

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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वीर कुंवर सिंह पार्क के पास पुलिस की छापेमारी,आरोपियों के पास से दो जिंदा कारतूस,तीन मोबाइल और19,710रुपये नकद बरामदपटना: बिहार की राजधानी पटना में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और सप्लाई के नेटवर्क के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली थाना क्षेत्र के वीर कुंवर सिंह पार्क के पास गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्तौल, मैगजीन,दो जिंदा कारतूस,तीन मोबाइल फोन और19हजार710रुपये नकद बरामद किए हैं।गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाईजानकारी के अनुसार,पुलिस को वीर कुंवर सिंह पार्क के पास अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री और सप्लाई से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और अन्य सामान बरामद किए गए। पुलिस ने बरामदगी के बाद आरोपियों से पूछताछ शुरू की, जिसमें कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी सामने आई।नालंदा और सारण के निवासी गिरफ्तारपुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नालंदा जिले के इस्लामपुर निवासी सौरव कुमार और सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र निवासी रवि रंजन सिंह के रूप में हुई है।पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर हथियारों की सप्लाई में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर तीसरे आरोपी अमन अरसक को भी गिरफ्तार कर लिया।हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क की जांचइस मामले में कोतवाली थाने में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी हथियार कहां से हासिल करते थे,किन लोगों तक उनकी सप्लाई की जाती थी और इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।फिलहाल तीनों आरोपियों से जुड़े मामले में पुलिस की जांच जारी है। हथियार सप्लाई नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की पड़ताल के बाद इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।पटना से विवेक कुमार की रिपोर्ट
हजारीबाग सदर विधायक ने पीड़ित परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलकर की त्वरित कार्रवाई की मांग,कहा- जल्द न्याय नहीं मिला तो करेंगे आंदोलनहजारीबाग: हजारीबाग के ओरिया निवासी उज्ज्वल कुमार पासवान की 22अक्टूबर को हुई मौत के मामले में हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने पीड़ित परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। इस दौरान विधायक ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।पीड़ित परिवार के साथSPसे मिले विधायकजानकारी के अनुसार, उज्ज्वल कुमार पासवान,पिता गंदौरी पासवान, की मौत के मामले को लेकर विधायक प्रदीप प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष पीड़ित परिवार की समस्याओं और उनकी पीड़ा को रखा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का आग्रह किया।विधायक ने कहा कि घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।परिवार का इकलौता बेटा था उज्ज्वलविधायक प्रदीप प्रसाद ने बताया कि उज्ज्वल कुमार पासवान अपने परिवार के इकलौते पुत्र थे। उनके पीछे डेढ़ वर्ष का मासूम बेटा और बुजुर्ग माता-पिता हैं। परिवार के एकमात्र सहारे की मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। विधायक ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में वे उनके साथ खड़े हैं और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनीविधायक प्रदीप प्रसाद ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल होनी चाहिए और जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आए, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई,तो वे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन करेंगे।न्याय दिलाने के लिए प्रयास जारी रखने का भरोसाविधायक ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कराना उनकी प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जाएगा।फिलहाल, उज्ज्वल कुमार पासवान की मौत के मामले में पीड़ित परिवार को पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।हजारीबाग से पप्पू ठाकुर की रिपोर्ट
बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में निचितपुर जाने वाली सड़क पर वारदात,मृतक के भाई ने पुराने विवाद और जान से मारने की धमकी देने का लगाया आरोपधनबाद:झारखंड के धनबाद जिले में जमीन विवाद को लेकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में दौलत राम महतो की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या किए जाने का आरोप है। घटना सोमवार सुबह निचितपुर जाने वाली सड़क पर हुई। मृतक के भाई साहेब राम महतो ने अपने ही परिवार के पांच लोगों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।बाजार जाने के दौरान हमला करने का आरोपजानकारी के अनुसार,घसकोडीह निवासी दौलत राम महतो सोमवार सुबह मोटरसाइकिल से फल खरीदने बाजार जा रहे थे। इसी दौरान निचितपुर जाने वाली सड़क पर उन पर हमला किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से उनका गला काट दिया,जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई।चाचा समेत पांच लोगों पर हत्या का आरोपमृतक के भाई साहेब राम महतो ने त्रिवेनी प्रसाद महतो,सूर्यकांत महतो,सचिन महतो,सरयू महतो और भगिया देवी पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।साहेब राम महतो के मुताबिक,परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस दौरान कई बार लड़ाई-झगड़ा भी हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि विवाद के कारण पहले भी जान से मारने की धमकी दी गई थी।हालांकि,आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल,मामले में नामजद बताए गए लोगों की भूमिका को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।मुख्य आरोपी के प्रोफेसर होने की चर्चामामले में आरोपित त्रिवेनी प्रसाद महतो के राजगंज कॉलेज में प्रोफेसर होने की बात भी सामने आई है। हालांकि,घटना में उनकी कथित भूमिका और अन्य आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।पुलिस जांच में जुटी,हत्या की वजह खंगाली जा रहीघटना की सूचना मिलने पर बरवाअड्डा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस हत्या के पीछे की वास्तविक वजह,घटनाक्रम और आरोपितों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।फिलहाल इस वारदात से इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि हत्या की घटना को किसने और किन परिस्थितियों में अंजाम दिया।धनबाग से कुंदन विश्वकर्मा की रिपोर्ट
पोहे रोड पर बिजली के पोल से तार और सामान चोरी करने का मामला,जिला आसूचना इकाई की मदद से पुलिस को मिली सफलताजमुई:बिहार के जमुई जिले में बिजली के तार और उपकरणों की चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिकंदरा थाना क्षेत्र के पोहे रोड में बिजली विभाग के पोल से तार और अन्य सामान चोरी करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार,मोहम्मद आलम और मुकेश साह के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से चोरी किए गए बिजली के तार समेत भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं।पुलिस ने ऐसे किया मामले का खुलासाजानकारी के अनुसार,सिकंदरा थाना क्षेत्र के पोहे रोड पर बिजली विभाग के पोल से तार और अन्य उपकरणों की चोरी की घटना सामने आई थी। मामले में सिकंदरा थाना कांड संख्या के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS)की धारा303(2)में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,जमुई के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। सिकंदरा थाना पुलिस ने जिला आसूचना इकाई (DIU)की मदद से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की घटना का खुलासा किया।चोरी के तार और बिजली के कई उपकरण बरामदपुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से बिजली विभाग से संबंधित कई उपकरण बरामद किए हैं। बरामद सामान में शामिल हैं:चोरी किए गए बिजली के तारडिस्क इंसुलेटर और पोस्ट इंसुलेटरसस्पेंशन क्लैंप और डेड एंड क्लैंपपीजी क्लैंप और ग्लैबरआई हुक क्लैंपएलटी बस बार (LT Bus Bar)8किलो कंडक्टर20फीट एबी केबल (AB Cable)पुलिस के अनुसार,बरामद सामान बिजली आपूर्ति व्यवस्था में इस्तेमाल होने वाले उपकरण हैं। मामले में चोरी के अन्य सामान और संभावित सहयोगियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा सकती है।गिरफ्तार आरोपियों को भेजा जाएगा न्यायिक हिरासत मेंइस मामले में राहुल कुमार,मोहम्मद आलम और मुकेश साह को गिरफ्तार किया गया है। वहीं आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।जमुई पुलिस की इस कार्रवाई से बिजली विभाग के उपकरणों की चोरी के मामलों पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।जमुई से सदानंद कुमार की रिपोर्ट
तुरकौलिया और रघुनाथपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा,देसी पिस्टल,अर्धनिर्मित हथियार और बनाने की सामग्री बरामदपूर्वी चंपारण:YouTubeके जरिए हथियार बनाने का तरीका सीखकर कथित तौर पर मिनी गन फैक्ट्री चलाने का मामला सामने आया है। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण के ठिकाने का खुलासा किया है। इस दौरान दो कथित हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से कई देसी पिस्टल,अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है।गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाईजानकारी के अनुसार,पुलिस को सूचना मिली थी कि रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में चोरी-छिपे मिनी गन फैक्ट्री संचालित की जा रही है,जहां अवैध रूप से हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया।एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना पुलिस के सहयोग से छापेमारी की। इस दौरान कथित मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ और मौके से हथियारों की बरामदगी की गई।देसी पिस्टल और अर्धनिर्मित हथियार बरामदछापेमारी के दौरान पुलिस को कई देसी पिस्टल, अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि आरोपी YouTube के माध्यम से हथियार बनाने का तरीका सीखकर इस काम में जुटे थे। हालांकि, इस दावे और हथियार निर्माण से जुड़े अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच के आधार पर होनी बाकी है।हथियारों की सप्लाई कहां होती थी,जांच जारीमिनी गन फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कब से बनाए जा रहे थे,उनकी सप्लाई कहां की जाती थी और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ अहम सफलता माना जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।मोतिहारी से अमित कुमार की रिपोर्ट
पत्रकार नगर के संजय गांधी नगर में वारदात, शटर का लॉक काटकर चोरों ने उड़ाए मोबाइल; DIU और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्यपटना:बिहार की राजधानी पटना में चोरों ने मोबाइल दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के मोबाइल फोन पर हाथ साफ कर दिया। पत्रकारनगर थाना क्षेत्र के काली मंदिर रोड स्थित संजय गांधी नगर में मां कम्युनिकेशन मोबाइल शॉप से करीब40 से45 लाख रुपये के मोबाइल फोन चोरी होने की बात सामने आई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस, DIU औरFSL की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।सुबह दुकान खोलने पहुंचे तो टूटा मिला लॉकदुकानदार राजीव राज के मुताबिक, वह रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब दुकान खोलने पहुंचे,तो शटर का लॉक कटा हुआ मिला। इसके बाद दुकान के अंदर जांच करने पर बड़ी संख्या में मोबाइल फोन गायब मिले।दुकानदार ने चोरी गए मोबाइल फोन की कीमत करीब40 से45 लाख रुपये बताई है। हालांकि, चोरी गए मोबाइल की वास्तविक संख्या और कुल कीमत का आकलन विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।पुलिस औरFSL की टीम ने जुटाए साक्ष्यघटना की जानकारी मिलने के बाद पत्रकारनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच मेंDIUकी टीम को भी लगाया गया है। घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। वहीं, FSLकी टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की, ताकि वारदात से जुड़े सुराग मिल सकें।पुलिस दुकान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर चोरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।कितने लोग थे शामिल,जांच में जुटी पुलिसपत्रकारनगर थानाध्यक्ष सज्जाद गद्दी ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया और इसमें कितने लोग शामिल थे।फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों से मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद मिल सकती है।पटना से विवेक कुमार की रिपोर्ट
CEIR पोर्टल के जरिए पुलिस ने की कार्रवाई,मोबाइल गुम या चोरी होने पर संचार साथी ऐप से शिकायत दर्ज करने की अपीलचाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के जरिए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल48 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सोमवार को पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। लंबे समय बाद अपने खोए हुए फोन वापस मिलने पर लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए पुलिस का आभार जताया।CEIR पोर्टल के जरिए बरामद हुए48 मोबाइलपुलिस अधीक्षक के निर्देश परCEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से48 मोबाइल फोन बरामद किए गए।इस अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) पूजा कुमारी ने किया। जिले के विभिन्न थाना प्रभारियों के सहयोग से तकनीकी अनुसंधान और आवश्यक कार्रवाई की गई, जिसके बाद पुलिस को यह सफलता मिली।पुलिस उपाधीक्षक पूजा कुमारी की उपस्थिति में प्रशिक्षु आईपीएस राजकुमार जयराज और एएसपी राहुल देव बड़ाईक ने बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को सौंपे।मोबाइल गुम होने पर संचार साथी ऐप से करें शिकायतचाईबासा पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने पर बिना देर किए नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही संचार साथी ऐप या संबंधित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत करें, ताकि मोबाइल को ट्रैक करने और उसे ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।पुलिस के मुताबिक,समय पर शिकायत दर्ज कराने और मोबाइल काIMEI नंबर उपलब्ध कराने से बरामदगी के प्रयासों में मदद मिल सकती है।बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहेंपुलिस ने लोगों को मोबाइल चोरों से सतर्क रहने की भी सलाह दी है। पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में दूसरे जिलों से आने वाले समूह बाजारों, हाट-बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी करते हैं। चोरी किए गए मोबाइल फोन को दूसरे राज्यों में बेचे जाने की आशंका भी जताई गई है।ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि बाजार, मेले और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल फोन और कीमती सामान को सुरक्षित रखें।आगे भी जारी रहेगा अभियानचाईबासा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से गुम मोबाइल फोन की बरामदगी के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।48 मोबाइल फोन की बरामदगी से उन लोगों को राहत मिली है, जो लंबे समय से अपने खोए हुए फोन वापस मिलने का इंतजार कर रहे थे।चाईबासा से राजीव सिंह की रिपोर्ट
बुरु हातु गांव में सोमवार अहले सुबह हुआ हादसा, फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद गांव की ओर बढ़ा था हाथियों का झुंडगुमला:झारखंड के गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र स्थित बुरु हातु गांव में सोमवार अहले सुबह जंगली हाथियों के झुंड ने 45 वर्षीय निकोलस टोपनो को कुचलकर मार डाला। घटना सुबह करीब तीन बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार,इलाके में विचरण कर रहे23 हाथियों का झुंड रात में गांव पहुंच गया था। हाथियों ने पहले खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया और फिर गांव की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान हाथियों को भगाने की कोशिश कर रहे निकोलस टोपनो उनकी चपेट में आ गए।हाथियों को भगाने के दौरान हुआ हमलाग्रामीणों के अनुसार, हाथियों के झुंड को गांव से दूर भगाने के लिए लोग मशाल, पटाखे और टॉर्च लेकर जुटे थे। निकोलस टोपनो भी ग्रामीणों के साथ हाथियों को खदेड़ने में लगे थे। बताया जा रहा है कि झुंड में चार शावक भी शामिल थे।इसी दौरान निकोलस हाथियों के काफी नजदीक चले गए। अचानक हाथियों ने उन्हें घेर लिया और सूंड से उठाकर पटक दिया। इसके बाद हाथियों ने उन्हें पैरों से कुचल दिया,जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। हमले में उनका शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।घटना के बाद ग्रामीणों ने किसी तरह हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ा।वन विभाग ने तत्काल दी एक लाख रुपये की सहायताघटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार सुबह करीब नौ बजे बसिया अनुमंडल के वनपाल शेखर सिंह वन विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।वन विभाग की ओर से तत्काल सहायता के रूप में परिजनों को20 हजार रुपये नकद और80 हजार रुपये का चेक दिया गया। वनपाल शेखर सिंह ने बताया कि नियमानुसार मृतक के परिवार को कुल10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजाघटना के बाद कामडारा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। गांव में इस घटना के बाद शोक का माहौल है।हाथियों के बड़े झुंड के गांव तक पहुंचने और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में मानव-हाथी संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। ऐसे में ग्रामीणों की सुरक्षा और हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए प्रभावी उपाय करना जरूरी है।गुमला से किशोर जायसवाल की रिपोर्ट
चार घंटे तक सड़क जाम कर ग्रामीणों ने किया हंगामा,पुलिस टीम पर कार्रवाई की मांग;अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसाबेगूसराय:बिहार के बेगूसराय में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक युवक की बूढ़ी गंडक नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव की है। मृतक की पहचान वार्ड नंबर-2निवासी रामजतन यादव के28वर्षीय पुत्र धिरेंद्र यादव उर्फ धारो यादव के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक के नदी में कूदने के बाद पुलिस ने उसे बचाने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे युवक को बचाने के लिए आगे बढ़े,तो पुलिस ने राइफल तानकर उन्हें रोक दिया। हालांकि,इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।पुलिस को देखकर भागा युवक,नदी में लगा दी छलांगमिली जानकारी के अनुसार,रविवार शाम डंडारी थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फायरिंग के एक मामले में आरोपी धारो यादव राजोपुर गांव में बांध किनारे मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची थी।बताया जा रहा है कि पुलिस को अपनी ओर आते देख धारो यादव भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा किया,इसी दौरान उसने पास से बह रही बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी। नदी में कूदने के बाद वह गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया और कुछ ही देर में दिखाई देना बंद हो गया।दो घंटे बाद नदी से निकाला गया शवघटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब दो घंटे की तलाश के बाद युवक का शव नदी से निकाला गया।परिजनों का आरोप है कि युवक के नदी में कूदने के बाद पुलिस ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। उनका दावा है कि ग्रामीण जब उसे बचाने के लिए आगे बढ़े,तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर राइफल तानकर उन्हें रोक दिया और गोली मारने की धमकी दी। परिजनों का कहना है कि समय रहते बचाव का प्रयास किया जाता,तो युवक की जान बच सकती थी।इन आरोपों की जांच होनी बाकी है। फिलहाल,घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया।शव बांध पर रखकर चार घंटे तक सड़क जामयुवक की मौत से नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने शव को कटरमाला बांध पर रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के कारण इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।सूचना मिलने पर बलिया के एसडीओ अजय कुमार,डीएसपी सुबोध कुमार,डंडारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।पुलिस ने जांच और मुआवजे का दिया भरोसाइस मामले में बलिया के एसडीओ और डीएसपी ने बताया कि युवक की पानी में डूबने से मौत होने की सूचना मिली थी। अधिकारियों के मुताबिक,परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि नियमानुसार मिलने वाले सरकारी मुआवजे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।फायरिंग के मामले में गिरफ्तारी करने पहुंची थी पुलिसजानकारी के अनुसार,मृतक धारो यादव के खिलाफ कई मामले दर्ज थे और पुलिस उसे फायरिंग से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार करने पहुंची थी। वहीं,परिजनों का कहना है कि घटना के समय वह बांध किनारे बैठा था और पुलिस को देखकर भागने के दौरान नदी में कूद गया।फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका और बचाव के प्रयासों को लेकर उठे सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
तीन महीने से कथित तौर पर चल रहे अवैध कोयला कारोबार का मामला आया सामने,निरसा थाना को सौंपी गईं गाड़ियांनिरसा,धनबाद: ईसीएल के चापापुर-2ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP)में कथित अवैध कोयला कारोबार के खिलाफCISFकी टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। शीतलपुरCISFटीम ने छापेमारी कर कोयला लदे तीन हाइवा वाहनों को जब्त किया है। जब्त वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए निरसा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।तीन महीने से अवैध कारोबार चलने का आरोपमिली जानकारी के अनुसार,जब्त किए गए तीनों हाइवा वाहनों का इस्तेमाल कथित तौर पर पिछले तीन महीनों से अवैध कोयला कारोबार में किया जा रहा था। आरोप है कि इन वाहनों के जरिए ओसीपी क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर कोयले के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था।हालांकि,इस कथित कारोबार के पीछे कौन लोग शामिल हैं और कोयले की ढुलाई किसके इशारे पर की जा रही थी,यह जांच का विषय है। फिलहालCISFकी कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और प्रशासनिक कदमों पर नजर बनी हुई है।अवैध कोयला कारोबार के नेटवर्क की होगी जांच?तीन हाइवा वाहनों की जब्ती के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या कथित अवैध कोयला कारोबार केवल इन वाहनों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति,कारोबारी या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है,तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी,यह भी अहम होगा। हालांकि,फिलहाल किसी व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।निरसा पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजरCISFद्वारा जब्त वाहनों को निरसा थाना पुलिस को सौंपे जाने के बाद अब आगे की कार्रवाई पुलिस और संबंधित प्रशासन पर निर्भर करेगी। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कोयला कहां से लाया गया था,उसकी ढुलाई कहां की जा रही थी और इस पूरे मामले में किन लोगों की भूमिका थी।फिलहाल, चापापुर-2 OCP में हुई इस कार्रवाई के बाद कथित अवैध कोयला कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि जांच में इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आते हैं या नहीं।
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच, CCTVकाDVRऔर मोबाइल गायब; पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की, राजस्व कर्मियों ने उठाई सुरक्षा की मांगरांची: अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या का मामला अब तक अनसुलझा है। पुलिस हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। रविवार को मेडिकल बोर्ड के गठन के बाद मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, ताकि जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके। घटना के बाद राजस्व कर्मचारियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।पुलिस कई एंगल से कर रही जांचराजस्व कर्मी की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में पुलिस और टेक्निकल सेल की टीम जांच में जुटी है। अब तक हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। जांच के दौरान घर से सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर और मृतक का मोबाइल गायब मिलने की बात सामने आई है। वहीं, घर में संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिलने से पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है। हालांकि, हत्या में किसी परिचित की भूमिका होने की आशंका की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।अर्जुन मुंडा ने की जल्द गिरफ्तारी की मांगपोस्टमार्टम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही जांच में देरी होने पर किसी बड़ी जांच एजेंसी से मामले की जांच कराने की बात कही।राजस्व कर्मचारी संघ नेSITजांच की उठाई मांगझारखंड राजस्व उपनिरीक्षक संघ के मुख्य संरक्षक भरत सिन्हा ने मामले के पीछे आपराधिक साजिश की आशंका जताते हुए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्ष2021 में रातू अंचल के राजस्व उपनिरीक्षक सत्यप्रकाश श्रीवास्तव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में जमीन विवाद की बात सामने आई थी। लगातार ऐसी घटनाओं से अंचल कर्मी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।फिलहाल,लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या के पीछे जमीन विवाद है या कोई अन्य कारण,यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस की जांच के बाद ही वारदात की वजह और इसमें शामिल लोगों के बारे में स्थिति साफ हो सकेगी।रांची से नैयर की रिपोर्ट
बेदा में पति-पत्नी की हत्या और डुमरा में किसान की हत्या के मामले में6 गिरफ्तार, छात्र को गोली मारने के केस में भी पुलिस की कार्रवाई जारीरोहतास:रोहतास जिले में पुलिस ने हत्या के दो मामलों समेत तीन आपराधिक कांडों का खुलासा करने का दावा किया है। इन मामलों में कुल11 लोगों को हिरासत में लिया गया है। एसपी मिस्टर राज के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, बेदा में पति-पत्नी की हत्या और डुमरा में किसान की हत्या के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, छात्र को गोली मारने के मामले में भी पांच लोगों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।बेदा दोहरे हत्याकांड में तीन गिरफ्तारसासाराम अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 के क्षेत्र में आने वाले मुफस्सिल थाना अंतर्गत बेदा में7 सितंबर को हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी मिस्टर राज के अनुसार, प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह आपसी रंजिश सामने आई है।पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक को संदेह था कि पति-पत्नी ने पहले के एक मामले में पुलिस को सुराग दिया था। इसी रंजिश में दोनों की हत्या किए जाने की बात आरोपी ने पूछताछ में बताई है।डुमरा में किसान की हत्या का खुलासाकरहगर थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में जनार्दन तिवारी उर्फ बच्चा तिवारी की हत्या के मामले में भी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि जनार्दन तिवारी और आरोपी के बीच बातचीत के दौरान विवाद हुआ था। इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।स्कूल जा रहे छात्र को गोली मारने के मामले में कार्रवाईतीसरा मामला बिक्रमगंज अनुमंडल के कच्छवां थाना क्षेत्र स्थित जगू टोला का है। यहां 9 अक्टूबर को स्कूल जाने के दौरान एक छात्र को गोली मार दी गई थी। घायल छात्र का इलाज जारी है।एसपी मिस्टर राज के अनुसार, इस मामले में एक युवती समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें दो विधि-विरुद्ध बालक भी शामिल हैं। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों की जांच में मिले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।रोहतास से दयानंद तिवारी की रिपोर्ट
अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर5लाख रुपये मांगने का आरोप,मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट पर कब्जा करने का भी दावाहाजीपुर:बिहार के वैशाली जिले में शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने,अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने महुआ थाना क्षेत्र के सिंह राय,वार्ड नंबर15निवासी नीरज कुमार के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।मॉडलिंग के दौरान हुई थी मुलाकातपीड़िता के अनुसार,वह मॉडलिंग और वीडियो शूट का काम करती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात आरोपी से हुई। युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और उसका शारीरिक शोषण किया। पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी ने धोखे से उसका अश्लील वीडियो बना लिया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा।5लाख रुपये मांगने और अकाउंट हैक करने का आरोपपीड़िता ने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल नहीं करने के बदले आरोपी ने उससे5लाख रुपये की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर उसने कथित तौर पर युवती का मोबाइल छीन लिया और उसकी ईमेल आईडी व सोशल मीडिया अकाउंट पर कब्जा कर लिया। शिकायत के मुताबिक,आरोपी ने युवती की आईडी से वीडियो अपलोड करना भी शुरू कर दिया। पीड़िता ने आरोपी पर जान से मारने की धमकी देने और अपने दोस्तों के साथ भी गलत काम करवाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।पुलिस ने शुरू की जांचलगातार मिल रही कथित धमकियों से परेशान होकर युवती ने महिला थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। फिलहाल,आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।वैशाली से रिशभ कुमार की रिपोर्ट
पीड़िता के परिजनों को धमकाने और केस मैनेज करने के आरोप में कार्रवाई, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बरही से हिरासत में लिया गया था आरोपीकोडरमा: नाबालिग आदिवासी छात्रा के कथित यौन शोषण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के करीबी चालक राज आर्यन उर्फ छोटी उर्फ छोटू को जेल भेज दिया है। आरोपी पर पीड़िता के परिजनों को धमकाने और मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप है।पुलिस के अनुसार,डॉ. अनिल कुमार के जेल जाने के बाद राज आर्यन ने कथित तौर पर पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की। आरोप है कि उसने परिजनों को धमकी देने के साथ प्रलोभन भी दिया। मेडिकल जांच से इनकार करवाने में भी उसकी भूमिका होने की बात सामने आई है।तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाईजांच में यह बात सामने आई है कि डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर राज आर्यन पीड़िता को लाने और छोड़ने का काम करता था। शुरुआती पूछताछ में उसने आरोपों से इनकार किया था। हालांकि,पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे बरही से हिरासत में लिया। लंबी पूछताछ के बाद रविवार को उसे जेल भेज दिया गया।गौरतलब है कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार इस मामले में11अक्टूबर से जेल में बंद हैं। पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
CEIRपोर्टल की मदद से मोबाइल फोन खोजकर मालिकों को सौंपा गया,चोरी के तीन मामलों में जांच शुरूबोकारो:बोकारो पुलिस ने तकनीक की मदद से बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए57मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में केंद्र सरकार केCEIRपोर्टल की मदद ली गई।पुलिस के अनुसार, 26सितंबर से25अक्टूबर2026के बीच चास,बेरमो,नगर और मुख्यालय क्षेत्र से कुल57मोबाइल फोन बरामद किए गए। वहीं,पिछले छह महीनों में बोकारो पुलिस अब तक684गुम मोबाइल फोन रिकवर कर चुकी है।CEIRपोर्टल से मोबाइल की तलाशमुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि मोबाइल गुम होने की शिकायतों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।CEIRपोर्टल के माध्यम से गुम मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही मोबाइल चोरी से जुड़े तीन मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।मोबाइल गुम होने पर तुरंत दें सूचनाबोकारो पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने में सूचना दें। समय पर शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने से मोबाइल की तलाश में मदद मिल सकती है। पुलिस ने लोगों को मोबाइल फोन की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की भी सलाह दी है।बोकारो से संजीव कुमार की रिपोर्ट
रांची: राजधानी रांची में एसएसपी आवास के सामने उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने बच्चे के साथ आत्मदाह करने पहुंच गई। हालांकि, समय रहते लालपुर थाना की पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर स्थिति को संभाल लिया।बच्चे को वापस पाने के लिए थाने के चक्कर लगा रही महिलामिली जानकारी के अनुसार, महिला का आरोप है कि पुलिस उसके बच्चे को उसे नहीं सौंप रही है। महिला का कहना है कि वह मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) की शिकार हो चुकी है। इसके अलावा, जिस व्यक्ति से उसकी शादी हुई थी, उसने भी उसके साथ धोखा किया और उसके नवजात बच्चे का सौदा कर दिया।महिला का दावा है कि वह लंबे समय से अपने बच्चे को वापस पाने के लिए पुलिस थाने के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक उसे बच्चा नहीं मिल पाया है।DNAटेस्ट की रिपोर्ट का इंतजारबताया जा रहा है कि जिस बच्चे पर महिला अपना दावा कर रही है, उसकी पहचान की पुष्टि के लिए डीएनए (DNA) टेस्ट कराया गया है। हालांकि, अब तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट लंबित होने के कारण बच्चे को महिला को सौंपने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।बच्चे को वापस पाने की उम्मीद में लंबे समय से इंतजार कर रही महिला का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। इसी से नाराज होकर वह अपने बच्चे के साथ रांची स्थित एसएसपी आवास के सामने आत्मदाह करने पहुंच गई।लालपुर पुलिस ने समय रहते संभाला मामलाघटना की सूचना मिलने पर लालपुर थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को डिटेन कर लिया गया। महिला का आरोप है कि पुलिस उसके बच्चे को उसे सौप नहीं रही। दरअसल महिला ह्यूमन ट्रैफिकिंग की शिकार हो चुकी है। वही महिला की शादी जिस व्यक्ति से हुई उसने भी उसे धोखा दिया और उसके एक नवजात बच्चे का सौदा कर दिया। अब उस बच्चे को पाने के लिए महिला पुलिस थाने के चक्कर लगा रही है लेकिन बच्चा मिल न सका। क्योंकि जिस बच्चे की लेकर महिला ने दावा किया है उसका डीएनए टेस कराया गया है लेकिन अबतक रिपोर्ट नहीं आई है जिस कारण महिला को बच्चा नहीं मिल पाया है जिसे लेकर ही महिला के सब्र का बांध टूट गया और महिला आत्मदाह करने रांची एसएसपी आवास के सक्ष पहुंच गई हालांकि लालपुर थाने की पुलिस ने महिला को डिटेन कर लिया।रांची से नैयर की रिपोर्ट
रामपुर ओवरब्रिज के पास वाहन जांच के दौरान पुलिस को मिली सफलता,दूसरा आरोपी मौके से फरारअररिया(फारबिसगंज):मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फारबिसगंज पुलिस ने612ग्राम स्मैक के साथ पश्चिम बंगाल के एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक अपाची मोटरसाइकिल भी जब्त की है। वहीं,बाइक पर सवार दूसरा व्यक्ति पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है।फारबिसगंज के डीएसपी राजकिशोर कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर स्मैक की बड़ी खेप लेकर फारबिसगंज आ रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद फारबिसगंज थानाध्यक्ष के नेतृत्व में छापेमारी टीम गठित की गई।रामपुर ओवरब्रिज के पास पुलिस की कार्रवाईगुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने फारबिसगंज के रामपुर ओवरब्रिज के पास वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान अपाची मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर बाइक चालक को पकड़ लिया,जबकि दूसरा सवार मौके से फरार होने में सफल रहा।गिरफ्तार युवक की पहचान मिर सलाम अली (28वर्ष),पिता मिर रिसु अली,निवासी कुमुलपुर,बापड़ा,मिरपाड़ा थाना,जिला मुर्शिदाबाद,पश्चिम बंगाल के रूप में बताई गई है। पुलिस ने उसके पास से612ग्राम स्मैक बरामद की और मोटरसाइकिल जब्त कर ली।एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्जइस मामले में फारबिसगंज थाना कांड संख्या693/26,दिनांक24अक्टूबर2026के तहत एनडीपीएस एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई है।पुलिस अब फरार आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। इसके अलावा गिरफ्तार युवक से पूछताछ के आधार पर मादक पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत और तस्करी नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।पुलिस की इस कार्रवाई को फारबिसगंज क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच के आधार पर की जाएगी।
समेली के डूमर पंचायत स्थित बकिया गांव की घटना,पोठिया थाना पुलिस मामले की जांच में जुटीकटिहार:बिहार के कटिहार जिले के समेली प्रखंड अंतर्गत डूमर पंचायत के वार्ड संख्या11स्थित बकिया गांव में मारपीट की घटना में18वर्षीय युवक की मौत हो गई,जबकि उसका बड़ा भाई घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। मृतक के परिजनों ने गांव के चार युवकों पर दोनों भाइयों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।मृतक की पहचान डूमर पंचायत के वार्ड संख्या11निवासी सुमित कुमार यादव (18वर्ष),पिता मिथलेश यादव के रूप में हुई है। वहीं,घायल युवक की पहचान उसके भाई संतोष कुमार यादव के रूप में बताई गई है।चार युवकों पर मारपीट का आरोपमृतक के परिजनों का आरोप है कि बकिया और डूमर गांव के चार युवकों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट की। इस घटना में सुमित कुमार यादव की मौत हो गई,जबकि संतोष कुमार यादव घायल हो गए। परिजनों ने मामले को हत्या बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस कर रही मामले की जांचघटना पोठिया थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मामले में पोठिया थाना में प्राथमिकी (FIR)दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है। घटना की सूचना मिलने पर पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार,अपर थानाध्यक्ष अमित कुमार और बिहार पुलिस के जवान मौके पर मौजूद थे।फिलहाल,घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि और घटना की पूरी परिस्थितियों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।घटना के बाद अब स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है।कटिहार से रीतेश कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार में अब घटनास्थल किस थाने के क्षेत्र में आता है,इसकी पहचान करना आसान होगा। बिहार पुलिस ने राज्य के सभी थानों की सीमाओं को डिजिटल मैप पर चिह्नित करने के लिएGISआधारित थाना क्षेत्राधिकार मैपिंग पोर्टल और ऐप तैयार किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य क्षेत्राधिकार को लेकर होने वाली असमंजस और कार्रवाई में देरी को कम करना है।इस डिजिटल सिस्टम की मदद से घटनास्थल की लोकेशन के आधार पर संबंधित थाने की पहचान की जा सकेगी। इससे पुलिस को शिकायत पर कार्रवाई करने और सही थाने तक सूचना पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को आवश्यक निर्देश दिए जाने की जानकारी है।पेट्रोलिंग और अपराध नियंत्रण में भी मिलेगी मददGISमैपिंग सिस्टम से केवल थाने की सीमा पहचानने में ही नहीं,बल्कि पुलिस पेट्रोलिंग की योजना बनाने और अपराध के भौगोलिक विश्लेषण में भी मदद मिल सकती है। इससे संवेदनशील इलाकों की पहचान और पुलिस संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सुविधा होगी।बिहार पुलिस पहले से हीCCTNSऔरICJSजैसी डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल कर रही है। अबGISमैपिंग से पुलिस की तकनीकी व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।इस पहल से आम लोगों को भी फायदा हो सकता है। थाने के क्षेत्राधिकार को लेकर भ्रम कम होने से शिकायत दर्ज कराने और पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में होने वाली देरी घट सकती है। हालांकि,इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नई व्यवस्था का इस्तेमाल जमीन पर कितनी प्रभावी ढंग से किया जाता है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट