पूर्णिया के निजी अस्पताल बने लूट का अड्डा : इलाज के नाम पर कर रहे मनमानी, मरीज हलकान, अल्फा हॉस्पिटल पर लगा गंभीर आरोप, RJD ने किया बवाल

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 Purnia private hospital becomes den of loot  Purnia private hospital becomes den of loot

PURNIA :अगर आप भी पूर्णिया के प्राइवेट हॉस्पिटल में अपने रोगियों का इलाज करवाते है तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। पूर्णिया का लाइन बाजार यूं तो डॉक्टर नगरी के नाम से विख्यात है, जहां बड़े-बड़े बिल्डिंग हैं और अनेकों निजी अस्पताल चल रहे हैं लेकिन कई ऐसे हॉस्पिटल हैं, जहां इलाज के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है।

पूर्णिया के निजी अस्पताल बने लूट का अड्डा

ऐसा हम नहीं बल्कि लोग कहते हैं। ऐसे एक नहीं बल्कि कई मामले सामने भी आ चुके हैं। कुछ ऐसा ही मामला मंगलवार को अल्फा न्यूरो एंड ट्रॉमा हॉस्पिटल से सामने आया, जहां मरीज के परिजन ने इलाज के नाम पर एक रात में ही 25 हजार रुपये का बिल बनाने का आरोप लगाया और खूब हंगामा किया।

मामले की जानकारी मिलते ही युवा आरजेडी कार्यकर्ता हॉस्पिटल पहुंचे, जिसके बाद हॉस्पिटल से मरीज को डिस्चार्ज करवाकर परिजन दूसरी जगह इलाज करवाने के लिए गए। जानकारी के मुताबिक, दरअसल नरपतगंज फारबिसगंज के रहनेवाले 45 वर्षीय बबलू कुमार यादव का डाइबिटीज बीमारी होने के कारण पैर में सूजन हो गया था, जिसका इलाज करवाने के लिए परिजन मरीज को लेकर पूर्णिया आए। जहां से एक दलाल ने बहला फुसलाकर मरीज को अल्फा न्यूरो एंड ट्रॉमा हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया।

इलाज के नाम पर कर रहे मनमानी

रात भर में ही अस्पताल प्रबंधन द्वारा 25 हज़ार का बिल थमा दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज का कुछ इलाज नहीं किया गया। भर्ती के बाद मरीज की हालत और बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्होंने हॉस्पिटल वालों से बात की लेकिन लापरवाह बनकर वे लोग बात को घुमाने लगे। हॉस्पिटल संचालक के रवैये से परेशान होकर वे अपने मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करने को कहा लेकिन हॉस्पिटल वाले बिल बढ़ाने में लगे हुए थे।

मामले की जानकारी के फौरन बाद युवा राजद के कार्यकर्ता हॉस्पिटल पहुंच गए और फिर हंगामा शुरू हो गया। हंगामा होता देख हॉस्पिटल वालों ने मरीज को 15 हज़ार लेकर डिस्चार्ज कर दिया। वहीं, मामले को लेकर युवा राजद के कार्यकर्ता अंकित यादव और अंकुर यादव ने कहा कि लाइन बाज़ार लूट का अड्डा बनता आज रहा है। कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल वाले गरीब का खून चूस रहे है। जहां ना तो डॉक्टर रहता है और ना ही सही से इलाज होता है। हॉस्पिटल में दलाली चरम पर है। उन्होंने मांग की कि ऐसे हॉस्पिटल के खिलाफ जिला प्रशासन अविलंब जांच करें और उसे बंद करने का काम करें।