Desk:पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अलग रेल बजट वाले दौर में रेल मंत्री के रूप में नीतीश कुमार का कार्यकाल रेलवे का पैसेंजर ट्रेन काल था.उस समय रेलवे के विकास की गति धीमी थी,जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे के बुलेट ट्रेन युग की पटरियाँ बिछा दी हैं.मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार बतायें कि उनके समय रेल बजट कितना था और वे कौन-कौन सी योजना पूरी करा पाये.उन्होंने कहा कि अगस्त2026में भारत की पहली बुलेट ट्रेन चलेगी.इसके लिए बजट में19,600करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

सुशील मोदी ने कहा कि वर्ष 2023-24 के बजट में रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ दिये गए हैं. यह राशि 2013-14 के अलग रेल बजट की राशि से नौ गुना अधिक है. अलग रेल बजट की प्रथा समाप्त करने से रेलवे के संसाधनों में भारी वृद्धि हुई, जबकि नीतीश कुमार केवल विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं. बजट में 8000 करोड़ रुपये केवल बिहार में रेलवे विकास के लिए रखे गए हैं.


देश के 1275 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाने और यात्री सुविधाओं के विकास पर 13,350 करोड़ रुपये खर्च होंगे. अब हर महीने दो वंदे भारत ट्रेन शुरू की जाएगी. अगले वर्ष 2024 में रेलवे हर सप्ताह 2-3 रूट पर वंदेभारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने की स्थिति में होगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रेलवे जिस बुलेट-गति से विकास कर रहा है, वह किसी भी पूर्व रेलमंत्री को अवसादग्रस्त कर सकता है.