

शनिवार, 19 सितंबर 2026
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धनबाद:जिले में देश की जानी-मानी होम अप्लायंसेज कंपनी यूनाइटेड एकता इंजीनियरिंग उद्योग एवं जुंटो होम प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से भव्य डीलर मीट का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में श्री गणेश एंटरप्राइजेज (SGE) के जाने-माने डिस्ट्रीब्यूटर अंकित सिंह सहित बड़ी संख्या में डीलर एवं विक्रेता बंधुओं ने हिस्सा लिया.मौके पर कंपनी के ईस्ट इंडिया हेड श्री विकास झा ने कहा कि कंपनी के होम अप्लायंसेज उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद हैं, जिन्हें ग्राहकों को बेहतर एवं आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध कराया जा रहा है.उन्होंने बताया कि कंपनी अपने उपभोक्ताओं को पांच वर्ष की गारंटी एवं वारंटी प्रदान करती है और उसका बकायदा निर्वाह भी करती है.उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता, उचित मूल्य और भरोसेमंद सेवा कंपनी की प्रमुख विशेषताएं हैं,जो इसे अन्य कंपनियों से अलग और बेहतर बनाती हैं.कंपनी के ASM दीपक लाल वर्मा ने भी डीलरों को कंपनी की आगामी योजनाओं एवं बिक्री रणनीति की जानकारी दी. आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए डीलरों के लिए विशेष आकर्षक स्कीम एवं गिफ्ट की भी घोषणा की गई.इस दौरान कंपनी के अधिकारियों ने डीलरों के साथ उत्पादों की गुणवत्ता, बिक्री बढ़ाने की रणनीति एवं आगामी व्यावसायिक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की.कार्यक्रम में गणेश एंटरप्राइजेज (SGE) के डिस्ट्रीब्यूटर अंकित सिंह,ईस्ट इंडिया हेड श्री विकास झा एवं ASM श्री दीपक लाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में डीलर एवं विक्रेता मौजूद रहे. डीलर मीट को लेकर सभी में काफी उत्साह देखने को मिला.
धनबाद:जिले केनिरसा थाना क्षेत्र के चापापुर ओसीपी क्षेत्र में रविवार को सीआईएसएफ जवानों और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई है.जिसके के बाद तनाव की स्थिति बनी हुई है.आरोप है कि चापापुर ओसीपी के पास लकड़ी चुनने जा रही एक महिला को कोयला चोर बताकर सीआईएसएफ जवानों ने पिटाई कर दी. महिला के साथ मारपीट की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. आक्रोशित ग्रामीणों ने सीआईएसएफ वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए जवानों से भिड़ गए.स्थिति बिगड़ते देख जवानों द्वारा फायरिंग करने का भी आरोप है, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया. घटना के बाद सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर जुटे और घायल महिला के समुचित इलाज व मुआवजे की मांग पर डटे हुए हैं.मामले की जानकारी मिलते ही जेएमएम नेता प्रशांत हेंब्रम मौके पर पहुंचे और दोषी जवानों पर कार्रवाई की मांग की. फिलहाल मौके पर तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है.
धनबाद:जेपीएससी,सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के विरोध में गुरुवार को बीजेपी ने जोरदार प्रदर्शन किया. राज्यव्यापी आंदोलन के तहत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं ने समाहरणालय के समक्ष एकजुट हुए और हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की. इस दौरान नेताओं ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया.धनबाद समाहरणालय के सामने बीजेपी का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. जेपीएससी, सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.प्रदर्शन को संबोधित करते हुए बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर नौकरियों तक में कथित तौर पर ‘मेनू कार्ड’ चल रहा है और युवाओं का भविष्य बेचा जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि भर्ती के नाम पर साढ़े 10 हजार करोड़ रुपये की वसूली की गई है. साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर कथित भ्रष्टाचार में शामिल दोषियों को जेल भेजा जाएगा.धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकारी सीटें लाखों रुपये में बेची जा रही हैं. उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीआईडी नहीं, बल्कि सीबीआई जांच जरूरी है. सांसद ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा नहीं करती है,तो पार्टी अदालत का दरवाजा खटखटाएगी.नेताओं ने कहा कि युवाओं के अधिकार और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी.उन्होंने साफ किया है कि जरूरत पड़ी तो यह आंदोलन सड़क से लेकर अदालत तक ले जाया जाएगा.
धनबाद: शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके बैंक मोड़ में आज एक ट्रैफिक जवान की लोगों ने जमकर फजीहत कर दी. ड्यूटी में तैनात ट्रैफिक जवान पर एक राह चलती महिला को धक्का देने का गंभीर आरोप लगा है.बताया जा रहा है कि महिला सड़क पार कर रही थी, इसी दौरान जवान ने उसे धक्का दे दिया, जिससे महिला औंधे मुंह सड़क पर गिरकर घायल हो गई. महिला के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई.इस घटना से आक्रोशित वहां मौजूद लोगों ने ट्रैफिक जवान को घेर लिया और उसकी इस हरकत का जमकर विरोध किया. काफी देर तक लोगों और ट्रैफिक जवान के बीच तीखी नोक-झोंक होती रही. लोगों का कहना था कि सुरक्षा करने वाले ही इस तरह का बर्ताव करेंगे तो आम लोग कहां जाएंगे. बाद में स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल महिला को इलाज के लिए पास के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया.
बाघमारा में एक फिर भू-धंसान की घटना हुई है. जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ 10 नम्बर तीन पटिया धोड़ा में मंगलवार सुबह बड़ी भू-धंसान की घटना में कई घर जमींदोज हो गया,एक बड़ा क्षेत्र में जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें आई है. घटना में दो बच्चे सहित आधा दर्जन महिलाएं घायल हो गई है.आनन-फानन में सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई है. मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है. स्थानीय लोगो में दहशत,बीसीसीएल जिला प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है.वहीं,आक्रोशित लोगों ने सिजुआ धनबाद मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर प्रदर्शन कर रहे. ग्रामीणों द्वारा मुआवजा और पुनर्वास की मांग की जा रही है. घटना के बाद बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया.
धनबाद: जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नगरकियारी पंचायत के जीतपुर टोला रांगाटांड से पियरसाल तक तेरह सौ बीस मीटर डीएमएफटी फंड से पीसीसी सड़क निर्माण कार्य मरचो पंचायत में पैक्स गोदाम ओर पांडुकी पंचायत में पैक्स गोदाम का शिलान्यास सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने किया। यह सड़क ग्रामीण पथ निर्माण विभाग द्वारा बनवाई जा रही है। रांगाटांड ,जीतपुर से पियरसाल, परसबनिया, नौडीहा, सिमरिया टांड गांव के लोगों के लिए राहत भरी होगी गांव में अब तक पक्की सड़क नहीं थी। खासकर बारिश के दिनों में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।ग्रामीणों ने सड़क बनवाने के लिए खुद पहल करते हुए 8 कट्ठा जमीन खरीद कर दान दी,ताकि गांव में पक्की सड़क बन सके। इस सड़क के बनने से करीब 800 ग्रामीणों को पक्की सड़क की सुविधा मिलेगी। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में काफी खुशी देखी गई।
धनबाद: झरिया में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना से हड़कंप मच गया है. लोदना थाना क्षेत्र के बरारी छह नंबर बस्ती में गुरुवार को जोरदार धमाके के साथ अचानक जमीन धंस गई. जमीन में गहरी दरारें पड़ गई और दरारों से जहरीला धुआं निकलने के साथ आग की लपटें भी दिखाई देने लगी. घटना के बाद आस-पास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि जमीन के नीचे आग और जहरीली गैस का खतरा बढ़ सकता है.वहीं, भू-धंसान वाली जगह के पास से लक्ष्मी कॉलोनी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी गुजरती है. लोगों को डर है कि अगर भू-धंसान का दायरा बढ़ा तो सड़क भी इसकी चपेट में आ सकती है. स्थानीय नेता सबूर गोराई ने घटना के पीछे अवैध कोयला खनन और कथित अवैध सुरंगों को जिम्मेदार ठहराते हुए बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है.सूचना मिलने पर बीसीसीएल की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया. प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्र में भराई कराने का आश्वासन दिया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए पहले जमीन के नीचे की स्थिति की जांच और आग व गैस के खतरे को खत्म करना जरूरी है.
धनबाद: जिले के तोपचांची थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है.रंगलीटांड स्थित तालाब में नहाने के दौरान तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई. मृतकों में दो बच्चियां और एक बच्चा शामिल है. बताया जा रहा है कि एक बच्चे को डूबता देख उसे बचाने के प्रयास में बाकी दो बच्चे भी गहरे पानी में चले गए. इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया है.घटना तोपचांची थाना क्षेत्र के रंगलीटांड की है,जहां शुक्रवार को तीन बच्चे पास के तालाब में नहाने गए थे.मृतकों की पहचान रलझल,कुंदरो और आभा के रूप में की गई है.परिजनों के अनुसार,तीनों बच्चे अक्सर इसी तालाब में नहाने जाते थे. शुक्रवार को भी वे तालाब में नहाने पहुंचे थे.इसी दौरान नहाते-नहाते एक बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी.बताया जा रहा है कि बच्ची को डूबता देख बाकी दोनों बच्चों ने उसे बचाने की कोशिश की,लेकिन इस दौरान वे भी गहरे पानी में चले गए. देखते ही देखते तीनों बच्चे पानी में डूब गए.घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई.लोगों ने तत्काल तालाब में उतरकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला और आनन-फानन में इलाज के लिए धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया,लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया.घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच में जुट गई है.वहीं,एक साथ तीन बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इलाके में मातम पसरा हुआ है.
धनबाद: सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएनएमएमसीएच के स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक प्रसूता की शुरुआती HIV जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद बिना विशेष सेफ्टी किट के उसका सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया गया. इतना ही नहीं,उसी ऑपरेशन थिएटर में बाद में चार अन्य प्रसूताओं का भी ऑपरेशन किया गया, लेकिन बाद में दोबारा जांच कराने पर संबंधित प्रसूता की HIV रिपोर्ट पॉजिटिव आने से अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएनएमएमसीएच अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही है.महिला के HIV पॉजिटिव होने की बात सामने आईजानकारी के मुताबिक,बैंक मोड़ इलाके की रहने वाली एक प्रसूता को प्रसव पीड़ा के बाद पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां सिजेरियन डिलीवरी की संभावना को देखते हुए विभिन्न जांच के साथ HIV टेस्ट कराया गया, जिसमें महिला के HIV पॉजिटिव होने की बात सामने आई.SNMMCH मेंबिना सुरक्षा के किया गया सिजेरियन डिलीवरीबताया जा रहा है कि सदर अस्पताल में आवश्यक सेफ्टी किट उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को सिजेरियन डिलीवरी के लिए एसएनएमएमसीएच रेफर कर दिया गया.एसएनएमएमसीएच पहुंचने के बाद महिला को गायनी विभाग में भर्ती किया गया. ऑपरेशन से पहले क्लिनिकल पैथोलॉजी लैब में दोबारा HIV जांच कराई गई,जिसमें रिपोर्ट निगेटिव बताई गई. इसी रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टरों ने बिना विशेष सेफ्टी किट के महिला का सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया. बताया जा रहा है कि इसके बाद उसी ओटी में चार अन्य प्रसूताओं का भी ऑपरेशन किया गया.जांच में महिला की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आईमामला उस समय गंभीर हो गया जब बाद में प्रसूता की फिर से HIV जांच कराई गई. इस बार आईसीटीसी में उपलब्ध किट से की गई जांच में महिला की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आई. रिपोर्ट सामने आते ही अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया.इसके बाद एहतियातन प्रसूता के पति,सास-ससुर और माता-पिता के भी सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं. सभी की रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है.जांच रिपोर्ट में पहले निगेटिवआने की वजह को खंगाला जा रहाबताया जा रहा है कि एसएनएमएमसीएच के आईसीटीसी केंद्र में HIV जांच के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन यानी नाको से उपलब्ध कराई गई किट का उपयोग किया जाता है.वहीं,क्लिनिकल पैथोलॉजी लैब में अन्य किटों से भी जांच की जाती है.मामले में अब जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि शुरुआती जांच रिपोर्ट में निगेटिव आने की वजह क्या थी और किस स्तर पर चूक हुई.जांच मेंदोषीपाए जाने पर होगीविभागीय कार्रवाईइस पूरे मामले पर एसएनएमएमसीएच अधीक्षक डॉ.दिनेश कुमार गिंदौड़िया ने कहा कि HIV पॉजिटिव प्रसूता के ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी मिली है. गायनी विभाग के इंचार्ज को मामले की जांच करने को कहा गया है. उन्होंने बताया कि प्रसूता के पति द्वारा HIV पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं देने की बात भी सामने आई है.आखिर किन परिस्थितियों में सिजेरियन ऑपरेशन किया गया,इसकी जांच की जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
धनबाद: बाघमारा प्रखंड के बौआकला उत्तर पंचायत क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की सूची से नाम काट दी गई है. ये भुक्तभोगी महिलाएं प्रखंड कार्यालय और पंचायत सचिवालय की दौड़ लगाते लगाते थक चुकी है. दर्जनों की संख्या में महिलाएं बौआकला उत्तर पंचायत सचिवालय पहुंची. महिलाओं ने कहा कि हमलोगों को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लाभ मिलता था, लेकिन हाल ही में हुए भौतिक सत्यापन में हमलोगों का नाम काट दिया गया. हमलोगों का नाम गलत तरीके से काटा गया. इन महिलाओं का कहना है कि हमलोग योग्य और पात्र लाभुक हैफिर भी हमलोगों का नाम सूची से हटा दिया गया है. इसकी जांच होनी चाहिए.महिलाओं ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना चालू कराने के लिए पंचायत सचिवालय का दौड़ लगाते लगाते थक चुकी हूं फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पायी है.
धनबाद: झारखंड सरकार के जल संसाधन विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री हफीजुल हसन की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में छाताबाद के भू-धंसान प्रभावित परिवारों, बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच मैराथन बैठक लगभग 4 घंटे तक चली.बैठक में सभी पक्षों को सुनने के बाद मंत्री ने छाताबाद के भू-धंसान प्रभावित परिवारों एवं बीसीसीएल के बीच पुनर्वास, मुआवजा, चिकित्सीय सहायता सहित अन्य मुद्दों पर समझौता कराया.प्रभावित परिवारों की मांग पर भू-धंसान क्षेत्र का आईआईटी आईएसएम से सर्वेक्षण करा कर डेंजर जोन का सीमांकन करने एवं उसकी रिपोर्ट एक माह के अंदर देने पर सहमति बनी.साथ-साथ खनन के दौरान सुरक्षा व ब्लास्टिंग के नियमों का पालन करने,डेंजर जोन के सर्वे में मस्जिद, मदरसा, ईदगाह एवं स्कूल को शामिल करने पर सहमति बनी.मंत्री हफीजुल हसन ने भू-धंसान एवं अग्नि प्रभावित क्षेत्र के आसपास इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया.वहीं,बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल मिडिया से बचते दिखे. उन्होंने बैठक में लिए गए निर्णयों के संदर्भ में कोई भी जानकारी साझा नहीं की.दूसरी तरफ बैठक में शामिल रहे वार्ड 32 छाताबाद के पार्षद मोहम्मद शाहबुद्दीन ने बताया कि बैठक में ग्रामीणों के पक्ष कि बातों को गंभीरता से सुना गया. हालांकि कई मांगो पर सहमति नहीं बनने के पीछे बीसीसीएल की ओर से प्रावधानों का हवाला दिया गया है.
धनबाद: साइबर अपराध पर शिकंजा कसने के लिए धनबाद में पुलिस ने बैंकों के साथ मिलकर निगरानी बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. साइबर सेफ्टी अवेयरनेस वीक के तहत बुधवार को धनबाद समाहरणालय स्थित पुलिस सभागार में विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों के साथ बैठक हुई. बैठक में खास तौर पर म्यूल बैंक अकाउंट,फर्जी सिम और चोरी के मोबाइल फोन के जरिए होने वाले साइबर अपराध पर चर्चा की गई. पुलिस ने बैंकों से नए बैंक खातों की समय-समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन कराने और संदिग्ध खातों की जानकारी पुलिस को देने की अपील की है.साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगाने के लिए धनबाद पुलिस लगातार कई स्तरों पर काम कर रही है. इसी कड़ी में साइबर सेफ्टी अवेयरनेस वीक के तहत बुधवार को पुलिस सभागार में बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक आयोजित की गई.ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने बताया कि साइबर अपराध के लिए चोरी के मोबाइल फोन,दूसरे लोगों के नाम पर जारी फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक अकाउंट का इस्तेमाल बड़ी चुनौती है. यदि इन तीनों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जाती है तो साइबर अपराधियों के लिए अपराध करना काफी मुश्किल हो सकता है.बैठक में सबसे ज्यादा जोर म्यूल बैंक खातों पर दिया गया. ऐसे बैंक खाते जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़े लेनदेन के लिए किया जाता है,उनकी पहचान और रोकथाम के लिए बैंक स्तर पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर चर्चा हुई.बैंकों ने सहमति जताई है कि नए खुले बचत खातों का समय-समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा. खाताधारकों को बैंक बुलाकर उनके मोबाइल नंबर और अन्य विवरणों की जांच की जाएगी. यह भी पता लगाया जाएगा कि खाता संबंधित व्यक्ति ने स्वयं खोला है या किसी दूसरे व्यक्ति ने उसके नाम पर खाता खुलवाया है.पुलिस के अनुसार कई मामलों में लोगों को पैसे या कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जाते हैं. कुछ लोग जानबूझकर ऐसा करते हैं,जबकि कई लोग साइबर अपराध के पूरे नेटवर्क से अनजान होते हैं और बाद में इसका हिस्सा बन जाते हैं.ग्रामीण एसपी ने कहा कि बैंक खाता खोलना बैंक अधिकारियों के लिए रोकना संभव नहीं है,यदि दस्तावेज और जानकारी वैध हैं. ऐसे में फिजिकल वेरिफिकेशन अतिरिक्त सतर्कता की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है.पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी बैंक को कोई खाता संदिग्ध या म्यूल अकाउंट प्रतीत होता है तो उसकी जानकारी थाना,डीएसपी या सीधे पुलिस अधिकारियों को दी जा सकती है. इसके आधार पर पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई करेगी.धनबाद के सिंदरी अनुमंडल क्षेत्र के बैंक प्रबंधकों के साथ यह बैठक हुई है. पुलिस अब बाघमारा और निरसा समेत अन्य अनुमंडलों के बैंक प्रबंधकों के साथ भी इसी तरह बैठक कर साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार करेगी.ग्रामीण एसपी ने बताया कि म्यूल बैंक अकाउंट,फर्जी सिम कार्ड और चोरी के मोबाइल साइबर अपराध के महत्वपूर्ण माध्यम हैं. इन पर रोक लगाने के लिए पुलिस और बैंक मिलकर काम करेंगे. नए खातों के फिजिकल वेरिफिकेशन और संदिग्ध खातों की सूचना पुलिस को देने से साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी.पुलिस का मानना है कि बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त सतर्कता बढ़ने से साइबर अपराधियों के लिए फर्जी या म्यूल खातों का इस्तेमाल करना मुश्किल होगा. वहीं,बैंक और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से संदिग्ध लेनदेन की पहचान कर समय रहते कार्रवाई भी की जा सकेगी.धनबाद से कुंदन कुमार की रिपोर्ट-
धनबाद: जिले के सरायढेला थाना क्षेत्र के कार्मिक नगर में गोली लगने से 56 वर्षीय दीपक शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए.प्रारंभिक जानकारी के अनुसार,गोली लाइसेंसी पिस्टल से चली है. हालांकि,गोली किन परिस्थितियों में चली और इसे किसने चलाया,इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.घटना के बाद परिजन आनन-फानन में दीपक शर्मा को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच लेकर पहुंचे. इमरजेंसी में चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें अशर्फी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है.इधर,गोली चलने की सूचना मिलते ही सरायढेला पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जानकारी ली.पुलिस ने घर में मौजूद लोगों से पूछताछ भी की. फिलहाल पता लगाया जा रहा है कि गोली आखिर कैसे चली और घटना के समय लाइसेंसी पिस्टल किसके पास थी.पुलिस यह भी जानकारी जुटा रही है कि घटना के वक्त घर में कौन-कौन मौजूद था. पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के साथ पूरे मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है.कोयला कारोबारी गोलीकांड मामले में धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हालांकि, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
धनबाद: बीजेपी की तिरंगा यात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई है. जिला परिषद मैदान से तिरंगा यात्रा शुरू होने के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता अमरजीत कुमार और रीता यादव के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया. घटना का वीडियो भी सामने आया है,जिसमें दोनों के बीच मारपीट होती दिखाई दे रही है. वहीं, अमरजीत कुमार ने रीता यादव पर डंडे से हमला करने का आरोप लगाया है. हालांकि,विवाद के बाद कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग करा दिया और तिरंगा यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ती रही.गुरूवार को बीजेपी की ओर से धनबाद में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था.जिला परिषद मैदान से शुरू हुई यह यात्रा रणधीर वर्मा चौक से होते हुए सिटी सेंटर तक पहुंची.यात्रा का नेतृत्व बीजेपी जिलाध्यक्ष श्रवण राय कर रहे थे,लेकिन यात्रा शुरू होते ही पार्टी के दो कार्यकर्ताओं के बीच विवाद ने माहौल गरमा दिया.बताया जा रहा है कि अमरजीत कुमार और रीता यादव के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई. जिसके बाद दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। सामने आए वीडियो में दोनों एक-दूसरे से मारपीट करते नजर आ रहे हैं. अमरजीत कुमार का आरोप है कि विवाद के दौरान रीता यादव ने पास में रखा डंडा उठाकर उन पर हमला किया।अमरजीत कुमार के मुताबिक, रीता यादव ने कहा कि उनके कहने पर रैली निकाली गई है. इस पर अमरजीत ने भाषा सुधारकर बात करने को कहा और बताया कि तिरंगा यात्रा भाजपा जिलाध्यक्ष श्रवण राय के नेतृत्व में निकाली जा रही है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया.घटना के बाद मौके पर मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दोनों को अलग कराया.हालांकि,इस विवाद का असर तिरंगा यात्रा पर नहीं पड़ा और यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ती रही.वहीं,बीजेपी जिलाध्यक्ष श्रवण राय ने बताया कि दोनों पक्षों को समझा दिया गया है और विवाद की वजह की जांच की जा रही है.जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आएगी.
धनबाद: भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ सागर समेत तीन हार्डकोर नक्सलियों की 14 दिनों की पुलिस रिमांड अवधि पूरी हो गई है. रिमांड अवधि खत्म होने के बाद बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों को धनबाद लाया गया,जहां सदर अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच कराई गई. इसके उपरांत पुलिस ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई पूरी की.रांची में केंद्रीय व राज्य एजेंसियों ने खंगाला नेटवर्कविगत 31 जुलाई को रिमांड मिलने के बाद तीनों नक्सलियों को रांची ले जाया गया था। वहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और झारखंड पुलिस ने लगभग 11 दिनों तक गहन पूछताछ की। इस दौरान माओवादी संगठन के देशव्यापी नेटवर्क, फंडिंग के स्रोतों, हथियारों की आपूर्ति प्रणाली तथा संगठन के मददगारों से जुड़े कई संवेदनशील एवं अहम सुराग जुटाए गए हैं।लाखों-करोड़ों के इनामी हैं तीनों नक्सलीजेल भेजे गए नक्सलियों में मिसिर बेसरा के अलावा 15 लाख का इनामी मेहनत उर्फ मोछू (विभीषण) और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा (सौरभ) शामिल हैं.अस्पताल में रही कड़ी सुरक्षामेडिकल जांच के दौरान सदर अस्पताल परिसर और आस-पास के क्षेत्रों को छावनी में तब्दील कर दिया गया था.किसी भी सुरक्षा चूक से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा. मेडिकल प्रक्रिया पूरी होते ही पुलिस टीम तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल ले गई.
धनबाद:IIT-ISMधनबाद में शनिवार को 20वें नेशनल फ्रंटियर्स ऑफ इंजीनियरिंग (NatFoE-2026) और इनोवेशन इन मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (IMP-2026) की शुरुआत हुई.IIT-ISMऔर इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम 8 से 10 अगस्त तक चलेगा.कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने युवाओं और शोधकर्ताओं से आने वाले समय की जरूरतों के अनुसार नई तकनीक और नवाचार पर काम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि शोध को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर देश की वास्तविक जरूरतों के समाधान में बदलना चाहिए.संजय सेठ ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने स्वदेशी तकनीक,स्टार्टअप और एमएसएमई को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया.कार्यक्रम में इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के अध्यक्ष जे. डी. पाटिल,सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अशोक कुमार पांडा,पद्मश्री प्रो. संघमित्रा बंदोपाध्याय औरIIT-ISMके निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे.धनबाद से कुंदन कुमार की रिपोर्ट-
धनबाद:जिले में एक बार फिर भू-धंसान की बड़ी घटना सामने आई है। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद में अचानक हुए भू-धंसान से एक दर्जन से अधिक घर जमींदोज हो गए। एक-दो मंजिला मकान भी देखते ही देखते जमीन में समा गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घरों और जमीन में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में करीब एक दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं. घटना के बाद बीसीसीएल और जिला प्रशासन के खिलाफ लोगों का भारी आक्रोश देखने को मिला।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार खदान में ब्लास्टिंग के कुछ ही देर बाद जमीन में तेज कंपन महसूस हुआ और देखते ही देखते बड़े क्षेत्र में जमीन फटने लगी। कई मकान अचानक धंस गए,जिससे लोगों में चीख-पुकार मच गई। जान बचाने के लिए लोग घरों से बाहर भागने लगे।स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे और धंसे हुए घरों से लोगों को बाहर निकाला। हादसे में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। सूचना मिलते ही पुलिस, बीसीसीएल और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि खदान में लगातार की जा रही ब्लास्टिंग और भूमिगत खनन के कारण इलाके में यह हादसा हुआ है। लोगों ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उचित मुआवजे की मांग की है।फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन पूरे इलाके का आकलन कर रहा है कि भू-धसान का दायरा कितना बड़ा है और कितने घर इसकी चपेट में आए हैं। इस घटना ने एक बार फिर धनबाद के खनन प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धनबाद:पुलिस केंद्र के सभागार में बुधवार से तीन दिवसीय कोयला क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट 2026 की शुरुआत हुई. 5 से 7 अगस्त तक चलने वाले इस आयोजन का उद्घाटन बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने किया. कार्यक्रम में धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी मो. एस. याकूब, डीएसपी प्रकाश सोय, डीएसपी साइबर प्रदीप साव, सीआईडी एवं एफएसएल के अधिकारी सहित जिले के विभिन्न थानों के प्रभारी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी मौजूद रहे.आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस ड्यूटी मीट जांच प्रणाली को और अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने का मंच है. इसमें फोटोग्राफी, वैज्ञानिक अपराध स्थल निरीक्षण, साक्ष्य संग्रह, पैकिंग, फॉरवर्डिंग समेत कई विषयों पर प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि रेंज स्तर के विजेता राज्यस्तरीय पुलिस ड्यूटी मीट में भाग लेते हैं और वहां के विजेता राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि सीआईडी और एफएसएल की टीम इस पूरी प्रक्रिया का संचालन करती है,जिससे पुलिस अनुसंधान की गुणवत्ता लगातार बेहतर होती है.वहीं, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि इस तीन दिवसीय आयोजन से पुलिस अधिकारियों और जवानों को नई तकनीकों और आधुनिक जांच पद्धतियों को सीखने का अवसर मिलेगा. उन्होंने कहा कि संगठित अपराध से निपटने के लिए पुलिस हर स्तर पर अपनी क्षमता मजबूत कर रही है. साथ ही लोगों से यातायात नियमों का पालन करने, रॉन्ग लेन में वाहन नहीं चलाने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की. एसएसपी ने बताया कि गोविंदपुर फ्लाईओवर निर्माण के कारण फिलहाल जाम की समस्या है, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद लोगों को राहत मिलेगी. एसएसपी ने यह भी जानकारी दी है कि 1 अगस्त से जिले में पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है,जिससे लंबित मामलों में तेजी से कमी आई है.
धनबाद: शहर बैंक मोड़ स्थित शांति भवन में बुधवार को बिजली मीटर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगते ही मीटर से धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं,जिससे बिल्डिंग में रहने वाले लोग घबराकर बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची तब जाकर आग पर काबू पाया गया.दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया।बैंक मोड़ के व्यस्त इलाके में स्थित शांति भवन के बिजली मीटर में अचानक आग लगने से पूरे भवन में हड़कंप मच गया। धुआं और चिंगारियां फैलते ही फ्लैटों में रहने वाले लोग अपनी जान बचाने के लिए नीचे उतर आए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।आग बुझाने में स्थानीय लोगों ने भी अहम भूमिका निभाई। शांति भवन के बगल में स्थित मधुलिका इंक्लेव के निवासियों ने अपने परिसर में मौजूद फायर सेफ्टी उपकरण लाकर आग बुझाने में सहयोग किया.वहीं, शांति भवन के लोगों ने आरोप लगाया है कि बिल्डिंग में अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।