
गुरुवार, 01 अक्टूबर 2026
Liveदरभंगा:बिहार केदरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) केMCH यानी मातृ एवं शिशु अस्पताल के वार्ड में देर रात करीब एक बजे शॉर्ट सर्किट के कारण इलेक्ट्रिक पैनल में आग लग गई. आग लगते ही वार्ड में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई.घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और एहतियातन वार्ड में भर्ती सभी मरीजों को सुरक्षित दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया. आग लगने के कारणMCH वार्ड की बिजली सेवा फिलहाल ठप है.बताया गया कि आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति फिलहाल सामान्य है. राहत की बात यह है कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. अस्पताल प्रशासन की ओर से बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है.दरभंगा से गिरीश कुमार की रिपोर्ट
दरभंगा: जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र में अर्द्धवार्षिक परीक्षा देने जा रही छात्रा को बाइक से जबरन ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है. घटना किरतपुर अस्पताल के समीप की बताई जा रही है. मामले में पुलिस ने एक आरोपित और एक किशोर को पकड़ा है.पुलिस के अनुसार, छात्रा परीक्षा देने जा रही थी. इसी दौरान दोनों आरोपितों ने उसे जबरन बाइक पर बैठा लिया और अपने साथ ले जाने लगे. छात्रा ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे. लोगों को आता देखकर दोनों ने छात्रा को बाइक से नीचे गिरा दिया और वहां से फरार हो गए.घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किरतपुर गांव निवासी राजू सदा और एक किशोर को पकड़ा. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल बाइक भी जब्त कर ली है. राजू सदा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि किशोर को पर्यवेक्षण गृह में प्रस्तुत कराया गया.इधर, जमुई की किशोरी से जुड़े संवेदनशील वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने भी सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि पीड़िता का वीडियो शेयर करना, उसकी पहचान उजागर करना या उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाना कानूनन अपराध है.एसएसपी ने लोगों से अपील की कि ऐसे वीडियो को शेयर, कॉपी-पेस्ट या फॉरवर्ड न करें. किशोरी का नाम, पता, स्कूल और परिवार की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं करने को कहा गया है.संजय कुमार की रिपोर्ट-
अभिनेता संजय मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का नाम रोशन किया है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। गुजरात के एकता नगर में मंगलवार, 22 सितंबर को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें रजत कमल प्रदान कर सम्मानित किया।संजय मिश्रा के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है, क्योंकि हिंदी सिनेमा में तीन दशक से अधिक लंबे करियर के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला है। फिल्म ‘भक्षक’ में उन्होंने भास्कर सिन्हा का किरदार निभाया है। यह फिल्म मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले से प्रेरित है, जिसमें उनका किरदार मामले की पड़ताल में पत्रकार वैशाली सिंह का सहयोग करता है।संजय मिश्रा की जड़ें बिहार के दरभंगा जिले के मनीगाछी प्रखंड स्थित नारायणपुर गांव से जुड़ी हैं। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में अपनी पहचान बनाई। ‘ऑफिस ऑफिस’ के शुक्लाजी से लेकर ‘आंखों देखी’, ‘मसान’ और ‘वध’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने सराहा है।इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में बिहार से जुड़े अन्य लोगों को भी सम्मान मिला है। कमलेश कुमार मिश्रा और मीनती मिश्रा को फिल्म ‘काकोरी’ के लिए सम्मानित किया गया, जबकि संजीव श्रीवास्तव को हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।इस तरह अभिनय, फिल्म निर्माण और फिल्म समीक्षा के क्षेत्र में बिहार से जुड़े चार नामों ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। संजय मिश्रा का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार उनके लंबे फिल्मी सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
दरभंगा : बड़ी खबर दरभंगा से है जहां बहेड़ी थाना क्षेत्र के बघौल-अटहर मुख्य सड़क के बीच परवाहा बांध के पास बीती देर रात करीब 2 बजे शराब लदी ट्रक सड़क किनारे पलट गई. दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई. देखते ही देखते ट्रक से शराब की बोतलें निकालने की होड़ मच गई. स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी. बताया जा रहा है कि बहेड़ी थाना क्षेत्र के बघौल-अटहर मुख्यमार्ग पर ट्रक के पलटने के बाद काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और ट्रक में लदी शराब निकालने लगे. सूचना मिलने के बाद पुलिस करीब सुबह 6:30 बजे घटनास्थल पर पहुंची. पुलिस के पहुंचने तक मौके पर लोगों की भीड़ जमा थी. ट्रक का नंबर HR 45C 8635 है.दरभंगा से गिरीश कुमार की रिपोर्ट--
दरभंगा:बिहार के मद्य निषेध,उत्पाद शुल्क एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी ने आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र के उस बयान पर पलटवार किया है,जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन में आने की बात कही थी. मदन सहनी ने इस बयान को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बचकाना हरकत बताया. मदन सहनी ने कहा कि भाई वीरेंद्र के इस तरह के बयान का दूर-दूर तक कोई औचित्य नहीं है और ना ही ऐसी कोई संभावना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे लोग एनडीए के साथ हैं और सम्राट चौधरी उनके मुख्यमंत्री हैं.मंत्री ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का निर्णय है कि वे एनडीए परिवार के साथ हैं. उनके नेतृत्व में ही एनडीए के सभी लोग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ मिलकर बिहार के विकास के लिए काम कर रहे हैं. मदन सहनी ने कहा कि बिहार में चौतरफा विकास हो रहा है और आगे भी वे लोग एनडीए के साथ मिलकर काम करते रहेंगे.उन्होंने भाई वीरेंद्र पर तंज कसते हुए कहा कि वे इस तरह के बयान देते रहते हैं और शायद उन्हें अपने ही गठबंधन में मन नहीं लगता. उन्होंने कहा कि भाई वीरेंद्र अपने नेता तेजस्वी यादव के खिलाफ भी बयान देते रहते हैं और उन्हें सलाह देते रहते हैं. मदन सहनी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि भाई वीरेंद्र विधानसभा सदस्य से ज्यादा सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं.
दरभंगा: बिहार के दरभंगा में17सितंबर से17अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को लेकर सरकारी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई है. प्रभारी मंत्री कुमार शैलेंद्र की अध्यक्षता में अंबेडकर सभागार में समीक्षा बैठक हुई,जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी,सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे.अभियान के तहत विद्यालयों में चित्रांकन व भाषण प्रतियोगिता,आंगनबाड़ी केंद्रों पर दीप प्रज्वलन और जीविका दीदियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. जिला स्तर का मुख्य कार्यक्रम पोलो मैदान में आयोजित होगा.दरभंगा से गिरीश कुमार की रिपोर्ट--
दरभंगा:DMCHमें मरीज के परिजन औरPGडॉक्टर के बीच विवाद के बाद मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि मरीज के परिजन ने ड्यूटी पर तैनातPGडॉक्टर आशुतोष कुमार पर बेल्ट से हमला कर उनका सिर फोड़ दिया. डॉक्टर पर हमले की खबर फैलते ही बड़ी संख्या मेंPGऔर जूनियर डॉक्टर इमरजेंसी विभाग पहुंच गए और सुरक्षा की मांग को लेकर इलाज ठप कर दिया.करीब आधे घंटे तक इमरजेंसी सेवा बाधित रही. सूचना मिलने परDMCHअधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा,प्राचार्य डॉ. यू.सी. झा और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. सदर डीएसपी शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि डॉक्टर के सिर में चोट आई है. आरोपी परिजन की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.बताया जा रहा है कि बहेड़ी थाना क्षेत्र के जोरजा गांव निवासी मरीज पलटू लाल देव काDMCHके मेडिसिन विभाग में इलाज चल रहा था. इलाज में लापरवाही के आरोप को लेकर परिजनों की डॉक्टर से बहस हुई. इसी दौरान डॉ. आशुतोष कुमार के वहां से जाने के क्रम में पीछे से बेल्ट से हमला करने का आरोप है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
दरभंगा: इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के दरभंगा से है जहां शराब कारोबारी को छुड़ाने के लिए पुलिस टीम पर हमला किया गया. वहीं कुछ बदमाशों ने पुलिस कर्मी से धक्का मुक्की किया है. रैयाम के बंसरा ठीकरा टोल में पुलिस की टीम द्वारा छापेमारी के दौरान यह घटना हुई है. इस दौरान2 लीटर देसी शराब बरामद किया गया है. बदमाशों ने ट्रैक्टर-जेसीबी से पुलिस वाहन को घेर कर हमला किया.मामले में पुलिस नेशराब तस्कर महावीर सहनी समेत10 लोगों कोगिरफ्तार कर लिया है.
दरभंगा: बिहार केदरभंगा मेंBDOआनंद कुमार विभूति के ठिकानों परEOUकी छापेमारी समाप्त हो गई है. छापेमारी खत्म होने के बादEOUकेDSPमिथिलेश कुमार जायसवाल ने मीडिया से बातचीत की और कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की.DSPने बताया कि मिली शिकायत और आय से अधिक संपत्ति से संबंधित सूचना के आधार पर यह छापेमारी की गई. दरभंगा स्थितBDOके आवास की तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान मिले हैं.तलाशी के दौरान घर से कीमती जेवरात से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं. इनमें ब्रांडेड दुकानों से खरीदे गए जेवरात के बिल और अन्य दस्तावेज शामिल हैं. इसके अलावा कई बैंकों केATMकार्ड और बैंक से संबंधित डिटेल भी जांच टीम को मिली है.EOUकी टीम नेBDOके कार्यालय में भी छापेमारी और दस्तावेजों की जांच की.DSPके मुताबिक,शिकायत में आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने से संबंधित जानकारी मिली थी,जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है.छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामानों की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद संपत्ति और दस्तावेजों का संबंध मामले से किस तरह है.
दरभंगा: बड़ी खबर बिहार के दरभंगा से है जहांबहादुरपुर प्रखंड केBDO आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई यानीEOU नेबड़ी कार्रवाई की है.EOU की टीम नेBDO केपांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है.बहादुरपुर प्रखंड के जनकपुरी मोहल्ला स्थित किराए के आवास और कार्यालय समेत अलग-अलग ठिकानों पर मंगलवार कोEOU की टीम तलाशी ले रही है. आवास परBDO आनंद कुमार विभूति मौजूद नहीं हैं. वहीं, उनकी पत्नी सेEOU की टीम पूछताछ कर रही है.जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर केBDO कार्यालय में भीEOU की टीम द्वारा छापेमारी की जा रही है. आनंद कुमार विभूति का कुछ महीने पहले ही मुजफ्फरपुर के कांटी से तबादला होकर बहादुरपुर प्रखंड मेंBDO के पद पर तैनाती हुई थी.निगरानी विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आनंद कुमार विभूति के खिलाफ उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है. जांच में1करोड़71लाख84हजार रुपये से अधिक की संपत्ति ज्ञात आय से अधिक पाए जाने की बात कही गई है, जो उनकी ज्ञात आय से करीब121.87प्रतिशत अधिक बताई गई है.EOU की यह कार्रवाई विभागीय शिकायत के आधार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है. फिलहाल अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी और पूछताछ जारी है. छापेमारी पूरी होने के बाद बरामदगी और अन्य संपत्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
दरभंगा: मुंबई से दरभंगा आने वालीSG-115फ्लाइट में उड़ान भरने से ठीक पहले एक80वर्षीय बुजुर्ग महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई. महिला की शुगर लो होने की जानकारी सामने आने के बाद विमान के अंदर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल हो गया. घटना की सूचना मिलते ही मुंबई एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की टीम को विमान के अंदर बुलाया गया.प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,विमान दरभंगा के लिए टेक ऑफ करने की तैयारी में था. इसी दौरान बुजुर्ग महिला की तबीयत अचानक खराब हो गई. महिला की हालत को देखते हुए विमान को रोक दिया गया और चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर उनकी प्रारंभिक जांच की.जांच के बाद चिकित्सकों की सलाह पर महिला को विमान से उतार लिया गया,ताकि उनका समुचित उपचार और निगरानी की जा सके. इस दौरान विमान में सवार अन्य यात्रियों को करीब दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा.बुजुर्ग महिला को मुंबई एयरपोर्ट पर उतारने और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बादSG-115फ्लाइट ने दरभंगा के लिए उड़ान भरी और यात्रियों को लेकर दरभंगा पहुंची. घटना के कारण यात्रियों को कुछ समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा.
दरभंगा : आधुनिक शिक्षा के बढ़ते प्रभाव और सरकारी स्तर पर अपेक्षित सहयोग की कमी के बीच संस्कृत शिक्षा को नई दिशा देने की कवायद तेज हो गई है. बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड अब संस्कृत शिक्षा के विस्तार के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए कई नई पहल करने की तैयारी में है.दरभंगा पहुंचे बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा ने कहा कि आने वाले दिनों में संस्कृत शिक्षा से डेढ़ लाख विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी.दरअसल,दरभंगा जिला संस्कृत प्राथमिक सह माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय झा शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के वेतन,पेंशन और संस्कृत विद्यालयों के आधारभूत ढांचे में सुधार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 35 शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया.इस अवसर पर मृत्युंजय झा ने कहा कि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड प्रदेश में संस्कृत शिक्षा की तस्वीर बदलने के लिए लगातार काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि नियोजित और नियमित शिक्षकों के वेतन तथा पेंशन से जुड़े मामलों को राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया है.उन्होंने बोर्ड की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि मात्र 27 दिनों के भीतर 87 प्रतिशत परीक्षा परिणाम जारी करना बोर्ड की बड़ी उपलब्धि है. विद्यार्थियों को एक और मौका देने के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा की शुरुआत भी की गई है.बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि संस्कृत शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक सरकारी वेबसाइटbsseb.bihar.gov.inशुरू की गई है. आने वाले समय में इस वेबसाइट के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी,जिससे संस्कृत शिक्षा को तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी.उन्होंने कहा कि करीब 27 वर्षों बाद संस्कृत पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम में कर्मकांड,ज्योतिष और आयुर्वेद जैसे व्यावहारिक विषयों को शामिल किया गया है,ताकि संस्कृत शिक्षा को वर्तमान समय की जरूरतों से जोड़ा जा सके. मृत्युंजय झा ने बताया कि प्रदेश के 50 संस्कृत विद्यालयों को मॉडल 10+2 स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है. इसके लिए केंद्र सरकार से प्रत्येक विद्यालय के लिए दो करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर बजट का प्रस्ताव भी भेजा गया है.बोर्ड की इन पहलों से संस्कृत शिक्षा से जुड़े शिक्षाविदों और शिक्षकों में उत्साह देखने को मिल रहा है. कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा बोर्ड के सदस्य अरूण झा,शिक्षाविद डॉ. अनिल कुमार ईश्वर,प्रो. विजय मिश्रा,प्रो. भवेश्वर सिंह,सी.ए. आदित्य झा,दरभंगा जिला संस्कृत शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमित कुमार दुबे,सचिव समीर कुमार सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे.
दरभंगा: बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने अपने विधानसभा क्षेत्र बहादुरपुर के खराजपुर गांव के मोनू आत्महत्या मामले को लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि बिहार में कई जगहों पर लोगों को अपराधियों से ज्यादा पुलिस से भय महसूस होता है.उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी, दारोगा और पुलिसकर्मी आम लोगों से अवैध वसूली और भयादोहन करते हैं.मंत्री मदन सहनी ने दरभंगा पुलिस से लेकर बिहार के डीजीपी तक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में गंभीरता से कुछ सोचना पड़ेगा.दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर गांव में 20 वर्षीय युवक मोनू की आत्महत्या से जुड़ा है. आरोप है कि चोरी के मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस की ओर से उस पर दूसरे मामले में फंसाने का दबाव बनाया गया और कथित तौर पर दो से तीन लाख रुपये की मांग की गई. बताया जा रहा है कि सादे लिबास में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोनू के पास से चोरी का मोबाइल बरामद किया था,लेकिन उस समय उसे गिरफ्तार नहीं किया गया.परिजनों का आरोप है कि सादे लिबास में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने मोनू को दूसरे मामले में फंसाने का डर दिखाकर कथित तौर पर रुपये की मांग की थी. आरोप है कि अगले दिन पुलिसकर्मी रुपये लेने पहुंचने वाले थे,लेकिन उससे कुछ मिनट पहले ही मोनू ने घर में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी.घटना के दौरान सादे लिबास में बिना नंबर वाली दो बाइक से तीन पुलिसकर्मियों के पहुंचने और परिवार के लोगों के साथ झड़प होने का भी आरोप लगाया गया है. इसके बाद सादे लिबास में दो पुलिसकर्मी बाइक से दोबारा पहुंचे. आरोप है कि दोनों ने अचानक पिस्टल निकालकर लोगों की ओर फायरिंग की.फायरिंग से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है.मौके पर एसडीपीओ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया. उस समय एसडीपीओ ने फायरिंग के आरोप से इनकार किया था. वहीं,पुलिस पर मुकदमे में फंसाए जाने के दबाव के चलते युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का आरोप भी परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से लगाया गया.मंत्री मदन सहनी ने इस पूरे मामले पर दरभंगा के एसएसपी से व्यक्तिगत रूप से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दरभंगा पुलिस की कार्यशैली के साथ-साथ भारत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए और पुलिस प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की।मंत्री के इन आरोपों के बाद मोनू आत्महत्या मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. अब नजर इस बात पर है कि पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आए आरोपों की सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है.
गया:जिले के गांधी मैदान स्थित गांधी मंडप में रविवार को बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट मूल की इकाई की विस्तारित बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता इंदल पासवान ने की। इस दौरान शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर चर्चा हुई और पुरानी जिला कमेटी को भंग कर नई 13 सदस्यीय तदर्थ कमेटी का गठन किया गया।बैठक में सर्व शिक्षा अभियान के तहत वेतन पाने वाले शिक्षकों के पिछले तीन महीने से लंबित वेतन भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। मकान का किराया, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन की किस्त और गंभीर बीमारी के इलाज जैसे जरूरी खर्चों को पूरा करने में उन्हें परेशानी हो रही है।शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से *तीन दिनों के अंदर जिले के सभी शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो जिले के शिक्षक धारावाहिक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। नेताओं ने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जवाबदेही शिक्षा विभाग के अधिकारियों की होगी।बैठक में शिक्षा विभाग के कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, एरियर भुगतान में मनमानी समाप्त करने, विशिष्ट शिक्षकों को वेतन वृद्धि का लाभ देने, सेवांत लाभ का समय पर भुगतान करने सहित अन्य मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया।बैठक के दौरान पुरानी कमेटी को भंग कर सर्वसम्मति से 13 सदस्यीय नई तदर्थ जिला कमेटी का गठन किया गया। *अरविंद प्रसाद को जिला अध्यक्ष, प्रमोद कुमार प्रभाकर को जिला सचिव, शंकर कुमार को कोषाध्यक्ष, मुन्ना कुमार को प्रमंडलीय संयोजक और अभय कुमार को राज्य सचिव* बनाया गया।वहीं, संयुक्त सचिव के पद पर डॉ. विनय पासवान, विनय कुमार, कुमारी सपना, रमेश कुमार और मोहम्मद मुर्तजा अहमद को मनोनीत किया गया। उपाध्यक्ष के पद पर जयंत कुमार, कपिल प्रसाद, रामस्वरूप सिंह, प्रमोद कुमार पासवान और विजय कुमार चौधरी को जिम्मेदारी दी गई।बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में राज्य अध्यक्ष बच्चू कुमार, राज्य कोषाध्यक्ष राम उदय कुमार और जहानाबाद से संघर्ष अध्यक्ष अरविंद कुमार राकेश मौजूद रहे। बैठक में शिक्षक नेताओं ने कहा कि नई कमेटी शिक्षकों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर मजबूती से संघर्ष करेगी।
दरभंगा:बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र की अध्यक्षता में रविवार को उनके सभा कक्ष में समीक्षा बैठक हुई.जिले में संचालित विभिन्न पथ एवं पुल निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई. बैठक में दरभंगा जिले में अवसंरचनात्मक विकास को गति देने और आमजन को सुगम यातायात की सुविधा प्रदान करने के लिए क्रियान्वित सभी पथ एवं पुल निर्माण योजनाओं के भौतिक प्रगति,भूमि अधिग्रहण,सुगम यातायात,अलाइनमेंट,परियोजनाओं के लागू करने में आ रहे अवरोधों को दूर करने सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई.दरभंगा एलिवेटेड रोड,लोहिया चौक-पंडासराय एलिवेटेड रोड और दिल्ली मोड़, कगवा गुमटी, दोनार चौक, चट्टी चौक व पंडासराय पर बनने वाले ROBs से शहर के मुख्य चौराहों पर लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी. साथ ही पथों के सुदृढ़ीकरण से स्थानीय कारोबारियों, मंडियों और व्यापारियों को माल ढुलाई में बड़ी सहूलियत मिलेगी. इसी क्रम में परियोजनाओं के बाधाओं को दूर करने,भूमि अधिग्रहण के निराकरण पर भी विस्तृत चर्चा की गई.बैठक में सचिव ने बताया कि सभी परियोजनाओं की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है ताकि ससमय परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके. समय सीमा से पीछे चल रही परियोजनाओं को तीव्र गति से पूर्ण करने के लिए लगातार कार्यों की समीक्षा एवं स्थल निरीक्षण किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त एजेंसी को डिबार करने की कार्रवाई की जा रही. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी.दरभंगा जिले में संचालित विभिन्न पथ एवं पुल निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा एवं स्थल निरीक्षण के लिए वरीय पदाधिकारियों की उच्चस्तरीय टीम सोमवार को दरभंगा जाएगी. इसके लिए पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए. मुख्यालय स्तर से परियोजनाओं की मॉनीटरिंग की जाएगी ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण किया जा सके.बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सहित बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि०, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि०, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के पदाधिकारी तथा दरभंगा, समस्तीपुर व जयनगर क्षेत्र के कार्यपालक अभियंताओं की मौजूदगी रही.
दरभंगा: संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लंबित वेतन और अन्य मांगों को लेकर बुधवार को बिहार संस्कृत प्राथमिक सह माध्यमिक शिक्षक संघ, जिला इकाई दरभंगा के बैनर तले जिले के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के करीब150शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने शहर में शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला. जुलूस के माध्यम से सरकार एवं प्रशासन का ध्यान वर्षों से लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है.वहीं जिला सचिव समीर झा ने कहा कि संस्कृत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान आवश्यक है. उन्होंने प्रशासन से लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की.संघ के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी जायज मांगें पूरी नहीं हो जाती.वहीं इस अवसर पर एमएलसी डॉ. मदन मोहन झा भी शिक्षकों के मार्च में शामिल हुए और उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत संस्कृत शिक्षकों की लम्बित वेतन भुगतान करना चाहिए. मैं इनके मांगों के समर्थन में सड़क से सदन तक साथ हूँ.
दरभंगा : सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज़ की चाह में बनाई गई एक रील अब महिला के लिए मुसीबत बन गई. दरअसल दरभंगा के घनश्यामपुर में महिला ने भोजपुरी गाने पर ओरिजनल पिस्टल हाथ में लेकर डांस करते हुए रील बनाई और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई और महिला को गिरफ्तार कर लिया.बताया जा रहा है कि पुलिस ने वीडियो का सत्यापन कराने के बाद महिला की पहचान सिरसिया गांव निवासी लाखो देवी के रूप में की. थानाध्यक्ष आलोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसके घर पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक अतिरिक्त मैगजीन, एंड्रॉयड मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई.पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में महिला को गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक हिरासत में भेज दिया. पुलिस के अनुसार, महिला के खिलाफ पहले से भी एक आपराधिक मामला दर्ज है.फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद पिस्टल कहां से आई और इसका इस्तेमाल किन-किन गतिविधियों में किया गया. इस कार्रवाई के साथ पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
दरभंगा: बड़ी खबर दरभंगा से है जहां शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में एलएनएमयू की23वर्षीय पीजी की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. छात्रा का शव कमरे में फंदे से लटका मिला है. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है.बताया जा रहा है कि पटना से डायल-112पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई. छात्रा के कान में हेडफोन लगा था और सामने मोबाइल रखा था,जिससे वीडियो कॉल चलने की आशंका जताई जा रही है. वहीं एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए,जबकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है. मृतका निधि कुमारी मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र की रहने वाली थी. मामले में विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है,लेकिन मोबाइल समेत सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी.
दरभंगा: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और कोसी बैराज से छोड़े गए पानी का असर अब दरभंगा जिले में भयावह रूप लेने लगा है. कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंड में कोसी एवं कमला बलान नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. हालात ऐसे हैं कि कई गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है और लोगों की जिंदगी नाव के सहारे चल रही है.बाढ़ का पानी इटहर,उसरी,उजुआ सिमरटोका,तिलकेश्वर पंचायत समेत कई निचले इलाकों में फैल गया है. गांवों में सड़कें जलमग्न होने के कारण आवागमन ठप हो गया है. ग्रामीण रोजमर्रा के जरूरी कामों,इलाज,बाजार और स्कूल जाने के लिए नाव पर निर्भर हैं.स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन के लिए निचले इलाके में रहने वाले को खाली कराने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी नाव,राहत शिविर,सामुदायिक रसोई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.हालांकि,राहत व्यवस्था के बीच ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. लोगों का कहना है कि सरकारी नाव से आवागमन के दौरान तेल के नाम पर प्रति व्यक्ति10रुपये वसूले जा रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी सुविधा होने के बावजूद उनसे पैसे लिए जा रहे हैं,जिससे राहत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.