BIHAR NEWS : मधु उत्पादन पर अनुदान से किसानों की जिंदगी गुलजार, कमा रहे लाखों
पटना : बिहार कृषि विभाग मधुमक्खी पालन एवं मधु उत्पादन की योजना चला रहा है. विभाग के इस प्रयास से राज्य में मीठी क्रांति देखने को मिल रही है. बिहार देश का चौथा बड़ा शहद उत्पादक राज्य बन चुका है. विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार,वर्ष2024-25में शहद का कुल उत्पादन22,587.25मीट्रिक टन रहा है. साथ ही मधुमक्खियों ने परागण प्रक्रिया में भाग लेकर अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ाने का भी काम किया है. इस पहल ने न सिर्फ शहद का उत्पादन बढ़ाया है बल्कि किसानों के भी जीवन में समृद्धि लाने का काम किया है. बीते दिनों कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इसकी सराहना करते हुए कहा है कि इस उपलब्धि को और गति देने के लिए राज्य सरकार शीघ्र ही शहद की समग्र अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए नीति लाने जा रही है. इसके माध्यम से मधु उत्पादन,प्रसंस्करण,गुणवत्ता,ब्रांडिंग और मार्केटिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य कर रही है,ताकि बिहार के शहद को देश-विदेश के बाजारों में बेहतर पहचान और उचित मूल्य मिल सके.
अनुदानित दर दिया जाता है मधुमक्खी बक्सा छत्ता
राज्य में 2004-05 से पूर्व शहद उत्पादन बहुत कम मात्रा में होता था. राष्ट्रीय बागवानी मिशन और मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत परागण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक वर्ष 20 हजार से एक लाख तक मधुमक्खी बक्सा छत्ता सहित अनुदानित दर पर वितरण किया जाता है. साथ ही शहद उत्पादन पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसका परिणाम है कि आज बिहार में शहद का उत्पादन तेजी से बढ़ा है. इससे भूमिहीन किसानों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर खुले हैं.





