परीक्षा पे चर्चा 2025 : PM मोदी ने छात्रों को दिए परीक्षा के तनाव से बचने के टिप्स, बिहार के छात्र ने पूछा ये सवाल तो मिला शानदार जवाब

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 PM Modi gave tips to students to avoid exam stress  PM Modi gave tips to students to avoid exam stress

NEW DELHI : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ के दौरान देशभर के छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में पीएम ने परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए उपयोगी टिप्स दिए, हेल्दी डाइट के महत्व पर जोर दिया और लीडरशिप के गुणों को समझाया।

पीएम मोदी ने छात्रों को तिल के लड्डू खिलाए

कार्यक्रम की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को तिल के लड्डू खिलाकर मकर संक्रांति और पारंपरिक भारतीय खानपान का महत्व बताया। उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या वे चबाकर खाना खाते हैं, जिसके बाद बच्चों के ठहाके गूंज उठे।

क्रिकेट से जोड़ा सफलता का मंत्र

पीएम मोदी ने परीक्षा के तनाव से बचने के लिए क्रिकेट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि "जब हम क्रिकेट खेलते हैं तो दर्शकों की आवाजें आती हैं - सिक्स, फोर लेकिन क्या बैट्समैन इन आवाजों पर ध्यान देता है? नहीं, वह केवल बॉल पर फोकस करता है।" उन्होंने समझाया कि परीक्षा की तैयारियों में भी छात्रों को बाहरी दबाव से बचना चाहिए और सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।

बिहार के छात्र ने पूछा ये सवाल

दरअसल, इस कार्यक्रम के दौरान बिहार के एक छात्र विराज ने प्रधानमंत्री से पूछा कि वे इतने बड़े ग्लोबल लीडर हैं, आप कुछ ऐसी बातें शेयर कीजिए जो लीडरशिप से संबंधित हो और जिससे हमें मदद मिले। विराज ने कहा कि बच्चे मॉनिटर की बात नहीं सुन सकते। उनको यह भी कह नहीं सकते कि बैठ जाओ, नहीं तो नाम लिख दूंगा, क्या कोई तरीका है।

इस पर प्रधआनमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जवाब दिया और लीडरशिप का मतलब समझाया। उन्होंने कहा कि यह नहीं होता है कि कुर्ता-पायजामा पहने वालों में ही लीडरशिप क्वालिटी होता है। लीडर का मतलब है कि खुद को उदाहरण बनाइए। मैं मॉनिटर हूं, आप लोग आ जाइए, मैं आ जाऊंगा. मॉनिटर ने होमवर्क कर दिया है तो वह बाकी को कह सकते हैं। आप जब किसी को सहयोग करते हैं। उसकी बीमारी में उसका हालचाल लेते हो। लीडरशिप थोपी नहीं जाती है। आपके व्यवहार को वह स्वीकार करते हैं। लीडर बनने के लिए टीम वर्क सीखना बहुत जरूरी है। धैर्य बहुत आवश्यक होता है। कभी-कभी यह होता है कि एक को काम दिया और उसने किया नहीं तो फिर हम उस पर टूट पड़ते हैं। ऐसे में लीडर नहीं बन सकते हैं। उसका कारण जानना चाहिए। जहां कम वहां, हम का मंत्र अपनाइए।

बिहार के एक छात्र ने PM से लीडरशिप के बारे में सवाल किया। इस पर PM मोदी ने कहा कि "लीडरशिप का मतलब सिर्फ बड़े भाषण देना नहीं होता। असली लीडर वह होता है, जो खुद उदाहरण बने, दूसरों की मदद करें और टीम वर्क में विश्वास रखे।"

असफलता से सीखने की सलाह

पीएम मोदी ने कहा कि जैसे खिलाड़ी अपने मैच के वीडियो देखकर अपनी गलतियों से सीखते हैं, वैसे ही छात्रों को भी अपनी असफलताओं को एक सीख के रूप में लेना चाहिए।

'परीक्षा पे चर्चा' में विशेष अतिथि

इस साल के ‘परीक्षा पे चर्चा’ में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, भूमि पेडनेकर, अभिनेता विक्रांत मैसी, छह बार की विश्व चैंपियन मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जैसी हस्तियां भी शामिल हुईं।

‘परीक्षा पे चर्चा 2025’ में पीएम मोदी के सुझावों ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से निपटने, बेहतर प्रदर्शन करने और लीडरशिप के गुण अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने और खुद पर भरोसा रखने का संदेश दिया।