JHARKHAND NEWS : एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड ने प्रथम फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप का किया आयोजन
रांची: एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के विज़न एवं मिशन तथा संस्थापक अध्यक्ष एवं चांसलर के आशीर्वाद के अनुरूप, ‘Faculty Readiness Workshop: Course Files, OBE Mapping, Amizone & Accreditation Excellence’ विषय पर प्रथम फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन1जुलाई2026को किया गया.
यह कार्यशाला दो चरणों में आयोजित किया गया था, जिसमें फैकल्टी रेडीनेस श्रृंखला का प्रथम चरण था, जिसका उद्देश्य संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करना, Outcome-Based Education (OBE) के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देना, प्रत्यायन (Accreditation) की तैयारियों को मजबूत करना तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग से संबंधित पहलों को सशक्त बनाना था.
एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति प्रो.डॉ. अशोक के. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में इस कार्यशाला की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा हाल ही में किए गए महत्वपूर्ण परिवर्तनों और नई प्रत्यायन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि10फरवरी2025कोNAAC ने वर्ष2007के बाद अपनी प्रत्यायन प्रणाली में सबसे व्यापक सुधारों की घोषणा की है. ये सुधार डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की अनुशंसाओं के आधार पर किए गए हैं, जिनका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, अनियमितताओं पर रोक लगाना तथा केवलCumulative Grade Point Average (CGPA) आधारित मूल्यांकन प्रणाली की सीमाओं को दूर करना है.
नई व्यवस्था के अंतर्गत पूर्व कीA++ सेC तक की एकलCGPA आधारित ग्रेडिंग प्रणाली को समाप्त कर दो-स्तरीय प्रत्यायन मॉडल लागू किया गया है.Tier-A के अंतर्गतBinary Accreditation Framework (BAF) अपनाया गया है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित दस्तावेज़ सत्यापन के माध्यम से केवल "Accredited" अथवा "Not Accredited" का परिणाम दिया जाएगा. वहींTier-B के अंतर्गतMaturity-Based Graded Levels (MBGL) की वैकल्पिक व्यवस्था होगी, जिसमें संस्थान अपनी गुणवत्ता एवं उत्कृष्टता के आधार परBasic Compliance (Level-1) से लेकरGlobal Excellence (Level-5) तक क्रमिक प्रगति कर सकेंगे.
कार्यशाला के प्रथम चरण की विशेषज्ञ के रूप में डॉ. टी. रमेश, पूर्व प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), वारंगल थे जिन्होंनेOutcome-Based Education (OBE) के विभिन्न मानदंडों पर विस्तृत प्रस्तुति दी. उन्होंनेOutcome, Target, Teaching-Learning Process, Attainment, Documentation, OBE के प्रमुख घटकों, Accreditation Framework तथाBloom’s Taxonomy के महत्व पर विस्तार से चर्चा की.
कार्यशाला के द्वितीय विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार यादव, नियंत्रक परीक्षा, स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ, ने OBE Mapping एवं Attainment की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया. उन्होंने Course Outcomes (COs), Program Outcomes (POs), Program Educational Outcomes (PEOs) तथा Program Specific Outcomes (PSOs) की परिभाषा, उनके आपसी संबंध तथा प्रभावी मैपिंग एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया पर विशेष रूप से प्रकाश डाला.





