BIG BREAKING : जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष को कोर्ट का झटका, CID कोर्ट ने एल ख्यांग्ते की जमानत याचिका की खारिज
रांची:इस वक्त की बड़ी खबर झारखंड की राजधानी रांची से है जहां14thजेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को सीआईडी कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है.
इससे पहले 3 सितंबर को दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने तर्क प्रस्तुत किया कि उनके मुवक्किल के विरुद्ध कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी द्वारा की गई छापेमारी में भी ऐसा कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या साक्ष्य नहीं मिला जो उन्हें दोषी ठहराए. इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए.
वहीं दूसरी ओर सीआईडी की जांच में आरोप लगाया गया है कि एक ब्लैकलिस्टेड निजी कंपनी को परीक्षा आयोजित करने का काम दिलाने और इसके एवज में भारी कमीशन लेने में उनकी भूमिका रही है. पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिशों की बात सामने आने पर सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं.
बता दें कि 14th जेपीएससी फर्जीवाड़ा मामले में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांग्ते ने 12 अगस्त को याचिका दाखिल कर कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई थी. 10 अगस्त को सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी से पूर्व सीआईडी ने तीन दिन उनसे पूछताछ कर चुकी थी. 21 जुलाई को रांची पुलिस और सीआईडी ने कार्रवाई शुरू की थी. सीआईडी की टीम ने जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी. मामले में अब तक जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांग्ते समेत 2 दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. मामले की जांच जारी है. आरोपियों से हुई पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं. किस स्तर पर गड़बड़ी हुई है, कितने राशि की लेनदेन हुई है, इन सभी बातों को लेकर सीआईडी जांच पड़ताल कर रही है.





