BIHAR NEWS : निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के साथ नहीं होने दिया जाएगा अन्याय- डिप्टी सीएम विजय सिन्हा
पटना : उपमुख्यमंत्री-सह-नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि जिन नगर निकायों का परिसीमन हो चुका है और वहाँ की समिति का कार्यकाल बचा हुआ है, उसे भंग करके नया चुनाव नहीं कराया जाएगा. मंत्री ने कहा कि ऐसा करना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों/पार्षदों के साथ अन्याय होगा.
उल्लेखनीय है कि कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के नेतृत्व में पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि हाल में दानापुर निजामत, नगर परिषद् क्षेत्र में फरीदनपुर, मैनपुरा, जमसौत, ढिबरा, कोथवाँ, मुस्तफापुर, बबक्करपुर, आशोपुर और नसीरपुर गाँवों को शामिल कर इसका क्षेत्र विस्तार किया गया था. परिसीमन के बाद विभाग की तरफ से इसे अक्टूबर महीने में अधिसूचित कर दिया गया. अब नियमानुसार राज्य निर्वाचन विभाग को नये सिरे से वार्ड का परिसीमन एवं वार्ड का गठन करने के पश्चात चुनाव कराना है. लेकिन प्रतिनिधिमंडल की माँग थी कि चूँकि अभी निर्वाचित सदस्यों का लगभग डेढ़ वर्ष का कार्यकाल बचा हुआ है, ऐसे में चुनाव कराया जाना उचित नहीं है.
उपमुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह पूरा प्रयास करेंगे कि किसी भी निर्वाचित जन प्रतिनिधि के साथ अन्याय नहीं हो.
गौरतलब है कि विभाग ने पिछले वर्ष सभी जिला पदाधिकारियों को पत्र लिखकर बिहार नगरपालिका अधिनियम (यथा संशोधित),2007 की धारा 3 एवं 7 के आलोक में प्रस्तावित नगर निकाय की कुल जनसंख्या,कुल कर्मियों की संख्या एवं कुल कृषि कर्मियों की संख्या के आधार पर प्रस्ताव तथा उसका कुल क्षेत्रफल (वर्ग कि.मी.),जनसंख्या घनत्व,सीमा,चैहद्दी एवं थाना नं. इत्यादि के आधार पर विहित प्रपत्र (मूल) में नक्शा सहित नए नगर निकायों के गठन तथा पुराने नगर निकायों के उत्क्रमण एवं क्षेत्र विस्तार हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था.
उक्त के आलोक में आठ नगर निकायों का विहित प्रपत्र में प्रस्ताव प्राप्त हुआ,जिसे विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अधिसूचित कर बिहार निर्वाचन आयोग को भेज दिया था. वर्तमान में 29 नगर निकायों के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं,जिस पर जनगणना आयोग के निर्देशानुसार 31 मार्च,2027 तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है.
पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--





