Hindi News / 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता के दावेदार होंगे मजदूर...

वीबी-जी राम जी : 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता के दावेदार होंगे मजदूर – मंत्री श्रवण कुमार

Edited By:  |
vb-g ram jee vb-g ram jee

पटना : विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) का गुरुवार को पटना के अभिवेशन भवन में भव्य शुभारंभ किया गया. ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य अतिथि मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों के लंबे सफर के बाद अब वीबी-जी राम जी के रूप में नई यात्रा की शुरुआत हुई है. उन्होंने बताया कि इस नई योजना में कामगारों को कई तरीके के लाभ होंगे. इसमें मुख्य रूप से रोजगार के लिए आवेदन करने वाले कामगारों को निर्धारित समय के भीतर (15 दिन) में काम नहीं दिए जाने पर उन्हें सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद राज्य कैबिनेट की 1 जुलाई को हुई बैठक में विकसित भारत- जी राम जी योजना, बिहार 2026 के अंतर्गत अकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये रोजाना करने को मंजूरी दी गई.

कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रथम 30 दिनों के लिए बेरोजगारी भत्ते का दर एक चौथाई और शेष वित्तीय वर्ष के लिए आधा निर्धारित है. अकुशल कामगारों को भुगतान की गई बेरोजगारी भत्ता राशि का वहन राज्य सरकार करेगी और इसकी वसूली उत्तरदायी पदाधिकारी, अभिकरणों से 30 दिन के भीतर की जाएगी. मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि अकुशल मजदूरों का मास्टर रोल बंद होने पर मजदूरी का भुगतान 15 दिन में नहीं होने पर बकाया राशि का 0.05 फीसदी प्रतिदिन के हिसाब से स्वतः क्षतिपूर्ति देय होगा.

उन्होंने कहा कि मनरेगा में केंद्र सरकार मांग आधारित फंडिंग करती थी जबकि वीबी-जी राम जी में राज्यों की जनसंख्या, प्रति व्यक्ति आय और पिछड़ापन के आधार पर वित्तीय वर्ष के शुरुआत में ही प्रत्येक राज्य के लिए एक निश्चित बजट बनाने का प्रावधान है. वीबी-जी राम जी योजना में ग्राम पंचायतों को उनकी स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास इंडेक्स, संसाधनों के आधार पर ए, बी, सी यानी तीन श्रेणियों में बांटा गया है. इसका मुख्य उद्देश्य विकेंद्रित और स्थानीय योजनाओं को बेहतर बनाने के साथ विकसित भारत2047के अनुरूप काम करना है.

मंत्री कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थिति विभागों के पदाधिकारी, जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ग्रामीण विकास के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना न सिर्फ हमारे प्रदेश के लिए बल्कि देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिक परिवारों के जीवन को बदलने की क्षमता रखती है.

कुमार के अनुसार मनरेगा और नई योजना वीबी-जी राम जी में कई भिन्नता है. उन्होंने बताया कि मनरेगा में जहां एक वर्ष में100दिन के लिए रोजगार की गारंटी मिलती थी. वहीं इस नई योजना में अकुशल कामगारों को125दिन की रोजगार की गारंटी दी जाएगी. कहा कि मनरेगा में अकुशल मजदूरी की समस्त राशि का वहन केंद्र सरकार करती थी लेकिन वीबी-जी राम जी में अकुशल मजदूरी मद में40फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी. कुमार ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना में नौ महीने के लिए केंद्रांश के रूप में6715करोड़83लाख रुपये आवंटित हुए हैं.

इसी तरीके से इस योजना को मूर्तरूप देने की दिशा में इसी समयावधि के लिए राज्य सरकार ने4477करोड़22लाख रुपये का प्रावधान किया है. उन्होंने बताया कि जल जीवन हरियाली मिशन के तहत अभी तक राज्य भर में20करोड़ से भी अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं. इस वित्तीय वर्ष में1.25करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित है. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य में किए गए पौधरोपण का ही नतीजा है कि आज हरित क्षेत्र नौ फीसदी से बढ़कर16फीसदी तक पहुंच चुका है. आने वाले समय में33फीसदी के लक्ष्य को छूने पर विभाग तेजी से काम कर रहा है.

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने अकुशल कामगारों के कल्याण और विकसित बिहार की अवधारणा को समर्पित वीबी-जी राम जी योजना के शुभारंभ करने पर मंत्री कुमार का आभार व्यक्त किया. कहा कि ग्रामीण विकास के लिए योजना एक बहुत बड़ी पहल है. इस नई योजना में सिर्फ विकास की परिकल्पना है. योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को महत्व दिया गया है. प्रधान सचिव कुमार ने कहा कि बिहार के साथ राष्ट्र के निर्माण में मजदूर बड़े भागीदार की भूमिका निभाएंगे.

कार्यक्रम में जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा ने अतिथियों का स्वागत और आभार वीबी-जी राम जी योजना की आयुक्त अनन्या सिंह ने व्यक्त किया. इस अवसर पर जल जीवन हरियाली के मिशन निदेशक सुमित कुमार, बीआरडीएस के मुख्य कार्यपालन पदाधिकारी संजय कुमार समेत दूसरे पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.