MLA जनार्दन पासवान ने सरकार पर साधा निशाना : कहा- झारखंड में कायम है गुंडों का राज, कोई नहीं है सुरक्षित
चतरा:शहर के मेन रोड में गुरुवार देर शाम हुए अंकित गुप्ता पर जानलेवा हमला और इलाज के दौरान उसकी मौत का मामला अब धीरे-धीरे राजनीतिक रूप लेता दिख रहा है.
अंकित गुप्ता की मौत की खबर सुनकर परिजनों से मिलने रिम्स पहुंचे लोजपा (रामविलास) के चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने हत्याकांड को लेकर राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने हमलावर अंदाज में कहा है कि झारखंड में अभी गुंडों का राज है. कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है. क्या आम,क्या खास कोई भी यहां सुरक्षित नहीं है. इसी का परिणाम है कि बेखौफ अपराधी दिनदहाड़े शहर के मेन रोड में आराम से हत्याकांड जैसी जघन्य घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं,और भीड़ भाड़ और रिहाईसी इलाका होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई की बजाय मूकदर्शक बनी रह जाती है.
चतरा विधायक ने कहा है कि घटना के करीब 12 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी सभी हमलावर अभी भी पुलिस की पहुंच से दूर है,जो कहीं ना कहीं चतरा में पुलिस और कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है. उन्होंने कहा है कि विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान वे सदन को अंकित हत्याकांड की घटना से अवगत कराते हुए सभी फरार अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार करने और फास्ट्रेक कोर्ट के माध्यम से उन्हें सजा दिलाने की मांग करेंगे. जनार्दन पासवान ने कहा है कि अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिस युवक की हत्या हुई है वह परिवार का इकलौता कमाउ व्यक्ति था. उसकी हत्या के बाद पूरे परिवार के सामने संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. विधायक ने कहा कि मैंनें चतरा एसपी,एसडीपीओ और सदर थाना प्रभारी से भी बात किया है. उनसे भी अविलंब कार्रवाई करते हुए दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की गई है. विधायक ने कहा कि अविलंब हथियारों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह सदन में अनशन पर बैठेंगे.
चतरा विधायक ने कहा कि संतोष कुमार गुप्ता के एकलौते पुत्र अंकित कुमार गुप्ता का राँची रिम्स हॉस्पिटल में पहुंचने के बावजूद डाक्टरों की लापरवाही के कारण मौत हो गई. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सदन में व्यवस्था सुदृढ़ करने को लेकर लच्छेदार भाषण देते हैं. लेकिन रात्रि करीब एक बजे चतरा के युवक को इमरजेंसी में डाक्टरों द्वारा भेंटीलेटर नहीं दिया गया जिसके कारण तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई. उन्होंने कहा कि मेरे सुबह पहुंचने तक डॉ. की टीम नहीं पहुंची थी. यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है. अगर इसी प्रकार की स्वास्थ्य व्यवस्था रही तो न जाने प्रति दिन कितने लोगों को अपने जान से हाथ धोना पड़ेगा.
चतरा से कुमार चंदन की रिपोर्ट---