 सीरीज में भारत ने पहला मैच जीत कर 1-0 की बढ़त बनाई है. भारत ने लखनऊ में खेले गए पहले मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर के शतक की बदौलत 32 गेंद शेष रहते हुए 8 विकेट से मैच जीते. अय्यर ने 43 गेंदों में कुल 102 रनों की शानदार पारी खेली. भारत यहां अपनी बढ़त को 2-0 करने की कोशिश करेगा तो वहीं वेस्टइंडीज कीटीम सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी.क्रिकेट के जानकारों के अनुसार रांची के जेएससीए मैदान के पिच पर शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिल सकती है. इसकी वजह से पहले बैटिंग करने उतरने वाले टीम के खिलाड़ियों को बड़ा स्कोर करने में चुनौती आ सकती है. वहीं दूसरी बार बैटिंग करने वाली टीम के जीतने की उम्मीद ज्यादा हैं. जो भी टीम टॉस जीतेगी, वो पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है.दोनों टीमों के खिलाड़ी --भारतीय टीम-संजू सैमसन (विकेटकीपर),अभिषेक शर्मा, इशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नमन धीर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव,मयंक यादव,रवि बिश्नोई,नितीश कुमार रेड्डी, वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव.वेस्टइंडीज टीम-शाई होप (विकेटकीपर/ कप्तान), कामिल पूरन ,शिम्रोन हेटमायर,रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड,रोस्टन चेज,रोमारियो शेफर्ड,मैथ्यू फोर्डे,शमर स्प्रिंगर, अकील होसेन,शमर जोसेफ,गुडाकेश मोटी, कीमो पॉल, अमीर जांगू, क्वेंटिन सैम्पसन
पटना : रणजी ट्रॉफी 2026-27 के एलीट ग्रुप में बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है. चार दिवसीय मुकाबला 11 अक्टूबर से राजगीर क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. उत्तर प्रदेश की टीम में रिंकू सिंह, करण शर्मा और कार्तिक त्यागी जैसे प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं. वहीं, बिहार की टीम को शुरुआती दो मुकाबलों में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की कमी खलेगी.रिंकू सिंह समेत यूपी की मजबूत टीमउत्तर प्रदेश की टीम गुरुवार को बिहार पहुंची. टीम में भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके रिंकू सिंह और करण शर्मा के अलावा युवा तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी भी शामिल हैं. कप्तान आर्यन जुयाल,यश दयाल और प्रियम गर्ग जैसे खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी. मजबूत खिलाड़ियों से सजी यूपी की टीम राजगीर में बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेगी.वैभव के बिना बिहार की अग्निपरीक्षाबिहार की टीम की कमान एक बार फिर शकीबुल गनी को सौंपी गई है,जबकि हिमांशु सिंह उपकप्तान होंगे. वैभव सूर्यवंशी वेस्टइंडीज दौरे के कारण शुरुआती दो मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे. ऐसे में बिहार के बल्लेबाजों और गेंदबाजों पर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी.बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने शुरुआती दो मुकाबलों के लिए17सदस्यीय टीम घोषित की है. अंडर-23प्रतियोगिता में अच्छे प्रदर्शन के बाद नमन गौरव और पृथ्वीराज को भी टीम में जगह मिली है. इसके अलावा आयुष लोहारुका,मंगल महरूर,पीयूष सिंह,बिपिन कुमार सौरभ और सूरज कुमार कश्यप सहित कई खिलाड़ियों को शामिल किया गया है.आशुतोष अमन बने मुख्य कोचबिहार टीम के कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव हुआ है. प्लेट ग्रुप में बिहार को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले आशुतोष अमन को पहली बार रणजी टीम का मुख्य कोच बनाया गया है. अशोक कुमार सहायक कोच होंगे.अब राजगीर में होने वाले इस मुकाबले में बिहार की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर मजबूत उत्तर प्रदेश को चुनौती देने की कोशिश करेगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : पढ़ाई के साथ खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए पटना के स्कूली बच्चों को बड़ा मंच मिलने जा रहा है. बिहार एवं बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से वार्षिक विद्यालय खेल कार्यक्रम 2026-27 के तहत जिलास्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता का आयोजन 30 सितंबर (बुधवार) से 4 अक्टूबर तक किया जाएगा. पांच दिवसीय प्रतियोगिता में 24 खेल विधाओं में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के छात्र-छात्राएं हिस्सा लेंगे. करीब तीन हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं. ये सभी प्रतियोगिताएं पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर समेत अन्य खेल आयोजन स्थलों पर होगी.पाटलिपुत्र खेल परिसर में होगा उद्घाटनप्रतियोगिता का उद्घाटन30सितंबर को सुबह9बजे कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में होगा. इस दौरान विभिन्न विद्यालयों के खिलाड़ियों की मार्च पास्ट होगी. उद्घाटन के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग खेलों के मुकाबले शहर के विभिन्न खेल स्थलों पर कराए जाएंगे. क्रिकेट के बालक वर्ग में चयन ट्रायल भी आयोजित किया जाएगा.तीन आयु वर्ग में मैदान पर उतरेंगे खिलाड़ीप्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17और अंडर-19आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग लेंगे. कक्षा छह से12वीं तक के विद्यार्थी इसमें शामिल हो सकते हैं. खिलाड़ियों की आयु की गणना31दिसंबर2026के आधार पर की जाएगी. सरकारी विद्यालयों के अलावा मान्यता प्राप्त सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों के विद्यार्थी भी प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे.इन 24 खेलों में होगी प्रतिभा की परीक्षाप्रतियोगिता में एथलेटिक्स, खो-खो, शतरंज, वॉलीबॉल, कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, टेबल टेनिस, तीरंदाजी, सॉफ्टबॉल, साइकिलिंग, कुश्ती, भारोत्तोलन, योग, कराटे, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, वुशू, हॉकी, बास्केटबॉल, तैराकी, हैंडबॉल और रग्बी शामिल हैं.अलग-अलग खेलों के लिए तय किए गए स्थलएथलेटिक्स, खो-खो, शतरंज, वॉलीबॉल, कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, टेबल टेनिस, तीरंदाजी, हैंडबॉल और रग्बी के मुकाबले पाटलिपुत्र खेल परिसर में होंगे. कुश्ती, भारोत्तोलन, योग, कराटे और बॉक्सिंग के लिए राजेंद्र नगर स्थित खेल भवन-सह-व्यायामशाला को केंद्र बनाया गया है. ताइक्वांडो और वुशू के मुकाबले साई प्रशिक्षण केंद्र, हॉकी राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय शास्त्रीनगर, बास्केटबॉल राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय राजेंद्र नगर और तैराकी चंद्रगुप्त जल विहार मोइनुल हक स्टेडियम में होगी.स्कूल स्तर से आगे बढ़ेंगी प्रतिभाएंजिला खेल कार्यालय के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना है. बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला, राज्य और उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार होगा. विद्यालय खेल आयोजनों के माध्यम से स्कूलों में खेल संस्कृति विकसित करने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर पहचानकर उन्हें प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है.एक खिलाड़ी एक खेल में ले सकेगा हिस्साप्रतियोगिता के नियमों के अनुसार सामान्यत एक खिलाड़ी एक ही खेल में भाग ले सकेगा. हालांकि एथलेटिक्स में खिलाड़ी अधिकतम तीन स्पर्धाओं में हिस्सा ले सकते हैं. टीम वाले खेलों में विद्यालयों को पूरी टीम के साथ प्रतियोगिता में भाग लेना होगा.
रांची: राजधानी रांची के जेएससीए स्टेडियम में 9 अक्टूबर 2026 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच द्वितीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन होना है. इसको लेकर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त,मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सोमवार को जिला समाहरणालय रांची में बैठक का आयोजन हुआ. बैठक में क्रिकेट मैच के सफल आयोजन हेतु विधि-व्यवस्था,सुरक्षा व्यवस्था,यातायात प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण के प्रभावी समन्वय पर चर्चा हुई.जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त,मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सोमवार को जिला समाहरणालय सभागार में अंतरराष्ट्रीय जेएससीए स्टेडियम,एचईसी परिसर,धुर्वा,रांची में 09 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले भारत बनाम वेस्टइंडीज के द्वितीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.बैठक में टी-20 क्रिकेट मैच के दौरान संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से विचार विमर्श की गई.जिला दण्डाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मैच के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन की व्यापक एवं पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. पूरे स्टेडियम परिसर एवं उसके आस-पास की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए. विशेष रूप से यह निर्देश दिया गया कि दोपहर 3 बजे इंट्री शुरू होने से पूर्व बिना टिकट वाले दर्शकों को स्टेडियम के आस-पास इकट्ठा नहीं होने दिया जाए,ताकि मैच के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो.दर्शकों को निर्धारित गेटों से कतारबद्ध तरीके से प्रवेश दिया जाएगा. दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे इंट्री गेट खुलने से पूर्व ही पहुंचकर निर्धारित स्थान पर कतार में लग जाएं,ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे आनंदपूर्वक मैच का लुत्फ उठा सकें. साथ ही,दर्शकों से अनुरोध है कि वे कोई भी प्रतिबंधित वस्तु लेकर स्टेडियम परिसर में प्रवेश न करें.बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं जेएससीए पदाधिकारियों को संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया गया,ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन राँची की छवि को और मजबूत करने वाला साबित हो.बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक,राकेश रंजन,अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था),धनंजय,अनुमंडल पदाधिकारी सदर,कुमार रजत,पुलिस अधीक्षक (शहर),पारस राणा,पुलिस अधीक्षक (यातायात),राकेश सिंह,ट्रेनी आईएएस अधिकारी आस्था शरण,अध्यक्ष,जेएससीए,धुर्वा,अजय नाथ शाहदेव,उपाध्यक्ष,जेएससीए,धुर्वा,संजय पाण्डेय,सचिव,जेएससीए,धुर्वा,सौरभ तिवारी उपस्थित थे.जिला प्रशासन ने शहरवासियों एवं क्रिकेट प्रेमियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें,निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को दें,ताकि यह अंतरराष्ट्रीय मैच पूरी शांति,सुरक्षा एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके.रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट-
पटना : जापान में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर भारतीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया. इस दौरान उन्होंने कबड्डी और तैराकी समेत कई खेल स्पर्धाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिस्पर्धा, खिलाड़ियों की तैयारी तथा खेल प्रबंधन की व्यवस्थाओं को करीब से समझा. प्रतियोगिताओं के दौरान खेल मंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया. उन्होंने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, कड़ी मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को प्रत्यक्ष रूप से देखना खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को समझने का महत्वपूर्ण अनुभव है.बिहार के खिलाड़ियों को मिलेंगे बेहतर अवसरखेल मंत्री ने कहा कि बिहार में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर,आधुनिक सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है. अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजन बिहार के युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश के खिलाड़ियों की उपलब्धियां पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं. बिहार के युवा खिलाड़ी भी इन सफलताओं से प्रेरणा लेकर कड़ी मेहनत करें और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर राज्य और देश का नाम रोशन करने की दिशा में आगे बढ़ें.नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट--
पटना : बिहार के छोटे जिलों से निकली खेल प्रतिभा अब अंतरराष्ट्रीय मैट पर अपनी पहचान बनाने को तैयार है. छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुए एसजीएफआई अंडर-18 ताइक्वांडो चयन ट्रायल-2026 में बिहार के दो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम में जगह बनाई है.शेखपुरा जिले के हिमांशु कुमार और गोपालगंज जिले के विशाल कुमार अब दिसंबर में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में भारत की जर्सी में उतरेंगे. दोनों खिलाड़ी3से8दिसंबर2026तक आयोजित होने वाले आईएसएफ जिम्नासियाड-2026में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.दो जिले, दो वजन वर्ग और एक बड़ा सपनाबीते14और15सितंबर को रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय चयन ट्रायल में हिमांशु कुमार ने अंडर-51किलोग्राम वर्ग,जबकि विशाल कुमार ने अंडर-68किलोग्राम वर्ग में अपनी जगह पक्की की. राष्ट्रीय स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच दोनों का चयन बिहार के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि ये खिलाड़ी राज्य के अलग-अलग जिलों से निकलकर अब दुनिया के बड़े स्कूली खेल मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं.बिहार की प्रतिभा को मिल रहा बड़ा मंचबिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविन्द्रण शंकरण ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि आईएसएफ जिम्नासियाड दुनिया भर के स्कूली खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय खेल मंच है. बिहार के दो अलग-अलग जिलों के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुना जाना राज्य में उभरती खेल प्रतिभाओं की क्षमता को दर्शाता है.छोटे शहरों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानहिमांशु और विशाल की कहानी सिर्फ दो खिलाड़ियों के चयन की कहानी नहीं है,बल्कि बिहार के जिलों में तैयार हो रही नई खेल प्रतिभा की तस्वीर भी है. अब तक बड़े खेल केंद्रों तक सीमित समझी जाने वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की संभावनाएं राज्य के छोटे शहरों और जिलों के खिलाड़ियों तक भी पहुंच रही हैं. इन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी,जो अपने जिले के मैदान और स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र से खेल की शुरुआत कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं.कोचिंग और मार्गदर्शन ने संवारा हुनरदोनों खिलाड़ियों की इस सफलता में उनके निरंतर अभ्यास के साथ कोच विवेक प्रकाश और मैनेजर खुशबू कुमारी के मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. राष्ट्रीय चयन ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन कर भारतीय टीम का हिस्सा बनने के बाद अब दोनों खिलाड़ियों का अगला लक्ष्य ब्राजील में होने वाली प्रतियोगिता में देश के लिए दमदार प्रदर्शन करना है.