स्वाद भी, रोजगार भी : अब सरकारी दुकान से मिलेगा फ्रेश मटन, बिहार सरकार की बड़ी तैयारी
पटना- अगर आप मटन खाने के शौकीन हैं तो ये खबर आपके लिए है। बिहार सरकार अब लोगों को ताजा और किफायती मटन उपलब्ध कराने की तैयारी में जुट गई है। पशुपालन विभाग की योजना है कि राज्यभर में सरकारी मटन स्टॉल खोले जाएं, जहां लोगों को भरोसेमंद और ताजा बकरी का मांस उचित कीमत पर मिलेगा। फिलहाल यह योजना शुरुआती चरण में है, लेकिन इसके सफल होने पर बकरी पालकों और आम उपभोक्ताओं दोनों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
बिहार उन राज्यों में शामिल है जहां नॉनवेज खाने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। खासकर मटन, मीट और मछली की डिमांड लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए डेयरी, पशुपालन और मत्स्य विभाग ने अब स्वाद को रोजगार से जोड़ने की रणनीति बनाई है। जिस तरह कॉम्फेड यानी ‘सुधा’ दूध खरीदकर अपने आउटलेट्स के जरिए लोगों तक पहुंचाता है, उसी मॉडल पर अब मटन की दुकानें खोलने की तैयारी हो रही है।
सरकार का मानना है कि अगर सस्ती दरों पर ताजा मटन उपलब्ध कराया जाए तो इससे किसानों की आय बढ़ेगी और सरकार को भी फायदा होगा। विभाग को पटना में मशहूर चंपारण मीट की लोकप्रियता का भी अंदाजा है और इसी मॉडल को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।पशुपालन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक के मुताबिक, बिहार ने दूध, मछली और अंडा उत्पादन में बड़ी सफलता हासिल की है और अब बकरी पालन को बढ़ावा देकर मटन बाजार को संगठित किया जाएगा। विभाग की योजना है कि किसानों से सीधे जुड़कर मटन की सप्लाई की जाए ताकि लोगों को ताजा और भरोसेमंद मीट मिल सके।
बिहार में फिलहाल रोजाना करीब 22 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, जबकि मछली उत्पादन भी साढ़े नौ लाख टन से ज्यादा पहुंच चुका है। अब सरकार बकरी पालन को नई ऊंचाई देने के लिए “समेकित बकरी एवं भेड़ विकास योजना” चला रही है, जिसके तहत बकरी फार्म खोलने पर 50 से 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए गोट सीमेन स्टेशन स्थापित करने की भी तैयारी है।सरकार की इस योजना से राज्य में हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। खासकर बकरी पालक किसानों के लिए यह नई बाजार व्यवस्था आय बढ़ाने का बड़ा जरिया बन सकती है। अगर योजना सफल रही तो आने वाले दिनों में बिहार के लोगों को सरकारी स्टॉल पर सस्ता, ताजा और गुणवत्तापूर्ण मटन आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
पटना से प्रीतम प्रीतम कुमार की रिपोर्ट





