

बुधवार, 16 सितंबर 2026
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चतरा:नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लावालौंग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. एसपी अनिमेश नैथानी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने थाना क्षेत्र के जोभी टोला के बेहराबाद में छापेमारी कर एक घर से 1.485 किलो अफीम बरामद की है. पुलिस ने इस मामले में 50 वर्षीय पचिया देवी को गिरफ्तार कर लिया है.एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि एसपी अनिमेष नैथानी को अफीम के अवैध भंडारण की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब के नेतृत्व में लावालौंग थाना की एक विशेष टीम गठित की गई. टीम ने जोभी टोला बेहराबाद में पचिया देवी के घर पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान घर से 1.485 किलो अफीम बरामद किया गया. कार्रवाई के दौरान अभियुक्त के परिजन का आधार कार्ड भी जब्त किया गया.एसडीपीओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस नशे के अवैध कारोबार और अफीम की खेती के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है. अफीम की खेती करते पकड़े जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को मिलने वाली गुप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगातार छापेमारी की जा रही है. अभियान में थाना प्रभारी चंदन कुमार, थाना के सशस्त्र बल व स्थानीय चौकीदार शामिल थे.
चतरा: शहर में जमीन विवाद को लेकर कोर्ट के आदेश पर दखल-कब्जा कराने पहुंची न्यायालय की टीम के सामने एक महिला ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली. इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई. महिला को बचाने के प्रयास में एक एएसआई भी झुलस गए. घटना में महिला रीना देवी, उनके बेटे धीरज कुमार और पुलिसकर्मी प्रवीण सिंह झुलस गए. सभी को तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद रीना देवी और उनके बेटे धीरज कुमार को बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया,जबकि एएसआई प्रवीण सिंह का इलाज सदर अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है.दरअसल विवादित जमीन को लेकर रीना देवी के पक्ष और विजय अग्रवाल के बीच लंबे समय से न्यायालय में मामला चल रहा था. कोर्ट टीम के अनुसार वर्ष 1988 में विजय अग्रवाल और तारा देवी के पक्ष से न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया था, इसके बाद वर्ष 2006 में तारा देवी द्वारा मामले को अपील में ले जाया गया, लेकिन वहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद न्यायालय की ओर से विजय अग्रवाल को जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया गया. इसी आदेश के अनुपालन में न्यायालय की टीम और पुलिस बल के सहयोग से जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने पहुंचे थे. जैसे ही टीम ने न्यायालय के आदेश के तहत जमीन पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की,दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. इस दौरान करन यादव ने रीना देवी पर पेट्रोल डाल दिया और बेटे राज कसेरा ने माचिस मार दी.इधर,इसी घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.निर्माणाधीन मकान में छिपाकर रखी गई तीन हॉकी स्टिक भी बरामद किए जाने की जानकारी है. घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. मौके पर पहुंचे डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह और एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.न्यायालय की टीम गंगाजय धर ने बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में दखल-कब्जा की कार्रवाई की जा रही थी. टीम के अनुसार, न्यायालय के आदेश के मुताबिक जिस जमीन पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी,उसे कब्जामुक्त कराया गया.एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मजिस्ट्रेट और कोर्ट टीम की मौजूदगी में दखल-कब्जा की कार्रवाई चल रही थी. इसी दौरान दूसरे पक्ष की ओर से कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया गया. एसडीपीओ के अनुसार,इसी दौरान महिला ने पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास किया,जिसमें पुलिसकर्मी भी झुलस गए.उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
चतरा: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के सक्रिय एरिया कमांडर लक्ष्मण गंझू उर्फ मोछु उर्फ लखन गंझू को चतरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार वह अपने गांव पारामातु में आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचा था. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे घर से गिरफ्तार कर लिया.इस संबंध में एसपी अनिमेष नैथानी ने सोमवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस को 16 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी का एरिया कमांडर लक्ष्मण गंझू उर्फ मोछु उर्फ लखन गंझू श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने गांव पारामातु आने वाला है. इसी सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरिया नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया.एसआईटी ने सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लावालौंग थाना क्षेत्र के पारामातु गांव में छापेमारी की और लक्ष्मण गंझू को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार उग्रवादी लंबे समय से फरार चल रहा था.एसपी ने बताया कि लक्ष्मण गंझू टीएसपीसी संगठन में काफी सक्रिय था. वर्ष 2024 में सदर थाना क्षेत्र में अफीम विनष्टीकरण अभियान से लौट रहे पुलिसकर्मियों पर हमले की साजिश में वह शामिल था. इस घटना में दो पुलिस जवान शहीद हो गए थे. उक्त मामले में लक्ष्मण गंझू की तलाश लंबे समय से की जा रही थी. गिरफ्तार नक्सली के विरुद्ध पूर्व से कई मामले दर्ज है.गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वशिष्ठनगर थाना और सदर थाना में कुल तीन मामले दर्ज हैं. इन मामलों में आर्म्स एक्ट, यूएपीए, सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है. अभियान में सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब, लावालौंग थाना प्रभारी चंदन कुमार, पुअनि विधायक प्रसाद यादव तथा लावालौंग थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
चतरा: शहर के वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र में सर्राफा व्यवसायी से हुई मोबाइल और सोने की चेन लूट मामले का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर उद्भेदन कर लिया है. वशिष्ठनगर जोरी पुलिस की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा,कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद हुई है.पुलिस उपाधीक्षक,मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने प्रेस कांन्फ्रेंस कर बताया कि विगत 07 अगस्त की रात जोरी स्थित सरस्वती ज्वेलर्स के मालिक मृत्युंजय कुमार वर्मा से अज्ञात अपराधियों ने कस्तूरबा विद्यालय प्रतापपुर मोड़ के पास लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था. इतना ही नहीं अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की थी. उन्होंने बताया कि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के अंदर घटना में संलिप्त तीन अपराधियों को दबोच लिया.डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि घटना के बाद गठित टीम ने अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कई ठिकानों पर छापेमारी की. इसी क्रम में पुलिस ने जाल बिछाकर तीनों अपराधियों को धर दबोचा. डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त अमित कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया अवैध हथियार और मोटरसाइकिल बरामद की गई है. इसके अलावा पुलिस ने घटनास्थल से भागने के क्रम में अपराधियों द्वारा छोड़ी गई चप्पल भी बरामद की है,जिसमें से एक जोड़ी चप्पल अमित कुमार की पाई गई. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधी अमित कुमार हंटरगंज थाना क्षेत्र के परासिया गांव का रहने वाला है. टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी मुख्यालय के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अमित कुमार का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. उसके विरुद्ध चतरा के हंटरगंज थाना सहित बिहार के शेरघाटी और बहेरा ओपी क्षेत्र में भी दर्जनों मामले दर्ज हैं.डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि गिरोह में शामिल अन्य फरार अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी को लेकर नियमित छापेमारी अभियान चलाया जा रहा. उन्होंने बताया कि छापेमारी दल में पुलिस उपाधीक्षक,मुख्यालय के अलावे हंटरगंज इंस्पेक्टर विपिन कुमार,थाना प्रभारी जोरी अमित कुमार सिंह, एसआई शिवा यादव,एएसआई विजय कुमार समेत जोरी थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
चतरा:चतरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे नक्सली समर्थक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान सिल्दाग गांव निवासी कुलदीप गंझू के रूप में हुई है. कुलदीप गंझू की गिरफ्तारी लावालौंग थाना में दर्ज कांड संख्या 63/2022 मामले में की गई है. लावालौंग थाना की पुलिस के अनुसार,गिरफ्तार कुलदीप गंझू का वर्ष 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नक्सली अमर सिंह भोक्ता से गहरा संपर्क था. भोक्ता के जरिए बाद में उसकी नजदीकी भाकपा माओवादी संगठन के सबजोनल कमांडर मनोहर गंझू से हो गई थी.पुलिस के मुताबिक,कुलदीप गंझू मनोहर गंझू को खाने-पीने समेत अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराता था.वह मनोहर गंझू के संपर्क में रहकर इलाके में अपना दबदबा बनाए हुए था.पुलिस का आरोप है कि वह ठेकेदारों और मनोहर गंझू के बीच लेवी के सेटलमेंट में भी भूमिका निभाता था.गिरफ्तार आरोपी पूर्व में NDPS एक्ट से जुड़े मामलों में जेल जा चुका है.
चतरा:टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में मॉब लिंचिंग में मो.इमरोज की पीट-पीटकर हत्या मामले में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है.घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा मृतक इमरोज और उसके पिता सुल्तान मियां को भीड़ से बचाने के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए जाने के आरोप में दो दारोगा और दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.मारपीट की घटना में बेटे की हुई थी मौत,पिता घायलएसपी के गोपनीय कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार टंडवा थाना के एसआई सुनील सिंह, महिला एसआई दुलारी पूर्ति और आरक्षी दशरथ महतो और प्रदीप कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ कि इमरोज और उसके पिता को भीड़ से बचाने के लिए मौके पर तैनात पुलिस पदाधिकारी व जवानों द्वारा अपेक्षित एवं सार्थक प्रयास नहीं किया गया. जिसके कारण मारपीट की इस घटना में पिता और बेटा घायल हो गए थे. गंभीर रूप से घायल मो. इमरोज को चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग रेफर कर दिया था. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.टंडवा एसडीपीओ की अनुशंसा पर लापरवाह पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाईचतरा एसपी ने बताया कि इमरोज की मौत के बाद मौके पर तैनात पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे थे जिससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई थी. उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बड़वार को मामले के संपूर्ण जांच के आदेश दिए गए थे. टंडवा एसडीपीओ की अनुशंसा पर लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है. एसपी ने बताया कि पुलिस ने मामले में अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
चतरा:जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में हुई मॉब लिंचिंग और नाबालिग से दुष्कर्म मामले को लेकर बीजेपी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. बीजेपी जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोक्ता ने कहा कि दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो,लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति को इस मामले में नहीं फंसाया जाए. उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करे,लेकिन जांच पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए.बीजेपी जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोक्ता ने कहा कि दुष्कर्म जैसी जघन्य घटना के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए. साथ ही मॉब लिंचिंग मामले में भी दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले में बड़ी संख्या में लोगों को नामजद और अज्ञात अभियुक्त बनाया गया है,जिनमें कई निर्दोष लोगों के भी शामिल होने की आशंका है. इसलिए पुलिस निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान करे और बेगुनाहों को परेशान न किया जाए.
चतरा: चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र स्थित बड़गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में आक्रोशित भीड़ ने मोहम्मद इमरोज नाम के युवक की लाठी-डंडों और पत्थरों से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस मॉब लिंचिंग के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.जानकारी के मुताबिक,एक दिन पहले शौच के लिए निकली नाबालिग को अगवा कर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया. जब बच्ची ने घर लौटकर आपबीती बताई,तो आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर को घेर लिया. भीड़ ने युवक को घर से निकालकर सड़क पर घसीटा और जमकर पीटा. वायरल वीडियो में उसके पिता को भी खंभे से बांधकर पीटा गया है. आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही यह क्रूरता हुई है, बावजूद पुलिस मूक दर्शक बनकर देकती रही.अधमरे युवक को इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया था,जहां उसने दम तोड़ दिया. हालांकि, टंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन ने पुलिस के सामने पिटाई के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही भीड़ हमला कर चुकी थी. पुलिस ने कड़ी मशक्कत से उसे छुड़ाकर अस्पताल भेजा था. फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और मामले की सघन जांच की जा रही है.
चतरा: एसपी आवास के सामने मंगलवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. गोली लगने से एक प्राइवेट गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई. घटना में जिला बल के एक जवान पर प्राइवेट गार्ड को गोली मारने का आरोप लगा है. गोली चलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर सदर थाना पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया.वरीय पुलिस अधिकारियों नेघटनास्थल का लिया जायजाइधर,घटना की सूचना पर सिमरिया एसडीपीओ, टंडवा एसडीपीओ समेत कई वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. बताया जा रहा है कि घटनास्थल के पास खड़ी फोर्ड एंडेवर कार में बाईपास निर्माण कार्य कर रही रमियां कंस्ट्रक्शन के मालिक एवं गया निवासी रॉकी यादव की है. पुलिस ने उक्त वाहन को भी जब्त कर लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार,कार से अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं. हालांकि, हथियारों की संख्या और बरामदगी से जुड़ी अन्य जानकारी की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है.घटना के कारणों का पता लगाया जा रहापुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाने के निर्देश दिए गए हैं. मामले को लेकर पुलिस के वरीय अधिकारी फिलहाल कुछ भी आधिकारिक तौर पर कहने से बच रहे हैं. पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट खुलासा होने की संभावना है. हालांकि, आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है और ना ही मृतक का पहचान हुआ है.
चतरा:प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC/TPC) के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने संगठन के हार्डकोर उग्रवादी नरेश गंझू उर्फ रविकांत को लावालौंग थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि वह टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ सरदार का बेहद करीबी और संगठन का सक्रिय सहयोगी था. गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच धमनियां पिकेट में रखकर पूछताछ की जा रही है.नरेश गंझू संगठन के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में थापुलिस सूत्रों के अनुसार,नरेश गंझू संगठन के शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में था और लंबे समय से टीपीसी की गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था.जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के दौरान संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों,लेवी वसूली, सक्रिय उग्रवादियों और फरार नेताओं से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं. टेरर फंडिंग के मामले में फरार चल रहे टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू तक पहुंचने में भी यह गिरफ्तारी मददगार साबित हो सकती है.नरेश गंझू के पास से हथियार भी बरामदसूत्रों के मुताबिक,गिरफ्तारी के दौरान नरेश गंझू के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं. हालांकि,पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. माना जा रहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करेगी.टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू परकुल 30 लाख का इनाम घोषितजानकारी के अनुसार,झारखंड सरकार ने टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ सरदार पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है,जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उस पर 5 लाख का अतिरिक्त इनाम रखा है. इसी तरह ब्रजेश गंझू पर कुल 30 लाख का इनाम घोषित है और वह सुरक्षा एजेंसियों का मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है.अन्य उग्रवादियों के खिलाफ भी अभियान तेजसूत्रों का कहना है कि नरेश गंझू से मिल रही जानकारियों के आधार पर पुलिस संगठन से जुड़े अन्य उग्रवादियों के खिलाफ भी अभियान तेज कर सकती है.वहीं,इस पूरे घटनाक्रम के बीच खबर है कि झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा आज चतरा पहुंच सकती हैं. उनके साथ आईजी, डीआईजी समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के भी पहुंचने की संभावना है.
चतरा: टंडवा कोयलांचल क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने राहुल दुबे गैंग के तीन अपराधियों को हथियार के साथ दबोच लिया है. गिरफ्तार अपराधी कोयला साइडिंग की रेकी कर कारोबारियों में दहशत फैलाकर लेवी वसूलने की साजिश रच रहे थे. पुलिस ने अपराधियों के कब्जे से एक पिस्टल,एक देशी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, एक मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद की है.बड़ी वारदात को अंजाम देने की थी योजनाटंडवा एसडीपीओ प्रभात रंजन बरवार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध अपराधी पिपरवार थाना क्षेत्र के कारो गांव में हथियार के साथ घूम रहे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर तत्काल विशेष छापेमारी दल का गठन कर कार्रवाई की गई. उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने कारो गांव में घेराबंदी कर तीनों अपराधियों को दबोच लिया. गिरफ्तार अपराधियों की पहचान बोकारो जिले के संजय मुर्ती, आलोक कुमार सिंह और हजारीबाग जिले के अजय करमाली के रूप में हुई है.कोयला साइडिंग और कारोबारियों की गतिविधियों की हो रही थीरेकीएसडीपीओ ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि तीनों अपराधी राहुल दुबे गैंग से जुड़े हुए है. ये टंडवा कोयलांचल क्षेत्र में संचालित कोयला साइडिंग और कारोबारियों की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे. इसके बाद कारोबारियों में भय का माहौल बनाने के लिए फायरिंग की घटना को अंजाम देकर लेवी वसूलने की योजना बनाई गई थी.गैंग के अन्य सदस्य औरभूमिका का लगाया जा रहा पतापुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों की साजिश को नाकाम कर दिया. पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, छह जिंदा कारतूस, एक मोबाइल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है. बरामद हथियारों और अपराधियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गैंग के अन्य सदस्य कहां सक्रिय हैं और उनकी क्या भूमिका रही है. विशेष छापेमारी दल की अहम भूमिका रही है. गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राहुल दुबे गैंग के अन्य सदस्य कहां छिपे हुए है,उन्हें हथियार किसने उपलब्ध कराए और कोयला क्षेत्र में लेवी वसूली की साजिश में कौन-कौन लोग शामिल है.
चतरा:जिले के सिमरिया-चतरा मुख्य मार्ग स्थित देल्हो घाटी में सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मौत हो गई है. सीआरपीएफ जवान का नाम लक्ष्मण कुमार यादव (28 वर्ष) है. जो बिराजपुर गांव के रहने वाले थे. परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक मृत जवान जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और तीन दिन पहले ही पंद्रह दिन की छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे.लक्ष्मण कुमार बाइक से सिमरिया की ओर से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान हजारीबाग जिले के कटकमसांडी रेलवे साइडिंग में कोयला खाली कर आ रहा तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. ग्रामीणों ने उसे घायल अवस्था में सिमरिया रेफरल अस्पताल भेजा,वहां से रांची रिम्स ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई.वहीं,इस हादसे के विरोध में आक्रोशित लोगों ने मुआवजा की मांग को लेकर घंटों सड़क जाम रखा. मृतक के पिता ने बताया कि उनके बेटे की नौकरी में प्रोन्नति हो गई थी. इसी का कागज बनवाने छुट्टी में घर आए थे. इसी दौरान उनकी दुर्घटना हो गई. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से उचित मुआवजे की मांग करते हुए चतरा-सिमरिया सड़क से कोल ट्रांसपोर्टिंग बंद करने की मांग की है.सिमरिया अंचलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा ट्रांसपोर्ट कंपनी से भी मुआवजा की बात की जा रही है. उन्होंने बताया कि प्रशासन मृतक के परिजनों को अधिक से अधिक लाभ देने की कोशिश कर रही है.
चतरा: झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ के बैनर तले जिले के पंचायत सचिवों ने लंबित नौ सूत्री मांगों को लेकर समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को मांगपत्र भी सौंपा है. धरना को संबोधित करते हुए संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पंचायत सचिव लंबे समय से ग्रेड पे में बढ़ोतरी, पदोन्नति, सेवा संरचना में सुधार, रिक्त पदों पर नियुक्ति, गृह जिला में पदस्थापन समेत अन्य मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं,लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. इससे पंचायत सचिवों में भारी नाराजगी है.पंचायत सचिवों का ग्रेड पे बढ़ाने की भी मांगपंचायत सचिवों ने मांग की है कि पंचायत सचिवों का ग्रेड पे बढ़ाया जाए,प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी के पद पर वरीयता के आधार पर पदोन्नति दी जाए,पंचायत सचिवालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर, अनुसेवक एवं रात्रि प्रहरी की नियुक्ति की जाए और पंचायत सचिवों को मनरेगा कार्यों से मुक्त कर उनके मूल कार्यों पर ध्यान देने का अवसर दिया जाए.जायज मांगें पूरी नहीं होने परराज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनीइसके अलावा गृह जिला में पदस्थापन, सेवा संपुष्टि, लंबित एसीपी-एमएसीपी मामलों का निष्पादन और यात्रा भत्ता सहित अन्य मांगों को भी जल्द पूरा करने की अपील की गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है तो झारखंड राज्य पंचायत सचिव संघ के नेतृत्व में राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
चतरा: पुलिस ने नक्सल और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के दो वांछित सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपियों की लंबे समय से तलाश थी. रंगदारी, आगजनी, हथियार अधिनियम समेत कई गंभीर मामलों में वांछित है.दोनों के खिलाफ आर्म्स और सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्जपुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टंडवा प्रभात रंजन बरवार के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी टीम ने कार्रवाई है. पिपरवार थाना कांड संख्या 23/25 (दिनांक 5 अगस्त 2025) में फरार चल रहे मसी तिग्गा (29 वर्ष) और किरण नगडवार (45 वर्ष) को गिरफ्तार किया है. दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और सीएलए एक्ट के तहत मामला दर्ज है. गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.दोनों आरोपियों परकई मामले दर्जपुलिस के अनुसार, गिरफ्तार मसी तिग्गा पर पिपरवार, टंडवा और खलारी थाना क्षेत्रों में आर्म्स एक्ट, यूएपीए, रंगदारी, आगजनी, हत्या के प्रयास और अन्य संगीन अपराधों के करीब 10 मामले दर्ज है. वहीं, किरण नगडवार के खिलाफ भी पिपरवार और टंडवा थाना में रंगदारी, आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट और यूएपीए से जुड़े कई मामले दर्ज हैं.फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारीयह कार्रवाई चतरा पुलिस द्वारा नक्सल संगठनों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है. छापेमारी दल में एसडीपीओ टंडवा प्रभात रंजन बरवार, पिपरवार थाना प्रभारी अभय कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार तथा पिपरवार थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. पुलिस ने बताया कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
चतरा: शहर के पत्थलगड्डा पुलिस ने सिरकोल इलाके में नशे के सौदागरों में नकेल कसा है. पुलिस ने लगभग 13 लाख के अफीम के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार तस्कर की पहचान मनीष मुंडा के रूप में हुई है,जो पत्थलगड़ा थाना क्षेत्र के बड़कीटांड खैरा गांव का निवासी है. पुलिस ने आरोपियों के पास से तस्करी में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी जब्त किया है.सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहब ने समाहरणालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया है. एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अफीम की खेप लेकर पत्थलगड़ा से गिद्धौर की ओर जा रहा है. इसी सूचना के सत्यापन के बाद तत्काल छापेमारी दल का गठन किया गया और सिरकोल इलाके में वाहन जांच अभियान चलाया गया.जांच के दौरान पुलिस ने बाइकसवार एक संदिग्ध युवक को शक होने पर रोका. तलाशी लेने पर उसके पास से 2.567 किलोग्राम अफीम बरामद हुई. बरामद अफीम की बाजार कीमत करीब 13 लाख रुपये आंकी गई है. पुलिस ने मौके पर तस्कर को भी दबोच लिया.इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है.एसडीपीओ ने कहा कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और इस धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने लोगों से भी नशा कारोबार की सूचना पुलिस को देने की अपील की है. वहीं,गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया है.
चतरा:पिपरवार थाना क्षेत्र में युवती की हत्या के चर्चित मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. मामले का खुलासा टंडवा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रभात रंजन बरवार ने प्रेसवार्ता में किया. एसडीपीओ ने बताया कि 6 जून को सफही नदी के किनारे रेत में दबा एक युवती का शव बरामद हुआ था. शव मिलने की सूचना के बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन कर मामले का खुलासा किया गया.हत्या के बाद शव को नदी किनारे रेत में दफनायाजांच के दौरान घटनास्थल पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया था. एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए थे. प्रारंभिक जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी थी,लेकिन तकनीकी एवं मानवीय अनुसंधान के आधार पर मृत युवती की पहचान रांची जिले के सिमलिया थाना क्षेत्र की निवासी के रूप में की गई. वह एक जून को घर से मेला देखने के लिए घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी थी. पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि युवती का प्रेम संबंध रांची जिले के खलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मनातू गांव निवासी सूरज कुमार के साथ था. युवती लगातार उस पर विवाह करने का दबाव बना रही थी, जबकि वह शादी करने से बच रहा था. इसी कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर युवती की हत्या की साजिश रची. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि एक और दो जून की रात युवती को मेला दिखाने और शादी की बातचीत करने का झांसा देकर पड़रिया जंगल क्षेत्र में बुलाया गया. वहां आरोपियों ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया और बाद में चाकू एवं ईंट से हमला कर उसकी हत्या कर दी.हत्या में प्रयुक्त चाकू, बाइक समेत अन्य सामान बरामदघटना को छुपाने के उद्देश्य से शव को सफही नदी के किनारे रेत में दफना दिया गया.पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू,घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल समेत अन्य सामग्री बरामद की गई.
चतरा:राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गड़िया गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पिछले दो दिनों से लापता प्रमोद कुमार का शव गड़िया नदी से महज 200 मीटर की दूरी पर बरामद किया गया. इस खौफनाक मंजर को देखते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई.परिजनों के मुताबिक, प्रमोद पिछले दो दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता था. जिसकी तलाश आस-पास के इलाकों में की जा रही थी. आज सुबह जब कुछ ग्रामीणों ने नदी के पास झाड़ियों में शव को देखा, तो उनके होश उड़ गए. घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है.घटना की सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंच. पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पुलिस घटनास्थल के आस-पास से सबूत इकट्ठा कर रही है, ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके. इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है.
चतरा: बड़ी लूट की वारदात की फिराक में जुटे चार अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. हथियार और कारतूस के साथ चार अंतरराज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार,गिरफ्तार अपराधी हंटरगंज क्षेत्र में किसी बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ी आपराधिक घटना होने से पहले टल गई. पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों के पास से दो पिस्टल, एक कट्टा एवं चार कारतूस बरामद किए हैं.किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की थी योजनाइस संबंध में चतरा पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी हंटरगंज थाना क्षेत्र में एकत्र होकर किसी बड़ी आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं. सूचना के सत्यापन के बाद तत्काल एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया.भागने के क्रम में चारों अपराधियों की घेराबंदी कर हुई गिरफ्तारएसपी ने बताया कि चतरा एसडीपीओ सन्नी वर्धन व हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हंटरगंज प्रखंड के डुमरिया गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में छापेमारी की. पुलिस को देखते ही संदिग्ध भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए चारों अपराधियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिसके आधार पर पुलिस अन्य आपराधिक गतिविधियों और इनके नेटवर्क की जांच कर रही है.आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी पुलिसएसपी अनिमेष नैथानी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सभी आरोपी किसी बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे. पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है तथा बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों से इनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
चतरा: जिले के सदर थाना क्षेत्र के जपुआ गांव के पास सड़क हादसा हुआ है. तेज रफ्तार से आ रही सवारी गाड़ी बेकाबू होकर मवेशी से टकरा गई. भागने के दौरान चालक ने नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी सड़क किनारे पलट गई. इस हादसे में लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए. हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को वाहन से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में मदद की. सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया. वहीं, करीब आधा दर्जन घायलों को बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है.बताया जा रहा है कि वाहन सवार सभी लोग परिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर कान्हाचट्टी स्थित जोरीलौट रहे थे. लोगों की खुशियां तुरंत चीख-पुकार में बदल गई.