BIG NEWS : ठोक सबूत के बिना किसी व्यक्ति को आरोपी के रुप में तलब नहीं किया जा सकता - पटना हाईकोर्ट
Patna : पटना हाईकोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आता है,तो उसे केवल सह-आरोपी के आवेदन पर आरोपी के रूप में तलब नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा319के तहत किसी व्यक्ति को आरोपी बनाने की शक्ति असाधारण है और इसका प्रयोग तभी होगा,जब ट्रायल के दौरान उपलब्ध साक्ष्य उसकी संलिप्तता की पुष्टि करते हों.
जस्टिस चंद्र शेखर झा की एकलपीठ ने गोपालगंज के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा पारित समन आदेश को रद्द करते हुए याचिका स्वीकार कर ली.
ये मामला हथुआ थाना कांड संख्या-106/2015का है. ये आरोप है कि एक सेवानिवृत्त शिक्षक के बैंक खाते से वर्ष2015में आईआरसीटीसी के जरिए करीब11लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी. पुलिस ने जांच के बाद राहुल कुमार झा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया,जबकि याचिकाकर्ता को अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया गया.
ट्रायल के दौरान छह गवाहों में से किसी ने भी याचिकाकर्ता की संलिप्तता का उल्लेख नहीं किया. इसके बावजूद सह-आरोपी की अर्जी पर ट्रायल कोर्ट ने उन्हें धारा319के तहत आरोपी के रूप में समन जारी कर दिया.
हाईकोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के अनुसार धारा319का इस्तेमाल केवल मजबूत और विश्वसनीय साक्ष्य के आधार पर ही किया जा सकता है.
इस मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ ट्रायल के दौरान कोई भी आपत्तिजनक साक्ष्य नहीं आया था. इसलिए केवल सह-आरोपी के आवेदन पर जारी समन आदेश कानून की कसौटी पर टिक नहीं सकता. अदालत ने 13 जुलाई, 2018 के आदेश को निरस्त करते हुए याचिका मंजूर कर ली.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-





