
बुधवार, 30 सितंबर 2026
Liveरांची : कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड सरकार की ओर से सोमवार को हिन्दी दिवस के अवसर पर एटीआई सभागार में भव्य व्याख्यान एवं काव्यपाठ समारोह का आयोजन किया गया. विभागीय सचिव प्रवीण टोप्पो ने कहा कि सुशासन की असली पहचान सरल हिन्दी, सुगम प्रक्रियाएं और पारदर्शी व्यवस्था से होती है. जब सरकारी भाषा आमजन की समझ में आती है, तब योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता है. उन्होंने जोर दिया कि कार्यालयों में अनावश्यक जटिल शब्दों और प्रक्रियाओं को कम कर नागरिकों के लिए काम को आसान बनाया जाए.सचिव ने कहा कि तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है, जिससे हर निर्णय और प्रक्रिया स्पष्ट और जवाबदेह बने. ऑनलाइन सेवाएं, समयबद्ध निस्तारण और शिकायतों की निगरानी से जनता का भरोसा मजबूत होता है. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए सरल भाषा और स्पष्ट कार्यशैली अपनाएं, ताकि शासन वास्तव में जनता के करीब और भरोसेमंद बन सके. कार्यक्रम में हिन्दी पट्टी के कई प्रख्यात कवियों और विद्वानों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिन्दी की समृद्धि, संवेदनशीलता और व्यापकता को रेखांकित किया. समारोह में उपस्थित साहित्यकारों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि जनसरोकार और सांस्कृतिक एकता का सशक्त माध्यम है. उन्होंने हिन्दी को “बोली और भाषा के बीच का आत्मसमर्पण” बताते हुए कहा कि यह भाषा देश की विविध लोकभाषाओं और बोलियों को आत्मसात कर निरंतर समृद्ध होती रही है. हिन्दी की यही विशेषता उसे जन-जन की भाषा बनाती है. काव्यपाठ के दौरान कवियों ने सामाजिक सरोकार, राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक विविधता और समकालीन मुद्दों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा. विद्वानों ने इस बात पर जोर दिया कि हिन्दी ने स्वतंत्रता आंदोलन में केंद्रीय भूमिका निभाई थी और आज भी यह देश को एकसूत्र में बांधने का कार्य कर रही है. कार्यक्रम में काव्यपाठ करने आए विद्वानों में मुख्यरूप से डॉक्टर जिंदर सिंह मुंडा - अध्यक्ष, स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, डॉ केदार सिंह - सेवानिवृत प्राध्यापक - विनोबा भावे विश्वविद्यालय, डॉ. वन्दना टेटे - प्रख्यात कवियित्री लेखिका, डॉ. सावित्री बड़ाईक-सहायक प्राध्यापक - एसएस मेमोरियल महाविद्यालय, डॉ. कुमारी उर्वशी सहित कई हिन्दी के प्रख्यात विद्वान उपस्थित थे. रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट--
रांची : संत जेवियर्स कॉलेज, राँची में हिन्दी विभाग और हिन्दी साहित्य परिषद के तत्वावधान में IQAC के सहयोग से हिन्दी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. हिन्दी और हम इसका विषय था. इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर रॉबर्ट प्रदीप कुजूर, एसजे ने कहा कि भाषा न केवल संवाद का माध्यम है बल्कि भाषा के बदौलत ही ज्ञान की अभिव्यक्ति होती है. इसके साथ-साथ प्राचार्य ने कहा कि भाषा केवल वार्तालाप एवं अभिव्यक्ति से ही समृद्ध नहीं हो सकती बल्कि उसमें शोध की वृहद संभावनाएं तलाशनी होगी. इस अवसर पर हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार भाटिया ने विषय प्रवेश कराते हुए हिन्दी की यात्रा पर विहंगम दृष्टि डाली. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आकाशवाणी राँची के कार्यक्रम अधिशाषी डॉ. पंकज मित्रा ने अपने वक्तव्य में कहा कि हिन्दी और हम विषय बड़ा व्यापक है. हम में लोकतंत्र की शक्ति छिपी हुई है. इसीलिए संविधान के प्रस्तावना में हम शब्द का प्रयोग किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि आग और पहिए के आविष्कार के बाद भाषा का आविष्कार मनुष्य के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. वर्तमान समय में भाषा न केवल अभिव्यक्ति का माध्यम है बल्कि एक महत्वपूर्ण औजार भी है. उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्रता के समय हिन्दी ने ही भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम किया था. अंग्रेजों ने भले ही हिन्दी को नीचा दिखाने की कोशिश की किंतु देश के बड़े नेता महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू,सरदार वल्लभभाई पटेल, एवं सुभाष चंद्र बोस ने हिन्दी को राष्ट्र भाषा बनाने की वकालत की थी. मौके पर मुख्य अतिथि आकाशवाणी राँची के वरिष्ठ उद्घोषक कुमार बृजेंद्र ने कहा कि जंगे आज़ादी एवं भारत के निर्माण में हिन्दी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. साथ-साथ उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में हिन्दी की संभावनाओं पर बात की. उन्होंने बड़ी बात यह कही कि हिन्दी में विभिन्न भाषाओं के शब्दों को समाहित करने की अपार समता है. हिन्दी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर उप-प्राचार्य डॉ. फादर अजय अरुण मिंज एसजे, इंटरमीडिएट प्राचार्य फादर अजय तिर्की, बीएड विभागाध्यक्ष फादर फ्लोरेंस पूर्ति, बर्सर फादर रवि हेमंत कुजूर, डॉ. मेल्टिना टोप्पो एवं विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाओं तथा बड़ी संख्या में कॉलेज के विद्यार्थियों की उपस्थिति रही.
रांची : झारखंड में JSSC-CGL के चयनित अभ्यर्थियों ने रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि वे वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं, लेकिन उन पर पैसे देकर नौकरी हासिल करने के आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ भीड़ तंत्र के वजह से एग्जाम कैंसिल करना गलत है,अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी या पैसे के बल पर नौकरी हासिल नहीं की है, बल्कि सालों तक पढ़ाई और मेहनत करने के बाद उनका चयन हुआ है. उन्होंने कहा कि वे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं, ऐसे में 35 से 40 लाख रुपये देकर नौकरी हासिल करने का आरोप पूरी तरह गलत है. चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन सभी चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी रद्द कर देना न्यायसंगत नहीं है. उनका कहना है कि CID मामले की जांच कर रही है और कोर्ट भी पूरे मामले को देख रहा है, इसलिए जांच के आधार पर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.प्रेस वार्ता के दौरान कुछ अभ्यर्थी भावुक भी हो गए. उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद का असर सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ रहा है. उनका कहना था कि जिन लोगों ने आंदोलन किया है, वे उनके साथ हैं, लेकिन निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी से हटाना सही नहीं है. एक चयनित अभ्यर्थी ने भावुक होते हुए कहा कि उन पर 35 से 40 लाख रुपये देकर नौकरी लेने का आरोप लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे आदिवासी और गरीब परिवार से आते हैं और उनकी मां घर पर रहती हैं. ऐसे में इतना पैसा जुटाकर नौकरी लेना उनके लिए संभव ही नहीं है. अभ्यर्थी ने यह भी बताया कि कोर्ट के फैसले के बाद उनकी नौकरी लगी थी. उन्होंने कहा कि पहले वे ITBP में काम करते थे और नौकरी लगने के बाद उन्होंने वहां की नौकरी छोड़ दी. अब अगर JSSC CGL की नौकरी भी चली जाती है तो उनके सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा. चयनित अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन बिना दोष साबित हुए सभी चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी से हटाना नहीं चाहिए.
रांची : पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड का तीन दिवसीय अंतर-क्षेत्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का रांची में शनिवार को समापन हुआ. इस प्रतियोगिता में देशभर से खिलाड़ी जुटे थे. पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक नितिन कुमार श्रीवास्तव ने समापन समारोह में खिलाड़ियों के हौसला आफजाई के लिए शामिल हुए. उन्होंने बताया काम और तनाव के बीच खेल काफी मददगार होता है. कर्मचारियों के लिए यही वजह है हर साल किसी न किसी खेल का आयोजन सबके लिए किया जाता है. इसमें सभी लोग खेल के साथ पूरा आंनद लेते हैं.
रांची : झारखंड बॉलिंग एसोसिएशन 2030 में होनेवाले कॉमन वेल्थ गेम को लेकर कमर कस चुका है. शनिवार को रांची स्थित झारखंड ओलिंपिक एसोसिएशन के कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड बोलिंग एसोसिएशन के सचिव मधुकांत पाठक ने बताया कि 2030 के कॉमन वेल्थ गेम के इस खेल में झारखंड की भागीदारी अधिक से अधिक हो, इसके लिए संघ ने पांच वर्षों की कार्य योजना तैयार की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के साथ मिलकर जल्द ही सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की जाएगी. खिलाड़ियों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन तथा आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के लिए उनको विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है. वर्ल्ड टॉप थ्री रहे और वर्तमान में वर्ल्ड के टॉप टेन खिलाड़ी दिनेश कुमार उन्हें प्रशिक्षित कर रहे हैं. इन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय खेलों में जीत दर्ज की है.प्रेसवार्ता में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित झारखंड बॉलिंग एसोसिएशन के खिलाड़ी भी मौजूद थे. पांच से सोलह नवंबर तक हांगकांग में आयोजित हांगकांग क्लासिक चैंपियनशिप में भाग लेने देश से पांच खिलाड़ी जा रहे हैं, जिनमें एक पुरुष और एक महिला खिलाड़ी झारखंड से हैं. इन खिलाड़ियों ने वहां जीत का भरोसा दिलाया.
जमशेदपुर : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में आयोग के पदाधिकारीगण तथा NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. गौतम सूत्रधार सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.बैठक में जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न विषयों, जनजातीय कर्मचारियों की समस्याओं, आरक्षण रोस्टर, कल्याणकारी योजनाओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई. डॉ. आशा लकड़ा जी ने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करते हुए जनजातीय हितों से जुड़े मामलों के प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.इससे पूर्व डॉ. आशा लकड़ा जी ने NIT जमशेदपुर में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद किया. उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा, अध्ययन के दौरान आने वाली समस्याओं, आवश्यकताओं एवं भविष्य की आकांक्षाओं की जानकारी ली. उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन एवं दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं तकनीकी ज्ञान युवाओं के सशक्तिकरण तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आयोग की प्राथमिकताओं में शामिल है.संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को आयोग की माननीय सदस्य के समक्ष रखा. डॉ. आशा लकड़ा जी ने विद्यार्थियों द्वारा उठाए गए विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल एवं समाधान का आश्वासन दिया.
रांची : राजधानी रांची में नाबार्ड ग्रामीण भारत महोत्सव क्लासिक एक्सपो के चौथे संस्करण का उद्घाटन राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने किया. यह आयोजन 11 से 20 सितंबर तक रांची के होटल रेडिसन ब्लू में किया जा रहा है. इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि झारखंड के लिए यह गर्व का विषय है कि इस वर्ष नाबार्ड की ओर से ग्रामीण भारत महोत्सव का आयोजन राजधानी रांची में किया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दस दिवसीय महोत्सव झारखंड के अलावा देश के विभिन्न प्रदेशों से आए कारीगरों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म साबित होगा. महोत्सव की आयोजनकर्ता नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक झारखंड, दीपमाला घोष ने बताया कि इस ग्रामीण भारत महोत्सव सह क्लासिक एक्सपो में देश के अट्ठाईस राज्यों के हस्तशिल्पी अपने अपने प्रदेशों की सबसे उम्दा कारीगरी की सौगात लेकर यहां पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि यह आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की उत्कृष्ट झलक है, जो झारखंड के लोगों को खूब भायेगा.ग्रामीण भारत महोत्सव में कश्मीर से कन्याकुमारी तक की सुंदरता एक ही छत के नीचे देखने को मिल रही है. एक किनारे से जहाँ कश्मीर के परंपरागत बुनकरों के हाथों बनी शॉल है, तो महाराष्ट्र के हैंडीक्राफ्ट कारीगरों का कमाल भी है. त्रिपुरा की सुंदरता उनके परिधानों में दिख रही है. वहीं, झारखंड की सोहराय कला दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करती हैं. यहां कुछ कारीगर पहली बार आए हैं, तो कुछ का झारखंड से रिश्ता कई वर्षों का है.
बिशुनपुर (गुमला) : टाना आंदोलन के प्रणेता एवं महान आदिवासी जननायक बाबा जतरा टाना भगत की जयंती आगामी 28 सितम्बर 2026 को उनके पैतृक गांव चिंगरी, बिशुनपुर में सादगी एवं गरिमापूर्ण तरीके से मनाई जाएगी. आज की बैठक की अध्यक्षता जवरा टाना भगत द्वारा किया गया. कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से टाना भगत सहित आदिवासी समाज के लोगों की सहभागिता होगी.जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर बाबा जतरा टाना भगत के पैतृक गाँव चिंगारी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में समारोह की रूपरेखा, विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों की सहभागिता तथा आयोजन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई.इस अवसर पर जनार्दन टाना भगत ने कहा कि बाबा जतरा टाना भगत केवल टाना भगत समाज ही नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत रहे. उन्होंने सत्य, अहिंसा, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज को नई दिशा दी. उनके संघर्ष, त्याग और विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.उन्होंने कहा कि इस वर्ष बाबा जतरा टाना भगत की जयंती उनके पैतृक गांव में सादगी और श्रद्धा के साथ मनाई जाएगी. छोटानागपुर की धरती पर अंग्रेजी शासन के खिलाफ बाबा जतरा टाना भगत ने जिस साहस और दृढ़ता के साथ संघर्ष किया, वह आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है. समारोह में कई समाज के गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया जाएगा. झारखंड के विभिन्न जिलों से टाना भगत समाज के अनुयायी एवं सामाजिक प्रतिनिधि समारोह में शामिल होंगे.समारोह की तैयारी में जनार्दन टाना भगत, बालेश्वर टाना भगत, यशोदा टाना भगत, पुषा टाना भगत, विनय टाना भगत, मंगरी टाना भगत, इंद्रदेव टाना भगत, राजेश टाना भगत, रामदेव टाना भगत, जौरा टाना भगत, सिकंदर उरांव, सुशील उरांव, संतोष महतो, बलदेव टाना भगत, मंत्री टाना भगत, पवित्रा टाना भगत, महादेव टाना भगत, जयमंगल टाना भगत, भूषण भगत बड़ाईक, जगदीश टाना भगत, सुखराम टाना भगत, बलकु टाना भगत, बिहारी टाना भगत, शिवदयाल टाना भगत, सुका टाना भगत एवं हिरामुनी टाना भगत सहित अन्य लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं.मीडिया को उक्त कार्यक्रम एवं तैयारियों की जानकारी सोशल एक्टिविस्ट एवं आदिवासी नेता अनिल अमिताभ पन्ना ने दी.
जमशेदपुर: राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की माननीय सदस्य डॉ. आशा लकड़ा की अध्यक्षता में गुरुवार को जमशेदपुर स्थित यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) की समीक्षा बैठक संपन्न हुई. बैठक में UCIL के CMD डॉ. के. आनंद राव, निदेशक बी.के. दास सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पदाधिकारी उपस्थित रहे.बैठक के दौरान जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न विषयों, UCIL में कार्यरत जनजातीय कर्मचारियों की समस्याओं, कल्याणकारी योजनाओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई.इससे पूर्व आयोग के आठ सदस्यीय दल ने डॉ. आशा लकड़ा के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम जिले के यूरेनियम प्रभावित जादूगोड़ा क्षेत्र के ग्राम मेचुआ, इचरा सहित आसपास के क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया. आयोग के दल ने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं मांगों की जानकारी प्राप्त की.स्थानीय ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की सुविधा, विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, विस्थापित परिवारों को रोजगार एवं उचित मुआवजा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं सहित विभिन्न समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा. आयोग ने इन विषयों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के समक्ष आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया.समीक्षा बैठक में UCIL में कार्यरत जनजातीय कर्मचारियों से संबंधित रोस्टर के अनुसार पदोन्नति, आवास तथा अन्य सेवा संबंधी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई. माननीय सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों का नियमानुसार उचित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.डॉ. आशा लकड़ा ने UCIL के CMD एवं वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजातीय समुदाय एवं कर्मचारियों से संबंधित सभी लंबित विषयों पर आवश्यक सुधारात्मक एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा आयोग के निर्देशों का गंभीरतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित किया जाए.बैठक में लिए गए निर्णयों एवं आयोग के निर्देशों के अनुपालन से संबंधित कार्यवाही रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश भी UCIL के अधिकारियों को दिए गए.बैठक में आयोग की ओर से उप सचिव मनोहर एन. सुकोले, सहायक निदेशक पी.के. दास, निजी सचिव कुशेश्वर साहू, विधिक सलाहकार राहुल यादव, अन्वेषक राहुल बागड़ी, वरिष्ठ अन्वेषक सोनल राज, अन्वेषक रिया राजपूत तथा निजी सहायक विवेक कुमार उपस्थित रहे.
रांची : पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबु इमरान ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जलापूर्ति योजनाओं के प्रभावी रूप से संचालन एवं रख-रखाव में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की 8 जलसहियाओं को विशेष प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिह्न और अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. सचिव ने इन जल सहायिकाओं के काम की तारीफ़ की और झारखंड की सभी दूसरी जल सहायिकाओं को भी ऐसा ही करने के लिए प्रोत्साहित किया. नेपाल हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जल सहिया दीदी ने अपने अनुभव भी साझा किया.सम्मानित होने वाली जलसहियाओं में बोकारो जिले की 5 तथा रांची जिले की 3 जलसहिया शामिल हैं.सम्मानित जलसहियाओं ने अपने-अपने ग्राम एवं पंचायतों में जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के साथ सक्रिय समन्वय एवं सहभागिता करते हुए जल जीवन मिशन की योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था में आने वाली समस्याओं की पहचान एवं सूचना, जल की सुरक्षित गुणवत्ता, जल संरक्षण तथा पानी के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति समुदाय को जागरूक करने में भी सराहनीय योगदान दिया है.जलसहियाएं ग्रामीण परिवारों को उपयोगकर्ता शुल्क के महत्व के प्रति जागरूक करने तथा जल एवं स्वच्छता समिति के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. इससे योजनाओं के संचालन एवं आवश्यक रख-रखाव के लिए स्थानीय स्तर पर सामुदायिक योगदान को बढ़ावा मिलता है.यह सम्मान जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में जल सहियाओं की वास्तविक कार्य, कार्य स्थल पर होने वाले चुनौतियों का समाधान करते हुए उनकी भूमिका और योगदान को पहचानने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. साथ ही यह अन्य जल सहियाओं और ग्रामीण समुदायों को योजनाओं के सतत संचालन एवं जल सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा.जल जीवन मिशन का लक्ष्य केवल ग्रामीण परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित एवं दीर्घकालिक जल सेवा सुनिश्चित करना है. इन जल सहिया दीदियों के माध्यम से मासिक जल शुल्क नियमित रूप से संग्रह किया जा रहा है. पानी के टैक्स से इकट्ठा हुए पैसे का इस्तेमाल प्लंबर और पंप ऑपरेटरों की मासिक सैलरी देने, मरम्मत करने और पीने के पानी की सप्लाई स्कीम के संचालन और रखरखाव के लिए किया जाता है.
रांची : जेवियर बोर्ड वीक 2026 के अंतर्गत सामुदायिक सेवा (Community Service) कार्यक्रम के तहत फैशन डिज़ाइनिंग विभाग एवं बीबीए (स्किल एन्हांसमेंट) विभाग द्वारा सनराइज पब्लिक स्कूल, एदलहातु, रांची में एक प्रेरणादायक एवं कौशल-आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया. सनराइज पब्लिक स्कूल आर्थिक रूप से वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित है.कार्यशाला में निर्मला कॉलेज,डोरंडा के दोनों विभागों के कुल 10 विद्यार्थियों, जिनमें फैशन डिज़ाइनिंग से 5 एवं बीबीए से 5 विद्यार्थी शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. वी. एस. उमा रानी, विभागाध्यक्ष, फैशन डिज़ाइनिंग तथा शुभांजलि भेंगराज, संकाय सदस्य, बीबीए (स्किल एन्हांसमेंट) ने किया.कार्यशाला के दौरान स्कूली बच्चों को दो महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया. प्रथम सत्र में टाई एंड डाई (Tie & Dye) के माध्यम से कपड़ों की रंगाई, विभिन्न रंगों के प्रयोग तथा रचनात्मक डिज़ाइन तैयार करने की कला सिखाई गई. इसके माध्यम से बच्चों को अपनी रचनात्मकता को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिला.दूसरे सत्र में डिजिटल मार्केटिंग जागरूकता (Digital Awareness in Marketing) पर प्रशिक्षण दिया गया. बच्चों को डिजिटल दुनिया, ऑनलाइन मार्केटिंग, डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.कार्यक्रम को सफल बनाने में ‘नवा बिहान’ के फाउंडर आर. अजय की भी महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही. उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन एवं बच्चों तक इस प्रकार के कौशल-आधारित प्रशिक्षण को पहुँचाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया. उनकी सहभागिता ने सामुदायिक सेवा की इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.इस अवसर पर सनराइज पब्लिक स्कूल की निदेशक पूजा अमृता उरांव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, कौशल विकास, रचनात्मक सोच और नई चीजें सीखने की प्रेरणा जगाते हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ना उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.कार्यशाला में बच्चों ने पूरे उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने नई तकनीकों को सीखा और उन्हें स्वयं प्रयोग करके समझने का अवसर प्राप्त किया.यह कार्यक्रम जेवियर संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी, सेवा भावना, कौशल-आधारित शिक्षा एवं समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बना. विभिन्न संस्थाओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों की सामूहिक भागीदारी ने इस पहल को सफल और सार्थक बनाया.बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और सीखने की जिज्ञासा ने इस कार्यशाला को अत्यंत सफल, प्रेरणादायक और यादगार बना दिया.
Ranchi : रांची विश्वविद्यालय का 39 वां दीक्षांत समारोह बुधवार को मोरहाबादी स्थित दीक्षांत मंडप में मनाया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार शामिल हुए. इसके अलावा केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम का उद्घाटन महामहिम राज्यपाल के द्वारा दीप जलाकर किया गया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सबसे पहले दो शिक्षाविद राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर शशिकला और आईआईएम कोलकाता के निदेशक प्रोफेसर आलोक को पीएचडी की मानक उपाधि से नवाजा. इसके बाद राज्यपाल ने 58 टॉपर के बीच 71 गोल्ड मेडल वितरित किए. मेघा सूची में इस बार भी छात्राओं का दबदबा रहा. 58 टॉपर में 44 छात्राएं और 14 छात्र शामिल रहे. वहीं कार्यक्रम में मौजूद 3353 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई. राज्यपाल ने सभी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज के युवा ही कल के भविष्य हैं.
रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने एसआईआर को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार ही नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा के बीएलए टू और कई कार्यकर्ताओं को गोड्डा, गढ़वा सहित विभिन्न जिलों में एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ी करते रंगे हाथ आम लोगों ने पकड़ा था, ऐसे भाजपाइयों पर एफआईआर भी दर्ज हुई है, अब भाजपा बौखलाहट में एसआईआर पर सवाल उठा कर एक विशेष समुदाय पर निशाना साध रही है. भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह निर्वाचन आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है या राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम पैदा कर रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास किसी प्रकार की गड़बड़ी की जानकारी है तो उससे संबंधित प्रमाण चुनाव आयोग और पदाधिकारियों को उपलब्ध कराए. महासचिव पांडेय ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की देखरेख में होने वाली संवैधानिक प्रक्रिया है. इसमें किसी भी व्यक्ति का नाम जोड़ने या हटाने के लिए निर्धारित नियम और दस्तावेजी प्रक्रिया है. यदि कहीं कोई गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और निर्वाचन तंत्र के समक्ष शिकायत दर्ज कराने का प्रावधान है. भाजपा को किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने के बजाय ठोस प्रमाण निर्वाचन आयोग के समक्ष रखने चाहिए.उन्होंने कहा कि संथाल परगना को लेकर भाजपा नेताओं की भाषा दुर्भाग्यपूर्ण है. मतदाता सूची में किसी नाम, उम्र या पते से जुड़ी त्रुटि को सीधे बांग्लादेशी घुसपैठ से जोड़ना उचित नहीं है. यदि किसी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए. लेकिन कुछ मामलों के आधार पर पूरे समुदाय विशेष को संदेह के घेरे में खड़ा करना गलत है.महासचिव पांडेय ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन मामलों का वह उल्लेख कर रही है, उनमें निर्वाचन आयोग अथवा सक्षम प्रशासन ने क्या निष्कर्ष दिया है. केवल आरोप लगा देने से कोई व्यक्ति अपात्र या कोई मतदाता सूची गलत साबित नहीं हो जाती.उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एसआईआर जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देकर समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा करना चाहती है. उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. किसी भी वास्तविक गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन राजनीतिक आरोपों के आधार पर लाखों मतदाताओं की निष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता.
रांची : बिरसा मुंडा एयरपोर्ट विस्थापित न्याय मोर्चा की ओर से मंगलवार को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची के निदेशक महोदय को विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया.ज्ञापन के माध्यम से एयरपोर्ट से प्रभावित परिवारों के अधिकार, मूलभूत सुविधाओं, सड़क एवं नाली निर्माण, पानी की पाइपलाइन तथा प्रभावित एवं स्थानीय परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने सहित अन्य महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान की मांग की गई. मोर्चा ने विशेष रूप से एयरपोर्ट में प्रभावित एवं स्थानीय परिवारों के लिए थर्ड एवं फोर्थ ग्रेड के पदों पर 75 प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करने की मांग रखी.इस अवसर पर मोर्चा के अध्यक्ष राजेश कच्छप, महासचिव संतोष कुमार गोप, उपाध्यक्ष आनंद कुमार, कोषाध्यक्ष कमल किशोर एवं मनोहर साहू कृष्ण गोप आरती देवी, शांति देवी, रेशमा कच्छप, रेशमी देवी, मुकेश यादव, अशोक गोप, बजरंग ठाकुर एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे.मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के विकास में विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. इसलिए उनके अधिकारों और समस्याओं का सम्मानजनक एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है.मोर्चा ने एयरपोर्ट प्रबंधन से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा की है.
रांची : आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक और राजनीतिक कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने का माध्यम समझने की मानसिकता बदलनी होगी. उन्हें नेतृत्व की कमान सौंपने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा. महिलाओं को मजबूत किए बिना झारखंड के समग्र विकास की कल्पना संभव नहीं है.सोमवार को अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित महिला संवाद एवं सदस्यता कार्यक्रम में महतो ने कहा कि महिला समूहों के गठन का उद्देश्य केवल बचत, लोन और रिकवरी तक सीमित नहीं था. वास्तविक लक्ष्य महिलाओं को एकजुट कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों, रोजगार, कारोबार और नेतृत्व से जोड़ना था.उन्होंने कहा कि महिलाओं को छोटी-छोटी आर्थिक सहायता देकर केवल घर तक सीमित रखना समाधान नहीं है. जिस उम्र में महिलाओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिलने चाहिए, उस समय उन्हें केवल सहायता राशि देना उनके सामर्थ्य को सीमित करता है. सरकार को यह बताना चाहिए कि योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव कितना आया है. महतो ने कहा, हमारा लक्ष्य कमाओ दीदी की ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें महिलाएं घर से सम्मान के साथ दस-बीस हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सके. इसके लिए पूंजी के साथ प्रशिक्षण, बाजार और व्यवसायिक सोच विकसित करनी होगी.उन्होंने कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता से महिला की परिवार में निर्णय लेने की क्षमता और सम्मान दोनों बढ़ते हैं. घर की जमीन, बच्चों की शिक्षा और परिवार के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण फैसलों में महिलाओं की बराबर भागीदारी होनी चाहिए. महतो ने कहा कि झारखंड की आधी आबादी महिलाओं की है. यदि इस शक्ति को आजीविका और नेतृत्व से जोड़ा जाए तो महिला शक्ति राज्य के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती है.इस अवसर पर प्रीति कुमारी, सीमा कुजूर, निशा उरांव, सुमन देवी, सरिता देवी, नेहा कच्छप, सुनीता देवी एवं उषा देवी ने कहा कि महिलाओं को वोट बैंक और भीड़ नहीं, बल्कि नेतृत्व की ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए. महिलाओं ने समान अवसर और सम्मानजनक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया.कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों महिलाओं ने सुदेश कुमार महतो के नेतृत्व और आजसू पार्टी की विचारधारा में विश्वास जताते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखकर की गई. इस अवसर पर पार्टी के केंद्रीय महासचिव प्रो. रविशंकर मौर्य, केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान, रांची जिला अध्यक्ष संजय महतो, रांची जिला महिला अध्यक्ष वीणा देवी, कांके प्रखंड अध्यक्ष अमन शहदेव, रूपाश्री गाड़ी सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
रांची : राजधानी रांची समेत झारखंड के कई इलाकों में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर बढ़ती दिख रही है. मानसून टर्फ और दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र पर बने लो प्रेशर एरिया की वजह से सोमवार को राजधानी रांची समेत झारखंड के कई इलाकों में बादल छाये हुए हैं. अगर बात करें रांची कि, तो अभी फिलहाल राजधानी के कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है. सोमवार को राजधानी रांची में कड़ी धूप निकलने के बाद अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिला. अचानक करीब 12 बजे शहर के मेन रोड, हरमू, अरगोड़ा चौक,बिरसा चौक, सेल सिटी (धुर्वा) समेत कई स्थानों पर झमाझम बारिश हुई है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 सितंबर को राज्य के अलग अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. इस दौरान वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है. जमशेदपुर के लिए भी सोमवार को सामान्य रुप से बादल छाये रहने और एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है.झारखंड मौसम विभाग के अनुसार 8 सितंबर को भी झारखंड के कई हिस्सों में बादल छाये रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जतायी गई है. 9 सितंबर को भी झारखंड के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. राज्य के उत्तर पश्चिमी और उसे सटे मध्य जिलों पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला एवं हजारीबाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है. 8 से 10 सितंबर तक बारिश का दायरा बढ़ेगा और कई स्थानों पर वर्षा होगी. 9 सितंबर को राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बारिश का अनुमान है. इस दिन लोहरदगा, गुमला और हजारीबाग सहित उत्तर पश्चिम और मध्य भागों में भारी बारिश की चेतावनी है. 11 और 12 सितंबर को कुछ स्थानों पर मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना जताई गई है.
रांची : झारखंड के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन के बाद राज्य में दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की गई है. इसको लेकर रांची विश्वविद्यालय में भी शोक की लहर है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर सरोज शर्मा की अध्यक्षता में मंत्री के निधन पर शोक सभा का आयोजन किया गया. स्व. सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि दी गई. इस मौके पर रांची विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रोफेसर शिक्षकों ने दो मिनट का मौन रखा. स्व. सुदिव्य कुमार सोनू के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. बता दें कि मंत्री सुदिव्य कुमार का हार्ट अटैक से रविवार की सुबह गिरिडीह स्थित मर्सी अस्पताल में निधन हो गया. इसको लेकर राज्य सरकार ने 6 और 7 सितंबर को झारखंड में राजकीय शोक की घोषणा की.
रांची : फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का वार्षिक चुनाव 13 सितंबर 2026 को होना है. चैंबर के वार्षिक चुनाव को लेकर चुनाव समिति ने बताया आगामी 13 सितंबर को राजधानी रांची के हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में संपन्न होगा. इस बार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है. चुनाव में कुल 86 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है. नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पद के लिए कुल 6 उम्मीदवार मैदान में हैं. वहीं 12 सितंबर को तीन नामों का चयन सर्वसम्मति से एजीएम में किए जाने की बात कही गई. चुनाव में कुल 4,133 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें 3,545 मतदाता राजधानी रांची से हैं. बताया गया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में कुल 86 उम्मीदवारों ने चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है. मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए भी व्यापक तैयारियां की गई है. करीब 4,000 मतदाताओं के लिए 40 कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं, ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो और मतदाताओं को सुविधा मिल सके. 13 सितंबर की सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा. चुनाव को लेकर चैंबर की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही है.
रांची : शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवाचार और पाठ्यपुस्तक निर्माण में सराहनीय कार्य करने वाले 192 शिक्षकों को सम्मानित किया गया. JEPC सभागार में शिक्षकों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.JEPC सभागार में आयोजित इस राज्य स्तरीय समारोह में पश्चिमी सिंहभूम की रंजीता गाँधी और चाईबासा की शिल्पा गुप्ता को राजकीय सम्मान से नवाजा गया. यह सम्मान तमाम चयनित शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवाचार और पाठ्यक्रम निर्माण में सराहनीय कार्य के लिए प्रदान किया गया. आपको बता दें कि देशभर में आज के दिन को महान शिक्षाविद् और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. इस अवसर पर परियोजना के निदेशक ने कहा कि, शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने, उनके चरित्र का निर्माण करने और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने शिक्षकों से नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा विद्यार्थियों में स्वतंत्र चिंतन और जिज्ञासा विकसित करने का आह्वान किया. इस मौके पर सम्मानित किए गए शिक्षकों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, जब उन्हें अपनी मेहनत और कार्यों के लिए सम्मानित किया जाता है तो उनके भीतर और भी बेहतर करने की ललक पैदा होती है. और यही भावना देश को बेहतर भविष्य प्रदान करने में अहम भूमिका निभाती है.