

शुक्रवार, 02 अक्टूबर 2026
Liveपटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 01 अणे मार्ग से सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं मानव व्यापार निषेध के सुदृढ़ीकरण हेतु 117 पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मुख्यमंत्री ने पुलिस वाहनों के लोकार्पण के पूर्व उसका निरीक्षण किया और उसकी कार्य प्रणाली के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली. कार्यक्रम की शुरूआत में अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात सुधांशु कुमार ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा देकर स्वागत किया.इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, विधान पार्षद ललन सर्राफ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, पुलिस महानिदेशक आर०एस० भट्टी, गृह विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी, अपर पुलिस महानिदेशक, स्पेशल ब्रांच सुनील कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात सुधांशु कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक, बजट पारसनाथ, परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
NEWS DESK : सियासत हर समय अपना रंग-ढंग बदलती रहती है। कभी विपक्षी एकता के सूत्रधार रहे नीतीश कुमार आज NDA खेमा में शामिल होकर 'किंगमेकर' बने हुए हैं। नयी सरकार के गठन को लेकर अब नीतीश कुमार पूरी तरह से एक्टिव हो गये हैं और दिल्ली में ही डेरा डाल दिए हैं लेकिन इन सबके साथ सियासी गलियारे में अब इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या लालू प्रसाद की पार्टी RJD और कांग्रेस की एक बड़ी गलती से I.N.D.I.A गठबंधन सत्ता से चूक गया और सबकुछ गुड़-गोबर कर दिया। RJD-कांग्रेस की गलतियां पड़ गयी भारीसियासी पंडितों की माने तो आरजेडी और कांग्रेस की एक गलती से I.N.D.I.A गठबंधन सत्ता की दहलीज पर आकर ठिठक गया है। जी हां, राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक लोकसभा चुनाव के सालभर पहले से विपक्षी एकता को एकजुट करने में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जुट गये थे। उन्होंने लगातार कई दिनों तक हर प्रदेश का दौरा किया और विरोधी नेताओं को एकजुट किया। विपक्षी एकता के सूत्रधार बने नीतीशनीतीश ने विपक्षी दलों को एकता के सूत्र में बांधने के लिए सबसे पहले यूपी का दौरा किया और अखिलेश यादव को साथ लाने की कोशिश में कामयाब हुए। इसके बाद वे 'दीदी' के राज्य पश्चिम बंगाल भी पहुंचे और वन-टू-वन बात कर उन्हें रजामंद किया। फिर ओडिशा पहुंचे। साथ ही महाराष्ट्र जाकर भी शरद पवार, उद्धव ठाकरे से मुलाकात की, और तो और दिल्ली जाकर अरविंद केजरीवाल, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को मनाया। रंग लाने लगी थी नीतीश की कोशिशेंनीतीश कुमार की इन कोशिशों का ही नतीजा था कि देशभर की 15 विपक्षी पार्टियों के बड़े नेताओं का पहली बार 23 जून 2023 को पटना में जुटान हुआ। इनमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, लालू यादव, तेजस्वी यादव, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, एमके स्टालिन और ममता बनर्जी जैसे बड़े नेता शामिल थे। हालांकि, बड़ी बात ये है कि उसवक्त तक इस गठबंधन का नाम तय नहीं था लेकिन समूचे विपक्ष का एजेंडा एक ही था कि केन्द्र की सत्ता से मोदी सरकार को उखाड़ फेंकना है। आरजेडी ने की बड़ी गलतीपटना में विपक्षी दलों के नेताओं के जुटान के दौरान आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने एक भारी गलती की। मसखरी के लिए मशहूर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पटना में गठबंधन के सभी नेताओं की मौजूदगी में हुए प्रेस कांफ्रेस के दौरान इशारों ही इशारों में राहुल गांधी को 'दूल्हा' बनाने की बात कह दी, जिसके कई सियासी मायने निकाले जाने लगे। तबतक नीतीश कुमार भी वेट एंड वॉच की स्थिति में थे। इस बीच विपक्षी नेताओं को गोलबंद करने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोशिशें भी रंग लाने लगी लिहाजा विपक्षी दलों के इस गठबंधन का लगातार विस्तार होने लगा। कई और दल इसमें शामिल होने लगे। तबतक इस गठबंधन के प्रमुख किरदार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही थे, जिन्होंने विपक्षी एकता की पूरी मुहिम को दिल से लीड किया और रणनीतियों के तहत इस गठबंधन को एक मूर्त रूप दिया। ...जब नीतीश को लगा दूसरा झटकाबिहार की राजधानी पटना के बाद बेंगलुरु में हुई गठबंधन की दूसरी बैठक की शुरुआत तक भी सबकुछ ठीक था लेकिन बैठक समाप्त होते-होते इस गठबंधन में दरार की ख़बरें सामने आने लगी। दरअसल, बेंगलुरु की इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखने का ऐलान किया, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पसंद नहीं आया। उन्होंने मीटिंग के दौरान इसका विरोध भी किया लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखने की घोषणा कर दी लिहाजा वे अंत में होने वाली प्रेस कांफ्रेंस को छोड़कर सीधे पटना के लिए उड़ान भर लिए। सियासी पंडितों की माने तो पटना की बैठक में जहां आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद ने एक बड़ा बयान देकर भारी गलती की थी, वहीं बेंगलुरु की बैठक में कांग्रेस ने गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रख एक और मिस्टेक कर दिया। यहीं वो पहला मनभेद था। मीडिया ने तुरंत इसे भांप लिया था। नीतीश की नाराजगी की ख़बरें अखबारों के मुख्यपृष्ठ पर छपने लगी। साथ ही सियासी गलियारे में भी सुगबुगाहट तेज हो गयी। नीतीश को लगते रहे झटके-पर झटकेहद तो तब हो गयी, जब महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में I.N.D.I.A गठबंधन की अगली बैठक हुई। पूरे देश को I.N.D.I.A गठबंधन के संयोजक के नाम के ऐलान का बेसब्री से इंतजार था। नीतीश कुमार की उम्मीदों को झटका तब लगा, जब मुंबई में गठबंधन की तीसरी बैठक में उन्हें PM कैंडिडेट या संयोजक बनाने की बजाए कई प्रकार की कमेटियां बना दी गईं। यहां भी कांग्रेस पार्टी ने दूसरी बड़ी गलती की। मामला यहीं नहीं थमा। मोदी विरोधी दलों को एकजुट करने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुहिम को करारा झटका उस वक्त लगा, जब 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने थे और कांग्रेस I.N.D.I.A गठबंधन की परवाह किए बगैर विधानसभा चुनाव में जुट गयी और लंबे समय तक विपक्षी एकता का मामला ठंडे बस्ते में चला गया। कांग्रेस पर नीतीश कुमार ने कसा था तंजकांग्रेस पार्टी के सुस्त होने और विपक्षी एकता की मुहिम को झटका लगते देख मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बिफर पड़े और 2 नवंबर 2023 को मिलर स्कूल ग्राउंड में हुई CPI की रैली में लालू प्रसाद की गैरहाजिरी में उन्होंने विपक्षी एकता के अपने प्रयासों की चर्चा करते हुए कांग्रेस के उदासीन रवैये पर कटाक्ष किया।सीपीआई की रैली में मंच से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के खिलाफ I.N.D.I.A गठबंधन बनाने में हम सभी ने कितना काम किया है। पटना सहित दो राज्यों में बैठक भी की गई लेकिन अभी इस गठबंधन को मजबूत करने के लिए कोई काम नहीं हो रहा है। I.N.D.IA. गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है। उन्होंने इस रैली में दो टूक अंदाज में कहा था कि कांग्रेस को आगे बढ़ाने के लिए हम लोगों ने इतना काम किया है लेकिन अभी ज्यादा काम नहीं हो पा रहा। अभी पांच जगह विधानसभा का चुनाव है। कांग्रेस पार्टी तो उसी को लेकर ज्यादा इच्छुक है। हमलोग तो कांग्रेस को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट होकर काम कर रहे थे लेकिन अभी उनको इन सब चीज की चिंता है नहीं। अभी वह लगे हुए हैं पांच राज्यों के चुनाव में इसलिए जब पांच राज्य का चुनाव हो जाएगा तो अपने सबको बुलाएंगे। अभी कोई चर्चा नहीं हो रही है।" मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के मंच से अपनी मेहनत का जिक्र करते हुए कांग्रेस से मिल रहे कष्ट का खुलासा किया था। कांग्रेस और आरजेडी ने की एक और गलतीगौर करने वाली बात ये है कि CPI की रैली से कुछ दिनों पहले बिहार कांग्रेस दफ्तर सदाकत आश्रम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में नीतीश कुमार को भी आमंत्रित किया गया लेकिन वे नहीं गये। हालांकि, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद इस प्रोग्राम में शामिल हुए थे, जहां उनकी शान में कसीदे गढ़े गये। फिर लालू प्रसाद ने भी राहुल गांधी की जमकर प्रशंसा की। इन सभी सियासी घटनाक्रमों को देखकर नीतीश कुमार की आंखें खुलने लगी और वे मौके का इंतजार करने लगे। फिर दिसंबर का महीना आया। कांग्रेस को जब राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में जोर का झटका लगा और चुनाव हार गयी तो उन्हें वापस नीतीश कुमार की याद आयी लेकिन तब तक नीतीश कुमार की बस छूट चुकी थी। यहीं से नीतीश ने I.N.D.I.A से लगभग अपनी राह अलग करने का फैसला ले लिया। ..जब I.N.D.I.A की बैठक से नीतीश ने किया तौबाCM नीतीश दिन गुजरने के साथ-साथ बेचैन होने लगे। वे लगातार सीट शेयरिंग और प्रत्याशियों के चयन पर बात आगे बढ़ाना चाहते थे लेकिन कांग्रेस विधानसभा चुनावों में हुई हार पर मंथन करना चाहती थी लिहाजा नीतीश कुमार ने इस गठबंधन से तौबा करने में भी भलाई समझी और व्यस्तता का हवाला देते हुए I.N.D.I.A गठबंधन की अगली बैठक में जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद बैठक टल गयी। नीतीश ने अपने हाथ में ली JDU की कमानफिर क्या था, धीरे-धीरे लोकसभा चुनाव के दिन नजदीक आने लगे, वहीं I.N.D.I.A गठबंधन की बैठकें लगातार दो बार टलती गयीं। फिर 21 दिसंबर को दिल्ली में एक मीटिंग हुई, जहां नीतीश कुमार को फिर से निराशा हाथ लगी और उन्हें संयोजक नहीं बनाया गया लिहाजा नीतीश कुमार का I.N.D.I.A गठबंधन से मोहभंग होने लगा। इसके बाद 29 दिसंबर को उन्होंने JDU की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलायी और फिर सर्वसम्मति से JDU की कमान अपने हाथों में ले ली। नीतीश कुमार ने वक्त रहते ये भांप लिया था कि I.N.D.I.A गठबंधन में उन्हें कुछ हासिल नहीं वाला है लिहाजा उन्होंने न केवल जेडीयू अध्यक्ष पद से ललन सिंह से इस्तीफा लिया बल्कि गठबंधन से लेकर लोकसभा चुनाव में कैंडिडेट सिलेक्शन तक का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखा। इस बदलाव के साथ ही शुरू हो गई बिहार में सरकार बदलने की चर्चा। एक बार फिर से बिहार में एनडीए की जमीन तैयार होने लगी।नीतीश के लिए फिर खुले बीजेपी के बंद दरवाजेमहीना गुजरते-गुजरते एकबार फिर नीतीश कुमार NDA में शामिल हो गए। नीतीश कुमार के लिए बीजेपी के बंद दरवाजे फिर खुल गए। नीतीश कुमार ने भी दोहराया कि अब वे इस दरवाजे से दोबारा वापस नहीं जाएंगे। ऐसे में कहा जा सकता है कि आरजेडी और कांग्रेस की बड़ी गलतियों की वजह से विपक्षी एकता के सूत्रधार बनने वाले नीतीश कुमार ने I.N.D.I.A गठबंधन से दूरी बनाने में ही भलाई समझी। अब I.N.D.I.A के सामने पछताने के सिवा कुछ नहींइसके बाद लोकसभा चुनाव हो गये। कल तक नीतीश कुमार को कमजोर समझने वाले लोग आज औंधे मुंह गिरे हुए हैं क्योंकि इस चुनाव के बाद नीतीश कुमार कमजोर नहीं बल्कि 'किंगमेकर' के तौर पर उभरे हैं। फिलहाल NDA की सरकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका मानी जा रही है। वहीं, I.N.D.I.A गठबंधन में भी उनकी पूछ बढ़ गयी है। कलतक उन्हें अधिक तवज्जो नहीं देने वाला I.N.D.I.A अलायंस आज उनके सामने नतमस्तक होने को तैयार है। लेकिन ये नौबत इसलिए आई क्योंकि कभी लालू तो कभी कांग्रेस ने नीतीश की अहमियत नहीं समझी और अब उनके सामने पछताने के सिवा कुछ नहीं बचा है। सियासी पंडितों की माने तो अगर उसवक्त सीएम नीतीश को I.N.D.I.A का संयोजक बना दिया जाता तो आज देश में नयी सियासी तस्वीर सामने होती। लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट और वीआईपी के साथ मजबूती से लड़ती और अधिक सीटों पर परचम लहराया होता। आज लोकसभा चुनाव के आंकड़े कुछ और गवाही देते और सत्ता के मुहाने पर आकर ठिठकी I.N.D.I.A गठबंधन आज नयी सरकार बना रही होती और मोदी सरकार की विदाई हो गयी होती। (संपादक अशोक मिश्र की विशेष रिपोर्ट)
पटना : बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी आज वैशाली के मझौली गांव पहुंचकर बी एन कॉलेज के दिवंगत छात्र हर्ष राज के परिजनों से मुलाक़ात कर शोक-संवेदना व्यक्त की. अशोक चौधरी ने बयान जारी कर कहा है कि महाविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है. उस परिसर में इस तरह का अपराध करने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. हम घटना के बाद से ही प्रशासन के सम्पर्क में हैं. बिहार पुलिस मुस्तैदी के साथ अपराधियों की गिरफ़्तारी में जुटी हुई है और कुछ आरोपियों की गिरफ़्तारी भी हुई है. बाकी दोषियों को भी शीघ्र गिरफ्तार कर अदालत के सामने पेश कर सख्त से सख्त सजा दी जाएगी.आगे अशोक चौधरी ने कहा कि हर्ष हमारे लिए एक परिवार की तरह था. आज से उनके परिवार की ज़िम्मेदारी हमारी है. उन्होंने परिजनों से कहा कि हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि किसी भी परिस्थिति में हम आपके साथ खड़े रहेंगे.अशोक चौधरी ने कहा कि हमारे युवाओं को समझने की जरूरत है. किसी भी कारण से एक निर्दोष की जान ले लेना अमानवीय है. कलिंग में युद्ध के बाद सम्राट अशोक ने भी शांति को अपनाया था. हम भी भगवान महावीर और बुद्ध की धरा के वासी हैं. हमें जाति में बंटा हुआ नहीं बल्कि सबको जोड़कर एक नया बिहार बनाना है. ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी के साथ विधायक अनिल सिंह, जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश महासचिव छोटू सिंह, जागेश्वर राय, सायन कुणाल, अधिवक्ता मनीष सिंह सहित अन्य साथी थे.गौरतलब है पिछले दिनों बीएन कॉलेज के छात्र हर्ष राज की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी. घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था.
NEWS DESK : वाराणसी के केदारघाट में युवा चेतना के द्वारा बदलता भारत विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिक्किम के राज्यपाल महामहिम लक्ष्मण आचार्य ने व्याख्यान को संबोधित किया. स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी की विशेष उपस्थिति रही. वाराणसी में युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने व्याख्यान का आयोजन किया. इस अवसर पर सिक्किम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि काशी, उत्तर प्रदेश और देश कृतज्ञ है. नेतृत्व का जिन्होंने प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया. लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि देश की तस्वीर बदली है, देश आगे बढ़ा है. वहीं स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऋणी रहेगा. उन्होंने कहा कि वाराणसी की प्रतिष्ठा मोदी ने बढ़ाया है. युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि 2014 के बाद भारत सशक्त हुआ है. रोहित ने कहा कि धारा 370, अयोध्या में भव्य राम मंदिर, नारी वंदन अधिनियम, 65 प्रतिशत युवा वर्ग का विकास जैसे असंख्य काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है. रोहित ने कहा कि देश का आम युवा समाज के मुख्यधारा से जुड़ा है, इसका श्रेय मोदी सरकार को जाता है. युवा चेतना के इस आयोजन में काशी और आसपास के ज़िलों से हज़ारों लोग शामिल हुए.
पटना : जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेता यह मान कर चल रहे हैं कि एक झूठ को सौ बार बोलेंगे तो लोग उसे सच मानने लगेंगे. लेकिन यह उनकी भूल है और चार जून को आने वाले नतीजों में उन्हें इसका सही सबक मिल जाएगा. बिहार में जंगलराज कायम करने वाले लोग संविधान को खतरा होने का अनर्गल आरोप बार-बार लगा कर 2005 से पहले की कड़वी यादों से बिहार की जनता का ध्यान भटकाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।संजय कुमार झा ने कहा कि अब तक संपन्न हुए चार चरणों के मतदान में बिहार और देश की जनता ने विकास को गति देने के लिए मतदान किया है. लोग देश और प्रदेश में शांति, समृद्धि, सुरक्षा, सुविधा, सद्भाव और सुशासन के लिए मतदान कर रहे हैं. शुरू के चारो चरणों में देश और प्रदेश के जागरूक मतदाताओं ने राजनीतिक शिगूफे छोड़ने, सनसनी फैलाने और अनर्गल आरोप लगाने वालों को पूरी तरह से नकार दिया है. संजय कुमार झा ने कहा कि जिन लोगों ने बिहार में बाहुबलियों को संरक्षण देकर उन्हें कानून का पहरेदार बना दिया था, और पूरे बिहार में डर और आतंक का माहौल कायम कर दिया था, उनके मुंह से संविधान और लोकतंत्र की बात अच्छी नहीं लगती. जंगलराज में उद्योगपति, व्यवसायी, डॉक्टर जैसे जॉब और रोजगार देने वाले लोगों को अपहरण और रंगदारी के डर से बिहार से पलायन करना पड़ा था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को उस दौर से बड़ी मुश्किल से बाहर निकाल कर विकास की पटरी पर लाया है. उद्योगपति फिर से बिहार में निवेश कर रहे हैं. राज्य के लाखों युवाओं को नौकरी और रोजगार मिल रहे हैं. यह बात जंगलराज कायम करने वालों को हजम नहीं हो रही है. संजय कुमार झा ने कहा कि केंद्र और राज्य की एनडीए सरकारों ने न्याय के साथ सबके विकास की नीतियों को धरातल पर इस तरह उतारा है, कि सबको समान रूप से लाभ हो और किसी जाति या धर्म के लोगों के साथ कोई भेदभाव नहीं हो. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने बाबा साहब द्वारा तैयार संविधान को देश के उन इलाकों में भी लागू कराया है, जहां पूर्व की सरकारों के दौरान विदेशी झंडे लहराये जाते थे और आतंक का राज चलता था. बाबा साहब के संविधान को कोई भी खत्म नहीं कर सकता, यह बात अनर्गल आरोप लगाने वालों को भी अच्छी तरह पता है. चार जून का चुनाव परिणाम अनर्गल आरोप लगाने वालों के मुंह पर करारा तमाचा साबित होगा.
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिवंगत भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी के आवास पहुंचे और उन्हे श्रद्धांजलि दी. उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन व्यक्त किया और हाथ जोड़कर नमन किया. नीतीश कुमार दिवंगत सुशील मोदी के राजेन्द्र नगर स्थित आवास पहुंचे थे. जहां उन्होंने सुशील मोदी की पत्नी जेसिस जार्ज और परिजनों से मुलाकात कर उन्हे सांत्वना दी. इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चैधरी और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा उपस्थित थे. आपको बता दें भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का का सोमवार की रात दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया. वह कैंसर से जूझ रहे थे. उनके निधन की सूचना मिलने के बाद सीएम नीतीश ने शोक जताया था. उन्होंने कहा था कि वो अपना सच्चा दोस्त खो दिए. इसके बाद सीएम की भी तबीयत खराब हो गई थी. 14 मई को खबर आई थी कि नीतीश कुमार को फीवर हो गया था. इस वजह से उन्होंने अगले दिन के सभी कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था. इसमें पीएम मोदी के नामांकन में वाराणसी जाना भी शामिल था, लेकिन वो शामिल नहीं हो सके. वहीं, आज उन्होंने सुशील कुमार मोदी के परिजनों से मुलाकात कर हाल चाल जाना.
पटना: जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने आज एपने एक्स हैंडल के जरिये तेजस्वी यादव को घेरते हुए उनसे कई सवाल पूछे हैं. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि जंगलराज के युवराज पर राहुल गाँधी का रंग इतना अधिक चढ़ गया है कि उन्हीं की तरह वह भी सीना ठोक कर झूठे बयान देने लगे हैं. जनता से झूठे वादे करने में तो उन्होंने अपनी ही पार्टी का रिकॉर्ड तो तोड़ा ही है और अब उन्हें नीतीश सरकार के कामों का झूठा श्रेय लेने में भी शर्म नहीं आ रही है. उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी की तरह तेजस्वी भी ‘हिट एंड रन’ वाले राजनीतिक सूरमा बन गये हैं. अपनी हर सभा में वह दूसरों से खूब सवाल पूछते हैं, लेकिन खुद से पूछे गये सवालों का जवाब देने में उनके पसीने छूट जाते हैं. वह बताएं कि लोगों के मन में उठ रहे प्रश्नों का जवाब देने की हिम्मत वह कब दिखायेंगे? क्या उनके राजनीतिक गुरुओं ने उन्हें जवाब देने की ट्रेनिंग नहीं दी है? सवाल पूछते हुए उन्होंने लिखा है कि जगह जगह घूम कर नौकरी देने का ढ़ोल पीट रहे तेजस्वी को बताना चाहिए कि क्या उन्हें नहीं पता कि नीतीश जी ने अपने निश्चयों के तहत 2020 की एनडीए सरकार में ही 10 लाख नौकरी व 10 लाख रोजगार देने की घोषणा करके इन बहालियों की प्रक्रिया शुरू करवा चुके थे. उन्हें बताना चाहिए कि जब इन बहालियों की प्रक्रिया शुरू होते वक्त वह सत्ता में नहीं थे, तब भला उनका इसमें क्या योगदान है? इसके अलावा क्या उन्हें याद नहीं है कि शिक्षकों की बहाली के समय उनके मंत्री कार्यालय तक नहीं जाते थे, यहां तक कि बहालियों की फाइल पर उनके मंत्री के दस्तखत तक नहीं है, ऐसे में वह इसका झूठा श्रेय कैसे ले सकते हैं? हकीकत में तेजस्वी जी को तो यह बताना चाहिए कि उनके 15 वर्षों के राज में बिना जमीन लिखवाए हुए कितने लोगों को नौकरी दी गयी थी?जमुई गाली काण्ड का मुद्दा उठाते हुए जदयू प्रवक्ता ने लिखा है कि तेजस्वी को बताना चाहिए कि राजद के नेताओं में बिहार की माता-बहनों को सम्मान देने के संस्कार क्यों नहीं है? चिराग पासवान को माँ की गाली देने वाले कार्यकर्ताओं को उन्होंने अभी तक पार्टी से क्यों नहीं निकाला? क्यों इस घिनौने कृत्य के लिए उन्होंने अभी तक माफ़ी नहीं मांगी है?उन्होंने लिखा कि तेजस्वी को बताना चाहिए कि उनके माता-पिता के कार्यकाल को जंगलराज क्यों कहा जाता था? उनके राज में अपहरणकर्ताओं, रंगदारों और बाहुबलियों को कौन संरक्षण देता था? पश्चिम चंपारण को मिनी चंबल किसने बनाया हुआ था? उन्होंने लिखा कि तेजस्वी और उनकी पार्टी बार-बार आरक्षण का मुद्दा उठाती है, उन्हें बताना चाहिए कि उनके 15 साल के राज में कितने वर्गों को आरक्षण मिला या बढाया गया? क्या यह सच नहीं है कि उनकी पार्टी ने इस मुद्दे पर सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाया है, दिया कुछ नहीं है? एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि तेजस्वी को बताना चाहिए कि उनके माता-पिता के राज में एक तरफ जहां बड़ी संख्या में युवाओं का भविष्य चौपट हो गया, वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी खेलने-कूदने की उम्र में ही बिना काम-धंधे के करोड़पति हो गये. वह बताएं कि उनकी इस कामयाबी का नुस्खा क्या है? ट्वीट लिंक्स https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225340477878556 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225343149584823 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225346928726145 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225349407440973 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225351991148885 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225355988308220 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225358412718147 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225360820232505 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225363152175553 https://x.com/RajibRanjanJDU/status/1781225365526261943
पटना: जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने परिवारवाद और देश में डायरेक्ट इंट्री कर रहे नेताओं पर तंज कसते हुए कहा है कि देश में जो समान्य जनता है उसे लगता है कि हमें टीचर बनने के लिए, चपरासी बनने के लिए, साधारण नौकरी करने के लिए इतनी मेहनत करनी पड़ रही है, इधर आप देखेंगे कि नेता का लड़का आया और नेता बन गया. देश में आप देखेंगे कि ऐसे लोग जो डायरेक्ट नेता बने हैं, उनको असफलता ही हाथ लगी है. देश में पार्टियों का लीडर बन जाना कोई बड़ी बात नहीं है. देश में राहुल गांधी को आपने देखा होगा कि वो राजनीति में आए और कांग्रेस ने उन्हें अपना नेता मान लिया मगर देश ने भी उन्हें नेता मान लिया ऐसा नहीं है. अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की जनता नेता माने इसके लिए उन्हें अभी प्रयास करना पड़ेगा: प्रशांत किशोरअखिलेश यादव सपा के नेता हैं, मुलायम सिंह यादव के बाद वो नेता बन गए लेकिन आपने देखा होगा कि अखिलेश यादव के सपा के नेता बनने के बाद समाजवादी पार्टी आज तक लोकसभा हो या विधानसभा किसी भी जगह चुनाव नहीं जीत पाई है. समाजवादी पार्टी लास्ट चुनाव तब जीती थी जब मुलायम सिंह यादव सपा के नेता थे. जब से नेता जी नेता नहीं हैं, तब से अखिलेश यादव गठबंधन बना कर चुनाव लड़े हों या अकेले लड़ें हों कभी उनको सफलता नहीं मिली है. ये दिखाता है कि सपा के नेताओं ने उनको नेता मान लिया है मगर उत्तर प्रदेश की जनता ने नहीं माना है. उत्तर प्रदेश की जनता आपको नेता माने इसके लिए उन्हें प्रयास करना पड़ेगा. परिवारवाद को जनता अपने आप साइड कर देगी इसके लिए ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है.
NEWS DESK : भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 7 अप्रैल, 2024 को बिहार दौरे पर आ रहे हैं. उपराष्ट्रपति बोध गया के छठे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. उप-राष्ट्रपति गया में महाबोधि मंदिर में दर्शन करेंगे. बिहार के इस एक दिवसीय दौरे पर जगदीप धनखड़ आई आई एम, बोध गया के छठे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे. अपनी इस यात्रा में उप-राष्ट्रपति गया के महाबोधि मंदिर भी जाएंगे.आईआईएम बोधगया में एमबीए 08 बैच के दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन हो रहा है. समारोह में विशिष्ट अतिथि भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ रहेंगे. माननीय उपराष्ट्रपति के साथ डॉ. सुदेश धनखड़, बिहार के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर एवं आईआईएम बोधगया के चेयरपर्सन उदय कोटक भी दीक्षांत समारोह में उपस्थित रह कर उसे शोभायमान करेंगे. कार्यक्रम में 7 अप्रैल 2024 की दोपहर माननीय उपराष्ट्रपति एवं डॉ. सुदेश धनखड़ द्वारा आईआईएम बोधगया में पौधरोपण के साथ शुरू होगा. इसके बाद उपस्थित सभी गणमान्य द्वारा राष्ट्रगान गाये जाने के बाद उदय कोटक दीक्षांत समारोह को जीवंत करेंगे. दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के बाद माननीय उपराष्ट्रपति के स्वागत में भाषण के बाद आईआईएम बोधगया निदेशक डॉ. विनीता एस सहाय संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट पर प्रकाश डालेंगी. निदेशक महोदया के निर्देशन में शपथ ग्रहण के बाद एमबीए 08 बैच के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को माननीय उपराष्ट्रपति द्वारा मेडल्स एवं डिग्री प्रदान की जाएगी.
NEWS DESK : युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कांग्रेस पर बड़ा हमला किया है. उन्होंने कहा है की देश की जनता ने 2014,2019 के चुनाव में कांग्रेस को रीजेक्ट किया है.रोहित कुमार सिंह ने कहा है कि 2024 में भी देश की जनता कांग्रेस को ख़ारिज करने जा रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र छलावा है. जब वह सत्ता में थे तो महिला, युवा, किसान और ग़रीब के साथ न्याय नहीं किया. अब उन्हें न्याय की चिंता हो रही है.रोहित कुमार सिंह ने कहा कि देश की जनता चाहती है कि शाही परिवार को कांग्रेस बाहर करने का प्रस्ताव अपने घोषणा पत्र में करे. उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस ग़रीब विरोधी है. रोहित कुमार सिंह ने कहा कि हम सरकार से माँग करते हैं कि केरल स्टोरी का प्रसारण हर प्लेटफार्म पर हो. उन्होंने कहा की केरल के मुख्यमंत्री विजयन सच जनता तक न पहुँचे इसका प्रयास कर रहे हैं.
NEWS DESK : भारत के दूरसंचार क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश डी अंबानी को वॉयस एंड डेटा द्वारा प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. वहीं वर्ष 2023 के लिए रिलायंस जियो इन्फोकॉम के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमन को ‘पाथब्रेकर ऑफ द ईयर अवार्ड’ से नवाजा गया है. देश में 5जी के तेज रोलआउट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए ओमन को यह अवार्ड मिला. मुकेश अंबानी की लीडरशिप की प्रशंसा करते हुए मैथ्यू ओमन ने कहा, "वॉयस और डेटा द्वारा मुकेश धीरूभाई अंबानी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिए जाने से हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं. उनकी लीडरशिप में कंपनी ने दूरसंचार, खुदरा, मीडिया और खेल क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है. आज की डिजिटल दुनिया में भारत की भूमिका क्रांतिकारी होगी. एक उद्योग और राष्ट्र के रूप में, हमारा योगदान अद्वितीय रहेगा और यह सभी भारतीयों के लिए अधिक न्यायसंगत और टिकाऊ भविष्य की ओर अग्रसर होगा.“वॉयस और डेटा पुरस्कार समारोह में रिलायंस जियो को नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, बहुभाषी इंटरनेट, कम्युनिकेशन प्लेटफ़ॉर्म, बिजनेस प्रोसेस इनोवेशन, नेटवर्क सर्विसेज और IOT सहित विभिन्न श्रेणियों में 6 और पुरस्कार प्राप्त हुए हैं. मैथ्यू ओमन को पाथब्रेकर ऑफ द ईयर अवार्ड नीरज मित्तल और गोपाल विट्टल के साथ सयुंक्त रूप से मिला है. ओमन ने उद्योग जगत से जुड़े नीरज मित्तल और गोपाल विट्टल को बधाई दी.
आरा: बड़ी खबर आरा से जहां जिले में बिहिया थाना क्षेत्र के बिहिया चौरस्ता के पास अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक में टकरा गई. हादसे में कार में बैठे एक युवक की मौत हो गई. वहीं 7 लोग घायल हो गये. सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच कर घायलों को आरा सदर अस्पताल भेजा. बताया जा रहा है कि बिहिया थाना क्षेत्र के बिहिया चौरस्ता के समीप तेज रफ्तार कार ट्रक से टकराने से 1 बच्चे की मौत एवं 7 लोग गंभीर रुप से घायल हो गये. घटना के बाद लोगों ने पुलिस की मदद से घायलों को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं दो लोगों को गंभीर हालत में बेहतर उपचार के लिए पटना रेफर कर दिया गया है. घटना के संदर्भ में बताया जा रहा है कि अपने घर में हुई शादी के बाद पूरा परिवार बनारस घूमने गया था और वहां काशी विश्वनाथ का दर्शन करके घूमने के बाद कार से वापस अपने घर लौट रहा था. तभी बिहिया थाना क्षेत्र के बिहिया चौरस्ता के समीप अनियंत्रित कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक में टकरा गई. इस हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए और कार में बैठे लोग उसमें फंस गए. इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिसकर्मियों की टीम ने उनको कार से बाहर निकाला और इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल भेजा. घटना में एक किशोर की मौत हो गई. मृतक सनी कुमार पिता राजेश कुमार राय भगवानपुर जिला वैशाली का निवासी बताया जा रहा है. घटना को लेकर काफी देर तक अपरा तफरी मची रही. वहीं घायलों में विकास कुमार कलावत थाना बिदुपुर वैशाली दीपशिखा विकास कुमार की पत्नी सीमा देवी राजेश कुमार ऋतुराज शिवांक एवं संध्या कुमारी शामिल है. बताया जा रहा है कि ऋतुराज और संध्या की शादी पिछले 12 मार्च को हुई थी एवं पूरा परिवार बनारस घूमने के लिए गया हुआ था. तभी लौटते समय यह घटना हुई. वहीं घटना में घायल ऋतुराज ने बताया कि वे लोग शादी के बाद बनारस गए थे और वैगनआर कार पर सवार होकर अपने घर वापस लौट रहे थे. मूल रूप से वे लोग वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर के निवासी हैं. तभी उन लोगों ने रास्ते में रोक कर एक होटल पर चाय पीया और जब आगे बढ़े तभी बीच सड़क पर एक ट्रक खड़ी थी. इसमें कार की सीधी जोरदार टक्कर हो गई और यह घटना घट गई. बाद में मौके पर पहुंची पुलिसकर्मियों ने उन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया.
BREAKING NEWS:-संदेश की आरजेडी विधायक किरण देवी के खिलाफ ईडी की बड़ी कार्रवाई हुई है.विधायक किरण देवी के भोजपुर जिला के गड़हनी थाना के अगिआंव स्थित आवास एवं पटना में ईडी की छापेमारी चल रही है.छापेमरी के दौरान विधायक किरण देवी अगिआंव स्थित आवास पर मौजूद नहीं है.बतात चलें कि विधायक किरण देवी के पति अरूण यादव भी विधायक रह चुके हैं वे बालू के बड़े कारोबारी हैं,और जांच एजेंसी इससे पहले भी उनके खिलाफ दबिश दे चुकी है और आज दोनो के पटना एवं भोजपुर के कई ठिकानों पर रेड कर रही है.ईडी की छापेमारी में चल-अचल संपत्ति की जानकारी ली जा रही है. सभी तरह के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं.बालू के कारोबार से ही उन्होंने काफी संपत्ति बनाई है.
patna:-एक तरफ पूरे देश में 75 वां गणतंत्र दिवस समारोह धूमधाम से मनाया जा रहा है.वहीं दूसरे ओर बिहार में राजनीतिक बदलाव को लेकर कयासो का बाजार गर्म है और इसे हवा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं राज्य के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी,जो बिहार में बड़ा खेला होने की बात सोसल मीडिया के जरिए कह रहे हैं. पूर्व सीएम जीतानराम मांझी ने आज सोसल मीडिया x पर फिर ट्वीट किया है.आज उन्होनें लिखा कि " आज ही हो जाएगा का जी? खेला आउर का… मांझी के इस ट्वीट के बाद से फिर से बयानबाजी का दौड़ शुरू हो गया है.बताते चलें कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार और जेडीयू के महागठबंधन को छोड़कर एनडीए के साथ जाने की चर्चा जोर-शोर से चल रही है..जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी की तारीफ की है.इसके बाद दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृ्त्व की बैटक बिहार मामले को लेकर हुई है वहीं नीतीश कुमार से भी जेडीयू के सीनियर नेताओं ने मुलाकात की है.हलांकि मीडिया के समक्ष जेडीयू के नेता और मंत्री महागठबंधन सरकार पर किसी तरह का खतरा नहीं होने की बात कह रहे हैं.वहीं आरजेडी के नेत भी नीतीश कुमार के गठचबंधन बदलने को बीजेपी का प्रोपेगंडा बता रहे हैं,पर पूर्व सीएम जीतनराम मांझी का आज आज ही खेला होने की ट्वीट ने राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है.
Patna-गणतंत्र दिवस के अवसर पर कई गणमान्य के लिए भारत रत्न,पद्म भूषण एवं पद्म विभूषण और पद्मश्री जैसे सम्मान की घोषणा की है।इनमें कई बिहार से जुड़े हुए हैं।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर खुशी जाहिर की है। बिहार के स्वर्गीय बिंदेश्वर पाठक को मरणोपरांत सामाजिक कार्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म विभूषण मिलने की घोषणा पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने बिहार के ही डॉक्टर चंदेश्वर प्रसाद ठाकुर को मेडिसिन के क्षेत्र में पद्म भूषण, शांति देवी पासवान एवं शिवम पासवान(पति पत्नी), अशोक कुमार विश्वास, राम कुमार मल्लिक को कला के क्षेत्र में तथा सुरेंद्र किशोर को भाषा,शिक्षा तथा पत्रकारिता के क्षेत्र उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान मिलने की घोषणा पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
PATNA:-भव्य श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर केन्द्र सरकार ने अपने कर्मियो के लिए दोपहर 2.30 तक छुट्टी की घोषणा की है.बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने भी इस छुट्टी के की तरह ही बिहार की नीतीश सरकार से बड़ी मांग कर दी है.सुशील मोदी ने कहा हा कि ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान को लेकर कोटि-कोटि हिंदुओं में उत्साह का माहौल है.इसलिए राज्य सरकार से अपील है कि अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के ऐतिहासिक अवसर पर दर्शन-पूजन करने या उसका सीधा प्रसारण देखने के लिए सभी सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में 22 जनवरी को आधे दिन का अवकाश घोषित किया जाए। सुशील मोदी के मुताबिक अयोध्या में 500 साल के लंबे संघर्ष के बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय, सबकी सहमति और धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए भव्य राम मंदिर के नवनिर्माण से देश-विदेश के कोटि-कोटि हिंदुओं में जो उत्साह है, उसका आदर होना चाहिए ।केंद्र सरकार ने अपने सभी कार्यालयों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और केंद्रीय संस्थानों में 22 जनवरी को दोपहर 2.30 तक अवकाश रखने की घोषणा कर बहुसंखयक समुदाय की धार्मिक भावना का सम्मान किया है।यह एक सराहनीय निर्णय है।बिहार में भी हिंदू समाज के लोग 22 जनवरी को दिन में पूजा-पाठ और शाम को दीपावली मनाने वाले हैं। सरकार को इस बड़े समुदाय की आस्था का सम्मान करते हुए राजनीति से ऊपर उठकर आधे दिन की छुट्टी घोषित करनी चाहिए।
patna:-जनता दल यूनाइटेड(jdu)का राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेवारी लेने के बाद बिहार के सीएम नीतीश कुमार एक्टिव मोड में हैं और लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर चौतरफा तैयारी में जुटे हैं.एक तरफ उनकी पार्टी INDIA गठबंधन पर सीट शेयरिंग एवं नीतीश कुमार को गठबंधन में अहम रोल देने को लेकर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से दवाब दे रही है,वहीं खुद नीतीश कुमार पार्टी के नेताओं के साथ ही चुनाव में वोटरों को प्रभावित करने वाले लोगों से मुलाकात कर रहे हैं.इस कड़ी में आज सीएम नीतीश कुमार ने 1अणे मार्ग स्थित लोक संवाद में राज्य के मुखिया एवं वार्ड सदस्य के साथ ही पंच और सरपंच संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की है.इस मुलाकात में संबंधित प्रतिनिधि ने विभिन्न मुद्दों से संबंधित मांगों को सीएम के समक्ष रखा है और सीएम ने उनकी मांगो को लेकर साकारात्मक जवाब दिया है.बताते चलें कि पंचायत सतर के प्रतिनिधि अपने अपने इलाके में काफी प्रभावकारी होते हैं और चुनाव के दौरान काफी अहम रोल अदा करते हैं.ऐसे में सीएम नीतीश कुमार का वार्ड सदस्य,मुखिया,पंच एवं सरपंच के प्रतिनिधियों से मुलाकात करना चुनावी की दृष्टिकोण से भी काफी अहम माना जा रहा है.लोकसभा चुनावी की घोषणा से पहले अगर इन प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाये गये मुद्दो को लेकर नीतीश सरकार किसी तरह का ऐलान करती है तो उसका फाईदा नीतीश की पार्टी और उनके गठबंधन को जरूर मिलेगा.
PATNA:-दसवें स्थापना वर्ष में महिला विकास मंच द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन पटना के एक निजी होटल मे किया गया जिसमें कई वीवीआईपी के साथ ही 9 राज्यो से लगभग 2000 महिलायें एवं अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए.बताते चलें कि महिला विकास मंच द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में पिछले कई वर्षों से काम किया जा रहा है। मंच का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रताड़ित और शोषित महिलाओं को कानूनी न्याय दिलाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। मंच का बढ़ता दायरा धीरे-धीरे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में लाभकारी साबित हो रहा है। कई बार पुलिस प्रसाशन ने भी मंच के कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि सरकार की सहायता के बगैर चलने वाले इस मंच का विस्तार लगातार हो रहा है। पिछले दिनों एसडीएम ज्योति मौर्य, गायघाट सेल्टर होम व भोजपुरी स्टार पवन सिंह के मामले में यह संगठन काफी चर्चा में रहा। पटना के एक होटल में आयोजित वार्षिक अधिवेशन में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान,प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर व शिक्षक खान सर,बसपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार,मेयर सीता साहू,जाप प्रमुख पप्पू यादव, महिला विकास मंच की संरक्षक वीणा मानवी मौजूद रहें। महिला विकास मंच संगठन के पदाधिकारियों में कई फेरबदल भी किया गयें। डॉ तारा स्वेता आर्या को राष्ट्रीय अध्यक्ष, सीमा जायसवाल को बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।अपने संबोधन में खान सर ने कहा शिक्षा उस शेरनी का दूध है जिसने भी उसका दूध पिया उसने पूरी दुनिया मे दहाड़ा है। गधे की दौड़ में फर्स्ट आ भी गए तो गधा ही कहलाओगे। उन्होंने ये बोल कर समाज मे महिलाओं पर व्यंग करने वालो पर जोरदार चोट किया। खान सर ने आगे कहा की चाहे कुछ भी हो जाये। बच्चों को पढ़ाना नही छोड़े। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा किए और बताया कि मेरी माँ की सबसे अच्छी बात ये रही कि उन्होंने किसी रिश्तेदार को बताया ही नहीं की मैं पढ़ाई कर रहा हूँ। चुप चाप मुझे पढ़ाया और जीवन मे कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरित किया। "मेरी जेब में थोड़ी सुराख क्या हुई,सिक्को से ज्यादा रिश्तेदार गिर गए।" महिला विकास मंच का ये प्रयास सराहनीय है। दस साल से इस संगठन ने कई अद्भुत काम किये हैं। धीरे धीरे ये समाज जरूर बदलेगा। इसमें इस संगठन का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।वहीं अपने संबोधन में नेता चिराग पासवान ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि महिला विकास मंच का कारवां आज बहुत लंबा हो चुका है। धीरे धीरे ही सही बदल रहे इस समाज में महिला विकास मंच का योगदान है। जिसका कोई योगदान हमारे जिंदगी में है नही। उसके बातों को तवज्जो देना सही नही है ये आपके लिए बस रुकावट का काम करेगी। हम महिला विकास मंच के इन प्रयासों की सराहना करते हैं और इनके साथ हमेशा खड़े हैं।कार्यक्रम के दौरान महिला विकास मंच की संरक्षक वीणा मानवी द्वारा संगठन के विषय मे कई अहम फैसले लिए गए। अपने संबोधन में वीणा मानवी ने कहा की पिछले 10 वर्षों में महिला विकास मंच द्वारा लगभग 500 से अधिक मामलों का निष्पादन किया गया है। पिछले कुछ महीनों से संगठन के प्रति सूबे के लोगो का विस्वास और बढ़ा है। वीणा मानवी आगे कहती हैं बिहार ही नही यूपी, झारखंड,बंगाल,दिल्ली,उत्तराखंड,तेलंगाना,हरियाणा से भी महिला विकास मंच में शिकायकर्ताओ की भीड़ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसको देखते हुए संगठन की सक्रियता इन जगहों पर भी बढ़ चुकी है। कार्यक्रम में पूरे देश से लगभग 400 पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में अरुणिमा कुमारी के अगुवाई में पुरे देश से आये पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। आज सम्पन्न हुए स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता पीके चौधरी ने किया
KASHISH NEWS DESK:- बिहार के कारोबारी और होटल व्यवसायियों को राज्य की नई पर्यटन नीति का लाभ उठाना चाहिए..ये बातें बिहार के डिप्टी सीएम सह पर्यटन मंत्री तेजस्वी यादव ने बोधगया में कही है.वे बौद्ध धर्म गुरू दलाईम लामा से मुलाकात और महाबोधी मंदिर में पूजा पाठ के बाद बोधगया में स्थानीय कारोबारी और होटल व्यवसायियों के साथ बैठक कर रहे थे.तेजस्वी ने कहा कि गया-बोधगया मोक्ष और ज्ञान की धरती है, यहां पूरी दुनिया से विभिन्न आर्थिक वर्गों के लोग आते हैं इस कारण यहां सभी स्तर की सुविधाओं के निर्माण की आवश्यकता है। अभी बिहार सरकार पर्यटन केंद्रों पर सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दे रही है। पर्यटन विभाग ने काफी मेहनत और शोध के उपरांत राज्य में नई पर्यटन नीति लाया है, जिसे पिछले दिनों बिहार कैबिनेट में स्वीकृति मिली है। आप जितने भी व्यवसायी वर्ग के लोग हैं, वे सब पर्यटन के क्षेत्र में नए-नए उद्योग लगाएं और पर्यटन नीति के तहत मिलने वाले काफी अच्छी अनुदान राशि का लाभ उठाएं।तेजस्वी ने कहा कि आप व्यवसायी वर्ग आगे बढ़ेंगे तो बिहार आगे बढ़ेगा, प्रदेश की तरक्की होगी। इस कारण न केवल होटल निर्माण बल्कि थीम रेस्तरां व पार्क, मेडिटेशन सेंटर, गोल्फ कोर्स आदि बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये तक के अनुदान का लाभ दिया जा रहा है।तेजस्वी प्रसाद यादव ने बोधगया स्थित महाबोधि कन्वेंशन सेंटर में राज्य के टूर ऑपरेटर्स एवं होटल संचालकों के साथ पर्यटन नीति पर चर्चा करते हुए कहा कि हम लोग पर्यटकों को राज्य में ज्यादा दिनों तक ठहरा सकें, इसको लेकर काम कर रहे हैं।गया-बोधगया ही नहीं बल्कि राजगीर पटना वैशाली सहित पूरे प्रदेश में नाइटलाइफ कैसे विकसित हो, इसको लेकर भी पर्यटन विभाग काम कर रहा है। हम सब मार्केट-मॉल-होटल-रेस्तरां आदि को मिलाकर शहरों में गतिविधियों का केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रहे हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग पर्यटन करने के लिए बिहार में आएंगे और ठहरेंगे। पर्यटन स्थल ही नहीं बल्कि पूरे शहर की साफ सफाई बेहतर हो, वहां की ट्रैफिक व्यवस्था अच्छी हो, पर्यटक आए तो कोई भी गलत इंप्रेशन लेकर के ना जाएं इसको लेकर बिहार सरकार काम कर रही है।बताते चलें कि डिप्टी सीएम सबसे पहले बोधगया के तिब्बती धर्मशाला पहुंचे, जहां परम पावन बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा से आशीर्वचन प्राप्त किया। इसके उपरांत महाबोधि मंदिर में दर्शन उपरांत महाबोधि मंदिर से जे.पी. उद्यान को जोड़ने से संबंधित योजना के स्थल निरीक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कहा कि बोधगया के लिए विकास के कई कार्य किया जा रहे हैं। दुनिया भर से आने वाले पर्यटक यहां बेहतर रूप में ध्यान और पूजन कर सके इसके लिए मंदिर और जेपी उद्यान को एक पुल के सहारे आपस में जोड़ा जा रहा है।तेजस्वी ने कहा कि बोधगया जैसे शहर में दो-दो फाइव स्टार होटल बन चुके हैं, पटना में भी हम तीन नए फाइव स्टार होटल बना रहे हैं और पहले से बने होटल को फाइव स्टार प्रमाणीकरण में मदद दे रहे हैं। इन सब योजनाओं से आनेवाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में न केवल इजाफा होगा बल्कि इससे हमारी इकोनॉमी भी बेहतर होगी। वहीं पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने पर्यटन निधि की नीति के विभिन्न बिंदुओं को विस्तार से बताते हुए कहा नई नीति में हमने निवेशकों के लिए आकर्षण के कई बिंदु बनाए हैं। 10 करोड़ तक की योजना लगाने पर 3 करोड़ की कैपिटल निधि इंसेंटिव के तौर पर दी जाएगी। 50 करोड़ तक की परियोजना लगाते हैं तो 10 करोड़ तक का इंसेंटिव मिलेगा और यदि 50 करोड़ से 100 करोड़ के बीच कोई निवेश करते हैं तो 25 करोड रुपए तक इंसेंटिव की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। पर्यटन नीति को इस प्रकार बनाया गया है जिससे राज्य में आर्थिक तरक्की हो, स्किल डेवलपमेंट के साथ-साथ रोजगार सृजन पर्याप्त मात्रा में हो और पर्यटन के क्षेत्र में आधारभूत संरचना के विकास में मदद मिल सके ताकि पर्यटकों की संख्या को और भी ज्यादा बढ़ाया जा सके। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सह स्थानीय विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि बोधगया से कनेक्टिविटी काफी अच्छी हो गई है। राज्य सरकार यहां के विकास को लेकर लगातार काम कर रही है और पर्यटकों को यहां ज्यादा से ज्यादा कैसे इंगेज किया जाए, इसको लेकर काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री सुरेन्द्र यादव जिला पदाधिकारी गया, पुलिस अधीक्षक गया, नगर आयुक्त गया नगर निगम, पर्यटन निदेशक, महाप्रबंधक, बिहार पर्यटन विकास निगम सहित पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए