

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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रांची:दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में संबंधित विभागों, पूजा समितियों, जतरा समिति और शांति समिति के सदस्यों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई और छठ घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय पर तैयारियां पूरी करने और पर्व-त्योहारों के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने का निर्देश दिया।छठ घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और सीसीटीवी से होगी निगरानीबैठक में विभिन्न छठ पूजा समितियों के सदस्यों ने घाटों पर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं एवं सुझाव रखे। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति, स्वच्छता और संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को छठ घाटों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए समन्वय के साथ काम करने को कहा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।14 से16 नवंबर तक छठ घाटों में तैराकी से बचने की अपीलछठ महापर्व के दौरान जलाशयों और घाटों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने14, 15 और16 नवंबर को छठ घाटों में तैराकी से परहेज करने का अनुरोध किया है।श्रद्धालुओं से अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा का ध्यान रखने तथा घाटों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।दुर्गापूजा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन की सराहनाबैठक में पूजा समितियों के सदस्यों ने दुर्गापूजा के दौरान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से किए गए सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था संबंधी प्रयासों की सराहना की। सदस्यों ने कहा कि विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रशासनिक सहयोग से दुर्गापूजा का आयोजन व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में मदद मिली।आगामी पर्व-त्योहारों में भी इसी तरह सहयोग और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।जतरा के आयोजन को लेकर भी दिए गए निर्देशबैठक में जतरा के सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अनुमंडल पदाधिकारी, सदर और अपर जिला दंडाधिकारी, विधि-व्यवस्था को जतरा समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने आयोजन के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर समिति के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
रांची:राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)की ओर से रांची के सर्कुलर रोड स्थित परिसदन में आयोजित दो दिवसीय सुनवाई में जमीन विवाद,शिक्षा,विश्वविद्यालय,खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग और सीसीएल से जुड़े कुल70मामलों की सुनवाई की गई। आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि सुनवाई के दौरान कई मामलों में आयोग के हस्तक्षेप से पीड़ितों को राहत मिली है। जमीन पर कब्जे से लेकर विश्वविद्यालय में पीएचडी वायवा और बकाया राशि के भुगतान जैसे मामलों में कार्रवाई हुई है।जमीन विवाद से लेकर शिक्षा तक के मामलों की हुई सुनवाईडॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि रांची जिले से संबंधित करीब30से32मामलों की सुनवाई की गई। इनमें जमीन विवाद,शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय से जुड़े मामले शामिल थे। उन्होंने बताया कि निर्मला नामक महिला की जमीन पर कब्जा कर लिया गया था। आयोग के हस्तक्षेप के बाद उन्हें जमीन का दखल-दिहानी कराया गया। इसी तरह सुनीता सांगा की जमीन का भी दखल-दिहानी हुआ।रांची नगर निगम क्षेत्र में एक रैयती जमीन पर सड़क निर्माण कराया जा रहा था। आयोग के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई और संबंधित रैयत को उसकी जमीन वापस दिलाई गई। निर्माण स्थल से सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी हटा ली गई।पीएचडी वायवा नहीं होने पर आयोग ने किया हस्तक्षेपरांची विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही शकुंतला उरांव का वायवा लंबे समय से नहीं हो पा रहा था। इस मामले में आयोग के हस्तक्षेप के बाद विश्वविद्यालय की ओर से उनका वायवा घोषित किया गया। डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि एक-दो दिनों में उन्हें डिग्री भी प्रदान की जाएगी।इसके अलावा आयोग के हस्तक्षेप के बाद मांझी को उनकी बकाया राशि का भुगतान किया गया।सरना,मसना और हड़गड़ी की जमीन की बंदोबस्ती निरस्तपलामू जिले के पांकी निवासी सीताराम भगत की सरना,मसना और हड़गड़ी प्रकृति की भूमि पर कब्जा कर लिया गया था। संबंधित जमीन की बंदोबस्ती भी कर दी गई थी। आयोग के हस्तक्षेप के बाद बंदोबस्ती निरस्त कर दी गई।वहीं,कांके में सात लोगों की जमीन पर जमीन दलाल द्वारा कब्जा किए जाने का मामला भी सामने आया। आयोग की पहल के बाद संबंधित लोग अब अपनी-अपनी जमीन पर खेती कर रहे हैं।रामगढ़ में100करमाली परिवारों के लिए शौचालय निर्माण शुरूडॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि रामगढ़ जिले में करमाली समुदाय के करीब100परिवारों के पास शौचालय की सुविधा नहीं थी। आयोग के हस्तक्षेप के बाद शौचालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दिसंबर महीने तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके अलावा बोकारो जिले की सात-आठ मुखियाओं ने विकास योजनाओं को लेकर आयोग से गुहार लगाई थी। आयोग के हस्तक्षेप के बाद रुके हुए विकास कार्यों को पूरा कराया गया।गिरिडीह के मामले में एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देशसुनवाई के दौरान गिरिडीह जिले से जुड़े एक अनुसूचित जाति (एससी) मामले में आयोग ने उपस्थित डीएसपी को आवश्यक निर्देश दिए। डॉ. आशा लकड़ा ने संबंधित मामले में एससी-एसटी थाने में प्राथमिकी दर्ज करने,जांच पूरी कर आरोपपत्र दाखिल करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।मंटू मुर्मू ने लगाया मारपीट का आरोपसुनवाई के दौरान मंटू मुर्मू ने जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध से जुड़े एक मामले में अपनी शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि वह अपने सहयोगियों के साथ राज्य सरकार का पुतला दहन करने पहुंचे थे। इसी दौरान पार्टी का पट्टा पहने कुछ लोगों ने उनके और उनके सहयोगियों के साथ मारपीट की।मंटू मुर्मू ने आरोप लगाया कि संबंधित लोग मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए एससी-एसटी थाने जाने पर उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।देशभर के आदिवासियों की शिकायतें सुन रहा आयोग: डॉ. आशा लकड़ाएनसीएसटी की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आयोग देशभर के आदिवासी समुदाय के लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुन रहा है। झारखंड के करीब19से20जिलों की समीक्षा की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पहले आयोग के पास लगभग300मामले थे,जबकि अब हजारों मामले पहुंच रहे हैं।रांची के अलावा गढ़वा,पलामू,पश्चिमी सिंहभूम,धनबाद,बोकारो,पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह समेत कई जिलों से लोग अपनी शिकायतें लेकर आयोग के पास आ रहे हैं। इनमें सरकारी सेवाओं,जमीन विवाद और अत्याचार से संबंधित मामले प्रमुख हैं।डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आयोग का उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है,जिन्हें अपनी समस्याओं को लेकर न्याय पाने के लिए कोर्ट-कचहरी तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि आयोग के हस्तक्षेप से लोगों को उनके हक और अधिकार दिलाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने सुनवाई के माध्यम से जरूरतमंद आदिवासी परिवारों की समस्याओं का समाधान होने पर संतोष जताया।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
गिरिडीहःगांडेय विधानसभा क्षेत्र की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने बुधवार को गिरिडीह प्रखंड के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण कर छठ महापर्व की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा,सुरक्षा,साफ-सफाई और बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं,सेनादोनी में लोगों को संबोधित करते हुए विधायक भावुक हो गईं।विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने सेनादोनी तालाब और लेदा छठ घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। घाटों पर साफ-सफाई,सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करने पर उन्होंने जोर दिया।सेनादोनी में भावुक हुईं विधायकसेनादोनी में लोगों को संबोधित करते हुए कल्पना मुर्मू सोरेन भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बहुत कुछ खोया है। गिरिडीह ने एक अच्छे नेता,एक बेटे और एक भाई को खो दिया है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में लोगों का स्नेह और संवेदना ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।लेदा छठ घाट का भी किया निरीक्षणसेनादोनी के बाद विधायक ने लेदा छठ घाट का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने घाट की साफ-सफाई समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया,ताकि छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं से की मुलाकातछठ घाटों के निरीक्षण के अलावा कल्पना मुर्मू सोरेन ने तेलोडीह,कोवाड़ मोड़,पहाड़पुर,कुरूमडीहा और चरपोका सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याओं को विधायक के समक्ष रखा। विधायक ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।विधायक के इस दौरे के दौरान छठ महापर्व की तैयारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की समस्याओं और कार्यकर्ताओं की मांगों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्व की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।गिरिडीह से नफीस अजहर की रिपोर्ट
धनबाद:झारखंड के धनबाद में एटीएम कार्ड फंसाकर लोगों से ठगी करने वाले बिहार के दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी एटीएम मशीन में कार्ड फंसने का फायदा उठाकर कार्डधारकों का पिन हासिल करते थे और फिर उनके कार्ड से रुपये निकालने के साथ दुकानों में खरीदारी करते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सिटी एसपी ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी।नवादा के रहने वाले हैं दोनों आरोपीगिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के नवादा जिले के लखमोहना निवासी नितीश कुमार और नवादा न्यू एरिया निवासी सौरभ कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों एटीएम मशीनों से छेड़छाड़ कर कार्डधारकों को निशाना बनाते थे।ATMमें कार्ड फंसने पर बनाते थे शिकारपुलिस के मुताबिक, 27अक्टूबर की शाम सीटी सेंटर के पास एटीएम से ठगी करने के आरोप में दोनों युवकों को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था। सूचना मिलने पर धनबाद थाना की गश्ती टीम मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई।शिकायतकर्ता के अनुसार, वह बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया। पीछे खड़े एक युवक ने उन्हें दोबारा पिन डालने को कहा और इस दौरान उनका गुप्त पिन देख लिया।इसके बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता को एक हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने की सलाह दी। फिर उन्हें पेट्रोल पंप के पास भेजकर एटीएम कार्ड लेकर फरार हो गए।खाते से15हजार रुपये कटे,दुकानों में भी की खरीदारीकुछ देर बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल पर खाते से15 हजार रुपये कटने का मैसेज आया। इसके बाद रानी सती ज्वेलर्स से32,800रुपये और बाटा इंडिया की दुकान से2,000 रुपये की खरीदारी होने के संदेश भी मिले।लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता अपने परिचितों के साथ संबंधित दुकानों पर पहुंचे। इसी दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया।बिहार और झारखंड के कई शहरों में ठगी की बात कबूलीपुलिस के अनुसार,पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बिहार और झारखंड के विभिन्न शहरों में इसी तरीके से ठगी करने की बात बताई है। उनके पास से बाटा कंपनी की तीन जोड़ी चप्पल बरामद की गई हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नितीश कुमार के खिलाफ देवघर साइबर क्राइम थाना में वर्ष2023का एक मामला दर्ज है।पुलिस कर रही मामले की जांचधनबाद पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के अन्य मामलों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है और ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम में कार्ड फंसने पर किसी अनजान व्यक्ति के बताए नंबर पर फोन न करें और अपना पिन किसी के साथ साझा न करें। जरूरत पड़ने पर संबंधित बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या शाखा से संपर्क करें।धनबाद से कुंदन विश्वकर्मा की रिपोर्ट
रांची:राजधानी रांची की स्मार्ट सिटी में अपना आशियाना बनाने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। लगभग एक दशक पहले शुरू हुई स्मार्ट सिटी परियोजना में पहली बार किसी निजी आवासीय सोसायटी के निर्माण के नक्शे को मंजूरी मिली है। नगर विकास विभाग ने आइलिका स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को14 एकड़ जमीन पर आवासीय परिसर विकसित करने की स्वीकृति दे दी है। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी क्षेत्र में निजी आवासीय निर्माण का रास्ता खुल गया है।14 एकड़ जमीन पर बनेगा आवासीय परिसरस्वीकृत नक्शे के अनुसार, आइलिका स्टेट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से14 मंजिला नौ ब्लॉक बनाए जाएंगे। इस आवासीय परियोजना में लोगों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त फ्लैट उपलब्ध कराने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद स्मार्ट सिटी में आवासीय सुविधाओं का विस्तार होगा।स्वीमिंग पूल से लेकर पार्क तक की सुविधाएंप्रस्तावित आवासीय परिसर में केवल फ्लैट ही नहीं, बल्कि कई सामुदायिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें स्वीमिंग पूल, कम्युनिटी हॉल, बच्चों के खेलने के लिए क्षेत्र और पार्क जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए निवासियों को बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।दीपावली के बाद शुरू हो सकती है बुकिंगपरियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब लोगों की नजर फ्लैट की बुकिंग पर टिकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि कंपनी दीपावली के बाद फ्लैट की बुकिंग शुरू कर सकती है। हालांकि, बुकिंग की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।फ्लैट की कीमत और अलग-अलग श्रेणियों के आवासों से जुड़ी जानकारी भी फिलहाल सामने नहीं आई है।स्मार्ट सिटी में निजी आवासीय निर्माण को मिलेगा बढ़ावारांची स्मार्ट सिटी में निजी आवासीय परियोजना को मंजूरी मिलना शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्मार्ट सिटी क्षेत्र में रहने के इच्छुक लोगों को भविष्य में आवास का विकल्प मिल सकता है।रांची से राजेश पाठक की रिपोर्ट
चतरा:झारखंड के चतरा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन चतरा’ अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चतरा-जोरी मुख्य मार्ग पर डाढा मोड़ के पास वाहन जांच के दौरान164किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक सफेद रंग की वरना कार को भी जब्त किया गया है। हालांकि,पुलिस को देखकर वाहन में सवार तस्कर कार छोड़कर फरार हो गए।गुप्त सूचना पर चलाया गया वाहन जांच अभियानपुलिस के अनुसार,एसपी अनिमेष नैथानी को जिले में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की खेप पहुंचने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद एसडीपीओ सदर सन्नी वर्धन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने चतरा-जोरी मुख्य मार्ग स्थित डाढा मोड़ के पास एंटी क्राइम चेकिंग अभियान शुरू किया।इसी दौरान चतरा शहर की ओर तेजी से आती एक सफेद वरना कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस टीम ने कार का पीछा किया।नदी किनारे कार छोड़कर फरार हुए तस्करपुलिस के मुताबिक,खुद को घिरता देख कार सवार तस्कर सिकीद नदी के किनारे वाहन छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर से82पैकेटों में बंद कुल164किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।पुलिस ने गांजे के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही वरना कार को भी जब्त कर लिया है। जब्त वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबरUP14CF-5803बताया गया है।अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े होने की आशंकासदर थाना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़ा प्रतीत होता है। पुलिस को आशंका है कि गांजे की खेप को बिहार भेजने की तैयारी थी।उन्होंने बताया कि बरामद गांजे की कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।कार मालिक की पहचान,गिरफ्तारी के लिए अभियान जारीपुलिस के अनुसार,जब्त कार के मालिक की पहचान कर ली गई है। फरार तस्करों और वाहन मालिक की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने कहा कि जिले में नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। फिलहाल,जब्त गांजे के स्रोत,तस्करी के नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।चतरा से संजय कुमार की रिपोर्ट
रांची: राजधानी रांची के कडरू स्थित हज हाउस में अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के उद्देश्य से कोचिंग सेंटर शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना-2024 के तहत इस कोचिंग सेंटर की शुरुआत नवंबर के पहले सप्ताह में प्रस्तावित है। हज हाउस की पांचवीं मंजिल पर इसकी व्यवस्था की गई है।कोचिंग सेंटर शुरू होने से अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी। इससे विद्यार्थियों के समय और आर्थिक खर्च में भी बचत होने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री के समय के अनुसार होगा उद्घाटनअल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि कोचिंग सेंटर के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से1नवंबर से6नवंबर के बीच किसी दिन का समय निर्धारित किए जाने की बात कही गई है।मंत्री के अनुसार,मुख्यमंत्री जिस दिन उद्घाटन के लिए समय देंगे,उसी दिन कोचिंग सेंटर की शुरुआत कर दी जाएगी। इसके बाद हज हाउस में लाइब्रेरी शुरू करने की भी योजना है।अब राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा: इरफान अंसारीमंत्री इरफान अंसारी ने कोचिंग सेंटर की शुरुआत को लेकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि पहले भी इसे शुरू करने के कई प्रयास किए गए थे,लेकिन कुछ कारणों से यह संभव नहीं हो पाया। अब मंत्री हफीजुल हसन के प्रयास से इसकी शुरुआत होने जा रही है,जो बधाई योग्य है।उन्होंने कहा कि इस पहल से अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा और विद्यार्थियों को अपने राज्य में ही तैयारी करने का अवसर मिलेगा।कोचिंग के बाद लाइब्रेरी शुरू करने की भी योजनाहज हाउस की पांचवीं मंजिल पर कोचिंग सेंटर की शुरुआत के बाद लाइब्रेरी भी शुरू की जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक कोचिंग योजना-2024के तहत प्रस्तावित यह पहल विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फिलहाल उद्घाटन की अंतिम तारीख मुख्यमंत्री की ओर से समय निर्धारित किए जाने के बाद स्पष्ट होगी।रांची से राहुल कुमार की रिपोर्ट
क्या झारखंड सरकार अपने विकास के वादों को समय पर जमीन पर उतार पाएगी? राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 के योजना बजट के खर्च की धीमी रफ्तार ने वित्त विभाग की नींद उड़ा दी है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस पर गहरी चिंता जताई है और विकास आयुक्त को पत्र लिखकरलापरवाही बरतने वाले विभागों के सचिवों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं।आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं। पुनरीक्षित योजना बजट के तहत कुल 1 लाख 6 हजार 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि कर्णांकित है। लेकिन, 22 अक्टूबर तक खर्च हुए हैं महज़ 31 हजार 196 करोड़ रुपये—यानी कुल बजट का मात्र 29.38%नियमों के मुताबिक, 30 सितंबर तक कम से कम 50% राशि खर्च हो जानी चाहिए थी, लेकिन अक्टूबर के अंत तक भी खर्च 30% के आसपास ही झूल रहा है।अगर विभागवार स्थिति देखें, तो सबसे खराब हाल पेयजल एवं स्वच्छता विभाग का है, जहाँ बजट का सिर्फ 4.88% ही खर्च हो पाया है। इसके अलावा गृह और आपदा प्रबंधन विभाग का खर्च 6.20%ग्रामीण विकास विभाग का 11.59%और पथ निर्माण विभाग का खर्च 19.79% ही रहा है।स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी लक्ष्य से काफी पीछे चल रहे हैं।आखिर इस सुस्ती की वजह क्या है?वित्त मंत्री ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि निर्माण कार्यों केटेंडर की प्रक्रिया पूरी होने में 6 महीने से लेकर डेढ़ साल तक का समय लग जाता है।
रामगढ़ के कुज्जू ओपी इलाके में एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतका के पति गुलाम सरवर उर्फ राजन (37) और उसकी साली नेहा परवीन (32) को गिरफ्तार किया है। दोनों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।गुलाम सरवर ने बताया कि उसके और नेहा परवीन के बीच अवैध संबंध थे। पत्नी जेबा परवीन को यह बात पता चलने पर उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे।17 अक्टूबर 2026 को हुए एक झगड़े में गुलाम सरवर ने जेबा परवीन का सिर दीवार पर पटका, जिससे वह बेहोश हो गईं। इसके बाद वह रांची भाग गया। नेहा परवीन ने भी बहन के साथ मारपीट की बात मानी है।मृतका के भाई की शिकायत पर 18 अक्टूबर 2026 को हत्या का मामला दर्ज हुआ था। रामगढ़ एसपी ने जांच के लिए एक टीम बनाई थी। मृतका की शादी 14 साल पहले हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। बता दे कि साली नेहा परवीण अविवाहित है। मृतिका जेबा परवीन और उसकी बहन नेहा परवीण एक गांव में रहते है। मृतका की हत्या के वक्त उसके दोनों बच्चे ट्यूशन पढ़ने गए हुए थे।
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने बुधवार को गोविंदपुर प्रखंड का औचक निरीक्षण कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। डीसी ने पंचायत भवन, डीएमएफटी फंड से बने तालाब, आंगनबाड़ी केंद्र और मनरेगा कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ डीडीसी सन्नी राज, एसएसपी प्रभात कुमार, बीडीओ जहीर आलम और सीओ यशवंत कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान डीसी ने गोविंदपुर पंचायत भवन की साफ-सफाई और रख-रखाव की जमकर तारीफ की और इसे आईएसओ सर्टिफिकेशन की सूची में शामिल करने की बात कही। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका द्वारा तैयार की गई पोषण वाटिका को देखकर उन्होंने खुशी जताई, जहां बच्चों को रोजाना हरी सब्जियां मिल रही हैं और उपस्थिति भी संतोषजनक पाई गई। साथ ही डीसी आदित्य रंजन ने बच्चों के साथ मस्ती करते हुए भी नजर आए उन्होंने बच्चों को जमीन में बैठ कर पढ़ाने का भी काम किए मात्री भाषा के अनुसार बच्चों की शिक्षा देने की बात कही।प्रखंड के सभी मुखियाओं को बेहतर कार्य करने का निर्देश देते हुए डीसी ने कहा कि अब मानदेय मिलने के बाद पंचायतों की स्थिति सुधर रही है। हालांकि, निरीक्षण के दौरान मनरेगा और अन्य कार्यों में जो कमियां मिलीं, उन्हें जल्द दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया गया। साथ ही, सभी पंचायतों के मुखियाओं की सूची मुख्य पटल पर लिखने के भी निर्देश दिए गए हैं। अतिक्रमण से जुड़े मामलों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्रवाई पूरी तरह जनहित और नियमानुसार की जाएगी।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC ने 'झारखंड सहायक कारापाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025' की शारीरिक मापदंड और दक्षता परीक्षा की तारीखों में बड़ा बदलाव किया है!दरसअल, चक्रवात 'अर्नब' के कारण संभावित भारी बारिश की आशंका और झारखंड पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद, आयोग ने परीक्षा को फिलहाल स्थगित कर दिया था। पहले यह परीक्षा 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 के बीच होनी थी, लेकिन अब इसके लिए नई तारीखों का ऐलान कर दिया गया है।सिर्फ रांची केंद्र के परीक्षा शेड्यूल में बदलाव किया गया है। रांची के जैप-1 ग्राउंड, डोरंडा में जो परीक्षाएं 28, 29, 30 और 31 अक्टूबर को होने वाली थीं—वे अब क्रमशः 18, 19, 20 और 21 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएंगी।आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा का बाकी सारा कार्यक्रम और नियम पहले की तरह ही सुरक्षित और यथावत रहेंगे।इस बार 84 पदों के लिए कुल 56,304 अभ्यर्थी मैदान में हैं। मुकाबले की टफनेस का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि एक सिंगल पद के लिए औसतन 670 उम्मीदवार आपस में मुकाबला कर रहे हैं!परीक्षा राज्य के तीन अलग-अलग सेंटर्स पर चल रही है:रांची (जैप-1 ग्राउंड, डोरंडा): 25,215 अभ्यर्थीहजारीबाग (कर्जन ग्राउंड): 19,926 अभ्यर्थीगोड्डा (राजेंद्र स्टेडियम, महागामा): 11,163 अभ्यर्थी
जमशेदपुर:भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा का बुधवार सुबह आकस्मिक निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आया था। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तत्काल टाटा मोटर्स अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।निधन की खबर से भाजपा में शोकचंद्रशेखर मिश्रा के आकस्मिक निधन की खबर सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन से पार्टी संगठन को बड़ा झटका लगा है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच भी शोक का माहौल है।रघुवर दास के करीबी माने जाते थे चंद्रशेखर मिश्राचंद्रशेखर मिश्रा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के करीबी माने जाते थे। भाजपा संगठन में जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी पहचान थी।राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोकचंद्रशेखर मिश्रा के निधन से भाजपा कार्यकर्ताओं और उनसे जुड़े लोगों को गहरा दुख पहुंचा है। उनके आकस्मिक निधन को पार्टी और उनके शुभचिंतकों के लिए अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।जमशेदपुर से विनोद केशरी की रिपोर्ट
झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड से भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी कामकाज में घूसखोरी के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए, एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक पंचायत सेवक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।जानकारी के मुताबिक, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने हजारीबाग के केरेडारी प्रखंड में यह दबिश दी है। इस कार्रवाई की जद में आए हैं कराली और पाताल पंचायत के पंचायत सेवक जिनका नाम तालेश्वर दास बताया जा रहा है।आरोप है कि पंचायत सेवक तालेश्वर दास किसी सरकारी कार्य के एवज में एक आम नागरिक से लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। जिसकी शिकायत पीड़ित द्वारा एसीबी से की गई थी। सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए तालेश्वर दास को 9,000 रुपये नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।जैसे ही एसीबी की इस कार्रवाई की खबर इलाके में फैली, केरेडारी प्रखंड और आसपास के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। सरकारी दफ्तरों में सुगबुगाहट तेज हो गई है कि कैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं और फाइलों को आगे बढ़ाने के नाम पर अक्सर इस तरह के अवैध पैसों की मांग की जाती है, ऐसे में एसीबी का यह कदम बेहद सराहनीय और कड़ा संदेश देने वाला है।फिलहाल, एसीबी की टीम गिरफ्तार पंचायत सेवक तालेश्वर दास को अपने साथ ले जाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और पूछताछ में जुट गई है।
गांडेय विधायक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी, कल्पना मुर्मू सोरेन दो दिवसीय दौरे पर गिरिडीह पहुंच चुकी हैं। उनके आगमन पर प्रशासनिक अधिकारियों और झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।नए परिसदन भवन पहुंचते ही कल्पना सोरेन का भव्य स्वागत किया गया। झामुमो जिला अध्यक्ष संजय सिंह, मेयर प्रमिला मेहरा, डिप्टी मेयर सुमित कुमार, झामुमो नेत्री श्वेता शर्मा के साथ-साथ उपायुक्त रामनिवास यादव, एसपी डॉ. विमल कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बुके भेंट कर उनका स्वागत किया।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कल्पना सोरेन 28 और 29 अक्टूबर को अपने गांडेय विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण करने के साथ-साथ चल रही विकास योजनाओं का भी जायजा लेंगी।दौरे के दौरान उनका मुख्य फोकस जनता से सीधा संवाद करने पर है। वह ग्रामीणों से मुलाकात करेंगी और हाल ही में डूबने से जान गंवाने वाले तीन बच्चों के शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाएंगी। साथ ही, स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों के साथ भी बैठक का कार्यक्रम तय है।इस दो दिवसीय दौरे से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद जताई जा रही है
रांची: राजधानी रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। कटहर कोचा स्थित रेलवे साइड पर डंपर की चपेट में आने से एक वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिसघटना की सूचना मिलते ही जगन्नाथपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मृतक की पहचान करने के प्रयास में जुटी हुई है।पोस्टमार्टम के लिएRIMSभेजने की तैयारीपुलिस के अनुसार,शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेजने की तैयारी की जा रही है। वहीं,हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और डंपर की चपेट में वृद्ध कैसे आए, इसकी जांच की जा रही है।मृतक की पहचान में जुटी पुलिसफिलहाल इस हादसे में जान गंवाने वाले वृद्ध की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस घटनास्थल से जानकारी जुटा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में लगी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।रांची से नैयर की रिपोर्ट
झारखंड की सियासत में एक बार फिर त्योहारों और राजनीति को लेकर संग्राम छिड़ गया है! पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा और तीखा जुबानी हमला बोला है। मरांडी ने दो टूक कहा है कि— राहुल गांधी में ईद के मौके पर आंदोलन करने की हिम्मत नहीं है! बाबूलाल मरांडी ने यह बयान झारखंड में हिंदू त्योहारों के दौरान आ रही बाधाओं और विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में दिया है। उनका साफ आरोप है कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता सिर्फ बहुसंख्यक समाज के त्योहारों और आयोजनों में खलल डालने या राजनीति करने का काम कर रहे हैं।मरांडी ने कड़े शब्दों में सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस पार्टी कभी किसी और धर्म के पर्व या त्योहार, जैसे ईद के समय इस तरह के राजनीतिक आंदोलन या व्यवधान पैदा करने की हिम्मत जुटा सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सोरेन सरकार और कांग्रेस मिलकर एक खास वर्ग को साधने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं, जिससे हिंदुओं की आस्था आहत हो रही है। झारखंड में आने वाले राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से यह बयान बहुत बड़ा माना जा रहा है। बीजेपी लगातार हेमंत सोरेन सरकार पर तुष्टिकरण और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर फैल होने का आरोप लगा रही है, जबकि इस नए बयान ने राज्य की राजनीति का पारा और अधिक बढ़ा दिया है।
बोकारो: बोकारो में एलोरा हॉस्टल के पास खुले मैदान में निरोध के दो कार्टन लावारिस हालत में मिलने से इलाके में चर्चा शुरू हो गई। कार्टन मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें आग लगाकर नष्ट कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर सिविल सर्जन,बोकारो को सूचित किया गया,जिसके बाद इसकी जांच के निर्देश दिए गए।ड्रग इंस्पेक्टर ने की मामले की जांचमामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने ड्रग इंस्पेक्टर को जांच का निर्देश दिया। जांच के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि बरामद निरोध के कार्टन सरकारी आपूर्ति के होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।मेडिकल स्टोर के अलावा जनरल स्टोर में भी होती है बिक्रीबोकारो के सिविल सर्जन डॉ. अभय प्रसाद ने बताया कि वर्तमान समय में निरोध की बिक्री केवल मेडिकल स्टोर तक सीमित नहीं है,बल्कि जनरल स्टोर में भी इसकी बिक्री की जाती है। ऐसे में केवल खुले मैदान में निरोध मिलने के आधार पर इसे सरकारी आपूर्ति से जुड़ा हुआ नहीं माना जा सकता।पर्यावरण को लेकर भी दी जानकारीसिविल सर्जन डॉ. अभय प्रसाद ने बताया कि वर्तमान समय में निरोध बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिट्टी में भी मिल सकती है और इससे पर्यावरण को किसी तरह का प्रदूषण नहीं होता।फिलहाल,जांच में बरामद निरोध के सरकारी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। खुले मैदान में ये कार्टन किसने और किन परिस्थितियों में छोड़े,इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
कोडरमा:कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय समलडीह में मध्याह्न भोजन बनाने के दौरान गैस सिलिंडर में अचानक भीषण आग लग गई। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि,शिक्षकों की तत्परता से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं,आग बुझाने के प्रयास में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुनील कुमार झुलस गए,जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सतगावां अस्पताल भेजा गया।रेगुलेटर लगाने के दौरान हुआ गैस रिसावमिली जानकारी के अनुसार,विद्यालय में अलग से रसोई शेड नहीं होने के कारण बरामदे में ही मध्याह्न भोजन तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान रसोइया गैस सिलिंडर में रेगुलेटर लगाने का प्रयास कर रही थीं। तभी गैस का रिसाव होने लगा और अचानक सिलिंडर में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और स्थिति गंभीर हो गई।शिक्षकों की सूझबूझ से सुरक्षित निकाले गए बच्चेआग लगते ही विद्यालय में मौजूद शिक्षकों ने तत्परता दिखाई और सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस दौरान आग बुझाने का भी प्रयास किया गया। इसी क्रम में प्रधानाध्यापक सुनील कुमार आग की चपेट में आकर झुलस गए। उन्हें तत्काल उपचार के लिए सतगावां अस्पताल भेजा गया।मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारीघटना की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि गैस सिलिंडर में लगी आग लगभग आधे घंटे से पौन घंटे तक जलती रही।रसोई शेड नहीं होने से सुरक्षा पर उठे सवालइस घटना ने विद्यालय में मध्याह्न भोजन तैयार करने की व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अलग रसोई शेड नहीं होने के कारण बरामदे में भोजन बनाया जा रहा था,जहां बड़ी संख्या में बच्चों की मौजूदगी के बीच इस तरह की घटना हुई।गनीमत रही कि समय रहते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। घटना के बाद विद्यालयों में सुरक्षित रसोई व्यवस्था और गैस सिलिंडर के उचित रखरखाव की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।
रांची:झारखंड में कथित730करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। मामले के मुख्य आरोपी शिवकुमार देवड़ा की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।मामला कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)के जरिए बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता से जुड़ा है। आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से730करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा किया गया।90से अधिक शेल कंपनियों के जरिए घोटाले का आरोपजांच के अनुसार,कथित घोटाले में90से अधिक शेल कंपनियों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। इन कंपनियों के माध्यम से करीब14,325करोड़ रुपये के फर्जी चालान तैयार किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इन चालानों के आधार पर बड़े पैमाने पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया।ईडी कर रही है पूरे सिंडिकेट की जांचइस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED)कथित वित्तीय अनियमितताओं और पूरे सिंडिकेट की जांच कर रहा है। जांच के दायरे में कई कारोबारी भी आए हैं,जिनकी इस मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है। एजेंसी कथित तौर पर फर्जी कंपनियों,चालानों और आईटीसी दावों के जरिए किए गए लेनदेन की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।जमानत पर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजारमुख्य आरोपी शिवकुमार देवड़ा की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें झारखंड हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। अदालत ने फिलहाल अपना निर्णय सुरक्षित रखा है। जमानत याचिका पर फैसला आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपी को राहत मिलती है या नहीं।फिलहाल, मामले में जांच एजेंसी की कार्रवाई और हाईकोर्ट के आगामी फैसले पर नजर बनी हुई है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी।