
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
Liveजमुई : जिले के कन्या मध्य विद्यालय, गिद्धौर की शिक्षिका प्रियंका कुमारी का विद्यालय में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से आकस्मिक निधन हो गया. घटना से इलाके के शिक्षकों एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर है. जानकारी के अनुसार, स्कूल में वीक्षण कार्य के दौरान अचानक शिक्षिका प्रियंका कुमारी की तबीयत बिगड़ने लगी. तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने अपना सिर टेबल पर रख दिया और बेहोश हो गईं. आनन-फानन में उन्हें गिद्धौर से जमुई सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, इसी क्रम में उनका निधन हो गया.इस घटना से पूरे शिक्षक जगत में शोक की लहर है. इस दुख की घड़ी में गिद्धौर के सभी शिक्षक परिवार शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है. जमुई से सदानंद कुमार की रिपोर्ट-
बक्सर : बिहार के बक्सर में मानवता को शर्मसार करने वाला एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में कफन में लिपटी एक लाश को जमीन पर घसीटते हुए पोस्टमार्टम हाउस के अंदर ले जाते हुए देखा जा रहा है. घटना सामने आने के बाद शवों के साथ होने वाले व्यवहार और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि 31 अगस्त 2026 को रेलवे पैदल पुल के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई थी. सूचना मिलने के बाद जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था. शव लेकर बिहारी कुमार नामक व्यक्ति पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा. इसके बाद कफन में लिपटी लाश को स्ट्रेचर या अन्य उचित साधन के बजाय जमीन पर घसीटते हुए पोस्टमार्टम हाउस के अंदर ले जाया गया. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शव को इस तरह क्यों घसीटकर ले जाया गया. मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी या नहीं, यह देखने वाली बात होगी.संजय कुमार की रिपोर्ट--
69वें राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) सम्मेलन में भाग ले रहे बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने केपटाउन में दीप प्रज्वलित कर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस मनाया. इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की. अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जीवन राष्ट्र सेवा, संकल्प और अंत्योदय की भावना के प्रति समर्पित रहा है. उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामरिक, तकनीकी एवं सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा और प्रभाव को नई ऊंचाई मिली है.उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के विकास एवं सशक्तीकरण पर विशेष बल दिया गया है. गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के हित में किए गए प्रयासों से समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति मिली है.डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री का राष्ट्र के प्रति समर्पण और सार्वजनिक जीवन में उनकी निरंतर सक्रियता युवा पीढ़ी को देश की सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करती है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस राष्ट्र सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है.राजीव रंजन की रिपोर्ट--
पटना : बिहार में अप्रशिक्षित नियोजित शिक्षकों के वेतनमान को लेकर शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है. प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 17 सितंबर 2026 को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना को पत्र जारी कर समरूप मामलों के निष्पादन का निर्देश दिया गया है.निर्देश के मुताबिक, ऐसे स्थानीय निकाय के अप्रशिक्षित शिक्षक जिनकी नियुक्ति 31 मार्च 2015 से पहले हुई थी और जिन्होंने राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रथम प्रयास में प्रशिक्षण परीक्षा उत्तीर्ण की है, उन्हें प्रशिक्षण पूरा होने की तिथि से प्रशिक्षित शिक्षक के वेतनमान का वित्तीय लाभ दिया जाएगा. इसके साथ ही अंतर वेतन के भुगतान की कार्रवाई भी करने को कहा गया है.यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के 15 जनवरी 2026 के आदेश के बाद आया है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार की ओर से दायर SLP (Civil) Diary No. 66035/2025 को खारिज करते हुए पटना हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा था. इससे पहले हाईकोर्ट ने संबंधित शिक्षकों को प्रशिक्षण पूरा होने की तिथि से वेतनमान और परिणामी वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया था.विभाग ने स्पष्ट किया है कि 2013-15, 2016-18 और 2017-18 शैक्षणिक सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले शिक्षक इस दायरे में आएंगे. हालांकि, शिक्षकों का टीईटी उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य बताया गया है.जिला स्तर के अधिकारियों को ऐसे सभी समरूप मामलों की पहचान कर न्यायालय के आदेश के अनुरूप समय पर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी, विधि प्रकोष्ठ – बिहार प्रदेश द्वारा आज पटना हाईकोर्ट परिसर में दीप प्रज्ज्वलित करके एवं मिठाई वितरण करके जन्मदिवस मनाया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विंध्याचल राय ने किया.इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर हर्ष एवं उत्साह व्यक्त करते हुए मिठाई एवं लड्डू का वितरण किया. उपस्थित सभी लोगों ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा राष्ट्रहित में निरंतर सफल नेतृत्व की कामना की.समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख किया. वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र के विकास एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में विधि समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. अधिवक्ताओं को जनहित, विधिक जागरूकता तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए. समारोह के दौरान वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में अधिवक्ताओं एवं विधि क्षेत्र की भूमिका पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में अधिवक्ता समुदाय महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है.इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने तथा विधि एवं न्याय से जुड़े जनहित के विषयों पर प्रभावी ढंग से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया. उपस्थित अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को सेवा, जनजागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ मनाने पर जोर दिया. समारोह में प्रदेश सह-संयोजक मनोज कुमार सिंह, संजय राम, राकेश प्रताप एवं पूनम सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष कृष्ण मुरारी प्रसाद, सह कोषाध्यक्ष संजीव सिन्हा, पटना हाईकोर्ट इकाई के संयोजक सुनील कुमार कर्ण सहित भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ, बिहार प्रदेश के सम्मानित पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे. पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना : ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत गुरुवार को महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार, पटना के सभागार में राष्ट्रीय नशा विरोधी शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में निगम के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली.इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने तथा नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया.समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न जागरूकता एवं जनभागीदारी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य नशे के विरुद्ध सामाजिक चेतना को मजबूत करना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करना है.कार्यक्रम के माध्यम से सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
नोएडा/पटना :बिहार सरकार bauma CONEXPO INDIA 2026 के 8वें संस्करण में स्टेट पार्टनर के रूप में भाग लेते हुए राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को देश-विदेश के उद्योग जगत के समक्ष प्रस्तुत कर रही है. 15 से 18 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में निर्माण मशीनरी, खनन, इंजीनियरिंग और आधारभूत संरचना से जुड़े प्रमुख उद्योग समूह एवं निवेशक भाग ले रहे हैं.बिहार के पवेलियन में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BIIPP) 2025, औद्योगिक आधारभूत संरचना तथा सामान्य विनिर्माण, निर्माण एवं आधारभूत संरचना, ऑटो कंपोनेंट्स, हेवी इंजीनियरिंग और संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जा रहा है.राज्य द्वारा औद्योगिक भूमि, निवेश प्रोत्साहन और विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे की जानकारी भी उद्योग जगत के साथ साझा की जा रही है. इसके माध्यम से बिहार में विनिर्माण एवं इंजीनियरिंग इकाइयों की स्थापना तथा मजबूत औद्योगिक वैल्यू चेन विकसित करने की संभावनाओं को रेखांकित किया जा रहा है.Bauma CONEXPO INDIA 2026 जैसे वैश्विक मंच पर बिहार की भागीदारी से राज्य को प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ संवाद, साझेदारी और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है.बिहार पवेलियन: हॉल 10 | बूथ Q3515–18 सितंबर 2026 | इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा
पटना : बिहार में पेपरलेस माध्यम से रजिस्ट्री यह कल्पना नहीं बल्कि हकीकत है. राज्य में जमीन विवाद, बिचौलिये, भूमाफिया व दलालों पर अंकुश लगाने के लिए यशस्वी मुख्यमंत्री की इस नयी कार्यप्रणाली बिहारवासियों को बेहद भा रही है. अब होम रजिस्ट्री को बेहद आसान तरीके व कागजी प्रक्रिया के झंझट को भी इस नये कार्यप्रणाली के जरिये पूरी तरह से पारदर्शी कर दिया गया है. बिहार सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को सुलभ व आसान बनाने के लिए स्कैनर व लिंक की सुविधा भी दी जा रही है. जिस पर लाभार्थी एक क्लिक करके रजिस्ट्री की डिटेल ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन माध्यम से भी ले सकेंगे. इस प्रणाली का लाभ लेने वाले लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गयी पेपरलेस रजिस्ट्री राज्यवासियों के लिए कल्याणकारी कार्यों में से एक है. इससे आमजनमानस को माफिया, दलालों से मुक्ति मिलेगी. साथ ही रजिस्ट्री से पहले विवादित जमीन की पूरी जानकारी भी एक क्लिक में उपलब्ध हो जायेगी. पेपरलेस माध्यम हमारे साथ हमारे आने वाली पीढ़ियों के लिए उपयोगी जमुई स्थित सिकंदरा की रहने वाले लाभार्थी राजेंद्र मंडल ने कहा कि निबंधन कार्यालय में पेपरलेस माध्यम से मेरा रजिस्ट्री संभव हो पाया है. मुख्यमंत्री के इस नये कार्यप्रणाली से अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया बेहद आसानी हो गयी है. यह व्यवस्था आम लोगों के लिए अति सहयोगी के साथ लाभदायक साबित हो रहा है. इससे हमारे साथ आने वाली पीढ़ियों को भी बेवजह जमीन विवाद से मुक्ति मिलेगी. रजिस्ट्री के दौरान शब्द में गड़बड़ी होने पर नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर राजेंद्र मंडल ने कहा कि ऑफलाइन माध्यम में अगर रजिस्ट्री के दौरान शब्दों में छोटी-बड़ी गलती हो जाती थी. तो उसे सुधरवाने के लिए कातिब समेत अलग-अलग कर्मचारियों के चक्कर काटने पड़ते थे. ऑनलाइन पेपरलेस माध्यम से राज्यवासियों को अब कर्मचारियों के टेबल के आगे घंटों समय बर्बाद करने की भी जरूरत नहीं होगी. साथ ही जमीन के मोटेशन करवाने के लिए भी यह कार्य बेहद लाभदायक है. पेपरलेस माध्यम जनकल्याणकारी, इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद गोपालगंज के रहने वाले राकेश कुमार ने कहा कि पेपरलेस माध्यम से रजिस्ट्री के लिए मैं मुख्यमंत्री का धन्यवाद करता हूं. नयी प्रणाली से आमलोगों को जमीन संबंधित कार्यों में बेहद लाभ मिलेगा. साथ ही बिचौलिये व दलालों के भागीदारी से भी मुक्ति मिलेगी. बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री के इस नयी व्यवस्था से जनकल्याण के लिए बेहद जरूरी है. बुजुर्गों के लिए घर बैठे निबंधन की सुविधा, अधिकांश कार्यालय में शुरू बता दें कि इस पेपरलेस व्यवस्था से 75 वर्ष या उससे अधिक के बुजुर्गों के लिए घर बैठे निबंधन करवाने की सुविधा दी जा रही है. 11 जुलाई से प्रभावी इस प्रणाली को मुख्यमंत्री के द्वारा सात-निश्चय पार्ट-3 अंतर्गत सबका सम्मान जीवन आसान के लिए अधिकांश निबंधन कार्यालय में शुरू किया गया है. इसका लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को बस इ-निबंधन पोर्टल पर आवेदन कर स्लॉट बुकिंग करने की आवश्कता है. आवेदन के बाद निबंधन की टीम स्वयं घर आकर निबंधन कार्य को पूरा करेगी.
मधेपुरा : बड़ी खबर बिहार के मधेपुरा से है जहां के पुरैनी थाना क्षेत्र के नया टोला चौक पर नरदह पंचायत की मुखिया रीता देवी के देवर कुख्यात विकास कुमार उर्फ विक्की मेहता की हत्या मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गये आरोपियों के पास से देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. बताया जा रहा है कि 14 सितंबर को करीब 35 वर्षीय विक्की मेहता की अपराधियों ने साजिश के तहत गोली मारकर हत्या कर दी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ उदाकिशुनगंज के नेतृत्व में 12 सदस्यीय SIT गठित की गई थी. टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर 16 सितंबर को ललन कुमार उर्फ सेठू, नीतिश कुमार, श्रीधर मंडल और पूर्णिया जिले के अखिलेश कुमार यादव को गिरफ्तार किया.मामले का खुलासा करते हुए मधेपुरा एसपी डॉ. संदीप सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. पुलिस के अनुसार पुरानी रंजिश, आपसी वर्चस्व और मृतक के बढ़ते प्रभाव को हत्या की वजह बताया गया है. एसपी ने बताया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. गिरफ्तार अखिलेश का पूर्णिया जिले में हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज होने की बात भी पुलिस ने बताई है. मृतक का भी आपराधिक इतिहास रहा है. मधेपुरा से राजीव रंजन की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार के भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि एक अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज को हटा दिया जाएगा. इसके बाद आम लोगों के आवागमन पर पाबंदी रहेगी ताकि पुल के स्थायी पुनर्निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से पूरा किया जा सके यानी जिस बेली ब्रिज ने पिछले कई महीनों से भागलपुर और नवगछिया समेत उत्तर-दक्षिण बिहार के बीच आवाजाही को संभाल रखा था, अब वही रास्ता बंद होने वाला है. दरअसल 3 मई 2026 की मध्यरात्रि में विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के आसपास पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में गिर गया था. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक घटना की सूचना 3 मई की रात मिली थी. प्रशासन की तत्परता के कारण हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. घटना के बाद पुल पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया और भागलपुर से नवगछिया कोसी तथा सीमांचल की कनेक्टिविटी पर बड़ा असर पड़ा. इसके बाद लोगों की परेशानी को देखते हुए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी BRO को क्षतिग्रस्त हिस्से पर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई. मई महीने में युद्धस्तर पर इसका निर्माण शुरू हुआ. स्टील के स्ट्रक्चर और गर्डर की लॉन्चिंग का काम तेजी से किया गया. क्षतिग्रस्त हिस्से के साथ-साथ पुल के अन्य कमजोर हिस्सों को ध्यान में रखते हुए भी बेली ब्रिज की व्यवस्था तैयार की गई. करीब एक महीने के भीतर BRO बेली ब्रिज तैयार कर दिया. 7 जून 2026 से छोटे वाहनों के लिए इस वैकल्पिक मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ. शुरुआती व्यवस्था में वाहनों के वजन को लेकर भी सीमा निर्धारित की गई थी. इससे लंबे समय से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली और भागलपुर-नवगछिया के बीच संपर्क फिर से बहाल हुआ. लेकिन अब यह अस्थायी व्यवस्था भी समाप्त होने वाली है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक एक अक्टूबर से बेली ब्रिज हटाकर विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का काम तेज किया जाएगा. बेली ब्रिज हटने के बाद पुल पर सामान्य आवागमन बंद रहेगा. इस दौरान पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों के पुनर्निर्माण के साथ-साथ जरूरी सुपर स्ट्रक्चर, बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट से जुड़े काम किए जाने हैं. सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि एक अक्टूबर के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच लाखों लोगों की आवाजाही कैसे होगी? बेली ब्रिज बंद होने के साथ ही लोगों को वैकल्पिक मार्ग और जल परिवहन की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ सकता है. प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि त्योहारों और बढ़ते आवागमन के बीच लोगों को सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया जाए.भागलपुर से संवाददाता रवि आर्यन की रिपोर्ट--
Patna : पटना हाईकोर्ट ने नालंदा जिला नवजीवन शिशु अस्पताल से नवजात शिशु संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने पर सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने बिहार थाना के थानाध्यक्ष सम्राट दीपक को विशेष जांच दल से हटा कर उन्हें जिला से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया.जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने मामले की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच के लिए बिहार के थानाध्यक्ष सम्राट दीपक को एसआईटी से जिला के बाहर तबादला करने का आदेश दिया. सुनवाई के दौरान नालंदा के एसपी हृदयकांत उपस्थित थे. उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया कि तत्काल उक्त अधिकारी का स्थानांतरण कर दिया जायेगा. योग्य, पारदर्शी व अच्छी छवि वाले पुलिस अधिकारी को विशेष जांच दल में शामिल किया जाएगा. कोर्ट ने मामले में प्रशासनिक और पुलिस दल की लापरवाही पर सख्त नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने प्राथमिकी दर्ज करने में हुई विलम्ब, साक्ष्यों में छेडछाड और जानबूझ कर बरती ढिलाई पर कड़ा रुख अपनाया.कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों ने एफआईआर लिखने में जानबूझ कर देर की या मामले की जांच में ढिलाई बरती, उन्हें चिह्नित कर उनके विरुद्ध कडी कार्रवाई की जाए.बच्चे के पिता अविनाश कुमार व उनके भाई से कोर्ट ने स्वयं बात की. उन्होंने कोर्ट को बताया कि पुलिस ने उन्हें मानसिक रूप से काफी परेशान किया. उन्होंने बताया कि बच्चे के पहचान के लिए जब डीएनए जांच की प्रक्रिया चल रही थी,तो पुलिस अधिकारी कथित तौर पर धमकाते हुए उन्हें केस वापस लेने को कहा. नहीं हटाने पर इसी केस में दस साल फंसा कर बर्बाद कर देंगे. उन्होंने बताया कि वे घटना के तुरंत बाद एफआईआर लिखाने थाना गये, वह भी काफी समय बाद लिया गया. कोर्ट का स्पष्ट मानना है कि इस तरह की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करना गोल्डन टाईम होता,जिसमें शीघ्र परिणाम मिलते हैं. कोर्ट ने कहा कि जो अधिकारी एफआईआर लिखने में देर करते हैं या साक्ष्य नष्ट करने का प्रयास करते हैं, उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि ये सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का भी उल्लंघन है. अपहरण या मानव तस्करी के मामले में उनसे जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर शीघ्र कार्रवाई प्रारंभ करनी चाहिए. कोर्ट ने एक कार्यक्रम के दौरान डीजीपी,बिहार द्वारा इस सन्दर्भ में दी गई जानकारी का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष बिहार में 14,500 से अधिक बच्चे गायब हुए हैं. ये आंकडा अपने आप में इसकी गंभीरता बता रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि मानव तस्करी और नवजात बच्चों की खरीद बिक्री के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय गिरोह कर रहे हैं. इन पर सख्ती और प्रारंभ में ठोस कार्रवाई करने पर सकारात्मक परिणाम मिलेंगे. इस मामले पर अगली सुनवाई 6 अक्टूबर, 2026 को होगी.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
बगहा : बड़ी खबर बिहार के बगहा से है जहां रामनगर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित किए जा रहे क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद बीडीओ अजीत कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीन क्लीनिकों को सील कर दिया है. रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, कार्रवाई के दौरान डॉ. आर.के. गुप्ता के क्लीनिक और निदान क्लीनिक, साथ ही डॉ. अफरोज आलम के क्लीनिक की जांच की गई, जिसके बाद इन्हें सील किया गया है. स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ आगे भी छापेमारी और सील करने की कार्रवाई जारी रहेगी.बगहा से राकेश कुमार की रिपोर्ट-
गयाजी : बिहार के गयाजी रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर गांजा तस्करी का खुलासा हुआ है. ऑपरेशन नार्कोस के तहत आरपीएफ, सीपीडीएस और जीआरपी की संयुक्त टीम ने तेजस राजधानी एक्सप्रेस से गांजे की बड़ी खेप बरामद की है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के गयाजी रेलवे स्टेशन पर यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई. सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट गया, अपराध गुप्तचर शाखा और जीआरपी की संयुक्त टीम ने प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची 22811 अप तेजस राजधानी एक्सप्रेस में तलाशी अभियान चलाया.तलाशी के दौरान ट्रेन के कोच नंबर-9 की बर्थ नंबर-21 पर सफर कर रहे एक संदिग्ध यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में उसकी पहचान 47 वर्षीय मनोज कुमार वर्णवाल, निवासी कैमाशिकोह, पटना सिटी के रूप में हुई.सहायक सुरक्षा आयुक्त संजय कुमार सिंह की मौजूदगी में आरोपी के झोले, हैंड बैग और ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान कुल 17 पैकेट गांजा बरामद हुआ.बरामद गांजे का कुल वजन 17.749 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 8 लाख 87 हजार 450 रुपये है.पुलिस टीम ने गांजे के साथ आरोपी का मोबाइल फोन, यात्रा टिकट और पहचान संबंधी दस्तावेज भी जब्त किए हैं.कार्रवाई के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर बरामद गांजा और अन्य सामान के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए राजकीय रेल थाना, गया (GRP) को सौंप दिया गया है.रेलवे स्टेशन पर लगातार हो रही गांजा बरामदगी ने एक बार फिर ट्रेन के जरिए नशे की खेप ले जाने वाले तस्करों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर को सामने ला दिया है.गयाजी से मनोज सिंह की रिपोर्ट
सीवान : बड़ी खबर बिहार के सीवान से है जहां मैरवा थाना क्षेत्र में हुई चोरी मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी के जेवर, गहने तौलने वाला तराजू, 2 मोबाइल और चोरी के जेवर बेचकर खरीदी गई जब्त की गई है.यह मामला फुलवरिया निवासी लक्ष्मी साह और तितरा दर्जी टोला निवासी असरफ हुसैन के घर में 2 और 3 सितंबर की रात हुई चोरी से जुड़ा है. इस संबंध में मैरवा थाना में कांड संख्या 410/26 और 411/26 दर्ज था. पुलिस ने मानवीय सूचना और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को पकड़ा है. गिरफ्तार आरोपियों में संदीप कुमार राम, मनु कुमार, पप्पू कुमार और नीरज कुमार वर्मा शामिल है. पुलिस ने इनके पास से चोरी के जेवर, आभूषण तौलने वाला इलेक्ट्रॉनिक तराजू, दो मोबाइल फोन और चोरी के जेवर बेचकर खरीदी गई नई आपाची मोटरसाइकिल बरामद की है. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.सीवान से निरंजन कुमार की रिपोर्ट--
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को राजधानी पटना स्थित लोकसेवक आवास में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा अर्चना की. लोकसेवक आवास में जय बाबा विश्वकर्मा के जयकारों से पूजन हुआ. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकसेवक आवास में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया. विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष पूजा की. उन्होंने पूजन-अर्चन के दौरान बिहार की सुख-शांति की कामना की. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए समृद्धि और प्रगति की कामना की. बिहार के विकास और कल्याण के लिए प्रार्थना की गई. लोकसेवक आवास में धार्मिक वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं. पूरे बिहार में श्रद्धा और उत्साह के साथ विश्वकर्मा पूजा पर्व मनाया जा रहा है. पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार के सहरसा जिले में पत्रकार के साथ सहरसा सदर अस्पताल के डॉक्टर एसके आजाद और उनके गुंडों के द्वारा किए गए मारपीट मामले को लेकर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन संघ बिहार और युवा पत्रकार संघ के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात किया और दोषी डॉक्टर पर शीघ्र कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन दिया.स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत इस मामले पर अब तक हुई कार्रवाई को लेकर जिला प्रशासन को तलब किया और बहुत जल्द इस मामले में दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई किए जाने को लेकर आश्वासन भी दिया. स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के दौरान श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव मुकुंद कुमार सिंह और युवा पत्रकार संघ के अध्यक्ष कुंदन कुमार ने निशांत कुमार से कहा कि जिस तरीके से सहरसा सदर अस्पताल में डॉक्टर एस के आजाद का वर्चस्व और खौफ है, इससे जनता के साथ-साथ पत्रकारों में भी आक्रोश है. डॉक्टर के द्वारा जिस वक्त पत्रकार के साथ मारपीट किया जा रहा था, उसी वक्त अस्पताल के एक कमरे में सिगरेट और शराब की वीडियो भी वायरल हुई थी. इससे यह साबित होता है कि डॉक्टर कहीं शराब के नशे में तो नहीं थे. इससे पहले भी सहरसा में डॉक्टर एस के आजाद के द्वारा इलाज में लापरवाही को लेकर मौत हुई थी और उस मामले में भी धरना प्रदर्शन से लेकर कैंडल मार्च तक हुआ था लेकिन कार्रवाई क्या हुआ इसकी जानकारी नहीं इसकी भी जांच की जाए. साथ ही अविलंब डॉक्टर एस के आजाद के सभी गतिविधियों की जांच कर उन्हें सहरसा जिले से हटाया जाए. क्योंकि उन पर यह आरोप है कि वह निजी अस्पताल भी चलाते हैं और अस्पताल के मरीजों को प्रलोभन देकर अपने निजी अस्पताल में भेज कर पैसा कमाते हैं. उनके इस रवैया से वहां के आम जनता में भी काफी आक्रोश है और पत्रकार पर हमले के बाद कभी भी पब्लिक का मूवमेंट उन पर टूट सकता है जिससे सरकार और विभाग दोनों की छवि खराब होगी.वहीं उनके साथ दिख रही हॉस्पिटल मैनेजर शिल्पी कुमारी जिन पर 2019 में शैक्षणिक योग्यता को लेकर आरोप लगे थे. वह कैसे सहरसा अस्पताल में मैनेजर के पद पर काबिज है, इसकी भी जांच किया जाए.पूरे मामले को गंभीरता से सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अविलंब उच्च पदाधिकारी से इस मामले में हुई अब तक की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है और बहुत जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात के दौरान बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के उपाध्यक्ष आफताब आलम सिद्दीकी, पटना जिला महासचिव प्रेम कुमार, संजय कुमार उर्फ गोलू, युवा पत्रकार संघ के अध्यक्ष कुंदन कुमार के साथ साथ नीरज उपाध्याय,शुभेंदु रमन, पंकज कुमार, कृपा शंकर , शिव कुमार अविनाश कुमार सिंह, सचिन तिवारी, अक्षय किशोर, ओम प्रकाश भी मौजूद थे. इसके अलावे कई मीडिया हाउस के सदस्य भी उपस्थित रहे.
पटना : बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच के बीच एक और बड़ा सवाल सामने आया है. आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU को परीक्षा केंद्रों के वीडियो फुटेज की जांच के दौरान कुछ ऐसे दृश्य मिले हैं, जिनमें वीक्षक परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह फुटेज पूर्णिया या गया के परीक्षा केंद्र का है. हालांकि, केवल वीडियो में मोबाइल दिखाई देने से परीक्षा केंद्र पर लगे जैमर के काम नहीं करने की पुष्टि नहीं होती है. EOU अब इस पूरे मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों का मिलान कर रही है.जांच के दौरान मोबाइल इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद अब परीक्षा केंद्रों पर जैमर की स्थिति और उसकी प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित केंद्र पर जैमर सही तरीके से काम कर रहा था या नहीं और परीक्षा के दौरान मोबाइल इस्तेमाल की अनुमति किस परिस्थिति में हुई.EOU दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ी शिकायतों और साक्ष्यों को लेकर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC को अब तक पांच पत्र भेज चुकी है. तीन सितंबर को एक, आठ सितंबर को दो और 15 सितंबर को दो पत्र भेजे गए. इन पत्रों के माध्यम से आयोग से कार्रवाई का विवरण, संबंधित जानकारी और वीडियो फुटेज मांगे गए हैं.पूर्णिया और गया से जुड़े मामलों में आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए फुटेज की जांच भी SIT कर रही है. बुधवार को EOU के ADG अमित कुमार जैन और DIG मानवजीत सिंह ढिल्लो ने SIT के अधिकारियों के साथ जांच की समीक्षा की.अब सभी साक्ष्यों और आयोग के जवाबों को जोड़कर समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदारी और गड़बड़ी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने करीब 10 हजार करोड़ रुपये की जरूरत का प्रारंभिक आकलन किया है. केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे के दौरान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने बाढ़ से हुई क्षति की प्रारंभिक रिपोर्ट उनके सामने रखी. हालांकि पानी पूरी तरह उतरने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा और 15 अक्टूबर के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार होने की बात कही गई है. ऐसे में नुकसान का आंकड़ा बढ़ने की संभावना भी जताई गई है.लोक सेवक आवास में हुई बैठक में जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, आपदा प्रबंधन, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभागों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी दी. शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग पानी उतरने के बाद अपनी विस्तृत क्षति रिपोर्ट तैयार करेंगे.राज्य सरकार की ओर से सभी जिलों में टीमें भेजकर स्थानीय स्तर पर नुकसान का आकलन कराया जाएगा. इसके आधार पर केंद्र सरकार को विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बाढ़ का संकट खत्म होने और पानी कम होने के बाद केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम बिहार भेजी जा सकती है.जल संसाधन विभाग ने भागलपुर के राघोपुर में मार्जिनल बांध के नए सिरे से निर्माण की जानकारी दी है. वाल्मीकिनगर बराज के समीप कमजोर बांध की मरम्मत और पुनपुन नदी के बांधों को मानसून से पहले मजबूत करने की भी तैयारी है.कृषि विभाग के अनुसार करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचने का प्रारंभिक आकलन है. धान, मक्का, सब्जी और केले की फसल प्रभावित हुई है. नुकसान के आकलन के बाद किसानों को इनपुट अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को ‘न्यू इंडिया का आर्किटेक्ट’ बताते हुए उनके स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया है.मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बिहारवासियों को भी शुभकामनाएं दीं. इस मौके पर उन्होंने राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी दी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना है.इसके तहत ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से बिहार के सभी प्रखंडों और विधानसभा क्षेत्रों में ‘सरकार आपके द्वार’ शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में आम लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की जाएगी.मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मार्च 2027 तक ‘कायाकल्प अभियान’ भी चलाएगी. इसके तहत विकास कार्यों को गति देने, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने और सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता तथा उनकी पहुंच को प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा.मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सफल जीवन की कामना करते हुए लोगों से ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील भी की. उन्होंने विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. इस अभियान के जरिए सेवा, विकास और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने की बात कही गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--