Bihar : RJD के दो विधायकों के बीच महाबोधि मंदिर को लेकर सियासी घमासान, भ्रष्टाचार के आरोपों पर हुए आमने-सामने.
GAYA :तथागत की तपोभूमि बोधगया स्थित विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर की व्यवस्था पर राजद के दो विधायक आमने-सामने हैं. जहानाबाद जिले के मखदुमपुर विधानसभा से राजद विधायक सतीश दास द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों ने बोधगया के राजद विधायक कुमार सर्वजीत को दुखी कर दिया है.
सर्वजीत ने सतीश दास को आड़े हाथों लेते हुए मीडिया के समक्ष कहा कि महाबोधि मंदिर जैसे विश्वविख्यात स्थल को बदनाम करना गलत है. एमएलए सतीश दास को अगर कोई समस्या थी तो मुख्यमंत्री को बताना चाहिए था, न कि मीडिया में अनर्गल बयानबाजी करनी चाहिए थी.
कुमार सर्वजीत ने याद दिलाया कि कुछ महीने पहले भी सतीश दास ने मंदिर प्रशासन पर आरोप लगाए थे. उस समय जिलाधिकारी, बीटीएमसी के सदस्य और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की गई थी. उनके आरोप झूठे पाए गए थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि मंदिर की गरिमा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। इसे बाजार में लाने से बचना चाहिए।
सर्वजीत ने कहा कि मैं और मेरा परिवार 90 के दशक से बोधगया की राजनीति में है. मंदिर की हर गतिविधि से परिचित हूं. सतीश मेरा छोटा भाई है. जब मिलेगा, तो पूछूंगा कि आखिर उसकी समस्या क्या है ? गौरतलब है कि मखदुमपुर के राजद विधायक सतीश दास ने गत दिनों बीटीएमसी (बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति) पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने दावा किया कि डीएम, बीटीएमसी के सचिव, सदस्यों और यहां तक कि एक कथित फोटोग्राफर तक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. हालांकि सतीश दास ने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए थे. उनका कहना था कि वे सबूत मुख्यमंत्री को सौंपेंगे.
महाबोधि मंदिर का यह विवाद अब राजद के भीतर दरारें दिखा रहा है. सवाल उठ रहा है कि क्या सतीश दास के आरोप राजनीति से प्रेरित हैं ? या वाकई बीटीएमसी के कामकाज में गड़बड़ियां हैं.