
मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026
Liveगया जी : बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए विभिन्न सेवा शिविरों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने शिविर संचालकों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली और देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की.डॉ. प्रेम कुमार सबसे पहले सेवार्थ फाउंडेशन के शिविर पहुंचे. फाउंडेशन की ओर से तीर्थयात्रियों के लिए चिकित्सा सुविधा, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. उन्होंने फाउंडेशन के सचिव उपेंद्र कुमार यादव से शिविर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और सेवा कार्य के लिए उनकी सराहना की.इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष मगध सब्जी प्रसंस्करण एवं वितरण सहभागी संस्था के स्टॉल पर पहुंचे, संस्था के चेयरमैन पप्पू चंद्रवंशी ने उन्हें शिविर के माध्यम से तीर्थयात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी दी.डॉ. प्रेम कुमार ने सुकन्या वेलफेयर एसोसिएशन तथा आर्किटेक्ट एंड इंजीनियर एसोसिएशन, गया के स्टॉल का भी निरीक्षण किया. उन्होंने सभी संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की.इस दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं. विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से लगाए गए सेवा शिविरों से तीर्थयात्रियों को चिकित्सा, पेयजल सहित कई जरूरी सुविधाएं मिल रही हैं. ऐसे सेवा कार्यों से श्रद्धालु गयाजी से बेहतर अनुभव और सकारात्मक संदेश लेकर लौटते हैं.वहीं सेवार्थ फाउंडेशन के सचिव उपेंद्र कुमार यादव ने बताया कि बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने उनके शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि सेवार्थ फाउंडेशन लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय है. संस्था की ओर से स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक सेवा के कार्य किए जा रहे हैं और पितृपक्ष मेले के दौरान भी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शिविर लगाया गया है.गया से प्रदीप कुमार सिंह रिपोर्ट-
नवादा : बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. इस बीच जदयू विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में खुलकर मैदान में उतर गए हैं. अनंत सिंह पहले ही अनुज सिंह को समर्थन देने की घोषणा कर चुके हैं. शनिवार को अनंत सिंह पटना से डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो करते हुए नवादा जिले के वारिसलीगंज पहुंचे. यहां शहीद चंदन सिंह चौक पर उन्होंने माल्यार्पण किया. इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग मौजूद रहे. यहाँ से अनंत सिंह पकरीबरावाँ की ओर प्रस्थान कर चुके हैं. इसके बाद वे बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री ‘बिहार केसरी’ श्रीकृष्ण सिंह के खनवाँ गाँव पहुँचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे. रोड शो को लेकर इलाके में काफी उत्साह देखने को मिला. अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपने रुख को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है और अनुज सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार करने की बात कही है. वहीं, जदयू की ओर से भी उनके इस कदम को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव में जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज समर्थित डॉ. अनुज सिंह के बीच मुकाबला है. ऐसे में अनंत सिंह के समर्थन और उनके रोड शो ने चुनावी गतिविधियों को और चर्चा में ला दिया है.नवादा से दिनेश कुमार की रिपोर्ट-
पटना : दुर्गापूजा के मौके पर पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. श्रद्धालु अब मंदिर परिसर में अपने नाम और गोत्र से कलश स्थापित करवाकर माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना और पाठ करवा सकेंगे. मंदिर में कलश स्थापना कर माँ भगवती की आराधना करने का यह पवित्र विधान बीते कई वर्षों से लगातार चला आ रहा है.वेबसाइट के माध्यम से भी करा सकते हैं बुकिंग...श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि बीते वर्षों की तरह इस वर्ष भी नवरात्र के मौके पर कलश स्थापना की व्यवस्था की गई है. जो भी श्रद्धालु नवरात्र में अपने नाम से अनुष्ठान कराना चाहते हैं, वे मंदिर के बुकिंग काउंटर या मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. विभिन्न अनुष्ठानों के लिए निर्धारित शुल्क...दुर्गासप्तशती पाठ (सम्पुट) — शुल्क: ₹ 2310विवरण: श्रीदुर्गासप्तशती में सात सौ मन्त्र हैं. विभिन्न कामनाओं की सिद्धि के लिए 13 अध्यायों के इन सात सौ मन्त्रों में से प्रत्येक के आगे-पीछे विशेष बीजमन्त्र जोड़कर सम्पुट पाठ किया जाता है. एक सामान्य पाठ की तुलना में इस सम्पुट पाठ में तीन गुना अधिक समय लगता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पाठ अत्यंत फलदायी माना गया है.दुर्गासप्तशती पाठ (साधारण) - शुल्क: ₹ 1110विवरण: देवी की उपासना में यह पाठ सर्वाधिक प्रसिद्ध है. इसके अंतर्गत अर्गला, कीलक, कवच, शापोद्धार, शतनाम, मूल 13 अध्याय एवं अंत में ऋग्वेद के देवी-सूक्त का पाठ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाता है. इस अनुष्ठान को पूर्ण होने में लगभग ढाई घंटे का समय लगता है.कलश स्थापन/दुर्गा पाठ सहित (नौ दिन) - शुल्क: ₹ 8250विवरण: कलश स्थापना, जिसे घटस्थापना भी कहा जाता है, नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य अंग है. यह नौ दिनों की अवधि तक चलने वाला विशेष अनुष्ठान है, जिसमें देवी के नौ स्वरूपों की निरंतर पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में हाल में आई बाढ़ की स्थिति को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रेस प्रतिनिधियों को जानकरी देते हुए कहा कि राज्य में गंडक नदी के जलस्तर में हुई अभूतपूर्व वृद्धि और उससे उत्पन्न बाढ़ की गंभीरता को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वैज्ञानिक उपग्रह आंकड़ों के माध्यम से दर्ज किया गया है. NASA Earth Observatory ने 2 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट “Rains Swamp the Gandak River” में नेपाल और भारत में गंडक नदी के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने तथा इसके कारण बड़े क्षेत्र में आई बाढ़ का विस्तृत उल्लेख किया है. विजय चौधरी ने कहा कि NASA की रिपोर्ट के अनुसार 24 से 27 सितंबर के बीच नेपाल के पर्वतीय लुंबिनी और गंडकी प्रांतों में अत्यधिक बारिश हुई. इस भारी वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुईं और गंडक नदी, जिसे नेपाल में नारायणी के नाम से भी जाना जाता है, नेपाल तथा भारत के कई हिस्सों में रिकॉर्ड जलस्तर तक पहुंच गई. इसके परिणामस्वरूप नदी की जलधारा से जुड़े क्षेत्रों में पानी का फैलाव बढ़ा और कई स्थानों पर तटबंधों के ऊपर से पानी बहने तथा उनके टूटने की घटनाएं सामने आईं. उन्होंने बताया कि NASA के सैटेलाइट से 20 सितंबर और 29 सितंबर 2026 को प्राप्त तस्वीरों के तुलनात्मक अध्ययन से बाढ़ के विस्तार का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण मिलता है. इन तस्वीरों में विभिन्न क्षेत्रों में फैले बाढ़ के पानी तथा नदी के आसपास जलमग्न क्षेत्रों को देखा जा सकता है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट में नेपाल के देवघाट में 27 सितंबर को गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर तक पहुंचने की जानकारी दी गई है, जो वहां 1960 के दशक में शुरू हुए जलस्तर मापन के बाद सबसे अधिक था. इसी प्रकार भारत में गंडक नदी के किनारे स्थित बगहा, डुमरियाघाट, रेवा घाट और लालगंज जैसे स्थानों पर भी नए उच्चतम जलस्तर दर्ज किए जाने का उल्लेख किया गया है. चौधरी ने कहा कि NASA की यह रिपोर्ट इस बात को रेखांकित करती है कि इस बार गंडक नदी में बाढ़ की स्थिति सामान्य मौसमी परिस्थितियों से अलग और अत्यधिक वर्षा से उत्पन्न असाधारण जलप्रवाह से जुड़ी रही. नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हुई भारी बारिश का प्रभाव बिहार में नदी के जलस्तर और पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और मुजफ्फरपुर जिलों के कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ के रूप में दिखाई दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. वैज्ञानिक एवं उपग्रह आधारित आंकड़ों से प्राप्त सूचनाएं बिहार में बाढ़ की असाधारण स्थिति को समझने और उसके विस्तार का आकलन करने हेतु उपयोगी और मददगार हैं.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां पुलिस ने सूखे नशे के खिलाफ गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए कुल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई अगमकुआं थाना क्षेत्र के टीवी टावर के पास की है. बताया जा रहा है कि पुलिस ने टीवी टावर के पास छापेमारी कर 4 लोगों को 415 पीस नशीले इंजेक्शन के साथ पकड़ा है. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जीएम रोड स्थित यूनिक फार्मा की दुकान और गोदाम में छापेमारी की. पुलिस के मुताबिक, यहां से करीब 5,500 पीस नशीली टैबलेट और 3,875 पीस नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए. इस कार्रवाई में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया. कुल मिलाकर मामले में छह आरोपियों को पकड़ा गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विक्रांत कुमार, आदित्य राज, अनिल कुमार, पंकज पासवान, अफगान आलम और शहजाद आलम के रूप में हुई है. पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर नशीली दवाओं के नेटवर्क और सप्लाई चैन की जानकारी जुटा रही है. मामले में पूर्वी एसपी शैलजा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर आगे भी छापेमारी की जा रही है. मामले में कांड दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है. पटना से विवेक कुमार रॉय की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में पर्व के दौरान केले की मांग बढ़ी हुई है, लेकिन विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बाधित होने से कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है. नवगछिया से बड़ी मात्रा में केला भागलपुर के बाजार में पहुंचता है. पुल बंद होने के कारण अब कारोबारियों को गंगा पार करने के लिए जहाज का सहारा लेना पड़ रहा है. इससे केले को बाजार तक पहुंचाने में समय और परिवहन लागत दोनों बढ़ गए हैं.कारोबारियों के मुताबिक, पहले नवगछिया से भागलपुर तक केला पहुंचाना अपेक्षाकृत आसान था, लेकिन अब जहाज के समय और उपलब्धता पर निर्भर रहना पड़ रहा है. पर्याप्त यात्री होने के बाद ही जहाज रवाना होता है, जिससे कारोबारियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. खैरपुर निवासी एक कारोबारी के अनुसार, नवगछिया से सुबह आठ बजे निकलने के बाद भागलपुर के तिलकामांझी बाजार पहुंचने में करीब पांच घंटे लग गए.इसका सीधा असर केले की कीमत पर भी दिखाई दे रहा है. कारोबारियों के अनुसार, नवगछिया में केला करीब 20 से 25 रुपये दर्जन मिल रहा है, जबकि भागलपुर बाजार में परिवहन खर्च और समय बढ़ने के कारण इसकी कीमत 30 से 35 रुपये दर्जन तक पहुंच गई है.इसी तरह पहले करीब 200 रुपये सैकड़ा बिकने वाला केला अब 250 रुपये सैकड़ा तक पहुंच गया है. पर्व के समय मांग होने के बावजूद आवागमन की समस्या के कारण बिक्री सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पा रही है. कारोबारियों का कहना है कि पुल बंद रहने तक परिवहन लागत और समय की समस्या बनी रहने की आशंका है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने कहा कि नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा और वाल्मीकि नगर बराज से छोड़े गए पानी के बाद बिहार में बाढ़ का प्रकोप अत्यंत भयावह हो गया है. उत्तर बिहार के छह जिलों पश्चिम चंपारण,पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, वैशाली और सारण जिले के लाखों की आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है. राज्य सरकार बाढ़ की त्रासदी रोकने में विफल साबित हुई है. हजारों घर बाढ़ के पानी में डूब गए हैं तो दो दर्जन से अधिक लोगों की मौत बाढ़ की पानी में डूबने से हो गई है. 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की फसल की क्षति हुई है. दर्जनों तटबंध और सड़के टूट गई है. सरकार का बाढ़ राहत का कार्य भी फ्लॉप है. बाढ़ पूर्व सरकार की सभी तैयारियां फिसड्डी साबित हुई है. भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि बिहार एक साथ बाढ़ और सूखे की त्रासदी झेल रहा है. लेकिन केंद्र सरकार द्वारा सहायता की कोई घोषणा नहीं की गई. केंद्र सरकार बाढ़ और सूखे को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सरकार से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाने, सभी मृतक के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने, जिसका घर बाढ़ में गिर गया है उसे पक्का मकान देने और प्रति एकड़ 50 हजार रुपये की दर से फसल का क्षति मुआवजा देने की मांग करती है.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना : भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं. 1 अक्टूबर को चुनाव आयोग द्वारा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव आयुक्तों के नाम पत्र जारी किया गया है जिसमें जिन लोगों के नाम SIR के बाद भी मतदाता सूची से बाहर है और फर्स्ट टाइम वोटर हैं ,उनके नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.भाकपा माले महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, और आयोग से पांच सवाल पूछा है. उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग (ईसीआई) चाहता है कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) एक महीने के भीतर उन मतदाताओं तक पहुंचें, जिन्हें वह 'छूटे हुए' मतदाता बता रहा है. लेकिन ये मतदाता छूटे हुए नहीं हैं. इनमें से ज्यादातर को जानबूझकर और चुन-चुनकर मतदाता सूची से बाहर किया गया है. उन्होंने पार्टी के जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हमने बिहार के कुछ चुनिंदा बूथों पर घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं का सर्वे किया और पाया कि एसआईआर के तहत कम से कम 17 प्रतिशत मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे गए हैं.दूसरे शब्दों में, चुनाव आयोग अब खुद मान रहा है कि एसआईआर की प्रक्रिया में लाखों मतदाताओं को वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया है. अब पांच अहम सवाल हैं, जिनका जवाब चुनाव आयोग को देना होगा.1. इन मतदाताओं से फॉर्म-6 क्यों भरवाया जाना चाहिए, जबकि यह फॉर्म पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के लिए है? गलती चुनाव आयोग की है. उसे अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और खुद उसे सुधारना चाहिए.2. एसआईआर की असलियत अब सबके सामने है. यह मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित करने का हथियार और साजिश है. इसे तत्काल रद्द किया जाए, इसके असर को पलटा जाए और जिन-जिन मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे गए हैं, उनका वोट का अधिकार तुरंत बहाल किया जाए.3. बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटने का असर सिर्फ उन मतदाताओं पर ही नहीं पड़ा है, जिन्हें वोटर लिस्ट से बाहर किया गया. इससे चुनाव की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई है और कई मामलों में चुनाव के नतीजे भी प्रभावित हुए हैं. दोबारा मतदान के अलावा इस नुकसान की भरपाई कैसे हो सकती है?4. वोट से बेदखली के इस जबरन बुलडोजर अभियान के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्हें अपना जुर्म कबूल कर तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. 2023 का वह कानून भी रद्द किया जाए, जिसने सत्ता में बैठी सरकार को अपनी पसंद के चुनाव आयुक्त चुनने की खुली छूट दे दी और आयुक्तों को आजीवन कानूनी कार्रवाई से छूट देकर देश के कानून से ऊपर बिठा दिया. चुनाव आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.5. मतदाता सूची की "सफाई" के नाम पर इस काले कारनामे को अंजाम देने का काम ज्ञानेश कुमार को सौंपा गया, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह ने इसके लिए ही नियुक्त किया था. अब जब इस जुर्म में ज्ञानेश कुमार की भूमिका पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है, तो क्या मोदी और शाह इस साजिश में अपनी मिलीभगत के लिए जवाबदेही से बच सकते हैं?पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंडक नदी में आई बाढ़ को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.03 अक्टूबर को 7, सर्कुलर रोड स्थित अपने आवासीय कार्यालय में नीतीश कुमार ने नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण गंडक नदी में आई बाढ़ को लेकर आपदा प्रबंधन मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की. इस दौरान जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, ग्रामीण विकास मंत्री एवं जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ और मुख्य सचेतक संजय गांधी समेत अन्य नेता मौजूद रहे.नीतीश कुमार ने कहा कि नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी में आई बाढ़ और तटबंध टूटने से सारण समेत छह जिलों के करीब ढाई सौ गांव और तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की अन्य नदियां भी उफान पर हैं. ऐसी स्थिति में प्रभावित लोगों को सरकार से विशेष तत्परता की अपेक्षा रहती है.आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने नीतीश कुमार को सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी दी. इस पर नीतीश कुमार ने संतोष व्यक्त किया और राहत कार्यों में और तेजी लाने पर जोर दिया.उन्होंने कहा कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का होता है. उन्होंने सरकार से आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखने को कहा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : बिहार में गंगा के ऊपर पटना और सोनपुर को जोड़ने वाले प्रस्तावित रोपवे को लेकर बड़ी घोषणा हुई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार इन्वेस्टर मीट के दौरान कहा कि पटना-सोनपुर रोपवे का निर्माण कार्य अगले पांच महीने में शुरू होगी. करीब सात किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित रोपवे के जरिए पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र को सोनपुर के प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर से जोड़ने की योजना है.प्रस्तावित रोपवे गंगा नदी के ऊपर से गुजरेगा. इसके बनने के बाद पटना से सोनपुर जाने वाले लोगों को सड़क और पुल के अलावा एक नया परिवहन विकल्प मिल सकेगा. खास तौर पर हरिहरनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और सोनपुर पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है.मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा. सरकार बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दे रही है. पटना-सोनपुर रोपवे को इसी व्यापक योजना का हिस्सा बताया गया है.मुख्यमंत्री पहले भी श्रावणी मेला के उद्घाटन के दौरान पटना और सोनपुर के बीच रोपवे की योजना का जिक्र कर चुके हैं. अब इन्वेस्टर मीट में इसके निर्माण कार्य को अगले पांच महीने में शुरू करने की बात सामने आई है.बिहार में गंगा पर रोपवे की एक और योजना भी प्रस्तावित है. भागलपुर में सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम को अगुवानी गंगा घाट से जोड़ने वाले रोपवे की योजना पर भी चर्चा हो चुकी है.फिलहाल पटना-सोनपुर रोपवे की लागत, स्टेशनों की संख्या और विस्तृत तकनीकी स्वरूप से जुड़ी जानकारी सामने आना बाकी है. प्रस्तावित परियोजना के आगे बढ़ने के साथ इन पहलुओं पर तस्वीर साफ होगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में संकट के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार के हनुमान चालीसा पढ़ने की बात सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से वीडियो कॉल पर बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया कि मुश्किल घड़ी में वह हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे. इसी प्रसंग पर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रतिक्रिया दी है.धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान चालीसा के पाठ को आत्मविश्वास और साहस से जोड़ते हुए कहा कि इससे व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों का सामना करने का हौसला मिलता है. फ्लाईदुबई की घटना में कैप्टन स्मित घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे. इसके बाद यात्रियों और क्रू की मदद से स्थिति संभाली गई और विमान की सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. विमान में कुल 174 लोग सवार थे.2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उनके साहस की सराहना की. बातचीत के दौरान कैप्टन ने बताया कि दर्द और संकट के बीच वह हनुमान चालीसा पढ़ते रहे और इस दौरान भावुक भी हो गए.इस पूरे घटनाक्रम के बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बिहार कनेक्शन भी चर्चा में है. बक्सर में उनकी कथा का कार्यक्रम नवंबर में प्रस्तावित बताया गया है. बिहार में उनके कार्यक्रमों को लेकर अनुयायियों में उत्सुकता रहती है.वहीं, 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई घटना की जांच अभी जारी है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार सह-पायलट के हमले के बाद विमान में संकट पैदा हुआ, लेकिन कैप्टन और अन्य लोगों की मदद से स्थिति संभाली गई और विमान को सुरक्षित उतारा गया. कैप्टन स्मित के हनुमान चालीसा पढ़ने का प्रसंग अब इस घटना का एक अलग पहलू बन गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
जमुई : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को जमुई जिले के चकाई प्रखंड में 4000 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन एशिया के सबसे बड़े इथेनॉल फैक्ट्री का निरीक्षण किया. इस दौरान उनके साथ परिवहन मंत्री दामोदर रावत और उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह मौजूद रही. अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के इस प्लांट के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा - "बिहार में उद्योग का जाल बिछ रहा है और जमुई में भी उद्योग का जाल बिछेगा."उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का लक्ष्य है कि जमुई जैसे सीमांत जिले में भी बड़े उद्योग लगे ताकि पलायन रुके और युवाओं को यहीं रोजगार मिले. इस प्लांट से 5000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.वहीं उद्योग मंत्री श्रेयशी सिंह ने कहा कि जमुई में उद्योग के लिए बेहतर माहौल है और सरकार हर निवेशक को पूरी मदद दे रही है. जमुई से सदानंद कुमार की रिपोर्ट-
पटना : शहर में जाम और बेतरतीब पार्किंग की समस्या से निबटने के लिए 33 स्थानों पर स्थायी ट्रैफिक पोस्ट बनाये जायेंगे. इसके लिए पुलिस मुख्यालय से मंजूरी मिल गयी है. इन सभी पोस्ट पर ट्रैफिक पदाधिकारी और जवानों की तैनाती होगी. इससे प्रमुख चौराहों, व्यस्त सड़कों और जाम वाले इलाकों में यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी.इन 33 ट्रैफिक पोस्ट में 10 जगहों पर विशेष सुविधाओं वाले पोस्ट बनाये जायेंगे. यहां पुलिसकर्मियों के बैठने के साथ पेयजल और शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इनमें आरएन सिंह मोड़ के दक्षिण, पटेल गोलंबर, करबिगहिया स्टेशन, रूपसपुर पुल के नीचे, दानापुर स्टेशन, अदालतगंज जाने वाले रास्ते के पास इस्कॉन मंदिर, जगजीवन गोलंबर, पटना जू गेट नंबर-1, करबिगहिया बाध मोड़ गोलंबर और राजीव नगर आरओबी के नीचे शामिल हैं.इसके अलावा 23 अन्य स्थानों पर भी स्थायी ट्रैफिक पोस्ट बनेंगे. इनमें भिखारी ठाकुर आरओबी, पंचरूपी हनुमान मंदिर बेली रोड, जगनपुरा मोड़, 70 फीट, कृष्णा घाट अशोक राजपथ, मखनिया कुआं दक्षिणी, महादेव स्थान बाइपास मोड़, पैजावा मोड़, बैरिया बस स्टैंड, संपतचक, गांधी सेतु के पिलर नंबर-46, बेलदारीचक, राजेंद्र नगर पुल के नीचे, सिपारा पुल के नीचे और पटना जंक्शन के समीप पिलर नंबर 3-4 शामिल हैं.जमाल रोड, परेव चेक पोस्ट, अमराहा, सरमेरा मोड़, मीठापुर सब्जी मंडी और रामजीचक दीघा पुल के नीचे भी ट्रैफिक पोस्ट बनाये जायेंगे. स्थायी पोस्ट बनने के बाद पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और जाम तथा अव्यवस्थित पार्किंग पर निगरानी और कार्रवाई को मजबूत करने में मदद मिलेगी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. गांधी घाट पर शुक्रवार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 49.69 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.09 मीटर ऊपर है. हालांकि 24 घंटे में जलस्तर में केवल दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन घाटों और निचले इलाकों में पानी का फैलाव लगातार बढ़ रहा है.कलेक्ट्रेट घाट की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी अब सड़क पर फैल गया है. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सड़क पर बैरिकेडिंग कर लोगों को आवाजाही से रोक दिया है. दीघा घाट पर जलस्तर 50.77 मीटर पर स्थिर है, लेकिन पानी बिंद टोली के घरों के बिल्कुल करीब पहुंच गया है.कंगन घाट से किला रोड की ओर पानी फैलने के कारण लगातार तीसरे दिन आवागमन प्रभावित है. वहीं भद्र घाट और महावीर घाट पर भी बैरिकेडिंग के कारण पहले से आवाजाही बंद है.प्रशासन ने घाटों पर स्नान और अन्य गतिविधियों के लिए पहुंच रहे लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है. मनेर में गंगा का जलस्तर 52.58 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 58 सेंटीमीटर ऊपर है. हाथीदह में जलस्तर 42.68 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 92 सेंटीमीटर अधिक है.पुनपुन नदी श्रीपालपुर में खतरे के निशान से 99 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि दरधा नदी के कोल्हाचक में जलस्तर खतरे के निशान से 2.25 मीटर ऊपर दर्ज किया गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
Delhi :दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में IRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपी पेश हुए. हालांकि, आरोप तय करने की औपचारिक कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी. अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है.मामला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे. जांच एजेंसियों का आरोप है कि रेलवे के रांची और पुरी स्थित BNR होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका सुजाता होटल्स को देने में कथित अनियमितताएं हुईं. एजेंसियों के अनुसार, इसके बदले पटना में जमीन से जुड़े लेन-देन किए गए.ED की जांच में जमीन और उससे जुड़ी कंपनी के शेयरों के हस्तांतरण को भी मामले से जोड़ा गया है. एजेंसी का आरोप है कि बाद में संबंधित कंपनी पर राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का नियंत्रण हुआ.कोर्ट ने 10 सितंबर को कुल 16 आरोपियों में से नौ के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था. इनमें लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव के अलावा प्रेम चंद गुप्ता, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर शामिल हैं. सात आरोपियों को डिस्चार्ज किया गया था.लालू परिवार आरोपों से इनकार करता रहा है. आरोप तय करने का आदेश दोषसिद्धि नहीं है. मामले में CBI और ED की जांच अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ रही है.संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना : बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के चेयरमैन डॉ. रणबीर नंदन ने पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर राज्य के मठ-मंदिरों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की.इस दौरान मठ-मंदिरों की जमीन पर हुए अतिक्रमण से संबंधित विस्तृत सूची मुख्यमंत्री जी को सौंपी तथा इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया. साथ ही, राज्य के सभी जिलाधिकारियों को न्यास गठन के संबंध में पत्र भेजे जाने की जानकारी भी साझा की.गुलजारबाग स्थित ऐतिहासिक सर्वमंगला मंदिर के विकास का विषय भी प्रमुखता से रखा, ताकि इस प्राचीन धार्मिक स्थल को नई पहचान मिल सके और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सके.इसके अतिरिक्त, दिसंबर माह में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा आयोजित होने वाले ‘धार्मिक युवा महासंगम’ में मुख्यमंत्री जी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. उन्होंने आमंत्रण स्वीकार करते हुए पर्षद के सदस्यों एवं कर्मचारियों के साथ विशेष बैठक करने के प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की.हमारा संकल्प है कि बिहार के मठ-मंदिरों की संपत्तियों का संरक्षण हो, अतिक्रमण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई हो और धार्मिक स्थलों का समुचित विकास सुनिश्चित किया जाए.पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट-
पटना : बड़ी खबर पटना से है जहां राजीव नगर थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी रोड नंबर-4 में शनिवार सुबह रिटायर्ड इंजीनियर की गोली लगने से मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है.बताया जा रहा है कि राजीव नगर थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी में मोतिहारी के रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर आलोक कुमार की गोली लगने से मौत हो गई. वो कोल इंडिया की कंपनी सीसीएल से करीब पांच-छह साल पहले रिटायर हुए थे और झारखंड में रहते थे. जानकारी के मुताबिक, आलोक कुमार तीन दिन पहले पटना में अपनी बहन से मिलने आए थे. वह विद्या विहार अपार्टमेंट में अपनी बहन के परिवार के साथ ठहरे हुए थे. शनिवार सुबह वह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे. कुछ देर बाद उनका शव फ्रेंड्स कॉलोनी रोड नंबर-4 में एक कार के अंदर मिला. मृतक के बहनोई विनोद कुमार ने बताया कि सुबह गार्ड ने उन्हें कार में एक व्यक्ति के होने की जानकारी दी. मौके पर पहुंचने पर उन्होंने आलोक कुमार को कार में देखा. उन्होंने बताया कि आलोक कुमार की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उनके बच्चे बाहर रहते हैं. परिवार के मुताबिक, शुक्रवार रात सभी ने साथ में खाना खाया था और किसी खास परेशानी की जानकारी उन्होंने साझा नहीं की थी. घटना की सूचना मिलते ही राजीव नगर पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और ने घटनास्थल से एक पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किया है. पुलिस आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है. मौत की सही वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद स्पष्ट होगी. पटना से विवेक कुमार रॉय की रिपोर्ट-
बेगूसराय : बड़ी खबर बेगूसराय से है जहां बरौनी प्रखंड क्षेत्र में सिमरिया भोला स्थान गंगा घाट पर शनिवार सुबह गंगा स्नान करने के दौरान गहरे पानी में जाने से 2 युवक डूब गए. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की जुट गई है. वहीं सूचना मिलने के करीब 2 घंटे के बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच कर डूबे युवकों की खोजबीन में जुट गई है. लेकिन अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है.बताया जा रहा है कि दो दोस्त शनिवार सुबह साइकिल से स्नान करने के लिए आए थे. ईल से करीब चार किलोमीटर दूर सिमरिया भोला स्थान घाट के समीप साइकिल लगाकर दोनों स्नान करने गए. लेकिन गहराई का पता नहीं चलने से दोनों युवक डूबने लगे. दोनों को डूबता देखकर घाट पर अफरा तफरी मच गई. घाट पर स्नान कर रहे लोगों ने कपड़ा फेंककर दोनों को बचाने का प्रयास किया. लेकिन किनारे में ही पानी अधिक रहने और गंगा की धार काफी तेज रहने से सफल नहीं हो सके. वहीं पानी अधिक रहने के कारण लोगों ने उतर कर बचाना भी मुश्किल समझा. इसके बाद उसके परिजनों एवं प्रशासन को घटना की सूचना दी गई. स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और खोजबीन शुरू किया गया, लेकिन कुछ पता नहीं चला. एसडीआरएफ को सूचना दी गई तो एसडीआरएफ की टीम खोजबीन में जुटी हुई है. दोनों युवकों के डूबने से परिवार में कोहराम मच गया. युवकों की पहचान गढ़हारा थाना क्षेत्र के गढ़हारा गोढ़ियारी मुहल्ला के रहने वाले प्रताप सहनी के पुत्र अंकित कुमार (20) एवं बिरजू राम के पुत्र शुभम कुमार (18) के रूप में की गई है.
सीतामढ़ी : इस वक्त की बड़ी खबर बिहार के सीतामढ़ी से है जहां बैरगनिया में शनिवार की अहले सुबह खेत में बिछाए गए बिजली के करंट लगने से भैंस खोजने गए 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. घटना से इलाके में सनसनी है. बताया जा रहा है कि बैरगनिया में शनिवार की सुबह स्थानीय कुछ लोग अपनी गुम हुई भैंस को खोजने के लिए निकले थे. सुबह करीब 3 बजे अंधेरा होने के कारण धान के खेत में बिछे विद्युत तार की चपेट में आने से 3 व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि कुछ अन्य लोग जख्मी हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है. वहीं, इस खेत में दो जंगली सूअर भी मृत पाए गए हैं. घटना स्थल पर चीख पुकार मचा हुआ है और ग्रामीणों की काफी भीड़ लगी हुई है. कहा जा रहा है कि स्थानीय किसान अक्सर जंगली जानवरों से अपनी फसल को बचाने के लिए इस तरह बिजली के तारों को बिछाकर रखते हैं. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच कर तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. वहीं बिजली कटवाकर पुलिस पूरी इलाके की जांच पड़ताल कर रही है. सीतामढ़ी से राहुल कुमार लाठ की रिपोर्ट-