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राजद ने बिहार के सीएम के बंगले पर किया सीधा सवाल : अब्दुल बारी सिद्दीकी बोले-मुख्यमंत्री का अब पीएम से भी बड़ा बंगला

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पटना : पूर्व सीएम राबड़ी देवी की ओर से सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली न करने पर सियासत हो रही है. अब राजद ने बिहार के सीएम सम्राट चौधरी के बंगले और आवास को लेकर सवाल उठाया है.

राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय के कर्पूरी सभागार में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचन्द्र राम की उपस्थिति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधा सवाल पूछा है.

उन्होंने कहा है किदेश के सबसे गरीब राज्य के मुख्यमंत्री का बंगला भारत का सबसे आलीशान, भव्य और सात सितारा बंगले जैसा है. सम्राट चौधरी का बंगला प्रधानमंत्री के बंगला से भी बड़ा है. मुख्यमंत्री ने पूर्व में उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित5, देशरत्न मार्ग को भी मुख्यमंत्री निवास में मिला लिया है. सम्राट चौधरी ने दिल्ली में बिहार निवास और बिहार भवन के बजाय टाइप-8बंगला भी लिया है. मुख्यमंत्री ने अपना निवास लगभग15एकड़ से भी अधिक में कर लिया है.

बिहार में अभी तक उपमुख्यमंत्री के लिए दो आवास कर्णांकित थे, पहला5 ,देशरत्न मार्ग और दूसरा3, स्टैंड रोड, लेकिन सम्राट चौधरी ने पक्षपात करके उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित आवास को भी अपने निवास में समाहित कर लिया. सम्राट चौधरी इतने ही नियम और कानून के पाबंद हैं तो फिर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव जी को पूर्व से कर्णांकित उपमुख्यमंत्री आवास में उन्हें शिफ्ट क्यों नहीं कर रहे हैं? अगर विजय चौधरी और विजेंद्र यादव मंत्री की हैसियत से आवंटित पूर्व के आवास में रह रहे हैं तो फिर दर्जा प्राप्त नेता प्रतिपक्ष बिहार विधान परिषद एवं बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रही राबड़ी देवी के साथ एक अपरिपक्व और राजनीतिक विद्वेषपूर्ण, पक्षपातपूर्ण तथा बदले की भावना वाला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? क्या यही आपकी नैतिकता और आचरण है? ईर्ष्या, द्वेष और शत्रुता की भावना से प्रेरित होकर सरकार कार्य कर रही है.

अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आगे कहा कि सम्राट चौधरी जी से हमारे कुछ सवाल हैं, जिनका वो स्वयं जवाब दें

सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित5, देशरत्न मार्ग को1अणे मार्ग में क्यों मिलाया? वर्ष2019में पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने लिखित में बताया था कि यह बंगला उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित है. अब किस नियम के तहत सम्राट चौधरी ने इस आवास को1 ,अणे मार्ग में मिलाया?

क्या सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर लोक सेवक आवास इसलिए किया ताकि अगल-बगल के बंगलों को इसमें मिलाकर विलासितापूर्ण जीवन जी सकें?

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन3, टेलर रोड में किस हैसियत से रह रहे हैं? जबकि बिहार में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. हाल के दिनों में किसान आयोग के अध्यक्ष के नाम से यह आवास आवंटित किया गया और उसमें नितिन नवीन का ही कब्जा है. किसान आयोग के अध्यक्ष को इतना बड़ा बंगला दिया गया है तो उसमें आवासीय सुविधा क्यों नहीं है?

तरैया के विधायक जनक सिंह को मंत्री का आवास28/10कैसे मिला है? पूर्व विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू को किस हैसियत से23/10आवंटित किया गया है? सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर को1टेलर रोड किस हैसियत से मिला है? पूर्व मंत्री राजू सिंह को11/13मैंगल्स रोड में किस हैसियत से आवास आवंटित है? करणजीत सिंह, विधायक को हार्डिंग रोड आवास, मनोरमा देवी विधायक को20/बी हार्डिंग रोड, पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू को17हार्डिंग रोड, दीपक कुमार (रिटायर्ड आईएएस) को3पोलो रोड बंगला, सांसद संजय झा को एम स्टैंड रोड, सांसद उपेन्द्र कुशवाहा को24एम स्टैंड रोड वर्ष2023से ही आवंटित है. क्या उन्हें कभी आवास खाली कराने का नोटिस भी दिया गया है, जबकि उनके मंत्री पुत्र और विधायक पत्नी को अलग से आवास आवंटित है?

क्या सभी विधायक, जो केंद्रीय पुल के बंगलों में अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं, उन्हें अलग से आवास आवंटित नहीं किया गया है?

आयोग के कितने सदस्यों को विपक्षी विधायकों से बड़ा आवास दिया गया है, इसकी सूची सार्वजनिक की जाए.

जदयू के आईटी सेल के मुखिया को किस हैसियत से सरकारी आवास आवंटित है और वे उसमें कार्यालय चला रहे हैं?

जीतन राम मांझी और नीतीश कुमार दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं. दोनों के नाम से बंगला आवंटित है, जबकि दोनों सांसद भी हैं. ये दोनों बिहार विधानमंडल के सदस्य भी नहीं हैं. सम्राट चौधरी जी को बताना चाहिए कि दोनों को किस हैसियत से पटना और दिल्ली दोनों जगह बंगला आवंटित है? दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को जब बंगला आवंटित है तो लालू जी को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में बंगला क्यों नहीं दिया गया? सर्वविदित है कि लालू जी और राबड़ी जी दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं, लेकिन आवास एक ही आवंटित है.

अगर सरकार राबड़ी देवी जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में नया बंगला आवंटित करती है तो लालू प्रसाद जी भी पूर्व मुख्यमंत्री के नाते आवास के अधिकारी हैं. सम्राट चौधरी जी, आप अपनी सहूलियत के हिसाब से नियम नहीं बना सकते. अगर मंत्री संतोष सुमन और उनकी पत्नी दीपा कुमारी को दो अलग-अलग बंगला आवंटित हैं,तो लालू जी और राबड़ी देवी जी को दो अलग-अलग बंगला क्यों आवंटित नहीं हो सकते?

सम्राट चौधरी को यह बताना चाहिए कि पटना में पाँच सांसदों को किस नियम के तहत बंगले आवंटित किए गए हैं, जबकि पाँचों सांसदों को दिल्ली में बड़ा बंगला मिला हुआ है.

जब हमारी महागठबंधन की सरकार थी तो हमने कभी भी ओछी राजनीति नहीं की? भवन निर्माण विभाग तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी जी के पास रहने पर भी उन्होंने निवेदन करने पर कभी भी बीजेपी के वरीय नेताओं प्रेम कुमार, नंदकिशोर यादव, मंगल पांडे और नितिन नवीन का आवास खाली नहीं कराया था. लेकिन सम्राट चौधरी बिहार को अपनी राजनीति बदले की भावना के तहत की जा रही है.

लोक लाज और स्थापित लोकतांत्रिक मूल्य और परंपराओं को त्याग कर सम्राट चौधरी अगर ऐसे ही द्वेषपूर्ण निम्नस्तरीय राजनीति करेंगे तो राष्ट्रीय जनता दल के लोग अपना आवास और सुरक्षा सम्राट चौधरी को वापस देंगे ताकि वह उन सभी आवास और सुरक्षा को स्वयं के प्रयोग में ला सके.

इस अवसर पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि दिल्ली में आवास आवंटन का जो पैरामीटर है, उस पर बिहार में काम क्यों नहीं हो रहा है? जबकि हाईकोर्ट ने जो गाइडलाइन पूर्व में आवास आवंटन के संबंध में निर्धारित की थी, उसका अनुपालन बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार नहीं कर रही है. मुख्यमंत्री निवास का विस्तारीकरण सम्राट चौधरी ने किया, उससे पहले नीतीश कुमार जी ने भी किया था.1अणे मार्ग के विस्तार में एनडीए की भूमिका से स्पष्ट है कि सुविधा के नाम पर बिहार में सरकार कैसे काम कर रही है. राबड़ी देवी जी के नाम10 ,सर्कुलर रोड वर्ष2006से ही आवंटित है, लेकिन हाल के दिनों में बदले की भावना और अपमानित करने के लिए आवास खाली कराने का नोटिस दिया जा रहा है. जो कहीं से उचित नहीं है.

इस अवसर पर अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचन्द्र राम ने कहा कि बिहार में भाजपा और एनडीए सरकार दलितों के नाम पर भटकाव की राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि मंत्री नन्दकिशोर राम को सरकार मोहरे के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि11मई2026को मंत्री नन्दकिशोर राम के नाम से21हार्डिंग रोड को आठ मंत्रियों के साथ भवन निर्माण विभाग के कार्यालय आदेश से आवंटित किया गया था. बाद में भवन निर्माण विभाग ने नन्दकिशोर राम के नाम से10सर्कुलर रोड आवास आवंटित किया, इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है. आवास मामले पर सरकार दलित कार्ड खेलना चाहती है, और लोगों को भ्रम में रखना चाहती है. बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को परेशान करने के नीयत से इस तरह की राजनीति की जा रही है. महिला सशक्तिकरण के नाम पर राबड़ी देवी जी को किस तरह से परेशान किया जा रहा है, यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.

शिवचन्द्र राम ने आगे कहा कि बिहार में दलित बेघर हैं, उन्हें घर देने की बात सरकार क्यों नहीं कर रही है? बिहार में दलितों को परेशान करने वाली नीतियाँ चलाई जा रही हैं और गरीबों के घरों को बुलडोजर से गिराए जा रहे हैं. इससे ही पता चलता है कि सरकार दलितों के साथ किस तरह का व्यवहार कर रही है.

इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू तथा प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद भी उपस्थित थे.