

मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026
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मुजफ्फरपुर:जिले के पताही हवाई अड्डे से छोटे विमानों की सेवा शुरू करने की दिशा में निर्माण कार्य तेज हो गया है। एयरपोर्ट परिसर में टर्मिनल भवन और चहारदीवारी का निर्माण शुरू कर दिया गया है। कानपुर की एजेंसी ने टर्मिनल भवन के लिए पाइलिंग और पिलर निर्माण का काम शुरू किया है। निर्माण सामग्री भी मौके पर पहुंचा दी गई है। रनवे की मरम्मत का काम भी जारी है।पहले चरण में एयरपोर्ट के विकास पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यहां टैक्सी-वे, पार्किंग वे, एटीसी टावर, ऑपरेशन भवन और फायर स्टेशन समेत कई जरूरी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही प्रशिक्षण उड्डयन केंद्र खोलने की भी योजना है। रनवे, टैक्सी-वे, एप्रन और अन्य एयरसाइड निर्माण कार्यों पर करीब 43 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही गई है।यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड स्टील स्ट्रक्चर वाला टर्मिनल भवन बनाया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा को देखते हुए एयरपोर्ट परिसर की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।वर्तमान में पताही एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 1050 मीटर है। इसे करीब 150 मीटर बढ़ाकर लगभग 1200 मीटर किए जाने की संभावना है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने इसका सर्वे कर नक्शा तैयार किया है। 19 सीटर विमान सेवा के लिए यह रनवे पर्याप्त बताया गया है। एयरपोर्ट का विकास केंद्र की उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर: बिहार में जाली नोटों के कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। बिहार STF और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोतीपुर थाना क्षेत्र से जाली नोटों की तस्करी में शामिल अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 71 हजार 200 रुपये मूल्य के जाली भारतीय नोट यानी FICN, बच्चों के मनोरंजन के लिए इस्तेमाल होने वाले बड़ी संख्या में नकली नोट, एक चार पहिया वाहन और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 27 सितंबर 2026 को मोतीपुर थाना क्षेत्र में विशेष अभियान के दौरान की गई। STF को सूचना मिली थी कि जाली नोटों की एक बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. साबिर, सुरेश राय, कृष्णा पटेल, राहुल सिंह, साधु साहनी और बीरेन्द्र पासवान के रूप में हुई है।फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 71 हजार 200 रुपये मूल्य के जाली भारतीय नोट बरामद किए गए। इसके अलावा बच्चों के खेलने वाले नकली नोट भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक बरामद मनोरंजन बैंक के नोटों में 500 रुपये के 1,311 नोट, 200 रुपये के 1,184 नोट और 100 रुपये के 1,153 नोट शामिल हैं। इनकी कुल अंकित राशि 1 लाख 7 हजार 600 रुपये बताई गई है।पुलिस ने एक चार पहिया वाहन और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोटों की खेप आरोपियों तक कहां से पहुंची और इस नेटवर्क का कनेक्शन दूसरे जिलों, राज्यों या सीमा पार किसी नेटवर्क से है या नहीं।
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक महिला को ब्लैकमेल करने,शारीरिक शोषण का प्रयास करने और मारपीट करने का मामला सामने आया है. यह घटना सिकंदरपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.जानकारी के अनुसार,आरोपी संजीव पटेल ने लगभग तीन साल पहले महिला का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था. इसके बाद वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला को ब्लैकमेल कर रहा था और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था. जब महिला ने आरोपी से संपर्क बंद कर दिया,तो उसने उसके फोटो और वीडियो मोहल्ले में दिखाकर उसे बदनाम करने की कोशिश की.आरोप है कि मंगलवार को आरोपी जबरन महिला के घर में घुस गया और उसके साथ जोर-जबरदस्ती करने लगा. जब महिला के पति ने विरोध किया,तो आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की और उनका गला दबाने का प्रयास किया. शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे,जिसके बाद पति-पत्नी की जान बची. घटना के दौरान महिला के गले से सोने का ढोलना गायब होने का भी आरोप है.इसके अलावा,पुलिस के पास शिकायत करने पर आरोपी के भाई संतोष पटेल पर पति-पत्नी को जान से मारने और उनके बच्चे का अपहरण करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है.मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमार की रिपोर्ट-
मुजफ्फरपुर: बड़ी खबरमुजफ्फरपुर से है जहां पुलिस ने चोरी की घटना का खुलासा करते हुए महज 24 घंटे के अंदर गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला कांटी थाना क्षेत्र के सब्जी बाजार का है,जहां मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया था.मामले में पीड़ित राजीव कुमार पांडेय ने कांटी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की. इस दौरान बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. वहीं,आसूचना और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सरैया से 4 आरोपियों को पकड़ा है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है.मामले की जानकारी देते हुएSDPOसुचित्रा कुमारी ने बताया कि चारों आरोपियों की गिरफ्तारी सरैया से की गई है. पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमार की रिपोर्ट--
मुजफ्फरपुर: जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के बखरा रतनपुरा स्थित बुनियादी विद्यालय में चोरों ने मंगलवार रात चोरी की घटना को अंजाम दिया. चोरों ने स्कूल के कार्यालय का ताला तोड़कर मध्याह्न भोजन बनाने वाले बर्तन, गैस सिलेंडर समेत अन्य सामानों की चोरी कर ली. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए और डायल112की टीम को सूचना दी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की. वहीं, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रीता देवी और स्थानीय वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्यामलाल कुमार ने घटना पर नाराजगी जताई.प्रधानाध्यापिका ने बताया कि जब वह स्कूल पहुंचीं तो कार्यालय का ताला टूटा हुआ था. जांच करने पर पता चला कि बच्चों के मध्याह्न भोजन बनाने वाले बर्तन, गैस सिलेंडर समेत अन्य सामानों की चोरी हुई है.वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ने कहा कि विद्यालय में चोरी की घटना बेहद दुखद और शर्मनाक है. इस विद्यालय में आसपास के बच्चे पढ़ते हैं. ऐसी घटना से विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित होती है. पुलिस को मामले की जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए.मुजफ्फरपुर सेरविरंजन कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर:एसकेएमसीएच अस्पताल से एक युवती को बहला-फुसलाकर अगवा करने और मोतिहारी ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक सोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती को उसके पिता के ससुराल की ओर से आने की बात कहकर भरोसे में लिया और कुछ पैसे देने का झांसा भी दिया। इसके बाद वह युवती को अपने साथ मोतिहारी ले गया।जानकारी के मुताबिक,युवती 19 सितंबर को एसकेएमसीएच परिसर से गायब हुई थी। अगले दिन उसके पिता ने एसकेएमसीएच ओपी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक युवक युवती को अपने साथ ले जाता दिखाई दिया। इसके बाद मुजफ्फरपुर एसएसपी के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई।पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद टीम ने मोतिहारी के छतरौनी थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर युवती को बरामद किया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने युवती को किराये के कमरे में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस के मुताबिक,आरोपी टीबी के इलाज के लिए एसकेएमसीएच आया था और अस्पताल में भर्ती था। इसी दौरान उसकी युवती से पहचान हुई। पीड़िता सीतामढ़ी जिले की रहने वाली बताई जा रही है।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर: बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार गुरुवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे जहां उन्होंनेSKMCHऔर होमी भाभा कैंसर अस्पताल का निरीक्षण किया. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार नेSKMCHमे30बेड के आईसीयू और होमी भाभा कैंसर अस्पताल में12बेड के नए आईसीयू का उद्घाटन किया. इसके अलावा विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया. इस दौरान उनके साथ जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा वहीं स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव सहित तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे.मीडिया कर्मियों से बातचीत में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि आने वाले समय में कैंसर अस्पताल मुजफ्फरपुर को और विकसित किया जाएगा ताकि कोई रेफर अगर होता है तो उन्हें रेफर होने की जरूरत ना पड़े . इसके अलावे फिलहाल150बेड की व्यवस्था है जिसे बढ़ाया जाएगा. ज्यादा साथ ही साथ कहा कि बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा.रविरंजन कुमार की रिपोर्ट-
मुजफ्फरपुर: बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में परीक्षा परिणामों में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद पिछले सात वर्षों के रिजल्ट की जांच होगी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्ष 2019 से 2026 तक स्नातक परीक्षा में पास हुए हजारों छात्रों के परिणामों की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है.कमेटी की अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त जज करेंगे. इसमें दूसरे विश्वविद्यालयों के दो शिक्षक,विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं. कमेटी यह जांच करेगी कि कितने ऐसे छात्र हैं, जो पार्ट-वन और पार्ट-टू में फेल या अनुत्तीर्ण थे,लेकिन इसके बावजूद उन्हें पार्ट-थ्री की परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला और वे अंतिम वर्ष में पास हो गए.विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा के अनुसार,जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. रिपोर्ट को परीक्षा बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा और इसकी जानकारी लोकभवन को भी दी जाएगी. कमेटी की बैठक जल्द होने की संभावना है.बताया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉलेजों को पहले ही निर्देश दिया था कि केवल उन्हीं छात्रों का परीक्षा फॉर्म भरवाया जाए, जिनका पार्ट-वन और पार्ट-टू क्लीयर है. इसके बावजूद कई कॉलेजों में नियमों के विपरीत छात्रों के फॉर्म भरवाए गए.विश्वविद्यालय स्तर पर भी रिकॉर्ड की जांच नहीं हुई और ऐसे छात्रों के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए. इसके बाद उन्होंने पार्ट-थ्री की परीक्षा दे दी.अब सात वर्षों के परिणामों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस तरह के कितने मामले हुए और इसमें कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय स्तर पर किसकी लापरवाही रही. मामले में जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारी तय होने और कार्रवाई की संभावना है.बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
मुजफ्फरपुर: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों में हाई अलर्ट है. नेपाल से आने वाली नारायणी नदी, जो बिहार में गंडक के नाम से जानी जाती है, उसके जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को लेकर मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है. मुजफ्फरपुर के सरैया, पारू और साहेबगंज इलाके गंडक नदी से बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं.हालांकि नेपाल में भयावह स्थिति के बावजूद फिलहाल मुजफ्फरपुर में गंडक नदी की स्थिति सामान्य बनी हुई है. सरैया के रतनपुर डीही में बांध पर प्रशासनिक पदाधिकारी की तैनाती की गई है और स्थानीय लोग भी लगातार निगरानी कर रहे हैं.मौके पर मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक फिलहाल घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है. नदी का जलस्तर पहले की तुलना में करीब छह इंच नीचे गया है. हालांकि बराज से पानी छोड़े जाने को देखते हुए प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है और तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है.नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है. रतनपुर डीही में बांध पर अधिकारियों की तैनाती के साथ स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है. फिलहाल नदी का जलस्तर नियंत्रण में है और किसी तरह के खतरे की स्थिति सामने नहीं आई है. बावजूद इसके बराज से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.संवाददाता रविरंजन कुमार की रिपोर्ट-
मुजफ्फरपुर:मोतीपुर थाना क्षेत्र के बथना गांव निवासी एक युवक की गुजरात में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतक की पहचान देवेंद्र साहनी के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि देवेंद्र कुछ दिन पहले ही मजदूरी करने के लिए गुजरात के साबरमती गए थे.परिजनों के अनुसार,साबरमती रेलवे स्टेशन के पास बिजली के खंभे में फंदे से उनका शव लटका हुआ मिला.घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। हालांकि, परिवार के लोगों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है.परिजनों का आरोप है कि गांव के ही ठेकेदार कुंदन और चंचल भगत देवेंद्र को मजदूरी कराने के लिए गुजरात लेकर गए थे. आरोप है कि एडवांस के पैसे को लेकर देवेंद्र पर दबाव बनाया जा रहा था. इसी विवाद में परिजनों ने दोनों पर हत्या की आशंका जताई हैदेवेंद्र का शव जब गांव पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई. मृतक अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चों समेत परिवार को छोड़ गए हैं. घटना के बाद परिवार के सामने अब बच्चों के भरण-पोषण की भी बड़ी चिंता खड़ी हो गई है. परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कर मौत की असली वजह सामने लाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
मुजफ्फरपुर: बिहार केमुजफ्फरपुर में बुधवार को चलतीXUV500 कार में अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई. घटना मुशहरी थाना क्षेत्र में नरौली चौक के पास की बताई जा रही है. कार में एक ही परिवार के छह लोग सवार थे और सभी सुरक्षित बच गए.जानकारी के अनुसार,परिवार के लोग कार से कहीं जा रहे थे. इसी दौरान अचानक वाहन से धुआं निकलने लगा. चालक को जैसे ही आग लगने का आभास हुआ,उसने तत्काल कार को सड़क किनारे रोक दिया. इसके बाद कार में सवार सभी छह लोग आनन-फानन में वाहन से बाहर निकल गए. कुछ ही देर में आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया.आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखतेXUV500 धू-धूकर जलने लगी. सड़क पर मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई. आग की लपटों को देखकर आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया. सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया गया.बताया जा रहा है कि घटना में कार पूरी तरह जलकर क्षतिग्रस्त हो गई. हालांकि,राहत की बात यह रही कि चालक की सूझबूझ और समय रहते सभी लोगों के वाहन से बाहर निकल जाने के कारण बड़ा हादसा टल गया. कार में सवार परिवार के सभी छह लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं.फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण का पता नहीं चल सका है. प्रारंभिक तौर पर वाहन में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद मौके पर कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल रहा. पुलिस और संबंधित अधिकारियों द्वारा घटना की जानकारी जुटाई जा रही है. इस हादसे ने चलती गाड़ियों में आग लगने की घटनाओं को लेकर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.संजय कुमार की रिपोर्ट--
BIHAR NEWS: केंद्रीय कैबिनेट ने बिहार को बड़ी सड़क परियोजना की सौगात दी है। मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक फोरलेन हाईवे निर्माण को मंजूरी मिल गई है। करीब 3,591 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना से उत्तर बिहार में सड़क संपर्क व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने के बाद मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज हो सकेगा।फोरलेन सड़क बनने से मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क का सीधा लाभ व्यापार और परिवहन क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होने से कृषि उत्पाद, औद्योगिक सामान और अन्य आवश्यक वस्तुओं को बाजार तक पहुंचाने में समय कम लग सकता है।मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी उत्तर बिहार के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जबकि सोनबरसा के रास्ते नेपाल सीमा से संपर्क भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस फोरलेन परियोजना को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। सड़क के चौड़ीकरण और बेहतर परिवहन सुविधा से यात्रा का समय और परिवहन लागत घटने की उम्मीद है।परियोजना के निर्माण से सड़क नेटवर्क मजबूत होने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। नए और बेहतर सड़क मार्ग से छोटे-बड़े कारोबार, परिवहन सेवाओं तथा स्थानीय बाजारों को फायदा मिलने की संभावना है। उत्तर बिहार में लंबे समय से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की मांग रही है। ऐसे में केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी को क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुजफ्फरपुर: सावन की तीसरी सोमवारी पर उत्तर बिहार के देवघर कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर पर बिहार सरकार द्वारा हेलीकाप्टर से फूलों की बारिश की गई.पर्यटन विभाग द्वारा ये अनोखी पहल की शुरुआत की गई है. इसको लेकर मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक साहू पोखर मंदिर और बाबा गरीबनाथ मंदिर पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा हुई. इस दौरान पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता खुद बाबा गरीबनाथ मंदिर परिसर में मौजूद रहे.इस दौरान जिले के डीएम, एसएसपी समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे.इस मनोरम दृश्य को देख हर कोई प्रफुल्लित हो गया और इस दृश्य को अपने कैमरे मे कैद करने लगा, इस दौरान काँवारियो और श्रद्धालुओं मे गजब का उत्साह आ गया और हर तरह हर हर महादेव और बोल बम के नारे गूंजने लगे. इससे पहले दूसरी सोमवारी ओ भी हेलीकाप्टर से फूलों की बारिश की गई थी.वहीं पुष्पवर्षा को लेकर पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता ने बताया कि पर्यटन विभाग लगातार बेहतर पहल कर रहा हैं, वहीं उन्होंने सनातनियों के इरादों को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक पुष्पवर्षा की गई, बिहार के कई मंदिरों पर पुष्पवर्षा की गई हैं. वहीं उन्होंने कहा कि हम भगवान से कामना करते हैं कि महादेव हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के हाथों को मजबूत करें ताकि हमारा देश और बिहार दोनों समृद्ध हो.मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमारकी रिपोर्ट-
मुजफ्फरपुर में मुथूट माइक्रोफिन से जुड़ा करीब 43 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कंपनी के पांच कर्मियों पर 77 ऋणियों से लोन की किस्त के रूप में वसूली गई रकम लेकर फरार होने का आरोप लगा है। मामले का खुलासा कंपनी के ऑडिट के दौरान हुआ। इसके बाद संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से ऋणियों को दिए गए लोन की नियमित किस्त की वसूली के लिए कर्मचारी क्षेत्र में जाते थे। आरोप है कि पांच कर्मियों ने 77 ऋणियों से करीब 43 लाख रुपये की राशि वसूल की, लेकिन उसे कंपनी के खाते में जमा नहीं कराया। कुछ समय बाद जब कंपनी के स्तर से रिकॉर्ड और जमा राशि का मिलान किया गया तो बड़ा अंतर सामने आया।ऑडिट में गड़बड़ी सामने आने के बाद कंपनी के अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वे कथित तौर पर फरार हो गए। इसके बाद कंपनी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।मामले में ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वसूली गई रकम कहां गई और इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।वहीं, पुलिस ऋणियों से भी जानकारी जुटा रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी। कंपनी के रिकॉर्ड, वसूली से जुड़े दस्तावेज और कर्मचारियों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
BIHAR NEWS: मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में गुरुवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। चर्चित दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपित को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया जा सके।यह मामला 23 सितंबर 2018 का है, जब मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर कुमार अपने चालक रोहित कुमार के साथ जा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन पर एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। हमले में समीर कुमार और उनके चालक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी थी और कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे।हत्याकांड की जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद कई वर्षों तक मामले की सुनवाई चली। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है।अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वहीं, फैसले के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। इस चर्चित हत्याकांड के निर्णय पर सभी की नजरें टिकी थीं। अदालत के फैसले के साथ इस लंबे समय से चल रहे मुकदमे का एक महत्वपूर्ण चरण समाप्त हो गया है, हालांकि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की संभावना बनी रह सकती है।
मुजफ्फरपुर: बड़ी खबर मुजफ्फरपुर से है जहां जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई. यह घटना बिजली पोल संख्या111/23के पास की बताई जा रही है, जहां अपलाइन पटरी से गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में युवक आ गया.घटना के बाद मौके पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई. स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. जानकारी मिलते ही मोतीपुर थाना की पुलिस और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया.प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ने रेलवे लाइन के समीप सड़क किनारे अपनी बाइक खड़ी की और इसके बाद पटरी की ओर दौड़कर जाने लगा. इसी दौरान उक्त पटरी पर मालगाड़ी आ रही थी. प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि ट्रेन को आता देख युवक पटरी पर लेट गया, जिससे ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई.मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के जीतौरा निवासी शेख कमालुद्दीन के36वर्षीय पुत्र इरफान के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि इरफान मोतीपुर थाना क्षेत्र के रामपुरगन स्थित अपने ससुराल आया हुआ था और मंगलवार सुबह ससुराल से निकला था. कुछ देर बाद परिजनों को उसके ट्रेन से कटने की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया.ग्रामीणों के अनुसार, इरफान मानसिक बीमारी से पीड़ित था और पिछले कई वर्षों से उसका इलाज चल रहा था. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमार की रिपोर्ट--
मुजफ्फरपुर:सासाराम के सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरीके मुजफ्फरपुर स्थित ठिकाने पर भी EOU की टीम छेपेमारी कर रही. EOU की टीममुजफ्फरपुर स्थित उनके ससुराल में भी छापेमारी करने पहुंची. आय से अधिक संपत्ति मामले में कार्रवाई की जा रही है.सासाराम में पदास्थापित सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी के अलग-अलग ठिकानों पर EOU की रेड चल रही हैं. सासाराम, डेहरी ऑन सोन, बांका, मुजफ्फरपुर सहित कुल 6 ठिकानों पर EOU की अलग-अलग टीम रेड कर रही है. मुजफ्फरपुर के नयाटोला स्थित अभियंता अरविन्द चौधरी के ससुराल में भी टीम सुबह से यहां पहुंची हैं.बताया जा रहा हैं कि मुजफ्फरपुर के नयाटोला माईस्थान के नजदीक अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी का ससुराल हैं. जहां सुबह से ही EOU की टीम पहुंची हुई है. सिंचाई विभाग के अभियंता अरविन्द कुमार चौधरी पर करीब 1 करोड़ 20 लाख से ज्यादा अवैध राशि को लेकर मामला दर्ज किया गया था,जिसके बाद टीम इनके अलग-अलग ठिकानों पर रेड कर रही हैं.
मुजफ्फरपुर: जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार,साहेबगंज विधायक राजू सिंह राजू को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद उनके समर्थक फुलवरिया चौक पर आतिशबाजी कर जश्न मना रहे थे.बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने सार्वजनिक स्थान पर हो रही आतिशबाजी को रोकने का प्रयास किया. इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए उन पर हमला कर दिया.घटना की सूचना मिलते ही एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए. मामले में पुलिस ने 6 नामजद एवं 10 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है.मामले को लेकरSDPOसरैया अभिजीत कौर ने बताया कि गश्ती के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस टीम पर हमला किया गया तथा महिला पुलिस कर्मी से छेड़खानी की गईं. इस मामले में पुलिस ने दो व्यक्ति को हिरासत में लिया है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमार की रिपोर्ट--
दिल्ली हाईकोर्ट ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की साहेबगंज विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक राजू कुमार सिंह को बड़ी न्यायिक राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान उन्हें जमानत दे दी। इसके साथ ही अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले और सजा के प्रभाव पर भी रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद राजू सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है।हाईकोर्ट के इस फैसले की जानकारी सामने आते ही उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों ने इसे न्यायपालिका पर विश्वास की जीत बताते हुए फैसले का स्वागत किया। हालांकि, अदालत ने मामले का अंतिम निस्तारण नहीं किया है और आगे की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी।राजू कुमार सिंह के खिलाफ चल रहे मामले में निचली अदालत ने पहले फैसला सुनाया था, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें अंतरिम राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली और निचली अदालत के फैसले को फिलहाल निलंबित कर दिया।कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, हाईकोर्ट का यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि अपील पर सुनवाई पूरी होने तक की अंतरिम राहत है। अब इस मामले की आगे की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी, जहां सभी पक्षों की दलीलों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।इस घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों की नजर अब इस मामले की आगामी सुनवाई और हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर बनी हुई है।