

शुक्रवार, 06 नवंबर 2026
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देवी मंदिर के पास धान के खेत में झोले में नवजात को लेकर पहुंची थी महिला,दो अन्य महिलाएं मौके से फरार;अस्पताल में मां और बच्ची का इलाज जारीपलामू: झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मनहू स्थित देवी मंदिर के पास धान के खेत में नवजात बच्ची को लेकर पहुंची एक महिला को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बच्ची की बलि दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। ग्रामीणों की तत्परता से नवजात बच्ची और उसकी मां की जान बच गई। दोनों को तत्काल छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।झोले में नवजात को लेकर मंदिर के पास पहुंची थी महिलास्थानीय लोगों के अनुसार, छतरपुर नगर पंचायत क्षेत्र के मदया भलही निवासी अंजू देवी (40 वर्ष), पति रवींद्र उरांव ने शुक्रवार की रात एक बच्ची को जन्म दिया था। इसके बाद वह नवजात को झोले में लेकर अपने घर से करीब पांच किलोमीटर दूर मनहू स्थित देवी मंदिर के पास एक दोहर में धान के खेत तक पहुंची। बताया जाता है कि उस समय महिला के साथ दो अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं। मौके पर चूड़ी, सिंदूर समेत कुछ अन्य सामान भी रखे हुए थे। इसी कारण ग्रामीणों के बीच बच्ची की बलि दिए जाने की आशंका जताई जाने लगी।ग्रामीणों को देखकर दो महिलाएं फरारइसी दौरान पास के दोहर में मछली मार रहे कुछ लोगों की नजर महिलाओं पर पड़ी। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख दो अन्य महिलाएं वहां से फरार हो गईं, जबकि अंजू देवी को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। घटना की सूचना मिलने पर मुखिया प्रतिनिधि जहीर अंसारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नवजात बच्ची को अपने कपड़े में लपेटा और मां के साथ तत्काल छतरपुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया।परिजनों को गर्भवती होने की जानकारी तक नहीं थीमहिला के परिजनों के अनुसार, अंजू देवी को पहले से एक बच्ची है। परिवार के किसी भी सदस्य को उसके गर्भवती होने और नवजात बच्ची के जन्म की जानकारी नहीं थी। घटना सामने आने के बाद परिवार और आसपास के इलाके में भी चर्चा तेज हो गई है।पुलिस कर रही पूरे मामले की जांचघटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला नवजात बच्ची को लेकर मंदिर के पास धान के खेत में किन परिस्थितियों में पहुंची थी और उसके साथ मौजूद दोनों महिलाएं कौन थीं। फिलहाल बलि देने की आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। ग्रामीणों की तत्परता से मां और नवजात बच्ची को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका।पलामू से नीतेश रंजन की रिपोर्ट
पलामू:झारखंड के पलामू जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) परिसर में मंगलवार सुबह करीब10 बजे एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव अपने मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। इस दृश्य को देखकर अस्पताल में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल की सुरक्षा, निगरानी और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अस्पताल परिसर में मचा हड़कंपप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात का शव मुंह में दबाकर इधर-उधर घूम रहा था। यह दृश्य सामने आने के बाद अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच हलचल तेज हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन और अस्पताल पुलिस चौकी के पदाधिकारी एवं जवान मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाने में लग गए।आखिर कहां से आया नवजात का शव?इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवजात का शव अस्पताल परिसर तक कैसे पहुंचा। बच्चे की पहचान क्या है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या नवजात की मौत अस्पताल में प्रसव के दौरान हुई थी या मामला किसी दूसरी जगह से जुड़ा है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर सवालअस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटना सामने आना परिसर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि नवजात का शव अस्पताल परिसर में लावारिस हालत में पहुंचा, तो यह पता लगाना जरूरी है कि इसकी जानकारी संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को समय रहते क्यों नहीं मिली।वहीं, अस्पताल के आसपास संचालित निजी क्लीनिकों या किसी अन्य संस्थान की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी अस्पताल, क्लीनिक या व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच जरूरीमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को मिलकर नवजात की पहचान, शव वहां तक पहुंचने की परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, संबंधित रिकॉर्ड और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जानी चाहिए।यदि जांच में किसी की लापरवाही या गैरकानूनी गतिविधि सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।जवाबदेही तय होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?यह घटना केवल अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ते के घूमने तक सीमित नहीं है। यह नवजात की गरिमा, अस्पताल की निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है।अब देखना होगा कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन इस घटना की तह तक पहुंचते हैं या नहीं और नवजात की मौत से जुड़े सवालों के जवाब कब तक सामने आते हैं।
मेदिनीनगर: पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित पांकी रोड के जीवन ज्योति नर्सिंग होम में दो प्रसूताओं की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में एक नवजात शिशु की मौत की जानकारी भी सामने आई है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में आक्रोश है। वहीं,स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान अस्पताल में डॉक्टर और अधिकांश कर्मचारियों के मौजूद नहीं रहने की बात सामने आई है।मृत महिलाओं की पहचान पाटन थाना क्षेत्र के सखोई गांव निवासी सुमन कुमारी और गढ़वा क्षेत्र की पूजा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार,दोनों महिलाओं की प्रसव के दौरान या उसके बाद तबीयत बिगड़ गई थी। हालांकि,मौतों के वास्तविक कारणों और नवजात की मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।प्रसव के बाद बिगड़ी तबीयत,दो महिलाओं की मौतजानकारी के अनुसार,पूजा कुमारी को शुक्रवार को जीवन ज्योति नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। आरोप है कि प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।वहीं,शनिवार सुबह सुमन कुमारी को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने दो बच्चियों को जन्म दिया। शुरुआत में दोनों बच्चियों की स्थिति स्वस्थ बताई गई,लेकिन इसके बाद सुमन कुमारी की तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल कर्मियों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए नारायण अस्पताल रेफर कर दिया। वहां शनिवार दोपहर करीब दो बजे उनकी मौत हो गई।एक ओर परिवार में दो बच्चियों के जन्म की खुशी थी,तो दूसरी ओर मां की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।जांच के दौरान डॉक्टर और कर्मचारी नदारद,एएनएम के भरोसे नवजातघटना की सूचना मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सक डॉ. सीमा ने नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में डॉक्टर और अधिकांश कर्मचारी मौजूद नहीं मिले।आरोप है कि अस्पताल में नवजात बच्चों को एक एएनएम के भरोसे छोड़ दिया गया था। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सक ने भर्ती मरीजों के परिजनों से बातचीत कर अस्पताल की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।निजी अस्पतालों की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवालजीवन ज्योति नर्सिंग होम में हुई इन मौतों के बाद जिले में संचालित निजी अस्पतालों की निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई है।सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद नहीं थे,तो प्रसव जैसी संवेदनशील चिकित्सा सेवा किस व्यवस्था के तहत संचालित की जा रही थी।फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है। हालांकि, दोनों महिलाओं और नवजात की मौत के पीछे चिकित्सा लापरवाही थी या कोई अन्य कारण, यह जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।पलामू से नीतेश कुमार की रिपोर्ट
मेदिनीनगर में नहाने के दौरान गहरे पानी में चले गए दोनों बच्चे,अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषितपलामू: झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। शहर के कांदू मोहल्ला के समीप कोयल नदी में नहाने गए दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस हादसे के बाद कांदू मोहल्ला सहित आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है।नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबे दोनों बच्चेमिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब3:30 बजे कांदू मोहल्ला निवासी10 वर्षीय देव कुमार, पिता भारत साव और11 वर्षीय शुभम कुमार, पिता मुकेश शर्मा, कोयल नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन नदी की ओर पहुंचे। इसके बाद बच्चों की तलाश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद राम जानकी मंदिर के समीप नदी तट की ओर से दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया।अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषितनदी से बाहर निकाले जाने के बाद दोनों बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।हादसे की खबर मिलते ही मृत बच्चों के परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़एक ही मोहल्ले के दो मासूम बच्चों की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। जिस उम्र में बच्चे खेलते-कूदते और पढ़ाई करते हैं, उस उम्र में उनकी असमय मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।इस हृदयविदारक घटना से कांदू मोहल्ला और आसपास के लोग शोक में हैं। हादसे ने नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी से होने वाले खतरे को एक बार फिर सामने ला दिया है।पलामू से नीतेश कुमार की रिपोर्ट
पलामू: झारखंड के पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पतरा कला गांव में दशहरा के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। खेत में सब्जियों की सिंचाई करने गए किसान की कुएं में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है, वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल है।खेत में पटवन करने गया था किसानमिली जानकारी के अनुसार, पतरा कला गांव निवासी स्वर्गीय रामानंदन पासवान के पुत्र अंबेडकर कुमार पासवान सुबह घर में किसी को बताए बिना खेत में सिंचाई करने गए थे। वह खेत के पास स्थित कुएं से बाल्टी और रस्सी की मदद से पानी निकालकर सब्जियों के पौधों में पटवन कर रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से कुएं में गिरने की आशंका जताई जा रही है।देर शाम तक घर नहीं लौटा तो शुरू हुई तलाशकाफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की, लेकिन किसान का कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार परिजनों ने हुसैनाबाद थाने में लिखित सूचना दी।कुएं में मिला शव,पुलिस ने कराया पोस्टमार्टमसोमवार शाम गांव की एक महिला ने कुएं में शव देखा और इसकी जानकारी ग्रामीणों व परिजनों को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से निकलवाकर अनुमंडलीय अस्पताल, हुसैनाबाद भेजा।मंगलवार, 20 अक्टूबर को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।परिवार में पसरा मातमदशहरा के उत्सवी माहौल के बीच हुई इस घटना ने परिवार की खुशियां छीन लीं। किसान की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पतरा कला गांव में शोक की लहर है।पलामू से नीतेश तिवारी की रिपोर्ट
पलामू: बड़ी खबर पलामू से है जहां नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डगरा पुलिस पिकेट में तैनात सैप के सूबेदार ने शनिवार सुबह अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली है. घटना से इलाके में सनसनी है. जानकारी के अनुसारसैप सूबेदार बुचुन पाल डगरा पुलिस पिकेट में ड्यूटी पर तैनात थे. इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनकर पिकेट में मौजूद अन्य जवान मौके पर पहुंचे. वहां बुचुन पाल गंभीर अवस्था में पड़े मिले. जांच करने पर उनकी मौत हो चुकी थी.घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फिलहाल बुचुन पाल ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पिकेट में तैनात अन्य जवानों से भी पूछताछ की जा रही है.पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी. वहीं, मृतक जवान के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है.पलामू से नितेश तिवारी की रिपोर्ट-
पलामू: जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में बीते दिनों हुए छोटू सिंह हत्याकांड मामले में पलामू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार,गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य अभियुक्त साकेत पाठक,अंकित गुप्ता,अमन कुमार और एक नाबालिग शामिल हैं. हुसैनाबाद एसडीपीओ आईपीएस दिव्यांश शुक्ला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश और शराब के कारोबार से जुड़े विवाद को हत्या की वजह सामने आई है.पुलिस के अनुसार,गिरफ्तार आरोपी और मृतक छोटू सिंह पहले एक साथ शराब के कारोबार से जुड़े हुए थे. बाद में कारोबार को लेकर सभी अलग हो गए. अलग होने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और रंजिश बढ़ती गई. सूत्रों के अनुसार,आरोप है कि छोटू सिंह द्वारा बिहार पुलिस को शराब की गाड़ियों के संबंध में बार-बार सूचना दिए जाने से आरोपी पक्ष नाराज था. इसी नाराजगी और पुरानी रंजिश के चलते हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आ रही है.पलामू पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्याकांड में उनकी भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है.आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पलामू:जिले के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सामने संचालित रीमा सेवा सदन पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है.सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय के नेतृत्व में रीमा सेवा सदन के पूरे परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया. बताया गया कि रविवार की शाम करीब 7 बजकर 45 मिनट पर सिविल सर्जन अनिल कुमार श्रीवास्तव के साथ संयुक्त टीम ने जनशिकायतों के सत्यापन को लेकर यहां औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई.जांच टीम को वैध Rent Agreement भी नहीं मिला. निरीक्षण के दौरान परिसर में कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद नहीं था.वहीं,OT Register, Indoor Register, Discharge Register सहित संबंधित चिकित्सकों के आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए. जांच में Biomedical Waste Management की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली और उपलब्ध व्यवस्था की वैधता समाप्त पाई गई. इसके अलावा Fire Safety के जरूरी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं मिली. ऑपरेशन थिएटर की स्थिति भी बेहद खराब बताई गई. परिसर में साफ-सफाई का भी अभाव था. OT में एनेस्थीसिया के लिए जरूरी वर्क स्टेशन उपलब्ध नहीं था और OT Lamp की जगह सामान्य Examination Lamp का इस्तेमाल किया जा रहा था.इसके अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरण, दवाएं और अन्य व्यवस्थाएं भी उपलब्ध नहीं पाई गई. प्रशासन के अनुसार,रीमा सेवा सदन में बिना वैध लाइसेंस के दवा दुकान संचालित किए जाने की बात भी सामने आई. इन सभी कमियों को देखते हुए प्रशासन ने मरीजों के हित और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के मद्देनजर रीमा सेवा सदन में चिकित्सा सेवाओं का संचालन तत्काल प्रभाव से रोकते हुए पूरे परिसर को सील कर दिया.हालांकि,सीलिंग की कार्रवाई के दौरान रीमा सेवा सदन में दो महिला मरीज भर्ती पाई गई. अब बड़ा सवाल यह है कि इतनी गंभीर कमियों के बावजूद यहां लंबे समय से चिकित्सा गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थी और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल क्यों नहीं उठे?
पलामू: जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के पुरंदर बीघा में युवक ओमप्रकाश सिंह की हत्या के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर उतर आया. आक्रोशित ग्रामीणों ने जपला-छतरपुर मुख्य सड़क को घंटों जाम कर दिया. सिद्धनाथ गेट, नवीनगर मोड़ और सिद्धनाथ पेट्रोल पंप के पास जाम के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा. ग्रामीण हत्या में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. इस दौरान हुसैनाबाद की कई दुकानों को भी बंद कराया गया.बताया जा रहा है कि बुधवार रात ओमप्रकाश सिंह अपनी गाड़ी रोककर किसी व्यक्ति से बातचीत कर रहे थे. तभी बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी. गोली लगने के बाद ओमप्रकाश गाड़ी से उतरकर भागने लगे,लेकिन अपराधियों ने उन्हें दोबारा गोली मार दी. वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.इधर,पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस के अनुसार, मृतक ओमप्रकाश सिंह के खिलाफ हुसैनाबाद थाना में आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस हत्या के कारणों के साथ उसके पुराने आपराधिक मामलों को भी जांच के दायरे में रखकर छानबीन कर रही है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर भेज दिया गया है। खबर लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था।
पलामू : जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत नौडीहा बाजार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 443 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है. बरामद गांजे की अनुमानित कीमत ₹2.20 करोड़ से अधिक बताई गई है. पुलिस ने मौके से दो सगे भाइयों जमशेद आलम और अली रजा को गिरफ्तार किया है.पुलिस के अनुसार,28 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी को गुप्त सूचना मिली थी कि नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के महुरांव गांव में गांजे की बड़ी खेप लाई गई है. सूचना के सत्यापन के बाद छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर महुरांव चौक के समीप छापेमारी की गई.इस दौरान आइसर ट्रक (OD14AB1072) और टेंपो (BR26PB2661) से गांजा उतारते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया. तलाशी में ट्रक में डाब (नारियल पानी) के बीच छिपाकर रखे 16 प्लास्टिक बोरों में 424 छोटे पैकेट बरामद किए गए,जिनमें कुल 443 किलो गांजा था. डीडी किट से जांच में गांजे की पुष्टि हुई.पुलिस ने गांजे के साथ दोनों वाहन और ओप्पो व नथिंग कंपनी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तस्करी के तार पलामू,बिहार के औरंगाबाद और ओडिशा से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.पलामू से नितेश की रिपोर्ट-
पलामू: जिले के पांडु थाना क्षेत्र अंतर्गत पीएम श्री राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय,रतनाग में मंगलवार को कानून जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.इस दौरान पांडु थाना प्रभारी विगेश कुमार राय ने छात्र-छात्राओं को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी और उन्हें कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया.कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, डायन कुप्रथा की रोकथाम तथा आपात स्थिति में डायल 112 के उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. थाना प्रभारी ने छात्रों को साइबर अपराध के प्रति सतर्क करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें,संदिग्ध संदेशों का जवाब देने से बचे और अपना ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें. उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 के माध्यम से पुलिस की सहायता ली जा सकती है. साथ ही विद्यार्थियों को डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों का विरोध करने,कानून का पालन करने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया.इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कानून एवं सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी प्राप्त की. विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कानून,साइबर सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के प्रति सजग एवं जागरूक बनाना था. मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य दिलीप कुमार,शिक्षक उपेंद्र कुमार,मोहम्मद महताब आलम, आरिफ हुसैन, फहीमुद्दीन अंसारी, लिपिक इमरान जाहिद, नरेश शर्मा, शैलेंद्र पाठक, गिरीश पांडेय और शहजाद आलम समेत पांडु थाना के पुलिसकर्मी मौजूद रहे.
पलामू:जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में कोयल नदी का जलस्तर उफान पर है. सूचना मिलते ही शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन की टीम कोयल रिवर फ्रंट पहुंची और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. मूसलाधार बारिश के बाद ऊपरी इलाकों से पानी कोयल नदी में पहुंचा, जिससे नदी में अचानक बाढ़ आ गई. इसका सबसे ज्यादा असर कोयल नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में देखने को मिला.राहत नगर, पहाड़ी मोहल्ला, आला एकेडमी मार्ग, गम्हेल रोड और झोपड़पट्टी सहित कई इलाकों में बाढ़ और जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. राहत नगर में दर्जनों घरों में पानी घुस गया,जिससे पूरा मोहल्ला तालाब में तब्दील हो गया. कई परिवारों को आंशिक नुकसान भी उठाना पड़ा है. जलजमाव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और दोपहिया वाहनों का आवागमन भी बाधित है. स्थानीय लोगों को आशंका है कि लंबे समय तक जलजमाव रहने से बीमारी और महामारी का खतरा बढ़ सकता है.स्थानीय निवासी जुबेर आलम ने बताया कि कोयल नदी से निकली सोती नदी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाढ़ का पानी निर्धारित रास्ते से जाने के बजाय मोहल्लों में प्रवेश कर जाता है। उन्होंने प्रशासन से सोती नदी को बांधने और स्थायी समाधान की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने पर हर वर्ष इन इलाकों में बाढ़ का पानी घुसता है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से स्थायी जल निकासी और बाढ़ से बचाव के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है.
पलामू: JPSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और छात्रों पर की गई पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड में राजनीतिक विरोध लगातार तेज हो गया है. छात्रों के आंदोलन और सरकार के खिलाफ बढ़ते आक्रोश के बीच बीजेपी समेत अन्य विपक्षी दलों ने झारखंड बंद का आह्वान किया है. बंद का असर पलामू जिले में भी व्यापक रूप से देखने को मिल रहा. मेदिनीनगर शहर में बीजेपी जिलाध्यक्ष अमित तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. कार्यकर्ताओं ने छहमुहान चौक और रेडमा चौक पर प्रदर्शन करते हुए हेमंत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुतला और टायर जलाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.इस दौरान सड़क जाम कर सरकार की नीतियों और छात्रों के आंदोलन से निपटने के तरीके पर सवाल उठाए गए. बंद के दौरान मेदिनीनगर शहर में छोटी-बड़ी वाहनों का परिचालन प्रभावित रहा. हालांकि,दूध के वाहनों और एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के परिचालन को बंद से बाहर रखा गया,जिससे जरूरी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रही.बीजेपी नेताओं का कहना है कि छात्रों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए. वहीं,छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले को लेकर भी विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है. झारखंड बंद के दौरान पलामू में हुए प्रदर्शन ने एक बार फिर छात्रों के मुद्दें और परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद को चर्चा के केंद्र में ला दिया है.
पलामू: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के अंतिम संस्कार से पहले बुधवार को भावुक दृश्य देखने को मिला. एक दिन की पैरोल पर जेल से रिहा होकर उनकी पत्नी रिया सिन्हा अपने बेटे अक्षत के साथ हुसैनाबाद स्थित आवास पहुंचीं. घर पहुंचते ही रिया सिन्हा पति के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी. वहीं, काले टी-शर्ट में मौजूद बेटे अक्षत भी पिता के पार्थिव शरीर के पास गमगीन नजर आया.सुजीत सिन्हा के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए परिजन, रिश्तेदार और परिचित लगातार पहुंच रहे हैं. परिवार में शोक का माहौल है और घर पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई है. प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.जानकारी के अनुसार,सुजीत सिन्हा का अंतिम संस्कार बुधवार को पूरे विधि-विधान के साथ किया जाएगा. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
पलामू: लोकसभा सांसद विष्णु दयाल राम ने आज नई दिल्ली में वैप्कोस लिमिटेड की अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक शिल्पा सचिन शिंदे से मुलाकात की. पलामू प्रमंडल की बहुप्रतीक्षित उत्तरी कोयल जलाशय (मंडल डैम) परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने एवं परियोजना को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा कराने को लेकर चर्चा की.सांसद ने बताया कि उक्त परियोजना के अंतर्गत लेफ्ट मेन कैनाल के लिए 0.61 एकड़ भूमि का मुआवजा वितरण किया जाना शेष है. वहीं, राइट मेन कैनाल का लगभग 14 किलोमीटर निर्माण कार्य अभी बाकी है,दोनों कैनालों का निर्माण कार्य कर रही विक्रमादित्य कंपनी द्वारा कार्य अत्यंत धीमी गति से किए जाने के कारण उक्त कंपनी का निविदा को निरस्त किया जाएगा. इसके पश्चात अक्टूबर 2026 तक नई निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्य आवंटित किया जाएगा,जिससे परियोजना के निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी आएगी. साथ ही मुख्य मंडल डैम पर हाइड्रा, इलेक्ट्रिकल, सिविल से संबंधित टेंडर कुछ ही दिनों में (एक सप्ताह के भीतर) प्रकाशित किया जाएगा. निर्धारित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए अक्टूबर 2027 तक कार्य को पूरा कर लिया जाएगा.उत्तरी कोयल जलाशय (मंडल डैम) परियोजना के निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय एवं वैप्कोस लिमिटेड द्वारा की जा रही है,ताकि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के अन्दर पूरे किए जा सके.सांसद ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि उत्तरी कोयल जलाशय (मंडल डैम) परियोजना का निर्माण कार्य वैप्कोस लिमिटेड द्वारा वर्ष 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा. इस परियोजना के पूरा होने से पलामू प्रमंडल के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी एवं क्षेत्र के कृषि एवं समग्र विकास को नई गति मिलेगी.
पलामू: जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के काराकाट बंधुआ गांव में नाबालिग से कथित छेड़छाड़ का विरोध करने पर खूनी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को दबोच लिया गया है. मामले में पलामू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 नामजद आरोपियों में से 9 को गिरफ्तार कर लिया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.शुक्रवार को प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था. टीम ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर इमरान मियां,सरातुल मियां, शहबाज मियां, तबरेज आलम, इसराफिल मियां, सोनू मियां, गोकुल मियां, शेरु मियां और पातु मियां को गिरफ्तार किया गया. सभी आरोपी चैनपुर थाना क्षेत्र के बंधुआ गांव के निवासी है.एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं,फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.पुलिस पूरे मामले की सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.बता दें कि बुधवार को अपराधियों ने नाबालिग के पिता को गोली मार दी थी, जबकि उसकी मां और भाई पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था.इलाज के दौरान चाकू से घायल एक व्यक्ति की मौत हो गई. घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था.घटना के संबंध में घायलों के परिजनों का आरोप है कि नाबालिग से छेड़छाड़ का विरोध करने पर आरोपियों ने परिवार पर जानलेवा हमला किया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की.
मेदिनीनगर: डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो की पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने प्रमंडलीय स्तर पर बैठक आयोजित कर संगठन विस्तार और आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की. बैठक में पार्टी को पंचायत स्तर तक मजबूत बनाने का निर्णय लिया गया. नवनियुक्त प्रमंडलीय अध्यक्ष प्रभात सिन्हा, प्रमंडलीय प्रवक्ता आशुतोष तिवारी एवं जिला अध्यक्ष दिलीप मेहता ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले में JLKM अपने समर्थित प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारेगी.पार्टी नेताओं ने कहा कि कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर टाइगर जयराम महतो की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा. बैठक में संगठन विस्तार, बूथ एवं पंचायत स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका और चुनावी तैयारियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई.
पलामू:जिलेमें गर्भवती शिक्षिका भारती पांडे के अजन्मे शिशु की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. सोमवार को इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय का घेराव किया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बीजेपी के जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने आरोप लगाया है कि मातृत्व अवकाश स्वीकृत करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी. उनका दावा है कि अवकाश नहीं मिलने के कारण शिक्षिका को लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े और समय पर प्रसव नहीं हो सका. उन्होंने इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है. कहा कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.गौरतलब है कि चैनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत प्लस टू शिक्षिका भारती पांडे के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने 3 जुलाई को ही मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन दिया था,लेकिन समय पर स्वीकृति नहीं मिली. यह भी आरोप है कि 25 जुलाई को डीईओ कार्यालय पहुंचने के दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा हुई और बाद में निजी अस्पताल में उनके नवजात को मृत घोषित कर दिया गया.वहीं, पीड़िता के पति ने अवकाश स्वीकृत करने के एवज में रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया है. हालांकि,शिक्षा विभाग पहले ही इन आरोपों से इनकार कर चुका है और आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटि की बात कहते हुए मामले की जांच की बात कही है.
पलामू: जिले में मातृत्व अवकाश को लेकर एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। चैनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत प्लस टू शिक्षिका भारती पांडे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर मातृत्व अवकाश स्वीकृत नहीं होने और लगातार ड्यूटी व कार्यालय के चक्कर लगाने के कारण उनके अजन्मे शिशु की मौत हो गई। घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।शिक्षा विभाग की लापरवाही सेगर्भवती को हुआ नुकसानपरिजनों के अनुसार, लेस्लीगंज प्रखंड के रोजोगाड़ी गांव निवासी एवं हजारीबाग जिला पुलिस में कार्यरत मुकेश कुमार तिवारी की पत्नी भारती पांडे नौ माह की गर्भवती थीं। चिकित्सकों ने 4 अगस्त को संभावित प्रसव तिथि बताई थी। चिकित्सकीय सलाह के आधार पर 3 जुलाई को ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय में मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन समय पर अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया।डीईओ कार्यालय का चक्कर काटते रह गई महिलाआरोप है कि 25 जुलाई को अवकाश स्वीकृत कराने के लिए शिक्षिका डीईओ कार्यालय पहुंचीं। इसी दौरान उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।रिश्वत मांगने का भी लगाया आरोपपीड़िता के पति मुकेश कुमार तिवारी ने आरोप लगाया है कि मातृत्व अवकाश स्वीकृत करने के एवज में विभाग के कुछ कर्मियों द्वारा रिश्वत की मांग की गई। उन्होंने डीईओ कार्यालय के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।डीईओ ने आरोपों से किया इनकारइस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने रिश्वत और लापरवाही के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि अवकाश आवेदन की प्रक्रिया में तकनीकी त्रुटि थी, जिसके कारण समय पर स्वीकृति नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।कई सवालों के घेरे में शिक्षा विभागघटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि गर्भवती शिक्षिका ने समय रहते मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन दिया था, तो उसे स्वीकृत करने में देरी क्यों हुई? क्या मातृत्व अवकाश जैसे संवेदनशील मामलों के लिए विभाग के पास प्रभावी व्यवस्था है? यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?अब जांच के बाद सच्चाई आएगी सामनेफिलहाल मामले में शिक्षा विभाग का पक्ष सामने आ चुका है,लेकिन परिजनों के आरोपों और विभाग के जवाब के बीच सच्चाई अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पूरे मामले पर लोगों की निगाहें टिकी हैं कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और दोष तय होने पर क्या कार्रवाई होती है।