BIG NEWS : 'देश राष्ट्रवाद से चलेगा, समर्पण से चलेगा और विकास से चलेगा', संसद में रविशंकर प्रसाद की हुंकार, राहुल गांधी पर जमकर किया कटाक्ष

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 Ravi Shankar Prasad's roar in Parliament  Ravi Shankar Prasad's roar in Parliament

NEW DELHI :पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पटना साहिब सांसद रविशंकर प्रसाद ने संसद में संविधान के 75 वर्ष के पूर्ण होने पर संसद में भाषण दिया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 75 वर्ष संविधान के पूर्ण होने पर सबसे बड़ी उपलब्धि है कि आज देश का प्रत्येक नागरिक जानता है कि अपने वोट के माध्यम से किसी की भी सरकार बना सकता है और किसी का भी गिरा सकता है। देश की जनता विकास के नाम पर तीसरी बार भाजपा को सेवा का मौका दी है।

रविशंकर प्रसाद ने विनायक दामोदर सावरकर के बारे में टिप्पणी को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर शनिवार को निशाना साधा और तंज कसते हुए कहा कि ‘ट्यूटर' बदलना बहुत जरूरी है। उन्होंने लोकसभा में संविधान पर चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि राहुल गांधी को एक बार अंडमान-निकोबार की उस सेलुलर जेल में ले जाया जाना चाहिए, जहां सावरकर 11 साल बंद थे।

इससे पहले राहुल गांधी ने दावा किया कि सावरकर ने संविधान के बारे में कहा था कि इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘इस सदन में मैं आग्रह करूंगा कि एक बार इन्हें (राहुल) अंडमान-निकोबार की सेलुलर जेल लाया जाए जहां सावरकर 11 साल बंद थे। मैं तीन बार गया हूं। जब भी गया हूं, रोया हूं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आप अपनी राजनीति के लिए जो कुछ भी बोलिए। जिस व्यक्ति ने इतना त्याग किया है उसके बारे में इस तरह की टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कटाक्ष करते हुए कहा, ट्यूटर बदलना बहुत जरूरी है, ये ट्यूशन कहां से आ रहा है, यह बताना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘महाराष्ट्र में जो ऐतिहासिक जीत हुई है, 1971 के बाद किसी को इतना बहुमत नहीं आया था। हम हरियाणा में भी अच्छे बहुमत से जीते हैं। इसका मतलब है कि जनता ने सोचा कि जो अच्छा काम करेगा उसे तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएंगे तथा जनता ने संविधान बदलने के दुष्प्रचार को भी खारिज किया।'

रविशंकर प्रसाद ने संविधान में भगवान राम, कृष्ण के चित्र होने का उल्लेख करते हुए कहा, ‘मान लीजिए, भारत में आज यह संविधान बनता और इन चित्रों को इसमें लाने की कोशिश करते तो ये लोग (विपक्ष) कितना हंगामा करते।'

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘आज लोगों ने स्वीकारा है कि यह देश राष्ट्रवाद से चलेगा, समर्पण से चलेगा और विकास से चलेगा।' उन्होंने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि कल्पना नहीं की जा सकती कि किस तरह से दमन हुआ था और यहां कांग्रेस के लोग संविधान की बात रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दिल्ली में किंग एडवर्ड और क्वीन विक्टोरिया की मूर्तियां थीं, आपने उन्हें हटवाकर अच्छा काम किया। आपने हटवाया क्योंकि आपको पता था कि यह हमारी विरासत नहीं है। ये गुलामी का प्रतीक था, लेकिन फिर आप वोट बैंक की राजनीति में फंस गए। आपकी ये सोच राम और कृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ के बारे में क्यों नहीं दिखाई दी। आपने ये सब आपने नहीं किया क्योंकि आप वोट बैंक की राजनीति में फंस गए, आप इसमें ऐसे फंसे कि आज आप बिखर गए हैं।

उन्होंने इस दौरान कहा कि आज हम सत्ता में हैं क्योंकि देश की जनता ने हमारे विचारों को स्वीकार किया है। इसके साथ ही देश की जनता ने तय कर लिया है कि यह देश राष्ट्रवाद के विचारों से चलेगा। देश के प्रति समर्पण से भी चलेगा और विकास से भी चलेगा।

इस दौरान भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने संविधान दिखाते हुए उसमें बने चित्रों को दिखाते हुए कहा कि संविधान की किताब में लंका विजय के बाद का राम दरबार है। श्रीकृष्ण का महाभारत में अर्जुन को दिया गीता ज्ञान का चित्र है। इसमें बुद्ध हैं, महावीर हैं, झांसी की रानी हैं, अकबर हैं, लेकिन इस संविधान में बाबर और औरंगजेब नहीं हैं। सांसद रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, मैं कृतज्ञ हूं कि सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद का कि सोमनाथ में मंदिर बन गया। इस देश की आत्मा कभी अपनी विरासत से समझौता नहीं करती।