BIHAR NEWS : पटना हाईकोर्ट में सहरसा में मिड डे मील खाने से 150 छात्रों के बीमार होने के मामले पर होगी सुनवाई
Patna : पटना हाईकोर्ट के उपयुक्त पीआईएल के बेंच में सहरसा जिले के महषि प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय,बलुआहा में मिड डे मील खाने के बाद 150 से भी अधिक छात्रों की तबीयत खराब होने के मामले की सुनवाई होगी. एक्टिंग चीफ जस्टिस सुधीर सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने बिहार सरकार के निर्देशक,एमडीएम/पीएम पोषण द्वारा दायर जवाब से सन्तुष्ट नहीं था. कोर्ट ने उन्हें सभी सम्बन्धित पक्षों व अधिकारियों से विचार विमर्श कर पुनः हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था.
कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि 189 स्कूली छात्रों का जीवन मिड डे मिल खाने से खतरे में पडा,लेकिन आरएसएफएल,भागलपुर ने फूड सैंपल का जांच नहीं किया.
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एस पी,सहरसा को पिछली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था. भागलपुर के फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री को कोर्ट ने कहा था कि जो भी सैंपल जांच के लिए लम्बित है,उनका रिपोर्ट जल्द दें.
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि महषि प्रखंड में 68 स्कूलों में विद्यालय शिक्षा समिति के द्वारा किचन की व्यवस्था की गयी है,जबकि 58 स्कूलों में एजेंसी के माध्यम से किचन चलाया जाता है.
जिलाधिकारी,सहरसा ने बताया था कि 189 बच्चों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. ठीक होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दिया गया. 68795 स्कूल मध्याह्न भोजन की योजना चलायी जा रही है. यह योजना क्लास एक से लेकर क्लास आठ तक के लिए ये योजना है.
इस स्कूल में डेढ सौ से भी अधिक बच्चों ने मिड डे मील खाने के बाद बीमार पड़ गये. उन्होंने पेट दर्द,उल्टी,चक्कर आने की शिकायत की. उन्हें स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया. करीब सौ से अधिक बच्चों को सहरसा सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया.
स्थानीय लोगों ने बताया कि मिड डे मील में सांप का बच्चा या कोई जहरीला कीड़ा पड़ गया था. इसी भोजन को करने से बच्चों की तबीयत बिगड़ गई.
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भोजन के सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री भिजवाया. प्रशासन ने जिम्मेदार हेडमास्टर को निलंबित किया था. साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराया गया था.
इस मामले पर अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद की जाएगी.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट--





