एक्शन में डॉ. एस. सिद्धार्थ : शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का नया फरमान, सरकारी स्कूलों में करना होगा अब ये काम, नहीं तो...


PATNA :शिक्षा विभाग के नये अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ फुल फॉर्म में हैं। बिहार के सरकारी विद्यालयों के लिए ACS डॉ. एस. सिद्धार्थ ने एक और फरमान जारी किया है कि बिहार के सरकारी विद्यालयों में स्थापित ICT (इनफॉर्मेशन कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी) लैब में अब हर दिन छात्र-छात्राओं की पढ़ाई होगी।
अपर मुख्य सचिव का नया फरमान
डॉ. एस. सिद्धार्थ के नये फरमान के मुताबिक प्रारंभिक विद्यालयों के ICT लैब की कक्षा में प्रतिदिन कम-से-कम 50 विद्यार्थी शामिल होंगे। दूसरी ओर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के आईसीटी लैब में चलने वाली कक्षा में प्रतिदिन कम-से-कम 100 छात्र-छात्रा बैठेंगे। आपको बता दें कि सभी आईसीटी लैब को संचालित करने के लिए विज्ञान शिक्षकों को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
निर्देश के मुताबिक प्रारंभिक विद्यालयों के आईसीटी लैब की कक्षा में प्रतिदिन कम से कम 50 विद्यार्थी शामिल होंगे। दूसरी ओर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के आईसीटी लैब में चलने वाली कक्षा में प्रतिदिन कम-से-कम 100 छात्र-छात्राएं बैठेंगे।
हर मंगलवार को होगा साप्ताहिक मूल्यांकन
इसके साथ ही ACS डॉ. एस. सिद्धार्थ के नये फरमान के मुताबिक ICT लैब में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं की प्रगति का प्रत्येक मंगलवार को साप्ताहिक मूल्यांकन किया जाएगा। आईसीटी लैब वाले सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि छात्र-छात्राओं के बीच लैब में पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करें।
विभाग के निरीक्षी पदाधिकारियों ने विद्यालयों के निरीक्षण के क्रम में पाया है कि ज्यादातर सरकारी विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब का उपयोग नहीं हो रहा है। अधिकतर जिलों के ज्यादातर विद्यालयों के रुटीन में भी आईसीटी लैब को शामिल नहीं किया गया है।
रिपोर्ट के बाद कार्रवाई का निर्देश
निरीक्षी अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश जिलों को दिया है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारियों से यह पूछा गया है कि आईसीटी लैब में विद्यार्थियों की होने वाली गतिविधि को रुटीन में क्यों नहीं शामिल किया गया है। इसे रुटीन में शामिल कराएं। साथ ही यह निर्देश दिया गया है कि हर हाल में इसी सप्ताह से साप्ताहिक मूल्यांकन का कार्य शुरू किया जाए और इसकी रिपोर्ट संबंधित प्राधिकार तक पहुंचायी जाए।