Bihar : जिसने बढ़ाया जिले का मान...आज वो है घर में क़ैद, मनचलों के डर से छोड़ दी पढ़ाई, परिवार वाले भी सहमे

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 Girls left studies due to fear of miscreants in Muzaffarpur  Girls left studies due to fear of miscreants in Muzaffarpur

MUZAFFARPUR :बिहार के मुखिया हैं नीतीश कुमार। ये वही सीएम हैं, जिन्हें सुशासन बाबू और इनकी सरकार को सुशासन की सरकार का तमगा दिया जाता है लेकिन इन्हीं के राज्य मुजफ्फरपुर से ऐसी खबर सामने आई है, जो अगर मुख्यमंत्री के कानों तक चली जाए तो वाकई वो भी यही सोचेंगे कि क्या यही सुशासन के लिए वो जाने जाते हैं। जबकि नीतीश कुमार की पहली प्राथमिकता क्राइम कंट्रोल है। वो अक्सर कहते हैं कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध टॉलरेट नहीं किया जाएगा। इसके लिए वो खुद एक्टिव रहते हैं।

समय-समय पर पुलिस महकमे को निर्देश भी देते रहते हैं। समीक्षा बैठक भी करते हैं। बावजूद इसके राज्य की छात्राओं को अब घर में कैद होना पड़ रहा है। मनचलों की वजह से इन दोनों बहनों को पढ़ाई छोड़नी पड़ी है। यह घटना औराई थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

बताया जा रहा है एक परिवार की दो बहनें, जिसमें एक तो शारिरिक रूप से असक्त है लेकिन पढ़ाई का जुनून है। कॉलेज जाने से पहले रास्ते में अस्मत लूटने का डर सताता रहता है। शिकायत के बाद दोनों परिजनों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका है। इसके बावजूद मनचले अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे हैं। सुनसान जगहों पर लगातार परेशान किया जा रहा है। इसकी वजह से परिजनों ने छात्राओं की उम्मीदों पर पर पानी फेर दिया और घर से बाहर निकलने पर भी पाबंदी लगा दी गई है।

छात्राओं के बीच बस इस बात का खौफ है कि कोई उसकी आबरू से खिलवाड़ नहीं करे। बस इसी वजह से इस दिव्यांग ने मनचलों के डर से पढ़ाई ही छोड़ दी है। वहीं, दूसरी छात्रा मैट्रिक की टॉपर है। अच्छे अंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ा चुकी है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। दोनों बेटियां अफसर बनकर मां-बाप का नाम रौशन करना चाहती हैं लेकिन मनचलों की वजह से उनके मंसूबे पर पानी फिर चुका है। फिलहाल अब देखना है कि पुलिस मनचलों को क्या सबक देती है?