बिहार के हाजीपुर का मालभोग अब सिर्फ बिहार की पहचान नहीं, बल्कि भारत के स्वाद और कृषि परंपरा का प्रतीक बनता जा रहा है, और अब इसकी पहचान वैश्विक स्तर पर भी होने लगी है। यहां का मशहूर मालभोग केला इन दिनों देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।वियतनाम के राष्ट्रपति को उपहार स्वरूप मालभोग केला भेंट किये जाने के बाद यह खास केला रातों-रात सुर्खियों में आ गया।

मिठास और खुशबू ने दिलाई अलग पहचान

हाजीपुर लंबे समय से केला उत्पादन के लिए मशहूर रहा है। यहां की उपज देश के कई राज्यों तक भेजी जाती है। लेकिन मालभोग केला अपनी अलग खूबियों के कारण सबसे खास माना जाता है।इस केले का आकार सामान्य केले से छोटा होता है, छिलका पतला होता है और स्वाद इतना मीठा कि लोग शहद की मिठास जैसा स्वाद बताते हैं। इसकी खुशबू भी इसे बाकी किस्मों से अलग बनाती है।अब जब यह केला वियतनाम के राष्ट्रपति तक पहुंचा है, तो इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत हो गई है।

वियतनाम के राष्ट्रपति तक पहुंचा बिहार का स्वाद

वैशाली डीएम ने दी जानकारी

वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने बताया कि हाजीपुर से मालभोग केला वियतनाम के राष्ट्रपति को उपहार स्वरूप भेजा गया था। इस खबर के बाद जिले के किसानों और कारोबारियों में खुशी की लहर है।लोगों का कहना है कि इससे मालभोग केले को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी और किसानों को भी बड़ा फायदा होगा।

वियतनाम के राष्ट्रपति तक पहुंचा बिहार का स्वाद

मालभोग वाले भैया” के नाम से मशहूर हैं अशोक सिंह

हाजीपुर के अशोक सिंह जो एक दुकानदार हैं, और केवल मालभोग केला बेचते हैं। दिलचस्प बात यह है कि लोग उन्हें अब उनके नाम से कम और “मालभोग वाले भैया” के नाम से ज्यादा जानते हैं।अशोक सिंह बताते हैं कि मालभोग केले की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उनका कहना है एक बार जो मालभोग केला खा लेता है, वो इसका स्वाद कभी नहीं भूलता। वियतनाम के राष्ट्रपति तक हमारा केला पहुंचना हम सबके लिए गर्व की बात है।”

वियतनाम के राष्ट्रपति तक पहुंचा बिहार का स्वाद

किसानों को मिलेगा फायदा

जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के बाद हाजीपुर के मालभोग केले की मांग बढ़ सकती है। इससे स्थानीय किसानों को बेहतर बाजार और अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है।

वियतनाम के राष्ट्रपति तक पहुंचा बिहार का स्वाद

हाजीपुर से पंकज चौहान की रिपोर्ट