देवघर:विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर एक ओर देवघर जिला प्रशासन तैयारी में जुटा हुआ है. वहीं नगर निगम के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर जाकर जिला प्रशासन के लिए परेशानी खड़ी कर दी है.

शहर की सफाई व्यवस्था ठप, कचरा जमा होने से लोगों की बढ़ी परेशानी

दरअसल नगर निगम के 750 कर्मचारी अपनी तीन सूत्री मांगों के लिए हड़ताल पर चले गए हैं. हड़ताल पर जाने से शहर के विभिन्न चौक चौराहे की सफाई व्यवस्था कहीं ना कहीं ठप होती दिख रही है.

सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय मंडल ने कहा कि पिछले कई वर्षों से नगर निगम में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के नियमित स्थाईकरण,बकाए पीएफ और पिछले दो दशक से रुके हुए प्रमोशन की मांग की जा रही है. लेकिन नगर निगम के अधिकारी सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं हैं. इस वजह से हड़ताल पर जाना सफाई कर्मचारियों के लिए मजबूरी हो गई है. हालांकि शहर की सफाई व्यवस्था फिलहाल प्राइवेट कंपनी के द्वारा संचालित की जा रही है लेकिन सावन के महीने में शहर में बढ़ने वाले लोड की वजह से कहीं ना कहीं प्राइवेट स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सफाई व्यवस्था को कायम रखना एक चुनौती है.

सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संजय मंडल ने कहा कि 10 जुलाई को ही हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई थी. लेकिन नगर निगम के अधिकारियों के द्वारा इस पर कोई विचार नहीं किया गया. जिस वजह से सफाई कर्मचारियों को हड़ताल पर जाना कहीं ना कहीं मजबूरी हो गई.

बता दें कि नगर निगम की तरफ से करीब 750 सफाई कर्मचारी काम करते हैं. वहीं प्राइवेट स्तर पर लगभग 300 कर्मचारी काम करते हैं. हड़ताल पर जाने की वजह से शहर के कई जगहों पर शनिवार को सुबह से ही कचरा जमा हो गया है. इससे आम लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

हड़ताल पर जाने को लेकर देवघर नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त विजय हांसदा से बात की तो उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांग जायज है. उनकी मांगों को लेकर नगर आयुक्त खुद गंभीर हैं. नगर आयुक्त जल्द ही हड़ताल पर गए कर्मचारी की समस्या का निराकरण कर हड़ताल समाप्त करवाने में जुटे हुए हैं.

बता दें कि हड़ताल पर जाने से कहीं ना कहीं शहर की सफाई व्यवस्था शनिवार से चरमराने लगी है. अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम के सफाई कर्मचारी की हड़ताल को समाप्त करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कब तक और क्या कुछ ठोस कदम उठाए जाते हैं.