JHARKHAND NEWS : JSSC-CGL के चयनित अभ्यर्थियों ने कहा - पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर हो कार्रवाई
रांची: झारखंड मेंJSSC-CGLके चयनित अभ्यर्थियों ने रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि वे वर्तमान में नौकरी कर रहे हैं,लेकिन उन पर पैसे देकर नौकरी हासिल करने के आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ भीड़ तंत्र के वजह से एग्जाम कैंसिल करना गलत है,अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी या पैसे के बल पर नौकरी हासिल नहीं की है,बल्कि सालों तक पढ़ाई और मेहनत करने के बाद उनका चयन हुआ है. उन्होंने कहा कि वे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं,ऐसे में 35 से 40 लाख रुपये देकर नौकरी हासिल करने का आरोप पूरी तरह गलत है.
चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए,उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन सभी चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी रद्द कर देना न्यायसंगत नहीं है. उनका कहना है किCIDमामले की जांच कर रही है और कोर्ट भी पूरे मामले को देख रहा है,इसलिए जांच के आधार पर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए.
प्रेस वार्ता के दौरान कुछ अभ्यर्थी भावुक भी हो गए. उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद का असर सिर्फ उन पर नहीं,बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ रहा है. उनका कहना था कि जिन लोगों ने आंदोलन किया है,वे उनके साथ हैं,लेकिन निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी से हटाना सही नहीं है. एक चयनित अभ्यर्थी ने भावुक होते हुए कहा कि उन पर 35 से 40 लाख रुपये देकर नौकरी लेने का आरोप लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे आदिवासी और गरीब परिवार से आते हैं और उनकी मां घर पर रहती हैं. ऐसे में इतना पैसा जुटाकर नौकरी लेना उनके लिए संभव ही नहीं है. अभ्यर्थी ने यह भी बताया कि कोर्ट के फैसले के बाद उनकी नौकरी लगी थी. उन्होंने कहा कि पहले वेITBPमें काम करते थे और नौकरी लगने के बाद उन्होंने वहां की नौकरी छोड़ दी. अब अगरJSSC CGLकी नौकरी भी चली जाती है तो उनके सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा.
चयनित अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो,दोषियों पर कार्रवाई हो,लेकिन बिना दोष साबित हुए सभी चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी से हटाना नहीं चाहिए.





