बक्सर : बक्सर की बिटिया गरिमा ने UPSC क्रेक कर बिहार का नाम रौशन कर दिया है। गरिमा ने देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं । बक्सर की बिटिया के पूरे देश मे परचम लहराने पर आज बक्सर गर्व कर रहा है। वहीँ गरिमा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है।


शहर के बंगला घाट की रहने वाली गरिमा लोहिया ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पूरे देश स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनके सफलता पर न सिर्फ उनके परिवार और उनके जानने वाले बल्कि पूरे बक्सर वासियों में हर्ष का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। सभी उन्हें मिठाई खिला रहे हैं और उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं ।


स्व मनोज लोहिया व सुनीता लोहिया की दो पुत्री तथा एक भाई बहनों में बड़ी बहन हाउस वाइफ हैं। वही गरिमादूसरे नम्बर पर बक्सर के wood stok स्कूल से प्रारभिक पढ़ाई कर उच्च पढ़ाई बनारस और दिल्ली में पूरी कर आज परचम लहराया हैं । गरिमा की माता सुनीता लोहिया और भाई ने बताया कि उनकी शिक्षा-दीक्षा बक्सर के वुड स्टॉक स्कूल से हुई है, जिसके बाद सनबीम भगवानपुर से 10+2 किया और फिर बाद में किरोड़ीमल कॉलेज दिल्ली से उन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया।


उन्होंने बताया कि कोविड संक्रमण काल में वह बक्सर लौटी और फिर यहीं से उन्होंने आइएएस की तैयारी शुरू की उन्होंने बताया कि उनका पहला लक्ष्य आईएएस की परीक्षा पास करना था जिसके लिए उन्होंने यूट्यूब तथा अन्य माध्यमों से तैयारी की। उन्हें उम्मीद थी कि गरिमा सफल होगी लेकिन देशभर में उन्हें इतना अच्छा रैंक मिलेगा यह उन्होंने कभी नहीं सोचा था ।

2015 में हुई पिता की मृत्यु तो माँ ने नहीं टूटने दिया सपना :

गरिमा ने बताया कि वर्ष 2015 में उनके पिता की मृत्यु हो गई उनके पिता ने यह सपना देखा था कि वह बेटी को आइएएस अधिकारी बनाएंगे। पिता के मरने के बाद यह सपना टूट जाता लेकिन माँ ने ऐसा नहीं होने दिया। गरिमा के साथ वह भी पूरी रात जगी रहती थी। उनके खाने पीने से लेकर उनकी हर जरूरत माँ ने पूरी की।

बिहार में देना चाहती हैं सेवा :

गरिमा ने बताया कि बिहार में ही सेवा देनी चाहती है क्योंकि बिहार से उनका अपना जुड़ाव है ऐसे में आईएएस बनने के बाद वह बिहार कैडर में ही आना चाहेंगी।

मोहल्ले वासियों ने कहा मेहनत का मिला परिणाम :

गरिमा की सफलता से मोहल्ले वासी भी काफी उत्साहित हैं। स्थानीय निवासी रामजी सिंह ने बताया कि गरिमा ने कई रातों तक जाग जाग कर पढ़ाई की है। निश्चित रूप से उनकी इस सफलता से पूरे बक्सर वासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है ।