Darbhanga AIIMS :दरभंगा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। जी हां, दरभंगा एम्स निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। इस संबंध में सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी बात कही, जिसके बाद अब ये समझा जा रहा है कि दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर फंसा पेंच खत्म हो गया है।


दरभंगा एम्स निर्माण का रास्ता साफ

दरभंगा के DMCH में 2742 करोड़ की लागत से 2100 बेड के अस्पताल भवन और शैक्षणिक भवन की योजना का शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मीडिया से मुखातिब हुए और कहा कि दरभंगा एम्स के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। दरभंगा के शोभन में ही एम्स का निर्माण होगा। उस जमीन में और मिट्टी भराई होगी और समतल किया जाएगा। इस संबंध में केन्द्र सरकार से पत्राचार हो चुका है।


दरभंगा एम्स निर्माण का रास्ता साफ, CM नीतीश का बड़ा ऐलान, सियासी संग्राम के बाद अब सुलझा मामला

केन्द्र और राज्य सरकार में हुआ है पत्राचार

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही केन्द्र सरकार ने दरभंगा एम्स को लेकर बिहार सरकार को पत्र लिखा था। पत्र में एम्स के लिए दूसरी जगह की बात कही गई थी। साथ ही दूसरी जगह एम्स के लिए उपयुक्त जमीन नहीं मिलने पर शोभन बाइपास की जमीन को मानक के अनुसार उपलब्ध कराने को कहा गया था, जिसके बाद सोमवार को नीतीश कुमार के बयान से अब ये स्पष्ट हो गया है कि दरभंगा के शोभन में ही एम्स का निर्माण होगा।

दरभंगा एम्स निर्माण का रास्ता साफ, CM नीतीश का बड़ा ऐलान, सियासी संग्राम के बाद अब सुलझा मामला

सोशल मीडिया पर छिड़ी थी सियासी जंग

गौरतलब है कि साल 2016 से ही दरभंगा एम्स को लेकर विवाद चलता आ रहा है। हाल के दिनों में इस मामले को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के बीच सोशल मीडिया पर खूब तकरार हुई थी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पत्र में कहा था कि 19 सितंबर 2019 को नरेंद्र मोदी सरकार ने दरभंगा में एम्स बनाने की इजाजत दे दी थी। 3 नवंबर 2021 को बिहार सरकार ने जमीन दे दी थी लेकिन जब बिहार में महागठबंधन सरकार सत्ता में आई तो उन्होंने 2023 में स्थान बदल दिया।

दरभंगा एम्स निर्माण का रास्ता साफ, CM नीतीश का बड़ा ऐलान, सियासी संग्राम के बाद अब सुलझा मामला

इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि तेजस्वी यादव को राजनीति से बाहर आना चाहिए और हमें जमीन आवंटित करनी चाहिए। हम दरभंगा में एम्स बनाने को तैयार हैं। हमारा इरादा स्पष्ट है। इसके बाद बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने भी मोर्चा खोल दिया था और केन्द्र सरकार को घेरते हुए कई पत्र लिखे थे।