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सम्राट सरकार का सहयोग शिविर : जनता को कितनी राहत ?

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Samrat Government's support camp Samrat Government's support camp

पटना- महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में राम राज्य का वर्णन करते हुए बताया गया है कि वहाँ किसी को भी दैहिक,भौतिक या दैविक कष्ट नहीं था। सब लोग भयमुक्त होकर सुखी जीवन व्यतीत करें, राजा प्रजा सेवक के रूप में राज्य का संचालन करता और प्रजा की खुशी उनका कल्याण ही राजा का सर्वोच्च धर्म होता। समाज में समानता और न्याय के साथ हर कोई अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ पालन करता था। एक राजा से लेकर आम इंसान तक, मर्यादा और नैतिक मूल्यों का पालन करते थे।

आज बीजेपी शासित राज्यों में पार्टी की ओर से यही दावा किया जाता है कि उनके नेता सीएम कहे जाते हों पर सेवक भाव से काम में लगे रहते हैं, राम राज्य वाली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास करते रहते हैं, कुछ ऐसा ही बिहार में सम्राट चौधरी करते दिख रहे हैं। शपथ ग्रहण के बाद से ही सम्राट चौधरी से भयमुक्त समाज के लिए पुलिस को खुली छूट मिली और अपराधियों पर लगाम लगाई जाने लगी, सरकारी व्यवस्था की पेंच कसते हुए अटकाने, लटकाने, और भटकाने की प्रथा में सुधार कर अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठ होने की हिदायत दी जा रही है, अगर फिर भी लोगों की समस्याओं के समाधान में सारी व्यवस्था विभिन्न वजहों से विफल हो, तो लोग इसकी जानकारी सत्ता के शीर्ष पर बैठे सम्राट चौधरी तक सीधे फरियाद पहुंचा सके, इसके लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा।

अब शिकायती पत्र डिजिटल दौर में ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे। जो सक्षम हैं ऑनलाइन खुद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जो सक्षम नहीं वो सहयोग शिविर में पहुंचे जहां अधिकारी उनके सहयोग की लिए तैनात किए गए हैं। फिर मुख्यमंत्री के स्तर पर शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया पर नजर रखे जाने की तैयारी है, ताकि राम राज्य की संकल्पना बीजेपी का सियासी जुमला भर न रह जाए।

समाधान से संतुष्ट हुए लोगों को इसका अहसास हो और इसके लिए समय सीमा तय कर दी गई है, 30 दिन में काम पूरा या कार्रवाई की पूरी व्यवस्था। लेकिन NDA सरकार में पहले भी ऐसी व्यवस्था हुई RTPS, जनता दरबार और फिर राइट टू इन्फॉर्मेशन के बाद भी लोग संतुष्ट नहीं हुए। ऐसे में सवाल तो पूछेंगे कि सहयोग शिविर के माध्यम से सम्राट सरकार कर पाएगी लोगों को संतुष्ट ?

पटना डेस्क से दीपक शर्मा की रिपोर्ट