

रविवार, 20 सितंबर 2026
Live"झारखंड के रामगढ़ के पतरातू लेक रिजॉर्ट की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है! जी हां, प्रकृति की गोद में बसे इस सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल को अब एक भव्य और राज्यस्तरीय 'टूरिज्म हब' बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। हाल ही में नवनियुक्त पर्यटन सचिव मुकेश कुमार ने पूरे इलाके का दौरा किया और यहां के बुनियादी ढांचे में एक बहुत बड़े विस्तार की घोषणा की है।""झारखंड सरकार अब पर्यटन को राज्य के आर्थिक विकास का नया इंजन बनाने जा रही है। पतरातू में पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए JTDC की जमीन पर 100 से अधिक नए लग्जरी कमरों का निर्माण किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले लोगों को वर्ल्ड-क्लास ठहरने की सुविधा मिल सके।लेकिन रुकिए, रोमांच यहीं खत्म नहीं होता! रिजॉर्ट के ठीक सामने आवंटित 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में एक अत्याधुनिक वॉटर पार्क (Water Park) स्थापित करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने वाली है।""पर्यटन सचिव मुकेश कुमार का मानना है कि बेहतर आवास और मनोरंजन की व्यवस्था से स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी। जब देश-विदेश से पर्यटक यहां रुकेंगे, तो इसका सीधा फायदा हमारे स्थानीय युवाओं को मिलेगा।छोटे होटल, बोट संचालक, गाइड, ट्रांसपोर्ट, लोकल हस्तशिल्प और बाजारों की आमदनी बढ़ेगी, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए अब पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, पार्क के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और डैम टापू को भी नए सिरे से संवारा जा रहा है।""अगर ये सभी योजनाएं समय पर पूरी हो गईं, तो पतरातू सिर्फ रामगढ़ का ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड का सबसे बड़ा टूरिज्म ब्रांड बनकर उभरेगा। प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं का यह अनूठा संगम राज्य के भविष्य को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।
NEWS DESK : वाराणसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान भोजपुरी संगीत जगत को एक नई सौगात मिली,जब पा रा म्यूजिक ने अपने नए भोजपुरी म्यूजिक वर्टिकल‘भोजपुरी धूम’का शानदार शुभारंभ किया. इस नई पहल का आगाज़ भोजपुरी सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू और लोकप्रिय गायिका शिल्पी राज की आवाज़ में रिलीज़ हुए गीत‘राउंड राउंड’से हुआ. रिलीज़ के साथ ही यह गीत सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है तथा दर्शकों का जबरदस्त प्रतिसाद प्राप्त कर रहा है.‘राउंड राउंड’में अरविंद अकेला कल्लू का बिल्कुल नया और स्टाइलिश अंदाज़ देखने को मिल रहा है. दमदार संगीत,आकर्षक लोकेशन,भव्य फिल्मांकन और कल्लू की ऊर्जावान प्रस्तुति ने इस गीत को खास बना दिया है. गीत में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और परफॉर्मेंस दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर रही है. वहीं शिल्पी राज की आवाज़ ने गीत में चार चांद लगा दिए हैं. म्यूजिक वीडियो में एंजेल लिज़ा की ग्लैमरस मौजूदगी भी दर्शकों को खूब आकर्षित कर रही है.लिंक : https://www.youtube.com/watch?v=tCPEWY2Curoगीत की सफलता पर खुशी जताते हुए अरविंद अकेला कल्लू ने कहा कि‘राउंड राउंड’पूरी तरह से मनोरंजन से भरपूर गीत है,जिसे हर वर्ग के श्रोता पसंद करेंगे. उन्होंने कहा कि भोजपुरी संगीत अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और ऐसे गीतों के माध्यम से इसे और मजबूती मिलेगी. वहीं शिल्पी राज ने भी विश्वास जताया कि यह गीत शादी,पार्टी और उत्सवों की पहली पसंद बनने वाला है. रिलीज़ के कुछ ही समय में गीत को मिल रहे सकारात्मक रिस्पॉन्स ने पूरी टीम का उत्साह बढ़ा दिया है.पा रा म्यूजिक की सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक राशना पोचकनावाला ने कहा कि ‘भोजपुरी धूम’ का उद्देश्य भोजपुरी दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाला और मौलिक कंटेंट उपलब्ध कराना है. वहीं सह-संस्थापक पवन सूद ने इसे भोजपुरी संगीत उद्योग में दीर्घकालिक निवेश और रचनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया. गीत के बोल अभिनव प्रताप सिंह ने लिखे हैं, संगीत प्रियांशु सिंह ने दिया है तथा वीडियो का निर्देशन बद्री नाथ झा ने किया है. पीआरओ रंजन सिन्हा ने बताया कि ‘राउंड राउंड’ को जिस तरह का प्यार मिल रहा है, उसे देखते हुए यह गीत आने वाले दिनों में भोजपुरी संगीत जगत का बड़ा हिट साबित हो सकता है.
पटना- फिल्म ‘द इंडियन लेनिन बाबू जगदेव’ आगामी 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। इसकी जानकारी फिल्म के निर्माता सुभाष कुमार और सिद्धार्थ कुमार ने दी।उन्होंने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद बिहार के सर्वमान्य जननेता थे, जिन्होंने दलित, अति पिछड़ा, आदिवासी और अल्पसंख्यक समाज के लोगों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। फिल्म में उनके संघर्ष, विचार और सामाजिक आंदोलन को प्रमुखता से दिखाया गया है।फिल्म की शूटिंग जहानाबाद के कुर्था इलाके तथा झारखंड के कई क्षेत्रों में की गई थी। फिल्म में छुआछूत, अंधविश्वास, अमीरी-गरीबी और ऊंच-नीच जैसी सामाजिक विसंगतियों को भी प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।निर्माताओं का कहना है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी काम करेगी। फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।पटना से नीरज उपाध्याय की रिपोर्ट
पटना: राजधानी पटना में एक प्रेम कहानी ने उस वक्त फिल्मी मोड़ ले लिया,जब बिहार राज्य महिला आयोग का दफ्तर ही शादी का मंडप बन गया. किराएदारी से शुरु हुई यह कहानी दोस्ती,फिर प्यार और आखिरकार शादी तक पहुंची,लेकिन इस पूरे सफर में परिवार का विरोध सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आया.मामला उस समय सुर्खियों में आया जब प्रेमी जोड़ा अपनी समस्या लेकर महिला आयोग पहुंचा. दोनों पहले ही 2 जुलाई 2025 को कोर्ट मैरिज कर चुके थे,लेकिन लड़के का परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने को तैयार नहीं था. परिवार की नाराजगी इतनी बढ़ गई कि लड़के को घर और संपत्ति से बेदखल तक कर दिया गया.करीब दो घंटे तक आयोग में हंगामा,बहस और समझाने-बुझाने का दौर चलता रहा. हालात को संभालने के लिए डायल 112 की टीम को भी मौके पर बुलाना पड़ा. आयोग की अध्यक्ष और सदस्यों ने दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की,लेकिन जब कोई रास्ता नहीं निकला,तो अंत में वहीं बड़ा फैसला लिया गया.सभी के सामने लड़के ने लड़की की मांग में सिंदूर भर दिया और इस रिश्ते को सामाजिक मान्यता दे दी. इस पूरे घटनाक्रम ने वहां मौजूद लोगों को हैरान कर दिया और माहौल कुछ देर के लिए पूरी तरह फिल्मी हो गया.जानकारी के अनुसार,लड़की करीब ढाई साल पहले लड़के के घर किराएदार बनकर रहने आई थी. धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता प्यार में बदल गया. तमाम विरोध और दबाव के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया.फिलहाल,दोनों ने अलग किराए के घर में नई जिंदगी शुरू करने का निर्णय लिया है. महिला आयोग भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है. यह कहानी एक बार फिर दिखाती है कि जब इरादे मजबूत हों,तो प्यार हर मुश्किल को पार कर सकता है.पटना से SANJAY KUMAR की रिपोर्ट--
दानापुर : राजधानी पटना से सटे दानापुर के सगुना मोड़ स्थित नवनिर्मित सगुना चिल्ड्रन पार्क का शुक्रवार को विधिवत उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर दानापुर नगर परिषद की अध्यक्ष शिल्पी कुमारी ने फीता काटकर पार्क का शुभारंभ किया.यह पार्क दानापुर नगर परिषद द्वारा क्षेत्र का पहला ऐसा पार्क है,जहां स्थानीय लोगों को सुबह-शाम टहलने,बैठने और बच्चों को खेलने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी. पार्क के निर्माण से आसपास के निवासियों में खासा उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला. इस पार्क में छोटा सा ओपन जिम की भी व्यवस्था की गई है.उद्घाटन समारोह में नगर परिषद के कई वार्ड पार्षद भी मौजूद रहे और सभी ने इस पहल की सराहना की है. वहीं,इस पार्क के निर्माण में भाजपा नेता शंकर सिंह का विशेष योगदान रहा,जिनके प्रयासों से यह सुविधा क्षेत्रवासियों को मिल सकी.स्थानीय लोगों ने कहा कि इस पार्क के बनने से न केवल बच्चों को खेलने का सुरक्षित स्थान मिलेगा,बल्कि बुजुर्गों और युवाओं के लिए भी यह एक बेहतर सुकून भरा वातावरण प्रदान करेगा.दानापुर से अभय राज की रिपोर्ट--
पटना : बिहार में 45 फिल्मों की शूटिंग को मंजूरी मिली है. ये फिल्में भोजपुरी,हिन्दी,मगही और हिन्दी-मैथिली जैसी कई भाषाओं में बनाई जा रही है. इनमें 22 हिन्दी,19 भोजपुरी,1 मगही,1 इंग्लिश एवं भोजपुरी,1 हिन्दी एवं मैथिली फिल्में शामिल हैं.बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड की ओर से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए जारी सूची के अनुसार कुल 45 फिल्मों/प्रोजेक्ट्स की शूटिंग बिहार में की जा रही है. इनमें 38 फीचर फिल्में,6 डॉक्यूमेंट्री और 1 वेब सीरीज हैं. इन सभी फिल्मों को राज्य सरकार की बिहार फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत सब्सिडी और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं. वर्ष 2024 के जुलाई से अब तक कुल 39 फिल्मों की शूटिंग पूरी हो गई है जबकि बाकि फिल्मों की शूटिंग चल रही है.कौन-कौन से फिल्मों की हो रही शूटिंगसूची में शामिल प्रमुख फिल्मों में संघतिया,द लॉन्ग जर्नी होम,बिहार का जलवा,सुहागिन के सेनुर,लार्इफ लीला,जिंदगी बितवनी तोहरे प्यार में,घर का बंटवारा,नारी,रजनी की बारात,ओह माय डॉग,टिया,सुगनी,पतिदान,छठ,पेन ब्रश,बिहान,अनमोल घड़ी,बंटवारा,अंबे है मेरी मां,बेटी बनल विजेता,अखंड भेदम,बिहारी भौजी,वृहस्पति व्रत कथा,जय मईया शारदा भवानी,जिंदगी एक प्रेम कथा,मईया थावे वाली,मगध पुत्र,आखिरी लेसन,इकोस ऑफ द एबसेंट,चंपारण सत्याग्रह,डोंट टर्न,हालात,आदि शक्ति मुंडेश्वरी,जीवन की शतरंज,बोध गया का महाबोधि मंदिर,अंधेरे में रोशनी की किरण,डिजिटल युग का संस्कार,बजरंगी,गुंबद,प्यार त पागल होला,बिहार लेजिस्लेटिव असेंबली चेयरमैन अपटू 2025,ऑफलाइन,आईडल,मिस बिहार और द आउट कास्ट बड शामिल हैं.फिल्मों की शूटिंग राज्य के विभिन्न प्रमुख स्थलों जैसे राजगीर,बोधगया,पटना,गया,मुंगेर और चंपारण में हो रही है. इन लोकेशनों के माध्यम से बिहार की ऐतिहासिक धरोहर,धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा रहा है.सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत निर्माताओं को सब्सिडी, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और प्रशासनिक सहयोग मिल रहा है.
पटना: भोजपुरी सिनेमा के दर्शकों के लिए बहुप्रतीक्षित फिल्म‘प्रेम विवाह’का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया और यूट्यूब पर चर्चा का विषय बन गया है. एसआरके म्यूजिक प्रा. लि. प्रस्तुत इस फिल्म में सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू और चर्चित अभिनेत्री काजल राघवानी की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर रोमांस,पारिवारिक भावनाओं और सामाजिक संदेश के साथ नजर आने वाली है. ट्रेलर में प्रेम,रिश्तों,पारिवारिक टकराव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का ऐसा मिश्रण देखने को मिला है,जिसने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है.फिल्म‘प्रेम विवाह’के ट्रेलर में जहां एक ओर कल्लू और काजल राघवानी की दमदार केमिस्ट्री देखने को मिल रही है,वहीं दूसरी ओर कहानी में पारिवारिक मान-सम्मान,सामाजिक सोच और रिश्तों की अहमियत को भी खूबसूरती से पिरोया गया है. ट्रेलर में रोमांस,इमोशन,कॉमेडी और ड्रामा का संतुलित मेल दिखाई दे रहा है,जो इसे एक सम्पूर्ण पारिवारिक मनोरंजन फिल्म बनाता है. फिल्म में समर्थ चतुर्वेदी,संजय पांडेय,रीना रानी,विनोद मिश्रा,श्रद्धा नवल,अनीता रावत समेत कई कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं.लिंक :https://www.youtube.com/watch?v=E4tQuHP2BQMफिल्म के निर्माता रौशन सिंह और सह-निर्माता शर्मिला आर सिंह हैं,जबकि निर्देशन की कमान संजय श्रीवास्तव ने संभाली है. निर्माता रौशन सिंह ने ट्रेलर को लेकर कहा कि "‘प्रेम विवाह’सिर्फ एक फिल्म नहीं,बल्कि रिश्तों,प्रेम,परिवार और सामाजिक मूल्यों से जुड़ी एक खूबसूरत कहानी है. हमें पूरा विश्वास है कि इसका ट्रेलर दर्शकों को जरूर पसंद आएगा. इस फिल्म को हमने पूरी ईमानदारी और भव्यता के साथ बनाया है,ताकि भोजपुरी दर्शकों को एक साफ-सुथरी,पारिवारिक और मनोरंजक फिल्म मिल सके. अरविंद अकेला कल्लू और काजल राघवानी की जोड़ी के साथ पूरी टीम ने शानदार काम किया है. हमें उम्मीद है कि दर्शक इस फिल्म को अपना भरपूर प्यार और आशीर्वाद देंगे."निर्देशक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि "‘प्रेम विवाह’ एक ऐसी फिल्म है, जिसमें प्यार, परिवार, भावनाएं और समाज की सच्चाई— एक साथ देखने को मिलेगा. हमने कोशिश की है कि दर्शकों को एक ऐसी कहानी दें, जिससे वे खुद को जोड़ सकें. ट्रेलर फिल्म की सिर्फ एक झलक है, असली भावनात्मक और मनोरंजक सफर तो पूरी फिल्म में देखने को मिलेगा."अभिनेता अरविंद अकेला कल्लू ने कहा कि "यह फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब है.‘प्रेम विवाह’में दर्शकों को मेरा एक अलग अंदाज देखने को मिलेगा. कहानी बहुत खूबसूरत है और इसमें मनोरंजन के साथ-साथ एक मजबूत संदेश भी है. मुझे उम्मीद है कि ट्रेलर की तरह फिल्म को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिलेगा."अभिनेत्री काजल राघवानी ने कहा कि "‘प्रेम विवाह’एक बेहद प्यारी और पारिवारिक फिल्म है. इस फिल्म में मेरा किरदार बहुत खास और भावनात्मक है. मुझे पूरा विश्वास है कि दर्शक इस कहानी और हमारे काम को जरूर पसंद करेंगे. ट्रेलर को देखकर जो प्यार मिल रहा है,वह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है." फिल्म की कहानी प्राण नाथ ने लिखी है,जो ट्रेलर से ही काफी प्रभावशाली और दर्शकों से जुड़ने वाली प्रतीत हो रही है. फिल्म का संगीत भी इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है,जिसे प्रियांशु सिंह,रौशन सिंह,आर आर पंकज और सरगम आकाश ने तैयार किया है. वहीं गीतों को सुमित सिंह चंद्रवंशी,आशुतोष तिवारी,मनोज भावुक,छोटू यादव और अन्य गीतकारों ने लिखा है.तकनीकी पक्ष की बात करें तो फिल्म की सिनेमैटोग्राफी सिद्धार्थ सिंह,एडिटिंग जितेंद्र सिंह‘जीतू’,कोरियोग्राफी कानू मुखर्जी और बैकग्राउंड स्कोर असलम सुरती ने किया है. ट्रेलर रिलीज के बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि‘प्रेम विवाह’भोजपुरी सिनेमा की एक और बड़ी पारिवारिक हिट साबित हो सकती है. फिल्म के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी पीआरओ रंजन सिन्हा संभाल रहे हैं.
पटना : बिहार अब इको टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है. प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर ये स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं और आने वाले समय में बिहार देश के प्रमुख इको टूरिज्म गंतव्यों में शामिल हो सकता है. राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित वन्यजीव अभ्यारण्य,झील,जलप्रपात,पहाड़ और बांध अब इको टूरिज्म के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं.टूरिस्ट्स का बढ़ता क्रेज राज्य सरकार की ओर से इन इको टूरिज्म स्थलों पर आधारभूत संरचना,सड़क,आवास और अन्य सुविधाओं का लगातार विकास किया जा रहा है.झील-झरने और जंगल बना रहे पहचानपश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व राज्य का प्रमुख इको टूरिज्म स्थल है. लगभग 901 वर्ग किलोमीटर में फैले इस वन क्षेत्र में बंगाल टाइगर,तेंदुआ,भालू,हिरण,नीलगाय सहित 250 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं. इसके अलावा अमवा मन झील और उदयपुर वन्यजीव अभ्यारण्य भी प्राकृतिक सुंदरता और पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.प्रकृति की ओर बढ़ा पर्यटकों का रुझान भागलपुर का विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभ्यारण्य गंगा डॉल्फिन संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है,जहां पर्यटक डॉल्फिन को प्राकृतिक आवास में देख सकते हैं. वहीं मुंगेर का भीमबांध वन्यजीव अभ्यारण्य अपने घने जंगल,पहाड़ियों और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है.नालंदा जिले का राजगीर नेचर सफारी और जू सफारी तथा घोड़ा कटोरा झील पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. राजगीर में देश का पहला ग्लास स्काई वॉक भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है. नवादा का ककोलत जलप्रपात,रोहतास के तुतला भवानी जलप्रपात,मांझर कुंड,धुआं कुंड और इंद्रपुरी बैराज भी प्राकृतिक पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थल हैं.जमुई जिले के नागी-नकटी पक्षी अभ्यारण्य,गढ़ी बांध,बांका का ओढ़नी बांध,कैमूर का कैमूर वन्यजीव अभ्यारण्य,तेलहर कुंड और करकटगढ़ जलप्रपात इको टूरिज्म के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं. बेगूसराय की कांवर झील और दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पक्षी अभ्यारण्य प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध हैं,जहां सर्दियों में बड़ी संख्या में दूर देशों से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर प्रवासी पक्षी आते हैं.इसके अलावा गया का गौतम बुद्ध वन्यजीव अभ्यारण्य और पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान भी इको टूरिज्म के महत्वपूर्ण केंद्र हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं.
गोपालगंज : रामनवमी के पावन अवसर पर गोपालगंज में भव्य और शांतिपूर्ण माहौल में शोभायात्रा का सफल आयोजन किया गया. भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में निकाली गई इस शोभायात्रा में पूरे जिले के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. जय श्रीराम के नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा, वहीं भक्तिमय माहौल ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया. इस दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. जिला पदाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. सुरक्षा व्यवस्था इतनी सुदृढ़ थी कि पूरे कार्यक्रम के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या अशांति की खबर नहीं आई. शोभायात्रा के दौरान सदर एसडीपीओ, एसडीएम और नगर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते नजर आए. प्रशासन की सक्रियता और सजगता ने इस आयोजन को पूरी तरह सफल और शांतिपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.कार्यक्रम के संयोजक पलतू कुमार ने बताया कि रामनवमी के पावन अवसर पर निकाली गई इस शोभायात्रा को जिलेवासियों का भरपूर सहयोग मिला. उन्होंने कहा कि न सिर्फ आम जनता, बल्कि जनप्रतिनिधियों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसके लिए वे सभी के प्रति तहे दिल से आभार व्यक्त करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि “मैं पूरे जिलेवासियों का धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने अपना कीमती समय निकालकर इस शोभायात्रा में भाग लिया और इसे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग दिया. मेरी भगवान श्रीराम से यही प्रार्थना है कि वे सभी को स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रखें और पूरे जिले में शांति और भाईचारे का माहौल बनाए रखें.” कुल मिलाकर, गोपालगंज में आयोजित यह रामनवमी शोभायात्रा श्रद्धा, उत्साह और प्रशासनिक सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई, जिसने सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का मजबूत संदेश दिया.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट--
पटना:बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए भोजपुरी मिस बिहार की शूटिंग का शुभारंभ किया गया है. फिल्म की कहानी महिला सशक्तिकरण व देशप्रेमी महिला की बहादुरी पर आधारित है. मिस बिहार फिल्म के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह फिल्म एक महिला पर आधारित है जो मिस बिहार बनते ही एक मासूम लड़की असामाजिक तत्वों के चंगुल में फंस जाती है और फिर अपने साथी के साथ मिलकर किस तरह बिहार सरकार की सहायता से भारतवर्ष के दुश्मनों का सफाया करती है. फिल्म निगम के अधिकारियों ने बताया कि संजय कुमार और प्रो. अरविंद रंजन दास इस फिल्म के निर्माता के तौर जुड़े हुए है. वहीं फिल्म का निर्देशन,लेखक,गीतकार बिहार स्टेट फिल्म डेवलपमेंट एंड कॉपरेशन लिमिटेड के अधिकारी अरविंद दास ने किया है.6-7 महीनों में फिल्म को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारितइस विषय पर अधिक जानकारी देते हुए फिल्म निर्देशक व अधिकारी अरविंद रंजन दास ने कहा कि महिला सशक्तिकरण पर आधारित फिल्म मिस बिहार को 6-7 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वहीं फिल्म में मुख्य भूमिका के तौर पर अभिनेत्री सिमरन तिवारी निभा रही है. अभिनय जगत में वे इस फिल्म से कदम रखने जा रही है साथ में अभिनेता गौरव झा,अवधेश मिश्रा,गिरीश शर्मा,माया यादव,के के गोस्वामी,प्रेमलता मिश्र'प्रेम'.मटरू,संजय कुमार,पुष्पराज गुंजन,पूनम विश्वकर्मा व अन्य कई कलाकारों शामिल हैं. विशेष भूमिका के तौर वर आलोक राज (पूर्व डी आईजी और पटना साइंस कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल अतुल आदित्य पांडेय भी शामिल हैं.100 प्रतिशत बिहार में पूरी होगी शूटिंगफिल्म निगम के अधिकारी अरविंद दास ने कहा कि इस फिल्म की शूटिंग पूरी तरह से बिहार में ही पूरा किया जायेगा. साथ ही फिल्म में प्रदेश के प्रमुख स्थान पटना, गया व अन्य पर्यटनस्थलों पर शूट किया जायेगा. उन्होंने यह भी बताया कि बिहार के रीति-रिवाज, परंपरा व त्योहारों को इस फिल्म में प्रमुखता से दिखाया गया है.
जहानाबाद : चार दिनों तक चलने वाले सूर्य उपासना के महापर्व चैती छठ पूजा के तीसरे दिन जहानाबाद के संगम घाट पर हजारों की संख्या में छठ व्रतियों ने डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया.आपको बता दें कि चैती पर्व की शुरुआत नहाय खाए से की जाती है. इसके बाद खरना किया जाता है. उसके बाद पहले दिन सभी छठव्रती अपने नजदीकी नदियों में जाकर भगवान भास्कर को अर्ध अर्पित करते हैं. इसी क्रम में जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र में कई जगहों पर छठ घाट का निर्माण कराया गया जो मुख्य छठ घाट जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र के संगम घाट पर मंगलवार को हजारों हजार की संख्या में छठ व्रती पहुंचक कर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित किये.जहानाबाद से चन्दन मिश्रा की रिपोर्ट--
पटना : बिहार दिवस आयोजित के अंतिम दिन पटना के गांधी मैदान के पास मौजूद श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. इसके भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति आकर्षण का मुख्य केंद्र रही. उनकी प्रस्तुति ने अलग ही शमां बांध दिया,जिसमें शक्ति,अराधना और देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला.नृत्य में भक्ति,मंच पर जादू डॉ. विजयलक्ष्मी का व्यक्तित्व प्रशासनिक दक्षता और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता का अद्वितीय उदाहरण है. बचपन से ही भरतनाट्यम के प्रति उनका गहरा रूझान रहा है,जिसे उन्होंने अपने व्यस्त प्रशासनिक दायित्वों के साथ निरंतर साधना के तौर पर बनाए रखा. विभिन्न मंचों पर उनकी प्रस्तुतियां भारतीय शास्त्रीय कला की गरिमा को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती रही हैं.घुंघरुओं की थिरकन में भक्ति और देशभक्ति की गूंजउन्होंने चैत्र नवरात्रि के इस पावन पर्व पर मां दुर्गा को समर्पित विशेष प्रस्तुति दी. उनकी एकल नृत्य प्रस्तुति श्री राजा राजेश्वरी अष्टकम पर आधारित थी, जिसकी रचना आदि शंकराचार्य ने की थी. इसके बाद अंबा स्तुति और मां दुर्गा स्तुति की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया. यह प्रस्तुति शक्ति उपासना और सांस्कृतिक समर्पण का अद्भुत संगम रहा, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सराहा, सभी दर्शकगण नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गए.मंच पर उतरी साधना,दर्शकों ने महसूस की दिव्यताकार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् की150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष समूह नृत्य की विशेष प्रस्तुति से हुआ. इसमें डॉ. विजयलक्ष्मी स्वयं भी सहभागी रहीं और साथी कलाकारों का मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने अलग तरह की प्रस्तुति से सभी को सम्मोहित कर दिया. इस आयोजन में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के पाठ की प्रस्तुति की गई. इसका संपूर्ण ध्यान रखते हुए उन्होंने कला प्रेमी के साथ साथ एक अच्छे लोक सेवक का भी नायाब उदाहरण पेश किया.उल्लेखनीय है कि डॉ. विजयलक्ष्मी पूर्व में भी बुद्ध महोत्सव,राजगीर महोत्सव,बिहार दिवस समारोह तथा अन्य राज्य स्तरीय सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दे चुकी हैं. विशेष रूप से उन्होंने पिछले वर्ष बिहार दिवस के अवसर पर यशोधरा पर आधारित अपनी नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था. इन मंचों के माध्यम से उन्होंने बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाई है.इस सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि,अधिकारी,कलाकार एवं नागरिक उपस्थित रहे. कार्यक्रम ने न केवल बिहार दिवस के उत्सव को गरिमा प्रदान की,बल्कि कला और संस्कृति के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश भी प्रसारित किया.
रांची : राजधानी रांची में आंध्र प्रदेश के लोगों ने उगादी (तेलुगु नव वर्ष) का त्योहार बड़े हर्ष और उत्साह के साथ मनाया. इस शुभ अवसर पर, 'तेलुगु कम्युनिटी वेलफेयर एसोसिएशन' (TCWA) द्वारा एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया.यह रांची में रहने वाले तेलुगु समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाला एक सक्रिय संगठन है. जहाँ विभिन्न शहरों में तेलुगु भाषी लोग इस त्योहार को मनाते हैं, वहीं इस वर्ष रांची में यह कार्यक्रम 'वेदिका बैंक्वेट हॉल' (सेक्टर 2 में पुरानी विधानसभा भवन के पास स्थित) में आयोजित किया गया था, जिसमें रांची में रहने वाले आंध्र प्रदेश के बड़ी संख्या में तेलुगु भाषियों ने अपने परिवारों के साथ भाग लिया.कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के.के. राव (रजिस्ट्रार, केंद्रीय विश्वविद्यालय) ने किया, जिन्होंने पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित किया. मंच पर उनके साथ डॉ. एन. हरि बाबू (प्रिंसिपल, RTC इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) और डॉ. वी.एस.एन. पिनाकापानी (सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक, MECON) भी उपस्थित थे.रांची के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले आंध्र प्रदेश के लगभग 32 परिवारों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिससे कुल उपस्थिति 125 लोगों तक पहुँच गई. यह उल्लेखनीय है कि 'तेलुगु कम्युनिटी वेलफेयर एसोसिएशन' पिछले दो वर्षों से लगातार इस उगादी उत्सव का आयोजन कर रहा है, और इस वर्ष संगठन ने अपनी तीसरी वर्षगांठ मनाई. सुबह से शाम तक चले इस पूरे कार्यक्रम में, बच्चों, महिलाओं और पुरुषों सहित सभी ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया. विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारिवारिक गतिविधियों और सामाजिक मेलजोल के मिश्रण ने वास्तव में इस कार्यक्रम को एक यादगार अवसर बना दिया.
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में ईद पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. मुस्लिम समाज के लोगों ने शनिवार सुबह से ही जिले के विभिन्न मस्जिदों में नमाज़ अदा कर एक दूसरे के गले लगाकर बधाई दिया. लोगों ने गले मिलकर भाईचारे का संदेश दिया.इस मौके पर मौलना ने कहा कि ईद पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा है. यह पर्व भाईचारे और आपसी एकता का मिशाल कायम करता है. मस्जिदों में नवाज पढ़कर देश की तरक्की, खुशहाली एवं अमन चैन की दुआ मांगी गई.वहीं जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी मस्जिदों व ईदगाह पर पुलिस बल, महिला पुलिस बल के साथ साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी. वहीं थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु एएसपी सयाम रजा ने क्षेत्र का भ्रमण किया.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट--
पटना: कला एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड तथा बिहार संग्रहालय के संयुक्त सहयोग से रविवार को संगीतकार रवि की जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में“एक शाम सुर-सम्राट रवि के नाम”कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के दूसरे दिन विशेष म्यूजिकल क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.इस प्रतियोगिता में महान संगीतकार रवि के जीवन,उनके संगीत सफर तथा उनके कालजयी गीतों से जुड़े दृश्य और तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे गए. प्रतियोगिता में चार समूह,टीम ए,टीम बी,टीम सी और टीम डी ने भाग लिया.प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम बी विजेता रही. इस अवसर पर वर्तमान रेरा के अध्यक्ष सह सदस्य विवेक कुमार सिंह ने अपने संगीत संबंधी गहन ज्ञान से सभी को चकित कर दिया.विजेता टीम को पुरस्कार स्वरूप देश के प्रख्यात इतिहासकार एवं लेखक मानेक प्रेमचंद ने महान संगीतकार रवि के जीवन पर आधारित अपनी पुस्तक“सोल्फुली योर्स”भेंट की.कार्यक्रम का संचालन मुंबई से आए देश के प्रसिद्ध प्लास्टिक सर्जन एवं गायक डॉ. मुकुंद जगन्नाथन ने किया. इस अवसर पर मुंबई से आए प्रोफेसर सह ऑडियो-वीडियो कंसल्टेंट कमल मल्होत्रा, रेरा अध्यक्ष सह सदस्य विवेक कुमार सिंह, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय की निदेशक रूबी, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के फिल्म सलाहकार अरविंद रंजन दास, विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रोता एवं संगीत प्रेमी उपस्थित रहे.
छपरा : भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह का सोमवार को मशरक में भव्य स्वागत किया गया. वे पटना से मशरक होते हुए गोरखपुर जा रहे थे. जैसे ही उनके आगमन की सूचना मिली तो मशरक के महावीर चौक पर प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. चारों ओर “पवन सिंह जिंदाबाद” के नारे, फूल-मालाएं और उत्साह का माहौल देखने को मिला.महावीर चौक पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम में पवन सिंह ने लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया. हालांकि, वे कुछ ही देर के लिए रुके और अपने काफिले के साथ आगे बढ़ गए. इस दौरान हजारों की संख्या में मौजूद प्रशंसक अपने चहेते स्टार की एक झलक पाने को बेताब नजर आए. युवा वर्ग में खासा उत्साह देखने को मिला और लोग मोबाइल से फोटो व वीडियो बनाने में जुटे रहे. स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व जदयू नेता मुकेश सिंह, भाजपा नेता रंजन सिंह एवं रौशन मुखिया ने किया. इनके साथ कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे.इस मौके पर मशरक निवासी सोनू कुमार सिंह ने अपने हाथों से बनाई गई पवन सिंह की तस्वीर उन्हें भेंट की,जिसे देखकर अभिनेता ने धन्यवाद दिया. इसके अलावा समर्थकों ने फूल-माला पहनाकर और अंगवस्त्र देकर उनका सम्मान किया. हालांकि,कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठे. इतनी बड़ी संख्या में जुटी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मात्र तीन पुलिसकर्मी तैनात थे. इससे अव्यवस्था की स्थिति बनती नजर आई. इसके बावजूद किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई,लेकिन स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर नाराजगी जाहिर की. वहीं,कुछ लोगों में पवन सिंह के रवैये को लेकर भी नाराजगी देखी गई.लोगों का कहना था कि पवन सिंह को मशरक की जनता के लिए कम से कम दो मिनट का समय जरूर देना चाहिए था. कई प्रशंसकों ने बताया कि पहले जब पवन सिंह मशरक युवराज सुधीर सिंह के दरवाजे पर आते थे, तब वे लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते-जुलते थे. आज के कार्यक्रम में उनका व्यवहार पहले जैसा नहीं लगा, जिससे कुछ समर्थक निराश दिखे. मौके पर उदय सिंह, पूर्व सैनिक संजय सिंह, रोहित सिंह समेत हजारों दर्शक मौजूद रहे.पवन सिंह के आगमन से मशरक और आसपास के क्षेत्रों में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा. समर्थकों का कहना है कि पवन सिंह आज भी जनता के चहेते कलाकार हैं और उनसे लोगों की भावनात्मक अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं. कुल मिलाकर पवन सिंह का मशरक आगमन भव्य रहा, जहां एक ओर उत्साह और भीड़ देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था और जनता से संवाद को लेकर सवाल भी खड़े हुए. यह कार्यक्रम लंबे समय तक स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहेगा.छपरा से मुकुंद कुमार सिंह की रिपोर्ट--
रामगढ़ : जिले के पतरातू डैम लेक रिसॉर्ट एवं तालाटांड कटुवा कोचा में नए साल में पिकनिक मनाने के लिए सैलानियों का भीड़ रहा. बता दें कि पतरातु पिठोरिया घाटी,पलानी वाटरफॉल पतरातु डैम का सुंदर, आकर्षक और मनोहारी छटा सैलानियों को यहां खूब आकर्षित किया. तीनों ओर सुंदर वादियों से घिरा इस डैम पर पिकनिक मनाना पर्यटकों की पहली पसंद है.यहां राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार एवं रिश्तेदार के साथ पहुंचे. खासकर बंगाल से ही सैंकड़ों बसों में हजारों लोग यहां घूमने आए. वहीं इसको लेकर रामगढ़ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार के निर्देश पर पुलिस पूरी तरह से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्तैद रही और नाविक संघ ने भी जिला प्रशासन का निर्देश का पालन किया और मो वजिर द्वारा लोड स्पीकर के माध्यम से सेफ्टी जैकेट पहनने का एनोसमेंट जारी रखा गया.पतरातु डैम क्षेत्र के साथ यहां पिकनिक मनाने के लिए भी काफी जगह है. पतरातू घाटी की हरी भरी सुंदरता और खाने-पीने का इंतजाम इस क्षेत्र को और भी आकर्षक व लोकप्रिय बनाने में सहायक सिद्ध हुआ.रामगढ़ से एम आर खान की रिपोर्ट--
बोधगया: नव वर्ष के पहले दिन गुरुवार को बोधगया में देश-विदेश से आए पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. बौद्ध धर्म की अंतरराष्ट्रीय राजधानी बोधगया में नए साल का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है.महाबोधि मंदिर,जापान मंदिर,माया सरोवर पार्क,80 फीट बुद्ध प्रतिमा सहित अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की खासी चहल-पहल है. लोग अपने परिवार और मित्रों के साथ छुट्टियां मनाने बोधगया पहुंचे हैं.वहीं प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी की गई है. महाबोधि मंदिर सहित प्रमुख स्थलों पर जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है,ताकि पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.नए साल के अवसर पर बोधगया पूरी तरह से उत्सव और आस्था के रंग में रंगा नजर आ रहा है.बोधगया से मनोज सिंह की रिपोर्ट---
पूर्णिया : नव वर्ष पर पूर्णिया में बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में पूजा अर्चना की. बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरुवार को सुबह से ही शहर के मां पुरण देवी मंदिर, सिटी काली मंदिर, माता मंदिर समेत कई मंदिरों में पूजा कर देवी देवताओं का आशीर्वाद लेकर नव वर्ष की शुरुआत कर रहे हैं.पूर्णिया के ऐतिहासिक मां पुरण देवी मंदिर में भक्तों की काफी भीड़ लगी रही. कडाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चन के लिए आये. श्रद्धालुओं का कहना है कि वे लोग माता का आशीर्वाद लेकर नए साल में सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं.वहीं मंदिर के पुजारी परमानंद मिश्र ने कहा कि मां पुरण देवी सिद्धपीठ आपरूपी माता हैं. यहां दसों महाविद्याओं का वास है. 500 वर्ष पहले बगल के तालाब से मां की प्रतिमा मिली थी. उसी समय इन्हें बाबा हठीनाथ द्वारा स्थापित किया गया था. इनके नाम पर पूर्णिया का नाम भी पड़ा है. दुर_दुर से श्रद्धालु यहां पूजा अर्चना करने के लिए आते हैं और उनकी मनोकामना भी पूरी होती है.