BIHAR NEWS : पथ निर्माण विभाग के सचिव ने मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का किया स्थल निरीक्षण
पटना : बिहार के पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने पटना शहर अंतर्गत निर्माणाधीन मीठापुर-चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर परियोजना का स्थल निरीक्षण किया. सचिव ने तकनीकी टीम और विभागीय अभियंताओं के साथ मीठापुर फ्लाईओवर से चिरैयाटांड़ फ्लाईओवर (भाया करबिगहिया) को जोड़ने के लिए पहुंच पथ एवं दोनों तरफ सर्विस लेन निर्माण कार्य की बारीकी से जायजा ली.
निरीक्षण में सचिव ने निर्माण स्थल पर संवेदक और अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में परियोजना को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया.
यह फ्लाईओवर आर ब्लॉक-जीपीओ-मीठापुर गोलम्बर-करबिगहिया स्टेशन होते हुए कंकड़बाग तक जाएगी. इससे वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के हो सकेगी. करीब₹ 292.74करोड़ की लागत से निर्माणाधीन इस परियोजना की कुल लंबाई1730मीटर है और परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है.
वर्तमान में नींव का कार्य पूर्ण हो चुका है जबकि सब-स्ट्रक्चर, सुपर-स्ट्रक्चर और पहुंच पथ (अप्रोच रोड) का कार्य करीब70प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है. पहले चरण में जीपीओ गोलम्बर से पुराने बस स्टैंड तक जुलाई में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है. पूरी परियोजना का कार्य पूर्ण होने की संभावित तिथि दिसंबर2026निर्धारित है. सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानसून के प्रारंभ होने से पूर्व संभावित बाधाओं का समय रहते निराकरण सुनिश्चित कर लिया जाए ताकि निर्माण कार्य की गति प्रभावित न हो.
सचिव पाल ने बताया कि राजधानी पटना की यातायात व्यवस्था को सुगम, आधुनिक और पूरी तरह जाममुक्त बनाने के लिए इस परियोजना का निर्माण हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस फ्लाईओवर और एप्रोच रोड के पूर्ण होने से पटना की यातायात व्यवस्था पहले से और बेहतर हो जाएगी. फ्लाईओवर के निर्माण से करबिगहिया स्टेशन के समीप होने वाले दैनिक और गंभीर यातायात जाम से आम जनता को हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी.
इस परियोजना के माध्यम से नवनिर्मित मीठापुर-महुली फ्लाईओवर से पटना शहर की ओर आने वाले भारी ट्रैफिक को बेहद सुगम और तीव्र मार्ग मिलेगा. साथ ही यह फ्लाईओवर मीठापुर गोलम्बर को सीधे एनएच-30 बाईपास से जोड़ेगी, जिससे बाहरी और अंतर-शहरी वाहनों को शहर के व्यस्ततम अंदरूनी रास्तों में प्रवेश किए बिना ही सीधा निकास मिल जाएगा.





