महाकुंभ का शुभारंभ : आस्था के महासागर में डुबकी, पहले शाही स्नान में उमड़ा जनसैलाब


PRAYAGRAAJ :उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज से महाकुंभ का भव्य शुभारंभ हो गया है। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और आस्था के इस महासंगम में पहले शाही स्नान का आयोजन हो रहा है। लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर अपने पापों से मुक्ति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं।
महाकुंभ, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है, हर 12 वर्षों में आयोजित होता है। इस बार का महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। 4,000 हेक्टेयर में फैले इस मेले में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
पहला शाही स्नान
हिंदू पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि आज सुबह 5 बजकर 03 मिनट पर शुरू हुई और यह कल अर्धरात्रि 3 बजकर 56 मिनट तक रहेगी। इस शुभ अवसर पर साधु-संतों, अखाड़ों और करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। माना जाता है कि शाही स्नान पापों से मुक्ति दिलाने के साथ मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।
अन्य शाही स्नान की तिथियां
14 जनवरी 2025: मकर संक्रांति
29 जनवरी 2025: मौनी अमावस्या
2 फरवरी 2025: बसंत पंचमी
12 फरवरी 2025: माघ पूर्णिमा
26 फरवरी 2025: महाशिवरात्रि
महाकुंभ के इस ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालु न केवल स्नान का पुण्य लाभ ले रहे हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी अनुभव कर रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। महाकुंभ का यह महापर्व आस्था, अध्यात्म और भारतीयता का अद्भुत संगम है, जो मानवता को जोड़ने का संदेश देता है।