MUZAFFARPUR :लद्दाख में एयरफोर्स के 21 विंग के जवान रवि कुमार ठाकुर 7 दिसंबर की रात डयूटी के दौरान रेस्ट रूम में आग लगने से शहीद हो गए। इस घटना से परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है। सोमवार की देर रात शव को गांव लाया गया।

 मुजफ्फरपुर का एयरफोर्स जवान लद्दाख में शहीद, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

एयरफोर्स जवान लद्दाख में शहीद

वहीं, मंगलवार को बेगूसराय से सिमरिया घाट पर सेना के जवानों के द्वारा सलामी दी गई और हिंदू रीतिरिवाज के तहत दाह संस्कार किया गया। बताया जा रहा है कि रवि ठाकुर मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड के जजुआर पश्चिमी पंचायत के निवासी थे लेकिन उनका भरण पोषण दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड के भरवाड़ा में नाना के घर हुआ है। उनके पापा मुम्बई में प्राइवेट जॉब करते हैं। मां और छोटा भाई गोपाल ठाकुर भी वहीं रहता है।

 मुजफ्फरपुर का एयरफोर्स जवान लद्दाख में शहीद, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

रात में पत्नी ने पति से की बात और सुबह...

सिंघवारा इलाके में 7 साल पहले उनकी शादी दीपाली झा से हुई थई। उनका तीन साल का एक बेटा भी है। पत्नी दो साल से दरभंगा के लक्ष्मीसागर मोहल्ले में किराए के मकान में रहती थी। जवान दो साल से लद्दाख में थे। हाल में ही उनकी पोस्टिंग बेंगलुरू हो चुकी थी। 11 दिसंबर को वे छुट्टी पर घर आने वाले थे। 18 फरवरी को उसकी शादी की सातवीं वर्षगांठ थी। 7 दिसंबर की रात दीपाली झा ने अपने पति से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि अभी ड्यूटी पर हूं। अहले सुबह बात करूंगा। पति से बात होने के बाद वह सो गई।

 मुजफ्फरपुर का एयरफोर्स जवान लद्दाख में शहीद, गांव में पसरा मातमी सन्नाटा

सेना के जवानों द्वारा 8 दिसंबर को लद्दाख से फोन आया कि आपके पति रेस्ट रूम में आग लगने से शहीद हो चुके हैं। पति के शहीद होने की खबर सुन सुधबुध खो चुकी हैं। कहती हैं कि वे अक्सर कहते थे कि वह जब भी आएंगे तिरंगे में आएंगे। उनका तो सपना पूरा हो गया लेकिन मेरा सपना अधूरा रह गया। अब मुझे और मेरे बेटे को कौन देखेगा?