छात्र आंदोलन पर सियासत तेज : कॉकरोच जनता पार्टी के नेता ने सरकार पर लगाया समझौता तोड़ने का आरोप और कार्रवाई रोकने की मांग की
पटना: छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद एक बार फिर तेज हो गया है. कॉकरोच जनता पार्टी के नेता ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों को संबोधित करते हुए आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं करने को लेकर हुए समझौते का पालन नहीं किया जा रहा है.
नेता ने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा दिल्ली और अन्य राज्यों में भी छात्रों की निगरानी करने और उन्हें परेशान करने की शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को सहयोग देने वाले कुछ स्वयंसेवकों को भी हिरासत में लिया जा रहा है.
बयान में मांग की गई है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं और गिरफ्तार किए गए छात्रों को बिना देरी रिहा किया जाए. साथ ही भविष्य में दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों या भाजपा शासित एवं समर्थित राज्यों की पुलिस द्वारा नई एफआईआर दर्ज नहीं करने की मांग रखी गई है.
नेता ने कहा कि यह मांग पहले हुए समझौते के अनुरूप है. उन्होंने भारत सरकार के साथ हुए कानूनी मामलों से जुड़े लिखित समझौते और तय समय-सीमा की जानकारी भी उपलब्ध कराने की मांग की है.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन दोबारा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा. बयान के बाद छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं. सरकार की ओर से इस आरोप पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.





