रांची : JPSC-JSSC छात्रों और सरकार के बीच वार्ता,वित्तीय लेनदेन की ED से जांच संभव-सूत्र
रांची: JPSC-JSSC परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार की ओर से गठित उच्चस्तरीय कमेटी के बीच वार्ता जारी है। सरकार ने छात्रों के तीनों प्रमुख गुटों से अलग-अलग बातचीत करने का फैसला किया है। फिलहाल JPSC-JSSC रिफॉर्म ग्रुप के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता हो रही है। इसके बाद JPSC-JSSC न्याय मंच के प्रतिनिधियों से बातचीत होगी, जबकि सबसे आखिर में सरकार के प्रतिनिधि AISA के प्रतिनिधियों से वार्ता करेंगे।
14वीं JPSC पीटी पर बड़ा फैसला संभव
सूत्रों के मुताबिक, वार्ता के दौरान 14वीं JPSC पीटी के साथ 2023-25 बैकलॉग परीक्षा को रद्द करने पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला सरकार और उच्चस्तरीय कमेटी की बातचीत के बाद ही होगा।
JSSC CGL समेत कई परीक्षाओं की जांच
सूत्रों के अनुसार, JSSC CGL समेत TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाओं की जांच कराई जा सकती है। परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की भी जांच के संकेत मिल रहे हैं।
CID जांच की समय-सीमा तय होने की संभावना
परीक्षा से जुड़े मामलों की CID जांच के लिए अधिकतम 90 दिनों की समय-सीमा निर्धारित किए जाने की संभावना है। इससे जांच को तय समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
वित्तीय लेनदेन की ED से जांच संभव
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षाओं में यदि किसी तरह के वित्तीय लेनदेन के आरोप सामने आते हैं, तो उसकी जांच ED से कराने पर भी विचार किया जा सकता है।
JPSC-JSSC में रिफॉर्म पर भी मंथन
JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए IIM जैसी देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं से राय लेने का प्रस्ताव भी सामने आया है। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञों की मदद लेने की तैयारी है।
तीनों गुटों से अलग-अलग बातचीत
सरकार की रणनीति के तहत पहले JPSC-JSSC रिफॉर्म ग्रुप, फिर JPSC-JSSC न्याय मंच और अंत में AISA के प्रतिनिधियों से बातचीत होगी। माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद छात्रों की मांगों और परीक्षा सुधार को लेकर सरकार की ओर से बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।





