BIHAR NEWS : भूमि-अर्जन प्राधिकरणों में बड़ी नियुक्ति, बिहार सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
पटना: बिहार सरकार ने भूमि-अर्जन से जुड़े मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निपटारे की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी कर राज्य के भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरणों में पीठासीन पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है. यह नियुक्तियां भूमि अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम (RFCTLARR Act), 2013के तहत की गई है.
जारी अधिसूचना के अनुसार, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को इन प्राधिकरणों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अली अहमद को मुजफ्फरपुर स्थित भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण का पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया है. वहीं, संपूर्णानंद तिवारी को सारण प्राधिकरण का पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है.
सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से भूमि-अर्जन से संबंधित विवादों, मुआवजा दावों तथा पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आएगी. लंबे समय से लंबित मामलों की सुनवाई अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी और प्रभावित लोगों को समयबद्ध न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ेगी.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी और अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी. विभाग ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार दायित्व ग्रहण करने का निर्देश भी दिया है.
भूमि-अर्जन परियोजनाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष सुनवाई और प्रभावित परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का यह फैसला अहम माना जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर इसे विकास परियोजनाओं और जनहित के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने की पहल के रूप में भी देखा जा रहा है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--





