विश्वास मत से पहले सियासी संदेश : विजय चौधरी का बयान, नीतीश लाइन पर सम्राट सरकार और बहुमत का भरोसा
पटना: बिहार में विश्वास मत से ठीक पहले उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी का बयान राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उन्होंने साफ कहा है कि सरकार के पास मजबूत बहुमत है और एनडीए के सभी घटक दल पूरी तरह एकजुट हैं. विशेष सत्र बुलाकर विश्वास मत हासिल करने की तैयारी को उन्होंने सामान्य प्रक्रिया बताया और विपक्ष के आरोपों को खारिज किया.
विजय चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही सरकार नई बनी हो,लेकिन कामकाज की पद्धति वही रहेगी जो पहले थी. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार नीतीश कुमार की छत्रछाया और उनके तय रास्ते पर ही आगे बढ़ रही है. वहीं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूर्व सीएम के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा.
तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए विजय चौधरी ने वर्ल्ड बैंक से12हजार करोड़ रुपये के ऋण को सामान्य वित्तीय प्रक्रिया बताया. उन्होंने कहा कि समय-समय पर सरकारें विकास कार्यों के लिए ऋण लेती रही है और वर्तमान स्थिति वैसी नहीं है जैसी राजद शासनकाल में थी.
क्या हैं इस बयान के मायने?
यह बयान साफ तौर पर राजनीतिक स्थिरता का संदेश देता है. सरकार जनता और सहयोगी दलों को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद नीति और दिशा में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. नीतीश कुमार के नाम का बार-बार उल्लेख कर जदयू अपने पारंपरिक वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है. साथ ही,विश्वास मत से पहले एकजुटता और बहुमत का दावा विपक्ष पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति भी माना जा रहा है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





