JHARKHAND NEWS : जेवियर बोर्ड वीक 2026 के अवसर पर सनराइज पब्लिक स्कूल में सामुदायिक सेवा कार्यक्रम का सफल आयोजन
रांची:जेवियर बोर्ड वीक 2026 के अंतर्गत सामुदायिक सेवा (Community Service)कार्यक्रम के तहत फैशन डिज़ाइनिंग विभाग एवं बीबीए (स्किल एन्हांसमेंट) विभाग द्वारा सनराइज पब्लिक स्कूल,एदलहातु,रांची में एक प्रेरणादायक एवं कौशल-आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया. सनराइज पब्लिक स्कूल आर्थिक रूप से वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए समर्पित है.
कार्यशाला में निर्मला कॉलेज,डोरंडा के दोनों विभागों के कुल 10 विद्यार्थियों,जिनमें फैशन डिज़ाइनिंग से 5 एवं बीबीए से 5 विद्यार्थी शामिल थे,ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. वी. एस. उमा रानी,विभागाध्यक्ष,फैशन डिज़ाइनिंग तथा शुभांजलि भेंगराज,संकाय सदस्य,बीबीए (स्किल एन्हांसमेंट) ने किया.
कार्यशाला के दौरान स्कूली बच्चों को दो महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया. प्रथम सत्र में टाई एंड डाई (Tie & Dye)के माध्यम से कपड़ों की रंगाई,विभिन्न रंगों के प्रयोग तथा रचनात्मक डिज़ाइन तैयार करने की कला सिखाई गई. इसके माध्यम से बच्चों को अपनी रचनात्मकता को व्यावहारिक रूप देने का अवसर मिला.
दूसरे सत्र में डिजिटल मार्केटिंग जागरूकता (Digital Awareness in Marketing)पर प्रशिक्षण दिया गया. बच्चों को डिजिटल दुनिया,ऑनलाइन मार्केटिंग,डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई.
कार्यक्रम को सफल बनाने में‘नवा बिहान’के फाउंडर आर. अजय की भी महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही. उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन एवं बच्चों तक इस प्रकार के कौशल-आधारित प्रशिक्षण को पहुँचाने में सक्रिय सहयोग प्रदान किया. उनकी सहभागिता ने सामुदायिक सेवा की इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
इस अवसर पर सनराइज पब्लिक स्कूल की निदेशक पूजा अमृता उरांव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास,कौशल विकास,रचनात्मक सोच और नई चीजें सीखने की प्रेरणा जगाते हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ना उनके समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
कार्यशाला में बच्चों ने पूरे उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने नई तकनीकों को सीखा और उन्हें स्वयं प्रयोग करके समझने का अवसर प्राप्त किया.
यह कार्यक्रम जेवियर संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी,सेवा भावना,कौशल-आधारित शिक्षा एवं समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बना. विभिन्न संस्थाओं,शिक्षकों,विद्यार्थियों एवं सहयोगियों की सामूहिक भागीदारी ने इस पहल को सफल और सार्थक बनाया.
बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और सीखने की जिज्ञासा ने इस कार्यशाला को अत्यंत सफल,प्रेरणादायक और यादगार बना दिया.





