
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026
Liveझारखंड बीजेपी के दो नेताओं को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. राजमहल के पूर्व विधायक अनंत ओझा और राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा को उत्तर प्रदेश बीजेपी का सह-प्रभारी बनाया गया है. यूपी में बीजेपी ने विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया है. उनके साथ अनंत ओझा, प्रदीप वर्मा, जगदीश पटेल और मेधा कुलकर्णी को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है.छात्र राजनीति से शुरू हुआ अनंत ओझा का सफरअनंत ओझा ने राजनीति की शुरुआत छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी से की थी. इसके बाद वे बीजेपी के युवा संगठन से जुड़े और संगठन में लगातार काम करते रहे. धीरे-धीरे पार्टी में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वे झारखंड बीजेपी के प्रदेश स्तर के संगठन में भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहे.दो बार राजमहल से बने विधायक2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अनंत ओझा को राजमहल से उम्मीदवार बनाया. उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा. इसके बाद 2019 में भी उन्होंने राजमहल सीट से जीत हासिल की और लगातार दूसरी बार विधायक बने. विधायक रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों को विधानसभा में उठाया. साहिबगंज और राजमहल इलाके में सड़क, बिजली, गंगा से जुड़ी परियोजनाओं और दूसरे विकास कार्यों को लेकर भी वे सक्रिय रहे. हालांकि 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें राजमहल सीट पर हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद पार्टी संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही. अब बीजेपी ने उन्हें झारखंड से बाहर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी दी है.संगठन से राज्यसभा तक पहुंचे प्रदीप वर्माडॉ. प्रदीप वर्मा लंबे समय से बीजेपी संगठन के साथ जुड़े हुए हैं. उन्होंने पार्टी में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं. प्रदेश सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष के बाद वे प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी तक पहुंचे. 2024 में बीजेपी ने उन्हें झारखंड से राज्यसभा भेजा. इसके बाद पार्टी संगठन में भी उनकी भूमिका बढ़ी और 2026 में उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिली. अब पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश बीजेपी का सह-प्रभारी बनाया है. यूपी की जिम्मेदारी मिलने के बाद झारखंड के इन दोनों नेताओं की भूमिका राज्य से बाहर भी महत्वपूर्ण हो गई है.UP की जिम्मेदारी में झारखंड के दो चेहरों की एंट्रीउत्तर प्रदेश भाजपा के लिए पार्टी ने इस बार बड़ा संगठनात्मक सेटअप तैयार किया है. विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है, जबकि चार नेताओं को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. इनमें झारखंड के दो चेहरे प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा भी शामिल हैं. दोनों नेताओं को संगठन में लंबे अनुभव और जमीनी राजनीति की पृष्ठभूमि के आधार पर यूपी की जिम्मेदारी दी गई है. अब देखना होगा कि झारखंड की राजनीति में संगठनात्मक अनुभव हासिल करने वाले ये दोनों नेता उत्तर प्रदेश में पार्टी की जिम्मेदारी को किस तरह आगे बढ़ाते हैं.रांची से संवाददाता राहुल कुमार पांडेय की रिपोर्ट
झारखंड की राजधानी रांची में मानसून के दस्तक देते ही स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार जैसी गंभीर बीमारियों से शहरवासियों को बचाने के लिए रांची शहरी क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विशेष डेंगू सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर के अलग-अलग वार्डों में घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं। बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ, टीम घरों में मच्छरों के प्रजनन स्थलों की बारीकी से जांच कर रही है। कूलर, गमले, पानी की टंकियों और कबाड़ में रखे बर्तनों के अंदर खतरनाक एडीज मच्छर का लार्वा तलाशा जा रहा है।ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, वार्ड संख्या 21, 22 और 23 में 76 घरों की जांच की गई, जिसमें से 16 घरों और 25 बर्तनों में डेंगू के लार्वा मिले। वहीं, वार्ड संख्या 05, 16, 27 और 28 में 90 घरों की जांच के दौरान 13 घरों और 13 बर्तनों में लार्वा पाए गए।आपको बता दें कि यह महत्वपूर्ण अभियान हर दिन रांची के सात अलग-अलग वार्डों में लगातार चलाया जा रहा है।सर्विलांस टीम ने लोगों से हर हफ्ते 'ड्राइ-डे' (सूखा दिवस) मनाने की अपील की है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और पूरी साफ-सफाई बनाए रखें।स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छररोधी उपायों को अपनाएं।
रिम्स में आयुष्मान भारत योजना को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए गुरुवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बिना किसी बाधा के योजना का पूरा लाभ दिलाना है।इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता खुद रिम्स के निदेशक ने की। बैठक में रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक, आयुष्मान भारत योजना के नोडल पदाधिकारी, विभिन्न क्लीनिकल विभागों के विभागाध्यक्ष (HODs) और योजना से जुड़े तमाम वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में योजना की वर्तमान स्थिति और आ रही चुनौतियों पर बिंदुवार चर्चा की गई।इस बैठक में मरीजों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए और कड़े निर्देश जारी किए गए।रिम्स निदेशक ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों की भर्ती (Admission) से लेकर उनके डिस्चार्ज (Discharge) तक की पूरी प्रक्रिया को शत-प्रतिशत ऑनलाइन लागू किया जाए। इसमें किसी भी तरह की ढिलाई या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।इसके साथ ही, बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि अस्पताल आने वाले हर पात्र मरीज को पूरी तरह से कैशलेस और समयबद्ध उपचार मिले। दवाओं या जांच के नाम पर मरीजों को कोई परेशानी न हो। निदेशक ने अधिकारियों से योजना का दायरा बढ़ाने और रिम्स के हर विभाग में इसके क्रियान्वयन को और मजबूत करने को कहा है।उम्मीद है कि इन नए और कड़े कदमों के बाद रिम्स में आयुष्मान भारत योजना का लाभ मरीजों को और भी आसानी से मिल सकेगा।
रांची : झारखंड में 2 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार प्रणव झा ने शनिवार को नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए नामांकन पत्र खरीद लिया है.इस अवसर पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी, रियाज अंसारी, सुल्तान अहमद तथा उज्ज्वल प्रकाश तिवारी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे.बता दें कि झारखंड में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और राष्ट्रीय अध्यक्ष के करीबी माने जाने वाले प्रणव झा को अपना प्रत्याशी बनाया है.
BIG BREAKING:देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत ने आज फिर झटका दिया है. पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ये चौथी बढ़ोतरी की गई है. सरकार ने एक बार फिर तेल के दाम बढ़ा दिए हैं. पेट्रोल ₹2.61 बढ़े तो डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है. रांची में पेट्रोल अब 105.26 पैसे तो 100.37 रुपये प्रति लीटर हो गया है. आम आदमी को बड़ा झटका लगा है.बताए कि 15 मई को करीब 3 रुपए, 19 मई को लगभग 90 पैसे, तीसरी बार 23 मई को फिर करीब 90 पैसे और अब 25 मई को एक बार फिर बड़ा इजाफा किया गया है. कुल मिलाकर पिछले 10 दिन में पेट्रोल 7 रुपये 35 पैसे और डीजल 7 रुपये 53 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है.बिहार की राजधानी पटना में डीजल की कीमत 99.36 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल की कीमत 113.37 रुपये प्रति लीटर और XP95 की कीमत 122.25 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है.नई दरों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है. झारखंड में 2.61 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया. जबकि, मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि चेन्नई में यह 107.77 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है. भोपाल में डीजल की कीमत 99.64 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल 114.57 रुपये प्रति लीटर, XP95 123.88 रुपये प्रति लीटर और XG की कीमत 104.90 रुपये प्रति लीटर है. चंडीगढ़ में डीजल 89.47 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल का दाम 101.51 रुपये प्रति लीटर और XG की कीमत 94.65 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, गुवाहाटी में डीजल की नई कीमत 97.23 रुपये प्रति लीटर, पेट्रोल की कीमत 105.73 रुपये प्रति लीटर और XP95 की कीमत 114.68 रुपये प्रति लीटर है.
पटना : उद्योग विभाग में मंत्री श्रेयसी सिंह के आगमन पर विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने उनका स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया.इस अवसर पर मंत्री ने औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण किया.इस मौके पर उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण (PPT)के माध्यम से मंत्री को विभाग की विभिन्न योजनाओं,गतिविधियों एवं प्रगति कार्यों की विस्तृत जानकारी दी. प्रस्तुतीकरण के दौरान राज्य में औद्योगिक विकास,निवेश प्रोत्साहन,औद्योगिक आधारभूत संरचना तथा निवेशकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार में उद्योग मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव एवं जिम्मेदारी दोनों है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को नई गति देने तथा निवेशकों के लिए अनुकूल,पारदर्शी एवं उद्योग समर्थ वातावरण तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है.उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन,औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने तथा राज्य में निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से उद्योग विभाग पूरी प्रतिबद्धता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करेगा. साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाते हुए उद्योगों को त्वरित एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाएगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
बोकारो: मध्य एशिया में जारी तनाव के बीच शहर में रसोई गैस को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. एलपीजी की आपूर्ति को लेकर नियमों में बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को अब तक कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा है.नए नियम के तहत शहरी क्षेत्रों में 25 दिन बाद ही गैस बुकिंग के बाद एलपीजी दिया जा रहा है. इसके बावजूद समय पर गैस नहीं मिलने से लोगों में भारी नाराजगी है.गैस गोदाम में उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि नंबर लगने और ओटीपी आने के बावजूद सर्वर की समस्या बताकर एलपीजी नहीं दिया जा रहा है.स्थिति यह है कि पहले जहां गैस की होम डिलीवरी होती थी, अब कई जगहों पर उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर लेना पड़ रहा है. इससे दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है. खाना बनाने से लेकर बच्चों के स्कूल जाने तक में परेशानी हो रही है.वहीं, एजेंसी कर्मियों का कहना है कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है और नियम के अनुसार ही वितरण किया जा रहा है. सर्वर की तकनीकी दिक्कत और केवाईसी नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है.
पटना: बिहार के किसान जैविक खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. वे खुद से जैविक खाद भी तैयार करने में जुटे हैं. सहरसा जिले के मुरादपुर पंचायत में किसानों ने एक अनोखा प्रयोग शुरू किया है. पोखरों और तालाबों में उगने वाली जलकुंभी को लोग पहले समस्या मानकर फेंक देते थे. अब उसी से उच्च गुणवत्ता वाली वर्मी कम्पोस्ट बनाई जा रही है. यह खाद विशेष रूप से मखाना की खेती में इस्तेमाल की जा रही है.दो महीने में 500 किलो बनायाखादपंचायत के मुखिया राहुल झा ने बताया कि इस क्षेत्र में मखाना बड़े पैमाने पर उगाया जाता है.इसके लिए जलकुंभी का खाद उपयोग किया जा रहा है.पिछले करीब एक साल से पंचायत की वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट में जलकुंभी से खाद बनाने का काम चल रहा है. बीते दो महीनों में ही लगभग 500 किलोग्राम खाद तैयार की जा चुकी है. रोजाना करीब 20 किलोग्राम खाद बन रही है। इसमें पंचायत के करीब 15 परिवार खासकर महिलाएं सक्रिय रूप से शामिल हैं.वे खाद को अपने मखाना की खेती में इस्तेमाल भी कर रहे हैं. इससे उन्हें रासायनिक खाद खरीदने की जरूरत कम हुई है और उत्पादन में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है.वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट से बन रही खादउन्होंने आगे बताया कि खाद तैयार करने के लिए सबसे पहले जलकुंभी को पानी से निकालकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इसे गोबर के साथ अच्छी तरह मिलाया जाता है. मिश्रण को लगभग 45 दिनों तक छांव में सुखाया जाता है.इस दौरान इसमें केंचुए छोड़ दिए जाते हैं, जो इसे वर्मीकम्पोस्ट में बदल देते हैं.यह जैविक खाद पंचायत के किसानों को मुफ्त में उपलब्ध हो रही है. आगे इसे बड़ी मात्रा में तैयार कर किसानों को बाजार उपलब्ध कराया जाएगा.इस खाद में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम के अलावा मैग्नीशियम, आयरन, मैग्नीज, जिंक जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, फसल की लागत कम होती है और मखाना का उत्पादन बेहतर होता है.
कोडरमा:जिला प्रशासन द्वारा बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों के लिए आयोजित 45 दिवसीय आवासीय पठन-पाठन कार्यक्रम आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम के अंतिम दिन यानी आज छात्रों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल 10वीं और 12वीं के लगभग 200 छात्र-छात्राओं को विदाई दी गई. मंच पर बच्चों को सम्मानित किया गया.बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वाससम्मान समारोह में बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई. कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस 45 दिवसीय आवासीय पढ़ाई ने उनकी तैयारी को मजबूत किया है. अनुशासन, बेहतर समय-सारिणी और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें बोर्ड परीक्षा के लिए आत्मविश्वास से भर दिया है.शिक्षा कवच योजना से बढ़ा मनोबलसम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि शिक्षा कवच योजना का उद्देश्य जिले के मेधावी बच्चों को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि कोडरमा जिले के बच्चे बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर सके.शैक्षणिक तैयारी हुई मजबूतशिक्षा कवच योजना के तहत आयोजित 45 दिवसीय आवासीय पठन-पाठन कार्यक्रम न सिर्फ बच्चों की शैक्षणिक तैयारी को मजबूत करने में सफल रहा बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी लाया है. इसका सकारात्मक असर बोर्ड परीक्षा के परिणामों में साफ तौर पर देखने को मिलेगा.
रांची:रांची प्रेस क्लब में हमर अधिकार मंच की राज्यव्यापी बैठक अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में हुई.जिसमें झारखंड के 12 जिलों से आए सदस्यों ने भाग लिया. इस अवसर पर समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए रोटी बैंक के संस्थापक विजय पाठकको सम्मानित किया गया. विजय पाठक रिम्स में जरूरतमंदों को 365 दिन निशुल्क भोजन उपलब्ध कराते हैं. इसके अलावा सदर अस्पताल रांची के लेजर एंड लेप्रोस्कॉपी सर्जन अजीत कुमार को भी कोरोना में किए गए विशेष कार्य और सरकारी स्तर पर लेप्रोस्कॉपी सर्जरी के क्षेत्र में विशेष कार्य करने के लिए सम्मान दिया गया. वहीं, अन्य कई लोगों को भी प्रेस क्लब में सम्मानित दिया गया.कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और राष्ट्रगान के साथ हुई. अध्यक्ष दीपेश निराला अपने संबोधन में कहा कि 15 जून,2025 को 19 जिलों से सूचना का अधिकार कार्यशाला में आए दर्जनों एक्टिविस्टों की मांग पर हमर अधिकार मंच का गठन किया गया है.जो मानव के सिविल राइट्स की जागरूकता पर काम कर रही है और विभिन्न तरह के अधिकारों जैसे सूचना का अधिकार,सेवा का अधिकार,महिलाओं और बच्चों का अधिकार,मानवाधिकार,भोजन का अधिकार,उपभोक्ता का अधिकार जैसे विभिन्न अधिकारों पर यह संस्था काम करेगी. अब तक विभिन्न जिलों से बने सभी सदस्यों को उनका सदस्यता प्रमाण-पत्र,परिचय प्रमाण-पत्र और पदाधिकारी के रूप में उनका मनोनयन-पत्र देकर किया गया.कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी,राजकुमार,प्रदीप राणा,प्रिय ब्रत प्रसाद,सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से आए सदस्यों ने भाग लिया.रांची से संतोष कुमार की रिपोर्ट
मुंगेर:-जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है सरकार के द्वारा जनता पे सौगातों की बौछाड़ की जा रही है। इसी क्रम में जहां केंद्रीय मंत्री सह मुंगेर सांसद ललन सिंह और उप मुख्यमंत्री बिहार सम्राट चौधरी मुंगेर के बरियारपुर पहुंचे । मौके पर कई विधायक, आयुक्त डीएम एसपी सहित हजारों की संख्या में समर्थक और जनता मौजूद थे। जहां माननीय ने सबसे पहले 7.69 करोड़ की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित एक साथ 327 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। जिसकी कुल लगात लगभग 180 करोड़ रुपया है। वहीं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार और बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बिहार को विकास के पथ पर लगातार बढ़ाने का कार्य कर रही है। बरियारपुर सी.एच.सी सहित जिले के विभिन्न जगहों पर जन उपयोगी 327 योजना जिसकी कुल लगत करीब 180 करोड़ रुपया है। जिसमें 83 योजना का उद्घाटन तो 244 योजनाओं का शिलान्यास किया गया । साथ ही जमालपुर के औद्योगिक क्षेत्र में दिल्ली की मदर डेयरी को 14 एकड़ भूमि का आवंटन कर दिया जिसपे 250 करोड़ की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट का निर्माण किया जाएगा और एक बायो गैस प्लांट भी लगाया जाएगा । जिससे मुंगेर जिला सहित मुंगेर से सटे जिलों के पशुपालक दूध और गोबर बेच आर्थिक लाभ कर सकेंगे ।वहीं मीडिया को दिए अपने बयान में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि डबल इंजन की सरकार मुंगेर सहित बिहार वासियों को सौगात पे सौगात दिए जा रही है । पिछ्ले दिनों मुंगेर में जहां 200 करोड़ की योजन का शिलान्यास और उद्घाटन का कार्य किया तो आज 180 करोड़ की योजना का आज शुरुआत और उद्घाटन किया गया। अगले 2 या 3 अक्टूबर को वे और केंद्रीय मंत्री पुनः मुंगेर आयेंगे और मरीन ड्राइव और मदर डेयरी के प्लांट के कार्य का शिलान्यास करेंगे। जो करीब 4 से 5 हजार करोड़ की योजना है । बिहार में आज सड़क बिजली महिला शक्तिकरण की दिशा में विकास कर रही है । कई हाइवे अब मुंगेर से हो कर गुजर रहे है। बिहार विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है । महिलाओं को और मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक महिला को 2 लाख तक रुपए दिए जायेंगे ताकि वे रोजगार कर आर्थिक सबल बन सके । अब तक 1 करोड़ 6 लाख आवेदन प्राप्त किया जा चुका है जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री करेंगे और नीतीश कुमार की सरकार महिलाओं के खाते में राशि भेजने का काम करेगी । साथ ही आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री भी मुंगेर आयेंगे और प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत योजनाओं का शिलान्यास करेंगे सरकार महिलाओं के खाते में राशि भेजने का काम करेगी । साथ ही आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री भी मुंगेर आयेंगे और प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत योजनाओं का शिलान्यास करेंगे ।
पटना। बिहार में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक क्रांति देखी जा रही है, जहां आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जय) राज्य के लाखों लोगों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के जीवन को बदल रही है। एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, राज्य ने केवल एक वर्ष में लाभार्थियों को आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर (जेब से किए जाने वाले चिकित्सा खर्च) में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की बचत कराई है। यह इस योजना की बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता का प्रमाण है।ग्रामीण बिहार की आबादी के लिए सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा अब कोई दूर का सपना नहीं रह गया है। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण के सतत प्रयासों के माध्यम से, एबी पीएम-जय योजना के अंतर्गत सभी पात्र परिवारों को 100% कवरेज प्रदान किया गया है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि प्रत्येक पात्र परिवार को भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत वित्तीय सुरक्षा और चिकित्सीय सहायता प्राप्त हो रही है।स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का एकीकरण भी एक बड़ा कदम साबित हुआ है। इस राज्य स्तरीय पहल के समावेश से न केवल स्वास्थ्य अवसंरचना को बल मिला है, बल्कि और अधिक लोगों को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा का लाभ मिलने लगा है।वर्तमान में बिहार में 1100 से अधिक अस्पताल इस योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं, जिनमें से लगभग 50% निजी अस्पताल हैं। सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य संस्थानों की यह संतुलित भागीदारी सेवा वितरण में सुधार, प्रतीक्षा समय में कमी, और चिकित्सा सुविधाओं को लोगों के नज़दीक लाने में सहायक रही है।इस योजना के पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्वास्थ्य अभिकरण द्वारा कई विशेष पहल की गई हैं। इनमें डिजिटल निगरानी, सशक्त शिकायत निवारण प्रणाली, नियमित लेखा-परीक्षण और ज़मीनी स्तर पर जागरूकता अभियान शामिल हैं। राज्य स्वास्थ्य अभिकरण की प्रतिबद्धता है कि किसी भी स्तर पर खामियों को दूर कर वास्तविक लाभार्थियों यानी बिहार की जनता को पूरी सहायता सुनिश्चित की जाए।अधिकारियों का मानना है कि आयुष्मान भारत पीएम-जय के तहत उठाए गए इन परिवर्तनकारी कदमों से न केवल स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार हो रहा है, बल्कि ग्रामीण संकट को कम करने, चिकित्सा ऋण से मुक्ति दिलाने, और आर्थिक व सामाजिक रूप से परिवारों को सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाई जा रही है।जैसे-जैसे बिहार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में नए मानक स्थापित कर रहा है, आयुष्मान भारत योजना यह साबित कर रही है कि सक्रिय शासन और समावेशी नीतियां ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का चेहरा पूरी तरह बदल सकती हैं।
मधुपुर : शहर के ऐतिहासिक पंच मंदिर परिसर स्थित वट वृक्ष के नीचे सोमवार को वट सावित्री व्रत के अवसर पर सैकड़ों सुहागिन महिलाओं ने पूजा-अर्चना की और अखंड सौभाग्य की कामना की. सुहाग की सलामती और पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने पूरे विधि-विधान से वटवृक्ष की परिक्रमा की. रक्षा सूत्र बांधा और श्रद्धा भाव से व्रत कथा सुनी.सुबह से ही मंदिर परिसर में आस्था की अनूठी छटा बिखर गई थी. लाल,पीली और गुलाबी साड़ियों में सजी महिलाएं मांग में सिंदूर,हाथों में चूड़ियां और पैरों में पायल की रुनझुन के साथ जब पूजा के लिए पहुंची,तो पूरा वातावरण एक आध्यात्मिक रंग में रंग गया.महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर सात बार परिक्रमा करते हुए कथा में वर्णित सावित्री-सत्यवान की अमर प्रेम गाथा को याद किया.सावित्री ने यमराज से भी अपने पति का जीवन वापस ले लिया था. यही कारण है कि इस दिन को पतिव्रता नारी की आस्था,प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना जाता है.पूजन के उपरांत व्रति महिलाओं ने एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं दीं और जीवनसाथी की लंबी उम्र की कामना के साथ मनोकामना पूर्ति हेतु मन में संकल्प लिया.इस मौके पर वीणा देवी,अनीता देवी,नीता श्रीवास्तव आदि व्रति महिला भावुक होकर बोली, “हर साल यह व्रत मेरे लिए आस्था नहीं,बल्कि मेरे जीवन की प्रार्थना बन चुका है. जब तक सांस है,तब तक यह व्रत करती रहूंगी.”मंदिर समिति ने भी इस अवसर पर विशेष व्यवस्था की थी. पुजारी द्वारा विधिवत पूजा करवाई गई और कथा का श्रवण कराया गया.वट सावित्री व्रत भारतीय नारी की उस भावना को उजागर करता है, जो अपने जीवनसाथी के लिए हर कठिनाई को सहने को तैयार रहती है. यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा भी है, जो आज की बदलती दुनिया में भी उतनी ही प्रासंगिक है. जब तक ऐसे पर्व जीवित हैं, तब तक भारतीय संस्कृति की आत्मा भी जीवित रहेगी.
रांची : राजधानी रांची समेत विभिन्न स्थानों पर वट सावित्री पर्व मनाया जा रहा है. अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं सोमवार को सुबह से ही वट सावित्री की पूजा कर रही हैं. इस अवसर पर महिलाएं व्रत रख रही हैं. इसको लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है.रांची, खलारी कोयलांचल क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सुहागिन महिलाओं के द्वारा अपने पति की दीर्घायु होने की कामना को लेकर वटसावित्री की पूजा अर्चना की गई. सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर सोमवार को बरगद वृक्ष के नीचे पहुंची और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना कर बरगद के वृक्ष के तना में कच्चा धागा बांधते हुए अपने पति की दीर्घायु होने की कामना की है. वट सावित्री की पूजा करने वाली महिलाओं ने बताया कि वटसावित्री व्रत करने से पति की आयु काफी लंबी होती है और उनके ऊपर आनेवाला संकट टल जाता है.वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्ध के लिए करती हैं. इस अवसर पर वट वृक्ष की पूजा की जाती है. आज के दिन सावित्री और सत्यवान की कथा सुनने का विशेष महत्व है, जो पति-पत्नी के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है. पुराणों के अनुसार वट वृक्ष में व्रह्मा,विष्णु और महेश का निवास होता है. इस लिए इसके नीचे बैठकर पूजा और व्रत कथा सुनने से मनोकामनाएं पूरी होती है. ऐसी मान्यता है कि जो सुहागिन महिलाएं सावित्री का व्रत करती हैं और वट वृक्ष की पूजा करती हैं,उन्हें अखंड सौभाग्य का फल प्राप्त होता है.वट सावित्री व्रत की मान्यता यह है कि इसी दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षा की थी. इसलिए यह तात्कालिक रुप से सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके बरगद के पेड़ में कच्चा सूत बांधती है. वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए वे अपने पति की लंबी य़आयु के लिए प्रार्थना करती हैं.
PATNA :राजधानी पटना के गांधी मैदान में 28 फरवरी को हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के दलित समागम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शिरकत करेंगे। 12 स्ट्रैंड रोड में पार्टी की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन, प्रदेश अध्यक्ष टेकारी विधायक डॉ. अनिल कुमार, हम के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने दी।मंत्री डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि गांधी मैदान में दलित समागम में महाजुटान होने जा रहा है। पूरे प्रदेश से लाखों लोग आ रहे हैं, यह एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें ग़रीब दलित ग़रीब समाज के लोग आ रहे हैं। समाज के पिछड़े ग़रीब लोग आकर समागम में अपने अधिकारों की बात करेंगे। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा दलितों को सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं के बारे में जागरूकता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाएगी।राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि पार्टी की ओर से आयोजित समागम शक्ति प्रदर्शन नहीं है। चुनाव आने वाला है , ऐसे में उन्हें राजनीतिक रूप से सक्रिय बना कर एनडीए को मज़बूत बनाएंगे। समागम में ग़रीब दलित जनता की भागीदारी और संख्या हम को मज़बूती देगी। इस रैली के माध्यम से दलित अधिकारों पर बातचीत होगी.उन्होंने एनडीए के सभी घटक दलों को रैली में आने का आग्रह किया है। मंत्री संतोष सुमन ने कहा कि जिस तरह से एनडीए सरकार केन्द्र और राज्य में जनता की सेवा में का काम कर रही है, हमें जनता का पूरा समर्थंन मिला है और मिलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री ने दलित समागम में आने का आश्वासन देकर अपना समर्थन दिया हैं।मंत्री डॉ संतोष सुमन ने कहा कि जंगलराज के लोगों ने बिहार को बर्बाद कर दिया है। एनडीए अलायंस 243 सीटों पर तैयारी चल रही है। इस बार चुनाव में ग़रीब दलित समाज के लोग महागठबंधन का सफ़ाया कर देंगे। प्रेस वार्ता में कौशलेन्द्र दांगी, राजेश्वर मांझी, राजेश रंजन, फैज़ सिद्दीकी, आकाश कुमार आदि लोग भी शामिल रहे।
BPSC Protest : इस वक्त एक बड़ी खबर आ रही है कि BPSC 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का एकबार फिर जुटान हुआ है। सभी अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं और BPSC दफ्तर का घेराव करने जा रहे हैं।अभ्यर्थियों के जुटने की खबर मिलते ही पटना पुलिस मुस्तैद हो गयी है और अभ्यर्थियों को रोक रही है। जगह-जगह ट्रैफिक जाम हो गया है। स्कूल बस के साथ कई गाड़ियां भी जाम में फंसी हुई हैं। इससे पहले आयकर गोलंबर पर भी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कैंडिडेट्स को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए।वहीं, अभ्यर्थियों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने वाटर कैनन भी मंगाया है। आपको बता दें कि री-एग्जाम की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले 49 दिनों से पटना के गर्दनीबाद में धरने पर बैठे हैं। वहीं, BPSC 70वीं PT परीक्षा को लेकर कल यानी 31 जनवरी को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट ने 30 जनवरी से पहले BPSC को एफिडेविट देने को कहा है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की ओर से BPSC 70वीं PT री-एग्जाम को लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
MUMBAI : रिलायंस डिजिटल ने भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स सेल, 'डिजिटल इंडिया सेल' की वापसी की घोषणा की है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स की एक विशाल रेंज पर बेजोड़ छूट का वादा किया गया है. ग्राहक लीडिंग बैंक कार्ड्स से खरीदारी करने पर ₹26000 तक इंस्टंट डिस्काउंट का फायदा उठा सकते हैं. यह ऑफर सभी रिलायंस डिजिटल और माय जियो स्टोर्स और ऑनलाइन www.relianedigital.in पर लागू है. इन-स्टोर शॉपर्स कई फाइनान्स विकल्पों में से विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन पर ₹26000 तक का कैशबैक शामिल है. ग्राहक UPI का उपयोग करने पर एक्सेसरीज़ और छोटे अप्लायंसेस पर ₹1000 तक की छूट का फायदा उठा सकते हैं. बिल्कुल नई टेक्नोलॉजी में अपग्रेड करना इतना आसान कभी नहीं था! डिजिटल इंडिया सेल 26 जनवरी 2025 तक पूरे देश में लाइव है.लैपटॉप की तलाश कर रहे ग्राहक वर्क एंड लर्न कोर i3 रेंज में से अपनी पसंद का लैपटॉप चुन सकते हैं, जिसकी शुरुआती कीमत ₹26999* है, क्रिएटर कोर i5H रेंज ₹47599* से शुरू है और गेमिंग RTX 3050 रेंज ₹49999* से शुरू है. छोटी स्क्रीन का कमाल, यानी सैमसंग टैबलेट A9+ ₹10999* से शुरू है.फ्लिप फोन के चाहने वाले मोटोरोला रेजर 50 अल्ट्रा 12GB / 512GB, इसे ‘2024 का बेस्ट फ्लिप फोन’ का अवॉर्ड मिला है, को केवल ₹69999* में खरीद सकते हैं, साथ ही ₹9999 कीमत वाले मोटो बड्स+ (साउंड बाय बोस) भी फ्री में पा सकते हैं. सिनेमा जैसे बेहतरीन अनुभव के लिए, 190 सेमी (75) 4K UHD टीवी, ₹59990* से शुरू है. बड़े स्क्रीन पर मनोरंजन देखने की चाहत रखने वालों के लिए है, 140 सेमी (55) टीवी, ₹27990* से शुरू, इसकी ईएमआई सिर्फ ₹1990 है. डॉल्बी डिजिटल साउंड-बार पर 50% तक छूट भी है.फिटनेस के शौकीन लोग ऐप्पल वॉच सीरीज़ 10 को ₹38900* (बैंक कैशबैक और एक्सचेंज के बाद की कीमत - 24 से 26 जनवरी तक वैध) में खरीद सकते हैं.गर्मी से पाइए राहत, 1.5T 3 स्टार AC के साथ, ₹26990* से शुरू. खरीदें वॉशर ड्रायर ₹4849* प्रति माह से शुरू और घर ले जाइए ₹4990 कीमत वाला JBL BT स्पीकर फ्री. ₹47990* से शुरू होने वाले साइड बाय साइड रेफ्रिजरेटर के साथ अपने पुराने रेफ्रिजरेटर को अपग्रेड करें और खाने को ताज़ा रखें.ऑडियो सुनने वाले ₹899 से शुरू होने वाले 13mm ड्राइवर वाले ट्रूली वायरलेस नॉन-ANC ईयरबड्स और ₹1499 से शुरू होने वाले 4 माइक और 40 घंटे के प्ले टाइम वाले ANC ईयरबड्स में से अपनी पसंद चुन सकते हैं. अपने घर को अपग्रेड करने का बिल्कुल सही समय आ गया है ! होम और किचन अप्लायंसेस से कोई भी 1 प्रोडक्ट खरीदने पर 5% की छूट, कोई भी 2 प्रोडक्ट खरीदने पर 10% की छूट और 3 या उससे ज़्यादा प्रोडक्ट खरीदने पर 15% की भारी छूट का आनंद लें.
MUMBAI :जियो, गणतंत्र दिवस पर जियोसाउंडपे सर्विस लॉन्च करेगा। यह सुविधा जियोभारत फोन पर आजीवन फ्री में उपलब्ध होगी। दरअसल, जियोसाउंडपे से बिना किसी साउंड बॉक्स के यूपीआई भुगतान के अलर्ट मिल सकेंगे। भारत में यह किसी भी मोबाइल फोन पर उपलब्ध अपने तरह की पहली सुविधा है। देश के 5 करोड़ से अधिक छोटे उद्यमियों व छोटे व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।कंपनी के मुताबिक जियोसाउंडपे एक अभूतपूर्व इनोवेशन है। जो हर UPI भुगतान का तत्काल, बहुभाषी ऑडियो अलर्ट मैसेज देगा, जिससे छोटे से छोटे किराना स्टोर, सब्जी विक्रेता और सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानदारों के लिए व्यवसाय करना और आसान हो जाएगा। मौजूदा छोटे और सूक्ष्म व्यापारी साउंड बॉक्स के लिए हर महीने करीब 125 रुपये का भुगतान करते हैं। अब यह सर्विस जियोसाउंडपे पर मुफ़्त उपलब्ध होने के कारण, जियोभारत फोन इस्तेमाल करने वाले उपयोगकर्ता सालाना 1,500 रुपये तक बचा पाएंगे।जियोभारत फोन को करीब साल भर पहले लॉन्च किया गया था और यह दुनिया का सबसे किफ़ायती 4G फ़ोन माना जाता है, जिसकी कीमतर मात्र 699 रुपये है। इस तरह, कोई भी व्यापारी नया जियोभारत फ़ोन खरीदकर सिर्फ़ 6 महीने में फ़ोन की पूरी कीमत वसूल सकता है। भारत के गणतंत्र के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, जियो ने जियोसाउंडपे पर आधुनिक संगीत वाली वंदे मातरम की धुनें प्रस्तुत की है।जियो के प्रेसिडेंट सुनील दत्त ने कहा कि "जियो हर भारतीय को सशक्त बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने में विश्वास करता है। जियोभारत पर मुफ़्त जियोसाउंडपे सुविधा और वंदे मातरम के भावपूर्ण प्रस्तुतिकरण के साथ हम भारत की भावना का जश्न मना रहे हैं और एक सच्चे डिजिटल भारत के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्ट कर रहे हैं।"
NAWADA : राज्य सरकार स्कूलों की व्यवस्था सुधारने का प्राथमिकता दे रही है। इस पर पैसे भी खर्च किए जा रहे हैं। स्कूल भवनों, क्लास रुम, पानी, बिजली, शौचालय, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा देने की घोषणा हुई है। इसे लेकर जब उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनसिहारी में शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत की पड़ताल की गयी तो विद्यालय परिसर में बने किचेन रुम में बैठाकर बच्चे को पढ़ाया जा रहा था, जहां विद्यालय संचालित करने की बस खानापूर्ति हो रही है। यहां छात्र और उनके अभिभावक के साथ-साथ शिक्षक भी परेशान हैं।दो कमरों में चल रहा 8वीं तक स्कूलनवादा सदर प्रखंड में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनसिहारी में 8वीं तक की स्कूल दो कमरों में चल रही है। शेष बचे दो कमरे पूरी तरह से जर्जर हैं। कई दशकों से दो कमरे में छत नहीं है, जिससे इस विद्यालय के छात्र-अभिभावक के साथ-साथ शिक्षक भी परेशान हैं। इस विद्यालय में कई दशकों से जो समस्या बनी हुई है, वह बरकरार है। यहां छात्रों की स्थिति सरकार की शिक्षा नीति के मजबूत दावे को खोखला साबित करने के लिए काफी है। यहां दो कमरे में 8 कक्षाएं संचालित होती हैं। यहां की स्थिति सरकारी दावे को आईना दिखाने के लिए काफी है।उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनसिहारी में कक्षा एक से 8वीं तक बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल को आए दिन विकल्प तलाशने पड़ते हैं। सर्दी में धूप वाली जगह तलाशी जाती है। वहीं, गर्मी के दिनों में इस स्कूल के बच्चों को पढ़ाने के लिए पेड़ों की छांव ढूंढी जाती है लेकिन कम संसाधनों के बीच एकाग्रता बनाए रखना संभव नहीं हो पाता। अभी के हालात और चौंकाने वाले हैं। यहां बच्चों को किचन शेड रूम में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनसिहारी की हालत दयनीय है। यहां किचन रूम में दो कक्षाएं चल रही हैं, जहां किचन रूम में 32 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते इस विद्यालय का विकास और व्यवस्थाएं नहीं जुट पाई हैं।छात्रों के किचेन रूम में बैठ पढ़ाई करने की समस्या के बाद भी विभाग कोई ध्यान ही नहीं दे रहा। दरअसल, स्कूल में कुल 176 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे मुस्लिम समुदाय और दलित परिवारों के हैं।शिक्षा की गुणवत्ता पर सवालउत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनसिहारी में पढ़ने वाले छात्र कितने परेशान हैं, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस विद्यालय में सिर्फ दो कमरे हैं, लेकिन कक्षाएं 8 हैं। ये समझ से परे ही है कि 8 कक्षाओं का संचालन दो छोटे-छोटे कमरों में कैसे हो सकता है। यही स्थिति छात्र, अभिभावक के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है।स्कूल में इसी स्थिति के बीच छात्रों को शिक्षा किसी प्रकार दी जा रही है। आधे छात्र किचेन रूम में तो आधे छात्र शेष बने दो कमरे के अंदर बैठकर शिक्षा अर्जित करते हैं। दो छोटे कमरे में छात्रों को ठूंस-ठूंसकर कर बैठाया जाता है। एक बेंच पर आमतौर पर तीन बच्चे बैठते हैं लेकिन यहां तो एक बेंच पर पांच से छह बच्चों को बैठाया जा रहा है। इस तरह आधे बच्चे किचेन रूम तो आधे बच्चे क्लास रूम, बाहर बरामदे या फिर खुले परिसर में पढ़ने को विवश हैं।यहां विद्यालय में पढ़ाई वन और टू के छात्र को किचेन रूम में और तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा की पढ़ाई एक कमरे में और छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा की पढ़ाई शेष एक कमरे में होती है। विद्यालय में 176 के करीब नामांकित छात्र हैं, जिसमें से 150 के करीब छात्र औसतन उपस्थित होते हैं। 2 कमरे में 8 कक्षाएं संचालित हो रही है, जो कि सरकारी शिक्षा नीति पर एक तमाचे के समान है।उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनसिहारी के प्रधानाध्यापक अभय शंकर प्रसाद द्वारा शिक्षा विभाग को कई बार लिखा जा चुका है लेकिन अबतक इस समस्या को हल करने वाला कोई भी अधिकारी सामने नहीं आ रहे हैं।विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि हमारे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार गंभीर नहीं है। कक्षा 2 का छात्र हरित राज का कहना है कि यहां पढ़ाई में काफी दिक्कतें होती हैं, पर इसे लेकर हम सभी छात्र-छात्राएं मजबूर हैं। सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि हमारी मुश्किलों को दूर किया जाए। हम किचेन रूम में दो कक्षा के बीच पढ़ने को विवश हैं। वहीं, कमरे के अभाव में एक बेंच पर 5 को बैठाया जाता है। विद्यालय में पेयजल और शौचालय भी नहीं है। पेयजल और शौचालय के लिए आधा किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।विद्यालय के प्रधानाचार्य अभय शंकर प्रसाद के मुताबिक विद्यालय भवन निर्माण और शिक्षक की कमी को पूरा करने के लिए कई बार उन्होंने भी विभागीय अधिकारियों से लिखित शिकायत की लेकिन विद्यालय में शिक्षक की कमी को पूरा नहीं किया जा सका। सोनसिहारी गांव की रहने वाली आरजू तमन्ना बताती हैं कि गांव के सरकारी स्कूल में टीचर तो है लेकिन स्कूल में कोई सुविधा नहीं है। कोई बिल्डिंग नहीं है। विद्यालय में न तो बच्चों के पीने की पानी की व्यवस्था है और ना शौचालय तक की कोई व्यवस्था नहीं।उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनसिहारी के प्रधानाचार्य अभय शंकर प्रसाद ने बताया कि यहां कमरे की समस्या है। इस वजह से स्कूल में बच्चे भी कम हैं, स्कूल की बिल्डिंग नहीं होने से किचन शेड रूम में पढ़ाई होती है। विद्यालय में क्लास रूम कम होने से बच्चे स्कूल नहीं आते। विद्यालय में बच्चों की बैठने की व्यवस्था भी नहीं है। मजबूरन बच्चों को किचन रूम में 1 और टू की कक्षाएं और शेष दो कमरे में 3 से 8वीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।